अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा 

आस्ट्रेलिया में 2020-21 दौरे पर सिताराहीन भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले भारत के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को यह कहकर अलविदा कह दिया कि आगे बढने का सही समय आ गया है।

भारत के लिये 2013 में पदार्पण करने वाले 38 वर्ष के रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 खेले हैं। वह 2023 में वेस्टइंडीज में टेस्ट श्रृंखला के बाद भारत के लिये नहीं खेले हैं। उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान भी हालांकि कहा था कि उन्होंने वापसी की उम्मीद छोड़ी नहीं है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश में कहा जीवन का सत्य यही है कि हर शुरूआत का एक अंक होता है। जब समय आ जाये तो आपको उसका सम्मान करके आगे बढ जाना चाहिये। मैने बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और मुझे इसका महत्व पता है।

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे आज लग रहा है कि आगे बढने का सही समय है इसलिये मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं।

रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक और 26 अर्धशतक के साथ 38 . 46 की औसत से 5077 रन बनाये। इसके अलावा 90 वनडे में 35 . 26 की औसत से तीन शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2962 रन जोड़े। टी20 में उन्होंने 375 रन बनाये हैं।

रहाणे के लिये सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 का आस्ट्रेलिया दौरा थी जब नियमित कप्तान विराट कोहली की गैर मौजूदगी में उन्होंने सितारों के बिना खेल रही भारतीय टीम की अगुवाई की और तमाम कयासों को धता बताते हुए आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2 . 1 से हराया।

एडीलेड में पहला टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आये थे। एडीलेड में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रन पर आउट हो गई थी।

उसके बाद रहाणे ने कप्तानी की और जसप्रीत बुमराह तथा रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भी श्रृंखला जीती। दूसरे टेस्ट में रहाणे ने आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण का डटकर सामना करते हुए 223 गेंद में 112 रन बनाये। भारत ने ब्रिसबेन में चौथा और आखिरी टेस्ट तीन विकेट से जीता। वहीं मेलबर्न टेस्ट आठ विकेट से जीतकर श्रृंखला में बराबरी की थी।

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रहाणे ने अपने संदेश में कहा शुरूआत में अभ्यास के लिये डोम्बिवली से ट्रेन से सफर करने के दिनों से आज तक मैने खेल को सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी के हर मौके पर मेरा सपना हमेशा से भारत के लिये खेलने का था।

दुनिया भर में विभिन्न भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री करने वाले रहाणे ने कहा कि वह खेल से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा मैने हमेशा से एक ही नियम माना है कि अपने से पहले टीम और देश को रखना है। मैने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है। प्रथम श्रेणी क्रिकेटर के तौर पर मेरे पदार्पण से आज तक भारतीय क्रिकेट ने काफी प्रगति की है। मुझे गर्व है कि मैं पिछले 20 साल से इसका हिस्सा रहा हूं।

रहाणे ने कहा भारतीय क्रिकेट के साथ मेरा अध्याय खत्म हो रहा है लेकिन खेल के साथ नहीं। मैं अगली पीढी की मदद करना चाहता हूं और उन मूल्यों को साझा करना चाहता हूं जो क्रिकेट ने मुझे सिखाये हैं।

रहाणे ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिये खेला है। केकेआर ने उन्हें कप्तानी से फारिग कर दिया है।

रहाणे ने कहा कि उनके नाम का आशय होता है ‘जिसे हराया नहीं जा सके’ लेकिन क्रिकेट ने उन्हें सिखाया कि हार से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा इस सफर में कई बार हारे और कई बार जीते लेकिन क्रिकेट खेलने का आनंद, जीवनभर की यादें मेरे कैरियर का सबसे बड़ा संतोष रहा।

उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा अजिंक्य मतलब जिसे हराया नहीं जा सके लेकिन क्रिकेट ने कई बार हार का अनुभव कराया। क्रिकेटर के तौर पर हम कामयाबी से ज्यादा नाकामी देखते हैं। मेरी टीम मैच हारी। मैने गलतियां की लेकिन एक जगह है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल में।

आपने मुझे अपनों सा समझा। आपके प्यार, भरोसे और सहयोग के लिये धन्यवाद। कैप नंबर 278 अब विदा लेता है। रहाणे ने 2024 . 25 सत्र में मुंबई की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में मुंबई ने 2023 . 24 में रणजी ट्रॉफी जीती थी।

