पाकिस्तान पुलिस की अफसर हरियाणवी गानों की फैन:न्योलीवाला के रशियन बंधाना, राजू पंजाबी के चौधर जाट की गाने पर रील्स बनाईं; लाहौर में SSP रहीं

पाकिस्तान की सीनियर पुलिस अधिकारी डॉ. अनूश मसूद चौधरी हरियाणवी गानों की बड़ी फैन हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ढांडा न्योलीवाला के ‘रशियन बंधाना’, राजू पंजाबी के ‘चौधर पूरी जाट की’, खासा आला चाहर के ‘जय वीरू’ और सुमित गोस्वामी के ‘टोरा’ जैसे गानों पर कई रील्स बनाई हैं। पेशावर की रहने वाली डॉ. अनूश फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब एलीट पुलिस में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) के पद पर तैनात हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर करीब 2.5 लाख फॉलोअर्स हैं। डॉ. अनूश साल 2018 में खैबर पख्तूनख्वा की पहली महिला SSP बनी थीं। उस समय उनकी कार्यशैली के साथ-साथ उनकी खूबसूरती की काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद वह लाहौर की भी SSP बनीं। डॉ. अनूश इंडियन म्यूजिक को भी खास पसंद करती हैं। उन्होंने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला, आर-नैत, एमी विर्क और गुर सिद्धू के कई गानों पर भी रील्स अपलोड की हैं। जानिए कौन है डॉ. अनूश मसूद चौधरी… MBBS किया और गोल्ड मेडल हासिल किया डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने मेडिकल क्षेत्र छोड़कर पुलिस सेवा को चुना और अपने करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिनकी वजह से वह देश की चर्चित महिला अधिकारियों में शामिल हैं। उन्होंने फातिमा जिन्ना मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की और मेडिसिन में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में शामिल हुईं। लाहौर की बेस्ट क्राइम फाइटर बनी वर्ष 2014 में अनूश मसूद चौधरी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पहली महिला असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) बनीं। इसके बाद उन्होंने पंजाब पुलिस में विभिन्न अहम जिम्मेदारियां संभालीं। कसूर में SP (इन्वेस्टिगेशन), लाहौर के मॉडल टाउन में एडिशनल SP और पंजाब पुलिस मुख्यालय में SP के रूप में भी उन्होंने काम किया। वर्ष 2018 में उन्हें लाहौर का ‘बेस्ट क्राइम फाइटर’ चुना गया। इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवॉर्ड मिला मई 2022 में अनूश मसूद चौधरी को लाहौर ऑपरेशंस विंग का सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) नियुक्त किया गया। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला पुलिस अधिकारी बनीं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, जेंडर-सेंसिटिव पुलिसिंग को बढ़ावा देने और महिला पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए भी काम किया। वर्ष 2020 में महिलाओं के अधिकारों और पुलिस सेवा में योगदान के लिए उन्हें अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पेरेंट्स डॉक्टर बनाना चाहते थे एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने बताया था कि पेरेंट्स का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। मैंने MBBS भी पूरी कर ली थी। मगर, पिता के मौत के बाद सब बदल गया। परिवार वाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनकर विदेश सैटल हू जाऊं, लेकिन मैं पाकिस्तान में ही रहकर जनता की सेवा करना चाहती थी। इसके मैंने सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (CSS) का फिल्ड चुना।

Asian Games में कब टकराएंगी भारत पाक की पुरुष महिला क्रिकेट टीमें?

मौजूदा चैंपियन भारत और पाकिस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह दी गई है।भारतीय महिला टीम जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला प्रारंभिक चरण के मैच के बाद तय होगा। सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश या चीन में से किसी एक टीम से होगा।

भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना कर सकती है। एशियाई खेलों में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू होगी और उसका फाइनल मैच एक अक्टूबर को खेला जाएगा।

महिलाओं की प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। भारतीय महिला टीम फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ सकती है। पुरुषों की प्रतियोगिता में 10 टीमें भाग ले रही हैं। प्रारंभिक चरण में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल तथा ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान शामिल होंगे।

