Lucknow fire tragedy update: अब तक 15 लोगों की मौत, 4 आरोपी गिरफ्तार, चार अधिकारी निलंबित… लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में अब तक क्या हुआ?

Lucknow fire tragedy update:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून) को तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई। जबकि 9 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। इस बिल्डिंग में एक एनिमेशन सेंटर था जहां छात्र मौजूद थे। साथ ही निचली मंजिलों पर एक पेट शॉप और एक क्लिनिक भी था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

पॉश रिहायशी इलाके में है कोचिंग सेंटर

घटना अलीगंज थाना इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में दोपहर करीब तीन बजे हुई। पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह बिल्डिंग अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कई कोचिंग सेंटर और कैफे मौजूद हैं।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि बचाव दल ने इस घटना में घायल कुल 22 लोगों को केजीएमयू पहुंचाया, जिनमें से 15 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मतृकों की हुई पहचान

अस्पताल द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार हादसे में मरने वालों की शिनाख्त सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या के रूप में हुई है। के.के. सिंह ने बताया कि हादसे में घायल हुए नौ लोगों में से सात को छुट्टी दे दी गई है। जबकि दो अन्य का इलाज किया जा रहा है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

SIT में कौन-कौन अधिकारी शामिल?

बयान के अनुसार एसआईटी में पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। उसे सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस मामले में पुलिस ने देर रात चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।

चार अरेस्ट, 4 सस्पेंड

लखनऊ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल बिल्डिंग के संयुक्त रूप से मालिक हैं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर जानकीपुरम में बिजली विभाग के अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग की इंदिरा नगर शाखा के अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

घायलों से मिले सीएम योगी, पीएम मोदी ने जताया दुख

घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री अलीगढ का अपना दौरा बीच में ही छोडकर लखनऊ लौटे और घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वह अस्पताल भी पहुंचे और घायल पीड़ितों से मुलाकात करके संवेदना प्रकट की। रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बाद में उन्होंने केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मुख्यमंत्री को फोन करके घटना की जानकारी ली।

मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है।

अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब छह बजकर 15 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचे। फिर हादसे की शिकार इमारत की स्थिति का जायजा लिया और इमारत की ऊपरी मंजिलों का भी दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आदित्यनाथ केजीएमयू पहुंचे, दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात करके उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

कैसे लगी आग?

घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आग लगने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग शायद इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई। उन्होंने कहा कि बाहर निकलने का सही रास्ता न होने के कारण धुएं से दम घुटने से मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय बीजेपी विधायक नीरज बोरा ने पीटीआई को बताया कि इस हादसे में मरने वाले लोगों में से आधे स्थानीय निवासी थे।

ये भी पढ़ें- India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’

India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’

India Weather Update Today (23 June): देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए देशव्यापी मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बड़ा अलर्ट घोषित किया है। मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के कारण आज बिहार समेत देश के 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई और राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। आइए जानते हैं आज देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मुंबई और राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई (IMD Mumbai Warning): मुंबई के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र दौर की बारिश होने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

राजस्थान में महातूफान की आशंका: आज पूरे राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलने का अलर्ट है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक भी पहुंच सकती है।

बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी वेदर बुलेटिन के मुताबिक आज देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में मूसलाधार मानसूनी बारिश होने वाली है:-

बेहद भारी बारिश: असम और मेघालय में मानसून का सबसे रौद्र रूप दिखेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने वाला है।

भारी बारिश वाले अन्य 10 राज्य

बिहार और ओडिशा: कल मानसून के आगे बढ़ने के बाद आज इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो रहा है।

कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र: पश्चिमी तट से सटे इन इलाकों में भारी मानसूनी बारिश होगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भारी बारिश का कड़ा अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR समेत देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का कहर

देश के एक बहुत बड़े हिस्से में आज तेज आंधी-पानी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ इन राज्यों में मौसम खराब रहेगा।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड समेत) और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात रीजन, कोंकण एवं गोवा, पूरे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ हिमाचल प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

विदर्भ में हीटवेव और गर्म रात का टॉर्चर जारी

जहां एक तरफ देश का बड़ा हिस्सा मानसून की फुहारों से भीग रहा है। वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का टॉर्चर अभी भी बरकरार है। विदर्भ के कुछ हिस्सों में आज भीषण से अत्यधिक भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद असहज और गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज भी लू का असर देखने को मिलेगा।

ममता बनर्जी के हाथों से फिसली TMC की कमान, तृणमूल के बागी 58 विधायकों ने अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना

TMC Crisis Update: पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी सबसे बड़े संकट से जूझ रही हैं। ममता बनर्जी का अब पार्टी पर कंट्रोल भी खत्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण की कोशिश में विपक्ष के नेता रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुन लिया है। यह पार्टी संस्थापक ममता बनर्जी के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है। इस कदम से संकेत मिलता है कि विधानसभा से शुरू हुई और बाद में संसद तक फैली बगावत अब TMC के संगठनात्मक गढ़ तक पहुंच गई है।