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Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान! भारतीय क्रिकेट का एक और सुनहरा अध्याय खत्म

Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे अजिंक्य रहाणे ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने फैंस को संन्यास की जानकारी दी, जिसके बाद रहाणे काफी भावुक हो गए। बता दें कि वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी नहीं खलेंगे।

रहाण ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसे स्वीकार करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। हर दिन, हर पारी, बैटिंग का हर मौका—सब कुछ। सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का था। मैंने हमेशा एक ही नियम माना: अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है और मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा। जब से मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर डेब्यू किया, तब से इंडियन क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे गर्व है कि पिछले 20 सालों में मैं इसका हिस्सा रहा हूं।”

मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज रहाणे ने अपने टेस्ट करियर में 38.46 की औसत से कुल 5077 रन बनाए हैं। उनके नाम 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं।

वनडे क्रिकेट में भी रहाणे ने भारत के लिए अहम योगदान दिया। उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।

इसके अलावा, रहाणे ने भारत के लिए 20 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले। इस फॉर्मेट में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

रहाणे ने रिटायरमेंट के बाद के प्लान बताए

मुंबई के दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि भले ही उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वे खेल से जुड़े रहेंगे और क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तैयार करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर भले ही खत्म हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को साझा करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक सब कुछ दिया है। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। क्रिकेट खेलने की खुशी, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने के सफ़र में कई जीत और हार मिलीं। यही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।”

उन्होंने अंतिम में कहा कि “BCCI, MCA, मेरे साथियों, मेरे कोचों, हर IPL फ्रैंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, मेरे दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। और उन सभी क्रिकेट फैंस का खास शुक्रिया जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में मेरा समर्थन किया। अजिंक्य का मतलब है जिसे हराया न जा सके। लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर, हम सफल होने से ज्याद बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा। और वह है आपके दिलों में। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप #278 अब विदा ले रहा है।”

अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर

बता दें कि रहाणे ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था। करीब एक दशक लंबे करियर में उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और मुश्किल समय में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। 38 साल के रहाणे ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था और तब से अब तक भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले।

नेशनल सेलेक्टर की नजर से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई टीम की कप्तानी भी की है।

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Happy Guru Purnima Messages: गुरु पूर्णिमा के 10 सबसे खास, भावात्मक और आकर्षक शुभकामना संदेश

An image featuring 10 heartfelt greeting messages dedicated to the Guru on the occasion of Guru Purnima 2026

Guru Purnima 2026 Wishes: भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों और पुराणों के ज्ञान को संकलित कर मानव समाज को अमूल्य धरोहर प्रदान की। गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन की सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और व्यक्तित्व निर्माण के आधार स्तंभ होते हैं।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा 2026: आधुनिक भारत के 7 महान गुरु, जिनके ज्ञान ने बदल दी लाखों लोगों की जिंदगी

 

गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु, शिक्षक, माता-पिता, आध्यात्मिक गुरु या जीवन में मार्गदर्शन देने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करना शुभ माना जाता है। एक श्रेष्ठ गुरु का मिलना ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार है। आपका मार्गदर्शन मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है। आपने केवल किताबों का ज्ञान नहीं दिया, बल्कि सच्चाई, विनम्रता और मानवता का पाठ भी पढ़ाया। आपके चरणों में मेरा सादर नमन। यह संदेश गुरु पूर्णिमा को खास बना देता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरु, शिक्षकों या मार्गदर्शक को भेजने के लिए यहां 10 बेहद खास, भावात्मक और सम्मानजनक शुभकामना संदेश दिए गए हैं जिन्हें आप WhatsApp, Facebook, Instagram या SMS के माध्यम से साझा कर सकते हैं।

 

यहां पढ़ें संस्कृत श्लोक, भावात्मक तथा पारंपरिक और विचारशील संदेश…

 

1. अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मेरे पूज्य गुरुदेव को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। आप हैं तो मेरी हर राह आसान है। 

 

2. सिर्फ किताबें पढ़ाना ही शिक्षा नहीं, जीवन जीने की सही कला सिखाना असली ज्ञान है। मुझे एक बेहतर इंसान बनाने के लिए आपका कोटि-कोटि धन्यवाद। शुभ गुरु पूर्णिमा!