दोनों प्रतियोगिताएं आइची प्रांत के कोरोजी एथलेटिक पार्क में टी20 प्रारूप में खेली जाएंगी।श्रेयस अय्यर भारतीय पुरुष टीम की, जबकि हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला टीम की कप्तानी करेंगी।क्रिकेट चौथी बार एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले यह 2010 में ग्वांगझू, 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझोऊ खेलों का हिस्सा था।

अमेरिका ने भारत पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया:जबरन मजदूरी से बने सामान को लेकर कार्रवाई, 60 देशों पर एक्शन

अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सामान पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला शुक्रवार से लागू हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) से बने सामान के आयात को लेकर 60 देशों पर कार्रवाई की है। अमेरिका ने इन देशों पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। भारत उन 17 देशों में शामिल है, जिन पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। वहीं बाकी 43 देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। अमेरिका ने यह कार्रवाई ट्रेड एक्ट-1974 की धारा 301 के तहत की है। भारत के अलावा ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, मेक्सिको, पाकिस्तान और श्रीलंका समेत कई देशों को 10% टैरिफ वाले समूह में रखा गया है। अमेरिका का कहना है कि इन देशों ने फोर्स्ड लेबर से बने सामान पर प्रतिबंध लगाया है या ऐसा करने की दिशा में कदम उठाए हैं। सेक्शन 301 क्या है, जिसके तहत अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाया सेक्शन 301 अमेरिका के ट्रेड एक्ट-1974 का एक प्रावधान है। इसके तहत अमेरिकी सरकार को यह अधिकार मिलता है कि अगर किसी देश की व्यापारिक नीतियां अमेरिकी कारोबार या उद्योगों के लिए अनुचित, भेदभावपूर्ण या नुकसानदायक मानी जाएं, तो वह उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त टैरिफ लगाना, आयात पर प्रतिबंध लगाना या दूसरे व्यापारिक प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं। जांच की जिम्मेदारी अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) की होती है। जांच के दौरान संबंधित देश से जवाब मांगा जाता है और जरूरत पड़ने पर बातचीत भी की जाती है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की मंजूरी से कार्रवाई लागू होती है। भारत के किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। ऐसे में अतिरिक्त 10% टैरिफ से उन सेक्टरों पर ज्यादा असर पड़ सकता है, जिनकी अमेरिकी बाजार पर निर्भरता अधिक है। इनमें टेक्सटाइल और गारमेंट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर उत्पाद, कृषि एवं फूड प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, केमिकल्स और कुछ मैन्युफैक्चरिंग आइटम शामिल हैं। अतिरिक्त टैरिफ लगने से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे। इससे खरीदार दूसरे देशों के विकल्प तलाश सकते हैं या भारतीय निर्यातकों पर कीमत घटाने का दबाव बढ़ सकता है। इसका असर ऑर्डर, मुनाफे और प्रतिस्पर्धा पर पड़ने की आशंका है। फोर्स्ड लेबर क्या है, जिस पर अमेरिका सख्ती कर रहा है फोर्स्ड लेबर का मतलब ऐसी मजदूरी से है, जिसमें किसी व्यक्ति से उसकी इच्छा के खिलाफ काम कराया जाए। इसमें धमकी, कर्ज, हिंसा, दस्तावेज जब्त करना, वेतन रोकना या नौकरी छोड़ने की आजादी न देना जैसी परिस्थितियां शामिल होती हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानता है। अमेरिका का कहना है कि अगर किसी देश से आयात होने वाला सामान फोर्स्ड लेबर से जुड़ा पाया जाता है, तो उस पर अतिरिक्त टैरिफ या आयात प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य कंपनियों पर दबाव बनाना है कि उनकी सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी का इस्तेमाल न हो। पहले भी कई देशों और उद्योगों पर हो चुकी है कार्रवाई अमेरिका पिछले कुछ वर्षों में फोर्स्ड लेबर के मुद्दे पर कई देशों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। खासतौर पर चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले कॉटन, टमाटर, सोलर पैनल और उनसे जुड़े उत्पादों पर कड़े आयात प्रतिबंध लगाए गए थे। इसके अलावा समुद्री खाद्य, पाम ऑयल, रबर, कोको, टेक्सटाइल और खनन जैसे उद्योग भी अमेरिकी जांच के दायरे में रहे हैं। भारत को कैसे मिली राहत अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में भारत पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था। हालांकि श्रम मानकों पर अमेरिका के साथ हुई बातचीत और भारत की ओर से किए गए नीति बदलाव के बाद इसे घटाकर 10% कर दिया गया। फेडरल नोट में कहा गया है कि जून में प्रस्तावित टैरिफ घोषित होने के बाद भारत ने 14 जून को अपनी विदेशी व्यापार नीति में संशोधन किया। इसके तहत फोर्स्ड लेबर से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया। इसी बदलाव को टैरिफ तय करते समय ध्यान में रखा गया।

