PSU Stocks: 7 कारोबारी दिनों में 48% चढ़ा इस सरकारी कंपनी का शेयर, इस कारण निवेशकों को मिला छप्परफाड़ रिटर्न

New India Assurance Shares: न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के शेयरों में आज लगातार सातवें दिन खरीदारी का शानदार रुझान दिखा। इन सात दिनों में यह 48% से अधिक उछलकर यह एक साल के नए हाई पर पहुंच गया। यह इसके शेयरों के लिए अब तक की सबसे लंबी रैली है। इससे पहले नवंबर 2024 में यह लगातार 12 कारोबारी दिनों तक ऊपर चढ़ा था और 21 नवंबर से 9 दिसंबर तक क्लोजिंग बेसिस पर 12 कारोबारी दिनों में यह 22% से अधिक ऊपर चढ़ा था। इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 6.56% के उछाल के साथ ₹215.35 (New India Assurance Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 7.87% उछलकर ₹218.00 तक पहुंच गया था।

New India Assurance के शेयरों में NSE IPO ने भरी चाबी

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों को एनएसई के आईपीओ से सपोर्ट मिला है। पिछले हफ्ते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। इस ड्राफ्ट से सामने आया कि एनएसई के आईपीओ के तहत जो शेयरहोल्डर् अपनी हिस्सेदारी हल्की कर रहे हैं, उनमें न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी का भी नाम है। ड्राफ्ट के मुताबिक न्यू इंडिया एश्योरेंस इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1.05 करोड़ शेयर बेचने वाली है। चूंकि सरकारी इंश्योरेंस कंपनी के लिए एनएसई में होल्डिंग प्रति शेयर महज ₹0.32 के भाव के हिसाब से है तो शेयर बेचने पर इसे तगड़ा फायदा होने वाला है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से न्यू इंडिया एश्योरेंस में सरकार की हिस्सेदारी 85% है तो पब्लिक शेयरहोल्डर्स में एलआईसी की हिस्सेदारी 8.67% और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) की 1.31% होल्डिंग है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले 1.5 लाख छोटे खुदरा निवेशकों की कंपनी में 1.8% हिस्सेदारी है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले वित्त वर्ष 2026 के आखिरी कारोबारी दिन 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹116.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 3 ही महीने में यह 86.49% उछलकर आज 22 जून 2026 को ₹218.00 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। वैसे बता दें कि सरकारी बीमा कंपनी ने साल 2018 में 1:1 के रेश्यो में बोनस इश्यू जारी किया था और यह बोनस से एडजस्टेड आईपीओ प्राइस ₹400 के नीचे बना हुआ है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगर पर्सनल लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

पर्सनल लोन रिजेक्ट होने से किसी को भी बड़ा झटका लग सकता है, खासकर तब जब पैसों की तुरंत जरूरत हो. बैंक या लेंडर कई वजहों से लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकते हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि इनमें से ज्यादातर वजहें सुधारी जा सकती हैं. चाहे मामला CIBIL स्कोर का हो, पुराने लोन का हो या अधूरे डॉक्युमेंट का, आपके पास हमेशा यह मौका रहता है कि अगली बार पर्सनल लोन अप्रूवल की संभावना बेहतर बनाई जा सके.

पर्सनल लोन रिजेक्ट क्यों होता है?

लेंडर कई वजहों से पर्सनल लोन रिजेक्ट कर सकते हैं. सबसे आम वजहें इस प्रकार हैं:

  • कम CIBIL स्कोर: खराब क्रेडिट हिस्ट्री या कम CIBIL स्कोर (750 से कम) पर्सनल लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण है.
  • हाई डेट-टू-इनकम रेशियो: अगर आपका मौजूदा लोन आपकी इनकम के मुकाबले ज्यादा है, तो बैंक आपको नया लोन देने में हिचकिचा सकते हैं.
  • अनस्टेबल जॉब या कम इनकम: कम इनकम या हाई-रिस्क इंडस्ट्री में काम करने वालों की एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती हैं.
  • बार-बार लोन अप्लाई करना: कम समय में कई बार लोन के लिए अप्लाई करने से आप क्रेडिट के लिए उतावले लग सकते हैं, जिससे लेंडर सतर्क हो जाते हैं.
  • अधूरे डॉक्युमेंट: ID प्रूफ, सैलरी स्लिप या बैंक स्टेटमेंट जैसे जरूरी डॉक्युमेंट न देने पर भी एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है.