बागी विधायकों, पार्षदों और अन्य नेताओं की मौजूदगी में एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और विधायक फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। जबकि रीताब्रता बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव बनाया गया। इस नए ढांचे के जरिए बागी गुट ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद से प्रभावी रूप से हटा दिया है।

रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमां अंसारी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बैठक के बाद रीताब्रता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “तृणमूल कांग्रेस नेताओं और सदस्यों के विशेष सत्र में सर्वसम्मति से अरूप रॉय को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया।” बागी गुट के नेता ने इस प्रक्रिया को वैध ठहराने की कोशिश करते हुए कहा कि पूरी कार्यवाही पार्टी के संविधान के अनुसार की गई है।

विशेष सत्र का डिटेल्स निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। बागी गुट के सूत्रों के अनुसार, रीताब्रता बनर्जी ने न्यू टाउन के एक होटल में बैठक की, जिसमें कोलकाता नगर निगम के लगभग 60 विधायक और 70 पार्षद मौजूद थे। उन्होंने इन फैसलों का समर्थन किया।

संगठनात्मक ढांचे का गठन शुरू

उन्होंने कहा, “यह असली या नकली होने का सवाल नहीं है। हम ही तृणमूल कांग्रेस हैं और आज के विशेष सत्र की कार्यवाही की जानकारी निर्वाचन आयोग को देंगे।” बनर्जी ने कहा, “हमने पार्टी के नियमों के अनुसार काम किया है और यह विशेष सत्र आहूत किया है। क्या सही है और क्या गलत, इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा।” उन्होंने बताया कि नवगठित नेतृत्व जल्द ही विभिन्न स्तरों पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का गठन शुरू करेगा। बनर्जी ने कहा, “हम जल्द ही जिला समितियों, प्रदेश इकाई और प्रवक्ताओं के एक पैनल का गठन करेंगे।”

440 करोड़ रुपये के लेन-देन पर भी रोक

इस बीच, पुलिस ने बागी विधायकों की शिकायत पर पार्टी के तीन बैंक खातों में मौजूद करीब 440 करोड़ रुपये के लेन-देन पर भी रोक लगा दी है। ये शिकायतें वित्तपोषण के स्रोत को लेकर की गई थीं। हालांकि, बनर्जी ने ममता के प्रति नरम रुख अपनाते हुए कहा कि यदि वह चाहें तो बागी गुट की मुख्य सलाहकार बन सकती हैं। उन्होंने कहा, “यदि ममता बनर्जी मुख्य सलाहकार बनना चाहें, तो उनका स्वागत है।”

ममता गुट का बयान

ममता बनर्जी के खेमे ने हालांकि इस पूरी कवायद को सिरे से खारिज कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा कि बागियों को पार्टी संविधान के तहत ऐसा कोई सत्र बुलाने या संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “तृणमूल और ममता बनर्जी एक-दूसरे के पूरक हैं। बागियों के पास ऐसा करने की कोई शक्ति नहीं है।”

ममता के वफादार नेताओं ने संकेत दिया है कि यह मामला अब पार्टी की वैधता को लेकर कानूनी लड़ाई में बदल सकता है। एक वफादार नेता ने बताया कि पार्टी की अनुशासन समिति जल्द ही बागी गतिविधियों में शामिल होने के लिए अरूप रॉय, फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास सहित अन्य नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी।

यह विशेष सत्र पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में उत्पन्न अभूतपूर्व संकट के बीच आयोजित किया गया। कुछ ही दिन पहले पार्टी के 80 विधायकों में से 58 ने विपक्ष के नेता पद के लिए रीताब्रता बनर्जी के दावे का समर्थन किया था। साथ ही पार्टी नेतृत्व की पसंद को खारिज कर दिया था। बागी गुट का दावा है कि इसके बाद उनकी संख्या और बढ़ गई है।

ये भी पढ़ें- Qatar Blast: कतर के गैस प्लांट में भीषण विस्फोट, 12 भारतीयों समेत 13 लोगों की मौत

हाल में पार्टी को संसद में एक और झटका तब लगा जब उसके 28 में से 20 लोकसभा सदस्य तृणमूल संसदीय दल से अलग हो गए और उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया। साथ ही BJP के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देने की घोषणा की है।

Congress vs Tharoor: शशि थरूर के कश्मीर दौरे पर विवाद, कांग्रेस के भीतर आपसी झगड़े सबके सामने आए

Congress vs Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर के हालिया कश्मीर दौरे ने उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ एक और विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस बात के लिए उनकी आलोचना की है कि उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगियों से मुलाकात नहीं की, जबकि उन्होंने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी।

शशि थरूर ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के अपने दौरे के दौरान उन्हें सकारात्मक चीजें महसूस हुईं। इस केंद्र शासित प्रदेश में हालात सामान्य होने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। ‘नालंदा डायलॉग्स’ के लिए श्रीनगर पहुंचे थरूर ने लोक भवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ये बातें कहीं।

