SIP Calculator: हर महीने SIP से ₹5 हजार इनवेस्ट कर सकता हूं, 10 साल में कितना बड़ा फंड बन जाएगा?

पिछले कुछ सालों में सेविंग्स और निवेश को लेकर लोगों की सोच बदली है। खासकर युवा निवेश के पुराने तरीकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहते। वे म्यूचुअल फंड जैसे निवेश के विकल्पों में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसमें सिप का बड़ा हाथ है। सिप के जरिए कोई व्यक्ति हर महीने अपनी क्षमता के हिसाब से म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश कर सकता है। जरूरत पड़ने पर वह अपना पैसा निकाल सकता है।

अच्छे रिटर्न की वजह से सिप में बढ़ रही दिलचस्पी

सिप से निवेश में दिलचस्पी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण इसका रिटर्न है। सिप से लंबी अवधि तक निवेश कर लोगों ने बड़े फंड बनाए हैं। अब तो लोग रिटायरमेंट बाद के खर्च के लिए भी सिप से म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश के बारे में सोचने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में सिप या एकमुश्त निवेश पर तभी अच्छा रिटर्न मिलता है, जब निवेश लंबी अवधि के लिए किया जाए।

हर महीने 5000 रुपये के सिप से तैयार हो सकता है बड़ा फंड

गाजियाबाद के रहने वाले मनोहर लाल एक जूता फैक्ट्री में काम करते हैं। उन्होंने बताया है कि वह हर महीने म्यूचुअल फंड में सिप के जरिए 5000 रुपये का निवेश कर सकते हैं। उनका सवाल है कि अगर वह यह निवेश लगातार 10 साल तक करते हैं तो इससे कितना बड़ा फंड वह बना सकते हैं?

लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड का सालान रिटर्न कम से कम 12%

मनीकंट्रोल ने यह सवाल एक्सपर्ट से पूछा। एक्सपर्ट ने बताया कि सिप से 10 साल तक लगातार निवेश करने पर काफी बड़ा फंड तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड की स्कीम का सालाना रिटर्न लंबी अवधि में कम से कम 12 फीसदी रहता है। म्यूचुअल फंड की स्कीम के पिछले रिटर्न को देख यह अनुमान लगाया गया है।

5000 रुपये के मंथली सिप से 10 साल में तैयार होगा 11 लाख का फंड

अगर लाल हर महीने 5000 का निवेश सिप से करते हैं तो इसका मतलब है कि वह 10 साल में कुल 6,00,000 रुपये का निवेश करेंगे। अगर इस पर सालाना 12 फीसदी का रिटर्न मान लिया जाए तो उनका पैसा 10 साल में बढ़कर 11,20,179 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि उनके कुल 6 लाख रुपये के निवेश पर 5,20,179 रुपये का रिटर्न मिलेगा।

सिप अमाउंट हर साल 10 फीसदी बढ़ाने पर तैयार होगा 16 लाख का फंड

अगर वह हर साल निवेश के अमाउंट में 10 फीसदी इजाफा करते हैं तो उनके लिए और बड़ा फंड तैयार हो जाएगा। चूंकि लाल नौकरी करते हैं, जिससे हर साल उनकी सैलरी कुछ-न-कुछ बढ़ती रहेगी। इसलिए हर साल सिप के अमाउंट को 10 फीसदी बढ़ाने में उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। अगर वह हर साल 10-10 फीसदी सिप अमाउंट बढ़ाते हैं तो 10 साल में उनके लिए 16,34,449 रुपये का फंड तैयार हो जाएगा।

# यह कैलकुलेशन ऑनलाइन उपलब्ध सिप कैलकुलेटर पर आधारित है।

PPF vs SIP: 15 साल बाद कौन ज्यादा पैसा देगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

PPF vs SIP: हर साल अगर आपके पास निवेश के लिए ₹1.5 लाख हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है। पैसा PPF में डालें या SIP करें? दोनों 15 साल के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं। लेकिन दोनों का खेल अलग है। PPF में सरकार की गारंटी मिलती है। SIP में शेयर बाजार की ग्रोथ का फायदा मिलता है।

यही वजह है कि 15 साल बाद दोनों का रिजल्ट भी अलग निकलता है। अगर सिर्फ कमाई देखें तो SIP आगे निकल सकती है। लेकिन सुरक्षा और टैक्स के मामले में PPF की अपनी ताकत है।

PPF और SIP में सबसे बड़ा फर्क

PPF एक सरकारी बचत योजना है। इसमें ब्याज तय होता है और फिलहाल यह 7.1% है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स-फ्री होती है।

दूसरी तरफ SIP, म्यूचुअल फंड में निवेश का तरीका है। इसमें कोई तय रिटर्न नहीं होता। बाजार अच्छा चला तो कमाई ज्यादा हो सकती है। बाजार कमजोर रहा तो रिटर्न भी कम हो सकता है।

15 साल का हिसाब

मान लेते हैं कि आप हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। यानी SIP में हर महीने ₹12,500 डालते हैं। तुलना के लिए SIP में 12% सालाना औसत रिटर्न का उदाहरण लिया गया है। यह इक्विटी म्यूचुअल फंड अमूमन लॉन्ग टर्म में देते हैं।

पैमानाPPF
SIP (12% उदाहरण)

हर साल निवेश₹1.5 लाख₹1.5 लाख
कुल निवेश₹22.5 लाख₹22.5 लाख
अनुमानित रिटर्न7.10%12.00%
15 साल बाद रकम₹40.7 लाख₹63.1 लाख
कुल मुनाफा₹18.2 लाख₹40.6 लाख

यानी इस मामले में SIP, PPF से करीब ₹22 लाख ज्यादा पैसा बना सकती है।

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए राहुल और अमित दोनों हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। राहुल PPF चुनता है। अमित हर महीने ₹12,500 की SIP करता है।

15 साल बाद राहुल के पास करीब ₹40.7 लाख होंगे। वहीं अमित के पास करीब ₹63.1 लाख हो सकते हैं। दोनों ने बराबर पैसा लगाया, लेकिन रिटर्न का फर्क करीब ₹22 लाख तक पहुंच गया।

अगर SIP का रिटर्न बदल जाए तो?