अगर आप भी बिना झंझट के पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल का ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म जरूर एक्स्प्लोर करें.

अपना CIBIL स्कोर चेक करें

अगर आपका लोन CIBIL स्कोर की वजह से रिजेक्ट होता है, तो आपको तुरंत स्कोर चेक करना चाहिए. मनीकंट्रोल की वेबसाइट पर आप इसे फ्री में चेक कर सकते हैं.

अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गलती दिखे तो CIBIL से संपर्क करके उसे ठीक करवाएं. इसके अलावा, अगर स्कोर कम है, तो उसे सुधारने के लिए समय लें और फिर दोबारा अप्लाई करें.

CIBIL स्कोर सुधारने के तरीके

कम CIBIL स्कोर होना लोन रिजेक्शन की एक आम वजह है. इसे सुधारने के लिए ये कदम उठाएं:

  • EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं – देरी से पेमेंट करने पर स्कोर तेजी से गिरता है.
  • क्रेडिट यूज लिमिट कम रखें – कोशिश करें कि क्रेडिट कार्ड लिमिट का 50% से ज्यादा इस्तेमाल न करें.
  • बार-बार लोन अप्लाई करने से बचें – हर एप्लिकेशन पर “हार्ड इंक्वायरी” होती है, जो स्कोर को घटा देती है.
  • पुराना लोन निपटाएं – आउटस्टैंडिंग लोन चुकाने से आपकी क्रेडिटवर्थिनेस बढ़ती है.

रिजेक्शन की वजह समझें

अगर रिजेक्शन की वजह साफ न हो, तो लेंडर से इसकी जानकारी लें. वजह जानने के बाद आप उस पर सुधार कर सकते हैं.

उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी इनकम कम है, तो छोटे लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करें. इसके अलावा, अगर जॉब हिस्ट्री अनस्टेबल है, तो स्टेबल जॉब मिलने के बाद दोबारा अप्लाई करें.

छोटे लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करें

जब आप बड़े लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक जोखिम के कारण एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकते हैं. इसलिए, अपनी रीपेमेंट क्षमता के अनुसार कम अमाउंट के लिए अप्लाई करें.

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को-एप्लिकेंट या गारंटर जोड़ें

अगर कम इनकम या खराब CIBIL स्कोर के कारण रिजेक्शन हुआ है, तो एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल वाले को-एप्लिकेंट या गारंटर को जोड़कर अप्रूवल की संभावना बेहतर बनाई जा सकती है.

दूसरे लेंडर एक्सप्लोर करें

आम बैंकों की एलिजिबिलिटी शर्तें सख्त होती हैं, लेकिन NBFCs और फिनटेक लेंडर ज्यादा फ्लेक्सिबल होते हैं. कई बार वे कम CIBIL स्कोर पर भी लोन अप्रूव कर देते हैं.

सिक्योर्ड लोन लें

अगर अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन रिजेक्ट हो गया है, तो सिक्योर्ड लोन के लिए अप्लाई करें. गोल्ड, FD या प्रॉपर्टी जैसे एसेट गिरवी रखकर लोन लेना आसान हो जाता है और ब्याज दर भी सस्ती मिल सकती है.

