ITR Filing Deadline: बदल गई ITR भरने की आखिरी तारीख! सैलरीड क्लास और बिजनेसमैन के लिए आ गया नया कैलेंडर, देखें पूरी लिस्ट

Income Tax Return Dates AY 2026-27: अगर आप हर साल की तरह इस बार भी यह मानकर चल रहे हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई ही है, तो थोड़ा ठहरिए। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने डेडलाइन में बड़ा बदलाव किया है।

बजट 2026 में किए गए बदलावों के बाद अब हर किसी के लिए एक सिंगल डेडलाइन 31 जुलाई नहीं होगी। अब आपकी आखिरी तारीख इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कौन सा आईटीआर फॉर्म भरते हैं। आइए जानते हैं टैक्स कैलेंडर में हुए इस बदलाव को ताकि आप भारी पेनाल्टी और नुकसान से बच सकें।

बड़ा बदलाव: फॉर्म के हिसाब से अलग-अलग होंगी आखिरी तारीखें

सरकार ने नौकरीपेशा और बिजनेस/प्रोफेशनल क्लास के लिए डेडलाइन को अलग-अलग कर दिया है, जो इस प्रकार है:

सैलरीड क्लास और पेंशनर्स (ITR-1 और ITR-2): नौकरीपेशा लोग, पेंशनर्स और ऐसे निवेशक जिनकी आय सैलरी, कैपिटल गेन्स, ब्याज या एक-दो मकानों से है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

छोटे कारोबारी और प्रोफेशनल्स (ITR-3 और ITR-4 -बिना ऑडिट वाले): फ्रीलांसरों, कंसलटेंट्स, डॉक्टरों, वकीलों, छोटे दुकानदारों और प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन का विकल्प चुनने वालों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब ये लोग 31 अगस्त 2026 तक अपना आईटीआर भर सकते हैं। इन्हें बुककीपिंग और मिलान के लिए पूरा एक महीना एक्स्ट्रा मिला है।

टैक्स ऑडिट वाले मामले: जिन बिजनेस या कंपनियों का टैक्स ऑडिट होना है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय है हालांकि ऑडिट रिपोर्ट एक महीना पहले, यानी 30 सितंबर तक जमा करनी होगी।

ट्रांसफर प्राइसिंग वाले मामले: इनके लिए डेडलाइन 30 नवंबर 2026 रहेगी।

AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग का नया कैलेंडर

 

दूसरा बड़ा बदलाव: रिवाइज्ड रिटर्न भरने के लिए अब मिलेगा ज्यादा समय

टैक्सपेयर्स के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। पहले अपनी गलती सुधारने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर हुआ करती थी। लेकिन इस साल से इस विंडो को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। यानी अगर फॉर्म भरने के बाद आपको याद आता है कि आप 80C का क्लेम भूल गए हैं या AIS/26AS में कोई मिसमैच है, तो उसे सुधारने के लिए अब आपके पास भरपूर वक्त होगा।

डेडलाइन चूके तो सिर्फ जुर्माना नहीं, होगा यह बड़ा नुकसान

अगर आप तय तारीख तक रिटर्न नहीं भर पाते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसके गंभीर नतीजे होंगे:

लेट फीस और ब्याज: सेक्शन 234F के तहत ₹5,000 की लेट फीस लगेगी अगर कुल आय ₹5 लाख से कम है तो ₹1000 और बकाया टैक्स पर ब्याज देना होगा।

ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प खत्म: सबसे बड़ा नुकसान यह है कि लेट होने पर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था को नहीं चुन पाएंगे। आप डिफॉल्ट रूप से नई टैक्स व्यवस्था में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। इसके अलावा आप बिजनेस या कैपिटल लॉस को आगे नहीं ले जा पाएंगे।

Home Loan vs Cash: क्या घर कैश में खरीदना चाहिए या होम लोन लेना है बेहतर? फैसला लेने से पहले समझें ये जरूरी बातें

यहां ये ध्यान देने वाली बात है कि यह साल पुराने ‘इंकम टैक्स एक्ट, 1961’ के तहत रिटर्न फाइल करने का आखिरी सीजन है। 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू हो चुका है, जो अगले साल के रिटर्न्स पर लागू होगा। इस बार फॉर्म भरते समय अपने Form 16, Form 26AS और AIS का मिलान अच्छे से कर लें और सबमिट करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करना न भूलें।

Google में ₹9.3 करोड़ की नौकरी छोड़ शुरू किया AI स्टार्टअप! अब मालामाल हुए यूसुफ इमरान, युवाओं की दी ये सलाह

Startup News: गूगल (Google) के एक पूर्व कर्मचारी ने करीब 9.3 करोड़ रुपये (लगभग 10 लाख डॉलर) सालाना की नौकरी छोड़कर अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप शुरू किया है। 41 वर्षीय यूसुफ इमरान (Yousuf Imran) का कहना है कि AI ने लोगों के लिए अपना बिजनेस शुरू करने और नए अवसर बनाने के रास्ते खोल दिए हैं।

