Market Outlook: बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ हुआ बंद, जानिए 24 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 23 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,900 के नीचे चला गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ। लगभग 1569 शेयरों में बढ़त हुई,2479 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,श्रीराम फाइनेंस,नेस्ले इंडिया,अदाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो,एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस,एमएंडएम,टीसीएस और आयशर मोटर्स शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा और केवल कुछ ही इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। गिरावट वाले सेक्टर में निफ्टी रियल्टी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस,इंफ्रास्ट्रक्चर,पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। अन्य पिछड़ने वाले सेक्टर में निफ्टी मेटल (-0.7%),निफ्टी फार्मा (-0.4%),निफ्टी एफएमसीजी (-0.4%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.4%) शामिल रहे।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 0.7% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी मीडिया में 0.22% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में और दिक्कत की चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं। ऐसे में महंगाई के जोखिम और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव की आशंका के कारण निवेशकों का उत्साह कमजोर पड़ रहा है।

हाल के मैक्रो-इकोनॉमिक संकेत बताते हैं कि लंबे समय से चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसका संकेत थोक महंगाई और बिजनेस एक्टिविटी में आई सुस्ती से मिलता है।

एनर्जी की ऊंची कीमतों के चलते ग्लोबल ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका और मजबूत हुई है। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने इच्छा कमजोर हुई है। आज सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि,मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद,निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है,मांग के रुझान अच्छे हैं और भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिका और यूरोप से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशक इक्विटी मार्केट में लंबे समय के लिए निवेश करने से घबरा रहे हैं। रुपये समेत प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती निवेशकों को सुरक्षित डॉलर एसेट्स की ओर खींच रही है। हालांकि बाजार’ओवरसोल्ड’जोन में दिख रहा है,फिर भी निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने अपवर्ड कंसोलिडेशन के लेवल को तोड़ दिया है। इससे पता चलता है कि मार्केट में मंदी का रुझान बढ़ रहा है। इसके अलावा,इंडेक्स अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे आ गया है। RSI इंडिकेटर ‘बेयरिश क्रॉसओवर’की स्थिति में है और नीचे की ओर जा रहा है।

मार्केट का सेंटीमेंट नेगेटिव दिख रहा है और आने वाले समय में भी मार्केट में कमजोरी बनी रह सकती है। निचे की तरफ निफ्टी 23,600 या उससे भी नीचे जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ अगले कुछ दिनों तक 24,000 का लेवल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।

 

Markets Trend : क्रूड के 98 डॉलर के पार जाने से सहमा बाजार, जानिए अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight :अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं, दोनों तरफ बनेंगे पैसे

Market Insight : खराब ओपनिंग के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश हो रही है। निफ्टी निचले स्तरों से 100 अंकों से ज्यादा सुधरकर 23980 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी नीचे से करीब 250 अंक सुधरा है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में दबाव देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में भी गिरावट आई है। अब सवाल ये है कि क्या हम ब्रेकडाउन के करीब हैं? इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी पिछले 2 हफ्तों से एक रेंज में रहा है। 8 जुलाई की कैंडल को तोड़ने में 10 दिन से ज्यादा लगे। लेकिन पिछले शुक्रवार का वो ब्रेकआउट नकली निकला।

हमने बात की थी कि अब रेंज के निचले स्तरों पर जाने का रिस्क है। ये भी संभव है कि हम अब एक रेंज का ब्रेकडाउन दिखा दें। मगर जैसे ब्रेकआउट फेल हुआ था,क्या पता ब्रेकडाउन भी फेल हो। मगर इसमें कोई शक नहीं है कि बाजार में डर लौटा है। डर है कि US-ईरान लड़ाई फिर से लंबा न खींच जाए। यह भी डर है कि वापस कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई पर असर न पड़े। कच्चा तेल अब वापस $100 पार करने की तैयारी कर रहा है। India VIX पर भी नजर रखें, 14.5 का मेक ऑर ब्रेक जोन है।

अच्छी बात यह है कि इस बार मार्च जैसी पेनिक सेलिंग नहीं है और कच्चे तेल से जुड़े शेयर भी टूट नहीं रहे हैं। उम्मीद होगी कि US चुनाव से पहले ये लड़ाई जल्दी खत्म हो, क्योंकि इस समय बाजार बाकी फैक्टर्स को नजरअंदाज कर रहा है।

बाजार: आखिर क्यों गिर रहे हैं हम?

