Iran-US War Update: ईरान को धमकाते हुए क्यों पीछे हटे ट्रंप? फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, सैन्य कार्रवाई रोकी

Iran-US War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान और मध्य पूर्व के कुछ अन्य देशों ने संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद उन्होंने वैश्विक हित को ध्यान में रखते हुए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान पर तय सैन्य हमला इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि तेहरान और मध्य पूर्व के दूसरे देशों ने एक प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगा था।

इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, जिसकी ताकत और क्षमता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखी गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि बातचीत में प्रगति होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हमले को फिलहाल रद्द करने का निर्णय लिया।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के खोलना तथा ईरानी परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समझौता हो जाता है तो यह पूरी दुनिया और ईरान दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

इजरायल ने अमेरिका का किया सपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने भी वार्ता जारी रहने तक सैन्य कार्रवाई टालने के फैसले में अमेरिका का साथ दिया है। उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द समझौता पूरा करने की अपील की। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका, इजरायल या क्षेत्र का कोई अन्य देश ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई करता है, तो तेहरान उसका निर्णायक जवाब देगा।

अराघची ने यह बात तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ अलग-अलग बातचीत के दौरान कही। तुर्किये के विदेश मंत्री ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच जारी वार्ता की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।

ये भी पढ़ें- Abhijeet Dipke: रिटायर्ड पिता ने विदेश में अभिजीत दिपके की पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने CJP के फंड पर उठाए सवाल, जांच की मांग

हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान या अन्य संबंधित देशों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए संभावित समझौते और हमले को टालने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत जारी रहने के दौरान सैन्य कार्रवाई में देरी करने में इजरायल भी अमेरिका के साथ शामिल हो गया है।

Nirmal Purja: कौन थे निर्मल पुर्जा…जिनकी PoK में हुई मौत! 6 महीने में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर रचा था इतिहास

नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें लोग ‘निम्सदाई’ के नाम से भी जानते थे, की पाकिस्तान में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन (बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरना) की चपेट में आने से मौत हो गई। इसकी जानकारी उनकी एडवेंचर कंपनी और अन्य लोगों ने इंस्टाग्राम पर साझा की।

शुक्रवार को ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन होने के बाद निर्मल पुर्जा और पांच अन्य पर्वतारोही लापता हो गए थे। इसके बाद लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। इस दुखद हादसे से कुछ घंटे पहले निर्मल पुर्जा ने भारत के पत्रकार विष्णु सोम को एक वॉयस मैसेज भी भेजा था। माना जा रहा है कि यह उनका आखिरी संदेश था।

कंपनी ने पोस्ट कर दी जानकारी 

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट जारी कर उनकी मौत की पुष्टि की। कंपनी ने कहा कि ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा का निधन हो गया। साथ ही अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी इस हादसे में जीवित नहीं बच सके। कंपनी ने अपने संदेश में कहा कि यह सभी के लिए बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने केवल निर्मल पुर्जा ही नहीं, बल्कि इस हादसे में जान गंवाने वाले उनके साथी पर्वतारोहियों और गाइड पुर बहादुर गुरुंग और निमा शेरपा को भी श्रद्धांजलि दी।कंपनी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं सभी मृतकों के परिवार, दोस्तों और करीबियों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस कठिन समय में परिवारों की निजता का सम्मान किया जाए।

ब्रॉड पीक में हुई मौत

ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है। यह पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की सीमा के पास स्थित है। यह चोटी के2 पर्वत के बेहद करीब है। रिपोर्ट के अनुसार, हिमस्खलन ब्रॉड पीक के सामान्य वेस्ट रिज मार्ग पर हुआ। उस समय पर्वतारोही करीब 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर मौजूद थे, जहां अचानक बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया।