पूर्व गूगल अकाउंट एग्जीक्यूटिव यूसुफ इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें FOMO (कुछ छूट जाने का डर) महसूस हुआ क्योंकि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियाँ ऐसे स्टॉक पैकेज दे रही थीं जिनमें जिंदगी बदलने की क्षमता थी।

एक साल में कमाए करीब 9.3 करोड़ रुपये

Business Insider में प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार, यूसुफ इमरान ने बताया कि उन्होंने पिछले साल Google में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के तौर पर करीब 9.86 लाख डॉलर (लगभग 9.3 करोड़ रुपये) कमाए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेस सैलरी करीब 1.70 लाख डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी। जबकि उनकी अधिकांश कमाई कमीशन से हुई।

AI बूम के बीच महसूस हुआ ‘FOMO’

इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें AI इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ते अवसरों को लेकर फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) महसूस होने लगा। उन्होंने कहा कि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियां कर्मचारियों को ऐसे स्टॉक विकल्प दे रही थीं। इनकी भविष्य में बड़ी वैल्यू हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने नौकरी की सुरक्षा के बजाय अपने स्टार्टअप में हिस्सेदारी को ज्यादा महत्वपूर्ण माना।

बिना इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के शुरू किया AI प्रोजेक्ट

करीब 15 साल सेल्स सेक्टर में काम करने के बाद इमरान 2020 में Google से जुड़े थे। वहां वे ग्राहकों को Google के AI और मशीन लर्निंग समाधान अपनाने में मदद करते थे। उन्होंने बताया कि नौकरी के बाद रात और वीकेंड में वे ChatGPT, Claude और Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर ऐप्स और साइड प्रोजेक्ट्स बनाते थे। जबकि उनका सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोई औपचारिक अनुभव नहीं था।

छंटनी ने बदल दी सोच

इमरान के मुताबिक, Google में हाल के वर्षों में हुई छंटनी ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि केवल बड़ी कंपनी में नौकरी ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी नहीं है। उन्होंने देखा कि कई प्रतिभाशाली कर्मचारियों की भी नौकरी चली गई। इसके बाद उन्होंने अपना उद्यम शुरू करने का फैसला किया।

सेल्स में लगभग 15 साल बिताने के बाद, इमरान 2020 में गूगल से जुड़े और क्लाइंट्स को गूगल के AI मशीन लर्निंग सॉल्यूशन को लागू करने में मदद की। इमरान ने बताया कि उनकी बेस सैलरी लगभग 170,000 डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी, जबकि उनकी ज़्यादातर कमाई कमीशन से होती थी, जिससे उनकी सालाना W-2 कमाई लगभग 986,000 डॉलर (करीब 9.3 करोड़ रुपये) हो गई।

शुरू किया अपना AI स्टार्टअप

अप्रैल 2026 में उन्होंने Google छोड़कर Mangosteen Studio नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू किया। यह कंपनी सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए AI आधारित टूल विकसित करती है। इमरान ने बताया कि उन्होंने पहले से पूरी वित्तीय योजना बनाई थी। स्टार्टअप को दो साल तक चलाने के लिए करीब 2 लाख डॉलर अलग रखे थे। जबकि अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए 1.5 लाख डॉलर की बचत भी की थी।

‘AI हर किसी को नया मौका दे रहा है’

इमरान का कहना है कि AI केवल इंजीनियरों के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों के लिए भी नए अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा, “जो लोग अपने करियर में ठहराव महसूस कर रहे हैं या नई चुनौती चाहते हैं, उनके लिए AI कुछ नया बनाने का अवसर दे रहा है। सबसे जरूरी चीज आपके क्षेत्र का अनुभव है। मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं था, लेकिन मैंने 20 साल तक सेल्स प्रोफेशनल्स की समस्याओं को समझा और उसी अनुभव के आधार पर अपना बिजनेस शुरू किया।”

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Home Loan vs Cash: क्या घर कैश में खरीदना चाहिए या होम लोन लेना है बेहतर? फैसला लेने से पहले समझें ये जरूरी बातें

Buying a House with Cash vs Home Loan: घर खरीदना किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा फाइनेंशियल फैसला होता है। इसके लिए लोग सालों-साल पैसे जोड़ते हैं। लेकिन अगर आपके पास पर्याप्त पैसे जमा हैं, तो आपके सामने एक बड़ा सवाल खड़ा होता है क्या पूरा पैसा एक बार में कैश देकर घर खरीद लेना चाहिए या फिर होम लोन लेकर अपनी बचत को कहीं और निवेश करना चाहिए?

