Xtranet Technologies IPO: ₹170 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई से, ग्रे मार्केट में अभी से 20% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज का ₹170 करोड़ का IPO 23 जुलाई को खुलने जा रहा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। पब्लिक इश्यू में 1.34 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी एक इंटीग्रेटेड IT सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह एंटरप्राइज एप्लिकेशंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज, प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप्स जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज के प्रमोटर सुखबीर सिंह कुकरेजा, जोगेंद्रपाल सिंह अलघ और शाइनी ​सुखबीर हैं। IPO में एंकर निवेशक 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। उसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को लिस्ट होंगे। इस IPO के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार, Kfin Technologies Ltd है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाने के लिए, सिस्टम्स और हार्डवेयर की खरीद व इंस्टॉलेशन के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। Xtranet Technologies में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹127 से 19.69% प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

Xtranet Technologies की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹366 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹276.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 36% की बढ़ोतरी के साथ ₹40.73 करोड़ रहा। EBITDA ₹63.18 करोड़ दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध मुनाफा ₹30 करोड़ और EBITDA ₹47.20 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज पर ₹85.45 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Early Retirement Loss: 60 की बजाय 55 की उम्र में रिटायरमेंट? एक फैसले से हो सकता है ₹1.6 करोड़ का भारी नुकसान, समझें गणित

Retiring at 55 vs 60 Financial Loss Calculation: नौकरी से जल्दी मुक्ति पाना और अर्ली रिटायरमेंट का आनंद लेना आज के युवाओं का एक बड़ा सपना बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी तय उम्र से महज 5 साल पहले काम छोड़ना आपके बुढ़ापे के फंड को कितना बड़ा झटका दे सकता है?

फाइनेंशियल विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आप 60 वर्ष की बजाय 55 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का फैसला करते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत रुकने से आपको ₹1.6 करोड़ तक का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए समझते हैं कि महज 5 साल पहले काम छोड़ने से आपके निवेश पर क्या असर पड़ता है और इसके पीछे का वित्तीय गणित क्या है।

सिर्फ 5 साल का अंतर और ₹1.6 करोड़ का नुकसान

सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर और वेल्थविशर फाइनेंशियल प्लानर्स के संस्थापक मधुपम कृष्णा के अनुसार, रिटायरमेंट फंड में आखिरी के 5 साल सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं:

प्लान A (60 साल में रिटायरमेंट): मान लीजिए आप 30 साल की उम्र से 60 साल की उम्र तक यानी 30 वर्षों के लिए हर महीने ₹10,000 की SIP करते हैं। अगर इस पर आपको औसतन 12% का रिटर्न मिलता है, तो आपका कुल निवेश ₹36 लाख होगा और 60 की उम्र में आपका कुल फंड करीब ₹3.5 करोड़ तैयार हो जाएगा।

प्लान B (55 साल में अर्ली रिटायरमेंट): अगर आप अपना इरादा बदलते हैं और 5 साल पहले यानी 55 की उम्र में ही रिटायर हो जाते हैं, तो आपका निवेश 25 साल ही चलेगा। इस स्थिति में आपका कुल निवेश ₹30 लाख होगा, लेकिन आपका अंतिम फंड घटकर सिर्फ ₹1.9 करोड़ रह जाएगा।

सीधा घाटा: ₹3.5 करोड़ – ₹1.9 करोड़ = ₹1.6 करोड़ का बड़ा नुकसान।

सिर्फ 5 साल का अंतर और ₹1.6 करोड़ का नुकसान

आखिरी 5 सालों में ऐसा क्या होता है?