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया ने पर्वतारोहण के सबसे महान पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है। कंपनी के अनुसार, निर्मल पुर्जा अपने साहस, विनम्र स्वभाव और मजबूत इरादों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने अपने काम और उपलब्धियों से दुनिया भर के लाखों लोगों को बड़े सपने देखने और खुद पर भरोसा रखने की प्रेरणा दी। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा का मानना था कि इंसान अपनी सोच से कहीं ज्यादा बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। यही सोच उन्होंने अपने जीवन और अभियानों के जरिए लोगों तक पहुंचाई और अनगिनत लोगों को अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए प्रेरित किया।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि एलीट एक्सपेड, निम्सदाई फाउंडेशन, स्काईडाइव निम्सदाई और निम्सदाई स्टोर जैसी संस्थाओं को आगे बढ़ाने में उनकी दूरदृष्टि, नेतृत्व और मजबूत संकल्प की सबसे बड़ी भूमिका रही। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा की विरासत हमेशा उन लोगों के जरिए जीवित रहेगी, जिनकी जिंदगी उन्होंने बदली और जिन्हें अपने सपनों को पूरा करने का हौसला दिया।

रचा था ये इतिहास

निर्मल पुर्जा पहले ब्रिटेन की ब्रिगेड ऑफ गोरखा और रॉयल मरीन की स्पेशल बोट सर्विस (एसबीएस) में भी सेवाएं दे चुके थे। सेना से अलग होने के बाद उन्होंने पूरी तरह पर्वतारोहण को अपना करियर बनाया और दुनिया भर में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। साल 2019 में उन्होंने अपने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान के तहत केवल 6 महीने और 6 दिन में 8,000 मीटर से ऊंची दुनिया की सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई पूरी कर इतिहास रच दिया। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसके बाद साल 2021 में निर्मल पुर्जा उन 10 नेपाली पर्वतारोहियों की टीम का हिस्सा भी रहे, जिसने पहली बार सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी के2 पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।

नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की पाकिस्तान में मौत:8 हजार मीटर ऊंची ब्रॉड पीक पर चढ़ रहे थे, हिमस्खलन में गई जान

नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा पाकिस्तान में हिमस्खलन यानी एवलांच की चपेट में आने के बाद मौत हो गई। उनके निधन की पुष्टि उनकी स्थापित पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेड ने की है। निर्मल पुर्जा 30 जुलाई को काराकोरम इलाके में 8,051 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक की चोटी पर चढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर यह हादसा हुआ। हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा समेत 10 पर्वतारोही लापता हो गए थे। लापता पर्वतारोहियों में छह नेपाली पर्वतारोही भी शामिल थे। मैप के जरिए समझिए ब्रॉड पीक की लोकेशन…

भुवनेश्वर कुमार को फिर मिले टीम इंडिया में मौका? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अश्विन ने की

साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया तीनों देशों की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस बड़े टूर्नामेंट के लिए आईसीसी ने हाल ही में मेजबान शहरों की लिस्ट जारी कर दी है। विश्व कप के दौरान कुल 54 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन 12 अलग-अलग शहरों में किया जाएगा। 2027 वनडे विश्व कप के लिए संभावित भारतीय टीम को लेकर पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने अपनी राय रखी है। रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वनडे टीम में वापसी को लेकर समर्थन किया है।

अश्विन के मुताबिक, भुवनेश्वर का अनुभव भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। खासकर 2027 वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल वाली पिचों पर भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

वनडे वर्ल्ड कप में इनको दी जगह

क्रिकइन्फो पर बातचीत के दौरान वनडे वर्ल्ड के लिए संभावित टीम की चर्चा पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि, “वह भुवनेश्वर कुमार को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का हिस्सा देखना चाहते हैं। भुवनेश्वर को फर्स्ट क्लास क्रिकेट और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट लगातार खेलने चाहिए, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों के लिए तैयार रहें।” अश्विन के मुताबिक, “वहां भारत को भुवनेश्वर जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज की जरूरत पड़ेगी।” इसके अलावा उन्होंने अपनी संभावित टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज का सपोर्ट किया, जबकि संजू सैमसन और शिवम दुबे को जगह नहीं दी।

कब खेला था आखिरी वनडे

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच जनवरी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर खेला था। इसके बाद से वह वनडे टीम से बाहर हैं। उन्होंने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत की थी। भुवनेश्वर ने अब तक भारत के लिए 121 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 141 विकेट अपने नाम किए हैं। उनके अनुभव और नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की वजह से उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