यहीं असली बात है। SIP में कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए अलग-अलग रिटर्न पर तस्वीर बदल जाती है।

SIP का औसत रिटर्न15 साल बाद रकम
8%₹43 लाख
10%₹52 लाख
12%₹63 लाख
15%₹84 लाख

यानी 8% पर SIP और PPF का फर्क बहुत कम रह जाता है। लेकिन 12-15% रिटर्न मिलने पर अंतर तेजी से बढ़ जाता है।

टैक्स में कौन आगे है?

PPF का सबसे बड़ा फायदा टैक्स है। इसमें जमा किया गया पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तीनों टैक्स-फ्री रहती हैं।

SIP में टैक्स देना पड़ सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस तरह के म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और कितने समय बाद पैसा निकाला है।

किसे क्या चुनना चाहिए?

अगर आपको बिना जोखिम वाला विकल्प चाहिए, तो PPF ज्यादा सुकून देता है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और रिटर्न भी तय रहता है। अगर आपका लक्ष्य ज्यादा पैसा बनाना है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं, तो SIP बेहतर विकल्प बन सकती है।

दोनों में निवेश ज्यादा बेहतर

मान लीजिए आपके पास हर साल ₹1.5 लाख हैं। ऐसे में पूरा पैसा सिर्फ एक जगह लगाने की जरूरत नहीं है। आप ₹75,000 PPF में और ₹75,000 SIP में लगा सकते हैं।

इससे एक तरफ सरकारी सुरक्षा मिलती है। दूसरी तरफ बाजार की ग्रोथ का फायदा भी मिलता है। यही वजह है कि कई वित्तीय सलाहकार लंबी अवधि के लिए इस तरह का संतुलन बेहतर मानते हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP Calculator: ₹100 की SIP से कितने समय में ₹1 लाख बनेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP Calculator: आज 100 रुपये में शायद परिवार के लिए पूरी सब्जी लाना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर कोई कहे कि सिर्फ ₹100 महीने बचाकर 1 लाख रुपये बनाए जा सकते हैं, तो पहली बार में यकीन करना मुश्किल लगता है।

लेकिन SIP की खासियत ही यही है। यहां सिर्फ आपका पैसा काम नहीं करता, समय भी आपके लिए काम करता है। जितने लंबे समय तक निवेश चलता है, कंपाउंडिंग उतना बड़ा असर दिखाती है। यही वजह है कि छोटी रकम भी धीरे-धीरे बड़ा फंड बन सकती है।

पहले सीधा जवाब जान लीजिए

अगर आप हर महीने ₹100 की SIP करते हैं, तो 1 लाख रुपये तक पहुंचने में अनुमानित समय कुछ ऐसा हो सकता है।

अनुमानित सालाना रिटर्न
1 लाख बनने में अनुमानित समय

10%22 साल 5 महीने
12%20 साल
15%17 साल 5 महीने

नोट: यह अनुमान नियमित मासिक SIP और पूरे समय एक समान रिटर्न मानकर किया गया है। असली रिटर्न बाजार के हिसाब से अलग हो सकता है।

10% रिटर्न मिले तो क्या होगा?

अब मान लीजिए आपने 25 साल की उम्र में ₹100 की SIP शुरू की। अगर औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 1 लाख रुपये बनने में करीब 22 साल 5 महीने लग सकते हैं।

इस दौरान आपका कुल निवेश सिर्फ करीब ₹26,900 होगा। यानी 1 लाख के फंड में करीब ₹73,100 सिर्फ कंपाउंडिंग से जुड़ सकते हैं। यही वजह है कि शुरुआती सालों में लगातार निवेश करना सबसे ज्यादा मायने रखता है।

12% रिटर्न पर तस्वीर बदल जाती है

अब यही उदाहरण 12% रिटर्न के साथ देखिए। यहां लक्ष्य करीब 20 साल में पूरा हो सकता है।

इस दौरान कुल निवेश लगभग ₹24,100 रहेगा। बाकी करीब ₹75,900 रिटर्न से बन सकते हैं। सिर्फ 2% ज्यादा रिटर्न मिलने से करीब ढाई साल का समय बच जाता है।

15% रिटर्न मिले तो?

अगर लंबे समय में औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो यही 1 लाख रुपये करीब 17 साल 5 महीने में बन सकते हैं।

यहां कुल निवेश सिर्फ करीब ₹20,900 रहेगा। बाकी लगभग ₹79,100 कंपाउंडिंग से जुड़ सकते हैं। यानी जितना समय बढ़ता है, उतना ही रिटर्न का असर भी तेज होता जाता है।

तीनों स्थितियों का पूरा हिसाब

रिटर्नसमयकुल निवेश
संभावित बढ़ी हुई रकम

10%22 साल 5 महीने₹26,900₹73,100
12%20 साल₹24,100₹75,900
15%17 साल 5 महीने₹20,900₹79,100

अगर SIP बढ़ा दें तो खेल बदल जाता है

यहीं सबसे दिलचस्प बात है। 100 रुपये की SIP से 1 लाख बन सकते हैं, लेकिन अगर आमदनी बढ़ने के साथ SIP भी थोड़ी बढ़ा दें, तो मंजिल कहीं पहले मिल सकती है।

12% अनुमानित रिटर्न पर अगर SIP बढ़ाकर ₹500 कर दें, तो 1 लाख बनने में करीब 9 साल लग सकते हैं। वहीं ₹1,000 की SIP में यही लक्ष्य करीब 5 साल 9 महीने में पूरा हो सकता है।

असली सीख क्या है?