कांग्रेस सांसद ने कहा, “श्रीनगर में! आज लोक भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक बेहतरीन बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा की।’’ उन्होंने कहा कि लोक भवन के दौरे पर उन्होंने सकारात्मक पहल देखी।

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं वहां पहुंचा, तो वह (सिन्हा) कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन की अध्यक्ष से बातचीत कर रहे थे, जो एक सकारात्मक पहल है, जिसका मैंने स्वागत किया। अब भी कई चुनौतियां हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन बैठक के बाद मुझे सकारात्मकता का अहसास हुआ।”

कांग्रेस हुई आगबबूला

कांग्रेस की J&K यूनिट ने इस बात पर निराशा जताई कि थरूर ने कश्मीर के लोगों या अपनी पार्टी के साथियों से मुलाकात नहीं की। JKPCC के प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने थरूर की X पोस्ट के जवाब में लिखा, “कश्मीर के लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलेंगे ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें। कम से कम आप उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए थोड़ा समय तो निकाल सकते थे जो उस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसे 7 साल पहले हमसे छीन लिया गया था।”

यह घटनाक्रम थरूर और उनकी अपनी पार्टी के बीच हुई तनातनी के ठीक बाद सामने आया है। कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने को लेकर शनिवार को अपने नेता शशि थरूर की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी सांसद द्वारा प्रधानमंत्री के लिए प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह कटाक्ष भी किया कि अब वे शायद वह भी सुन सकते हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ही नहीं। थरूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा था। लेकिन इसे दलगत विवाद में बदल दिया गया।

थरूर ने क्या कहा था?

दरअसल, शशि थरूर ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से अवगत कराया। साथ ही इस बात को मजबूती से रखा कि युद्ध के समय कमर्शियल नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, “मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है। अब वह शायद उसे भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।”

उन्होंने कहा, “जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी-ट्रंप बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिका द्वारा तीन भारतीय नाविकों की निर्मम हत्या का कोई उल्लेख नहीं है।”

खेड़ा का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह मोदी–ट्रंप की पहली मुलाकात थी। फिर भी कहीं यह संकेत नहीं मिलता कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के उस बार-बार दोहराए गए दावे का प्रतिवाद किया कि उन्होंने भारत को व्यापार की धमकी देकर युद्धविराम कराया।

ये भी पढ़ें- ‘एक भारतीय और एक पाकिस्तानी…’; शहबाज शरीफ के सामने अपनी पत्नी को लेकर ऐसा क्या बोले जेडी वेंस? वीडियो हुआ वायरल

Explosion in Qatar: कतर की LNG फैक्ट्री में बड़ा धमाक! 54 लोग घायल, 18 लापता

Explosion in Qatar: कतर के मुख्य नैचुरल गैस एक्सपोर्ट हब में एक जबरदस्त धमाका हुआ है। इसमें कम से कम 54 लोग घायल हो गए और 18 लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के दौरान हुई है। तब हुई जब हालिया संघर्ष के दौरान ईरान के हमले के बाद कर्मचारी वहां काम फिर से शुरू कर रहे थे। सरकारी कंपनी ‘कतरएनर्जी’ के मुताबिक, धमाका रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ, जब एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही थीं। धमाके के बाद आग लग गई। हालांकि नुकसान का सही अंदाजा अभी नहीं लग पाया है।

अधिकारियों ने बताया है कि कतर की मुख्य लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्रोसेसिंग फैसिलिटी में हुए धमाके में 54 लोग घायल हो गए हैं और 18 लोग लापता हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए अंदरूनी धमाके के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए कतरी इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप को तैनात किया गया था।

वायरल वीडियो में क्या है?

ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में अंधेरे आसमान के सामने दूर तक तेज़ लपटें उठती दिख रही हैं। आसमान में धुआं फैलता हुआ दिख रहा है और ऊपर एक छोटी सी चमकदार चीज भी दिखाई दे रही है। युद्ध के दौरान ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना कंट्रोल मजबूत करने के बाद कतर ने गैस का उत्पादन रोक दिया था। इससे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को होने वाली सप्लाई में रुकावट आई थी।

जब संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत जारी रही और रणनीतिक जलमार्ग पर पाबंदियां कम हुईं, तो अधिकारियों ने एक्सपोर्ट टर्मिनल पर गतिविधियां फिर से शुरू करने का फैसला किया। हालांकि, रविवार रात काम फिर से शुरू करने की कोशिश एक हादसे में बदल गई, जब फैसिलिटी में धमाका हुआ और आग लग गई।

अधिकारियों ने शुरू में बताया था कि बहुत कम लोग घायल हुए हैं। लेकिन कई घंटों बाद, कतर के गृह मंत्रालय ने आंकड़ों में बदलाव करते हुए कहा कि कम से कम 54 लोग घायल हुए हैं और 18 लोगों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है। इस घटना से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ सकती है, क्योंकि कतर नैचुरल गैस के दुनिया के प्रमुख एक्सपोर्टर्स में से एक है।