साल 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। आईसीसी ने टूर्नामेंट के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान कर दिया है, जहां कुल 54 मुकाबले होंगे। इनमें जोहान्सबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, गेकेबरहा, कुगोम्पो सिटी, केप टाउन, पार्ल, ब्लोमफोंटेन, हरारे, बुलावायो, विक्टोरिया फॉल्स और विंडहोक शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मुकाबले साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे, जहां की तेज और उछाल वाली पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं।

आईपीएल और घरेलू टीम में खेलते हैं

भले ही भुवनेश्वर कुमार इस समय भारतीय वनडे टीम की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और टीम के खिताब बचाने के अभियान में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव और लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वापसी की चर्चा फिर से तेज हो गई है।

पाकिस्तानी नहीं श्रीलंकाई नीरज के हाथों से ले उड़ा गोल्ड पर विजयवीर जीते कांस्य

पेरिस ओलंपिक में पाकिस्तानी अरशद नदीम से गोल्ड मेडल हारने के बाद अब कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा श्रीलंकाई खिलाड़ी से गोल्ड मेडल हार गए। हालांकि अपने बुरे दिन पर भी उन्होंने सुनिश्चित किया कि सिल्वर मेडल कहीं नहीं जाए। इसके अलावा भारत के लिए एक और खुशखबरी यह रही कि यशवीर को कांस्य पदक मिला।

तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन 28 वर्ष के नीरज ने दूसरे प्रयास में इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85 . 83 मीटर थ्रो फेंका जो दूसरे स्थान पर रहने के लिये काफी था।वह 19 जून को दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे थे।राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार उतरे 24 बरस के यशवीर ने छठे और आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर थ्रो फेंककर सभी को चौंका दिया।

इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83 . 72 मीटर था। वह पांचवें दौर के बाद 81.33 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से सातवें स्थान पर थे लेकिन उनका आखिरी प्रयास जबर्दस्त रहा।

श्रीलंका के स्टार रूमेश थरंगा पथिरागे ने अपेक्षा के अनुरूप 89.75 मीटर फेंककर स्वर्ण पदक जीता।बेहद सर्दी और तेज हवाओं के प्रदर्शन उनका यह प्रदर्शन शानदार रहा । उन्होंने जून में रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो फेंका था।

चोपड़ा पिछले साल सितंबर से पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट से उबरकर लौटे थे। इस चोट के कारण उनकी वापसी दोहा में आयोजित डायमंड लीग तक टल गई थी। वह दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे थे। इससे पहले उन्होंने 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।उन्होंने संकेत दिया कि वह अभी भी पूरी तरह से फिट नहीं हैं, लेकिन धीरे-धीरे उस ओर बढ़ रहे हैं।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी रोहित यादव 81.56 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे। दिलचस्प बात यह है कि भाला फेंक में पुरुषों के सभी पदक भारतीय उपमहाद्वीप के एथलीटों ने जीते।पाकिस्तान के गत चैम्पियन और मौजूदा ओलंपिक विजेता अरशद नदीम 77.41 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीन दौर के बाद बाहर हो गए । त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैम्पियन केशोर्न वालकॉट छठे स्थान पर रहे।

Naseeruddin Shah: ‘यह कहने का एक तरीका है कि अब आप किसी काम के…’, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को ठुकराने पर बोले नसीरुद्दीन शाह

Naseeruddin Shah: 76 साल की उम्र में नसीरुद्दीन शाह अपने करियर के सबसे शानदार दौर से गुजर रहे हैं। इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अपनी परफ़ॉर्मेंस के लिए उन्हें काफ़ी तारीफ़ मिल रही है। इस फ़िल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही बहुत पसंद किया गया है। उन्हें अमेज़न MX प्लेयर के शो ‘मेड इन इंडिया’ में मुख्य भूमिका निभाने के लिए भी तारीफ़ मिली, जिसमें उन्होंने JRD टाटा का किरदार निभाया था। और इस शानदार दौर के बीच, एक्टर ने साफ़ कर दिया है कि अभी एक्टिंग छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।

