कौन हैं 58 साल के शुभदीप घोष? टीम इंडिया के बन सकते हैं नए फील्डिंग कोच

भारतीय टीम के फिल्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे के बाद समाप्त हो गया था। बीसीसीआई ने कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं रयान टेन डोएशेट ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। टी दिलीप के जाने के बाद से बीसीसीआई को नए फिल्डिंग कोच की तलाश है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत महिला टीम और इंडिया ए के साथ काम कर चुके शुभदीप घोष इस जिम्मेदारी के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। अगर शुभदीप घोष टीम इंडिया के कोचिंग स्टॉफ में शामिल होते हैं तो वह श्रीलंका दौरे पर टीम से जुड़ेंगे।

पीटीआई से बातचीत में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया था कि, फील्डिंग कोच के पद के लिए फिलहाल दो से तीन नामों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों में इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम को नया फील्डिंग कोच मिल जाएगा।

कौन है शुभदीप घोष

शुभदीप घोष ने घरेलू क्रिकेट में असम और रेलवे की ओर से खेला है। अपने करियर में उन्होंने 17 प्रथम श्रेणी और 17 लिस्ट-ए मुकाबले खेले। उन्होंने 1994-95 सीजन में असम के लिए घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2004-05 सीजन तक क्रिकेट खेलते रहे। असम के डिगबोई के रहने वाले घोष का घरेलू क्रिकेट में करीब एक दशक का एक्सपीरिएंस रहा है। घोष के पास खिलाड़ी और कोच, दोनों के रूप में अच्छा अनुभव है। पिछले कुछ वर्षों से वह भारतीय क्रिकेट के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रहे हैं और अलग-अलग राष्ट्रीय टीमों के साथ काम कर चुके हैं।

घोष पिछले छह से सात वर्षों से बीसीसीआई के साथ जुड़े हुए हैं और राहुल द्रविड़ के राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाई थीं।

भारतीय महिला टीम को दे चुके हैं कोचिंग

साल 2020 में बीसीसीआई से जुड़ने के बाद शुभदीप घोष ने कई भारतीय टीमों के साथ अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने भारतीय महिला टीम को विदेशी दौरों की तैयारी कराई, अंडर-19 महिला टीम के विश्व कप अभियान का हिस्सा रहे और 2023 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के फील्डिंग कोच की भूमिका भी निभाई। इसके अलावा हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर भी वह भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ में शामिल थे।

शुभमन गिल बने विश्व के नंबर 1 बल्लेबाज, इस कीवी से छीना ताज

पिछले सप्ताह न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल से सिर्फ एक अंक से पीछे थे। लेकिन आज उन्होंने वह अंक पार कर (ICC) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में शीर्ष बल्लेबाज का स्थान प्राप्त कर लिया है।

शुभमन गिल के अब 801 अंक है और कीवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल 794 अंक पर हैं।  गौरतलब है कि भारत का अगला एकदिवसीय दौरा न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर में है। ऐसे में इन दोनों के बीच पहली रैंक की जंग बहुत दिलचस्प होने वाली है।डैरिल मिचेल भारत के खिलाफ 2 शतक और 1 अर्धशतक मारकर मैन ऑफ द सीरीज बने थे। आज उनके 7 महीने की नंबर 1 अवधि का अंत हुआ।

 

भारत के ही रोको- यानि कि रोहित शर्मा और विराट कोहली तीसरे और चौथे पायदान पर हैं। शुभमन और रोहित कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच में बड़ी पारी खेली थी। भारत के तीन बल्लेबाज टॉप 5 में शुमार है जिससे भारत की एकदिवसीय टीम मजबूत दिखती है। कोहली के 767 तो रोहिते के 758 अंक है।

पांचवे पायदान पर अफगानिस्तान के बल्लेबाज इब्राहिम जादरान है। इसके बाद पाकिस्तान के बल्लेबाज बाबर आजम का नंबर आता है। सातवें नंबर पर आयरलैंड के बल्लेबाज हैरी टेक्टर है।