कल भी हमने समझाया था कि बाजार क्यों गिरेगा। बाजार के सभी बड़े सेक्टर्स ने थकान दिखाई थी। एक-एक कर आज बड़े सेक्टर्स की दिक्कत दिखती है। बैंक सबसे बड़ा फैक्टर है। यह सबसे बड़ा सेक्टर है और सबसे ज्यादा दिक्कत भी यहीं है। HDFC बैंक खराब नतीजों के बाद 52-हफ्ते के निचले स्तर पर जाने को तैयार दिख रहा है। ICICI बैंक में अच्छे नतीजों पर भी बड़ा पॉजिटिव रिएक्शन नहीं देखने को मिला है। SBI में नतीजों से पहले का डर और SBI फंड्स की फीकी लिस्टिंग का असर दिख रहा है। इसके अलावा डॉलर-रुपया,बॉन्ड यील्ड और कच्चा तेल सब मैक्रो निगेटिव हैं।

IT की रैली फिर हुई फेल 

IT की रैली फिर फेल हो गई है। यह दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है जहां रैली फिर फेल होती दिख रही है। IT में रैली कोस्पी और चिप शेयरों में गिरावट से हुई थी। 2-3 दिनों से फिर AI रैली शुरू हुई है। मंगलवार को गैपअप पर हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। फार्मा पर ट्रंप की नजर लग गई है।

यह बड़ा सेक्टर नहीं है लेकिन कम से कम चल तो रहा था। यहां डॉनल्ड ट्रंप की नजर लग गई और कल एक्सीडेंट हो गया। कल बहुत लोगों ने कहा ये न्यूट्रल है,इसका कोई असर नहीं होगा। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने नजरिया लिया कि एक बार तो शेयर गिरेंगे। आज डॉ रेड्डीज के खराब नतीजों का भी असर दिखेगा। अब सिर्फ ऑटो,FMCG जैसे कुछ सेक्टर्स हैं जहां लोग चुप रहे हैं।

बाजार: आज के घरेलू संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। आमतौर पर वीकली एक्सपायरी ऑप्शन राइटर्स की रेंज में होती हैं। इसके अलावा आज नतीजों के लिहाज से काफी बड़ा दिन है। इनमें से इंफोसिस के नतीजे सबसे अहम होंगे। अगर इंफोसिस की कमेंट्री खराब हुई तो IT फिर टूटेगा। लेकिन अगर इंफोसिस ने पॉजिटिव बोला तो शायद रैली फिर शुरू हो जाए।

बाजार: क्या हो रणनीति?

अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं है। इस बाजार में परमा बुल (Perma Bull)पैसा नहीं बना पाएगा। बाजार में दोनों तरफ के मौके हैं। लेकिन रेंज के सिरे में जब खड़े हों तो सावधान होना होगा, जैसे अब आज शायद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की हो। मोटा-मोटी हम 23,800-24,300 की रेंज में रहे हैं। अभी कुछ समय हमें शायद इसी रेंज में ऑपरेट करना हो। लेकिन स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी हैं और ये बाजार अच्छे नतीजों को रिवॉर्ड कर रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण था बजाज ऑटो। अगर आपने मंगलवार को टॉप पर भी लिया,तब भी कल बड़ा पैसा बना। मगर बाजार में निराश करने की जगह नहीं है। कल इसका सबसे बड़ा उदाहरण था बंधन बैंक। बाजार में नतीजों पर रिएक्शन बड़े खतरनाक आ रहे हैं। आज का सबसे मजेदार शेयर होगा OFSS। कल शेयर औंधे मुंह गिरा लेकिन नतीजे शानदार हैं। मगर साथ ही OFSS के MD & CEO का इस्तीफा निगेटिव भी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट जोन 23,800-23,850 है। स्क्रीन बता रही है कि एक ना एक बार तो ये सपोर्ट जोन टेस्ट होगा। अगर ये लेवल बचा तो रिकवरी आ सकती है। मगर ये टूटा तो 23,600-23,700 का रिस्क होगा। पहला रजिस्टेंस 24,000-24,050 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,150-24,250 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए अब 56,600-56,800 मेक ऑर ब्रेक जोन है। 56,800 पर 50 DEMA और 56,600 पर 100 DEMA है। अगर ये लेवल्स टूटे तो 56,000 भी टूटने का रिस्क रहेगा। बैंक निफ्टी में किसी भी रैली में भरोसा नहीं है क्योंकि सबसे बड़े शेयर चलने को तैयार नहीं हैं। ICICI बैंक,HDFC बैंक या SBI में से किसी को बड़ी लीडरशिप लेनी पड़ेगी। बैंक निफ्टी में जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचने पर पैसा बन रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : 23800 से नीचे जाने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Market Trend : ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच 23 जुलाई को भारतीय इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। मेटल शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 23900 के करीब ट्रेड कर रहा है। निफ्टी पर एटरनल,टाटा कंज्यूमर,ONGC,बजाज ऑटो और कोल इंडिया में बढ़त दिख रही है। जबकि डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,टाटा स्टील और सिप्ला में गिरावट नजर आ रही है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी ट्रेंड