100 रुपये की SIP आपको रातों-रात अमीर नहीं बनाएगी। लेकिन यह एक अच्छी निवेश आदत जरूर बना सकती है। अगर छोटी रकम से शुरुआत करके हर साल SIP थोड़ी-थोड़ी बढ़ाते रहें, तो वही कंपाउंडिंग आगे चलकर आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP Calculator: SIP की एक किस्त छोड़ दी? यही गलती बाद में लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है

SIP Calculator: SIP शुरू करना आसान है। मुश्किल काम है उसे लगातार जारी रखना। कई बार महीने के आखिर में खर्च बढ़ जाते हैं। बैंक खाते में बैलेंस कम होता है। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि इस महीने रहने देते हैं, अगले महीने से फिर शुरू कर देंगे।

यहीं सबसे बड़ी गलती हो जाती है। SIP में सिर्फ पैसा नहीं बढ़ता, समय भी आपके लिए काम करता है। जितनी जल्दी पैसा निवेश होता है, उतने ज्यादा साल उसे बढ़ने का मौका मिलता है। इसलिए एक किस्त मिस होने का नुकसान सिर्फ उस महीने तक नहीं रहता। कई साल बाद वही रकम बड़ी बन सकती है।

पहले समझिए नुकसान क्यों होता है

SIP की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग है। इसका मतलब है कि आपका पैसा सिर्फ रिटर्न नहीं कमाता, बल्कि उस रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता रहता है। यही वजह है कि शुरुआती सालों की हर किस्त सबसे ज्यादा अहम होती है।

अगर बीच में कोई किस्त नहीं जाती, तो उस पैसे का पूरा बढ़ने वाला सफर रुक जाता है।

₹1,000 की SIP में कितना नुकसान?

मान लीजिए आप हर महीने ₹1,000 की SIP करते हैं। निवेश की अवधि 20 साल है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

अगर पहले साल की सिर्फ एक किस्त नहीं जाती, तो वह ₹1,000 करीब 20 साल बाद लगभग ₹9,650 बन सकती थी। यानी एक छोटी सी चूक भविष्य के करीब ₹8,650 के मौके को खत्म कर सकती है।

₹2,000 की SIP का हिसाब

यही उदाहरण ₹2,000 की SIP से समझिए। अगर पहले साल की एक किस्त छूट जाती है, तो उसकी संभावित वैल्यू करीब ₹19,300 हो सकती थी। यानी सिर्फ ₹2,000 बचाने के चक्कर में भविष्य के करीब ₹17,300 का नुकसान हो सकता है।

₹5,000 की SIP में असर और बड़ा

अब मान लीजिए आपकी SIP ₹5,000 महीने की है। अगर पहले साल की एक किस्त नहीं जाती, तो वही ₹5,000 करीब ₹48,200 तक पहुंच सकते थे। यानी भविष्य में लगभग ₹43,200 का संभावित अंतर पड़ सकता है।

तीन महीने SIP नहीं गई तो?

अब एक बड़ा उदाहरण देखते हैं। मान लीजिए आपकी SIP ₹5,000 महीने की है। पहले साल लगातार तीन महीने निवेश नहीं हुआ। यानी कुल ₹15,000 निवेश नहीं हो पाया।

अगर यही पैसा 20 साल तक 12% की दर से बढ़ता, तो उसकी संभावित वैल्यू करीब ₹1.45 लाख हो सकती थी। यानी उस वक्त ₹15,000 बचाने का फैसला आगे चलकर लाख रुपये से ज्यादा का फर्क पैदा कर सकता है। अगर शुरुआत में 6 किस्त चूक गए, तो नुकसान करीब 3 लाख तक का हो सकता है।

अलग-अलग SIP में एक किस्त छूटने का असर

मासिक SIP
20 साल बाद 1 छूटी किस्त की संभावित वैल्यू*

₹1,000₹9,650
₹2,000₹19,300
₹5,000₹48,200

*यह अनुमान 20 साल और 12% सालाना रिटर्न के आधार पर है। वास्तविक रिटर्न बाजार के हिसाब से अलग हो सकता है।

पैसे की दिक्कत हो तो क्या करें?

अगर किसी महीने आर्थिक दबाव हो, तो पूरी SIP बंद करना जरूरी नहीं है। कई म्यूचुअल फंड SIP की रकम कम करने की सुविधा देते हैं। ऑटो-डेबिट की तारीख बदलना भी एक आसान विकल्प हो सकता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि निवेश की आदत बनी रहे।

आखिर याद क्या रखना चाहिए?

SIP में बड़ी दौलत अक्सर बड़ी रकम से नहीं बनती। नियमित निवेश से बनती है। कई लोग ₹1,000, ₹2,000 या ₹5,000 जैसी छोटी SIP से भी अच्छा फंड बना लेते हैं, क्योंकि उन्होंने बीच में रुकना नहीं चुना।

इसलिए अगली बार अगर लगे कि “इस महीने SIP छोड़ देते हैं”, तो एक बार यह हिसाब जरूर याद कर लीजिए। हो सकता है आज की ₹5,000 की बचत भविष्य के ₹48,000 बनने वाले हों।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP for Child: 18 साल का होने से पहले बच्चा बन जाएगा करोड़पति! समझिए कितना निवेश करना होगा और कैसे करें प्लानिंग

SIP for Child: इस वित्तीय अनिश्चितता के दौर में अपने बच्चों को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि बहुत से लोग बच्चे के पैदा होने के साथ निवेश की प्लानिंग शुरु कर देते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि शुरुआत से ही बहुत बड़ी रकम लगाई जाए। सही निवेश, लंबी अवधि और कंपाउंडिंग की ताकत से छोटी-छोटी रकम भी बड़ा फंड बना सकती है। सवाल है कि हर महीने कितना निवेश करना होगा और अलग-अलग रिटर्न पर कितना पैसा बनेगा?