साल 2026 में रियल एस्टेट और होम लोन मार्केट के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए, दोनों ही विकल्पों के अपने नफा-नुकसान हैं। आइए समझते हैं कि आपके लिए कौन सा रास्ता चुनना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा।

कैश में घर खरीदने के फायदे: कर्ज मुक्त जिंदगी का सुकून

बिना किसी लोन के सीधे अपने पैसों से घर खरीदने का सबसे बड़ा फायदा मानसिक शांति है। आपको हर महीने बैंक की EMI चुकाने, ब्याज दरों में होने वाले बदलावों या बैंक से लोन अप्रूवल की लंबी कागजी कार्रवाई की कोई चिंता नहीं होती। घर पहले दिन से ही पूरी तरह आपका होता है।

भले ही भारत में होम लोन की दरें प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं, लेकिन जब आप 15 या 20 साल के लिए लोन लेते हैं, तो ब्याज के रूप में आप मूलधन से भी बहुत ज्यादा रकम बैंक को चुका देते हैं। कैश पेमेंट से यह पूरा पैसा बच जाता है।

कैश पेमेंट का नुकसान: ‘हाउस-रिच और कैश-पुअर’ होने का खतरा

पूरे पैसे एक बार में लगा देने का सबसे बड़ा नुकसान तब होता है, जब आपकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी एक ही जगह ब्लॉक हो जाती है। मान लीजिए आपने अपना सारा पैसा घर खरीदने में लगा दिया और अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए या नौकरी चली जाए, तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। प्रॉपर्टी को रातों-रात बेचकर कैश नहीं निकाला जा सकता।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की मानें तो कभी भी ‘हाउस-रिच और कैश-पुअर’ नहीं होना चाहिए। यानी आपके पास करोड़ों का घर तो हो, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों और आपातकालीन स्थितियों के लिए हाथ में नकदी न बचे।

होम लोन लेने के फायदे: टैक्स छूट और निवेश की आजादी

अगर आपके पास पूरा कैश है, तब भी होम लोन लेना इन वजहों से फायदेमंद हो सकता है:

वित्तीय लचीलापन: लोन लेने से आपकी बचत का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित रहता है, जिसे आप आपातकालीन फंड, बच्चों की पढ़ाई या अपने रिटायरमेंट के लिए बचाकर रख सकते हैं।

टैक्स में बड़ी राहत: होम लोन लेने पर आपको इनकम टैक्स की विभिन्न धाराओं जैसे- ब्याज पर और मूलधन पर के तहत अच्छी-खासी टैक्स छूट मिलती है, जो कैश खरीदने पर नहीं मिलेगी।

अपॉर्चुनिटी कॉस्ट का गणित

यह पूरा फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि ‘आपका पैसा आपको कितना कमा कर दे सकता है’।

ऑप्शन- 1: अगर आपका पैसा किसी ऐसे सेविंग्स अकाउंट या कम रिटर्न वाले विकल्प में पड़ा है जहां ब्याज बहुत कम है, तो लोन के ब्याज से बचने के लिए कैश में घर खरीदना बेहतर है।

ऑप्शन- 2: अगर आप उस पैसे को म्यूचुअल फंड, इक्विटी या किसी ऐसे एसेट क्लास में निवेश करते हैं जहां लॉन्ग-टर्म में मिलने वाला रिटर्न (जैसे 12-15%), आपके होम लोन की ब्याज दर (जैसे 8-9%) से काफी ज्यादा है, तो लोन लेना गणित के हिसाब से ज्यादा फायदेमंद सौदा साबित होगा।

सबसे बेस्ट तरीका: बीच का रास्ता

ज्यादातर मामलों में एक्सपर्ट्स ‘बीच का रास्ता’ चुनने की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि आप न तो अपना पूरा कैश घर में लगाएं और न ही अपनी क्षमता से ज्यादा बड़ा लोन लें। सबसे समझदारी भरा तरीका यह है कि आप एक बड़ा डाउन पेमेंट कैश में कर दें और बाकी बची रकम के लिए छोटा होम लोन ले लें। इससे आपका ब्याज का बोझ भी कम हो जाएगा, टैक्स का फायदा भी मिलेगा और आपके हाथ में भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त लिक्विड कैश भी बचा रहेगा।

8th Pay Commission: वेतन आयोग का वो सीक्रेट फॉर्मूला, जो पूरी तरह बदल देगा कर्मचारियों का पे-मैट्रिक्स; जानिए क्या है ये

8th Pay Commission Family Unit Formula: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन और सैलरी रिवीजन को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। इस बार फिटमेंट फैक्टर के अलावा एक और चीज है जो कर्मचारियों की सैलरी तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है, और वह है ‘फैमिली यूनिट’ का फॉर्मूला।

आमतौर पर लोग सोचते हैं कि सैलरी सिर्फ महंगाई के हिसाब से बढ़ती है, लेकिन हकीकत में न्यूनतम मूल वेतन तय करने के पीछे वेतन आयोग का एक खास गणित काम करता है। आइए समझते हैं कि यह ‘फैमिली यूनिट’ क्या है और इसके बदलने से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कितना बड़ा उछाल आ सकता है।

क्या होता है ‘फैमिली यूनिट’ का नियम और इसका महत्व?

बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी के मुताबिक, ‘फैमिली यूनिट’ वह मानक या मानकर चली गई धारणा है जिसका इस्तेमाल वेतन आयोग किसी सरकारी कर्मचारी के घर को चलाने की न्यूनतम लागत का अनुमान लगाने के लिए करता है।

7वें वेतन आयोग का ने फैमिली यूनिट को 3.0 माना था। इसका मतलब था कि इस यूनिट में कर्मचारी, उसकी पत्नी और दो बच्चों के जरूरी खर्चों को ही शामिल किया गया था। इस फॉर्मूले में कर्मचारी पर निर्भर बुजुर्ग माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के खर्चों को सीधे तौर पर शामिल नहीं किया गया था।

बदलते समय के साथ क्यों उठ रही है इसे बढ़ाने की मांग?

पिछले कुछ वर्षों में पारिवारिक ढांचा और जरूरतें काफी बदल चुकी हैं। आज के समय में ज्यादातर सरकारी कर्मचारियों के कंधों पर अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और उनके इलाज का बड़ा खर्च होता है। बढ़ती महंगाई के बीच हेल्थकेयर, रोजमर्रा के सामान और बच्चों की पढ़ाई की लागत काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि कई कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग से इस ‘फैमिली यूनिट’ के दायरे को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

फैमिली यूनिट बढ़ने से कैसे बढ़ेगी बेसिक सैलरी?

अगर 8वां वेतन आयोग फैमिली यूनिट के आंकड़े को 3.0 से ऊपर संशोधित करता है, तो जीवन यापन की न्यूनतम लागत का अनुमान भी अपने आप बढ़ जाएगा। उदाहरण से समझिए:

अगर पिछले आयोग (7th PC) में माता-पिता को शामिल करके फैमिली यूनिट को 3.0 के बजाय 4.6 माना गया होता, तो कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी ₹18000 के बजाय करीब ₹27600 तय होती।

8वें वेतन आयोग में असर: चूंकि पूरा पे-मैट्रिक्स इसी न्यूनतम बेसिक सैलरी के इर्द-गिर्द तैयार होता है, इसलिए अगर इस बार बेंचमार्क बढ़ा, तो इसका कैस्केडिंग इफेक्ट दिखेगा। यानी निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक के सभी पे-लेवल के कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में भारी बढ़ोतरी होगी।

यह पैरामीटर कोई सामान्य गणितीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की जेब पर सीधा असर डालने वाली एक महत्वपूर्ण चाबी है। 8वां वेतन आयोग अपनी बैठकों और जुलाई 2026 में होने वाले विचार-विमर्श में इस फॉर्मूले पर गंभीर चर्चा कर सकता है।

India Weather Today 30 June: इन 20+ राज्यों में भारी बारिश और 15+ राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक मौसम का डबल अटैक

Aaj Ka Mausam 30 जून: देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 30 जून को देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और 15 से ज्यादा राज्यों में तेज आंधी-तूफान व बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आज मौसम का डबल अटैक देखने को मिल सकता है। एक तरफ तेज हवाएं चलेंगी तो दूसरी तरफ मूसलाधार बारिश लोगों को प्रभावित करेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले दो दिनों में उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इस बीच आइए जानते हैं क्षेत्रवार मौसम का पूरा पूर्वानुमान।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली में हीटवेव के साथ बारिश और यूपी में भारी अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (जो 2 जुलाई से सक्रिय होगा) के चलते मौसम में बड़ा बदलाव आ रहा है। 4 जुलाई तक यहां के तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: आज दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन इसके साथ ही आज और कल यानी 1 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है। इसके बाद 2 से 4 जुलाई के बीच दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में व्यापक रूप से भारी बारिश होगी। 1 से 6 जुलाई के दौरान 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

उत्तर प्रदेश: यूपी में आज मौसम का तगड़ा असर दिखेगा। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज से 2 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी है। पूरे राज्य में 30 जून से 6 जुलाई के दौरान गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 30 जून से 6 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 1 और 2 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में भी 2 और 3 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर में 2 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 1 और 2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से गंभीर आंधी-तूफान आने की आशंका है। यहां 2 से 6 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के बीच धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और बंगाल में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

बिहार: बिहार में आज (30 जून) और कल (1 जुलाई) मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही आज और कल 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। 2 से 6 जुलाई के बीच भी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 और 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

ओडिशा और झारखंड: ओडिशा में 1 से 4 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि झारखंड में 30 जून और 1 जुलाई को भारी बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय में आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 जुलाई तक भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

मध्य और पश्चिमी भारत: मध्य प्रदेश से गुजरात तक मूसलाधार आफत

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में 1 से 6 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 3 जुलाई तक यहां 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

विदर्भ और छत्तीसगढ़: विदर्भ में 3 और 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं छत्तीसगढ़ में 30 जून से 6 जुलाई के दौरान लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

गुजरात और महाराष्ट्र: कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में आज और कल (1 जुलाई) और दोबारा 4 से 6 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। गुजरात क्षेत्र में 3 से 6 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आएगी।

दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में रेड अलर्ट जैसी स्थिति, तटों पर हाई अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय इलाकों में समुद्र बेहद अशांत रहने वाला है, जिसके लिए मछुआरों को चेतावनी जारी की गई है।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 30 जून से 6 जुलाई तक लगातार बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 3 से 6 जुलाई के बीच अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल और तेलंगाना: केरल और माहे में आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 1 से 6 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में भी 30 जून से 6 जुलाई के बीच लगातार भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 30 जून का पूरे देश का वेदर मैप देखिए राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 30 जून का पूरे देश का वेदर मैप देखिए

मछुआरों के लिए चेतावनी: कोंकण, गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और पूर्वी-मध्य अरब सागर में 40-50 किमी/घंटा से लेकर 60 किमी/घंटा की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के तटीय इलाकों में भी 45-55 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

डिस्क्लेमर: Moneycontrol पर दिए गए मौसम के ये अनुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक बुलेटिन पर आधारित हैं। किसी भी क्षेत्र में यात्रा करने या घर से बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन जरूर करें।

Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से 3 घंटे से ज्यादा पूछताछ, गबन के आरोपों में अपनी भूमिका से किया इनकार

Ram Temple Donation Scam: अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित चोरी की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने सोमवार (29 जून) को ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान तीन घंटे से ज्यादा समय तक दर्ज किया। ‘न्यूज 18’ के मुताबिक पूछताछ के दौरान राय ने कथित घोटाले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया। उन्होंने जांचकर्ताओं से कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि मंदिर का चंदा संभालने वाले कर्मचारी ऐसा अपराध कर सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने मंदिर के चंदे के मैनेजमेंट में कथित अनियमितताओं को लेकर राय से विस्तार से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने कहा कि कथित गबन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने हैरानी जताई कि ट्रस्ट के साथ काम करने वाले लोग ऐसे घोटाले में शामिल हो सकते हैं।

अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी नोटिस

पुलिस ने चल रही जांच के तहत ट्रस्ट के सदस्यों अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी सवाल-जवाब के लिए नोटिस जारी किए हैं। इस बीच, ट्रस्ट ने अपनी बैठक 6 जुलाई को करने का फैसला किया है। इस बैठक में राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लिए जाने की उम्मीद है।

यह मामला तब सामने आया जब राम मंदिर में मिले चंदे में बड़े पैमाने पर गबन के आरोप लगे। इसके बाद FIR दर्ज की गई। राम भक्तों द्वारा दान किए गए कैश और कीमती सामान की गिनती में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ़ टिन्नू यादव के तौर पर हुई है।

आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान के कथित गबन मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को सोमवार को स्थानीय अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विशेष अभियोजन अधिकारी उमेश दुबे ने बताया कि पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्पेशल एंटी-करप्शन कोर्ट के विशेष जज रजत वर्मा के समक्ष पेश किया गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की हिरासत के लिए कोई आवेदन नहीं दिया। इससे पहले, एक विशेष अदालत ने उन्हें सोमवार तक तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। अदालत ने सोमवार को मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी।

आरोपियों को नहीं मिल रहे हैं वकील

अयोध्या में वकीलों ने सोमवार को राम मंदिर में दान के कथित गबन मामले में गिरफ्तार आरोपियों की अदालत में पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। यह फैसला बार एसोसिएशन फैजाबाद की एक बैठक में लिया गया।

सोमवार को बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने यह भी तय किया कि अगर उसका कोई सदस्य राम मंदिर मामले के आरोपियों का मामला अदालत में लड़ने की कोशिश करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने जोरदार मांग की है कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े रहे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये तीनों तीन दिन के भीतर शहर से बाहर नहीं गए, तो पूरे अयोध्या शहर की घेराबंदी कर दी जाएगी और किसी को भी अंदर आने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

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बैठक के बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका शरण मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि एसोसिएशन का कोई भी वकील आरोपियों की ओर से पेश नहीं होगा। उन्होंने कहा, “अगर कोई वकील फिर भी आरोपियों का मुकदमा लड़ना चाहता है, तो उसे पहले एक आवेदन देना होगा और प्रति आरोपी पांच लाख रुपये बार एसोसिएशन में योगदान के तौर पर जमा करने होंगे। इस राशि का इस्तेमाल एसोसिएशन मामले में मुकदमा चलाने के लिए करेगी।”

ये 5 सरकारी ऐप आपकी जिंदगी बना देंगे आसान, नो पेपरवर्क सिर्फ घर बैठे निपटाएं गाड़ी, टैक्स और PF के ये सारे काम

सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अब फॉर्म भरने या लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है। पहले जिन कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे वे अब आपके स्मार्टफोन के जरिए चुटकियों में हो सकते हैं। चाहे आपको पेमेंट करनी हो, जरूरी डॉक्युमेंट्स देखने हों, पीएफ खाते की जांच करनी हो या फिर अपने हेल्थ रिकॉर्ड को संभालना हो, सरकारी सिस्टम में मौजूद कुछ ऐप ऐसे हैं जो समय और मेहनत दोनों की बचत कर सकते हैं। यहां ऐसे ही 5 सरकारी ऐप्स के बारे में जानकारी दी गई है जिन्हें आपको अपने स्मार्टफोन में जरूर रखना चाहिए।

1- DigiLocker: सारे जरूरी डॉक्युमेंट रहेंगे एक जगह सुरक्षित

डिजीलॉकर आपको अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों जैसे कि ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), शैक्षणिक प्रमाणपत्र (Academic Certificates) और बीमा के कागजात के डिजिटल वर्जन को स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा देता है। डिजीलॉकर के जरिए जारी किए गए दस्तावेज कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य हैं। ऐसे में आपको कई तरह के डॉक्युमेंट्स की फिजिकल कॉपी ले जाने की जरूरत नहीं होती है। ये ऐप खासकर छात्रों, नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और अक्सर यात्रा करने वालों के लिए बेहद उपयोगी है।

2- BHIM: UPI भुगतान करने का सबसे आसान तरीका

अगर आप एक बेहद सरल और सीधा UPI ऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं तो भीम ऐप आपके लिए ही है। यह ऐप आपको पैसे भेजने और पेमेंट लेने, क्यूआर कोड स्कैन करने, मर्चेंट्स को भुगतान करने और एक साथ कई बैंक खातों को मैनेज करने की सुविधा देता है। यह पूरी तरह से यूपीआई नेटवर्क पर काम करता है इसलिए इसके जरिए किसी भी समय पेमेंट किया जा सकता है।

3- UMANG: सैकड़ों सरकारी सेवाएं एक ऐप पर

अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए अलग-अलग ऐप्स डाउनलोड करने के बजाय उमंग ऐप आपको कई सारी सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है। इस सिंगल ऐप के जरिए आप ईपीएफओ सेवाओं, पेंशन से जुड़ी जानकारी, यूटिलिटी बिलों के भुगतान, गैस बुकिंग और पासपोर्ट सेवाओं सहित बहुत कुछ एक्सेस कर सकते हैं। अगर आपको नियमित रूप से सरकारी विभागों से जुड़े काम रहते हैं तो यह ऐप आपका काफी समय बचा सकता है।

4- ABHA: आपके हेल्थ रिकॉर्ड्स को मैनेज करना हुआ आसान

आभा ऐप आपको सरकार के डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत एक यूनीक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने की अनुमति देता है। इसके जरिए आपकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को एक्सेस करना काफी आसान हो जाएगा क्योंकि इस ऐप से जुड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच आपकी मेडिकल जानकारी डिजिटल रूप से शेयर की जा सकेगी। यह विशेष रूप से उन मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिनका लगातार इलाज चल रहा है और वे कई अस्पतालों में जाते हैं।

5- mAadhaar: आधार सेवाओं तक तुरंत पहुंच

एमआधार ऐप आपको अपने फोन में अपने आधार कार्ड का डिजिटल वर्जन रखने की सुविधा देता है। इस ऐप के माध्यम से आप आधार से जुड़ी विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, अपनी कुछ जानकारियों को अपडेट कर सकते हैं और एनरोलमेंट सेंटर्स का पता लगा सकते हैं। जहां कहीं भी पहचान सत्यापन की आवश्यकता होती है, आप अपने इस डिजिटल आधार का उपयोग कर सकते हैं।

ये सभी ऐप्स अलग-अलग उद्देश्यों को पूरा करते हैं लेकिन कुल मिलाकर ये उन सभी सेवाओं को कवर करते हैं जिनकी लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इन्हें डाउनलोड करके आप अपना समय, कागजी कार्रवाई और सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्करों से बच सकते हैं।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1- क्या डिजीलॉकर में स्टोर किए गए दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं?

उत्तर: हां, डिजीलॉकर के माध्यम से जारी या सत्यापित किए गए दस्तावेज सरकारी नियमों के तहत कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य हैं और कई संगठनों द्वारा स्वीकार किए जाते हैं।

Q2- क्या भीम ऐप अन्य UPI ऐप्स से अलग है?

उत्तर: भीम ऐप भी अन्य पेमेंट ऐप्स की तरह ही UPI नेटवर्क का उपयोग करता है। इसका प्राइम फोकस सिर्फ पैसे भेजने और पेमेंट रिसीव करने पर है।

Q3- क्या उमंग ऐप सरकारी दफ्तरों के चक्करों को पूरी तरह खत्म कर सकता है?