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि कल का सेशन काफी खराब रहा। लेकिन यह बात ध्यान रखने की है कि पिछले दो दिनों की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप का पार्टिसिपेशन नहीं था। छोटे-मझोले शेयरों में काफी अच्छा मोमेटम देखने को मिला था। लेकिन कल की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप में भी प्रेशर देखने को मिला। क्रूड का दाम बढ़ने से बाजार का मूड खराब हुआ है। साथ ही ट्रंप टैरिफ का वापस आना भी मार्केट का सेंटीमेंट खराब कर रहा है। ऐसे में अगर निफ्टी 23,800 के नीचे जाता है तो पोजीशन से निकल जाना चाहिए। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर है एग्जिट की सलाह नहीं होगी। निफ्टी में 23,800 का स्टॉप लॉस होना चाहिए। उसके नीचे जाने पर ही ट्रेंड क्लियरली नेगेटिव होगा। इसके बाद निफ्टी 23,400 तक फिसल सकता है। अपसाइड में निफ्टी के लिए 24,300-24,250 पर रेजिस्टेंस है। ऐसे में लगता है कि अगले कुछ दिन निफ्टी 23,800-24,300 के दायरे में ट्रेड करता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी ट्रेंड

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो यह थोड़ा ज्यादा वीक है। HDFC बैंक इस कमजोरी को लीड कर रहा है। क्रूड का बढ़ना भी बैंक निफ्टी को काफी परेशान करता दिख रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,700 के आसपास एक माइनर सपोर्ट है। अगर 56,700 का लेवल टूटता है तो बैंक निफ्टी मार्केट को और नीचे लो जा सकता है। ऐसे में आपको बैंक निफ्टी 56,700 पर स्टॉप लॉस लगाना है। अगर दोनों में से किसी में लॉन्ग पोजीशंस बनानी है तो निफ्टी ज्यादा बेहतर रहेगा।

Top Stock Picks : निफ्टी और बैंक निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, आज इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