इंतजार करें और फिर दोबारा अप्लाई करें

अगर आपका लोन CIBIL स्कोर की वजह से रिजेक्ट हुआ था और अब आपने उसे सुधार लिया है, तो कुछ महीने रुककर दोबारा अप्लाई करें. धीरे-धीरे अपनी फाइनेंशियल आदतें सुधारते रहेंगे तो लोन अप्रूवल की संभावना अपने आप बढ़ जाएगी.

कुल मिलाकर, पर्सनल लोन रिजेक्ट होना निराशाजनक हो सकता है, लेकिन आप सुधार लाकर वापसी भी कर सकते हैं. रिजेक्शन की वजह समझकर, CIBIL स्कोर सुधारकर और बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट से आप अगली बार आसानी से अप्रूवल पा सकते हैं.

अगर आप भी बिना झंझट के पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल का ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म जरूर एक्स्प्लोर करें. यहां आप लेंडर से 50 लाख रुपए तक का पर्सनल लोन ले सकते हैं, जिस पर ब्याज दर सिर्फ 9.99% सालाना से शुरू होती है. इसका पूरा प्रोसेस 100% डिजिटल है, यानी आप घर बैठे भी अप्लाई कर सकते हैं.

Blue Cloud Softech share: एलॉन मस्क की स्पेसएक्स से संभावित एग्रीमेंट की बातचीत से ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक के शेयर बने रॉकेट

Blue Cloud Softech share: ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस के शेयरों में 22 जून को तूफानी तेजी दिखी। 20 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। इसकी वजह कंपनी का एक बड़ा ऐलान है। कंपनी ने कहा है कि वह स्पेसएक्स इंटरनेशनल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में शुरुआती कारोबारी मौकों का पता लगा रही है। स्पेसएक्स इंटरनेशनल अमेरिकी बिजनेसमैन एलॉन मस्क की स्पेसएक्स ईकोसिस्टम का हिस्सा है।

इंफॉर्मेशन एक्सचेंज के लिए बनाया फ्रेमवर्क

Blue Cloud Softech ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है। उसने कहा है कि वह स्पेशएक्स इंटरनेशनल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नॉन-बाइंडिंग अपॉर्चुनिटीज का पता लगा रही है। उसने कहा है कि दोनों पक्षों ने इस बारे में जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए एक फ्रेमवर्क बनाया है। दोनों कंपनियां बातचीत के जरिए एआई से जुड़े ,संभावित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाएंगी।

AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में कंपनी की दिलचस्पी

कंपनी ने कहा है कि उसका यह कदम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में मौकों की तलाश करने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी उभरती टेक्नोलॉजी में मौकों का इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि, उसने यह स्पष्ट किया है कि अभी बातचीत शुरुआती अवस्था में है और नॉन-बाइंडिंग है। बातचीत की वजह से किसी पक्ष पर ट्रांजेक्शन, ज्वाइंट वेंचर, इनवेस्टमेंट, पार्टनरशिप या किसी तरह का निश्चित एग्रीमेंट करने का दबाव नहीं होगा।

इस साल की शुरुआत में इम्पैक्स के अधिग्रहण को मंजूरी

ब्लू क्लाउड ने कहा है कि दोनों कंपनियों के बीच किसी तरह के सहयोग से पहले ड्यू डिलिजेंस, म्यूचुअल एग्रीमेंट, रेगुलेटरी एप्रूवल्स जरूरी होंगे। इस साल की शुरुआत में ब्लू क्लाउड ने अमेरिकी एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म ग्लोबल इमपैक्स इंक के अधिग्रहण को मजूरी दी थी। इस ट्रांजेक्शन की वैल्यू करीब 372.8 करोड़ रुपये थी।

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बीते एक साल में 26 फीसदी गिरा है शेयर 

