Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले दिल्ली में सख्ती! इन रूट पर मीट की दुकानों को बंद करने के आदेश, MCD ने सभी 12 जोन को दिए निर्देश

Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज यानी गुरुवार (30 जुलाई) से विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। इस दौरान विभिन्न राज्यों से करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचेंगे। इस बीच, कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी 12 जोनों को कांवड़ यात्रा रूट्स और कांवड़ शिविरों के आसपास संचालित अवैध मीट की दुकानों को बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लाइसेंस वाले मीट की दुकानों की भी जांच की जाएगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक 308 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे। इसे देखते हुए एमसीडी ने सभी नागरिक सुविधाओं की तैयारियां यात्रा शुरू होने से पहले पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि MCD ने अधिकारियों से यात्रा से पहले सभी सिविक इंतजाम पूरे करने को भी कहा है, जिसके दौरान 30 जुलाई से 11 अगस्त तक पूरे देश में 308 कांवड़ कैंप चलने वाले हैं।

कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने के आदेश

एक ऑफिस मेमोरेंडम में सभी जोनल डिप्टी कमिश्नरों को यह पक्का करने का आदेश दिया गया है कि तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले पहचाने गए कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटा दिया जाए। मेमोरेंडम में कहा गया है कि MCD को यात्रा से काफी पहले कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जोनल अधिकारियों को पहले ही पहचानी गई जगहों की जानकारी दे दी गई है। जबकि जरूरत पड़ने पर और कैंप लगाने की भी इजाजत दी जा सकती है।

सिविक बॉडी ने अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया है कि यात्रा के रास्तों पर या कांवड़ कैंप के आस-पास कोई भी बिना इजाजत या बिना लाइसेंस वाली मीट की दुकान न चले। यह भी कहा गया है कि अगर लाइसेंस वाली मीट की दुकानें अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

साफ-सफाई के आदेश

सख्ती बरतने के अलावा, MCD ने सभी जोन से कैंप साइट और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने को कहा है। इनमें गहरी सफाई, उगी हुई घास-फूस को हटाना और रेगुलर कचरा इकट्ठा करना शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे सफाई बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारी और मशीनरी तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगी। हर साल आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा में शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर हरिद्वार पहुंचते हैं। यहां से गंगाजल लेकर अपने गांव या शहर के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद

अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने बताया कि भगवान शिव को जल अत्यंत प्रिय है। इसी कारण शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल ले जाकर अपने-अपने शिवालयों में उनका जलाभिषेक करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, लगभग पखवाड़े भर चलने वाली इस यात्रा के दौरान चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ अधिकारी कई बैठकें कर चुके हैं। यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने बताया कि कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान पहली बार सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। ये भ्रामक, फर्जी और AI से तैयार किए गए वीडियो पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सामान्य भ्रामक वीडियो को 36 घंटे के भीतर, जबकि एआई से तैयार फर्जी वीडियो को लगभग तीन घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया मंचों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। एसएसपी ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा के ट्रैफिक से अलग रखा जाएगा।

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हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेले को लेकर सभी विभागों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूलों में अवकाश रहेगा। इस दौरान स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

‘कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है’; PoK हिंसा पर भ्रामक हेडलाइन के लिए भारत ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को लगाई लताड़

PoK Unrest: अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार (29 जुलाई) को अमेरिका के एक प्रमुख अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर की हेडलाइन को भ्रामक और गलत करार देते हुए कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई चीज नहीं है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित खबर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी हिंसक झड़पों पर आधारित थी। भारतीय दूतावास ने कहा, “न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर का शीर्षक गलत और गुमराह करने वाला है। कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है, सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर है।”

दूतावास ने कहा कि केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत का अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्सा रहे हैं, हैं और रहेंगे। भारतीय दूतावास ने कहा, “पाकिस्तान ने इन केंद्र-शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अब वह कब्जे वाले इलाकों के लोगों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल कर रहा है।”

स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र एजेंसियों के हवाले से प्रकाशित खबर में ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने कहा कि जून में शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 30 लोग मारे गए हैं। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का संयुक्त मंच ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पीओके की तथाकथित विधानसभा की 12 विवादित सीट को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