दरअसल निवेश में आखिरी वर्षों में ‘कंपाउंडिंग की ताकत’ सबसे तेजी से काम करती है। अगर आप 55 की उम्र के बाद ₹10,000 की मासिक किस्त देना बंद भी कर दें और उस ₹1.9 करोड़ के फंड को बिना छुए अगले 5 साल के लिए सिर्फ 12% रिटर्न पर छोड़ दें, तो यह जादुई रूप से ऐसे बढ़ेगा:

  • 56 वर्ष की उम्र में: ₹2.19 करोड़
  • 57 वर्ष की उम्र में: ₹2.49 करोड़
  • 58 वर्ष की उम्र में: ₹2.78 करोड़
  • 59 वर्ष की उम्र में: ₹3.12 करोड़
  • 60 वर्ष की उम्र में: ₹3.5 करोड़

यानी जो पैसा आपने अपने 30 और 40 के दशक में निवेश किया था, वह आखिरी 5 सालों में ‘रिटर्न पर रिटर्न’ बनाकर बर्फ के विशाल गोले की तरह बड़ा हो जाता है। अर्ली रिटायरमेंट लेकर आप इसी बंपर मुनाफे को खो देते हैं।

डबल मार: फंड छोटा और रिटायरमेंट की जिंदगी लंबी

जल्दी रिटायर होने का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि आपके पास पैसा कम होगा, बल्कि इसका एक और गंभीर पहलू है आपको अधिक वर्षों तक बिना सैलरी के गुजारा करना होगा।

20% लंबी रिटायरमेंट लाइफ: मान लीजिए औसत जीवन प्रत्याशा 85 वर्ष है। अगर आप 60 साल में रिटायर होते हैं, तो आपको 25 साल की जिंदगी के लिए फंड चाहिए। लेकिन अगर आप 55 में रिटायर होते हैं, तो आपको 30 साल की जिंदगी का खर्च उठाना होगा। यानी आपको 20% लंबी रिटायरमेंट लाइफ को फाइनेंस करना होगा।

महंगाई और हेल्थकेयर का जोखिम: मधुपम कृष्णा बताते हैं कि आपको अतिरिक्त 5 वर्षों तक महंगाई और तेजी से बढ़ती मेडिकल लागतों का सामना करना पड़ेगा, जो सामान्य महंगाई दर से भी ज्यादा रफ्तार से बढ़ती हैं।

क्या 55 की उम्र में रिटायर होना बिल्कुल गलत है?

प्लानरुपी इनवेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अमोल जोशी के अनुसार, ऐसा कोई नियम नहीं है कि आप जल्दी रिटायर नहीं हो सकते, लेकिन ऐसा करने से पहले कुछ कड़े पैमानों को चेक कर लेना जरूरी है। आप 55 की उम्र में तभी रिटायर होने की सोचें जब आपके पास:

  1. पर्याप्त बड़ा कॉर्पस हो: जो बढ़ती उम्र और महंगाई के बावजूद अगले 30-40 साल तक खत्म न हो।
  2. मजबूत हेल्थ इंश्योरेंस हो: ताकि बुढ़ापे में बीमारी के चलते आपका मुख्य फंड खाली न हो जाए।
  3. कम्यूनिटी या पैसिव इनकम सोर्सेज हों: जैसे किराए से आने वाली इनकम, डिविडेंड या कोई गारंटेड पेंशन स्कीम।

एक्सपर्ट एडवाइस: केवल इसलिए नौकरी मत छोड़िए क्योंकि आप काम बंद करना चाहते हैं। रिटायरमेंट का फैसला तब लें जब आपकी वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत हो कि आप एक लंबी और सुरक्षित जिंदगी जी सकें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

ITC होटल्स के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बुलिश बनी हुई है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। लेकिन टारगेट प्राइस 229 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। फिर भी नया टारगेट, शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 172.45 रुपये से 36 प्रतिशत ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत बढ़कर 180.25 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 133.10 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 936.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 815.54 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में ITC होटल्स के खर्च 750 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 674.97 करोड़ रुपये के थे। EBITDA सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 292.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 31.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ITC Hotels पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ITC होटल्स ने होटल रेवेन्यू में 10% और होटल EBITDA में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वह भी तब जब भूराजनीतिक तनावों की वजह से अप्रैल 2026 की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा था। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। ITC होटल्स को अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में डिमांड में तेज सुधार की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि नए होटल खुलने की वजह से FY26–29E के दौरान RevPAR CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 9% और मैनेजमेंट फीस CAGR 16% रहेगी। इसलिए अनुमान है कि FY26–29E के दौरान ITC होटल्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% CAGR और EBITDA 14% CAGR से बढ़ेगा।

इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ITC Hotels के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज ने मुख्य जोखिमों में होटल ऑक्यूपेंसी में सुस्ती और नए होटलों को शुरू करने में देरी को शामिल किया है।