मान लीजिए आपका बच्चा अभी पैदा हुआ है। आपके पास पूरे 18 साल हैं। अगर आप हर महीने एक तय रकम SIP में लगाते हैं और औसतन 10%, 12% या 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो कितना पैसा बन सकता है, इसे समझते हैं।

1 करोड़ के लिए हर महीने कितना निवेश?

18 साल में कुल 216 महीने होते हैं। 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य पाने के लिए अनुमानित मंथली SIP इस तरह होगी।

अनुमानित सालाना रिटर्न18 साल में 1 करोड़ के लिए मंथली SIPकुल निवेशअनुमानित फायदा
10%₹17,487₹37.77 लाख₹62.23 लाख
12%₹14,184₹30.64 लाख₹69.36 लाख
15%₹10,298₹22.24 लाख₹77.76 लाख

यहां एक बात समझना जरूरी है। 15% रिटर्न मानकर चलना ज्यादा आक्रामक अनुमान है। शेयर बाजार आधारित निवेश में रिटर्न तय नहीं होता। इसलिए प्लान बनाते समय बहुत ज्यादा रिटर्न मानकर चलना ठीक नहीं है।

12% रिटर्न पर ₹10,000 की SIP से कितना पैसा बनेगा?

अब दूसरा उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए आप बच्चे के जन्म से हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं। 18 साल तक निवेश जारी रखते हैं।

अगर औसत रिटर्न 10% रहा तो करीब 57.2 लाख रुपये बनेंगे। 12% रिटर्न पर यही रकम करीब 70.5 लाख रुपये हो जाएगी। वहीं, 15% औसत रिटर्न मिला तो फंड करीब 97.1 लाख रुपये पहुंच सकता है। यानी सिर्फ 10,000 रुपये की मासिक SIP से भी 18 साल में 1 करोड़ के काफी करीब पहुंचा जा सकता है।

अलग-अलग SIP से कितना फंड बनेगा?

12% सालाना औसत रिटर्न मानकर देखें तो तस्वीर और साफ हो जाती है।

मासिक SIP18 साल में कुल निवेशअनुमानित फंड
₹5,000₹10.80 लाख₹35.3 लाख
₹10,000₹21.60 लाख₹70.5 लाख
₹15,000₹32.40 लाख₹1.06 करोड़
₹20,000₹43.20 लाख₹1.41 करोड़

इस हिसाब से 15,000 रुपये की मासिक SIP 12% औसत रिटर्न पर 18 साल में करीब 1 करोड़ रुपये का फंड बना सकती है।

बच्चा 5 साल का हो चुका है तो?

मान लीजिए आपने निवेश जन्म के समय शुरू नहीं किया और बच्चा अब 5 साल का है। आपके पास 18 साल की उम्र तक सिर्फ 13 साल बचे हैं।

12% सालाना औसत रिटर्न मानें तो 1 करोड़ रुपये के लिए करीब 28,200 रुपये हर महीने निवेश करना होगा। समय कम होने की वजह से मासिक निवेश काफी बढ़ जाता है।

अगर बच्चा 10 साल का हो चुका है तो सिर्फ 8 साल बचेंगे। ऐसे में इसी अनुमानित रिटर्न पर करीब 64,300 रुपये महीने की SIP चाहिए होगी। यही वजह है कि बच्चे के लिए निवेश में जल्दी शुरुआत सबसे बड़ा फायदा देती है।

₹1,000 या ₹2,000 की SIP करें तो?

अगर शुरुआत में बड़ी रकम निवेश करना संभव नहीं है, तो ₹1,000 या ₹2,000 की SIP से भी शुरुआत की जा सकती है। मान लीजिए 18 साल तक हर महीने ₹1,000 निवेश करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो करीब ₹7.6 लाख का फंड बन सकता है।

वहीं, ₹2,000 की SIP से करीब ₹15.2 लाख हो सकते हैं। 15% औसत रिटर्न मिलने पर यही रकम क्रमशः करीब ₹10.9 लाख और ₹21.8 लाख हो सकती है। शुरुआत छोटी हो सकती है, लेकिन कम उम्र से निवेश शुरू करने का फायदा यह है कि समय के साथ SIP बढ़ाई जा सकती है।

पैसा कहां निवेश करें?

लंबे समय का लक्ष्य है तो निवेश का तरीका भी उसी हिसाब से चुनना चाहिए। 18 साल का समय होने पर इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP एक विकल्प हो सकती है। लेकिन इसमें बाजार का जोखिम रहता है।

जैसे-जैसे बच्चा 18 साल के करीब पहुंचे, पूरे पैसे को इक्विटी में रखना सही नहीं होगा। लक्ष्य से कुछ साल पहले धीरे-धीरे रकम को कम जोखिम वाले विकल्पों में शिफ्ट किया जा सकता है।

एक और तरीका हर साल SIP बढ़ाना है। उदाहरण के लिए शुरुआत 10,000 रुपये महीने से करें और हर साल इसे 10% बढ़ाते जाएं। इससे शुरुआती वर्षों में कम रकम से शुरुआत होगी और समय के साथ निवेश बढ़ता जाएगा।

SIP Calculator: सिर्फ ₹500 और ₹1,000 की मंथली SIP से बना सकते हैं लाखों का फंड! जानिए 10, 15 और 25 सालों का पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का लंपसम? आपके बच्चे के लिए कौन-सा निवेश बेस्ट रहेगा, पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP vs Lumpsum: बच्चा जब छोटा होता है, तब उसकी पढ़ाई, कॉलेज या करियर की चिंता दूर की बात लगती है। लेकिन समय बहुत तेजी से निकलता है। आज जो बच्चा गोद में है, वही 15-20 साल बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, MBA या विदेश में पढ़ाई का सपना देख सकता है। ऐसे में अगर आपने समय रहते निवेश शुरू नहीं किया, तो एक साथ बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं होगा।

यहीं से एक सवाल शुरू होता है। अगर आपके पास आज ₹2 लाख हैं, तो क्या उन्हें एक साथ निवेश कर देना चाहिए? या हर महीने ₹2,000 की SIP शुरू करना ज्यादा समझदारी होगी? दोनों के अपने फायदे हैं। आइए आसान भाषा और कैलकुलेशन से समझते हैं।

SIP और लंपसम में क्या अंतर है?

SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कुछ हद तक संतुलित हो जाता है।

वहीं लंपसम में पूरी रकम एक साथ निवेश की जाती है। अगर निवेश लंबी अवधि का हो, तो पूरी रकम पहले दिन से ही कंपाउंडिंग का फायदा उठाने लगती है।

इसे उदाहरण से समझिए

अब मान लीजिए आपका बच्चा अभी छोटा है और आप उसके भविष्य के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं। दो विकल्प हैं। हर महीने ₹2,000 की SIP करें या आज ही ₹2 लाख का लंपसम निवेश कर दें। मान लेते हैं कि दोनों निवेशों पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

15, 20 और 25 साल में कितना बनेगा पैसा?

निवेश का तरीका15 साल20 साल25 साल
₹2,000 की SIP का अनुमानित फंड₹10.09 लाख₹19.98 लाख₹37.95 लाख
आपका कुल SIP निवेश₹3.60 लाख₹4.80 लाख₹6.00 लाख
₹2 लाख का लंपसम निवेश₹10.95 लाख₹19.29 लाख₹34.00 लाख
लंपसम में अनुमानित मुनाफा₹8.95 लाख₹17.29 लाख₹32.00 लाख

नोट: यह कैलकुलेशन 12% सालाना अनुमानित रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं। इसलिए वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है।

दोनों रिटर्न में अंतर क्यों दिखता है?

15 साल में ₹2 लाख का लंपसम, ₹2,000 की SIP से थोड़ा आगे दिखता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, SIP का फंड बड़ा होता जाता है। इसकी वजह यह नहीं है कि SIP का रिटर्न ज्यादा है, बल्कि इसलिए क्योंकि SIP में हर महीने नया पैसा भी जुड़ता रहता है।

उदाहरण के लिए, 25 साल में SIP के जरिए आपने कुल ₹6 लाख निवेश किए हैं। वहीं, लंपसम में सिर्फ ₹2 लाख लगाए हैं। इसलिए दोनों की तुलना करते समय सिर्फ अंतिम रकम नहीं, बल्कि कुल निवेश को भी ध्यान में रखना चाहिए।

अगर आज ₹2 लाख पड़े हैं…

अब मान लीजिए आपको बोनस मिला है। कोई जमीन बिकी है। या FD मैच्योर हुई है। अगर इस पैसे की अगले 20-25 साल तक जरूरत नहीं है, तो उसे बैंक खाते में पड़ा रहने देने से बेहतर है कि लंबी अवधि के लिए निवेश कर दिया जाए। इससे पूरा पैसा पहले दिन से ही आपके लिए काम करना शुरू कर देगा।

अगर हर महीने बचत करना आसान है…

हर परिवार के पास ₹2 लाख एक साथ नहीं होते। लेकिन ₹2,000 महीने निकालना कई लोगों के लिए मुमकिन होता है। ऐसे में SIP बेहतर विकल्प है। इससे घर का बजट भी नहीं बिगड़ता और धीरे-धीरे अच्छा फंड तैयार हो जाता है।

अगर दोनों कर सकते हैं तो?

मान लीजिए आपके पास ₹2 लाख भी हैं और हर महीने ₹2,000 बचाने की क्षमता भी है। ऐसे में दोनों का फायदा उठाया जा सकता है।

आज ₹2 लाख निवेश कर दीजिए। फिर अगले महीने से ₹2,000 की SIP भी शुरू कर दीजिए। इससे एक तरफ बड़ी रकम लंबे समय तक कंपाउंड होगी और दूसरी तरफ हर महीने नया निवेश भी जुड़ता रहेगा।

सबसे बड़ा रोल समय निभाता है

अक्सर लोग सही म्यूचुअल फंड ढूंढने में महीनों लगा देते हैं, लेकिन निवेश शुरू नहीं करते। जबकि सच यह है कि अच्छे फंड से भी ज्यादा ताकत समय में होती है।

अगर बच्चा अभी 3 साल का है और आपने आज निवेश शुरू कर दिया, तो आपके पास 15 से 20 साल का समय है। यही समय छोटी-छोटी रकम को बड़े फंड में बदल देता है।

इसलिए अगर आज आप सोच रहे हैं कि अगले साल से शुरू करेंगे, तो शायद वही सबसे महंगी गलती होगी। चाहे शुरुआत ₹2,000 महीने से करें या ₹2 लाख एक साथ लगाएं, सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, भविष्य उतना ही आसान हो सकता है।

Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

₹30000 की SIP और हर 3 साल में ₹50 लाख का रिटर्न! जानिए म्यूचुअल फंड कंपाउंडिंग का असली जादू

Mutual Fund SIP Compounding Formula: ‘मेरे म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में कुछ भी खास नहीं हो रहा है, पैसा वहीं का वहीं अटका हुआ लगता है।’ अगर आप भी हर महीने रेगुलर एसआईपी कर रहे हैं और शुरुआती 2-3 सालों में बड़े रिटर्न न देखकर निराश हो रहे हैं, तो आज के मार्केट कंडीशन में ये थिंकिंग स्वाभाविक है। म्यूचुअल फंड में नए निवेशकों के धैर्य खोने और SIP बंद करने की सबसे बड़ी वजह यही शुरुआती धीमी रफ्तार होती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ₹30,000 की मंथली एसआईपी से पहला ₹50 लाख का फंड बनने में जहां 8 साल से ज्यादा का समय लगता है, वहीं आगे चलकर हर 2 से 3 साल में पोर्टफोलियो में ₹50-50 लाख रुपये जुड़ने लगते हैं?