Global Impx के अधिग्रहण के जरिए ब्लू क्लाउड का मकसद एनर्जी-बैक्ड डेटा सेंटर्स और एआई कंप्यूट ईकोसिस्टम्स में क्षमता विकसित करना है। इस ट्रांजेक्शन में एक 197 एकड़ का डेटा सेंटर ओडिशा में बनाने का भी प्लान है। कई चरणों में इसकी कपैसिटी बढ़ाकर 5 मेगावॉट से 100 मेगावॉट की जा सकती है। ब्लू क्लाउड का शेयर बीते एक साल में 26 फीसदी गिरा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Dividend Stocks: 5 लाख खुदरा निवेशकों को स्पेशल डिविडेंड देने की तैयारी, ऐलान पर बढ़ी इस FMCG स्टॉक की चमक

Dividend Stocks: दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया के बोर्ड की अगले महीने 3 जुलाई को बैठक होने वाली है, जिसमें स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर विचार होगा। इसके अलावा डिविडेंड का प्रस्ताव भी है। इससे कंपनी के 4 लाख से अधिक खुदरा निवेशकों के चेहरे खिल उठे और शेयर भी चमक गए। हालांकि शेयरों की तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह ग्रीन जोन में है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.37% की बढ़त के साथ ₹1420.60 (Nestle India Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 1.02% उछलकर ₹1,429.85 तक पहुंच गया था।

Nestle India की क्या है योजना?

नेस्ले ने 19 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि 3 जुलाई को बोर्ड की बैठक होनी है जिसमें 2026 के स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके लिए रिकॉर्ड डेट वही है, जो वित्त वर्ष 2026 के फाइनल डिविडेंड के लिए फिक्स की गई है। कंपनी हर शेयर पर ₹5 का फाइनल डिविडेंड बांट रही है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई फिक्स की गई है। इसका पेमेंट 30 जुलाई 2026 को या इसके बाद किया जाएगा। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2027 के कारोबारी नतीजे को लेकर बोर्ड की बैठक 22 जुलाई को होगी।

नेस्ले इंडिया में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

बीएसई पर मौजूद मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से कंपनी में 62.76% हिस्सेदारी प्रमोटर्स की है तो पब्लिक शेयरहोल्डिंग 37.24% है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स में 4.24% होल्डिंग 51 म्यूचुअल फंड्स की है लेकिन इनमें से किसी की भी होल्डिंग 1% या इससे अधिक नहीं है। एलआईसी के पास इसके 11.84 करोड़ से अधिक शेयर हैं जोकि कंपनी की 6.14% होल्डिंग के बराबर है। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी को मिलाकर 30 इंश्योरेंस कंपनियों की नेस्ले इंडिया में 7.37% होल्डिंग है तो विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 9.74% है। ₹2 लाख तक के निवेश वाले निवेशकों यानी रिटेल शेयरहोल्डर्स की बात करें तो 4,68,638 निवेशकों के पास कंपनी के 15,64,58,392 शेयर हैं जोकि कंपनी की 8.11% होल्डिंग के बराबर है। एचएनआई की होल्डिंग 3.96% है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

नेस्ले इंडिया के शेयर पिछले साल 14 अगस्त, 2025 को बीएसई पर ₹1085.00 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 9 महीने में यह 38.12% उछलकर पिछले महीने 11 मई, 2026 को ₹1498.60 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

OMCs Stocks: कच्चे तेल की फिसलन भी नहीं दे पाएगी राहत, इस कारण प्रभुदास लीलाधर ने जताई आशंका

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

INR vs USD: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, जानें क्या है गिरावट की वजह

INR vs USD: सोमवार, 22 जून को भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 4 पैसे कमजोर होकर 94.36 पर खुला, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और US-ईरान शांति बातचीत में प्रगति के संकेतों से घरेलू करेंसी के प्रति सेंटिमेंट को सपोर्ट मिलता रहा।

पिछले हफ्ते रुपया 0.8% बढ़कर 94.32 पर बंद हुआ था, जो लगभग तीन महीनों में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त थी। करेंसी ने कई महीनों के हाई 94.18 को भी छुआ और अपनी जीत का सिलसिला लगातार छह सेशन तक जारी रखा, जो पिछले महीने 97 के करीब अपने रिकॉर्ड लो से तेजी से उबरा।