 

3. जब भी जीवन के रास्तों पर भटका, आपकी सीख ने ही सही मार्ग दिखाया। मेरे जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक को गुरु पूर्णिमा की सप्रेम शुभकामनाएं।

 

4. गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुदेवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

– आप ही मेरे मार्गदर्शक हैं और आप ही मेरी प्रेरणा। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आपके चरणों में सादर प्रणाम!ALSO READ: गुरु पूर्णिमा पर जरूर जपें ये 5 गुरु मंत्र, जीवन की बाधाएं होंगी दूर और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

 

5. जिसने अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का दीप जलाया, वही सच्चा गुरु है। ऐसे पूजनीय गुरु को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की अनंत शुभकामनाएं।

आपका आशीर्वाद सदैव बना रहे।

 

6. अक्षर-अक्षर हमें सिखाते, शब्द-शब्द का अर्थ बताते।

कभी प्यार से तो कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

7. मिट्टी से तराशकर जिसने मुझे इंसान बनाया,

उस गुरु के चरणों में मेरा शत-शत नमन।

हैप्पी गुरु पूर्णिमा! 

 

8. गुरु का सान्निध्य जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आपका मार्गदर्शन ही मेरी सफलता की सबसे मजबूत नींव है।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

9. सफलता के इस मुकाम पर आज मैं जहां भी हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान आपकी सीख और विश्वास का है। गुरु पूर्णिमा पर आपको मेरा सादर प्रणाम।

 

10. गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं। आपके आशीर्वाद से हर कठिन राह आसान हो जाती है। आपके चरणों में मेरा सादर प्रणाम। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

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मां करती थीं खेतों में मजदूरी और पिता ट्रक ड्राइवर, खुद भी की दिहाड़ी और फिर राष्ट्रमंडल में जीत गए सिल्वर! ऋषिकांत की गजब कहानी

मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रमंडल खेलों के मंच तक का सफर तय करने वाले वेटलिफ्टर चनांबम ऋषिकांत सिंह की कहानी अदम्य साहस, कड़ी मेहनत और पारिवारिक त्याग की मिसाल है। राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतने वाले 28 वर्षीय ऋषिकांत ने एक समय तक जेब खर्च के लिए खेतों और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर दिहाड़ी मजदूर के रूप में भी काम किया था। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक ऋषिकांत के बड़े भाई अमरजीत ने उनके इस प्रेरणादायक सफर और कठिनाइयों की पूरी कहानी साझा की है।

गरीबी में बीता बचपन, 200 रुपये दिहाड़ी पर काम करती थीं मां

फाल से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर स्थित नगैरांगबाम गांव के रहने वाले ऋषिकांत के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। नकी मां चंद्रजिनी देवी पास के खेतों में मजदूरी करती थीं। खेती के सीजन में उन्हें रोजाना 200 से 300 रुपये मिलते थे और बाकी समय में वह दूसरे छोटे-मोटे काम करती थीं। उनके पिता चनामबम इराभोट सिंह बस और ट्रक ड्राइवर थे। परिवार के पास खेती के लिए अपनी एक टुकड़ा जमीन भी नहीं थी और छह लोगों के परिवार का गुजारा रोजमर्रा की कमाई पर ही टिका था।

जेब खर्च के लिए खुद भी की मजदूरी

भाई के मुताबिक ऋषिकांत को करीब 2008 या 2009 में कक्षा 6 में खूमन लंपक स्थित नेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी में प्रवेश मिल गया। यह एक आवासीय अकादमी थी, जहां पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण मुफ्त था। इसके बावजूद ऋषिकांत को जेब खर्च की जरूरत तो थी ही। पर इसके लिए भी ऋषिकांत ने अपनी मां पर कभी कोई बोझ नहीं डाला। जब भी वे गर्मी या सर्दी की छुट्टियों में घर आते थे, तो अपनी मां के साथ खेतों में मजदूरी करते थे और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर भी काम करते थे। इन मुश्किलों ने उन्हें मानसिक रूप से और अधिक मजबूत बनाया।

