दो साल का अनुभव लेकर 600 जगह भेजा आवेदन, फिर भी नहीं मिली नौकरी, Reddit पर छिड़ी बहस

भारत के तकनीकी क्षेत्र में नौकरी पाना इन दिनों कई युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसी बीच रेडिट पर एक नौकरी तलाश रहे शख्स की पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा है। करीब दो साल के अनुभव वाले इस व्यक्ति ने दावा किया कि वह सैकड़ों नौकरियों के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन उसे बहुत कम जगहों से जवाब मिला। शख्स ने बताया कि करीब 500-600 आवेदन भेजने के बावजूद उसकी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ। इसके उलट, सोशल मीडिया और रेडिट पर उसे लगातार ऐसी कहानियां दिखाई दे रही थीं, जिनमें लोगों को नौकरी से निकाले जाने के कुछ ही महीनों बाद बड़ी तकनीकी कंपनियों से नए प्रस्ताव मिल रहे थे।

किसी को अमेजन के बाद गूगल, तो किसी को मेटा के बाद कई ऑफर

रेडिट उपयोगकर्ता ने कुछ ऐसी पोस्ट का जिक्र किया, जिन्हें देखकर वह खुद को दूसरों से बिल्कुल अलग स्थिति में महसूस करने लगा। एक व्यक्ति ने दावा किया कि अमेजन से नौकरी जाने के करीब पांच महीने बाद उसे गूगल में नौकरी मिल गई। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि नौकरी जाने के सिर्फ तीन महीने के भीतर उसे 25 प्रतिशत अधिक वेतन वाली नई नौकरी मिल गई। इतना ही नहीं, नौकरी की तलाश के दौरान वह विदेश यात्रा पर भी गया।

सबसे ज्यादा हैरानी एक अन्य दावे से हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने बताया कि मेटा से नौकरी जाने के बाद उसने गूगल, एप्पल और ओपनएआई में साक्षात्कार दिए और तीनों जगह से उसे नौकरी के प्रस्ताव मिले। आखिर में उसने गूगल को चुना।

दूसरी तरफ 500-600 आवेदन के बाद भी इंतजार

इन कहानियों की तुलना करते हुए मूल पोस्ट लिखने वाले शख्स ने सवाल किया कि क्या वह किसी अलग ही दुनिया में रह रहा है। उसके मुताबिक, जहां कुछ लोग बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रस्ताव आसानी से हासिल कर रहे हैं, वहीं उसे सैकड़ों आवेदन भेजने के बाद भी मुश्किल से कोई प्रतिक्रिया मिल रही है। उसने बताया कि अब तक उसका सबसे अच्छा नतीजा एक अस्थायी छह महीने की नौकरी के लिए बातचीत तक पहुंचना रहा है।

क्या बड़ी कंपनियों का अनुभव ही सबसे बड़ा फर्क है?

पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक उपयोगकर्ता ने सवाल उठाया कि क्या नौकरी तलाश रहे व्यक्ति का दो साल का अनुभव भी मेटा या अमेजन जैसी कंपनियों में रहा है। उसका तर्क था कि बड़ी तकनीकी कंपनियों में पहले से काम कर चुके लोगों के लिए नई नौकरी पाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है, क्योंकि ऐसी कंपनियों में चयन अपने आप में कठिन माना जाता है। एक अन्य व्यक्ति ने इसी चर्चा के बीच नौकरी के लिए मदद और संदर्भ की मांग भी कर दी।

कुछ लोगों ने सोशल मीडिया की सफलता की कहानियों पर उठाए सवाल

हर किसी ने इन सफलता की कहानियों को सच नहीं माना। कुछ रेडिट उपयोगकर्ताओं ने कहा कि इंटरनेट पर दिखाई जाने वाली ऐसी पोस्ट पूरी तस्वीर नहीं दिखातीं। एक टिप्पणी में इन्हें प्रभावशाली लोगों द्वारा लोगों को झूठी उम्मीद देने वाला प्रचार तक बताया गया। यानी ऑनलाइन कुछ लोगों की तेज सफलता देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर तकनीकी पेशेवर के लिए नौकरी का बाजार एक जैसा है।

एक जवाब ने कहा- समस्या औसत होने की भी हो सकती है

चर्चा में एक टिप्पणी ने सबसे सीधा जवाब दिया। उपयोगकर्ता ने तर्क दिया कि अत्यधिक कुशल लोग अक्सर कई कंपनियों के लिए आकर्षक उम्मीदवार होते हैं। ऐसे लोग कम समय में जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता रखते हैं, इसलिए उन्हें नौकरी के ज्यादा अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, उस टिप्पणी में यह भी कहा गया कि औसत होना कोई बुरी बात नहीं है। कौशल को लगातार मेहनत और सीखने के जरिए बेहतर बनाया जा सकता है। यही वजह है कि इस पूरी चर्चा ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है क्या तकनीकी क्षेत्र में नौकरी पाने के लिए सिर्फ अनुभव काफी है, या सही कौशल और क्षमता भी उतनी ही जरूरी है?