हाल की रिकवरी ने मार्केट सेंटिमेंट को बेहतर बनाने में मदद की है, जिससे यह चिंता कम हुई है कि रुपया लंबे समय तक डेप्रिसिएशन ट्रेंड में फंसा हुआ है।

करेंसी ट्रेडर्स ने कहा कि तेल की कीमतों में नरमी और वाशिंगटन और तेहरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीत में लगातार प्रगति से और बढ़त हो सकती है।

रुपये को सपोर्ट करते हुए, अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.7% गिरकर $79.24 प्रति बैरल पर आ गया, जब ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि स्विट्जरलैंड में यूनाइटेड स्टेट्स के साथ बातचीत से अच्छी प्रगति हुई है। यह बातचीत ईरानी अधिकारियों और US वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस के बीच मीटिंग के बाद हुई।

ईरान के कमेंट्स से इन्वेस्टर्स की यह चिंता शांत हुई कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के नए मिलिट्री एक्शन की चेतावनी देने और तेहरान द्वारा एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी देने के बाद, नाजुक शांति प्रक्रिया बिगड़ सकती है।

हाल के हफ्तों में तेल मार्केट बहुत ज़्यादा वोलाटाइल रहे हैं, ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए $82 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया था, इस डर से कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में फिर से रुकावट आएगी। हालांकि, जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने से कीमतों को कम करने में मदद मिली है, जिससे भारत जैसी बड़ी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी को राहत मिली है।

रुपया सपोर्टिव फ्लो और ग्लोबल रिस्क के बीच फंसा

करेंसी स्ट्रैटेजिस्ट के मुताबिक, रुपया फिलहाल दो अलग-अलग ताकतों से प्रभावित हो रहा है। एक तरफ, लगातार कर्ज का आना और फॉरेन करेंसी डिपॉजिट घरेलू करेंसी को सपोर्ट कर रहे हैं। दूसरी तरफ, मिडिल ईस्ट में बनी अनिश्चितता और एक मजबूत US डॉलर लगातार मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि रुपया जल्द ही एक रेंज में रहेगा, और मार्केट की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि सपोर्टिव कैपिटल फ्लो बाहरी जियोपॉलिटिकल और डॉलर से जुड़े दबावों से ज़्यादा हो सकता है या नहीं।

एनालिस्ट्स ने कहा, “रुपया असल में बेहतर होते घरेलू फंडामेंटल्स और बाहरी अनिश्चितताओं के बीच खींचतान में फंसा हुआ है। जब तक किसी एक को निर्णायक फायदा नहीं मिल जाता, करेंसी की चाल नपी-तुली रहने की संभावना है।”

CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के MD अमित पाबारी के अनुसार, टेक्निकली, 94.00–94.20 ज़ोन एक मुख्य सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करता रहेगा, जबकि 94.80–95.00 तुरंत रेजिस्टेंस बैंड बना रहेगा। डेट इनफ्लो में सुधार के संकेत और तेल की कीमतें काफी हद तक कंट्रोल में रहने के साथ, रुपये की बढ़त के पक्ष में रुझान बना हुआ है, जिसमें USD/INR के 94.00–93.80 ज़ोन की ओर बढ़ने की संभावना है।

GIFT Nifty सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छी शुरुआत के दे रहा संकेत, इन खास इवेंट्स पर बाजार की नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: क्या प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में फिर आएगी तेजी?