उत्तर: कई सेवाओं के लिए इसका उत्तर हां है। हालांकि, कुछ प्रक्रियाओं में अभी भी भौतिक सत्यापन या मूल दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता हो सकती है।

Bank Holidays July: जुलाई में कुल 12 दिन बंद रहेंगे बैंक! चेक कर लें RBI के छुट्टियों की ये पूरी लिस्ट

Bank Holidays List July 2026: अगर आपको जुलाई 2026 के महीने में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, जुलाई महीने में अलग-अलग राज्यों के त्योहारों, सांस्कृतिक आयोजनों और वीकेंड्स को मिलाकर कई दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

चूंकि देश में बैंक छुट्टियां अलग-अलग राज्यों के स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय होती हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले अपने राज्य की छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें। आइए जानते हैं कि जुलाई 2026 में बैंक कब-कब और कहां बंद रहने वाले हैं।

जुलाई 2026 में त्योहारों के कारण इन तारीखों पर रहेगी छुट्टी

जुलाई के महीने में देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय त्योहारों के कारण इन-इन दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:

6 जुलाई 2026 (मिजोरम): ‘मिज़ो ह्मेइछहे इन्सुइहखावम पावल’ (MHIP) डे के अवसर पर मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे।

9 जुलाई 2026 (मेघालय): मेघालय के प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव ‘बेहदेइंखलम’ (Beh Deinkhlam) के कारण बैंकों में छुट्टी रहेगी।

16 जुलाई 2026 (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर): इन राज्यों में ‘रथ यात्रा’ और ‘हरेला’ उत्सव के कारण बैंक बंद रहेंगे।

17 जुलाई 2026 (मेघालय): स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंह’ की पुण्यतिथि के सम्मान में मेघालय में बैंकों का अवकाश रहेगा।

18 जुलाई 2026 (सिक्किम): प्रसिद्ध बौद्ध त्योहार ‘द्रुकपा त्शे-जी’ (Drukpa Tshe-zi) के मौके पर सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे।

22 जुलाई 2026 (त्रिपुरा): त्रिपुरा के पारंपरिक उत्सव ‘खारची पूजा’ (Kharchi Puja) के कारण राज्य के बैंकों में छुट्टी रहेगी।

जुलाई 2026 में वीकेंड की छुट्टियां

आरबीआई के नियमों के अनुसार, देश के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक हर रविवार के साथ-साथ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। जुलाई 2026 में वीकेंड की छुट्टियां इस प्रकार हैं:

5 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

11 जुलाई 2026: दूसरा शनिवार (बैंक अवकाश)

12 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

19 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

25 –जुलाई 2026: चौथा शनिवार (बैंक अवकाश)

26 जुलाई 2026: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही तय तारीखों पर बैंक की फिजिकल ब्रांच बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश भर में सभी जरूरी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं 24×7 चालू रहेंगी:

  • UPI और नेट बैंकिंग: पैसे के लेनदेन के लिए आप गूगल पे, फोनपे, पेटीएम या अपने बैंक के मोबाइल ऐप (UPI) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • ATM सेवाएं: कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम हमेशा की तरह काम करते रहेंगे।
  • NEFT/RTGS: ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधाएं भी बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेंगी।

वैसे कभी-कभी बैंकों के रूटीन मेंटेनेंस के कारण कुछ घंटों के लिए डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जानकारी बैंक पहले ही नोटिफिकेशन के जरिए दे देते हैं।

SS Rajamouli: पेरिस में एसएस राजामौली ने रचा इतिहास, ऑस्कर विनर ग्रीक-फ्रेंच फिल्ममेकर कोस्टा-गावरास से की मुलाकात

SS Rajamouli: भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मेकर्स में से एक, एस.एस. राजामौली ने ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी और ‘आरआरआर’ (RRR) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ भारतीय फिल्मों को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने में एक बेहद अहम भूमिका निभाई है। अपनी भव्य सोच, बड़े पैमाने पर कहानी कहने के अंदाज और भारतीय संस्कृति के गहरे जश्न के लिए मशहूर, राजामौली ने दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म मेकर्स से अपार सम्मान कमाया है। हर एक मील के पत्थर के साथ, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को लगातार एक नए मुकाम पर पहुँचाया है।

​अब, इस मशहूर फिल्म मेकर ने अपने शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है। एस.एस. राजामौली को पेरिस के ‘सिनेमाथेक फ्रैंकेस’ (Cinémathèque Française) में एक परमानेंट जगह देकर सम्मानित किया गया है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्म संस्थानों में से एक है। महान हेनरी लैंग्लॉइस द्वारा स्थापित इस संस्थान को सिनेमा के इतिहास को सुरक्षित रखने और उसका जश्न मनाने के लिए एक बेहद प्योर जगह माना जाता है, जो इस सम्मान को राजामौली और भारतीय सिनेमा दोनों के लिए एक ऐतिहासिक पल बनाता है।

​इस मौके को और भी खास बनाते हुए, राजामौली ने ऑस्कर जीतने वाले दिग्गज ग्रीक-फ्रेंच फिल्म मेकर कोस्टा-गावरास के साथ भी एक यादगार पल साझा किया। राजामौली के काम के प्रति अपने गहरे सम्मान को दिखाते हुए, कोस्टा-गावरास ने उनकी मास्टरक्लास में शामिल होने और वहाँ पूरे समय रुकने से पहले, लगभग आठ घंटे तक राजामौली की फिल्में देखीं, जो इस भारतीय फिल्म मेकर के काम के गहरे प्रभाव को दिखाता है।