ITC Hotels का मार्केट कैप 35900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

20 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश में 5 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 2 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड है। शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 5 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Gulf Lloyds IPO: ₹18.19 करोड़ का इश्यू 20 जुलाई को खुल रहा है और 22 जुलाई को बंद होगा। IPO प्राइस ₹100 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1200 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 23 जुलाई को फाइनल हो सकता है, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 27 जुलाई को हो सकती है।

Metalic Technoforge IPO: ₹49.96 करोड़ का इश्यू 21 जुलाई को खुलेगा। इसमें ₹72-₹77 प्रति शेयर के भाव पर और 1600 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 23 जुलाई को होगी। अलॉटमेंट 24 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी NSE SME पर 28 जुलाई को लिस्ट होने वाली है।

Cube Highways Trust InvIT: यह 22 जुलाई को ओपन होगा और 24 जुलाई को क्लोजिंग होगी। कंपनी ₹5000 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹151-₹152 प्रति शेयर है। अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। यूनिट्स की लिस्टिंग NSE और BSE पर 29 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Shree Balaji Mala IPO: ₹18.90 करोड़ का पब्लिक इश्यू 22 जुलाई को खुल रहा है। इसमें ₹66-₹70 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में 24 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। IPO के बंद होने के बाद अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 29 जुलाई को सकती है।

Xtranet Technologies IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹166.80 करोड़ का इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 110 शेयर है। क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश, लिस्टिंग बाद वैल्यूएशन 5.1 अरब डॉलर

पहले से खुले IPO

Sotefin Bharat IPO: ₹89.76 करोड़ का इश्यू 16 जुलाई को खुला था और 20 जुलाई को बंद होगा। इसे अभी तक 80 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹178-₹187 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 21 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की ​लिस्टिंग BSE SME पर 23 जुलाई को सकती है।

Caliber Mining IPO: यह इश्यू ₹450 करोड़ का है। यह 17 जुलाई को खुला था और अभी तक 1.31 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹402-₹424 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 21 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 22 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 21 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर SBI Funds Management और Alpine Texworld की लिस्टिंग होगी। इसी दिन BSE SME पर Millworks Technologies के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 23 जुलाई को BSE SME पर Sotefin Bharat के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 24 जुलाई को NSE और BSE पर Caliber Mining के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rashifal Today: आज के दिन जल्दबाजी में ना लें कोई फैसला, जानें क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कई लोगों के लिए आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। किसी के लिए निवेश पर ध्यान देने का समय है तो किसी के लिए खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा। वहीं कुछ लोगों को नई कमाई के अवसर मिल सकते हैं।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में समझदारी दिखाने की जरूरत है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए बजट और निवेश की समीक्षा करें। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें और बचत बढ़ाने पर ध्यान दें। सही योजना आपके आर्थिक भविष्य को मजबूत बना सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। तकनीक, ऑनलाइन काम या नए कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा होने की संभावना है। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। लंबे समय के निवेश और सही योजना से आगे चलकर अच्छा लाभ मिल सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा। यह समय नई शुरुआत करने की बजाय अपनी पुरानी योजनाओं की समीक्षा करने का है। अपने भविष्य के लक्ष्य तय करें और उसी के अनुसार वित्तीय योजना बनाएं।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं। सरकारी काम या कानूनी मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नया ग्राहक मिल सकता है। आमदनी और खर्च में संतुलन रहेगा, लेकिन बड़े खर्च करने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आय बढ़ाने के नए मौके मिल सकते हैं। तकनीक, सलाहकार सेवाओं या व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ हो सकता है। पुराने कारोबारी साथी के साथ नई साझेदारी की बात बन सकती है। परिवार के किसी बड़े सदस्य की सलाह आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगी।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा सकता है। पहले किए गए निवेश का लाभ मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नया ऑर्डर मिल सकता है। आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन वे जरूरी कामों पर होंगे। परिवार का सहयोग भी मिलेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य की आर्थिक योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। अपने बजट और निवेश की दोबारा जांच करें। फिजूल खर्च से बचें और बचत बढ़ाने पर ध्यान दें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आने वाले समय में आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज नई योजनाओं और निवेश के अवसर मिल सकते हैं। खासकर तकनीक और नए कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रह सकता है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। जल्दबाजी से बचें और लंबे समय के फायदे को ध्यान में रखकर निर्णय लें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने की बजाय भविष्य की योजना बनाने पर ध्यान दें। अपने पुराने निवेश और वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें। जल्दबाजी से बचें और आने वाले समय के लिए मजबूत रणनीति तैयार करें। सही तैयारी भविष्य में बेहतर परिणाम दिला सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। 

2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए

सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है। 

कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है

सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है। 

आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी 

सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं। 

10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान 

सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है। 

सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया

सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है। 

एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 

2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली

सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था। 

कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं 

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। 

एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास

सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं। 

 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे। 

आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।

44 साल की उम्र में 6.5 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाकर मजे से नौकरी छोड़ रिटायर हो गया ये इंजीनियर, फिर बताया अपना फॉर्म्युला

Viral News: कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़, काम के लंबे घंटे और ऑफिस की राजनीति से परेशान होकर क्या कोई अपनी सफल नौकरी को अलविदा कह सकता है? एक 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसा ही कर दिखाया है. लेकिन उन्होंने यह कदम किसी बिना तैयारी के नहीं बल्कि 6.5 करोड़ रुपये का एक मजबूत इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाने के बाद उठाया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर My FIRE Journey: Walking Away at 44 टाइटल के साथ इस शख्स ने अपनी कहानी शेयर की है. अब उनकी ये स्टोरी टॉकिंग प्वाइंट बन गई है. इस इंजीनियर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग से रिटायर नहीं हुए हैं बल्कि कॉर्पोरेट जीवन के बर्नआउट से रिटायर हुए हैं.

My FIRE Journey: Walking Away at 44

by

u/Capable_Influence157 in

FIRE_Ind

आइए जानते हैं कि इस टेक पेशेवर ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा फंड कैसे खड़ा किया और उनका वह सीक्रेट फॉर्म्युला क्या है जिसने उन्हें काम के दबाव से मुक्ति और आजादी की जिंदगी दी.

14 घंटे काम और खराब होती सेहत: जीवन का वो टर्निंग पॉइंट

रेडिट पोस्ट के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी हो चुकी है और उनका एक 11 साल का बेटा है. उन्होंने देश के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से अपनी यूजी और पीजी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और अपने करियर का लगभग पूरा हिस्सा स्टार्टअप कंपनियों में बिताया. कई बार तो उन्होंने कंपनी पर भरोसे के चलते महीनों तक बिना सैलरी के भी काम किया. उनकी पत्नी हमेशा से एक होममेकर रही हैं.

करियर के दौरान एक स्टार्टअप में रेफरल के जरिए शामिल होना उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना. वहां का माहौल बेहद टॉक्सिक था और हर तरफ बस ऑफिस पॉलिटिक्स चलती थी. उन्हें हफ्ते में 6 दिन और रोजाना 14-14 घंटे काम करना पड़ता था.

इस भयानक दबाव के कारण उनको नींद न आने की समस्या हो गई. वह बॉर्डरलाइन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का शिकार हो गए. आखिरकार साल 2023 में उन्होंने एक ब्रेक लिया और रुककर अपनी सेहत व अपनी वित्तीय स्थिति दोनों का बारीकी से देखा.

कैसे बना 6.5 करोड़ का यह विशाल पोर्टफोलियो?

शुरुआत में वह पैसों को लेकर बहुत अधिक अनुशासित नहीं थे और न ही FIRE (Financial Independence, Retire Early) टाइप मूवमेंट उनका कोई टारगेट था. लेकिन उनके एक सही फैसले ने उनकी किस्मत बदल दी। एक फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेने के बाद उन्होंने साल 2018 में एसआईपी के जरिए निवेश करना शुरू किया.

ESOP से मिला बड़ा बूस्ट

साल 2019 में जिस स्टार्टअप में वह काम कर रहे थे, उसका अधिग्रहण हो गया. इससे उन्हें ईशॉप के रूप में लगभग 1.4 करोड़ रुपये का पेआउट मिला. उन्होंने इस बड़ी रकम को खर्च करने के बजाय पूरी तरह इन्वेस्टेड रखा. नियमित निवेश और शेयर बाजार की शानदार ग्रोथ की बदौलत आने वाले सालों में उनका पैसा तेजी से बढ़ता चला गया.

अप्रैल 2026 में एसेट एलोकेशन कैसा था?

अप्रैल 2026 तक उनका कुल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो करीब 6.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. उन्होंने अपने इस फंड को इस तरह से बांट रखा था। पोर्टफोलियो का लगभग 60% हिस्सा शेयरों में निवेशित था. शेष 40% हिस्सा डेट फंड्स, लिक्विड इन्वेस्टमेंट्स और प्रोविडेंट फंड (PF) की सेविंग्स में फैला हुआ था.

खर्च का गणित

इंजीनियर ने बताया कि उनके परिवार का सालाना खर्च लगभग 14 लाख रुपये है और टियर 1 शहर में उनका अपना खुद का घर भी है. जब उन्होंने देखा कि उनके पास जरूरत से ज्यादा पैसा है और काम करना अब मजबूरी नहीं बल्कि एक चॉइस बन चुका है तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी.

नौकरी छोड़ने के बाद जिंदगी में आए ये बड़े बदलाव

नौकरी छोड़ने के तीन महीने बाद ही उनके जीवन में बैंक बैलेंस से परे कई चमत्कारी बदलाव देखने को मिले हैं. उनका वजन काफी कम हो गया है. उनकी नींद की समस्या दूर हो गई है और अब उनका ब्लड प्रेशर पूरी तरह से नियंत्रण में है. अब उनका रोज का रूटीन पूरी तरह बदल चुका है. वह अपना समय ध्यान करने, एक्सरसाइज करने, अपने परिवार के साथ रहने, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स पर रिसर्च करने और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में योगदान देने में बिताते हैं.

इंजीनियर ने बताए जल्दी रिटायर होने के 5 बड़े फॉर्म्युले

अपनी इस यात्रा से सीख लेते हुए उन्होंने उन लोगों के लिए कुछ जरूरी टिप्स और सबक साझा किए हैं जो जल्दी रिटायर होना चाहते हैं.

1- अपने फाइनेंशियल टारगेट तय करें: उन्होंने कहा कि काश उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अपना FIRE टारगेट तय कर लिया होता. हर व्यक्ति को पता होना चाहिए कि उसे कितनी रकम के बाद काम छोड़ना है.

2- सैलरी के लिए नेगोशिएट करें: उन्होंने अपने पूरे 20 साल के करियर में एक बार भी अपनी सैलरी के लिए नेगोशिएट नहीं किया था जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ होगा. इसलिए अपनी सैलरी को लेकर हमेशा नेगोशिएट करें.

3- लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से बचें: वह कभी भी बहुत बड़े खर्च करने वाले इंसान नहीं रहे. फिजूलखर्ची से दूर रहने के कारण उनके लिए नियमित निवेश करना बहुत आसान हो गया.

4- खुद का घर होना फायदेमंद: उन्होंने बताया कि खुद का घर होने की वजह से उन्हें किराए का भुगतान नहीं करना पड़ता था. इससे उनके मासिक खर्चे बेहद कम हो गए और रिटायरमेंट के लिए आवश्यक कुल फंड का आकार भी छोटा हो गया.

5- पारिवारिक सहयोग: वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि उनके माता-पिता और उनकी पत्नी के माता-पिता उनके बेटे की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने वाले हैं, जिससे उनका भविष्य का एक बहुत बड़ा खर्च पहले ही हट गया.

क्या वह दोबारा नौकरी करेंगे?

इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह से काम करना बंद नहीं किया है. यदि भविष्य में उन्हें कोई सार्थक और अच्छा अवसर मिलता है तो वह दोबारा काम करने पर विचार कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल वह अपने समय को अपनी शर्तों पर, अपने परिवार के साथ और कुछ नया सीखने में बिता रहे हैं.

अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर किसी यूजर द्वारा शेयर की गई सामग्री पर आधारित है. मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही वह इनका समर्थन करती है.