अरुण कुमार मंत्री का कहना है कि इस समय उनको दो स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं। दोनों ही काफी अच्छे मोमेंटम है। इनमें से पहला है नेस्ले इंडिया। कल इसका रिजल्ट आया था। रिजल्ट के बाद एक क्लियर ब्रेकआउट है। इसमें डेली चार्ट पर कप एंड हैंडल का ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक को 1497 के आसपास खरीदना है। 1472 रुपए का स्टॉप लॉस लगाएं। शॉर्ट टर्म में 1555 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। दूसरा स्टॉक थोड़े बड़े टिकट साइज का है। लेकिन इसमें मोमेंटम नजर आ रहा है। यह शेयर है BOSCH जिसमें 41550 रुपए के आसपास, 41020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 42300 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। दोनों ही स्टॉक्स आप दो से तीन दिन के लिए बाय करके चल सकते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 22 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,000 के नीचे बंद हुआ। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 715.06 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 पर और निफ्टी 191.45 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। लगभग 1443 शेयरों में बढ़त हुई, 2616 शेयरों में गिरावट आई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल, इंफोसिस, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर, पावर ग्रिड कॉर्प और ओएनजीसी शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस ज्यादातर नेगेटिव रहा। निफ्टी FMCG सबसे ज्यादा बढ़ने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 0.65% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी ऑटो में 0.18% की बढ़त हुई। गिरावट वाले सेक्टर में, निफ्टी मीडिया सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.68% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (-2.6%), निफ्टी PSU बैंक (-1.8%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-1.4%), निफ्टी IT (-1.5%), निफ्टी बैंक (-1.2%), निफ्टी फार्मा (-1.3%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच जारी तनाव और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट पर हूथी गुट की वजह से आई दिक्कतो ने तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंता बढ़ा दी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और रुपया कमजोर हुआ। घरेलू महंगाई को लेकर फिर से बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल हावी रहा। इसने उम्मीद से बेहतर बिजनेस अपडेट और Q1 के अच्छे नतीजों के असर को कम कर दिया।

रियल एस्टेट, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ब्याज दरों पर निर्भर सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट पर US के प्रस्तावित टैरिफ को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के बीच फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा।

सावधानी भरे माहौल के बावजूद, FMCG और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेक्टर की बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से इन्हें सहारा मिला, जो यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में मज़बूत ग्रोथ दिख रही है।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि आज के सेशन में भारतीय इक्विटी मार्केट में हर तरफ गिरावट नजर आई। लगातार बिकवाली के दबाव और निवेशकों के सतर्क रवैये के बीच बेंचमार्क इंडेक्स काफी नीचे बंद हुए। अहम सेक्टरों में कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स को नीचे धकेल दिया, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने का) मूड दिखा।

निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79% गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। यह 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया, जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। अब इसके लिए 23,950–23,900 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। उसके बाद 23,800 के पास अगला मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, 24,100–24,200 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। पॉजिटिव मोमेंटम वापस पाने के लिए लगातार इन स्तरों से ऊपर बने रहना जरूरी होगा।

BSE सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92% गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ। इंडेक्स में हर तरफ बिकवाली हुई और यह दिन के निचले स्तर के पास बंद हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,600–76,400 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 77,000–77,300 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन से ऊपर एक मजबूत चाल बुलिश सेंटीमेंट को बहाल करने में मदद कर सकती है।

आज की गिरावट की वजह हर तरफ से हुई प्रॉफिट बुकिंग और बाजार का सतर्क रवैया रहा। हालांकि शॉर्ट-टर्म मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, मीडियम-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दें, आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ मजबूत सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाएं।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें फिर से भारतीय इक्विटी मार्ट के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। जहां कच्चा तेल 50EMA के ऊपर बना हुआ है, वहीं निफ्टी 50EMA के नीचे जाने की कगार पर है। ऐसा लगता है कि निफ्टी और कच्चा तेल फिर से एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चल रहे हैं।

निफ्टी के डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन का दौर नीचे की ओर टूटता हुआ दिख रहा है। RSI में बेयरिश क्रॉसओवर है, जो निकट भविष्य में कमजोर मोमेंटम का संकेत दे रहा है। अगर निफ्टी 23900 के नीचे गिरता है तो गिरावट 23700/23600 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट टर्म में ऊपरी स्तर 24100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 191 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 715 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि बाजार का मूड खराब होने के बावजूद कुछ चुनिंदा FMCG और ऑटो शेयरों में तेजी दिखी। तकनीकी तौर पर निफ्टी 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,100 के सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। डेली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी है, जो मौजूदा स्तरों से और गिरावट का संकेत देती है।