ट्रंप ने 17 देशों पर फोड़ा टैरिफ का नया बम, पाकिस्तान-बांग्लादेश पर 10% शुल्क लागू, भारत पर कितना लगाया टैक्स?

US Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत 17 देशों पर टैरिफ का नया बम फोड़ा है। जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर सख्ती बरतते हुए अमेरिकी प्रशासन ने विभिन्न देशों से आने वाले सामानों पर 10% से 12.5% तक आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत भारत से होन

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Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार कमबैक…टूटा सचिन का रिकॉर्ड, यहां जानें हर गेंद का हाल

भारत ने पहले टी-20 में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। हरारे में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। जवाब में भारत ने 13.2वें ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। भारत के इस जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 साल 118 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की पहली जीत भी रही।

वैभव ने इंटरनेशल क्रिकेट में बनाया ये रिकॉर्ड

भारत के धाकड़ बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले कुशल मल्ला ने 15 साल 340 दिन की उम्र में 8 फरवरी 2020 को अमेरिका के खिलाफ वनडे मैच में 50 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी।

ज़िम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में वैभव ने भारत की ओर से पारी की शुरुआत की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने अपनी विस्फोटक पारी में 4 चौके और 4 छक्के लगाए। साथ ही उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 21 गेंदों में 45 रन की तेज साझेदारी भी की।

263 के स्ट्राइक रेट से बनाए रन

जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वैभव ने पहले ही ओवर से आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ अंदाज में अर्धशतक जड़ने का काम किया। वैभव सूर्यवंशी ने 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 18 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली। उनकी इस धुआंधार पारी का स्ट्राइक रेट 263.16 का रहा।

सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी टूटा

इस उपलब्धि के साथ वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 16 साल 213 दिन की उम्र में नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 59 रन बनाए थे। टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब वैभव पहले स्थान पर हैं। उनके बाद जिब्राल्टर के लुइस ब्रूस का नाम आता है, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में 20 अगस्त 2021 को माल्टा के खिलाफ 60 रन की पारी खेली थी।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का स्थल बदला, इस मैदान पर होगा खिताबी मुकाबला

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र का फाइनल अब लॉर्ड्स की जगह द ओवल पर 9 से 13 जून के बीच खेला जाएगा। इससे पहले पिछले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका का फाइनल मैच लॉर्ड्स पर खेला गया था। अब तक खेले गए डब्ल्यूटीसी के तीनों फाइनल भी ब्रिटेन में ही आयोजित हुए हैं। 2023 में जब भारत उपविजेता बना था तो द ओवल के मैदान पर ही खिताबी मुकाबला खेला गया था। जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा (मेस) अपने नाम की थी।साल 2021 में साउथहैम्पटन में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा (मेस) अपने नाम की थी।

मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र के समाप्त होने में अब एक साल से भी कम समय बचा है और फाइनल में जगह बनाने की दौड़ रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। अब भी सभी नौ टीमें फाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं।ऑस्ट्रेलिया ने अपने आठ में से सात टेस्ट जीतकर 87.50 प्रतिशत अंक के साथ तालिका में शीर्ष स्थान पर मजबूत पकड़ बना रखी है। उसके बाद मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।

न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत अंक के साथ दक्षिण अफ्रीका के करीब बना हुआ है जबकि बांग्लादेश ने मई में पाकिस्तान को 2-0 से हराकर 58.33 प्रतिशत अंक के साथ फाइनल की दौड़ में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।