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September Rajyog 2026: 4 राशियों पर सितंबर में होने वाली है पैसों की बारिश, एक साथ 3 दुर्लभ राजयोग बनाएंगे धनवान

September Rajyog 2026: ज्यातिष शास्त्र में ग्रहों का राशि या नक्षत्र परिवर्तन जितना अहम है, उतना ही महत्वपूर्ण होता है ग्रहों का एक-दूसरे के साथ संयोग। यानी जब किसी राशि या नक्षत्र में एक से अधिक ग्रह एक साथ आते हैं, तो ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनता है। ग्रहों का यह दुर्लभ मिनल कई बार शुभ और अशुभ योगों का निर्माण भी करता है। इसमें कुछ तो अत्यंत लाभकारी राजयोग भी होते हैं। ऐसा ही एक ज्योतिषीय संयोग हमें सितंबर 2026 में देखने को मिलेगा। इस महीने में ग्रहों के राशि परिवर्तन और गोचर से 3 बड़े और दुर्लभ राजयोग बन रहे हैं।

इस महीने में कई बड़े ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे, जिससे मालव्य राजयोग, भद्रा राजयोग और लक्ष्मी नारायण राजयोग का एक साथ दुर्लभ निर्माण होगा। ग्रहों के इस बड़े हेरफेर और शुभ योगों के बनने से 4 राशियों के जीवन में तरक्की, मान-सम्मान और धन-धान्य की बारिश होगी। आइए जानते हैं कि यह सभी राजयोग किन राशियों के लिए शुभ माने जा रहे हैं। सबसे पहले जानते हैं इन राजयोगों के बारे में

3 प्रमुख राजयोग

भद्र राजयोग (7 सितंबर 2026): ग्रहों के राजकुमार बुध देव अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। इससे ‘भद्र राजयोग’ बनेगा, जो बुद्धि, व्यापार, बैंकिंग और निर्णय क्षमता में वृद्धि कराता है।

लक्ष्मी नारायण राजयोग (7 सितंबर 2026): कन्या या तुला राशि में शुक्र और बुध ग्रह की शुभ युति से ‘लक्ष्मी नारायण राजयोग’ बनेगा, जो धन-धान्य, करियर में वृद्धि और आर्थिक समृद्धि का कारक माना जाता है।

मालव्य राजयोग (18 सितंबर 2026): शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे। शुक्र के अपनी राशि में रहने से पंचमहापुरुष योगों में शामिल ‘मालव्य राजयोग’ का निर्माण होता है, जो भौतिक सुख, संपत्ति और ऐश्वर्य दिलाता है।

इन 4 राशियों को होगा फायदा

कन्या राशि : आपकी राशि में बुध के आने से भद्रा और लक्ष्मी नारायण राजयोग दोनों का प्रभाव रहेगा। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार होगा। फंसा हुआ या अटका पैसा वापस मिल सकता है। बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

तुला राशि : शुक्र का आपकी ही राशि में गोचर ‘मालव्य राजयोग’ बनाएगा, जो आपके लिए वरदान समान रहेगा। बिजनेस में बड़ा मुनाफा होगा। नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन का तोहफा मिल सकता भौतिक सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में बढ़ोतरी होगी।

मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए सितंबर का महीना भाग्योदय लेकर आ रहा है। लंबे समय से रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा के योग बनेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और आय में लगातार वृद्धि देखने को मिलेगी।

कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए यह त्रिग्रही और राजयोगों का संयोग अत्यंत शुभ रहने वाला है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को मनचाहा अवसर मिलेगा। अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। घर-परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं और दांपत्य जीवन में मिठास आएगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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नौकरी का रिजेक्शन मिला तो उम्मीदवार ने कंपनी को ही कर दिया रिजेक्ट, जवाब हुआ वायरल

नौकरी की तलाश के दौरान बार-बार आने वाले रिजेक्शन ईमेल उम्मीदवारों का हौसला तोड़ सकते हैं। कई बार लोग ऐसे मेल पढ़कर निराश हो जाते हैं, लेकिन एक शख्स ने इसका बिल्कुल उल्टा तरीका अपनाया। कंपनी की ओर से मिले रिजेक्शन के बाद उसने निराश होने के बजाय ऐसा मजेदार जवाब भेज दिया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उसने कंपनी के फैसले को चुपचाप स्वीकार करने के बजाय मजाकिया अंदाज में उसी रिजेक्शन को वापस कंपनी की ओर मोड़ दिया। उसका जवाब सोशल मीडिया पर शेयर होते ही तेजी से वायरल होने लगा।

खास बात यह रही कि इस मजेदार अंदाज ने उन लोगों को भी खूब हंसाया, जो लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं और लगातार रिजेक्शन का सामना कर रहे हैं। पोस्ट पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और कई यूजर्स ने इस अंदाज को आत्मविश्वास से भरा बताया। वहीं, कुछ लोगों ने इसे नौकरी के रिजेक्शन से निपटने का मजेदार तरीका माना।