आइए ‘फंड्सइंडिया’ (FundsIndia) के आंकड़ों से समझते हैं कि कंपाउंडिंग की ताकत कैसे काम करती है और शुरुआत में धीमा दिखने वाला निवेश बाद में रॉकेट की रफ्तार कैसे पकड़ता है।

₹30,000 की SIP से कैसे घटती जाती है ₹50 लाख की टाइमलाइन?

अगर आप हर महीने ₹30,000 की एसआईपी करते हैं और इस पर औसतन 12% का सालाना रिटर्न मानकर चलते हैं, तो आपके पोर्टफोलियो की ग्रोथ का सफर कुछ ऐसा होगा:

  • पहला ₹50 लाख: बनने में लगभग 8 साल और 3 महीने का समय लगता है।
  • दूसरा ₹50 लाख (₹1 करोड़ का फंड): इसे जुड़ने में केवल 4 साल का वक्त लगता है।
  • तीसरा ₹50 लाख (₹1.5 करोड़ का फंड): यह पड़ाव 3 साल से भी कम समय में हासिल हो जाता है।
  • ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ का सफर: इसमें केवल 2 साल का समय लगता है।
  • ₹2 करोड़ से ₹2.5 करोड़ का सफर: यह माइलस्टोन महज 1 साल और 8 महीने में पूरा हो जाता है।
  • ₹4 करोड़ के पार: एक बार जब पोर्टफोलियो ₹4 करोड़ के पार पहुंच जाता है, तो हर अगला ₹50 लाख जुड़ने में लगभग 1 साल या उससे भी कम का समय लगता है।

यानी शुरुआत में जिस ₹50 लाख को बनाने में 8 साल लगे थे, वही ₹50 लाख आगे चलकर हर 1 से 3 साल में आपके खाते में जुड़ने लगते हैं!

ऐसा क्यों होता है? समझिए ‘Slowly, then Suddenly’ का सिद्धांत

शुरुआती सालों में आपके पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा आपकी जेब से लगाई गई अपनी मूल पूंजी होता है। चूंकि उस समय आपका कुल जमा फंड छोटा होता है, इसलिए 12% का रिटर्न भी रुपयों के हिसाब से कम दिखता है।

लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, आपको मिले हुए रिटर्न पर भी रिटर्न मिलना शुरू हो जाता है। इसे ही कंपाउंडिंग या ब्याज पर ब्याज का जादू कहते हैं। एक समय के बाद पोर्टफोलियो की ग्रोथ आपकी जेब से जाने वाली मंथली SIP से नहीं, बल्कि आपके फंड द्वारा कमाए गए रिटर्न से तय होने लगती है।

आपकी जेब का पैसा vs कंपाउंडिंग का रिटर्न

FundsIndia के आंकड़ों के मुताबिक समय के साथ आपके निवेश में कितना बड़ा बदलाव आता है, इसे इस तुलना से समझिए:

 

आपकी जेब का पैसा vs कंपाउंडिंग का रिटर्न

जब आपका फंड ₹4.5 करोड़ से ₹5 करोड़ होता हैं, तो उस ₹50 लाख में आपकी जेब से जाने वाली ₹30,000 की SIP की हिस्सेदारी केवल 6% होती है, जबकि 94% पैसा आपके पुराने फंड पर मिले ब्याज और रिटर्न से आता है।

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी सीख

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय ज्यादातर लोग धैर्य इसलिए खो बैठते हैं क्योंकि शुरुआती सालों में मेहनत और अनुशासन सबसे ज्यादा लगता है, लेकिन उसका परिणाम सबसे कम दिखता है। पहला ₹50 लाख बनाने के लिए भारी अनुशासन, निरंतरता और धैर्य की जरूरत होती है। अगर आप शुरुआती 3-4 सालों में ही अपनी एसआईपी रोक देते हैं या पैसा निकाल लेते हैं, तो आप कंपाउंडिंग का असली फायदा उठाने से चूक जाते हैं।

एक बार जब आपका पोर्टफोलियो एक बड़े आकार तक पहुंच जाता है, तो आपकी वही ₹30,000 की मंथली एसआईपी बेहद कम समय में जबरदस्त रिटर्न देने लगती है।

कंपाउंडिंग का नियम सीधा है, ‘शुरुआत में बहुत धीमा, बाद में बहुत तेज’। अगर आप लंबी अवधि में बड़ा कॉर्पस और वित्तीय आजादी पाना चाहते हैं, तो बाजार के उतार-चढ़ाव और शुरुआती धीमी रफ्तार से घबराएं नहीं। अपनी एसआईपी जारी रखें और समय को अपना काम करने दें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP Calculator: क्या ₹50,000 महीने की सैलरी में बन सकते हैं करोड़पति? जानें एक्सपर्ट का SIP वाला ये फॉर्मूला

Mutual Fund SIP Calculator: ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना हर किसी का सपना होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहला करोड़ बनने के बाद संपत्ति की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। लेकिन क्या ₹50,000 महीने की कमाई करने वाला कोई सामान्य व्यक्ति ₹1 करोड़ का कॉर्पस बना सकता है?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बिल्कुल संभव है, बशर्ते आप अनुशासन, धैर्य और सही रणनीति के साथ लंबी अवधि के लिए निवेशित रहें। आइए समझते हैं एसआईपी (SIP) के जरिए करोड़पति बनने का पूरा गणित।

₹50,000 की सैलरी में कैसे बनेगा ₹1 करोड़ का फंड?