जेएएसी का आरोप है कि सत्ता प्रतिष्ठान इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनवाने के लिए करता है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी व्यापक जन प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, वहां के लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और उसके प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।

पाकिस्तानी सेना की बर्बर कार्रवाई

पिछले दो दिनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई में 30 से अधिक नागरिक मारे गए और 33 से अधिक घायल हो गए। पीओके में स्थानीय निकाय चुनाव के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) इन प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है।

पीओके में पिछले महीने से महंगाई, प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत ने मंगलवार को पीओके में कराए जा रहे स्थानीय निकाय चुनाव को पाकिस्तान की ओर से अपने अवैध कब्जे पर पर्दा डालने और क्षेत्र में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया था।

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सूत्रों ने बताया कि रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक जेएएसी के ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा बल प्रयोग किया। स कार्रवाई में 30 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई और 33 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मरने वालों में उस्मान नजीर भी शामिल है, जो जेएएसी की केंद्रीय समिति के सदस्य उमर नजीर का भाई था।

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स को फटकार लगाई:PoK को पाकिस्तानी कश्मीर बताने पर आपत्ति जताई , कहा- यह भारत का अभिन्न हिस्सा है

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कुछ नहीं है, केवल पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) है। दूतावास ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं तथा हमेशा रहेंगे। दूतावास ने पाकिस्तान पर इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा करने और वहां रहने वाले लोगों के खिलाफ हिंसा करने का आरोप भी लगाया। भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर उसका रुख पहले से स्पष्ट और अपरिवर्तित है। भारतीय दूतावास की यह प्रतिक्रिया न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें पीओके में हालिया अशांति और स्थानीय चुनावों का जिक्र करते हुए इस क्षेत्र को ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ कहा गया था। रिपोर्ट में मीरपुर में सुरक्षा बलों और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बीच झड़प, दो लोगों की मौत और चुनावी प्रक्रिया पर पड़े असर का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही अखबार ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

PAK आर्मी की बर्बरता! बलूच लड़की को मारी गोली, फिर हमास स्टाइल में निकाला परेड

बलूचिस्तान में इन दिनों पाकिस्तान के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई बलूच समूह और कार्यकर्ता पाकिस्तान की सेना और वहां की खुफिया एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैंय़ बलूचों ने पाकिस्तानी सेना को सीधी चुनौती दे दी कि बलूचिस्तान छोड़कर चले जाएं। वहीं इनसबके बीच बलूच लोगों पर पाक सेना का दमन भी बढ़ता जा रहा है। बलूचिस्तान से सामने आई कुछ रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।

सामने आया हैरान कर देना वाला वीडियो 

वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सेना की कार्रवाई के दौरान एक लड़की की मौत हो गई और बाद में उसके शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। वहीं, बलूचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब बलूचिस्तान में हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, 5 जुलाई से शुरू किए गए आतंकवाद-रोधी अभियान के बाद से पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई है।

रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना पर आरोप है कि उसने एक लड़की को गोली मार दी। इसके बाद उसके शव को एक बख्तरबंद सैन्य वाहन के आगे रखकर सड़कों पर घुमाया गया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों और वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

पीओके में पाक सेना की बर्रबता है जारी

इस बीच, सोमवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलकोट इलाके से हिंसा की खबरें सामने आईं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि सरकार इन प्रदर्शनकारियों को “भारत जैसा दुश्मन” मानती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल एक वीडियो में ख्वाजा आसिफ कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं, “मैं POK के प्रदर्शनकारियों को भारत की श्रेणी में रखता हूं और उन्हें भी भारत की तरह दुश्मन मानता हूं।” वहीं, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पिछले दो दिनों के दौरान रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। हालांकि, इन मौतों की संख्या और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

थाईलैंड में 3 इंडियन टूरिस्ट का अपहरण:5 भारतीय गिरफ्तार; पाकिस्तानी के कहने पर किडनैपिंग की, सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर पटाया बुलाया था