भारत के खिलाफ सीरीज में 260 रन नाबाद बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आठवें पायदान पर हैं। 9वं नंबर पर वेस्टइंडीज के विकेटकीपर बल्लेबाज शाई होप हैं और श्रीलंका के चरिथ असलंका दसवें पायदान पर हैं।

भारतीय गेंदबाजी कोच खतरों के खिलाड़ी में कंटेस्टेंट पर दागेंगे बाउंसर (Video)

भारतीय गेंदबाजी कोच और पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल अपनी तेज गेंदों के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि भारत के युवा तेज गेंदबाजों को जैसे कि गुरुनूर बरार और मयंक यादव जो 150 किमी प्रति घंटे की गति के करीब लगातार गेंदबाजी करते हैं वह टीम इंडिया का हिस्सा बन पाए।

हालांकि भारतीय गेंदबाजी कोच में संन्यास के कई सालों बाद भी 150 किमी प्रति घंटे की गति की गेंद फेंकने की क्षमता है यह दिखा रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी में जिसमें वह कंटेस्टेंट पर तेज गेंद फेंक रहे हैं और कंटेस्टेंट लगभग एक हॉकी के गोलकीपर की तरह सुसज्जित हैं। यह देखना होगा कि अपनी तेज गेंदबाजी से कई बल्लेबाजों को परेशान करने वाले मोर्ने मोर्कल किस किस कंटेस्टेंट को परेशान कर पाते हैं।

मोर्कल ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट, 117 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 44 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं जिसमें उन्होंने कुल 544 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए।डेल स्टेन के साथ मिलकर घातक तेज गेंदबाजी जोड़ी बनाने वाले मोर्कल ने भारत में भी काफी क्रिकेट खेला है और उन्हें यहां की परिस्थितियों की अच्छी जानकारी है।

साथ ही IPL टीमों का हिस्सा होने से उन्हें भारत की अगली तेज गेंदबाजी पीढ़ी के बारे में भी अच्छी जानकारी है जिसमें मयंक यादव, आवेश खान और यश ठाकुर जैसे गेंदबाज शामिल हैं।मोर्कल ने पिछले एकदिवसीय विश्व कप 2023 के अंत तक पाकिस्तान टीम के साथ काम किया था लेकिन अपना अनुबंध समाप्त होने से पहले ही पद छोड़ दिया था।

90 रनों से वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को रौंदा, 2 गेंदबाजों के 5 विकेट

PAKvsWI ट्रिनिडाड के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को 90 रनों से बड़ी हार थमाकर मौजूदा टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कैरिबियाई देश के लिए यह टेस्ट जीत तब आई है जब हाल ही में दिवंगत हुए गारफील्ड सोबर्स की जन्मतिथी है। इस कारण ज्यादातर कैरिबियाई खिलाड़ी जीत को लेकर प्रफुल्लित है।

126 पर 7 विकेट खो चुकी वेस्टइंडीज के पुछल्ले बल्लेबाजों ने 55 रन और जोड़े और उनका कुल स्कोर 210 रनों तक पहुंच गया क्योंकि पहली पारी के आधार पर इंडीज के पास 29 रनों की बढ़त थी।

वेस्टइंडीज की दूसरी पारी 180 रनों पर सिमट गई थी विकेटकीपर शाई होप ने 92 और केवम होज ने 84 रन बनाए थे। पाकिस्तान के मोहम्मद अली ने 4 और  मोहम्मद अब्बास ने 3 विकेट निकाले।

211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान निरंतर अंतराल में विकेट खोती रही। कप्तानी में वापसी कर रहे बाबर आजम दूसरे छोर से विकेट का पतन देखते रहे और अंत में खुद भी 58 रनों पर आउट हो गए। उनके अलावा मोहम्मद रिजवान (11 रन) और मोहम्मद अब्बास ही (23 रन) दहाई के आंकड़े तक पहुंच सके।