अधिकारियों ने पहले कहा था कि मौके पर पहुंची सिविल डिफेंस टीमों ने किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी है। मिनिस्ट्री ने कहा कि फैसिलिटी से कोई लीकेज नहीं हुआ जिससे पब्लिक सेफ्टी को खतरा हो।

इंडस्ट्रियल हब को मैनेज करने वाली कतरएनर्जी ने कहा कि बरजान फैक्ट्री में धमाके के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया और फैसिलिटी में लगी आग पर काबू पा लिया गया। रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी दोहा से लगभग 80km (50 मील) उत्तर में है।  यह दुनिया की सबसे बड़ी LNG एक्सपोर्ट फैसिलिटी का घर है, जो ग्लोबल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा बनाती है।

ये भी पढ़ें- US-Iran Peace Talks: पाकिस्तान ने करा दी अमेरिका की इंटरनेशनल बेइज्जती, जेडी वेंस का चेहरा देखने लायक था

मार्च में कतर सरकार ने घोषणा की थी कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनने के बाद इंडस्ट्रियल हब को काफी नुकसान हुआ है। कतरएनर्जी ने हमलों के बाद अपनी सप्लाई की जिम्मेदारियों से खुद को आजाद करने के लिए अपने कुछ कॉन्ट्रैक्ट में फोर्स मेज्योर क्लॉज का इस्तेमाल किया। इससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों के कस्टमर प्रभावित हुए।

Gurudwara Clash Nihang Sikh: रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में भारी बवाल! मैनेजमेंट को बंधक बनाकर छत पर चढ़े निहंग सिख, लहरा रहे हथियार

Gurudwara Clash Nihang Sikh: उत्तराखंड में रुदप्रयाग जिले के नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे में कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं मैनेजमेंट को बंधक बनाते हुए गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। आरोप है कि पंजाब से आए कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे पर हंगामा करने के बाद डायरेक्ट कब्जा कर लिया। उन्होंने वहां मौजूद एक सेवादार को बंधक बना लिया। ‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुद्वारे की छत पर खड़े कुछ लोग हथियार लहराते भी नजर आए, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।

पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल निहंग श्रद्धालु 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में एक घटना के बाद गिरफ्तार किए गए निहंगों को छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, निहंग गुरुद्वारे के मैनेजमेंट को भी अपने साथ ले गए और उनके पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे हथियार हैं।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

पुलिस ने बताया कि मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। निहंग श्रद्धालुओं से बात कर उन्हें नीचे आने के लिए मनाने के प्रयास जारी हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (SP) मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में 16 जून को मत्था टेककर वापस आ रहे कुछ निहंग सिखों का कर्णप्रयाग बाजार में कृष्णा पैलेस होटल के पास वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया।

8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद

पुलिस के मुताबिक, झड़प में एक सिख श्रद्धालु भी चोटिल हुआ था। घटना के संबंध में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार भी किया गया था। जानकारी के अनुसार, शनिवार को पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग की घटना में एकतरफा कार्रवाई के विरोध में रविवार को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधकों से सहयोग की अपील की थी।

ये भी पढ़ें- IMD Heavy Rain Alert: पूर्वोत्तर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट, यूपी और दिल्ली समेत इन राज्यों में आंधी-तूफान और हीटवेव की चेतावनी

निहंगो ने अपेक्षा के अनुरूप सहयोग न मिलने पर शनिवार शाम को नगरासू गुरुद्वारे में हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान तोड़फोड़ के बाद मैनेजमेंट को लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़े तथा नारेबाजी करने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद है। वे गुरुद्वारे के छत पर खड़े होकर हथियार लहरा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि निहंग सिखों की शिकायत ये है कि गुरुद्वारा मैनेजमेंट ने कर्णप्रयाग की घटना पर खुलकर निहांगो का स्टैंड नहीं लिया।

Snake Fair News: यहां हर साल लगता है सांपों का अनोखा मेला! इस ‘हनीमून स्पॉट’ पर 75,000 से ज्यादा सांप करते हैं रोमांस

Honeymoon Spot for Snakes: कनाडा के मैनिटोबा राज्य में स्थित नार्सिस (Narcisse) नाम की एक शांत जगह हर साल वसंत ऋतु में ऐसा नजारा पेश करती है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। यहां हर साल जमीन के नीचे छिपी चूना-पत्थर (लाइमस्टोन) की गुफाओं और दरारों से एक साथ हजारों सांप बाहर निकलते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान 75,000 से लेकर 1.5 लाख तक रेड-साइडेड गार्टर सांप आते हैं। यही वजह है कि इसे दुनिया में सांपों के सबसे बड़े प्राकृतिक जमावड़ों में से एक माना जाता है।