शुक्रवार को, ‘मैं वापस आऊंगा’ की टीम ने मुंबई में फिल्म की सक्सेस पार्टी रखी। यह पार्टी फिल्म के सिनेमाघरों में 50 दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित की गई थी, जो आज के दौर में एक बड़ी बात है। दिलजीत दोसांझ, शरवरी और वेदांग रैना स्टारर यह रोमांटिक फिल्म, कई सालों बाद इम्तियाज़ की बॉक्स-ऑफिस पर सफल फिल्म रही है। सक्सेस पार्टी में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म की सफलता और अपने करियर के सफर पर बात की। मीडियाकर्मियों से भरी महफिल में उन्होंने कहा, “हाल ही में मुझे कई लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स देने की पेशकश की गई, लेकिन मैंने मना कर दिया। लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स का मतलब होता है कि आपका काम पूरा हो गया है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है कि मैं बस इसे लेकर चला जाऊं, और इसीलिए मैं ये अवॉर्ड्स स्वीकार नहीं करता। मुझे नहीं लगता कि मेरा काम पूरा हो गया है।”

कई नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर ने ‘मैं वापस आऊंगा’ के लिए दर्शकों के प्यार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं इस फिल्म का हिस्सा बना और मुझे इस पर बहुत गर्व है। आपके सपोर्ट के लिए आप सभी का धन्यवाद।”

नसीरुद्दीन शाह ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1970 के दशक के बीच में पैरेलल सिनेमा से की थी, और बाद में ‘हम पांच’ फिल्म से मेनस्ट्रीम बॉलीवुड में आए। 80 के दशक में उन्हें ‘कर्मा’, ‘जलवा’ और ‘मालामाल’ जैसी फिल्मों से बॉक्स-ऑफिस पर कामयाबी मिली। उन्होंने 1979 में ‘स्पर्श’ और 1984 में ‘पार’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता, और 2005 में ‘इकबाल’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड हासिल किया।

बॉक्स ऑफिस पर ‘मैं वापस आऊंगा’ की शानदार परफॉर्मेंस

इम्तियाज़ अली की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को बिड़ला स्टूडियोज़ और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है, साथ ही इसमें विंडो सीट फिल्म्स के मोहित चौधरी और शिबाशीष सरकार भी शामिल हैं। पर्सनल हिस्ट्री और बंटवारे के समय की यादों पर आधारित यह पीरियड ड्रामा 95 साल के ईशर सिंह ग्रेवाल (नसीरुद्दीन शाह) की कहानी है, जिन्हें आज के पाकिस्तान के सरगोधा जाने की कोशिश के दौरान स्ट्रोक आ जाता है। जब बंटवारे से पहले की उनकी ज़िंदगी की यादें वापस आती हैं, तो उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) इंग्लैंड से लौटता है ताकि परिवार के लंबे समय से दबे हुए राज़ों का पता लगा सके। ईशर के इमोशनल सफ़र से जुड़ा रहस्य ही इस कहानी का मुख्य हिस्सा है।

फ़िल्म को अच्छे रिव्यूज़ मिले और धीमी शुरुआत के बावजूद, पहले वीकेंड के बाद लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया की वजह से इसने रफ़्तार पकड़ ली। उम्मीद है कि यह फ़िल्म दुनिया भर में ₹100 करोड़ की कमाई के साथ अपना सफ़र पूरा करेगी।

Omkareshwar Darshan 2026 : ओंकारेश्वर में सावन में बदल गई दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालु जान लें मंदिर का नया वन-वे रूट

omkarshwar tirth

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने दर्शन और आवागमन की व्यवस्था में बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर क्षेत्र में एकांगी मार्ग यानी वन-वे सिस्टम लागू किया गया है। अगर आप सावन में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने जा रहे हैं, तो मंदिर पहुंचने से पहले नई व्यवस्था और मार्ग की जानकारी जरूर जान लें। 