दो बार डब्ल्यूटीसी फाइनल खेल चुकी भारतीय टीम नौ टेस्ट में चार जीत के बाद 48.15 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। उसके ठीक पीछे श्रीलंका 41.67 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ छठे स्थान पर है।इंग्लैंड (24.36 प्रतिशत), वेस्टइंडीज (15 प्रतिशत) और पाकिस्तान (8.33 प्रतिशत) को फाइनल में पहुंचने के लिए अंक तालिका में लंबी छलांग लगानी होगी।

जुलाई और अगस्त के दौरान डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ और भी तेज होने वाली है क्योंकि कई महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखलाएं अंक तालिका की तस्वीर बदल सकती हैं।वेस्टइंडीज 25 जुलाई से अपने घर में पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मैच की श्रृंखला खेलेगा। दोनों टीमों के लिए यह अंक हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

वहीं ऑस्ट्रेलिया 13 अगस्त से बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैच की घरेलू श्रृंखला में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगा।इसके बाद ध्यान एशिया पर रहेगा जहां 15 अगस्त से श्रीलंका और भारत के बीच दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी। इसी दौरान पाकिस्तान अगस्त और सितंबर में इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगा।

छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने  प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं।

इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है।

कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

ऐसा रहा करियर

राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं।

दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।

वर्ल्ड अपडेट्स:UNSC में सिंधु जल संधि पर भारत का पाकिस्तान को जवाब: कहा- सीमा पार आतंकवाद से सहयोग का आधार खत्म