इन तस्वीरों को शेयर करते हुए एस.एस. राजामौली ने लिखा, “मुझे यहाँ पेरिस में बुलाना और मेरी फिल्मों की स्क्रीनिंग करना ही मेरे लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है। लेकिन यह एक ऐसा प्यारा सरप्राइज है, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। यह एक ऐसा अहसास है जिसे मैं पूरी तरह से शब्दों में बयां नहीं कर सकता। महान हेनरी लैंग्लॉइस के नाम पर बने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में से एक की दीवारों पर हमेशा के लिए जगह पाना, कुछ ऐसा है जिसे मैं जिंदगी भर अपने साथ संजोकर रखूँगा।

​इस सम्मान के लिए और भारतीय सिनेमा को इतने प्यार व गर्मजोशी के साथ अपनाने के लिए मैं दिग्गज मिस्टर कोस्टा-गावरास और पूरी सिनेमाथेक फ्रैंकेस फैमिली का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए हर्षा चुंदूरु ने लिखा, “सिनेमाथेक फ्रैंकेस (The Cinémathèque Française) ने पिछले कुछ सालों में मार्टिन स्कोर्सेसे, जेम्स कैमरून और डेविड फिन्चर जैसे दिग्गजों का सम्मान किया है…

​इस तरह के सम्मानों की खास बात यह होती है कि ये किसी एक ब्लॉकबस्टर या एक हिट फिल्म बनाने से नहीं मिलते। ये सालों तक ऐसी फिल्में बनाने से मिलते हैं जो लोगों के दिलों में बस जाती हैं, फिल्म मेकर्स को इंस्पायर (प्रेरित) करती हैं और वर्ल्ड सिनेमा पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाती हैं…

​यह कैसा अहसास है, इसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन ही नहीं है। एसएसआर (SSR) को ऐसे बड़े नामों के साथ देखना सच में एक अलग ही लेवल की खुशी देता है…” यह विजनरी फिल्म मेकर अब अगले साल रिलीज होने वाली अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ एक बार फिर से कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे लीड स्टार्स से सजी यह फिल्म एक और ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव होने की उम्मीद जगाती है, जो ग्लोबल स्टेज पर भारतीय कहानी कहने के तरीके की सीमाओं को आगे बढ़ाने की एस.एस. राजामौली की इस असाधारण विरासत को और ज्यादा मजबूत करेगी।

MYSAA: ‘मैसा’ की शूटिंग से सामने आया दिलचस्प BTS फोटो, मेकर्स ने दिया बड़ा हिंट

MYSAA: साल 2026 की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में शामिल मैसा (Mysaa) अपनी हर नई अपडेट के साथ दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ा रही है। पैन इंडिया स्टार रश्मिका मंदाना इस फिल्म की लीड हैं और इसे पहली महिला-केंद्रित पैन इंडिया एक्शन थ्रिलर के तौर पर पेश किया जा रहा है। इस फिल्म में रश्मिका अपने करियर के सबसे दमदार और ट्रांसफॉर्मेटिव किरदारों में से एक निभाती नजर आएंगी। फिल्म के ऐलान के बाद से ही फैंस मेकर्स की ओर से साझा की जा रही हर झलक पर नजर बनाए हुए हैं।

इसी उत्साह को बरकरार रखते हुए मेकर्स ने हाल ही में शूटिंग के दौरान की एक मजेदार बिहाइंड द सीन्स तस्वीर शेयर की। इस फोटो में फिल्म के सिनेमैटोग्राफर की पीठ पर कीचड़ से बने हाथों के निशान दिखाई दे रहे हैं, जिन पर खुद रश्मिका के साइन भी हैं।

इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए मेकर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “The blood marks are on their way,” यानी खून के निशान भी जल्द आने वाले हैं, जिससे फिल्म के दमदार एक्शन की झलक मिलती है। इसके साथ ही उन्होंने मजाक में यह भी लिखा, “हमने इस खूबसूरत कलाकारी में थोड़ा-सा खून और अंबर पाउडर भी मिला दिया है!”

तस्वीर शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, “MYSAA @rashmika_mandanna की तरफ से Signed! खून के निशान अब रास्ते में हैं। @unformulafilms इस खूबसूरत आर्ट में हमें थोड़ा खून और अंबर पाउडर भी मिला देना चाहिए था! अगली बार ज़रूर! @rawindrapulle @unformulafilms”

अनफॉर्मूला फिल्म्स के बैनर तले बनी और रविंद्र पुल्ले के निर्देशन में तैयार मैसा एक इमोशनल एक्शन थ्रिलर है, जिसकी कहानी आदिवासी इलाकों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म दमदार विजुअल्स, रोमांचक कहानी और रश्मिका मंदाना के अब तक के सबसे यादगार और दमदार परफॉर्मेंस का वादा करती है।