  ALSO READ: PoJK में कार्रवाई पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, New York Times की रिपोर्ट पर क्यों जताई आपत्ति

 

omkarshwar map

सामान्य श्रद्धालु

पुराने बस स्टैंड से रूट

निर्वाणी अखाड़ा जूता-चप्पल स्टैंड → जेपी चौक → पुराना पुल → रैम्प → गर्भगृह → झूला पुल → स्काईब्रिज → निर्वाणी अखाड़ा।

न्यू बस स्टैंड (दांडी तिराहा) की ओर से रूट

गजानन आश्रम → ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड → स्काईब्रिज → जेपी चौक → पुराना पुल → रैम्प → गर्भगृह → झूला पुल → ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड -> गजानन आश्रम -> प्रसादालय पार्किंग।

प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन श्रद्धालु

प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्वाणी अखाड़ा एवं ब्रह्मपुरी पार्किंग में रिस्टबैंड काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां जूता-चप्पल स्टैंड की भी व्यवस्था है।

पुराने बस स्टैंड से रूट 

निर्वाणी अखाड़ा सेंटर → स्काईब्रिज → झूला पुल → गर्भगृह → झूला पुल → स्काईब्रिज → निर्वाणी अखाड़ा।

न्यू बस स्टैंड से रूट

प्रसादालय पार्किंग  -> गजानन आश्रम → ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर → झूला पुल → गर्भगृह → झूला पुल → ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर।

जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग व्यवस्था का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

क्या है ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महत्व

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर, भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह स्थान न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ के ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी एक ऐसी अलौकिक मान्यता भी है, जो भक्तों को विस्मित कर देती है। कहा जाता है कि इस पावन धाम में हर रात स्वयं भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती शयन के लिए आते हैं, और सोने से पहले वे चौपड़ का खेल भी खेलते हैं। यह मान्यता सदियों से चली आ रही है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है।

 

रात्रि शयन और चौपड़ की दिव्य लीला

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी सबसे अद्भुत और रहस्यमयी मान्यता यह है कि भगवान शिव तीनों लोकों का भ्रमण करके प्रतिदिन रात को इसी मंदिर में शयन करने आते हैं। उनके साथ माता पार्वती भी होती हैं। भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि रात्रि के समय मंदिर के पट बंद होने के बाद, भोलेनाथ और माता पार्वती यहाँ चौसर (चौपड़) का खेल खेलते हैं।

 

इस मान्यता के चलते, मंदिर में प्रतिदिन रात्रि में पंडित के अलावा किसी को शामिल होने की अनुमति नहीं है। शयन आरती के बाद, गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग के सामने चौपड़-पांसे की बिसात सजाई जाती है। सुबह जब मंदिर के पट खुलते हैं, तो कई बार चौसर और उसके पासे कुछ इस तरह से बिखरे मिलते हैं, जैसे रात्रि के समय उन्हें किसी ने खेला हो। यह दृश्य भक्तों के विश्वास को और भी पुख्ता करता है। यह एक ऐसा रहस्य है जिसे विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया है, और यह सिर्फ़ श्रद्धा और आस्था का विषय है।

 

ओंकारेश्वर और ममलेश्वर: एक ही ज्योति का दो रूप

ओंकारेश्वर द्वीप नर्मदा नदी के मध्य में 'ॐ' के आकार में स्थित है, और यहीं पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विराजमान है। नर्मदा के दक्षिणी तट पर ममलेश्वर मंदिर स्थित है, जिसे प्राचीन काल में अमरेश्वर के नाम से जाना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने अपने ओंकारेश्वर नामक लिंग के दो भाग किए थे, जिनमें से एक ओंकारेश्वर और दूसरा ममलेश्वर कहलाया। दोनों शिवलिंगों का स्थान भले ही अलग हो, लेकिन उनकी सत्ता और स्वरूप एक ही माना जाता है। शिवपुराण में इन दोनों ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है।

 