पाकिस्तान की पूरी पारी 120 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में जेडन सील्स ने 5 विकेट चटकाए लेकिन कुल 7 विकेट लेने के कारण जस्टीन ग्रीव्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

वेस्टइंडीज को हाल में अपने ही घर में बांग्लादेश के खिलाफ करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। ऐसे में उसने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तान के सामने उसके वहीं हाल ना हो। वहीं पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट के लिए यह एक और काला दिन रहा। इस हार से पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 के फाइनल की दौड़ से भी बाहर हो गया।

टूट रही है गंभीर की कोचिंग टीम! भारत को चैंपियन बनाने वाले अब इस धुरंधर ने तोड़ा नाता

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव करने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि, फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दिलीप के साथ असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट भी अब टीम के साथ नहीं रहेंगे। बीसीसीआई इन दोनों पदों के लिए नए नामों पर विचार कर रहा है और श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले नए कोचिंग स्टाफ की घोषणा की जा सकती है।

कब खत्म हुआ कॉन्ट्रैक्ट

इंग्लैंड दौरे के बाद रयान टेन डोएशेट और टी दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया। इस दौरे पर भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। न्यूज एजेंसी PTI रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर के करीबी माने जाने वाले टेन डोएशेट को बीसीसीआई ने नया कॉन्ट्रैक्ट देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। डोएशेट आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ दोबारा जुड़ने का फैसला किया।

डोएशेट की गंभीर के साथ कर चुके हैं काम

रयान टेन डोएशेट के टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में आने के बाद उनकी भूमिका काफी अहम हो गई थी। वह पहले गौतम गंभीर, अभिषेक नायर और मोर्ने मोर्कल के साथ केकेआर में काम कर चुके थे। लेकिन टीम में पहले से टी दिलीप फील्डिंग कोच थे, फिर भी टेन डोएशेट कई अहम जिम्मेदारियां निभाते नजर आए। मीडिया से बातचीत और टीम की रणनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अक्सर वही टीम प्रबंधन का पक्ष रखते थे।

केकेआर में हुई वापसी

रयान टेन डोएशेट के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में वापसी किसी नए सफर की तरह नहीं होगी। वह 2012 और 2014 में खिलाड़ी के रूप में टीम की आईपीएल खिताबी जीत का हिस्सा रह चुके हैं। इसके बाद 2024 के विजेता अभियान में उन्होंने फील्डिंग कोच की भूमिका निभाई थी। अब केकेआर में उनकी फिर से वापसी होने पर वह मुख्य कोच अभिषेक नायर के साथ दोबारा काम करते नजर आ सकते हैं।

कोचिंग में जीता था वर्ल्ड कप

टी दिलीप के अगले कदम को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। टेन डोशेट और टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीता। वहीं टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता था। वहीं, भारतीय टीम को जल्द ही मजबूत कोचिंग संयोजन तैयार करने की जरूरत होगी, क्योंकि 2027 विश्व कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। नए कोचिंग स्टाफ के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन आयरलैंड, इंग्लैंड और हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम प्रबंधन पर बेहतर नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है।

फील्डर ने उंगलियां चटकाकर मैच में किया चीटिंग! अंपायर ने दिया आउट, क्रिकेट का ये वीडियो कर देगा हैरान

इंग्लैंड के क्लब क्रिकेट में एक मैच के दौरान कथित तौर पर हैरान करने वाली घटना देखने को मिली है। एक फील्डर पर डोमेस्टिक मैच के दौरान उगंलिया चटकाकर चीटिंग करने का आरोप लगा है। फील्डर पर आरोप है कि जब गेंद बैट के पास से गुजरी तब फील्डर ने उंगलियां चटकाई। जिससे अंपायर को लगे की गेंद बल्ले से लगी है। इस घटना के सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में इसकी काफी चर्चा हो रही है। ये घटना नॉर्थ यॉर्कशायर और साउथ डरहम लीग में साल्टबर्न क्रिकेट क्लब की सेकंड-XI और मिडिल्सब्रो क्रिकेट क्लब की सेकंड-XI के बीच हुए मैच के दौरान हुई।