Trading Plan:अच्छे टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स के कारण ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,इसलिए प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के एक दिन बाद मार्केट के फिर से ऊपर जाने की उम्मीद है। हालांकि,अपट्रेंड कब तक बना रहता है,यह देखने वाली बड़ी बात होगी। निफ्टी को 24,150–24,200 और उसके बाद 24,500 के लेवल तक संभावित बढ़त के लिए 24,000 के अहम लेवल को बनाए रखना होगा। हालांकि,अगर यह 24,000 से नीचे आता है तो इंडेक्स 23,800 की ओर गिर सकता है, जो एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,000 पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। यह 58,800 की ओर और ऊपर जाने के लिए एक अहम लेवल है। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 57,200 पर है और उसके बाद 56,800 पर अगला सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

एंजेल वन में टेक्निकल एनालिस्ट (इक्विटी और डेरिवेटिव्स) हितेश राठी का कहना है कि आखिरी ट्रेडिंग सेशन में दिखी कमजोरी और वीकली क्लोजिंग के आधार पर 24,100 के ऊपर का लेवल बनाए न रख पाने की वजह से,निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर थोड़ा अनिश्चित सा हो गया है। वीकली चार्ट पर’डोजी कैंडलस्टिक’का बनना बुल्स और बेयर्स के बीच दुविधा को दिखाता है,जिससे पता चलता है कि आक्रामक पोजीशन लेने से पहले दिशा का स्पष्ट संकेत मिलना जरूरी है।

इंडेक्स को अभी भी ऊपर की तरफ मज़बूत रुकावट (रेज़िस्टेंस) का सामना करना पड़ रहा है। पहली रुकावट अप्रैल और मई के’स्विंग हाई’को जोड़ने वाली नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से आ रही है,जो 100 DEMA के साथ भी मेल खाती है। पॉइंट एंड फ़िगर चार्ट पर भी,उसी इलाके में 45-डिग्री की गिरती हुई ट्रेंडलाइन की मौजूदगी 24,050–24,150 के रेज़िस्टेंस जोन की अहमियत को और बढ़ा देती है।

आगे भी सावधानी बरतने की जरूरत है। जब तक निफ्टी 24,150 के स्तर के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता,तब तक आक्रामक पोजीशन लेने से बचना और इसके बजाय मजबूत सपोर्ट जोन के पास मौकों की तलाश करना समझदारी होगी। लेवल की बात करें तो,तत्काल सपोर्ट 23,900 के पास है और उसके बाद 23,710–23,620 जोन में एक मज़बूत सपोर्ट बैंड है। ऊपर की तरफ,पिछले सेशन का 24,200 के आस-पास का हाई तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है और इसके बाद 24,450–24,500 के जोन में अगला बड़ा रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,180, 24,450

अहम सपोर्ट: 23,900, 23,650

स्ट्रैटेजी: 23,900 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,23,800 पर स्टॉप-लॉस रखें और 24,150–24,200 के जोन के पास प्रॉफिट बुक करें।

Market cues : 23800 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन, 23800 के नीचे जाने पर बढ़ सकती है गिरावट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

हितेश राठी का कहना है कि हालांकि बैंकिंग इंडेक्स में बीते हफ्ते अच्छी बढ़त रही। लेकिन पिछले हफ्ते आई 4 प्रतिशत से ज़्यादा की जबरदस्त तेजी की तुलना में,तेजड़ियों के लिए यह दौर ज्यादातर सुस्ती या ठहराव वाला रहा। ज्यादातर बढ़त हफ्ते की शुरुआत में’गैप-अप ओपनिंग’की वजह से हुई,जिसके बाद डेली चार्ट पर कीमतें छोटी बॉडी वाली कैंडल के साथ ट्रेड करती रहीं। इसका नतीजा वीकली चार्ट पर एक क्लासिकल ‘डोजी'(Doji) फ़ॉर्मेशन के तौर पर सामने आया,जो आम तौर पर अनिर्णय की स्थिति का संकेत देता है।