Reliance Retail का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंचा

रिलायंस रिटेल वेंचर्स का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 84,171 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से एबिड्टा 1.8 फीसदी गिरककर 5,935 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,044 करोड़ रुपये था।

टैक्स बाद प्रॉफिट 2806 करोड़ रुपये

रिलायंस रिटेल का टैक्स बाद प्रॉफिट जून तिमाही में 2,806 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 80 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 7.9 फीसदी रहा। कंपनी ने 17 जुलाई को यह जानकारी दी। रिलायंस रिटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिटेल इकाई है।

सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल का अच्छा प्रदर्शन

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “जून तिमाही में रिलायंस रिटेल की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रही। सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल्स का प्रदर्शन अच्छा रहा। हमारा ओमिनी-चैनल करोड़ों भारतीय कंज्यूमर्स को सेवाएं दे रहा है। मुझे भरोसा है कि इसे लंबी अवधि में भारत में कंजम्प्शन ग्रोथ का फायदा मिलेगा।”

जून तिमाही में कंपनी ने 252 नए स्टोर ओपन किए

रिलायंस रिटेल ने जून तिमाही में 252 नए स्टोर ओपन किए। इससे कंपनी के स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 20,169 पहुंच गई। रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 10 फीसदी बढ़कर 39.6 करोड़ हो गई। कंपनी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट का प्रदर्शन भी स्ट्रॉन्ग रहा। ग्रॉसरी ऑर्डर की संख्या साल दर साल आधार पर 116 फीदी बढ़ी।

सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ

आरआरवीएल की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “रिलायंस रिटेल ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। डिजिटल कॉमर्स में हमारे लगातार निवेश से हमारे डिजिटल प्लेफॉर्म्स में आ रहे बदलाव का पता चलता है।”

यह भी पढ़ें: Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार की उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन, सभी बिजनेसेज की ग्रोथ डबल डिजिट में रही

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का भी अच्छा प्रदर्शन

कंपनी के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इसमें एयर कंडिशनर्स, लैपटॉप, मोबाइल फोन और स्मॉल अप्लायंसेज की अच्छी सेल्स का हाथ रहा। फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस की ग्रोथ अच्छी रही। इसकी लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4 फीसदी रही। इसमें Shein और Ajio Luxe का हाथ रहा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।

पीएम सूर्य घर योजना : CM योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा UPPM

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

– सूर्य घर योजना में 6.74 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापित, गुजरात के बाद देश में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

– योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित

– प्रदेश में तेजी से विकसित हुई सोलर इकोनॉमी, 85 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 स्थापनाओं के साथ पहले स्थान पर, जबकि उत्तर प्रदेश 6,74,393 स्थापनाओं के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र 6,73,717 स्थापनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है।

   
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और मिशन मोड में किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने से लेकर सोलर संयंत्रों की स्थापना, बैंक ऋण, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।

ALSO READ: मुख्यमंत्री योगी ने भीड़ में खड़े युवक को मंच पर बुलाया, पीठ थपथपाकर दिया आशीर्वाद

2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता हुई विकसित

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर के तेजी से विस्तार के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2,283.8 मेगावाट यानी 2.28 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इससे प्रदेश के लाखों घर अपनी छतों पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं की पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपए मूल्य की निःशुल्क सौर बिजली का लाभ प्राप्त हो रहा है।

यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश को केवल बिजली उपभोग करने वाली व्यवस्था से आगे बढ़ाकर विशेष आर्थिक दिशा में ले जा रहा है, जहां उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में भी सक्षम हो रहे हैं।

ALSO READ: शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक : योगी आदित्यनाथ

7,000 से अधिक कंपनियां, 85 हजार से अधिक रोजगार

पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक विस्तार ने उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सोलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में सोलर सेक्टर से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां एवं व्यावसायिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

   
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से लेकर सर्वे, डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स, मार्केटिंग तथा ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तक एक व्यापक रोजगार श्रृंखला विकसित हुई है। इससे विशेष रूप से युवाओं, तकनीकी पेशेवरों, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली इकोसिस्टम को भी मिली नई गति