बॉक्सर बनने का था सपना, लेकिन किस्मत में लिखा था वेटलिफ्टिंग

ऋषिकांत की पहली पसंद मुक्केबाजी थी। वे डिंको सिंह, मैरी कॉम और सरिता देवी जैसे मणिपुर के खेल दिग्गजों से प्रभावित थे। जब नेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी में दाखिले का ट्रायल हुआ तो उनका चयन वेटलिफ्टिंग के लिए हो गया। शुरुआत में उन्होंने बॉक्सिंग चुनने की काफी जिद की और उनके बड़े भाई ने अधिकारियों से गुहार भी लगाई। लेकिन नियम के मुताबिक खेल बदलना संभव नहीं था। इसके बाद उन्होंने वेटलिफ्टिंग को अपनाया और धीरे-धीरे उन्हें इस खेल से प्यार हो गया। लगभग पांच साल पहले उन्होंने अपने भाई से वादा किया था कि वे राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले मणिपुर के पहले पुरुष वेटलिफ्टर बनेंगे।

राष्ट्रमंडल खेलों में रचा इतिहास

रविवार को ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में 264 किलो (स्नैच में 121 किलो और क्लीन एंड जर्क में 143 किलो) वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीत लिया। घुटने की चोट की वजह से वो गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए लेकिन इसके बावजूद वे राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले मणिपुर के पहले पुरुष वेटलिफ्टर बन गए। मणिपुर ने देश को मीराबाई चानू और कुंजारानी देवी जैसी महिला वेटलिफ्टर दी हैं लेकिन पुरुषों के वर्ग में यह उपलब्धि हासिल कर ऋषिकांत ने इतिहास रच दिया।

टीवी पर पहली बार माता-पिता ने देखा लाइव प्रदर्शन

अभी भारतीय नौसेना में काम कर रहे और गुजरात में तैनात ऋषिकांत चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई अमरजीत भारतीय वायुसेना में बाड़मेर (राजस्थान) में एयरमैन के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी दो बहनें शादीशुदा हैं। ऋषिकांत के माता-पिता फिलहाल राजस्थान में अमरजीत के साथ हैं, जहां उनके पिता का इलाज चल रहा है। उनके माता-पिता ने पहली बार टीवी पर ऋषिकांत को लाइव खेलते और राष्ट्रमंडल खेलों में मेडल जीतते देखा। अमरजीत के मुताबिक गांव वाले घर में ऋषिकांत का कमरा जूनियर और सीनियर स्तर पर जीती गई मेडल से भरा पड़ा है। ये सब उनकी मां के त्याग का परिणाम है।

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Friendship Day Wishes 2026: फ्रेंडशिप डे पर अपने खास मित्रों को भेजें ये 10 फ्रेंडली शुभकामना मैसेज

An image providing information on sending heartwarming Friendship Day wishes to friends

Friendship Day Quotes: फ्रेंडशिप डे यानी मित्रता दिवस एक ऐसा खास अवसर है, जब हम अपने जीवन में मौजूद उन खास दोस्तों को धन्यवाद देते हैं, जो हर सुख-दुख में हमारा साथ निभाते हैं। दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जो बिना किसी स्वार्थ के विश्वास, प्यार, अपनापन और यादों से जुड़ा होता है। बचपन के दोस्तों से लेकर जीवन के हर पड़ाव पर मिलने वाले नए साथियों तक, हर दोस्त हमारी जिंदगी को खास बना देता है।ALSO READ: Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

 

फ्रेंडशिप डे 2026 पर लोग अपने दोस्तों को प्यार भरे मैसेज, शुभकामना संदेश, कोट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।

अगर आप भी अपने खास दोस्त को दिल छू लेने वाला संदेश भेजना चाहते हैं, तो यहां दिए गए फ्रेंडशिप डे विशेज और शुभकामना मैसेज आपके रिश्ते में और मिठास घोल सकते हैं।

 

दिल को छू लेने वाले फ्रेंडशिप डे मैसेज

1. “सच्चे दोस्त वही होते हैं, जो रोने की वजह नहीं,
बल्कि मुस्कुराने की वजह बनते हैं।”
— हैप्पी फ्रेंडशिप डे, मेरे यार!