श्रीकांत चौहान मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 24,100 के नीचे ट्रेड कर रहा है, तब तक गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। यह गिरावट 50-डे SMA या 23,850 के स्तर तक जारी रह सकती है। इसके बाद और गिरावट हो सकती है, जिससे इंडेक्स 23,750-23,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर, 24,100 के स्तर के ऊपर जाने पर बाजार का मूड बदल सकता है। इस स्तर के ऊपर, बाजार में 24,200-24,250 तक की रिकवरी हो सकती है। इंट्राडे मार्केट की स्थिति अनिश्चित और उतार-चढ़ाव वाली है। इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी जो पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से 58,597–57,287 की रेंज में बना हुआ था, उसमें भी आज एक बड़ा ब्रेकडाउन देखने को मिला। इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और 8 जुलाई के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA के नीचे बंद हुआ। गिरती हुई MACD लाइन और बढ़ते हुए रेड हिस्टोग्राम बार नीचे की ओर बढ़ते मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 जोन में है। अगर यह लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है, तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56300 और फिर 56000 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट का दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि FIIs और ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत हैं। जापान का बाजार निक्केई दो फीसदी तो कोरिया मार्केट कॉस्पी 6 फीसदी ऊपर है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी के बीच US के बाजारों में अच्छी बढ़त दिखी है,सोने-चांदी की भी चमक बढ़ी है।

करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

21 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच भारतीय इक्विटी बेंचमार्क लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बड़ी प्राइवेट बैंकों में कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर,कंपनियों के अच्छे नतीजों और व्यापक बाजार की मजबूती पर भारी पड़ा। बाजार की शुरुआत धीमी रही और बाद में सुबह के कारोबार के दौरान दबाव में आ गया,जिससे निफ्टी गिरकर 24,135.65 के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क रहे। हालांकि,आखिरी घंटे में आई खरीदारी से इंडेक्स को कुछ नुकसान की भरपाई करने और 24,200 के स्तर के आसपास बंद होने में मदद मिली।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट के मेन इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें नैस्डैक सबसे आगे रहा। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 385.38 अंक या 0.74% बढ़कर 52,224.64 पर पहुंच गया, S&P 500 में 65.92 अंक या 0.89% की बढ़त हुई और यह 7,509.20 पर आ गया। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 329.13 अंक या 1.29% बढ़कर 25,837.21 पर पहुंच गया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमी

21 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,650 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदकर लगातार छह सत्रों से चली आ रही बिकवाली का सिलसिला तोड़ दिया। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौ सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला खत्म किया और 656 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर वे नेट सेलर बन गए।

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन हमला, कच्चे तेल में तेजी,ब्रेंट $92 के पार

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन भी हमला जारी रहा। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। तेहरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाने का एलान किया है। इधर जंग बढ़ने और हूतियों के रेड सी के नाकेबंदी से कच्चे तेल में उछाल आया है। ब्रेंट 92 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

Market View : निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, इस कैपिटल मार्केट शेयर में हो सकती है बंपर कमाई

जेनेरिक दवाओं के टैरिफ पर ट्रंप का बड़ा एलान

आज फार्मा सेक्टर के लिए निगेटिव खबर है। अमेरिका में जेनेरिक दवा के इंपोर्ट पर पहले दो साल तक टैरिफ नहीं लगेगा। लेकिन ट्रंप ने तीसरे साल से 100% और चौथे साल से 200% टैरिफ लगाने का एलान किया है। यह टैरिफ स्ट्रक्चर इस साल 1 अगस्त से लागू होगा।

बंधन बैंक Q1: मुनाफा 35% बढ़ा, NIMs फ्लैट

बंधन बैंक में आज दबाव दिख सकता है। कंपनी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। लेकिन मैनेजमेंट की कमेंट्री खराब रही है। पहली तिमाही में बैंक का मुनाफा 35 फीसदी बढ़ा है। NIMs बिलकुल फ्लैट रही है लेकिन कमजोर आउटलुक ने सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है। मैनेजमेंट ने रिटर्न ऑन असेट्सका लक्ष्य घटाते हुए कहा है कि आगे मार्जिन पर भी दबाव दिख सकता है।

इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा

पहली तिमाही में इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा है। रेवेन्यू में भी 15% की बढ़त दिखी है। कंपनी के EBITDA में 17% का उछाल दिखा है। साथ ही मार्जिन में भी हल्का सुधार हुआ है।