KAARMIKA Wealth Mentors के डायरेक्टर किरण गांधी का कहना है कि अगर आप हर महीने ₹50,000 कमाते हैं, तो भी अनुशासित निवेश से करोड़पति बना जा सकता है। उन्होंने इसके लिए कुछ जरूरी नियम बताए हैं:

सैलरी का 20-30% निवेश: अपनी मासिक आय का कम से कम 20 से 30 फीसदी हिस्सा हर महीने म्यूचुअल फंड SIP में लगाएं।

स्टेप-अप एसआईपी: हर साल जब आपकी सैलरी बढ़े, तो अपने एसआईपी निवेश में भी 10% से 15% की बढ़ोतरी करें।

इमरजेंसी फंड तैयार रखें: अपने निवेश को बीच में टूटने से बचाने के लिए इमरजेंसी फंड अलग बनाकर रखें और बेवजह के कर्ज से बचें।

हाई रिटर्न का लालच न करें: केवल ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने के बजाय एसेट एलोकेशन पर ध्यान दें और हर साल अपने पोर्टफोलियो का रिव्यू करें।

SIP Calculator: ₹12,000 प्रति महीने का गणित

किरण गांधी के अनुसार, अगर आप ₹12,000 महीने की एसआईपी शुरू करते हैं और इस पर औसतन 12% का सालाना रिटर्न मानकर चलते हैं, तो करीब 20 साल में आपका फंड लगभग ₹1 करोड़ हो जाएगा।

अगर आप हर साल अपनी एसआईपी की रकम में केवल 10% की बढ़ोतरी यानी स्टेप-अप SIP का रास्ता चुना, तो ₹1 करोड़ का यह लक्ष्य 20 साल से भी काफी पहले हासिल किया जा सकता है।

इस कैलकुलेशन के हिसाब से ₹50,000 महीने की सैलरी में करोड़पति बनना कोई नामुमकिन सपना नहीं है। इसके लिए सिर्फ एक सही रणनीति, अनुशासन और समय की जरूरत है। अगर आप 25-30 साल की उम्र से ही 15-20 सालों के लिए ₹10,000 से ₹12,000 की अनुशासित एसआईपी शुरू कर देते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत से ₹1 करोड़ का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।

भारत में SIP का नया रिकॉर्ड, जून में ₹31,781 करोड़ का निवेश

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश में छोटे निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। जून 2026 में मंथली एसआईपी योगदान ₹31,781 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह मई 2026 के मुकाबले 2.7% और जून 2025 के मुकाबले 16.5% ज्यादा है। सक्रिय एसआईपी खातों की संख्या बढ़कर 9.78 करोड़ हो गई है, जो एक साल पहले 8.64 करोड़ थी। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल SIP AUM बढ़कर ₹17.70 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, जो पूरी इंडस्ट्री के कुल एसेट का 21.5% है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए कितना फंड है पर्याप्त? एक्सपर्ट विवेक जैन से जानिए सही फॉर्मूला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP Calculator: हर महीने ₹500 की SIP… 10, 20 और 30 साल में कितना फंड बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: ‘अरे सिर्फ ₹500 से क्या होगा?’ SIP शुरू करने से पहले यह सवाल लगभग हर निवेशक के मन में आता है। कई लोग इसी सोच में निवेश टालते रहते हैं। उन्हें लगता है कि जब तक हर महीने 5,000 या 10,000 रुपये नहीं बचेंगे, तब तक निवेश का कोई फायदा नहीं है।

असल में ऐसा नहीं है। SIP में सिर्फ रकम काम नहीं करती। समय भी आपके लिए पैसा कमाता है। जितना लंबा निवेश करेंगे, कंपाउंडिंग का असर उतना बड़ा होगा। आइए, ₹500 की मासिक SIP का पूरा हिसाब देखते हैं।

₹500 की SIP पर कितना फंड बन सकता है?

सालाना अनुमानित रिटर्न10 साल (निवेश ₹60,000)20 साल (निवेश ₹1,20,000)
30 साल (निवेश ₹1,80,000)

10%₹1,03,276₹3,82,848₹11,39,663
12%₹1,16,170₹4,99,574₹17,64,957
15%₹1,39,329₹7,57,977₹35,04,910

पहले 10% रिटर्न का हिसाब समझिए

मान लीजिए, आपने हर महीने ₹500 की SIP शुरू की। 10 साल तक इसे जारी रखा। इस दौरान आपकी जेब से कुल ₹60,000 जाएंगे। अगर आपको औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो यह रकम बढ़कर करीब ₹1.03 लाख हो सकती है। यानी करीब ₹43,000 सिर्फ रिटर्न से मिल सकते हैं।

अब इसी SIP को 20 साल तक चलाइए। आपका कुल निवेश होगा ₹1.20 लाख। लेकिन अनुमानित फंड बढ़कर ₹3.82 लाख हो सकता है। यानी करीब ₹2.63 लाख का फायदा सिर्फ रिटर्न से मिलेगा।

अगर धैर्य रखकर 30 साल तक निवेश करते हैं, तो कुल निवेश सिर्फ ₹1.80 लाख रहेगा। लेकिन फंड बढ़कर करीब ₹11.40 लाख तक पहुंच सकता है। यानी आपकी कमाई, निवेश से कई गुना ज्यादा हो सकती है।

अगर 12% का रिटर्न मिले तो?

अब मान लेते हैं कि औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। 10 साल में ₹60,000 का निवेश बढ़कर करीब ₹1.16 लाख हो सकता है। यहां रिटर्न करीब ₹56,000 बैठता है। 20 साल में कुल निवेश ₹1.20 लाख होगा। लेकिन अनुमानित फंड करीब ₹5 लाख तक पहुंच सकता है। यानी निवेश से करीब ₹3.80 लाख ज्यादा।

30 साल का आंकड़ा और दिलचस्प है। कुल निवेश रहेगा ₹1.80 लाख। लेकिन अनुमानित फंड करीब ₹17.65 लाख तक पहुंच सकता है। यानी करीब ₹15.85 लाख सिर्फ कंपाउंडिंग की ताकत से जुड़ सकते हैं।

15% रिटर्न मिलने पर तस्वीर बदल जाती है

अगर लंबे समय तक औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 10 साल में ₹60,000 की SIP करीब ₹1.39 लाख हो सकती है। 20 साल में कुल निवेश ₹1.20 लाख रहेगा। लेकिन फंड बढ़कर करीब ₹7.58 लाख तक पहुंच सकता है। यानी रिटर्न ही ₹6.38 लाख से ज्यादा हो सकता है।

30 साल का हिसाब सबसे ज्यादा चौंकाता है। आपकी जेब से जाएंगे सिर्फ ₹1.80 लाख। लेकिन अनुमानित फंड बढ़कर ₹35 लाख से ज्यादा हो सकता है। यानी करीब ₹33 लाख सिर्फ रिटर्न और कंपाउंडिंग से जुड़ सकते हैं।

आखिर 30 साल में इतना बड़ा फर्क क्यों आता है?