‘आपने मुझे रिजेक्ट किया, लेकिन मैं इसे स्वीकार नहीं करता’

X पर @DeepStarts नाम के यूजर ने इस मजेदार जवाब का स्क्रीनशॉट शेयर किया। कैप्शन था, “Bro rejected the rejection email” यानी भाई ने रिजेक्शन वाले ईमेल को ही रिजेक्ट कर दिया। स्क्रीनशॉट में Keane नाम के शख्स का जवाब दिखता है। उसने कंपनी को धन्यवाद देते हुए लिखा कि उसने उम्मीदवार को रिजेक्ट करने में जो दिलचस्पी दिखाई, वह काबिले-तारीफ है। इसके बाद उसने कंपनी के फैसले की तारीफ करते हुए पूरा मामला ही उलट दिया।

रिजेक्शन स्वीकार करने से कर दिया इनकार

Keane ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि उसे इस साल कई रिजेक्शन ईमेल मिल चुके हैं। इसलिए काफी सोच-विचार के बाद उसने इस बार कंपनी के रिजेक्शन को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। उसने कंपनी को उसे रिजेक्ट करने के लिए धन्यवाद भी दिया और आखिर में ऐसी लाइन लिख दी जिसने पूरे ईमेल को और मजेदार बना दिया। उसने कहा कि वह जल्द ही कंपनी की टीम में शामिल होने की उम्मीद करता है।

सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आया अंदाज

इस पोस्ट ने उन लोगों का खास ध्यान खींचा, जो नौकरी के लिए लगातार आवेदन करने और बार-बार रिजेक्शन झेलने का अनुभव रखते हैं। पोस्ट को लाखों व्यूज और हजारों लाइक्स मिले। एक यूजर ने कहा कि अब जब भी उसे नौकरी के लिए रिजेक्शन मिलेगा, वह भी यही तरीका अपनाएगा। एक अन्य यूजर ने लिखा कि Keane ने भर्ती प्रक्रिया के पूरे खेल को ही पलट दिया।

किसी ने हंसी, किसी ने कहा- इसे सच में आजमाएंगे

कई लोगों को यह जवाब इतना मजेदार लगा कि वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए। कुछ यूजर्स ने Keane के आत्मविश्वास की भी तारीफ की और कहा कि वह ‘ना’ सुनकर रुकने वालों में से नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ मजाक नहीं था। एक यूजर ने साफ कहा कि लोग भले ही इस पर हंस रहे हों, लेकिन वह खुद भी इस तरीके को आजमाने के बारे में गंभीरता से सोच रहा है। यानी नौकरी का एक सामान्य रिजेक्शन ईमेल, Keane के जवाब की वजह से ऐसा वायरल हुआ कि लोगों को रिजेक्शन मिलने के बाद भी मुस्कुराने की एक वजह मिल गई।

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Parivartan Yog 2026: बुध के नक्षत्र अश्लेषा में पहुंचकर गुरु ने एक्टिव किया परिवर्तन योग, 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे लक्ष्मी

Parivartan Yog 2026: देवगुरु बृहस्पति का ज्योतिष शास्त्र में अहम स्थान है। इस ग्रह की स्थिति जातक के जीवन में बड़े बदलाव का कारण बनती है। बृहस्पति ग्रह वर्तमान में कर्क राशि में गोचर कर रहा है। कर्क गुरु की उच्च राशि है और इस वजह से गुरु इस समय अतिचारी होकर विचरण कर रहे हैं। इसी अवस्था में उन्होंने ग्रहों के राजकुमार बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में गोचर किया है।

ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, वृद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का कारक माना गया है। वहीं, बुध बुद्धि, व्यापार और संचार के देवता हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति ने 20 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश किया है। ज्ञान के कारक बृहस्पति के अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश का बेहद शुभ और सकारात्मक प्रभाव 31 अक्टूबर तक कई राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। अश्लेषा नक्षत्र में गुरु और बुध के एक साथ होने से परिवर्तन योग का निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं कि इस योग से किन 5 राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है।

मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। आय के नए स्रोत खुलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता, पदोन्नति या मनचाहा इंक्रीमेंट मिल सकता है।

वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों के लिए बुध के नक्षत्र में गुरु का आना भाग्य में वृद्धि लेकर आएगा। जो लोग बिजनेस में हैं, उन्हें नए सौदे और बड़ा मुनाफा हासिल हो सकता है। आपकी बौद्धिक क्षमता और वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे समाज और परिवार में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, इसलिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार प्राप्त होगा।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर मानसिक शांति और सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी करेगा। नया मकान, वाहन या भूमि खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है।

कन्या राशि : कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं, जिससे गुरु का यह गोचर आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। पहले किए गए निवेश का बेहतरीन रिटर्न मिलेगा। आर्थिक तंगी दूर होगी। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।

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Shani Nakshtra Gochar 2026: शनि का नक्षत्र परिवर्तन आज, वृषभ, मिथुन और मकर राशियों को करियर और कारोबार में मिलेगी अपार सफलता