थाईलैंड में तीन भारतीय पर्यटकों का अपहरण कर उनके परिवारों से 1.20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी नागरिक ने इस किडनैपिंग को अंजाम देने के निर्देश दिए थे। पीड़ितों की पहचान मोहित (23), आशीष (24) और हिमांशु (20) के रूप में हुई है। आरोपियों ने उन्हें सस्ते 7 दिन के टूर पैकेज का लालच देकर थाईलैंड के पटाया शहर बुलाया था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें एक घर में बंधक बना लिया गया और उनके परिवारों से तीनों के बदले 40-40 लाख रुपए, यानी कुल 1.20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। इंडियन टूरिस्टों के रेसक्यू का फुटेज दुबई से संचालित हो रहा था प्लान पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवतार सिंह (38), जगजीत सिंह (38), रंभालक कुमार (24), सुखबीर सिंह (37) और कुलरा सिंह (27) के रूप में हुई है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे दुबई में स्थित एक पाकिस्तानी नागरिक से चैट एप्लीकेशन के जरिए पिछले एक महीने से संपर्क में थे। आरोपियों ने पीड़ितों को सात दिन के सस्ते टूर पैकेज का झांसा देकर थाईलैंड के पटाया शहर बुलाया था। वहां पहुंचने पर उन्हें एक घर में बंधक बना लिया गया। मास्टरमाइंड फिरौती की रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेना चाहता था। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें कई दिनों तक भूखा रखा गया, उनके हाथ-पैर बांधकर और उल्टा लटकाकर पीटा गया। खूद दिखाने के लिए पीड़ितों पर लाल स्प्रे पेंट लगाया आरोपियों ने पीड़ितों के शरीर पर लाल स्प्रे पेंट लगाया था, ताकि वीडियो कॉल के दौरान ऐसा लगे कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और खून बह रहा है। इस तरह वे पीड़ितों के परिवारों पर दबाव बनाकर हर व्यक्ति से 40 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। पीड़ितों के परिजनों ने जब भारतीय दूतावास से संपर्क किया, तो दूतावास ने 21 जुलाई को चोनबुरी इमिग्रेशन और पटाया पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर पटाया के एक टाउनहाउस में छापा मारा। वहां तीनों पीड़ित अलग-अलग कमरों में बंधे हुए मिले। उनके मुंह पर टेप लगा था और शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस को मौके से टेप, लकड़ी का डंडा और लाल स्प्रे पेंट बरामद हुआ है। पहले भी एक टूरिस्ट को किडनैप किया गया था रेस्क्यू किए गए पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उनके आने से पहले भी एक भारतीय को उसी घर में बंधक बनाया गया था। उसे तब छोड़ा गया जब उसके परिजनों ने करीब 30 लाख रुपये की फिरौती चुका दी थी। पुलिस अब मामले के मुख्य सूत्रधार और अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को इस काम के बदले नकदी, कीमती सामान और थाईलैंड से बाहर जाने के लिए एयरलाइन टिकट का वादा किया गया था।

शुभमन गिल बने विश्व के नंबर 1 बल्लेबाज, इस कीवी से छीना ताज

पिछले सप्ताह न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल से सिर्फ एक अंक से पीछे थे। लेकिन आज उन्होंने वह अंक पार कर (ICC) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में शीर्ष बल्लेबाज का स्थान प्राप्त कर लिया है।

शुभमन गिल के अब 801 अंक है और कीवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल 794 अंक पर हैं।  गौरतलब है कि भारत का अगला एकदिवसीय दौरा न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर में है। ऐसे में इन दोनों के बीच पहली रैंक की जंग बहुत दिलचस्प होने वाली है।डैरिल मिचेल भारत के खिलाफ 2 शतक और 1 अर्धशतक मारकर मैन ऑफ द सीरीज बने थे। आज उनके 7 महीने की नंबर 1 अवधि का अंत हुआ।

 

भारत के ही रोको- यानि कि रोहित शर्मा और विराट कोहली तीसरे और चौथे पायदान पर हैं। शुभमन और रोहित कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच में बड़ी पारी खेली थी। भारत के तीन बल्लेबाज टॉप 5 में शुमार है जिससे भारत की एकदिवसीय टीम मजबूत दिखती है। कोहली के 767 तो रोहिते के 758 अंक है।

पांचवे पायदान पर अफगानिस्तान के बल्लेबाज इब्राहिम जादरान है। इसके बाद पाकिस्तान के बल्लेबाज बाबर आजम का नंबर आता है। सातवें नंबर पर आयरलैंड के बल्लेबाज हैरी टेक्टर है।