भारत ने UNSC में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद ने दोनों देशों के बीच सहयोग का आधार खत्म कर दिया है। भारत ने स्पष्ट किया कि आपसी विश्वास और सद्भावना के बिना सिंधु जल संधि के तहत सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती। प्राकृतिक संसाधन शासन पर UNSC की हाई-लेवल ओपन डिबेट में पाकिस्तान के बयान का जवाब देते हुए राजदूत हरीश पारवतननेनी ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मंच का इस्तेमाल “झूठा नैरेटिव” फैलाने के लिए किया। उन्होंने कहा कि भारत का सिंधु जल संधि पर रुख स्पष्ट और लगातार एक जैसा रहा है। सीमा पार आतंकवाद को राज्य की नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने के बीच आपसी विश्वास और सद्भावना के आधार पर सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती। भारत ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान इस संवैधानिक और कानूनी वास्तविकता को जानबूझकर नजरअंदाज करता है। भारत ने यह भी कहा कि वह मानवीय आधार पर पाकिस्तान को बाढ़ की चेतावनी देता रहेगा और अपने हिस्से के जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए जलविद्युत परियोजनाओं को तेज करेगा। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन: ऐसा करने वाला पहला EU देश फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसके साथ ही फ्रांस ऐसा कानून बनाने वाला EU का पहला देश बन गया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बिल का समर्थन किया है और इसे सितंबर से लागू करने की तैयारी है। कानून लागू कराने की जिम्मेदारी डिजिटल रेगुलेटर Arcom की होगी। हालांकि, बच्चों की उम्र की जांच कैसे होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फ्रांस के बाद ब्रिटेन, स्पेन, ग्रीस और डेनमार्क भी सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम उम्र तय करने की तैयारी में हैं। फ्रांस के कई माता-पिता ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ किशोरों को एजुकेशनल कंटेंट और दोस्तों से संपर्क प्रभावित होने की चिंता है। शिक्षा मंत्री और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कहा है कि सिर्फ बैन काफी नहीं होगा, बच्चों को डिजिटल दुनिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में शिक्षित करना भी जरूरी है। चीन का ताइवान स्ट्रेट में 2 दिन का लाइव-फायर ड्रिल: फुजियान के पास समुद्री इलाके में सैन्य अभ्यास
चीन ने गुरुवार से ताइवान स्ट्रेट के कुछ हिस्सों में 2 दिन का लाइव-फायर सैन्य अभ्यास शुरू किया। यह ड्रिल दक्षिण-पूर्वी प्रांत फुजियान के तट के पास हो रही है। समुद्री अधिकारियों के नोटिस के मुताबिक, अभ्यास दोनों दिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक डोंगशान द्वीप के आसपास होगा। यह इलाका गुआंगदोंग प्रांत की सीमा के पास है। यह ड्रिल अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत के एक दिन बाद शुरू हुई है। दोनों नेताओं के बीच ताइवान समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान की सरकार चीन के इस दावे को खारिज करती है। इससे पहले दिसंबर में चीन ने ताइवान को चारों ओर से घेरकर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास किया था। यह अभ्यास अमेरिका की ओर से ताइवान के लिए 11.1 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हथियार पैकेज की घोषणा के बाद हुआ था। उस समय चीन की ईस्टर्न थिएटर कमांड ने 10 घंटे के लाइव-फायर अभ्यास के दौरान ताइवान के उत्तर और दक्षिण में समुद्री इलाकों में रॉकेट दागे थे। अफ्रीका में बढ़ती गर्मी से ‘रेगिस्तान के जहाज’ भी बेहाल: हीट स्ट्रेस, पानी की कमी और बीमारियों से बढ़ रही मौतें
अफ्रीका में बढ़ते तापमान का असर अब रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊंटों पर भी पड़ रहा है। उत्तर-पूर्वी इथियोपिया के अफार क्षेत्र में ऊंट पालक अली उमेर के मुताबिक, तेज गर्मी से ऊंटों के पैरों में छाले पड़ रहे हैं, आंखों से पानी आ रहा है और गर्म रेत से उनकी चमड़ी और बाल प्रभावित हो रहे हैं। पिछले एक महीने में उन्होंने गर्मी के कारण ऊंट के 8 बच्चों को खो दिया। वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी से ऊंटों में हीट स्ट्रेस, थकान, डिहाइड्रेशन और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। पानी और वनस्पति की कमी के साथ छाया का घटता क्षेत्र भी स्थिति को गंभीर बना रहा है। पड़ोसी देश सोमालिया में सूखे के कारण ऊंटों की मौत का संकट गंभीर है। जून में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, करीब 46% ऊंट पालने वाले परिवारों में सूखे से ऊंटों की मौत हुई। उत्तरी सोमालिया के सूल क्षेत्र में यह दर करीब 73% तक पहुंच गई। उत्तर-पूर्वी केन्या में भी पशु चिकित्सकों ने ऊंटों में अत्यधिक गर्मी से होने वाली बीमारियों और मौतों में बढ़ोतरी दर्ज की है। एक पशु चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में क्षेत्र में गर्मी के कारण ऊंटों की मौत 15% से ज्यादा बढ़ी है। गर्मी के तनाव से ऊंटों में दूध उत्पादन और प्रजनन क्षमता भी प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंट सामान्य तौर पर करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी को शरीर के तापमान में बदलाव, कम पसीना और पानी की कम खपत जैसे तरीकों से सहन कर सकते हैं। लेकिन सहारा के कई हिस्सों में गर्मियों का तापमान अब अक्सर 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है।

पिछले 10 साल में असम से कितने अवैध बांग्लादेशी बाहर निकाले गए? अब जाकर सामने आया असल आंकड़ा

असम से पिछले 10 वर्षों में कितने अवैध विदेशी नागरिकों को उनके देशों में वापस भेजा गया है, इसका आधिकारिक आंकड़ा अब सामने आ गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक असम विधानसभा में सरकार ने जानकारी दी है कि पिछले 10 सालों में राज्य से करीब 2100 अवैध विदेशी नागरिकों को निर्वासित, निष्कासित या वापस भेजा गया है। बाहर निकाले गए इन अवैध विदेशियों में सबसे बड़ी संख्या बांग्लादेशी नागरिकों की है। ये संख्या 2023 है।

असम समझौता क्रियान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी साझा की। कांग्रेस विधायक अब्दुल रहीम अहमद के प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि 2016 से लेकर 30 जून 2026 तक कुल 2089 अवैध विदेशी नागरिकों को राज्य से बाहर निकाला गया है। इनमें बांग्लादेश के 2023 नागरिकों के अलावा म्यांमार के 39 और नाइजीरिया के 18 नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान, यूक्रेन और रूस से 2-2 नागरिकों को जबकि पाकिस्तान, केन्या और युगांडा से 1-1 नागरिक को उनके देश वापस भेजा गया है।