हालांकि,इस पैटर्न के बावजूद,बड़े टेक्निकल स्ट्रक्चर की मजबूती को देखते हुए हमारा नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। बीते हफ्ते,बैंक निफ्टी अप्रैल के स्विंग हाई 57,456 के ऊपर बंद हुआ,जिससे डेली चार्ट पर एक बड़ा’हायर टॉप-हायर बॉटम’पैटर्न कन्फर्म हुआ। इसके अलावा,कीमतें लॉन्ग-टर्म 200-DSMA के ऊपर भी बनी हुई हैं,जो अप्रैल की रैली के दौरान एक मजबूत रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। यह इवेंट कई टाइमफ्रेम में तेजी के रुझान के मजबूत होने का संकेत देता है।

मूविंग एवरेज का स्ट्रक्चर भी अब फेवरेबल हो गया है। इस हफ्ते इंडेक्स में 20-DEMA और 50-DEMA के बीच बुलिश क्रॉसओवर देखा गया,साथ ही 20-DEMA भी 89-DEMA के ऊपर क्रॉसओवर के करीब पहुंच रहा है। ये बातें पॉजिटिव ट्रेंड को और मज़बूत करती हैं। एक और अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अब 61,679 के ऑल-टाइम हाई से 49,955 के हालिया निचले स्तर तक आई पूरी गिरावट के 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर आसानी से बना हुआ है,जो यह बताता है कि मेन अपट्रेंड फिर से शुरू हो गया है।

लेवल की बात करें तो इस हफ़्ते 200-DSMA के पास बना बुलिश गैप 57,000–56,700 की रेंज में एक अहम सपोर्ट जोन का काम कर सकता है। ऊपर की तरफ़, रिट्रेसमेंट प्रोजेक्शन और गैप थ्योरी के आधार पर 58,500–59,500 का जोन अगला अहम रेजिस्टेंस एरिया माना जा रहा है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,400, 59,200

अहम सपोर्ट: 57,400, 56,800

स्ट्रैटेजी: 57,400 के आस-पास गिरावट आने पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 57,150 पर स्टॉप-लॉस रखें और 58,000 के स्तर के पास प्रॉफिट बुक करें।

 

 

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Share Market Rally: 5 सेकंड में ही बरसे ₹3 लाख करोड़, IT Sector के जोश पर 400 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex

Share Market Rally: लगातार पांच कारोबारी दिनों की बढ़त के बाद एक कारोबारी दिन पहले जो गिरावट आई थी, उससे उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) ने बढ़त के साथ शुरुआत की। अधिकतर एशियाई बाजारों से मजबूत संकेतों के बीच सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24100 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी खरीदारी का शानदार माहौल है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी आधे फीसदी की बढ़त है।

सेक्टरवाइज सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन निफ्टी आईटी में कुछ अधिक ही जोश दिख रहा है और यह 1% से अधिक मजबूत है। बाकी सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से कम ही बढ़त है। खरीदारी के इस माहौल में ओवरऑल BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में मार्केट खुलते ही ₹3 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:16 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 300.07 प्वाइंट्स यानी 0.39% की बढ़त के साथ 77,102.97 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 86.95 प्वाइंट्स यानी 1.45% के उछाल के साथ 24,100.05 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 420.88 प्वाइंट्स उछलकर 77,223.78 और निफ्टी 120.60 प्वाइंट्स चढ़कर 24,133.70 तक पहुंच गया था।

निवेशकों की दौलत में ₹3.10 लाख करोड़ का उछाल

एक कारोबारी दिन पहले यानी 19 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,76,96,162.72 करोड़ था। आज यानी 22 जून 2026 को मार्केट खुलते ही यह ₹4,80,07,068.95 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी ₹3,10,906.23 करोड़ बढ़ गई है।

Sensex के 22 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें शुरुआती कारोबार में 22 शेयर ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टेक महिंद्रा, इंफोसिस और एचसीएलटेक में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट फिलहाल पावरग्रिड, टाइटन और इंडिगो में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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119 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 3043 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1979 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 840 में गिरावट का रुझान है और 224 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। इसके अलावा 119 शेयर एक साल के हाई और 18 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 103 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 63 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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