भारत के खिलाफ सीरीज में 260 रन नाबाद बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आठवें पायदान पर हैं। 9वं नंबर पर वेस्टइंडीज के विकेटकीपर बल्लेबाज शाई होप हैं और श्रीलंका के चरिथ असलंका दसवें पायदान पर हैं।

Coal allocation case: कोयला घोटाला मामले में पूर्व PM मनमोहन सिंह को मिली क्लीन चिट, सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया केस

Coal allocation case: सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ जारी आपराधिक मामला बुधवार (29 जुलाई) को बंद कर दिया। साथ ही उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने वाले आदेश रद्द कर दिए। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री सिंह और अन्य को क्लीन चिट दी गई थी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के जज के पास सीबीआई की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ को खारिज कर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था। पीठ ने कहा, “अपीलकर्ता के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के कारण यह अपील निष्फल मानकर समाप्त की जा सकती थी। लेकिन विशेष जज द्वारा संज्ञान लेने और अपीलकर्ता को तलब करने के पहलू पर विचार करने के लिए हमने सीबीआई द्वारा दाखिल दोनों क्लोजर रिपोर्टों का अध्ययन किया।”

अदालत ने आगे कहा, “जांच एजेंसी की रिपोर्ट स्वीकार करने के संबंध में इस अदालत द्वारा लगातार तय किए गए मानकों को ध्यान में रखते हुए हम संतुष्ट हैं कि विशेष जज के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार कर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था। हम अपील स्वीकार करते हैं और विवादित आदेश को रद्द करते हैं। परिणामस्वरूप, हम सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामले को बंद करते हैं।”

क्या है पूरा मामला?

वर्ष 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित कथित कोयला घोटाले में एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी. सी. पारेख और तीन अन्य लोगों को आरोपी के रूप में तलब किया था। हालांकि, अदालत ने इस आदेश में हस्तक्षेप करते हुए इस पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल 2015 को सिंह के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।

सिंह ने समन को चुनौती देते हुए कहा था कि आवंटन से जुड़े उनके फैसले में कोई आपराधिकता नहीं थी। उनके वकील ने सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा चलाने के लिए ज़रूरी मंजूरी न होने का सवाल भी उठाया था। इससे पहले की कार्यवाही के दौरान सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कोयला ब्लॉक आवंटित करने के मनमोहन सिंह के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कार्रवाई प्रशासनिक प्रकृति की थी।

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कार्यवाही में मनमोहन सिंह का पक्ष रखते हुए सिब्बल ने बेंच से कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को रिकॉर्ड पर नहीं रहने दिया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि भले ही सिंह की मृत्यु से तकनीकी रूप से अपील समाप्त हो सकती है। फिर भी कोर्ट को उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों पर विचार करना चाहिए।

भारतीय गेंदबाजी कोच खतरों के खिलाड़ी में कंटेस्टेंट पर दागेंगे बाउंसर (Video)

भारतीय गेंदबाजी कोच और पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल अपनी तेज गेंदों के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि भारत के युवा तेज गेंदबाजों को जैसे कि गुरुनूर बरार और मयंक यादव जो 150 किमी प्रति घंटे की गति के करीब लगातार गेंदबाजी करते हैं वह टीम इंडिया का हिस्सा बन पाए।

हालांकि भारतीय गेंदबाजी कोच में संन्यास के कई सालों बाद भी 150 किमी प्रति घंटे की गति की गेंद फेंकने की क्षमता है यह दिखा रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी में जिसमें वह कंटेस्टेंट पर तेज गेंद फेंक रहे हैं और कंटेस्टेंट लगभग एक हॉकी के गोलकीपर की तरह सुसज्जित हैं। यह देखना होगा कि अपनी तेज गेंदबाजी से कई बल्लेबाजों को परेशान करने वाले मोर्ने मोर्कल किस किस कंटेस्टेंट को परेशान कर पाते हैं।

मोर्कल ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट, 117 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 44 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं जिसमें उन्होंने कुल 544 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए।डेल स्टेन के साथ मिलकर घातक तेज गेंदबाजी जोड़ी बनाने वाले मोर्कल ने भारत में भी काफी क्रिकेट खेला है और उन्हें यहां की परिस्थितियों की अच्छी जानकारी है।