सबसे ज्यादा कार्रवाई साल 2025 में हुई

अगर साल-दर-साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस 10 साल के समय में सबसे ज्यादा कार्रवाई वर्ष 2025 में हुई। पिछले साल 1811 लोगों को वापस भेजा गया। इनमें नाइजीरिया के एक नागरिक को छोड़कर सभी अवैध विदेशी बांग्लादेश से थे। वहीं चालू वर्ष में 30 जून 2026 तक 263 घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है। ये पिछले एक दशक में दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। इनमें से 261 बांग्लादेश के और 2 रूस के नागरिक हैं।

इसी दौरान राइजर दल के विधायक अखिल गोगोई के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने धार्मिक आंकड़ों का भी ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 31 मई 2026 तक राज्य में कुल 172673 अवैध विदेशी चिह्नि‍त किए गए हैं। इन चिह्नि‍त विदेशियों में 111414 मुस्लिम, 61189 हिंदू और बाकी ईसाई या दूसरे धर्मों के अनुयायी शामिल हैं।

कार्रवाई के कानूनी आधार पर बात करते हुए अतुल बोरा ने स्पष्ट किया कि अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजने का काम गृह मंत्रालय के 2 मई 2025 के पत्र में तय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। वहीं सीमावर्ती देश में घुसपैठियों का निष्कासन ‘इमिग्रेंट्स (एक्सपल्शन फ्रॉम असम) एक्ट, 1950’ के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निष्कासन और वापस भेजने की यह पूरी प्रक्रिया देश के मौजूदा कानूनों के तहत ही पूरी की जा रही है।

असमिया व्यक्ति की परिभाषा क्या है?

इसके अलावा विधानसभा में जब मंत्री से यह पूछा गया कि असमिया व्यक्ति की परिभाषा क्या है, तो उन्होंने इसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विभिन्न राष्ट्रवादी संगठनों और हितधारकों के साथ चर्चा जारी है। सरकार सभी वर्गों की राय, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बिप्लब कुमार शर्मा समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सही समय पर निर्णय लेगी।

आपको बता दें कि यह समिति 1985 के असम समझौते की धारा 6 को लागू करने की सिफारिशों के लिए 2019 में गृह मंत्रालय द्वारा गठित की गई थी। इसका उद्देश्य मूल असमिया आबादी की सांस्कृतिक, सामाजिक और भाषाई पहचान को सुरक्षा देना है। मंत्री ने बताया कि सेवानिवृत्त जज की इस रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार ने आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

पाकिस्तान में पेट्रोल 4.93 और डीजल 7.15 रुपया महंगा:पेट्रोल 320.73 और हाई-स्पीड डीजल 367.21 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 22 जुलाई से लागू

पाकिस्तानी सरकार ने पेट्रोल के दाम में 4.93 रुपया प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 7.15 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई दरें 22 जुलाई से लागू हो गई हैं। दामों में इस बदलाव के बाद अब बाजार में पेट्रोल की नई कीमत 320.73 रुपया लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 367.21 रुपया प्रति लीटर हो गई है। भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नोट: ₹- भारतीय रुपया, पाकिस्तान में भारतीय रुपए की वेल्यू 2.88 पाकिस्तानी रुपया के बराबर है। अप्रैल के रिकॉर्ड हाई से कम हैं मौजूदा दरें ईंधन की मौजूदा कीमतें इस साल अप्रैल में बने अपने ऑल-टाइम हाई से अब भी काफी नीचे हैं: अब हफ्ते की जगह रोजाना तय हो रहे पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में आ रहे तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार ने बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की है कि अब देश में फ्यूल रेट्स हफ्ते के बजाय रोजाना आधार पर तय किए जाएंगे। डीलर्स एसोसिएशन ने फैसले का विरोध किया सरकार के रोजाना रेट तय करने के फैसले का ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ इसी हफ्ते विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।