मैनिटोबा की कड़ाके की ठंड में तापमान कई बार -45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में किसी भी सरीसृप का जीवित रहना मुश्किल माना जाता है। लेकिन नार्सिस के चूना-पत्थर (लाइमस्टोन) से बने प्राकृतिक सिंकहोल और भूमिगत गुफाएं इन सांपों के लिए सुरक्षित आश्रय बन जाती हैं।

आकार में एक सामान्य कमरे जितनी दिखने वाली ये गुफाएं हजारों सांपों को सर्दियों में जीवित रहने का मौका देती हैं। प्रकृति की यह अनोखी घटना दिखाती है कि जीव-जंतु कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने के लिए कितने अद्भुत तरीके विकसित कर लेते हैं। नार्सिस स्नेक डेंस इसका एक शानदार उदाहरण हैं।

बर्फीली जमीन के नीचे छिपा है सांपों का आश्रय

मैनिटोबा में सर्दियों के दौरान तापमान कई बार माइनस 30 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है। इतनी कड़ाके की ठंड में अधिकांश जीवों का जीवित रहना मुश्किल होता है। लेकिन रेड-साइडेड गार्टर सांपों ने इसके लिए एक अनोखा तरीका विकसित किया है।

नार्सिस क्षेत्र की जमीन के नीचे लाखों साल पुराने चूना-पत्थर की दरारें, गहरी खाइयां और प्राकृतिक सुरंगें मौजूद हैं। ये भूमिगत गुफाएं फ्रॉस्ट लाइन से नीचे होने के कारण पूरी तरह नहीं जमतीं। यही जगह सर्दियों में हजारों सांपों का सुरक्षित ठिकाना बन जाती है, जहां वे कई महीनों तक निष्क्रिय अवस्था यानी हाइबरनेशन में रहते हैं।

कैसे बचते हैं सांप इतनी भीषण ठंड में?

रेड-साइडेड गार्टर सांप ठंडे खून वाले जीव (Ectotherms) होते हैं। यानी उनके शरीर का तापमान बाहरी वातावरण पर निर्भर करता है। सामान्य परिस्थितियों में माइनस तापमान उनके लिए घातक साबित हो सकता है।

लेकिन नार्सिस क्षेत्र की जमीन के नीचे मौजूद प्राचीन और छिद्रयुक्त लाइमस्टोन चट्टानों में बनी गहरी दरारें और सुरंगें उन्हें ठंड से बचाती हैं। ये भूमिगत स्थान फ्रॉस्ट लाइन से नीचे होते हैं, इसलिए पूरी तरह जमते नहीं हैं। सर्दियों के दौरान हजारों सांप इन्हीं गुफाओं में हाइबरनेशन की अवस्था में रहते हैं।

वसंत आते ही बदल जाता है पूरा नजारा

जैसे ही मौसम गर्म होना शुरू होता है, सांप बड़ी संख्या में अपनी गुफाओं से बाहर निकलने लगते हैं। शुरुआत में कुछ सांप दिखाई देते हैं। लेकिन देखते ही देखते उनकी संख्या हजारों में पहुंच जाती है। ऐसा लगता है मानो जमीन खुद हिल रही हो। सांपों की यह गतिविधि केवल बाहर निकलने तक सीमित नहीं रहती। वे तापमान और प्राकृतिक संकेतों का पालन करते हुए प्रजनन प्रक्रिया में जुट जाते हैं।

क्यों कहा जाता है इसे ‘हनीमून स्पॉट’?

नार्सिस को ‘हनीमून स्पॉट’ कहने की सबसे बड़ी वजह यहां होने वाली अनोखी प्रजनन प्रक्रिया है। मादा सांप के बाहर आते ही उसके आसपास दर्जनों नर सांप इकट्ठा हो जाते हैं। कई बार एक ही मादा के चारों ओर 50 से 100 तक नर सांपों का समूह बन जाता है।

इस दृश्य को वैज्ञानिक भाषा में ‘मेटिंग बॉल’ कहा जाता है। मादा सांप विशेष प्रकार के रासायनिक संकेत यानी फेरोमोन छोड़ती है, जिन्हें नर सांप अपनी विशेष टेक्नीक से पहचान लेते हैं। इसके बाद सभी नर सांप मादा तक पहुंचने और उससे प्रजनन करने की कोशिश करते हैं। यह दृश्य देखने वालों के लिए बेहद अनोखा और रोमांचक होता है।

कभी सड़कें बन गई थीं मौत का कारण

एक समय ऐसा था जब इन सांपों के लिए सबसे बड़ा खतरा मानव गतिविधियां थीं। मैनिटोबा की हाईवे-17 सांपों के प्रवास मार्ग को काटती है। वसंत और गर्मियों के दौरान सड़क पार करते समय हर साल हजारों सांप वाहनों की चपेट में आकर मर जाते थे। पुरानी रिपोर्टों के अनुसार, कुछ वर्षों में यह संख्या 30,000 तक पहुंच जाती थी। इससे सांपों की आबादी पर गंभीर खतरा मंडराने लगा था।