इस स्थान पर ध्यान और पूजा करने से मन को शांति और आध्यात्मिक बल मिलता है। यह माना जाता है कि ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बिना सभी तीर्थ यात्राएं अधूरी मानी जाती हैं। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक जीवंत आस्था का प्रतीक है, जहाँ लाखों भक्त दूर-दूर से इस चमत्कारिक ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आते हैं, यह विश्वास लेकर कि यहाँ आने से उनके सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

PoJK में कार्रवाई पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, New York Times की रिपोर्ट पर क्यों जताई आपत्ति

india mea

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कड़ी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करने और उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'निर्दय बल' का इस्तेमाल किया गया।

ALSO READ: Weather Update : क्या कहता है कल का मौसम, किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कहां आंधी-ओलों से बढ़ेगी परेशानी

PoJK में 40 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा

 

जायसवाल के मुताबिक, PoJK में बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक उपेक्षा, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई से स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हुई सुरक्षा कार्रवाई में 40 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Joint Awami Action Committee (JAAC) कर रही है।

 

भारत ने कहा कि PoJK के लोगों ने इन मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की कार्रवाई पर नजर रखनी चाहिए और कथित अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।

ALSO READ: Bajaj Pulsar का नया मॉडल जल्द होगा लॉन्च, 12 अगस्त को होगा बड़ा खुलासा, जानें क्या होगा खास

भारत ने 'मुजाहिदीन' को लेकर पाकिस्तान पर साधा निशाना

जायसवाल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक के कथित बयान का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिष्ठान ने जिन 'मुजाहिदीन' को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित, हथियारबंद और वित्त पोषित किया, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह बयान पाकिस्तान की नीतियों और उसके द्वारा लंबे समय से अपनाए गए आतंकवाद से जुड़े दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने यह भी आरोप लगाया कि PoJK के लोगों के प्रति पाकिस्तान के प्रतिष्ठान में 'पूर्ण उदासीनता' दिखाई दे रही है। जायसवाल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों को 'दुश्मन' बताया गया था।

 

'पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा'

 

जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है कि ये क्षेत्र पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी भारत का हिस्सा हैं और आगे भी भारत का हिस्सा बने रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और संबंधित पक्षों से इस क्षेत्र के लिए भारत के अनुसार सही नाम और शब्दावली का इस्तेमाल करने की अपील की।

ALSO READ: August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर

New York Times की रिपोर्ट पर भी भारत ने जताई आपत्ति

यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने The New York Times की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए 'Pakistani Kashmir' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखबार की हेडलाइन को 'भ्रामक और गलत' बताते हुए कहा था कि 'Pakistani Kashmir' नाम का कोई क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह Pakistan-occupied Kashmir है। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली देश की संप्रभुता और उसके आधिकारिक रुख के अनुरूप होनी चाहिए।

पाकिस्तान में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई पर हमला:ल्यारी में अज्ञात हमलावरों ने घर के बाहर गोली मारी, हालत गंभीर