DRL, नेस्ले और इटरनल के नतीजे आज, वायदा के नतीजों की लंबी लिस्ट

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की तीन कंपनियां डॉ रेड्डीज, इटरनल और नेस्ले के रिजल्ट आएंगे। डॉक्टर रेड्डीज का मुनाफा 53% घट सकता है। मार्जिन पर तगड़ी मार संभव है। साथ ही युनाइटेड स्पिरिट्स,HPCL,BPCL समेत वायदा की नौ कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

GABRIEL INDIA की बड़ी शॉपिंग

Gabriel India,दक्षिण कोरिया की ऑटो एंसिलरी कंपनी HL Mando Anand में करीब 29% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह सौदा 2231 करोड़ रुपये में होगा। प्रोमोटर यह शेयर 1305 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी।

Market Outlook : लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए इक्विटी इंडेक्स, जानिए 22 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 21 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के नीचे रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ। लगभग 2087 शेयरों में बढ़त हुई,1942 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में HDFC बैंक,TCS,रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,HCL टेक्नोलॉजीज,आयशर मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,IT,ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में 0.3-0.8% की गिरावट आई। जबकि ऑटो,मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.6-1% की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद,मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद और मांग-आधारित बिजनेस अपडेट्स के कारण मिडकैप्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि लार्ज-कैप्स की तुलना में इस सेगमेंट का महंगा वैल्यूएशन सावधानी बरतने का संकेत देता है,लेकिन उम्मीद है कि इनकी बिजनेस की स्थिति कम से कम वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक अच्छी बनी रहेगी।

हालांकि,इस तेजी को बनाए रखने के लिए इनपुट कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी का थमना जरूरी है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में बढ़ोतरी सुस्त पड़ सकती है।

फिलहाल,ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला कारोबार हो रहा जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच कम होते निवेश के कारण लार्ज-कैप्स के कमजोर प्रदर्शन को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 127 अंकों की सीमित रेंज में ही घूमता रहा। यह 10 जुलाई,2026 के बाद से इसकी सबसे छोटी डेली ट्रेडिंग रेंज रही। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जो मौजूदा लेवल पर अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा की कमी को दिखाती है।

आगे निफ्टी के लिए 24270-24300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना रहेगा। अगर यह लगातार इस रेजिस्टेंस बैंड के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में मौजूदा पुलबैक 24450 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24100-24050 के जोन में स्थित 20-डे EMA एरिया तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार के एक दायरे में रहने और कुछ खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की संभावना है। पहली तिमाही के नतीजे और मिडिल ईस्ट में हो रही गतिविधियां बाजार के सेंटीमेंट पर असर दिखाएंगी। जबकि कच्चे तेल की कीमतें एक अहम उतार-चढ़ाव वाला फैक्टर बनी रहेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव,ब्रेंट क्रूड में तेजी,रुपए की कमजोरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार के एक दायरे में ही रहने की उम्मीद है। हालांकि,पहली तिमाही के नतीजों के चलते कुछ खास शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है,लेकिन निवेशकों का मूड वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं और कच्चे तेल की चाल से प्रभावित होता रहेगा।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार का कहना है कि जुलाई में अब तक निफ्टी 24,530–23,800 के सीमित दायरे में ही घूमता रहा है। इस रेंज के अंदर,इंडेक्स अपने 50 डे EMA (24,000) और 200 डे EMA (24,430) के बीच बना हुआ है।

उनका मानना ​​है कि अगर यह 24,430 के ऊपर जाता है,तो यह जुलाई की कंसोलिडेशन रेंज के ऊपरी छोर (24,530–24,600 जोन) तक पहुंच सकता है। वहीं,अगर यह 24,000 से नीचे गिरता है,तो यह वापस 23,800 के लेवल पर आ सकता है। 23,800–24,600 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त के लिए एक मजबूत ब्रेक की जरूरत है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे इंडेक्स 57,300–58,500 की बड़ी कंसोलिडेशन रेंज में बना रहा। इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,आगे और खरीदारी न होने से शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 57,500–57,300 जोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 58,500 के आसपास दिख रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास फ्लैट बना हुआ है,जो मोमेंटम में कमजोरी दिखाता है। जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, ट्रेडर्स को सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफिट बुक करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : 24000 के ऊपर टिके रहने तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव, निफ्टी में जल्द ही 24500 का टारगेट मुमकिन