इस विवाद के सामने आने के बाद लीग प्रशासन ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पूरी प्रक्रिया पूरी होने तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की जाएगी।

वायरल हो रहा वीडियो

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि, गेंद बल्लेबाज नोमान शब्बीर के बल्ले के बेहद करीब से निकलती है। इसी दौरान स्लिप में खड़ा साल्टबर्न का एक फील्डर उंगलियां चटकाता है, जिससे ऐसा लगता है कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गई है। इसके तुरंत बाद विकेटकीपर जोश बोवेस गेंद को कैच कर लेते हैं। इसके बाद साल्टबर्न की टीम के अपील करती है और अंपायर बल्लेबाज को आउट दे देते हैं। इस मुकाबले को साल्टबर्न ने 159 रन से जीता है।

जमकर हो रही आलोचना

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद क्रिकेट प्रेमियों ने इसकी जमकर आलोचना की। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि उंगलियां चटकने की आवाज से अंपायर भ्रमित हो गए और उन्होंने बल्लेबाज को आउट दे दिया। यूजर्स ने कहा कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी, लेकिन आवाज के कारण गलत फैसला हो गया, जिसके चलते बल्लेबाज को पवेलियन लौटना पड़ा। कई यूजर्स ने इसे क्लब क्रिकेट में खेल भावना के खिलाफ बताया और इसे अब तक की सबसे विवादित घटनाओं में से एक करार दिया।

भारतीय क्रिकेट टीम के असिस्टेंट और फील्डिंग कोच ने दिया इस्तीफा

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भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने इस्तीफा पेश कर दिया है।  वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए कोलकाता नाईट राइडर्स के लिए वापस कोचिंग करेंगे। भारतीय कोचिंग सेटअप में वह गौतम गंभीर के दाएं हाथ के तौर पर जाने जाते थे। पूर्व डच ऑलराउंडर ने  यह निर्णय ना केवल कोलकाता से जुड़ने के लिए बल्कि परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए लिया है।

वहीं भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का भी कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।

13 मैचों में 21 कैच ड्रॉप, सुनील गावस्कर ने कहा बाहर करो खराब फील्डर्स को (Video)

भारत का यूरोप दौरा और जिम्बाब्वे दौरे को मिलाकर 13 मैच खेले गए। इसमें से 10 मैच टी-20 के थे और 3 मैच वनडे के थे। कुल 13 मैचों में भारत ने 21 कैच ड्रॉप किए। इसमें से यूरोप (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) भारत ने 11 कैच ड्रॉप किए। वहीं जिम्बाब्वे दौरे पर टीम ने 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही 10 कैच ड्रॉप किए। इसमें से 4 कैच अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आए।

ऐसे में टीम के खराब फील्डिंग मानकों पर सुनील गावस्कर ने कहा है कि औसत फील्डर को टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कप्तान को उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। ना कि यह सोचना चाहिए कि किसी तरह गेंद उन 3 से 4 खिलाड़ियों के पास ना जाए।

भारतीय टीम ने इन 13 मैचों में 47 कैच पकड़े हैं जिससे टीम का कैच प्रतिशत 69.1 है। गौरतलब है कि भारत को आयरलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 0-2 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। एकदिवसीय श्रृंखला में भी भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-1 की हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद टीम ने हालांकि जिम्बाब्वे को में 3-0 से हराया।

भारतीय टीम की ग्राउंड फील्डिगं भी कई समय से आलोचनाओं के घेरे में है। यूरोप दौरा (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) कई बार यह देखने में आया कि टीम ने ना केवल आसान कैच छोड़े बल्कि आसान चौके भी दे दिए। वहीं इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाड़ियों ने ना केवल शानदार कैच पकड़े बल्कि ग्राउंड फील्डिंग भी उम्दा की।