वैज्ञानिकों के लिए भी खास है यह जगह

नवंबर 2023 में जर्नल Behavioural Ecology में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कुछ गार्टर सांपों का सामाजिक व्यवहार अपेक्षा से कहीं अधिक जटिल होता है। उदाहरण के तौर पर बटलर्स गार्टर स्नेक्स उम्र और जेंडर के आधार पर अलग-अलग सामाजिक समूह बनाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नार्सिस स्नेक डेंस सांपों के सामाजिक व्यवहार, प्रवास, प्रजनन और हाइबरनेशन का अध्ययन करने के लिए दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक प्रयोगशालाओं में से एक हैं।

संरक्षण प्रयासों ने बदली तस्वीर

स्थिति को देखते हुए वन्यजीव विशेषज्ञों और इंजीनियरों ने मिलकर समाधान निकाला। सड़क के नीचे विशेष सुरंगें बनाई गईं ताकि सांप सुरक्षित रूप से एक ओर से दूसरी ओर जा सकें। इसके अलावा बाड़ (फेंसिंग) लगाई गई, जिससे सांप सीधे इन सुरंगों की ओर बढ़ें। इन उपायों के बाद सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले सांपों की संख्या में काफी कमी आई और उनकी आबादी को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली।

पूरे उत्तर अमेरिका में मिलते हैं ये सांप

रेड-साइडेड गार्टर स्नेक, सामान्य गार्टर स्नेक की एक उप-प्रजाति है, जिसका वैज्ञानिक नाम Thamnophis sirtalis parietalis है। यह प्रजाति उत्तर अमेरिका के कई हिस्सों में पाई जाती है। लेकिन मैनिटोबा के इंटरलेक क्षेत्र जैसी अनुकूल परिस्थितियां दुनिया में बहुत कम जगहों पर मौजूद हैं।

पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण

हर साल अप्रैल और मई के दौरान हजारों पर्यटक इस अनोखे नजारे को देखने पहुंचते हैं। जमीन पर रेंगते हजारों सांपों का दृश्य भले ही कुछ लोगों को डरावना लगे। लेकिन वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए यह प्रकृति के सबसे अद्भुत आयोजनों में से एक है।

ये भी पढे़ं- Delhi: दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में ₹1,260 करोड़ में बिका बंगला! दिग्गज कारोबारी को 4 गुना हुआ फायदा

El Nino Fear Impact: अल नीनो के डर से यहां किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की टेक्नीक ही बदली! इससे हो रही बचत समझिए

El Nino Impact on Rice Farming: प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) के पैर पसारने और कम बारिश की आशंका के बीच आंध्र प्रदेश के किसानों ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। सूखे और पानी की किल्लत के डर से यहां के किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की अपनी पारंपरिक तकनीक से अलग हट कर काम करना शुरू किया है। किसान अब पारंपरिक रूप से धान के खेतों को पानी से लबालब भरने के बजाय आधुनिक और कम पानी लेने वाली तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे लाखों लीटर पानी की बचत हो रही है।

पीटीआई की रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जेआर पुरम गांव के एक ऐसे ही किसान की कहानी बताई गई है। 52 वर्षीय किसान मज्जी सत्यम के एक ऐसे ही के पास 5 एकड़ जमीन और दो बोरवेल हैं। वे जीवनभर अपने पिता के सिखाए पारंपरिक तरीके से ही धान उगाते रहे हैं। यानी पहले नर्सरी में पौधे तैयार करना फिर उन्हें पानी से लबालब भरे खेतों में ट्रांसप्लांट (रोपाई) करना और कटाई तक खेतों में पानी जमा रखना।

इस खरीफ सीजन में अल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका को देखते हुए सत्यम ने अपनी तकनीक बदल दी है। सत्यम ने पीटीआई को बताया कि, ‘पिछले साल मई में ही बारिश आ गई थी। इस साल अभी तक नहीं आई है। मैंने सुना है कि अल नीनो के कारण इस बार बारिश कम होगी। इसलिए मैंने DSR आजमाने का फैसला किया है।’

क्या है DSR तकनीक?

DSR यानी डायरेक्ट सीडेड राइस (Direct Seeded Rice – धान की सीधी बुआई)। इस तकनीक में नर्सरी तैयार करने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। इसमें बीज सीधे मुख्य खेत में बोए जाते हैं। इसमें न तो रोपाई की जरूरत पड़ती है, न ही खेतों में पानी जमा रखने या कीचड़ बनाने की आवश्यकता होती है। कम मानसून की मार झेलने वाले किसानों के लिए यह तकनीक एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है।

एक एकड़ में बचता है 12 लाख लीटर पानी

पारंपरिक धान की खेती में अत्यधिक पानी की खपत होती है। इसके मुकाबले डीओएसआर (DSR) और एडब्ल्यूडी (AWD – अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग) तकनीकें पानी की जरूरतों को काफी कम कर देती हैं। AWD एक ऐसी तकनीक है जिसमें खेतों को लगातार पानी में डुबोकर रखने के बजाय चक्रों में पानी दिया और सुखाया जाता है।

डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन के निदेशक (ग्रामीण आजीविका और जलवायु कार्रवाई) सुमन सारस्वतीभटला ने बचत के आंकड़े बताते हुए कहा कि ड्राय डीएसआर पारंपरिक तरीकों की तुलना में प्रति एकड़ लगभग 11 से 12 लाख लीटर पानी बचाता है।

इसी तरह वेट डीएसआर प्रति एकड़ लगभग 4 से 5.5 लाख लीटर पानी की बचत करता है। AWD पारंपरिक खेती के मुकाबले लगभग 3 से 5 लाख लीटर पानी बचाता है। दोनों तकनीकों के सही ढंग से काम करने के लिए खेत के ऊपरी 30-40 सेंटीमीटर हिस्से में मिट्टी की नमी का लगातार बने रहना बेहद महत्वपूर्ण है, जो यह तय करता है कि किसानों को कब और कैसे बुआई करनी है।

3000 करोड़ लीटर पानी की हुई रिकॉर्ड बचत

सत्यम अकेले ऐसे किसान नहीं हैं। श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों के 1500 से अधिक गांवों में करीब 10 लाख एकड़ धान के क्षेत्र में किसानों को एक्शन फॉर क्लाइमेट एंड एनवायरनमेंट (ACE) कार्यक्रम के तहत पानी की अधिक खपत वाली पारंपरिक खेती से दूर ले जाया जा रहा है। यह पहल फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के सीएसआर (CSR) फंड के सहयोग से संचालित डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन द्वारा की जा रही है।

पिछले साल इन दोनों जिलों के किसानों ने 3667 एकड़ में DSR और 21963 एकड़ में AWD तकनीक को अपनाया था। इस वजह से 3000 करोड़ लीटर से अधिक पानी की बचत हुई और 50000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी आई। अल नीनो के दोबारा पूर्वानुमान को देखते हुए इस साल इन आंकड़ों में और बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

इसी गांव के एक अन्य 50 वर्षीय किसान आर सन्यास राव पिछले साल से ही 5 एकड़ में वेट डीएसआर का सफल प्रयोग कर रहे हैं। इससे उनकी मजदूरी की लागत घट गई और नर्सरी व रोपाई का झंझट खत्म हो गया। इस साल वे दो एकड़ में ड्राय डीएसआर और तीन एकड़ में मक्के की खेती कर रहे हैं।

सरकारी कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र भी किसानों को धान का रकबा घटाने, कम समय वाली फसलों या दालों और अनाजों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सत्यम का कहना है कि अगर अल नीनो गंभीर हुआ, तो हम सिर्फ घर के खाने के लिए ही धान उगाएंगे।

बदल गया बुआई का कैलेंडर और बढ़ाई गई मिट्टी की सेहत

चक्रवात और बारिश पर निर्भर रहने वाले इस बेल्ट (श्रीकाकुलम) में बुआई का पारंपरिक समय पहले ही बदल चुका है। पहले जहां धान जून के अंत में बोया जाता था, वहीं पिछले 3-4 वर्षों में यह जुलाई में शिफ्ट हो गया है और मुख्य रोपाई अगस्त तक चली जाती है। इस खाली समय का उपयोग करने के लिए फाउंडेशन किसानों को खरीफ शुरू होने से पहले (मई-जून की अवधि में) कम समय वाली कवर फसलें जैसे उड़द, मूंग और तिल उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

इसके अलावा पटसन और नेपियर जैसी हरी खाद वाली फसलें मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद करती हैं। पिछले साल 2372 एकड़ में कवर फसलें और 1508 एकड़ में एग्रो-फॉरेस्ट्री (नारियल के बगीचों में इमारती लकड़ी और फलों के पौधे लगाना) की गई थी।

मिट्टी की जांच और डिजिटल सलाह

श्रीकाकुलम की मिट्टी के स्वास्थ्य में भी गिरावट देखी जा रही है। फाउंडेशन ने जनवरी 2025 में हैदराबाद में अपनी अत्याधुनिक सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से किसानों को त्वरित मिट्टी जांच रिपोर्ट और फसल संबंधी सलाह दी जा रही है। पिछले साल 5000 से अधिक सॉयल हेल्थ कार्ड जारी किए गए। इनमें पाया गया कि मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर बहुत कम है।

ये भी पढ़ें- EL Nino Impact: यूपी से महाराष्ट्र तक उन 12 राज्यों की लिस्ट जहां असर डालेगा अल-नीनो, IMD के जून एंड फोरकास्ट में क्या आएगा?