Trading Plan : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों में आज सुस्ती देखने को मिल रही है। निफ्टी 24225 के आसपास सपाट कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट,श्रीराम फाइनेंस,टाटा स्टील,अदाणी एंटरप्राइजेज और टेक महिंद्रा शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में HDFC बैंक,मारुति सुजुकी,एटरनल,सन फार्मा और डॉ. रेड्डीज लैब्स शामिल हैं। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। PSU बैंक में लगभग 1% की तेजी है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग वीक में निफ़्टी 24,300 के स्तर से काफी ऊपर बंद हुआ था,लेकिन पिछले ट्रेडिंग सेशन में यह गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से उबरने में कामयाब रहा। इसके साथ ही,पुट-कॉल रेश्यो (PCR) इंट्राडे आधार पर 1.05 से सुधरकर क्लोजिंग के समय 1.36 हो गया, जो 24,000-24,200 स्ट्राइक रेंज में बड़ी संख्या में पुट जुड़ने का संकेत देता है। अब इस जोन के एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जबकि 24,500 का स्तर तत्काल टारगेट बना हुआ है क्योंकि वहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

India VIX,जो दिन के दौरान 13.84 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था,1.29 प्रतिशत गिरकर 12.98 पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि भू-राजनीतिक तनाव,जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं,जल्द ही कम हो सकते हैं। कुल मिलाकर,डेरिवेटिव्स मार्केट का रुख बुल्स के पक्ष में रहा। 120 शेयरों में ‘लॉन्ग बिल्ड-अप’और 34 शेयरों में ‘शॉर्ट कवरिंग’देखी गई,जबकि 52 शेयरों में ‘शॉर्ट बिल्ड-अप’और 7 शेयरों में ‘लॉन्ग अनवाइंडिंग’हुई। इस तरह,बेंचमार्क इंडेक्स के नेगेटिव जोन में बंद होने के बावजूद,F&O मार्केट का दायरा पॉजिटिव बना रहा।

पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में कमजोर प्रदर्शन के बाद,ब्रॉडर मार्केट ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसलिए,जब तक निफ़्टी 24,000 के स्तर से ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव रहेगा और ऊपर की ओर 24,500 का लक्ष्य रहेगा।

अहम रेजिस्टेंस: 24,300, 24,500

अहम सपोर्ट: 24,100, 24,000

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को मौजूदा मार्केट प्राइस पर खरीदें और 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। स्टॉप-लॉस 24,000 के नीचे रखें और टारगेट 24,500 व 24,600 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी 57,000-58,500 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। हालांकि पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में इंडेक्स 58,500 के लेवल से थोड़ा ऊपर बंद हुआ था,लेकिन वीकेंड पर बड़े बैंकों के नतीजे आने के बाद यह वापस उसी रेंज में आ गया। ऑप्शन डेटा के मुताबिक 59,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस बना हुआ है,इसके बाद 60,000 और 58,000 स्ट्राइक का नंबर आता है। पुट साइड पर 58,000 स्ट्राइक के अलावा कोई बड़ा बेस नहीं है। इसके बाद 57,000 और 56,000 स्ट्राइक हैं। नतीजतन,बेयर्स का पलड़ा भारी बना हुआ है। इसके साथ ही PCR 0.93 पर है,जो थोड़ा न्यूट्रल-से-बेयरिश रुख दिखाता है।

हालांकि,शॉर्ट कवरिंग की वजह से PSU बैंकिंग शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है,जिससे बैंकिंग इंडेक्स को कुछ समय के लिए सहारा मिला है। इसलिए,जब तक मौजूदा ट्रेडिंग रेंज ऊपर की ओर नहीं टूटती,तब तक शॉर्ट-टर्म में रुझान के एक ही दायरे में रहने की संभावना है। इसलिए,अभी के लिए कंडीशनल बाय की सलाह दी जाती है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 59,000