2. “ना किसी से दुश्मनी, ना किसी से कोई गिला,

मुझे तो किस्मत से दुनिया का सबसे प्यारा दोस्त मिला।”

— दोस्ती दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं!

 

3. “किस्मत वाले हैं वो लोग जिन्हें तुम्हारी जैसी 

निस्वार्थ और सच्ची दोस्ती मिली है।

मेरे जीवन में होने के लिए शुक्रिया!”

— Happy Friendship Day!

 

4. “वक्त बदल सकता है, दुनिया बदल सकती है,

पर हमारी हंसी-मजाक और दोस्ती कभी नहीं बदलेगी।”

— Happy Friendship Day Buddy!

 

5. “दोस्ती कोई शब्द नहीं, यह तो एक अहसास है,

जो हर मुश्किल घड़ी में हमेशा हमारे पास है।”

— फ्रेंडशिप डे मुबारक हो!

 

थ्रिल और मस्ती भरे मैसेजेस 

 

6. “तुझ जैसा पागल दोस्त मिलना भी, 

एक अलग ही किस्मत की बात है,

वरना मेरी फालतू बातें सहने का दम किसी में नहीं था!”

— हैप्पी फ्रेंडशिप डे, मेरे भाई!

 

7. “दोस्ती की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती,

चाहे हम कितने भी बूढ़े हो जाएं, 

हमारी शैतानियां कभी खत्म नहीं होंगी।”

— Happy Friendship Day!

 

8. “चाय में चीनी ना हो तो पीने में मजा नहीं आता,

और जिंदगी में तेरे जैसा दोस्त ना 

हो तो जीने में मजा नहीं आता!”

फ्रेंडशिप डे की बहुत-बहुत बधाई! 

 

9. “दूरियां चाहे कितनी भी आ जाएं, 

हमारी बॉन्डिंग हमेशा नंबर 1 रहेगी।

तू सिर्फ दोस्त नहीं, मेरी फैमिली का हिस्सा है।”

— Happy Friendship Day, Bestie!

 

10. “ना पैसों की मांग, ना तोहफों की चाह,

बस एक सच्चा दोस्त हो 

जो कहे— 'फिक्र मत कर, मैं हूं ना!'”

— हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

 

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यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे चर्चित यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों की संपत्ति को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि बेलारूस की रहने वाली 37 साल की डेंटिस्ट कारिना शुलियाक एपस्टीन की संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने मरने से पहले अपनी वसीयत में उनके लिए करीब 959 करोड़ रुपए तक की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, डॉ. शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड रही हैं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या करने से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन भी उन्हें ही किया था। दोनों के निजी ईमेल-तस्वीरें जारी हुए डॉ. कारिना शुलियाक 2019 में एपस्टीन की मौत के बाद से लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उनकी यह कोशिश ज्यादा समय तक नहीं चल सकी। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज और ईमेल जारी कर दिए। इन रिकॉर्ड में डॉ. शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल थीं। इसके बाद दोनों का करीब 8 साल लंबा रिश्ता सबके सामने आ गया। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं शुलियाक ने खुद को कभी एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी उनसे एपस्टीन के मामले में कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थी जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से अस्थायी स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि वहां डेंटिस्ट की अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था और उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी थे। द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, साइबेरिया की एक लड़की ने दोनों की मुलाकात कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने महंगे तोहफों और दूसरी सुविधाओं से शुलियाक को प्रभावित करने की कोशिश की। पहली ही मुलाकात के दौरान उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा कराने में मदद करने की पेशकश भी की। डॉ. शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन एपस्टीन डॉ. शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बता चुका था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपनी क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी करने की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों में साथ घूमते थे। एपस्टीन ने कई सालों में उन्हें करीब 10 लाख डॉलर दिए। इतना ही नहीं, उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने उन्हें कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला दिलाने में मदद की थी और तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भी भरने का फैसला किया था। समय के साथ डॉ. शुलियाक ने जेफ्री एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के मैनेजमेंट में भी मदद करने लगीं। एपस्टीन ने ग्रीन कार्ड दिलाने में भी मदद की 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि अगर कारिना की शादी किसी अमेरिकी महिला से करा दी जाए, तो उन्हें ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता मिलने का रास्ता आसान हो जाएगा। इसके लिए उसने अपनी एक महिला असिस्टेंट से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर दिखाई गई थी। मई 2018 में डॉ. शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले एपस्टीन ने डॉ. शुलियाक के नाम की संपत्ति जुलाई 2019 में जैफ्री एप्सटीन की गिरफ्तारी हो गई। इसके एक महीने बाद उनकी डॉ. शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने कहा कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन अपनी जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।

यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद अब भी जारी है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेजों से पता चला है कि बेलारूस की 37 वर्षीय डेंटिस्ट कारिना शुलियाक उसकी संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हो सकती हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कारिना के नाम करीब 959 करोड़ रुपए की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कारिना शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड थीं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन कॉल भी उन्हें ही किया था। दोनों के प्राइवेट ईमेल और तस्वीरें सार्वजनिक हुईं जेफ्री एपस्टीन की 2019 में मौत के बाद डॉ. कारिना शुलियाक लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जी रही थीं। हालांकि, यह ज्यादा समय तक नहीं चल सका। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, ईमेल और रिकॉर्ड जारी किए। इनमें डॉ. कारिना शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों से दोनों के करीब 8 साल पुराने रिश्ते का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं कारिना शुलियाक ने कभी खुद को एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी एपस्टीन मामले में उनसे कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों कथित पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थीं कारिना जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए उन्हें सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि डेंटिस्ट की पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था। उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी लग चुके थे। एक महिला ने कराई थी मुलाकात द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक महिला ने कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। महंगे तोहफों से प्रभावित करने की कोशिश शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने कारिना को महंगे तोहफे और दूसरी सुविधाएं देकर प्रभावित करने की कोशिश की। पहली मुलाकात में ही उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा करने में मदद की पेशकश भी की। शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन डॉ. कारिना शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बताता था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपने क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों की यात्रा भी साथ करते थे। रिकॉर्ड के अनुसार, एपस्टीन ने कई वर्षों में कारिना को करीब 10 लाख डॉलर दिए। उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने कारिना का कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला कराने में मदद की। उसने तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भरने का भी फैसला किया था। समय के साथ कारिना ने एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के प्रबंधन में भी मदद करने लगीं। ग्रीन कार्ड दिलाने के लिए कराई थी समलैंगिक शादी 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि किसी अमेरिकी महिला से शादी होने पर कारिना के लिए ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा। इसी योजना के तहत उसने अपनी एक महिला कर्मचारी से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर थी। मई 2018 में डॉ. कारिना शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले वसीयत में कारिना का नाम जोड़ा जुलाई 2019 में जेफ्री एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद उसकी डॉ. कारिना शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बात हुई। इस दौरान उसने कहा था कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उसकी उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कारिना शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।

Traitors 2: ‘द ट्रेटर्स 2’ को होस्ट करेंगे करण जौहर, जानें कब और कहां देख पाएंगे पॉपुलर शो

Traitors 2: प्राइम वीडियो ने आज ऐलान किया कि उसकी ब्लॉकबस्टर रियलिटी ओरिजिनल सीरीज ‘द ट्रेटर्स’ का दूसरा सीजन 13 अगस्त से दुनियाभर में स्ट्रीम होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद लोकप्रिय इस थ्रिलिंग रियलिटी फॉर्मेट के भारतीय वर्जन के लिए आईडीटीवी के BAFTA और Emmy Award जीत चुके ग्लोबल फॉर्मेट का लोकल अडैप्टेशन ऑल3मीडिया इंटरनेशनल के साथ मिलकर किया गया है।

वहीं, दूसरे सीजन को धर्माटिक एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में इसके अडैप्टेशन बन चुके हैं और द ट्रेटर्स आज दुनिया के सबसे तेजी से लोकप्रिय हो रहे रियलिटी फॉर्मेट्स में से एक बन गया है। यह एक ग्लोबल कल्चरल फिनॉमेनन बन चुका है, जो लगातार चर्चा में रहता है और पॉप कल्चर के कई यादगार पल भी देता रहा है।

इस बार दूसरा सीजन पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, बोल्ड और ड्रामे से भरपूर होने वाला है। इसमें साइकोलॉजिकल गेम, असली इमोशन्स, जबरदस्त सस्पेंस और धमाकेदार ड्रामा देखने को मिलेगा। करण जौहर एक बार फिर भरोसे और धोखे के इस सबसे बड़े खेल को होस्ट करते नजर आएंगे। इस बार 21 सेलिब्रिटी प्लेयर्स ग्रैंड प्राइज, प्रतिष्ठित खिताब और सबसे बड़ी शेखी बघारने का हक जीतने के लिए मुकाबला करेंगे। द ट्रेटर्स का दूसरा सीजन 13 अगस्त से सिर्फ प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगा और हर गुरुवार नए एपिसोड रिलीज किए जाएंगे।

प्राइम वीडियो इंडिया में ओरिजिनल्स के डायरेक्टर और हेड निखिल माधोक ने कहा, “द ट्रेटर्स के पहले सीजन को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला, उसने हमारी सभी उम्मीदों को पार कर दिया। यह सिर्फ एक एंटरटेनमेंट शो नहीं रहा, बल्कि एक कल्चरल मोमेंट बन गया। द ट्रेटर्स आज प्राइम वीडियो इंडिया की सबसे खास रियलिटी फ्रेंचाइजी में से एक बन चुकी है, जिसने अपने अलग अंदाज के गेमप्ले, साइकोलॉजिकल स्ट्रैटेजी और शानदार एंटरटेनमेंट के साथ इस जॉनर को नई पहचान दी है। देशभर के दर्शक इसके इमोशन्स से भरे माइंड गेम्स और बिना किसी दिखावे वाले ड्रामे से जुड़े रहे। दूसरे सीजन में दांव पहले से कहीं बड़े हैं, गेम और ज्यादा तेज होगा, ड्रामा और भी दमदार होगा और नए प्लेयर्स की लाइन-अप हर मोड़ पर दर्शकों को सीट से बांधे रखेगी। हमें खुशी है कि करण जौहर एक बार फिर होस्ट और इस पूरे खेल के मास्टर ऑर्केस्ट्रेटर के तौर पर लौट रहे हैं। हमें बेसब्री से इंतजार है कि दर्शक इस शानदार नए सीजन का अनुभव करें।”

ऑल3मीडिया इंटरनेशनल की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (APAC) सबरीना डुगुए ने कहा, “द ट्रेटर्स के भारतीय वर्जन ने पहले ही सीजन में दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली थी और हमें बेहद खुशी है कि यह अब एक और रोमांचक सीजन के साथ लौट रहा है। फैंस का प्यार, जुड़ाव और इस शो को लेकर दीवानगी वाकई शानदार रही है। अब हम दूसरे सीजन के साथ इसी उत्साह को और आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।

धर्माटिक एंटरटेनमेंट की टीम ने कहा, “द ट्रेटर्स के पहले सीजन ने पूरे देश में लोगों को अपना दीवाना बना दिया था। इस शो ने साबित कर दिया कि भारतीय दर्शक ऐसा रियलिटी कंटेंट देखना चाहते हैं, जो उनकी सोच को चुनौती दे, उन्हें हर पल सीट से बांधे रखे और पुराने नियमों से हटकर कुछ नया दिखाए। हमें बेहद खुशी है कि हम दर्शकों के लिए दूसरा सीजन लेकर आ रहे हैं, जो पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, बोल्ड और ड्रामे से भरपूर होगा।

Ranbir Kapoor-Yash: ‘पूकी गर्ल डैड…’, रणबीर कपूर- यश ने ‘रामायणम्’ के प्रमोशन के दौरान कलरिंग सेशन में लिया हिस्सा

Ranbir Kapoor-Yash: सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक कलरिंग चैलेंज के दौरान रणबीर कपूर और यश ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा, जिसमें उन्होंने रामायण के किरदारों की आर्ट बनाकर उसमें रंग भी भरे। इस साल की सबसे ज़्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’। फ़िल्म की टीम हाल ही में सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में शामिल हुई, जहाँ उन्होंने एक पैनल डिस्कशन के साथ फ़िल्म के प्रमोशन कैंपेन की शुरुआत की और उसके बाद कई इंटरव्यू दिए।

इस क्लिप में, जब नितेश रामायण के बारे में बात कर रहे थे, तो रणबीर कपूर और यश बच्चों जैसे उत्साह के साथ अपनी तस्वीरों में रंग भरते हुए दिखे। जहा यश ने ध्यान से रावण के स्केच में रंग भरा, वहीं रणबीर भगवान राम की तस्वीर में रंग भरने पर ध्यान देते रहे। चल रही बातचीत से बेपरवाह, दोनों अपनी ड्राइंग में मगन दिख रहे हैं। यह एक बहुत ही प्यारा पल था, जिसने जल्द ही ऑनलाइन लोगों का दिल जीत लिया।

वीडियो शेयर करते हुए एक फैन ने लिखा, “इन प्यारी बच्चियों के पापा से मिलिए। दोनों ड्राइंग में कितने मगन हैं?” एक और ने कमेंट किया, “जैसे रामा और रावण किसी दूसरी दुनिया में ऐसा कर रहे हों।” तीसरे ने लिखा, “वे प्यारे बच्चों जैसे लग रहे हैं।” एक और फैन ने कहा, “आर्या और राहा बहुत लकी हैं।” एक कमेंट था, “यह बहुत प्यारा है।” एक और यूजर ने कहा, “यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि दोनों की बेटियां हैं और शायद उन्होंने उनके साथ भी ऐसा ही किया होगा।” एक और फैन ने कमेंट किया, “ओह माय गॉड, यह बहुत प्यारा है!!!! जब ढेर सारे रंग मिलते हैं तो हर किसी के अंदर का बच्चा बाहर आ जाता है। हाहा। यह बहुत प्यारा है! मुझे इसे देखना बहुत अच्छा लगा।”

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ एक दो-भागों वाली महाकाव्य फिल्म है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम, यश रावण, साई पल्लवी सीता, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका में हैं। इनके अलावा लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी और महंगी फ़िल्मों में से एक है, जिसका बजट 4,000 करोड़ बताया जा रहा है। इसका पहला भाग दिवाली 2026 में रिलीज होने वाला है।

फैन्स फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, जिसे पहले शुक्रवार को रिलीज किया जाना था। हालांकि, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने घोषणा की कि इसके लॉन्च को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज हमारी रामायण के लिए एक बहुत ही खास पल है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी पार्टनरशिप से रामायण को दुनिया तक पहुंचाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे देखते हुए, हम अपना ट्रेलर बाद में किसी तारीख़ पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।”

एक दूसरे इंटरव्यू में फ़िल्म के बारे में बात करते हुए नितेश ने कहा, “रामायण एक सीधी कहानी है, और जहां हम इसे पहले पार्ट में खत्म करते हैं, उसे आप ‘क्लिफ़हैंगर’ कह सकते हैं। यह ऐसी चीज है जो लोगों को थिएटर से निकलते ही दूसरा पार्ट देखने के लिए उत्सुक कर देगी। यह एक ऐसी कहानी है जिसके लिए दो पार्ट जरूरी हैं। इसे एक पार्ट में नहीं बताया जा सकता, और हमने तय किया कि पहले पार्ट को खत्म करने के लिए शायद यही सबसे सही मोड़ होगा, और बाकी कहानी दूसरे पार्ट के लिए छोड़ दी जाएगी।”

हिन्दी कविता: हम पर करो उपकार

Hindi Poem on Shyam Pyari Radharani

हे राधारानी…

हम पर करो ये उपकार 

जाकर कहियो श्याम पिया से 

कि सुन ले हमारी पुकार।

हे राधारानी…

हम पर करो उपकार,

निस दिन ये नैना श्याम दरस को 

यूं ही बरसत जाए।

बीत गई है कितनी रैना 

श्याम दरस न पाए,

अब तो जियरा भी कर रहा 

इस जीवन को धिक्कार।

 

हे राधारानी…

हम पर करो ये उपकार,

श्याम दरस कराके हमारो 

तार दो यह जीवन हमार।

 

हे श्याम प्यारी…

हम पर करो ये उपकार,

वृंदावन की कुंज गलियन में 

श्याम से मिलन हो जाए हमार,

मैं बन जाऊं मुरली श्याम की 

और छेड़ूं मीठी तान।

जनम हमार सफल हो जाई,

ऐसो करो कुछ उपकार।

हे श्याम प्यारी,

हम पर करो उपकार।