पाकिस्तान के कराची में जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर गुरुवार शाम जानलेवा हमला हुआ। कराची के ल्यारी इलाके में उनके घर के बाहर बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में 40 साल जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी जख्मी हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबैर के सीने और पेट में गोलियां लगी हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायलों को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां जुबैर की सर्जरी की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायल राहगीरों में से एक की हालत भी गंभीर है। अपराधियों को पकड़ने के लिए चेकिंग तेज पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। मौके से गोलियों के खोल बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि इस्तेमाल किए गए हथियार के प्रकार का पता चल सके। हमले के बाद ल्यारी में स्थिति तनावपूर्ण है, जिसके चलते वहां अतिरिक्त पुलिस बल और रेंजरों की तैनाती कर दी गई है। संदिग्धों को पकड़ने के लिए कराची के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग तेज कर दी गई है। गैंगवार और पुरानी रंजिश की जांच साउथ के डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला गैंगवार की वजह से हुआ, पुरानी दुश्मनी के चलते हुआ या इसके पीछे कोई और कारण है। फिलहाल पुलिस ने किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक, जुबैर बलोच को 2012 में सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। वह जनवरी 2025 में जेल से बाहर आया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसकी पुरानी आपराधिक रंजिशों का इस हमले से कोई संबंध है या नहीं। इलाके में गैंगवार फिर से शुरू होने की चर्चा इस घटना के बाद ल्यारी में एक बार फिर गैंगवार की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुबैर ने हाल ही में एक राजनीतिक पार्टी जॉइन की थी और कुछ महीने पहले इलाके में पार्टी के झंडे भी लगाए थे। हालांकि, इलाके में जारी तनाव के चलते उस राजनीतिक दल के नाम का खुलासा नहीं किया गया है, और न ही पार्टी की ओर से इस जानलेवा हमले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। उनका दावा है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई गैंगस्टरों के दोबारा लौटने की चर्चाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गैंगवार फिर शुरू होने का डर बढ़ गया है। उजैर बलोच पर कई गंभीर मामले दर्ज उजैर बलोच कभी कराची के सबसे ताकतवर गैंग लीडरों में गिना जाता था। उसे ल्यारी का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल रहमान उर्फ रहमान डकैत का दाहिना हाथ माना जाता था। पुलिस मुठभेड़ में रहमान डकैत के मारे जाने के बाद उजैर ने ल्यारी के अपराध जगत की कमान संभाल ली और धीरे-धीरे इलाके का सबसे प्रभावशाली गैंगस्टर बन गया। फिलहाल उजैर बलोच पाकिस्तान की जेल में बंद है। इसी साल मार्च में आतंकवाद विरोधी अदालत ने हत्या, पुलिस पर हमले और विस्फोटक रखने समेत सात मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उस पर 2012 में कलाकोट थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने का भी आरोप है। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी का दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी। धुरंधर फिल्म की वजह से चर्चा में आया उजैर हाल के दिनों में उजैर बलोच का नाम भारतीय स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ की वजह से भी चर्चा में रहा है। फिल्म में उसके किरदार को अभिनेता दानिश पंडोर ने निभाया है।

हिमस्खलन- नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा पाकिस्तान में लापता:10 मेंबर्स के साथ ब्रॉड पीक पर चढ़ाई कर रहे थे; 4 शव बरामद, रेस्क्यू जारी

नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा पाकिस्तान में हिमस्खलन यानी एवलांच की चपेट में आने के बाद लापता हो गए हैं। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (ACP) के अनुसार, काराकोरम इलाके में 8,051 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर यह हादसा हुआ। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, पुर्जा के साथ 9 मेंबर थे। शिखर पर चढ़ने की कोशिश के दौरान बर्फीले तूफान ने 10 सदस्यीय टीम को अपनी चपेट में ले लिया। लापता होने वालों में नेपाल के 6, पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन का एक-एक पर्वतारोही शामिल है। इनमें से 4 के शव बरामद कर लिए गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। GPS ट्रैकर में हलचल के संकेत एवरेस्ट क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक निर्मल पुर्जा के GPS ट्रैकर में हल्की हलचल देखी गई है। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि यह तकनीकी खराबी भी हो सकती है। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार गुरुवार सुबह 9:38 बजे पुर्जा 6,659 मीटर की ऊंचाई पर थे। इसके बाद सुबह 10:18 बजे 800 मीटर की तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जो एवलांच के समय से मेल खाती है। रेस्क्यू हेलिकॉप्टर पहाड़ी इलाकों में नहीं पहुंच पा रहे नेपाल पर्वतारोहण संघ के पूर्व अध्यक्ष आंग शेरिंग शेरपा ने बताया कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में उतर नहीं पा रहे हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है। पाकिस्तान सरकार के संपर्क में नेपाल नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वे पाकिस्तान में स्थित नेपाली दूतावास के जरिए पाकिस्तानी सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। नेपाल के पर्यटन मंत्री खड़क प्रसाद पौडेल ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पर्वतारोहियों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। अल्पाइन क्लब कर रहा समन्वय अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान के उपाध्यक्ष करार हैदरी ने बताया कि हिमस्खलन के बाद से पूरी टीम से संपर्क टूट गया है। क्लब ने कहा कि वे सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर हर संभव संसाधन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। ———————————————————-