सल्फर, जिंक और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है जबकि पोटाश की मात्रा अधिक है। इस साल अल नीनो के प्रभाव और उर्वरकों की कमी को देखते हुए विशिष्ट पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों से बल्क एसएमएस, पोस्टर और किसान बैठकों के माध्यम से किसानों को आदत या सुविधा के बजाय मिट्टी की जरूरत के हिसाब से सटीक खाद डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

Delhi: दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में ₹1,260 करोड़ में बिका बंगला! दिग्गज कारोबारी को 4 गुना हुआ फायदा

Delhi Subhash Chandra News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश लुटियंस जोन इलाके में ₹1,260 करोड़ में एक बंगला बिका है। एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने लुटियंस एरिया में स्थित अपना बंगला 1,260 करोड़ रुपये में एक अज्ञात कारोबारी को बेच दिया है। इसे हाल के सबसे महंगे रियल एस्टेट डील में से एक माना जा रहा है। करीब तीन एकड़ में फैला यह बंगला कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के पास भगवान दास रोड पर स्थित है।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ को बताया कि इस प्रॉपर्टी को दिल्ली स्थित एक कारोबारी परिवार ने खरीदा है। हालांकि, इस खरीदार की पहचान उजागर नहीं की गई है। यह बंगला उसी सड़क पर स्थित है जहां अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी की अगुवाई वाले ग्रुप ने साल 2020 में लगभग 400 करोड़ रुपये में एक प्रॉपर्टी खरीदी थी।

चार गुना बढ़ी बंगले की कीमत

सूत्रों ने कहा कि 1,260 करोड़ रुपये का यह सौदा दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस बीच, चंद्रा की अगुवाई वाले जी ग्रुप के प्रवक्ता ने इस लेन-देन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चंद्रा ने यह प्रॉपर्टी साल 2015 में 304 करोड़ रुपये में खरीदी थी।

इसका मतलब है कि इस प्रॉपर्टी कीमत पिछले एक दशक में चार गुना से अधिक हो गया है। लुटियंस एरिया भारत के सबसे महंगे रियल एस्टेट क्षेत्रों में से एक है। यहां करीब 3,000 हाई प्रोफाइल बंगले हैं। इनमें से लगभग 600 संपत्तियां निजी स्वामित्व में हैं, जो देश के सबसे अमीर लोगों के पास हैं।

लुटियंस जोन क्यों है खास?

दिल्ली का Lutyens Zone देश के सबसे प्रतिष्ठित और महंगे आवासीय इलाकों में गिना जाता है। यह एरिया लंबे समय से सत्ता, प्रतिष्ठा और ताकत का प्रतीक माना जाता रहा है। इस इलाके में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, जज, राजनयिक और चुनिंदा कारोबारी रहते हैं। सख्त निर्माण नियमों और सीमित भूमि उपलब्धता के कारण यहां संपत्तियों की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं।

लग्जरी रियल एस्टेट में तेजी

कोरोना वायरल (कोविड-19) महामारी के बाद दिल्ली के लुटियंस जोन और हरियाणा के गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड (Golf Course Road) पर कई बड़े रियल एस्टेट सौदे देखने को मिले हैं। विशेष रूप से गुरुग्राम में लग्जरी हाउसिंग की मांग तेजी से बढ़ी है। DLF की अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट्स The Camellias और The Dahlias में अपार्टमेंट्स की कीमतें रिकॉर्ड लेवल तक पहुंच चुकी हैं। इससे यह इलाका देश के सबसे महंगे आवासीय बाजारों में शामिल हो गया है।

कौन हैं सुभाष चंद्रा?

सुभाष चंद्रा एक प्रसिद्ध उद्योगपति, मीडिया उद्यमी और टेलीविजन क्षेत्र के दिग्गज व्यक्तियों में से एक हैं। उन्हें अक्सर ‘भारतीय निजी सैटेलाइट टेलीविजन के जनक’ कहा जाता है। उन्होंने 1992 में Zee TV की स्थापना की, जो भारत का पहला निजी सैटेलाइट टीवी चैनल था। चंद्रा का जन्म 30 नवंबर 1950 को हरियाणा के आदमपुर (हिसार) में हुआ था।

उन्होंने कम उम्र में पारिवारिक व्यापार से शुरुआत की और बाद में Essel Group की स्थापना की। इस ग्रुप ने पैकेजिंग, मनोरंजन, मीडिया, केबल टीवी और डीटीएच सेवाओं जैसे कई सेक्टर में कारोबार फैलाया।

ये भी पढ़ें- SP Split Buzz: ‘सहानुभूति रखें और तरस खाएं इन पर…’; सपा सांसदों में फूट के ओपी राजभर के दावों पर राजीव राय का पलटवार

इसके अलावा राजनीति में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। 2016 से 2022 तक वह हरियाणा से राज्यसभा सांसद रहे। व्यवसाय और मीडिया में उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। इनमें 2011 का International Emmy Directorate Award भी शामिल है।

West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

ये भी पढ़ें- US-Iran Peace Deal: होर्मुज और 300 अरब डॉलर की फंडिंग से लेकर और परमाणु हथियार तक…अमेरिका-ईरान MoU के 14 पॉइंट्स में क्या-क्या है?