VIDEO: एक फैसला और बदल गई पूरी जिंदगी, 24 साल की उम्र में महिला ने चुकाया 45 लाख का लोन, अब अमेरिका से आ रही भारत

24 साल की एक लड़की की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में 24 साल की एक महिला ने अपनी जिंदगी के पिछले कुछ सालों के सफर के बारे में बताया है। महिला ने अमेरिका में पढ़ाई से लेकर मैनहैटन में नौकरी करने और कम उम्र में एजुकेशन लोन चुकाने तक के कई बड़े पड़ावों के बारे में बताया है। वायरल वीडियो में महिला ने बताया कि 20 साल की उम्र में लिया गया एक फैसला उनके लिए काफी अहम साबित हुआ। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका गईं और न्यूयॉर्क में अपना करियर शुरू किया। इस दौरान उन्होंने एजुकेशन लोन चुकाया और अकेले कई देशों की यात्रा भी की। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

6 महीने में चुकाया लोन

महिला ने बताया कि अमेरिका में फाइनेंस की मास्टर डिग्री करने के लिए उन्होंने करीब 45 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था। उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली और इसके बाद नौकरी की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद, 22 साल की होने से पहले उन्हें मैनहैटन में फाइनेंशियल एनालिस्ट की नौकरी मिल गई। महिला ने इस मौके को अपनी मेहनत का बड़ा नतीजा और सपने के पूरा होने जैसा बताया। वीडियो में महिला ने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई बातें शेयर कीं। उन्होंने दावा किया कि नौकरी शुरू करने के महज छह महीने के भीतर ही उन्होंने अपना पूरा स्टूडेंट लोन चुका दिया था।

अब भारत लौटने का किया फैसला

इसके अलावा, उन्होंने अपनी कमाई से अकेले 10 देशों की यात्रा करने की बात भी बताई। उनके मुताबिक, कम उम्र में ही उन्होंने अपने खर्च खुद संभालना शुरू कर दिया और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं। 24 साल की उम्र में महिला अब अपनी जिंदगी का अगला पड़ाव शुरू करने जा रही हैं। अमेरिका में करीब चार साल बिताने और मैनहैटन में काम करने के बाद उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपनी 20 की उम्र के शुरुआती वर्षों में पढ़ाई पूरी करने के साथ नौकरी की, यात्रा की और अपने करियर को आगे बढ़ाया। अब अमेरिका के अनुभवों के बाद वह भारत में नई शुरुआत करने की तैयारी कर रही हैं।

लोगों ने दिए रिएक्शन

सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने महिला की कहानी को प्रेरणादायक बताया और कहा कि कम उम्र में भी सही फैसले लेकर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। लोगों का मानना था कि अगर इंसान मेहनत करने और नए मौके आजमाने का साहस रखता है, तो उम्र उसके रास्ते में बड़ी रुकावट नहीं बनती।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Budhaditya Yog 2026: कर्क राशि में आज बुध गोचर से बनेगा बुधादित्य राजयोग, सूर्य के समान चमकेगा 4 राशियों का भाग्य

Budhaditya Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यूं तो यह सामान्य घटना है, लेकिन इस असर देश-दुनिया की घटनाओं को सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। कोई ग्रह जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो कई उसका संयोग वहां पहले से मौजूद दूसरे ग्रहों के साथ बन जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ खास और लाभकारी योग भी बनते हैं, जो कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ होते हैं।

ऐसा ही संयोग कर्क राशि में आज बनने जा रहा है। इस राशि में गुरु और सूर्य पहले से ही मौजूद हैं, जबकि बुध आज प्रवेश कर रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 5 अगस्त को बुध के कर्क राशि में गोचर करेंगे। इस गोचर के साथ ही बुधादित्य योग का निर्माण होगा। इस योग से 4 राशियों को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना जाता है। वहीं, बुध को बुद्धि व वाणी का कारक माना गया है। आइए जानते हैं इस गोचर से किन-किन राशियों को जबरदस्त लाभ मिलने वाला है।

मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए यह योग अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। संपत्ति, वाहन या नया घर खरीदने के योग बन रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति और वेतन वृद्धि के स्पष्ट संकेत हैं। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा और घर में मांगलिक कार्य हो सकते हैं।

मिथुन राशि : बुध आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए सूर्य के साथ उनका यह संयोग आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। आपकी बोलचाल शैली से लोग प्रभावित होंगे, जिससे व्यापार और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा होगा।

कर्क राशि : यह गोचर आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में हो रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास और मान-सम्मान चरम पर रहेगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए सौदे मिल सकते हैं। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे।

तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए यह योग कर्म भाव में बनेगा, जो करियर में बड़े बदलाव लाएगा। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को मनचाही कंपनी से ऑफर मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली की सराहना होगी। आय के नए स्रोत बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Trigrahi yog 2026: कर्क राशि में इस दिन एकसाथ होंगे सूर्य, गुरु, बुध और बनाएंगे त्रिग्रही योग, जानें किन राशियों को मिलेगा इस संयोग का लाभ