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर की तेजी से बढ़ती मांग ने प्रदेश के सोलर मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी नई गति प्रदान की है। सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरणों के क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और असेंबली लाइंस विकसित हुई हैं। इसके साथ ही इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, मीटरिंग उपकरण, वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को भी नई मांग मिली है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह निवेश, औद्योगिक विकास, एमएसएमई विस्तार, स्थानीय उद्यमिता और ग्रीन जॉब्स को गति देने वाली एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।

 

9,000 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता में बचत

घरेलू रूफटॉप सोलर मॉडल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू भाग की आवश्यकता नहीं होती। घरों और भवनों की उपलब्ध छतों का उपयोग स्वच्छ बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। प्रदेश में विकसित रूफटॉप सोलर क्षमता को यदि समान क्षमता वाले बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो इसके लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती।

ALSO READ: रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक का अग्रणी केंद्र बनेगा यूपी : योगी

रूफटॉप सोलर के विस्तार से अनुमानतः 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता में बचत हुई है। इससे प्रदेश की बहुमूल्य भूमि को कृषि, आवास, औद्योगिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने में मदद मिल रही है। 

 

हर साल लगभग 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

प्रदेश में स्थापित लगभग 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अनुमानित सौर ऊर्जा उत्पादन और भारतीय विद्युत ग्रिड के उत्सर्जन कारकों के आधार पर, इस स्थापित क्षमता से सालाना लगभग 3.8 अरब यूनिट (3.8 बिलियन kWh) स्वच्छ बिजली का उत्पादन संभव है।

इससे जीवाश्म ईंधन आधारित पारंपरिक बिजली उत्पादन को प्रतिस्थापित कर प्रतिवर्ष अनुमानतः 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड  उत्सर्जन से बचाव हो सकता है। पर्यावरणीय प्रभाव को सरल रूप में समझें तो, यदि एक परिपक्व पेड़ द्वारा औसतन लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्रति वर्ष अवशोषित करने का मानक लिया जाए, तो यह वार्षिक कार्बन बचत लगभग 12 करोड़ से अधिक परिपक्व पेड़ों द्वारा एक वर्ष में किए जाने वाले कार्बन अवशोषण के तुलनीय है।

ALSO READ: योगी सरकार की OBC छात्रावास योजना बनी वरदान, 102 हॉस्टल से हजारों पिछड़े वर्ग के छात्रों को मिल रहा शिक्षा का सहारा

इस प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

Reliance Industries Q1 Results: कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रहा, उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन

Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। सभी प्रमुख सेगमेंट यानी ऑयल-टू-केमिकल (ओ2सी), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल की ग्रोथ डबल डिजिट में रही। इससे आरआईएल को बीते कुछ सालों में एनर्जी मार्केट में आए सबसे बड़े संकट का सामना करने में मदद मिली।

RIL का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सभी बिजनेस सेगमेंट के अच्छे प्रदर्शन का हाथ रहा। रेकरिंग कंसॉलिडेटेड EBITDA एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.1 फीसदी बढ़कर 54,067 करोड़ रुपये रहा। टैक्स से पहले प्रॉफिट (PBT) 8.5 फीसदी बढ़कर 30,630 करोड़ रुपये रहा।

आरआईएल का टैक्स बाद रेकरिंग प्रॉफिट (मॉइनरिटी इंटरेस्ट से पहले) जून तिमाही में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 6.1 फीसदी बढ़कर 23,196 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। हालांकि, रिपोर्टेड प्रॉफिट में गिरावट आई। इसकी वजह यह है कि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से 8,924 करोड़ रुपये का वन-टाइम गेन हुआ था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही में 38,682 करोड़ रुपये का निवेश किया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो से कंपनी को पूंजीगत खर्च करने में मदद मिली। जून तिमाही के अंत में कंपनी पर शुद्ध कर्ज (Net Debt) 1.23 लाख करोड़ रुपये पर बना रहा। आरआईएल ने 17 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

RIL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “रिलायंस ने FY27 की अच्छी शुरुआत की है। सभी बिजनेसेज का प्रदर्शन मजबूत रहा। हमारे विविध बिजनेस पोर्टफोलियो ने एक बार ऐसी तिमाही में अपनी ताकत दिखाई है, जिसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन लगातार बना रहा और कमोडिटी मार्केट्स में उतार-चढ़ाव रहा।”