अहम सपोर्ट: 57,000, 56,000

स्ट्रेटेजी: 58,500 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 59,000 के ऊपर और पोजीशन जोड़ें। स्टॉप-लॉस 58,000 के नीचे रखें और टारगेट 60,000 का रखें।

 

Market cues : सुस्त चाल के साथ एक दायरे में ही ट्रेड करता रहेगा बाजार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : कमजोर बाजार में भी करनी है कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव, नहीं होंगे निराश

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 24,200 के नीचे आ गया। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 676.84 अंक या 0.87 प्रतिशत गिरकर 77,474.61 पर और निफ्टी 168.45 अंक या 0.69 प्रतिशत गिरकर 24,165.85 पर कारोबार कर रहा था। लगभग 1480 शेयरों में बढ़त देखी देखने को मिल रही थी। 1331 शेयरों में गिरावट आई थी और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में ICICI बैंक,टेक महिंद्रा,ONGC,JSW स्टील और सिप्ला शामिल थे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,HDFC बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक,इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फाइनेंस शामिल थे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में बाजार की आगे की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24381-24423 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24505-24545/24593 पर है। इसके लिए पहला बेस 24210-24161 पर और बड़ा बेस 24139-24063 पर है। शुक्रवार को बड़े नतीजों से पहले तेज मूव देखने के मिला। दिन का हाई 24366 रहा। रेजिस्टेंस-1 पार करते ही निफ्टी सीधे रेजिस्टेंस-2 तक पहुंचा। तेजी सिर्फ लार्जकैप शेयरों तक सीमित रही, मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रही। FIIs ने कैश में बिकवाली की,लेकिन इंडेक्स फ्यूचर्स में जोरदार खरीदारी की।

FIIs की भारी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। नेट शॉर्ट करीब 2.16 लाख पर आ गए। 24200, 24100 और 24000 पर मजबूत पुट राइटिंग देखने को मिली। 24500-24600 पर हल्की कॉल राइटिंग मौजूद है। जियोपॉलिटिकल सेटअप निगेटिव और $90 के करीब क्रूड से चिंता है। आज बड़ी कंपनियों के नतीजों का रिएक्शन दिखेगा। चिप शेयरों में कमजोरी जारी है। कई बड़े ग्लोबल इंडेक्स दबाव में हैं। रेजिस्टेंस-1 (200DEMA+50WEMA) पार हुआ तो रंजिस्टेंस-2 भी संभव है। 24381-24423 के ऊपर टिकने पर 24505-24593 की तरफ बढ़त संभव है। फिलहाल आंकड़ो के मुताबिक 24593-628 संभव है। 24210-24161 पर बेस है। पुट राइटिंग के मद्देनजर बेस-1 के करीब गिरावट में एंट्री का सही मौका होगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58710-58978/59040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 59378-59513/59719 पर है। इसके लिए पहला बेस 58210-58045 और बड़ा बेस 57811-57631 पर है। आज बड़े प्राइवेट बैकों के नतीजों का असर दिखेगा। ICICI बैंक के शानदार नतीजों से सपोर्ट मुमकिन है। 90 डॉलर के करीब कच्चा तेल बाजार के लिए चिंता का विषय है। शुक्रवार की तेज तेजी के बाद 59000 पर कॉल राइटिंग बढ़ी है। 58000 के आसपास मजबूत पुट राइटिंग बनी हुई है।

कच्चे तेल और मिले-जुले नतीजों के बीच लेवल टू लेवल ट्रेड करें। 58710 के ऊपर टिकने पर 58978-59040 तक तेजी संभव है। अगली बड़ी चाल 59040 के ऊपर टिकने पर ही बनेगी। 59040 के ऊपर बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस-2 की ओर बढ़ सकता है। जब तक बेस-1 बचा हुआ है BUY ON DIPS की रणनीति रखें। पुट राइटर्स के जोन टूटने तक बैंक निफ्टी में मजबूती संभव है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी कोलगेट पॉमोलिव (COLPAL) में 2014 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 2090 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, कोटक बैंक में इनकी 384 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Live:निफ्टी 24200 के नीचे फिसला,Q1 नतीजों के बाद HDFC बैंक और एक्सिस बैंक में गिरावट से सेंसेक्स 550 अंक टूटा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।