 ‘इन-हैंड सैलरी कितनी मिलेगी?’ बस इतना पूछा और कंपनी ने कर दिया रिजेक्ट, सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस

नौकरी की तलाश में हर उम्मीदवार चाहता है कि उसे कंपनी, काम और सैलरी से जुड़ी पूरी जानकारी पहले से मिल जाए। लेकिन एक शख्स के लिए सिर्फ सैलरी के बारे में सवाल पूछना ही परेशानी का कारण बन गया। उसने जॉब ऑफर मिलने के बाद जब अपनी इन-हैंड सैलरी जाननी चाही, तो कंपनी के जवाब ने उसे हैरान कर दिया। इस पूरे मामले को उम्मीदवार ने Reddit पर शेयर किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर नौकरी में पारदर्शिता और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

कई लोगों ने कहा कि किसी भी जॉब को स्वीकार करने से पहले वेतन, कटौती और मिलने वाली रकम की जानकारी लेना एक सामान्य प्रक्रिया है। वहीं, कुछ यूजर्स ने कंपनी के रवैये पर सवाल उठाए और इसे नौकरी देने वालों की सोच से जोड़कर देखा।

2 LPA की नौकरी, लेकिन सवाल पूछते ही बदल गया रवैया

उम्मीदवार ने बताया कि उसने Indeed के जरिए एक कंपनी में आवेदन किया था। कुछ समय बाद एक छोटी कंपनी के प्रतिनिधि ने उससे संपर्क किया और बताया कि इस पद के लिए 2 LPA का पैकेज ऑफर किया जा रहा है। जब उम्मीदवार ने नौकरी में रुचि दिखाई, तो उसने सिर्फ इतना पूछा कि कटौती के बाद हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी कितनी होगी।

‘अगर सिर्फ सैलरी चिंता है तो हमारी कंपनी सही नहीं’

उम्मीदवार के सवाल का जवाब देने के बजाय रिक्रूटर ने कहा कि अगर सैलरी ही आपकी मुख्य चिंता है, तो शायद यह कंपनी आपके लिए सही जगह नहीं है। इसके बाद कंपनी ने उम्मीदवार को शुभकामनाएं देते हुए बातचीत खत्म कर दी। अचानक मिले इस जवाब से उम्मीदवार हैरान रह गया।

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कैंडिडेट ने कहा- सवाल पूछना गलत नहीं था

उम्मीदवार ने दोबारा जवाब देते हुए कहा कि उसका सवाल सिर्फ पैसों को लेकर नहीं था, बल्कि वह ऑफर को सही तरीके से समझना चाहता था। उसने लिखा कि नौकरी करने का एक बड़ा कारण कमाई भी होती है, इसलिए सैलरी से जुड़ी जानकारी लेना एक सामान्य और जरूरी सवाल है। उसने यह भी कहा कि अगर संभावित कर्मचारियों के साथ कंपनी का रवैया ऐसा है, तो कंपनी के लिए भी शुभकामनाएं।

सोशल मीडिया ने कहा- ‘अच्छा हुआ वहां नौकरी नहीं मिली’

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स उम्मीदवार के समर्थन में आ गए। लोगों ने कहा कि किसी भी नौकरी को स्वीकार करने से पहले इन-हैंड सैलरी, कटौती और अन्य शर्तों की जानकारी लेना बिल्कुल जायज है। एक यूजर ने लिखा कि 2 LPA का पैकेज काफी कम है और ऐसी जगह काम करने से बच जाना बेहतर है।

कंपनी के रवैये पर उठे सवाल

कई लोगों ने कहा कि अगर कोई कंपनी शुरुआती बातचीत में ही सैलरी से जुड़े सवालों पर ऐसा व्यवहार करती है, तो भविष्य में कर्मचारियों के साथ उसका रवैया कैसा होगा, यह सोचने वाली बात है। एक यूजर ने मजाक में कहा कि अगर बाद में कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग करता, तो शायद कंपनी उसे यह कहकर मना कर देती कि “हम यहां अनुभव के लिए काम करते हैं।”

जॉब मार्केट में पारदर्शिता की मांग

इस घटना ने एक बार फिर नौकरी में पारदर्शिता को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। उम्मीदवारों का कहना है कि सैलरी, इन-हैंड पेमेंट और कंपनी की नीतियों के बारे में पहले से स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि दोनों पक्ष सही फैसला ले सकें।

किसिंग वीडियो वायरल होने के बाद बदला पूरा मामला, सोशल मीडिया ने पूछ लिया ये सवाल

नौकरी ढूंढ़ने नहीं, नौकरी देने की सोच पैदा कर रहा ‘यूथ अड्डा’