इसके अलावा सुनील गावस्कर ने एकदिवसीय विश्वकप 2027 को ध्यान में रखकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सलाह भी दी है कि वह मैदान की सीमा को लंबा करें ताकि विदेशी दौरे और खासकर विश्वकप तक भारत बड़े मैदानों पर खेलने का आदि हो जाए। भारत को अब अगली एकदिवसीय श्रृंखला वेस्टइंडीज के खिलाफ अक्टूबर में खेलनी है।

इंदौर के ऑलराउंडर को मिली टीम इंडिया में जगह, हनुमान भक्त को मंगलवार को मिली खुशखबरी

“उपर वाले के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं” यह उक्ति सारांश जैन के लिए सही साबित हुई जब मंगलवार का दिन था और हर मंगलवार की तरह तब सारांश हनुमान मंदिर में प्रार्थना कर रहे थे जब चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा की। मध्य-प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन को श्रीलंका में होने वाली श्रृंखला के लिए मंगलवार को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया, जो घरेलू क्रिकेट में पिछले एक दशक में उनके शानदार प्रदर्शन का नतीजा है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

साल 2014 में जब सारांश जैन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे तो उन्होंने घर पर फोन लगाया था। उनके पिता सुबोध मुंह के कैंसर से ग्रसित हो गए थे। लेकिन उनके परिवार ने उनको यह नहीं बताया ताकि उनका प्रदर्शन में गिरावट ना आ जाए। जब सारांश घर पहुंचे तो उनके पिता सुबोध के बारे में जानकर भौंजक्के रह गए।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 18 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।

Saransh Jain: कौन है 33 साल के सारांश जैन? श्रीलंका के खिलाफ पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में हुए शामिल

बीसीसीआई ने अगले महीने श्रीलंका दौरे पर होने वाले 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई है। वहीं इस टीम में 33 साल के एक खिलाड़ी को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ चुनी गई टीम में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का उन्हें अब बड़ा इनाम मिला है। सारांश मध्य प्रदेश टीम के लिए अब तक 50 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं।

ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने वाले सारांश ने रेड बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत साबित की है। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टेस्ट टीम में मौका दिया है, जो उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।

वाशिंगटन की जगह हुए शामिल

सारांश जैन को अगले महीने श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारतीय टेस्ट टीम में वाशिंगटन सुंदर की चोट के बाद मौका मिला है। इस दौरे पर भारत को दो टेस्ट मैच खेलने हैं। इससे पहले भी सारांश इंडिया ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट झटके और नाबाद 70 रन की अहम पारी खेली। आईपीएल से दूर रहकर भी सारांश जैन ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। रणजी ट्रॉफी और अन्य रेड बॉल टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल के दम पर उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाई।

रणजी ट्रॉफी में किया बेहरतरीन प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के लिए खेलते हुए सारांश जैन ने ऑलराउंडर के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऑफ स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, जिसका इनाम उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में चयन के रूप में मिला। सारांश जैन ने रणजी ट्रॉफी में लगातार शानदार प्रदर्शन कर अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें इंडिया ए, दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन और ईरानी ट्रॉफी में रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलने का मौका मिला। इन बड़े घरेलू टूर्नामेंटों में भी उन्होंने अपने खेल से प्रभावित किया, जिससे चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर लगातार बढ़ता गया और आखिरकार उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिल गई।

 

सारांश का प्रदर्शन

सारांश लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने साल 2014 में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। अब तक 54 प्रथम श्रेणी मैचों में वह 188 विकेट ले चुके हैं और बल्ले से 2,223 रन भी बना चुके हैं। उनके नाम दो शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 47 मैचों में 38 विकेट और 553 रन बनाए हैं, जबकि 20 टी20 मुकाबलों में 18 विकेट लेकर अपनी उपयोगी गेंदबाजी का भी शानदार प्रदर्शन किया है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में सारांश जैन ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने सात मैचों में 518 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। वहीं, गेंदबाजी में 30 विकेट लेकर टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बने।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट के लिए भारत की टीम: शुभमन गिल [C], केएल राहुल [VC], यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत [WK], साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल [WK], रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह*, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन