8th Pay Commission: वेतन आयोग के इस नियम से टेंशन में पेंशनर्स, REWA ने PM मोदी से कर दी ये बड़ी मांग

8th Pay Commission Pension Revision: 8वें वेतन आयोग को लेकर एक तरफ जहां बैठकों का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ देश के करीब 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स की धड़कनें तेज हो गई हैं। पेंशनभोगियों के मन में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या 8वां वेतन आयोग उनकी पेंशन में भी बढ़ोतरी की सिफारिश करेगा या नहीं?

इसी भ्रम को दूर करने के लिए रिटायर्ड एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों यानी ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) में तुरंत संशोधन किया जाए, ताकि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन रिवीजन का रास्ता पूरी तरह साफ हो सके।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और पेंशनर्स क्यों चिंतित हैं।

बैठकों का दौर जारी, लेकिन पेंशनर्स को क्यों है डर?

8वां वेतन आयोग इन दिनों अलग-अलग राज्यों का दौरा कर कर्मचारियों और यूनियनों के साथ बैठकें कर रहा है। आयोग ने 7 और 8 सितंबर को चेन्नई के आईटीसी ग्रैंड चोल में बैठकें कीं और आज, 10 सितंबर को पुडुचेरी में दिनभर की अहम बैठक चल रही है। इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन ढांचे पर मंथन हो रहा है।

लेकिन इस सब के बीच पेंशनर्स एसोसिएशन REWA का कहना है कि सरकार द्वारा तय किए गए नियमों (ToR) में पेंशनर्स को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

नियमों का वो पेच, जिसने बढ़ाई 69 लाख पेंशनर्स की चिंता

REWA के मुताबिक, सारा भ्रम वेतन आयोग के नोटिफिकेशन के पॉइंट 2(e) की वजह से पैदा हुआ है। इस नियम में डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रैच्युटी (DCRG), एनपीएस (NPS), यूपीएस (UPS) और पेंशन स्ट्रक्चर की समीक्षा की बात तो कही गई है, लेकिन यह ‘कर्मचारियों’ के संदर्भ में लिखा गया है।

REWA का कहना है कि इसमें 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं है। इसी वजह से लाखों पेंशनभोगियों में यह डर पैदा हो गया है कि कहीं आयोग की सिफारिशें केवल मौजूदा कर्मचारियों तक ही सीमित न रह जाएं।

पिछले वेतन आयोगों से कैसे अलग है 8वां CPC?

एसोसिएशन ने पीएम मोदी को भेजी अपनी चिट्ठी में पुराने वेतन आयोगों के आंकड़ों का हवाला भी दिया है:

7वां वेतन आयोग: इसके नियम (ToR) में रिटायरमेंट से जुड़े फायदों और प्री-रिटायरमेंट (पुराने) पेंशनर्स की पेंशन रिवीजन का साफ जिक्र था।

5वां और 6ठा वेतन आयोग: इन दोनों आयोगों के नियमों में भी ‘पेंशनर्स’ और ‘फैमिली पेंशनर्स’ शब्द को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया था।

REWA का कहना है कि उन्होंने इससे पहले वित्त मंत्री और वित्त सचिव से भी इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया। इसी वजह से सोशल मीडिया और पेंशनर्स यूनियनों के बीच इस पर असमंजस लगातार बढ़ रहा है।

पेंशनर्स एसोसिएशन की सरकार से क्या हैं 2 मुख्य मांगें?

REWA ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए दो प्रमुख बातें रखी हैं:

नियमों में हो औपचारिक बदलाव: 8वें वेतन आयोग के ToR में आधिकारिक संशोधन कर यह साफ लिखा जाए कि आयोग 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए सभी पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने की सिफारिश करेगा।

अंतरिम प्रेस नोट जारी हो: जब तक औपचारिक संशोधन नहीं होता, तब तक केंद्र सरकार एक प्रेस नोट या बयान जारी कर लाखों पेंशनर्स का भ्रम और तनाव दूर करे।

8th Pay Commission Pension: 8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी पेंशन? समझिए फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित

8th Pay Commission Pension Calculator: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच चर्चाएं तेज हैं। अगर सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करती है, तो पेंशनर्स की बुनियादी पेंशन में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

मौजूदा 7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, रिटायरमेंट के समय किसी भी पात्र केंद्रीय कर्मचारी की पेंशन उसकी आखिरी बेसिक पे या औसत वेतन का 50 फीसदी तय की जाती है। स्टाफ-साइड नेशनल काउंसिल (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग के तहत 3.833 के फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव रखा है।

आइए आसान भाषा में गणित और कैलकुलेटर के जरिए समझते हैं कि लेवल 7 के केंद्रीय कर्मचारी की पेंशन में अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कितना इजाफा हो सकता है।

पहले जानिए कैसे तय होती है पेंशन?

7वें वेतन आयोग के तहत रिवाइज्ड पेंशन निकालने का फॉर्मूला इस प्रकार है:

शुरुआती बेसिक पे का 50% ✕ फिटमेंट फैक्टर= रिवाइज्ड बेसिक पेंशन

7वें वेतन आयोग में लेवल 7 के कर्मचारी की शुरुआती बेसिक पे ₹44,900 होती है।इसका 50% यानी बेस पेंशन ₹22,450 बनती है।

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 7 पेंशनर्स की कितनी बढ़ेगी पेंशन?

अगर सरकार मौजूदा 50% वाले पेंशन फ्रेमवर्क को बरकरार रखती है, तो अलग-अलग संभावित फिटमेंट फैक्टर (2.24, 2.57 और 3.833) के आधार पर पेंशन का अनुमान नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 7 पेंशनर्स की कितनी बढ़ेगी पेंशन?

कर्मचारियों की क्या है मांग?

कर्मचारी यूनियनों की प्रतिनिधि संस्था NC-JCM ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹69,000 किया जाए। इसके लिए उन्होंने 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया है। अगर यह मांग मंजूर होती है, तो लेवल 7 के पेंशनर्स की बेसिक पेंशन सीधे ₹22,450 से बढ़कर ₹86,050 से अधिक हो सकती है।

ध्यान दें: यह पूरी गणना शुरुआती बेसिक पे के आधार पर एक अनुमानित उदाहरण है। 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन की अंतिम रूपरेखा आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के अंतिम फैसले पर ही निर्भर करेगी।

8th Pay Commission: एक्शन में 8वां वेतन आयोग! कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ये है 5 बड़े अपडेट्स

8th Pay Commission Latest News: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर है। आयोग का दो दिवसीय चेन्नई दौरा आज, 7 सितंबर से शुरू हो गया है। 7 और 8 सितंबर के इस दौरे के दौरान आयोग कर्मचारी यूनियनों और प्रमुख हितधारकों से मुलाकात कर उनकी मांगों, चिंताओं और सुझावों पर सीधी चर्चा करेगा।

चेन्नई से पहले आयोग दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों का दौरा कर चुका है। आइए आपको बताते हैं कि इस दौरे का क्या मतलब है, बैठक में किन मुद्दों पर बात होगी और 8वें वेतन आयोग को लेकर अब तक के 5 सबसे बड़े अपडेट्स क्या हैं।

चेन्नई बैठक में किन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा?

इस दो दिवसीय बैठक में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और भत्तों में संशोधन को लेकर मुख्य रूप से इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

  • फिटमेंट फैक्टर: बेसिक सैलरी और पेंशन बढ़ाने के लिए सबसे अहम ‘फिटमेंट फैक्टर’ के मल्टीपल पर चर्चा।
  • सैलरी और पेंशन रिवीजन: सेवारत कर्मचारियों के वेतन और रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में सुधार।
  • भत्ते: महंगाई भत्ते (DA) समेत अन्य भत्तों में बढ़ोतरी के सुझाव।
  • वर्किंग कंडीशंस: कर्मचारियों के काम करने के माहौल को बेहतर बनाने पर राय।

8वें वेतन आयोग की वेबसाइट के 5 सबसे नए अपडेट्स

वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आने वाले महीनों के बैठकों और दौरों का पूरा शेड्यूल जारी किया है:

8वें वेतन आयोग की वेबसाइट के 5 सबसे नए अपडेट्स

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए इसका क्या अर्थ है?

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और इसे अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था। 18 महीने की समयसीमा में से आयोग अब तक 10 महीने का काम पूरा कर चुका है और लगातार अलग-अलग राज्यों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है।

फिटमेंट फैक्टर पर अभी क्या है स्थिति?

सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में 2.15, 2.28 या 2.57 जैसे फिटमेंट फैक्टर को लेकर तरह-तरह के गणित और अनुमान लगाए जा रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि अभी तक किसी भी फिटमेंट फैक्टर या सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐतिहासिक संदर्भ:

6ठां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर 1.86 था।

7वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था।

अब देखना होगा कि 8वां वेतन आयोग किस फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है। अंतिम मुहर सरकार की सिफारिशें स्वीकार करने के बाद ही लगेगी।

आगे का पूरा शेड्यूल

चेन्नई दौरे के बाद आयोग का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है:

9 सितंबर 2026: पुडुचेरी

16 से 18 सितंबर 2026: चंडीगढ़

7 और 8 अक्टूबर 2026: बेंगलुरु

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में लेवल 4 से 7 तक कितनी बढ़ सकती है पेंशन? समझिए पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें हैं। आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलाव पर काम कर रहा है। अब तक 10 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। आयोग अलग-अलग शहरों में कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों से सुझाव ले रहा है।

पेंशन बढ़ाने की मांग

पेंशनर्स संगठनों ने पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है। कुछ संगठन मौजूदा 50% पेंशन को बढ़ाकर आखिरी वेतन का 67% करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ संगठनों ने फैमिली पेंशन को आखिरी वेतन के 50% तक करने की मांग की है।

सिविलियन पेंशनर्स के लिए वन रैंक वन पेंशन जैसी व्यवस्था की मांग भी उठी है। हालांकि, इनमें से किसी मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

अभी कितनी है न्यूनतम पेंशन?

7वें वेतन आयोग के तहत पेंशन की गणना आम तौर पर आखिरी बेसिक पे या सेवा के आखिरी 10 महीने के औसत बेसिक पे के आधार पर होती है। इस हिसाब से लेवल 4 से 7 तक की न्यूनतम पेंशन इस तरह है।

पे लेवलन्यूनतम बेसिक पे
न्यूनतम बेसिक पेंशन

Level 4₹25,500₹12,750
Level 5₹29,200₹14,600
Level 6₹35,400₹17,700
Level 7₹44,900₹22,450

फिटमेंट फैक्टर से बदलेगा पूरा हिसाब

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम रहेगा। अभी इसका आधिकारिक आंकड़ा तय नहीं हुआ है। कर्मचारी संगठन 3.8 से 4 गुना तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।

समझने के लिए अगर 7वें वेतन आयोग का 2.57 फिटमेंट फैक्टर उदाहरण के तौर पर लें, तो पेंशन में बड़ा बदलाव दिख सकता है।

पे लेवलमौजूदा बेसिक पेमौजूदा न्यूनतम पेंशन
2.57 फैक्टर पर पेंशन

Level 4₹25,500₹12,750₹32,768
Level 5₹29,200₹14,600₹37,522
Level 6₹35,400₹17,700₹45,489
Level 7₹44,900₹22,450₹57,697

लेवल 7 की पेंशन करीब ₹58,000 हो सकती है?

2.57 के फिटमेंट फैक्टर के उदाहरण में Level 7 की न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹22,450 से बढ़कर करीब ₹57,700 हो सकती है। यानी यह लगभग ₹58,000 तक पहुंच सकती है।

लेकिन यह सिर्फ एक अनुमानित कैलकुलेशन है। 8वें वेतन आयोग ने अभी फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है। इसलिए ₹58,000 को तय पेंशन मानना सही नहीं होगा।

पुराने पेंशनर्स भी दायरे में आएंगे?

1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी पेंशन रिविजन का लाभ देने की मांग उठी है। इस संबंध में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने सरकार को ज्ञापन दिए हैं। DoPT ने कुछ मांगों को आगे कार्रवाई के लिए भेजा है। इसका मतलब यह नहीं है कि मांग मंजूर हो गई है।

कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। ऐसे में रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है।

फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, पेंशन बढ़ोतरी और पुराने पेंशनर्स को शामिल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा जारी है। अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिश और सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगी।

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शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि: जानिए क्यों देश भर में 5 सितंबर को ही मनाया जाता है यह खास दिन

शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि: जानिए क्यों देश भर में 5 सितंबर को ही मनाया जाता है यह खास दिन

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने शासकीय आवास पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सीएम धामी ने भारतीय शिक्षा और संस्कृति को दिशा देने में उनके योगदान को याद किया और उनके जीवन मूल्यों को सभी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। ALSO READ: उत्तराखंड: सीएम धामी ने 9.91 लाख से अधिक पेंशनर्स के खातों में ट्रांसफर किए 147 करोड़, 5,605 नए लाभार्थी भी जुड़े

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर शासकीय आवास पर महान शिक्षाविद्, पूर्व राष्ट्रपति, ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

 

उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन जी ने अपने ज्ञान, विचारों और जीवन मूल्यों से भारतीय शिक्षा एवं संस्कृति को नई दिशा प्रदान की। उनका समर्पित जीवन और शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। ALSO READ: द्वाराहाट का मां दूनागिरी मंदिर: 8,000 फीट की ऊंचाई पर विराजमान शक्तिपीठ

5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जो भारत के दूसरे राष्ट्रपति (1962-1967) और एक महान दार्शनिक, शिक्षक और विचारक भी थे। जब डॉ. राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने, तो उनके छात्रों और दोस्तों ने उनका जन्मदिन, 5 सितंबर, एक विशेष दिन के रूप में मनाने का अनुरोध किया।

 

डॉ. राधाकृष्णन ने इसका उत्तर देते हुए कहा, 'मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने के बजाय, अगर इसी दिन को शिक्षक के रूप में मेरे योगदान को याद करते हुए 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाए, तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी।' 

 

अर्थात् डॉ. राधाकृष्णन का यह विचार दर्शाता है कि वे शिक्षा और शिक्षकों को कितना महत्व देते थे। वे मानते थे कि एक समाज की नींव उसके शिक्षक होते हैं, और अगर देश को प्रगति करनी है, तो शिक्षकों को सम्मान देना जरूरी है। उनकी इसी भावना के चलते 5 सितंबर को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा, ताकि समाज में शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया जा सके। तब से हर साल यह दिन पूरे भारत में शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है।

उत्तराखंड: सीएम धामी ने 9.91 लाख से अधिक पेंशनर्स के खातों में ट्रांसफर किए 147 करोड़, 5,605 नए लाभार्थी भी जुड़े

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैंप कार्यालय से समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत अगस्त माह की पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। इस बार डीबीटी (DBT) के माध्यम से राज्य के 9,91,914 लाभार्थियों के खातों में 147.05 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी गई है। इसके साथ ही, सरकार ने विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन को भी स्वीकृति प्रदान की है। ALSO READ: द्वाराहाट का मां दूनागिरी मंदिर: 8,000 फीट की ऊंचाई पर विराजमान शक्तिपीठ

 

कमजोर और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा देना संकल्प

इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन का निरंतर यह प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। ALSO READ: खटीमा में सीएम धामी ने उठाया चाय का लुत्फ, राहुल गांधी पर साधा निशाना

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेंशन योजनाओं के संचालन के दौरान यदि लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़े, तो उसका प्राथमिकता और पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित न रहने पाए।

DA Hike: त्योहारी सीजन से पहले कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा तोहफा! DA पर आ गया ये बड़ा अपडेट

8th CPC Latest Updates September 2026: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के बाद देश के लगभग 55 लाख मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी खबरें निकलकर सामने आ रही हैं। आयोग के नियम एवं शर्तों (ToR) को मंजूरी मिले लगभग 10 महीने बीत चुके हैं और अब इसकी सिफारिशें लागू होने की दिशा में गतिविधियां तेज हो गई हैं।

इसी बीच सितंबर महीने में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी से लेकर राज्यों के दौरों और पेंशन संशोधन की मांगों तक, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कई बड़े अपडेट्स आए हैं। आइए जानते हैं कि इस बार कम फिटमेंट फैक्टर के बावजूद कर्मचारियों की सैलरी में 7वें वेतन आयोग से भी बड़ा उछाल क्यों आ सकता है।

सितंबर में मिल सकती है खुशखबरी, 63% तक बढ़ सकता है DA

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को सितंबर 2026 में जुलाई महीने के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) का तोहफा मिलने की पूरी उम्मीद है। जनवरी 2026 में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद वर्तमान में कुल DA दर 60% है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के 12 महीनों के आंकड़ों के आधार पर इस बार 3% की बढ़ोतरी का अनुमान है। 3% की इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 63% हो जाएगा।

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, आमतौर पर इसकी घोषणा सितंबर में होती है, हालांकि कई बार यह अक्टूबर तक भी जा सकती है।

8वें वेतन आयोग का राज्यों का दौरा जारी

8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर कर्मचारी संगठनों और हितधारकों के साथ परामर्श कर रहा है। आयोग 1 सितंबर 2026 को जयपुर का अपना दो दिवसीय दौरा पूरा कर रहा है। आयोग 8 सितंबर को पुडुचेरी, 16 और 18 सितंबर को चंडीगढ़, और 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु का दौरा करेगा। इससे पहले दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बैठकें पूरी की जा चुकी हैं।

पूर्व पेंशनरों की पेंशन समीक्षा का मामला व्यय विभाग को ट्रांसफर

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 18 अगस्त 2026 के एक ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाइज फेडरेशन और ऑल इंडिया आरएमएस, एमएमएस एंड पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन की याचिकाओं को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेजा है।

संगठन चाहते हैं कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनभोगियों की पेंशन समीक्षा को भी 8वें वेतन आयोग के ToR में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। इसके लिए 1985 (चौथे वेतन आयोग) की उस ऐतिहासिक मिसाल का हवाला दिया जा रहा है, जब पूर्व कर्मचारियों के लिए भी नियमों में बदलाव कर आयोग के दायरे में लाया गया था।

कम फिटमेंट फैक्टर में भी 7वें वेतन आयोग से ज्यादा बढ़ेगी सैलरी!

कर्मचारी संगठनों का दावा है कि 8वें वेतन आयोग में अगर 7वें वेतन आयोग (2.57) की तुलना में कम फिटमेंट फैक्टर (जैसे 2.1) भी रखा जाता है, तब भी कर्मचारियों को हाथ में ज्यादा सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा।

कर्मचारी यूनियनों के अनुसार, 7वें वेतन आयोग के समय DA 125% तक पहुंच चुका था, जिससे बेसिक पे तो बढ़ा लेकिन प्रभाव कम हो गया। 8वें वेतन आयोग के समय कम DA होने के कारण 2.1 के फिटमेंट फैक्टर पर भी कर्मचारियों को सीधा 53% का शुद्ध फायदा होगा, जो 7th CPC के 32% से काफी अधिक है।

कब तक लागू होंगी सिफारिशें?

नवंबर 2025 में गठित 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग की सिफारिशें लागू होने की तय तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला कैबिनेट की हरी झंडी के बाद ही होगा।

8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! इस डेट से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन रिवीजन पर आयोग ने उठाया ये कदम

8th CPC Pension Revision Update: 8वां वेतन आयोग की बैठकों के बीच देश के लाखों पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक हलचल देखने को मिल रही है। 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों की पेंशन संशोधन की मांग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों (ToR) में संशोधन की मांग करने वाले आवेदनों को अंतिम विचार और उचित कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के पास भेज दिया है। आइए आपको बताते हैं कि पेंशन संगठनों ने क्या मांग रखी है और इस कदम का पूर्व कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा।

किन पेंशनभोगी संगठनों ने भेजी है अर्जी?

DoPT ने जिन दो मुख्य कर्मचारी/पेंशनभोगी संगठनों के ज्ञापनों को व्यय विभाग को फॉरवर्ड किया है, उनके नाम ये हैं:

1- ऑल इंडिया आरएमएस, एमएमएस एंड पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन: संगठन के महासचिव गिरिराज सिंह द्वारा 30 जुलाई 2026 को भेजा गया आवेदन।

2- ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाइज फेडरेशन: संगठन के महासचिव सी. श्रीकुमार द्वारा 4 अगस्त 2026 को प्रस्तुत किया गया आवेदन।

DoPT ने 18 अगस्त 2026 के अपने ऑफिस मेमोरेडम में स्पष्ट किया है कि इन ज्ञापनों पर ‘उचित कार्रवाई’ के लिए इन्हें व्यय विभाग को सौंपा जा रहा है।

पेंशनभोगियों की मुख्य मांग क्या है?

पेंशनभोगी संगठनों की प्राथमिक मांग यह है कि 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference में संशोधन किया जाए। वर्तमान में पेंशनभोगी चाहते हैं कि आयोग के अधिकार क्षेत्र में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन के मुद्दे को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए, ताकि जब आयोग वेतन और पेंशन ढांचे की समीक्षा करे, तो पुराने पेंशनभोगियों के हितों की भी अनदेखी न हो।

क्या पेंशन संशोधन को मंजूरी मिल गई है?

नहीं, बिल्कुल नहीं। DoPT के मेमोरेंडम को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। DoPT ने अभी केवल पेंशनभोगियों की मांग को वित्त मंत्रालय को स्थानांतरित किया है। इस आदेश में पेंशन संशोधन को मंजूरी नहीं दी गई है और न ही ToR में कोई संशोधन हुआ है। इस मेमोरेंडम में किसी भी फिटमेंट फैक्टर, संशोधित पेंशन फॉर्मूले या अतिरिक्त लाभ का ऐलान नहीं किया गया है। आयोग के ToR में बदलाव का निर्णय केवल केंद्र सरकार के औपचारिक आदेश द्वारा ही संभव है।

चौथे वेतन आयोग (1985) का दिया गया ऐतिहासिक संदर्भ

पेंशनभोगी संगठनों ने अपनी मांग के समर्थन में ऐतिहासिक मिसाल का हवाला दिया है।8 नवंबर 1985 को वित्त मंत्रालय ने एक प्रस्ताव पारित कर चौथे वेतन आयोग के नियम और शर्तों (ToR) में संशोधन किया था। इसके जरिए आयोग को यह विशेष जिम्मेदारी दी गई थी कि वह पुराने और नए दोनों पेंशनभोगियों के लिए एक न्यायसंगत पेंशन ढांचे की समीक्षा करे।

इसी तर्ज पर संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में भी पुरानी और नई पेंशन दरों के बीच तालमेल बिठाने के लिए ToR में संशोधन किया जाए।

आगे क्या होगा?

अब यह पूरा मामला वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के पाले में है। व्यय विभाग इन ज्ञापनों की समीक्षा करेगा और यह तय करेगा कि क्या 8वें वेतन आयोग के ToR में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाना चाहिए या नहीं। जब तक वित्त मंत्रालय या कैबिनेट की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक 1 जनवरी 2026 से पहले के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समीक्षा पर अंतिम निर्णय का इंतजार करना होगा।

8th Pay Commission: 3.61 से 4.00 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग! जानिए कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी और पेंशन?

8th Pay Commission Fitment Facto: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है। 7वें वेतन आयोग में जहां फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था जिससे न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुई थी। अब 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी यूनियनों ने 3.61 से लेकर 4.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है।

कागज पर फिटमेंट फैक्टर के ये आंकड़े छोटे लग सकते हैं, लेकिन असलियत में इनसे हर महीने कर्मचारियों की सैलरी में हजारों रुपये का अंतर आने वाला है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है और यह क्यों है अहम?

फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर होता है, जिसे कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे से गुणा करके नए वेतन आयोग के तहत नई सैलरी तय की जाती है। यह न केवल महंगाई भत्ते (DA) के असर को समाहित करता है, बल्कि कर्मचारियों की वास्तविक आय में वृद्धि भी सुनिश्चित करता है। पेंशनभोगियों की बेसिक पेंशन तय करने में भी इसी फैक्टर का इस्तेमाल होता है।

यूनियनों की प्रमुख मांगें: किसकी कितनी है सिफारिश?

अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी-अपनी मांगें और कैलकुलेशन रखी हैं:

BPMS (फिटमेंट फैक्टर 4.00 – न्यूनतम पे ₹72,000): भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने सबसे ज्यादा 4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इसके तहत न्यूनतम बेसिक पे ₹72,000 तय करने का प्रस्ताव है। BPMS का कहना है कि इसमें 1.58 घटक केवल महंगाई भत्ते (DA) के असर को बेअसर करने के लिए है, जबकि बाकी हिस्सा राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के आधार पर है।

NCJCM स्टाफ साइड और BPS (फिटमेंट फैक्टर 3.833 – न्यूनतम पे ₹69,000): नेशनल काउंसिल JCM (स्टाफ साइड) और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है।

इसके तहत न्यूनतम सैलरी ₹69,000 होगी। NCJCM ने 5 सदस्यों के परिवार के खाने, कपड़े, मकान, शिक्षा, शादी और तकनीक जैसे 15वें ILC मानदंडों के आधार पर यह गणना की है।

MSA (फिटमेंट फैक्टर 3.61 – न्यूनतम पे ₹65,000): मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA) ने 3.61 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है, जिससे न्यूनतम पे ₹65,000 (लेवल-1) हो जाएगी।

सैलरी मैट्रिक्स: लेवल के हिसाब से कितना होगा फायदा?

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के कारण पे-मैट्रिक्स में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है:

लेवल 1: MSA (3.61) के तहत ₹64,980, NCJCM (3.833) के तहत ₹69,000 और BPMS (4.00) के तहत यह ₹72,000 होगी।

लेवल 6: NCJCM के प्रस्ताव के अनुसार बेसिक पे बढ़कर ₹1,35,700 हो जाएगी।

लेवल 9 व 10 (मर्ज्ड): NCJCM के तहत यह ₹2,15,100 तक पहुंच जाएगी।

क्या सरकार उठा पाएगी इसका वित्तीय बोझ?

NCJCM का तर्क है कि 2014-15 के बाद से देश की जीडीपी में 165.23% और कुल कर राजस्व में 205.41% की भारी वृद्धि हुई है। इसलिए सरकार के पास वेतन में इस बढ़ोतरी के वित्तीय प्रभाव को आसानी से संभालने की पूरी क्षमता है। रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) ने भी जोर दिया है कि बेसिक पे में पर्याप्त बढ़ोतरी न होने से रिटायर्ड कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित होती है।

50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और लाखों पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग द्वारा चुना जाने वाला फिटमेंट फैक्टर बेहद निर्णायक होगा। यह न केवल हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी तय करेगा, बल्कि पेंशन, ग्रेच्युटी की सीमा और कम्यूटेशन अमाउंट पर भी लंबे समय तक असर डालेगा।

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो HRA कितना बढ़ेगा? समझिए हर पे-लेवल का पूरा हिसाब

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर करीब 50-55 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स की नजर फिटमेंट फैक्टर पर टिकी है। अगर बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो उसके साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी बढ़ सकता है, क्योंकि इसकी गणना बेसिक पे के आधार पर होती है।

फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत HRA शहर की कैटेगरी के हिसाब से मिलता है। X कैटेगरी शहरों में सबसे ज्यादा HRA मिलता है। वहीं, Y और Z कैटेगरी में यह क्रमश: कम होता है। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के तहत अंतिम HRA कितना होगा, यह आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगा।

HRA कैसे बढ़ सकता है?

फिलहाल HRA की मौजूदा दरें इस तरह हैं।

  • X शहर: 30%
  • Y शहर: 20%
  • Z शहर: 10%

नीचे की गणना 2x, 2.5x और 3x फिटमेंट फैक्टर के अनुमान पर आधारित है। यह सिर्फ संभावित हिसाब है, अंतिम फैसला सरकार करेगी।

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लेवल-4 कर्मचारी का अनुमानित HRA

मान लीजिए किसी लेवल-4 कर्मचारी की बेसिक सैलरी 2.0 फिटमेंट फैक्टर के बाद ₹51,000 हो जाती है। ऐसे में HRA का अनुमान इस तरह बनता है।

शहर की कैटेगरीअनुमानित HRA
X (30%)₹15,300
Y (20%)₹10,200
Z (10%)₹5,100

अगर यही कर्मचारी 2.5 फिटमेंट फैक्टर के दायरे में आता है और उसकी बेसिक पे ₹63,750 हो जाती है, तो HRA भी उसी हिसाब से बढ़ जाएगा।

शहर की कैटेगरीअनुमानित HRA
X (30%)₹19,125
Y (20%)₹12,750
Z (10%)₹6,375

यानी सिर्फ 2.0 से 2.5 फिटमेंट फैक्टर के अनुमान पर ही X शहर में HRA करीब ₹3,825, Y शहर में ₹2,550 और Z शहर में ₹1,275 बढ़ सकता है।

HRA बढ़ने का सीधा मतलब क्या है?

कई कर्मचारी सिर्फ बेसिक सैलरी पर ध्यान देते हैं। लेकिन HRA बढ़ने का असर हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी पर भी पड़ता है। अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो उसी के साथ HRA की रकम भी ऊपर चली जाती है।

हालांकि यह याद रखना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर सीधे HRA तय नहीं करता। यह सिर्फ बेसिक पे बढ़ाता है और HRA उसी बढ़ी हुई बेसिक सैलरी का तय प्रतिशत होता है। इसलिए अंतिम बढ़ोतरी का सही आंकड़ा 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही साफ होगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।