CM Yuva Yojana: आज की जेनरेशन जेड (Gen Z) पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहती। यह पीढ़ी नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और आत्मनिर्भरता में अपना भविष्य देखती है। जिन युवाओं का जन्म 1997 के बाद हुआ, वे इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के साथ बड़े हुए हैं। ऐसे में उन्हें केवल रोजगार नहीं, बल्कि अवसर, मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और उद्यमिता का पूरा इकोसिस्टम चाहिए।

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बहुत पहले समझ लिया था। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने केवल रोजगार योजनाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि युवाओं को उद्यमी बनाने की सोच के साथ सीएम युवा और यूथ अड्डा जैसी अभिनव अवधारणा को विकसित किया। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। इस पहल का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं, बल्कि विचार, कौशल, तकनीक, मार्गदर्शन और बाजार सभी को एक मंच पर उपलब्ध करवा कर युवाओं के लिए उद्यमिता का नया इकोसिस्टम तैयार करना है। 

 

Gen Z की क्षमता और भविष्य की कार्यशक्ति में उसकी अहम भूमिका को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वर्ष पहले ही पहचान लिया था। इसी सोच के तहत युवाओं और उद्यमिता के बीच मौजूद दूरी को कम करने की पहल की गई। कॉफी या चाय पर सहज, खुले और व्यावहारिक संवाद के माध्यम से युवाओं को कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास हुआ। इसी अनौपचारिक लेकिन प्रभावी मॉडल को ‘यूथ अड्डा’ नाम दिया गया, जहां कॉफी शॉप जैसे माहौल में युवा अपने विचार साझा कर सकें, विशेषज्ञों से संवाद कर सकें और अपने उद्यमी सपनों को वास्तविक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

Gen Z की जरूरतों के अनुरूप तैयार हुआ यूथ अड्डा

आज का युवा केवल ऋण या अनुदान नहीं चाहता। वह चाहता है कि कोई उसके विचार को समझे, बिजनेस मॉडल बनाने में मदद करे, अनुभवी मेंटर्स से जोड़े, बैंकिंग प्रक्रिया आसान बनाए और बाजार तक पहुंच दिलाए। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ अड्डा को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र के बजाय एक समग्र उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है। यहां बिजनेस आइडिया से लेकर वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन सब कुछ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।

 

यूथ अड्डा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सरकारी सेवा वितरण की पारंपरिक सोच को बदलता है। यहां युवा केवल किसी योजना का लाभार्थी नहीं, बल्कि अवसर का आकांक्षी है, जिसकी जरूरतों के अनुरूप सेवाएं विकसित की गई हैं। यह दृष्टिकोण शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

कॉलेज से सीधे स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर

प्रदेश सरकार ने महसूस किया कि उद्यमिता की शुरुआत नौकरी मिलने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के दिनों से ही होनी चाहिए। इसलिए यूथ अड्डा का फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा गया है। यहां छात्रों को प्रेरित किया जाता है कि वे डिग्री पूरी होने के बाद केवल नौकरी के लिए आवेदन करने की बजाय यह सोचें कि वे किस समस्या का समाधान कर सकते हैं और उससे किस प्रकार सफल उद्यम स्थापित किया जा सकता है। योगी सरकार ने यह भी समझा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित होगी। इसी कारण यूथ अड्डा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और आधुनिक डिजिटल टूल्स पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रदेश का युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सके।

सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, पूरे बिजनेस सफर में साथ

यूथ अड्डा केवल प्रशिक्षण देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता। यहां युवाओं को बिजनेस आइडिया तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, वॉट्सएप बिजनेस, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और व्यवसाय विस्तार तक लगातार मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं का जोखिम काफी कम हो सके।

ग्रामीण युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों पर विशेष फोकस

यूथ अड्डा की अवधारणा केवल शहरों तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाना है, ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिल सकें। महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का सहयोग देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पूरे वर्ष चलता रहेगा उद्यमिता का अभियान

यूथ अड्डा को केवल एक केंद्र नहीं, बल्कि वर्षभर सक्रिय रहने वाले उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया गया है। यहां बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला, कॉलेज आउटरीच कार्यक्रम और सफल उद्यमियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से अधिक नए उद्यम एवं फ्रेंचाइजी स्थापित करना तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि यदि युवा रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनते हैं, तो इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी।

यूपीकॉन निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

इस पूरी पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के मुताबिक,  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के अंतर्गत यूपीकॉन द्वारा संचालित यूथ अड्डा को प्रदेश में उद्यमिता के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। यूपीकॉन युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में सहभागी बनाना है।

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया:BBC बोला- छात्रों के आगे झुकी मोदी सरकार: गार्डियन ने लिखा- जनता के दबाव में 12 साल में पहला इस्तीफा