साथ ही IPL टीमों का हिस्सा होने से उन्हें भारत की अगली तेज गेंदबाजी पीढ़ी के बारे में भी अच्छी जानकारी है जिसमें मयंक यादव, आवेश खान और यश ठाकुर जैसे गेंदबाज शामिल हैं।मोर्कल ने पिछले एकदिवसीय विश्व कप 2023 के अंत तक पाकिस्तान टीम के साथ काम किया था लेकिन अपना अनुबंध समाप्त होने से पहले ही पद छोड़ दिया था।

90 रनों से वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को रौंदा, 2 गेंदबाजों के 5 विकेट

PAKvsWI ट्रिनिडाड के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को 90 रनों से बड़ी हार थमाकर मौजूदा टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कैरिबियाई देश के लिए यह टेस्ट जीत तब आई है जब हाल ही में दिवंगत हुए गारफील्ड सोबर्स की जन्मतिथी है। इस कारण ज्यादातर कैरिबियाई खिलाड़ी जीत को लेकर प्रफुल्लित है।

126 पर 7 विकेट खो चुकी वेस्टइंडीज के पुछल्ले बल्लेबाजों ने 55 रन और जोड़े और उनका कुल स्कोर 210 रनों तक पहुंच गया क्योंकि पहली पारी के आधार पर इंडीज के पास 29 रनों की बढ़त थी।

वेस्टइंडीज की दूसरी पारी 180 रनों पर सिमट गई थी विकेटकीपर शाई होप ने 92 और केवम होज ने 84 रन बनाए थे। पाकिस्तान के मोहम्मद अली ने 4 और  मोहम्मद अब्बास ने 3 विकेट निकाले।

211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान निरंतर अंतराल में विकेट खोती रही। कप्तानी में वापसी कर रहे बाबर आजम दूसरे छोर से विकेट का पतन देखते रहे और अंत में खुद भी 58 रनों पर आउट हो गए। उनके अलावा मोहम्मद रिजवान (11 रन) और मोहम्मद अब्बास ही (23 रन) दहाई के आंकड़े तक पहुंच सके।

पाकिस्तान की पूरी पारी 120 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में जेडन सील्स ने 5 विकेट चटकाए लेकिन कुल 7 विकेट लेने के कारण जस्टीन ग्रीव्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

वेस्टइंडीज को हाल में अपने ही घर में बांग्लादेश के खिलाफ करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। ऐसे में उसने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तान के सामने उसके वहीं हाल ना हो। वहीं पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट के लिए यह एक और काला दिन रहा। इस हार से पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 के फाइनल की दौड़ से भी बाहर हो गया।

PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब PoK में चुनाव के विरोध में निकाले गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के मार्च पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी PoK विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे PoK में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ख्वाजा आसिफ का बयान यहां सुनिए… 5 हजार लोगों के मार्च पर चली गोलियां मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर दी। 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। किस बात पर भड़का है आंदोलन? प्रदर्शन की अगुआई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांग है कि POK विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म की जाएं। संगठन का कहना है कि इन सीटों की वजह से इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां स्थानीय सरकार के गठन को प्रभावित करती हैं। उनका तर्क है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए। POK की 12 शरणार्थी सीटों का विवाद क्या है? POK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें 45 सीटों पर सीधे POK के लोग मतदान करते हैं, जबकि 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो 1947 और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे। इन सीटों के मतदाता POK में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य हिस्सों में रहते हैं। इस बार इन 12 सीटों पर करीब 6 लाख मतदाता वोट डालने वाले हैं। JAAC का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां POK की सरकार के गठन में दखल देती हैं। कई बार इन सीटों के नतीजे विधानसभा में बहुमत का समीकरण बदल देते हैं। यही वजह है कि JAAC की मांग है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए और 12 शरणार्थी सीटों की व्यवस्था खत्म की जाए। विपक्षी दलों का भी आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसी कारण पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत कई दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं। भारत ने PoK में चुनाव को दिखावटी बताया भारत ने POK में हो रहे चुनाव को खारिज करते हुए इसे दिखावटी कवायद बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें POK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है।