शुरुआत के कुछ सालों में SIP धीरे-धीरे बढ़ती है। कई लोगों को लगता है कि फंड बहुत तेजी से नहीं बढ़ रहा। असल खेल बाद में शुरू होता है।

पहले आपके पैसे पर रिटर्न मिलता है। फिर उसी रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। इसे ही कंपाउंडिंग कहते हैं। यही वजह है कि 20वें साल के बाद फंड तेजी से बढ़ने लगता है।

छोटी SIP को छोटा मत समझिए

मान लीजिए, कोई 25 साल की उम्र में ₹500 की SIP शुरू करता है। दूसरा व्यक्ति सोचता रहता है कि अभी रकम कम है, बाद में निवेश करेंगे। कई बार यही देरी सबसे महंगी साबित होती है।

निवेश में बड़ी रकम से ज्यादा जरूरी है जल्दी शुरुआत करना। बाद में जब आय बढ़े, तो SIP की रकम भी बढ़ाई जा सकती है। सबसे मुश्किल काम लाखों रुपये निवेश करना नहीं होता। सबसे मुश्किल काम पहली ₹500 की SIP शुरू करना होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

10-10-10 SIP Rule: SIP से पैसे बनाने का दमदार फॉर्मूला, क्या ये आपके लिए भी करेगा काम? समझिए पूरा हिसाब

10-10-10 SIP Rule: अगर आप SIP में निवेश करते हैं, तो आपने 10-10-10 SIP Rule का नाम जरूर सुना होगा। इसे निवेश का आसान फॉर्मूला कहा जाता है। लेकिन यह कोई पक्का नियम नहीं है। यह सिर्फ एक तरीका है, जिससे आप लंबी अवधि का निवेश प्लान कर सकते हैं। इसमें दो बातें आपके हाथ में होती हैं, जबकि तीसरी पूरी तरह बाजार पर निर्भर करती है।

क्या है 10-10-10 SIP Rule?

इस फॉर्मूले में तीन बातें शामिल हैं। पहली, कम से कम 10 साल तक SIP चलाइए। दूसरी, हर साल अपनी SIP में 10% बढ़ोतरी कीजिए। तीसरी, लंबी अवधि की प्लानिंग करते समय 10% सालाना रिटर्न मानकर चलिए।

इसका मकसद सीधा है। जैसे-जैसे आपकी सैलरी या कमाई बढ़े, वैसे-वैसे निवेश भी बढ़ना चाहिए। इससे कंपाउंडिंग का फायदा और बड़ा हो सकता है।

10-10-10 SIP Rule से कितना पैसा बन सकता है?

मान लीजिए आप 5,000 रुपये महीने की SIP से शुरुआत करते हैं। हर साल SIP की रकम 10% बढ़ाते हैं और आपको औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है। ऐसे में 10 साल में आपका कुल निवेश करीब 9.56 लाख रुपये होगा। वहीं, निवेश की अनुमानित वैल्यू बढ़कर करीब 15.2 लाख रुपये हो सकती है।

यानी कंपाउंडिंग की वजह से आपको करीब 5.7 लाख रुपये का संभावित फायदा मिल सकता है। हालांकि, यह सिर्फ एक अनुमान है। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

क्या हर साल 10% रिटर्न मिलेगा?

यहीं सबसे बड़ी बात है। 10% रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। यह सिर्फ एक अनुमान है। शेयर बाजार हर साल एक जैसा प्रदर्शन नहीं करता। कभी रिटर्न ज्यादा होता है, तो कभी कम या निगेटिव भी हो सकता है।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय में कई डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने औसतन 10% से 12% सालाना रिटर्न दिया है। इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए 10% का अनुमान ठीक माना जाता है। लेकिन इसे पक्का रिटर्न मानना गलती होगी।

किन लोगों के लिए सही है?

यह तरीका उन लोगों के लिए ज्यादा अच्छा है, जिनकी कमाई हर साल बढ़ती है। हालांकि, हर साल SIP को ठीक 10% बढ़ाना जरूरी नहीं है। अगर आपकी सैलरी 6% बढ़ी है, तो SIP भी उतनी ही बढ़ा सकते हैं। अगर ज्यादा बढ़ी है, तो SIP भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि निवेश आपकी आय के साथ बढ़ता रहे।

बाजार गिर जाए तो क्या करें?

बाजार में गिरावट आते ही कई लोग SIP बंद कर देते हैं। एक्सपर्ट्स इसे बड़ी गलती मानते हैं। जब बाजार नीचे होता है, तो उसी रकम में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। बाद में बाजार संभलने पर इसका फायदा मिल सकता है। अगर आपकी कमाई और वित्तीय लक्ष्य नहीं बदले हैं, तो सिर्फ बाजार गिरने की वजह से SIP रोकने की जरूरत नहीं होती।

निवेश शुरू करने से पहले क्या देखें?

किसी भी फॉर्मूले को आंख बंद करके अपनाना ठीक नहीं है। पहले इमरजेंसी फंड बनाइए। हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस जरूर रखिए। अगर कर्ज ज्यादा है, तो उसे भी कंट्रोल में लाइए। इसके बाद ही SIP बढ़ाने का फैसला करें। साथ ही समय-समय पर अपनी SIP की समीक्षा करते रहें, ताकि बदलती आय और जरूरतों के हिसाब से निवेश में बदलाव किया जा सके।

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