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। इस्तीफे के बाद BBC ने लिखा कि मोदी सरकार को छात्रों के आगे झुकना पड़ा है। वहीं गार्डियन ने लिखा कि मोदी सरकार के 12 साल में पहली बार जनता के दबाव में किसी मंत्री का इस्तीफा हुआ। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को न्यूयॉर्क टाइम्स, CNN, अल जजीरा और डॉन समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी टॉप स्टोरीज में जगह दी है। BBC: सरकार ने छात्रों के गुस्से का सही अंदाजा नहीं लगाया 2014 में सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी सरकार आम तौर पर विरोध प्रदर्शनों के प्रति सख्त रुख अपनाती रही है और शायद ही कभी किसी बड़े आंदोलन के आगे झुकी हो। इससे पहले मोदी सरकार ने सिर्फ एक बड़े मामले में अपना फैसला वापस लिया था, जब करीब एक साल तक चले किसान आंदोलन के बाद तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना पड़ा था। इस बार सरकार को अंदाजा नहीं था कि छात्र आंदोलन इतना बड़ा और लंबा चलेगा। शुरुआत में कई हफ्तों तक आंदोलन को नजरअंदाज किया गया, लेकिन इस सप्ताह संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की सख्ती के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई और सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया। धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री वास्तव में इस्तीफा देंगे या नहीं, इसे लेकर आखिरी समय तक कुछ पता नहीं चल पा रहा था। उनके इस्तीफे के बाद आंदोलन में शामिल छात्रों, खासकर पहली बार किसी बड़े प्रदर्शन का हिस्सा बने युवाओं को अपनी जीत का अहसास हो रहा है। द गार्डियन: मोदी के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक का इस्तीफा भाजपा के 12 साल के शासन में यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री मोदी के सबसे करीबी और भरोसेमंद मंत्रियों में से एक को सार्वजनिक दबाव के कारण इस्तीफा देना पड़ा है। इनका नेतृत्व नए बने युवा राजनीतिक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया। इस सप्ताह यह आंदोलन देशभर में युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही दिल्ली में जुटे हजारों सीजेपी समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाया और इसे सरकार से जवाबदेही की अपनी मांग की बड़ी जीत बताया। NYT: प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकियों की बी-टीम’ कहा था, अब इस्तीफा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। भारत में चल रहा छात्र आंदोलन सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया था। इस आंदोलन की अगुआई खुद को ‘कॉकरोच’ कहने वाले छात्र समूह कर रहे थे। यह नाम भारत के चीफ जस्टिस की कथित अपमानजनक टिप्पणी से प्रेरित था। यह संगठन शुरुआत से ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा मांग रहा था। इस महीने प्रदर्शनकारियों पर हुए बल प्रयोग ने इस आंदोलन को भारत के कई शहरों तक फैला दिया। धर्मेंद्र प्रधान पहले इन प्रदर्शनों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों पर छात्रों का इस्तेमाल कर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया था। जून में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादियों की बी-टीम’ तक कह दिया था। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन को और बल मिल सकता है और छात्र अपनी दूसरी मांगों को लेकर भी सरकार पर दबाव बढ़ा सकते हैं। अल जजीरा: भारत में छात्र आंदोलन की बड़ी जीत हुई छात्रों के आंदोलन के दबाव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। हाल के वर्षों में यह मोदी सरकार के खिलाफ सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक रहा। इस आंदोलन के जरिए युवाओं ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर अपना गुस्सा जाहिर किया। CNN- एक मीम से शुरू हुए आंदोलन ने शिक्षा मंत्री की कुर्सी छीनी भारत में लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन के दबाव में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। पिछले कई दिनों से हजारों छात्र उनके इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। जो आंदोलन शुरुआत में एक मीम के रूप में शुरू हुआ था, वह धीरे-धीरे देशभर में फैल गया। इसने छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को जवाबदेही, बेहतर अवसर और व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एकजुट कर दिया। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमतौर पर आंदोलनों के दबाव में फैसले नहीं बदलते। वहीं, विपक्ष और सरकार के आलोचक लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार विरोध प्रदर्शनों पर सख्ती से कार्रवाई करती है। यह आंदोलन देश में बढ़ती युवा बेरोजगारी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठा रहा है। बेंगलुरु स्थित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 36 करोड़ से अधिक युवा हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्ष या उससे कम उम्र के करीब 40% ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। वहीं, 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 20% युवा नौकरी से वंचित हैं। रिपोर्ट में पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार न मिल पाने को देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है। द डॉन: ‘कॉकरोच’ की जीत, छात्र आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। परीक्षा पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच इसे प्रदर्शनकारियों की बड़ी जीत माना जा रहा है। हाल के वर्षों में यह आंदोलन भारत के सबसे बड़े जनआंदोलनों में शामिल हो गया था। विपक्षी दलों के समर्थन और संसद के भीतर विरोध के कारण यह सरकार के सामने एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी स्थान पर सोमवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया था। प्रदर्शनकारियों ने जय हिंद के नारे लगाए। मौके पर लाउडस्पीकर पर राष्ट्रीय गान बजाया गया और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर जश्न मनाया गया। ———————————- प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

700 बार रिजेक्ट हुआ, फिर भी नहीं मानी हार… आज 22 LPA की नौकरी कर रहा है ये युवक

कैरियर में बदलाव का फैसला अक्सर आसान नहीं होता। इसके साथ अनिश्चितता, नई चुनौतियां और खुद को फिर से साबित करने का दबाव भी जुड़ा होता है। कई लोग सुरक्षित रास्ता चुनते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने सपनों के लिए जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटते। नई स्किल्स सीखना, लगातार मेहनत करना और असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ते रहना ही उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। हाल ही में ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। एक 24 वर्षीय युवक ने अपने संघर्ष, करियर बदलने के फैसले और सफलता तक पहुंचने के सफर को साझा किया।

उसकी कहानी बताती है कि सही दिशा में लगातार प्रयास, धैर्य और सीखने की इच्छा हो तो सीमित संसाधन या अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं बनती। यही वजह है कि आज उसकी यह कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

CAT की तैयारी छोड़ चुना अलग रास्ता

2022 में BBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवक CAT परीक्षा की तैयारी कर रहा था। लेकिन उसे लगा कि अच्छे बिजनेस स्कूल में दाखिला पाने के लिए कई साल लग सकते हैं। इसलिए उसने इंतजार करने के बजाय नया रास्ता चुनने का फैसला किया।

बिना इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के सीखी Data Science

युवक ने Data Science में करियर बनाने का फैसला किया, जबकि उसके पास न इंजीनियरिंग की डिग्री थी और न ही कोडिंग का अनुभव। उसने करीब डेढ़ साल तक YouTube और Udemy की मदद से SQL, Python और अन्य जरूरी स्किल्स सीखी।

उसके मुताबिक, यह दौर बेहद कठिन था। जहां उसके दोस्त नौकरी कर रहे थे या विदेश पढ़ाई के लिए जा रहे थे, वहीं वह रोज घंटों बैठकर कोडिंग सीख रहा था।

अकेलापन, तनाव और Panic Attacks ने बढ़ाई मुश्किलें

सिर्फ पढ़ाई ही चुनौती नहीं थी। गैर-तकनीकी बैकग्राउंड होने की वजह से लोगों की आलोचना, परिवार और दोस्तों का कम समर्थन और भविष्य की चिंता उसे लगातार परेशान करती रही। उसने बताया कि कई बार रात में घबराहट और Panic Attacks तक आते थे।

700 से ज्यादा आवेदन, फिर मिली पहली नौकरी

नई स्किल्स सीखने के बाद भी नौकरी मिलना आसान नहीं था। अधिकांश HR इंटरव्यू से पहले ही उसका रिज्यूमे रिजेक्ट कर देते थे क्योंकि उसके पास टेक्निकल डिग्री और अनुभव नहीं था। करीब 700 से अधिक आवेदन करने के बाद उसे पहली नौकरी मिली, जहां उसकी सैलरी 25 हजार रुपये प्रति माह थी।

पहली नौकरी भी छूटी, दो महीने की सैलरी भी नहीं मिली

सिर्फ तीन महीने बाद स्टार्टअप में काम खत्म होने की वजह से उसकी नौकरी चली गई। इतना ही नहीं, कंपनी ने आखिरी दो महीने का वेतन भी नहीं दिया। उसने यह बात घरवालों से भी छिपाकर रखी और अगले ही दिन फिर से नौकरी की तलाश शुरू कर दी।

दूसरी नौकरी से मिली नई उड़ान

करीब चार महीने बाद उसे 6 LPA की नौकरी मिली। यहां काम करते हुए उसने लगातार नई स्किल्स सीखीं और लगभग 1.7 साल बाद बेहतर अवसर की तलाश में नौकरी बदली।

इस मेहनत का नतीजा यह रहा कि आज वह एक अमेरिकी MNC में 22 LPA के पैकेज पर काम कर रहा है।

इन स्किल्स ने दिलाई बड़ी सफलता

युवक के अनुसार Data Analyst बनने के लिए इन स्किल्स पर मजबूत पकड़ जरूरी है—

  • SQL
  • Python
  • Power BI
  • Tableau
  • Communication Skills

उसका कहना है कि इंटरव्यू में सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपने विचार स्पष्ट तरीके से रखना भी बेहद जरूरी होता है।

नौकरी पाने के लिए अपनाई ये खास रणनीति

उसने बताया कि केवल ऑनलाइन आवेदन करना काफी नहीं होता। उसने अपना रिज्यूमे ATS फ्रेंडली बनाया, हर जॉब पोस्ट के मुताबिक जरूरी Keywords जोड़े और LinkedIn पर संबंधित कंपनियों के कर्मचारियों से Referral भी मांगा। इसी रणनीति से उसे कई इंटरव्यू कॉल मिले।

अब खुद की कंपनी बनाने का सपना

24 वर्षीय युवक का अगला लक्ष्य अपनी खुद की कंपनी शुरू करना है, जो Data Science और Analytics Solutions उपलब्ध कराए। उसका मानना है कि लगातार सीखने और मेहनत करने से किसी भी बैकग्राउंड का व्यक्ति अपने करियर में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।