Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल ने ग्लोबल बाजारों का मूड खराब कर दिया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 175 अंक फिसला है। FIIs की कैश में करीब 3000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो भी 8% के नीचे फिसल गया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

23 जुलाई को भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में लगभग 23,695 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजो शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार और अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों में भी आज दबाव दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी में तीन फीसदी की गिरावट है। महंगे क्रूड और बॉन्ड यील्ड के इस साल की ऊंचाई पर पहुंचने से US मार्केट में भी तेज बिकवाली दिखी है। डाओ जोंस 500 अंक से ज्यादा गिरा है। नैस्डैक भी दो परसेंट फिसला है।

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12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ

ट्रंप टैरिफ से भारत को मामूली राहत संभव है। प्रस्तावित 12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ लग सकता है। फोर्स्ड लेबर इनवेस्टिगेशन के तहत 10% टैरिफ का प्रस्ताव है। यह टैरिफ भारत समेत 60 देशों पर लागू होगा।

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा हुआ नरम

अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है। ईरान में UK की एंबेसी बंद कर दी गई है। फ्रांस ने भी तेहरान में अपना दूतावास खाली करा लिया है। ट्रंप ने कहा है कि हूती के हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार होगा। हालांकि, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा नरम पड़ा है। यह 102 डॉलर तक जाकर फिलहाल 99 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

ट्रंप ने कहा है कि पहले हूती जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे थे। पिछले साल अमेरिका ने हमला किया था। हमले के बाद हूती का व्यवहार जिम्मेदारी भरा था। हूतियों ने बीती रात फिर हमला किया है। इन्होंने सऊदी के 2 जहाजों पर हमला किया है। दोबारा ऐसा करना उनके हित में नहीं होगा। इसके लिए हूती और ईरान दोनों को जिम्मेदार ठहराएंगे। ईरान और हूतियों को कड़ी सैन्य सजा मिलेगी। जहाजों और माल को नुसकान की भरपाई होगी। ईरान के पैसों से नुसकान की भरपाई होगी। नुकसान की राशि बड़ी हो सकती है।

कच्चे तले में लगी आग

कच्चे तेल के भाव 2 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। कल ब्रेंट $101 के ऊपर बंद हुआ था। आज भी ब्रेंट $100 के ऊपर कायम है। WTI में भी $91 के ऊपर कारोबार हो रहा है। जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से इसमें तेजी आई है। रेड और ब्लैक सी दोनों जगह तनाव बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर असमंजस कायम है। फिजिकल में भाव $105/बैरल के पार निकलते दिखे हैं। डीजल वायदा 7 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचाई पर दिख रहा है।

इंफोसिस के निराशाजनक Q1 नतीजे

पहली तिमाही में इंफोसिस के नतीजों ने निराश किया है। constant currency Revenue Growth महज 1 परसेंट रही है। यह अनुमान से कम रही है। हालांकि मार्जिन अनुमान के मुताबिक रहे हैं। लेकिन गाइंडेंस में कटौती की गई है। आशीष कुमार दास अगले साल एक अप्रैल से सलिल पारेख की जगह इंफोसिस के नए MD & CEO होंगे। अमेरिका में इंफोसिस का ADR दो परसेंट नीचे बंद हुआ है।

इंडिगो पर पड़ी महंगे कच्चे तेल की मार

इंडिगो के नतीजों पर महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का असर साफ दिखा है। पहली तिमाही में 20% आय बढ़ने के बावजूद कंपनी को 382 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जेट फ्यूल खर्च 86% बढ़ा है। मार्जिन भी घटकर आधे हो गए हैं। मैनेजमेंट ने कहा है कि दूसरी तिमाही में हालात सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है।

Q1 में उम्मीद से बेहतर सोना BLW के नतीजे,14% बढ़ा मोतीलाल ओसवाल का मुनाफा

पहली तिमाही में सोना BLW के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 47% तो रेवेन्यू 52% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन भी उम्मीद से बेहतर रही है। वहीं मोतीलाल ओसवाल का ऑपरेटिंग मुनाफा 14% बढ़ा है। साथ ही असेट एंड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का प्रॉफिट 46% बढ़ा है।

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,श्रीराम फाइनेंस,टाटा कंज्यूमर,NTPC और SBI LIFE के रिजल्ट आएंगे। श्रीराम फाइनेंस का मुनाफा 52% बढ़ सकता है। इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में भी सुधार संभव है। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा,CG पावर,लॉरस लैब समेत वायदा की 13 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

आज कैबिनेट बैठक में होगा बड़ा फैसला

नीट पेपर लीक के खिलाफ पीएम मोदी का कल रात बड़ा संदेश आया। आज कैबिनेट में सरकार पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाएगी। इससे जुड़े बिल को जल्द सदन में पास कराने की कोशिश होगी। उधर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अनशन तोड़ा है। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंनें अनशन तोड़ने का फैसला लिया

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Oil Price: $100 के पार पहुंचा कच्चा तेल, हूती हमले और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से चिंता बढ़ी

Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को जोरदार उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 7% चढ़कर 100.71 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। यह करीब दो महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 6% बढ़कर 92.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तेल की कीमतों में यह तेजी यमन के हूती विद्रोहियों के दावे के बाद आई। हूतियों ने कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। इससे दुनिया में तेल सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मिडिल ईस्ट पहले से ही तनाव में है। ऊपर से होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही लगभग ठप पड़ गई है। अब लाल सागर में भी हमले शुरू हो गए हैं। ऐसे में बाजार को डर है कि दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई और कम हो सकती है।

मैटाडोर इकोनॉमिक्स के चीफ इकोनॉमिस्ट टिम स्नाइडर का कहना है कि सऊदी टैंकरों पर हमला तेल बाजार के लिए बड़ा झटका है। इससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कीमतें ऊपर रह सकती हैं।

हूतियों ने क्या दावा किया?

हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी तेल ले जा रहे दो टैंकरों को निशाना बनाया। उनका कहना है कि वे सऊदी अरब के तेल निर्यात पर समुद्री नाकेबंदी लागू करेंगे।

बाद में सऊदी समाचार एजेंसी ने भी पुष्टि की कि दो टैंकरों में से एक पर हमला हुआ और उसमें आग लग गई।

गोल्डमैन सैक्स की बड़ी चेतावनी

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में मौजूदा संकट 2027 तक जारी रहता है, तो इस साल की चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। अगले साल इसका औसत भी करीब 100 डॉलर रह सकता है।

अगर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट और स्वेज नहर में भी लंबे समय तक रुकावट बनी रही, तो तेल और महंगा हो सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में क्या हो रहा है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि ओमान के पास एक तेल टैंकर में विस्फोट के बाद आग लग गई। दो दूसरे टैंकर वापस लौट गए।

ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उसके नियंत्रण में है। जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक उसकी मंजूरी के बिना कोई टैंकर वहां से नहीं गुजर सकेगा।

सप्लाई पर कितना असर?

यूबीएस के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले गैर-ईरानी टैंकरों की संख्या तेजी से घटी है। वहीं, अमेरिकी नाकेबंदी के चलते ईरान का तेल निर्यात भी लगभग शून्य पर पहुंच गया है।

पिछले सात दिनों में खाड़ी क्षेत्र से तेल लोडिंग घटकर 25 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई। इससे पहले 30 दिनों का औसत 60 लाख बैरल प्रतिदिन था।

अमेरिका भी लगातार कर रहा हमला

अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने लगातार 12वीं रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज को निशाना बनाया, तो अमेरिका उसके अहम ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।

(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘ईरान और हूतियों को भयानक मिलिट्री सजा दी जाएगी, अब फिर हमला हुआ तो…’, सऊदी के जहाजों पर अटैक के बाद ट्रंप का फूटा गुस्सा; दे डाली धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान समर्थित हूतियों के किसी भी भविष्य के हमले के लिए अमेरिका ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह समूह फिर से जहाजों को निशाना बनाता है, तो उन्हें बड़ी सैन्य सजा दी जाए

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US-Iran war: 6 हफ्ते के हाई पर कच्चा तेल, $95 पार निकला भाव, एक्सपर्ट से जानें क्या है नियर-टर्म आउटलुक

US-Iran war: कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार 23 जुलाई को 1.5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया। भाव 95 डॉलर के पार निकलकर 6 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गया है। तेल में यह तेजी अमेरिका के ईरान पर नए हमले किए जाने और यमन के हूथी विद्रोहियों के लाल सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाने के बाद देखा गया है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.93, यानी 2% बढ़कर $96 प्रति बैरल हो गया, जो 8 जून के बाद का सबसे ऊंचा लेवल है। पिछले सेशन में बेंचमार्क $94.07 पर बंद हुआ था, जो $3 से ज़्यादा और छह हफ़्ते के सबसे ऊंचे लेवल से थोड़ा नीचे था।

इस बीच, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $1.44, या 1.7% बढ़कर $88.27 प्रति बैरल हो गया, जिससे बुधवार की लगभग 3% की तेज़ी और बढ़ गई।

अमेरिका की सेना ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार 12वीं रात हमला किया। यह तब हुआ जब US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कसम खाई थी कि जब भी तेहरान होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ पर हमला करेगा, तो वे ईरानी पुल या पावर प्लांट को निशाना बनाएंगे, जिससे लड़ाई और बढ़ गई।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक माइन वाले रास्ते से गुज़रने की कोशिश करते समय एक तेल टैंकर में धमाका होने के बाद आग लग गई। उन्होंने यह भी कहा कि दो और टैंकरों को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है और जब तक इस इलाके में US मिलिट्री ऑपरेशन जारी रहेंगे, यह “पूरी तरह से बंद” है, उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के साथ कोऑर्डिनेशन के बिना किसी भी जहाज़ को अंदर आने या बाहर निकलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

यह लड़ाई होर्मुज स्ट्रेट से भी आगे बढ़ गई है, ईरान के सपोर्ट वाले हूतियों ने बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के ज़रिए सऊदी तेल ले जाने वाले जहाज़ों को निशाना बनाने की धमकी दी है और सऊदी अरब की नेवल नाकाबंदी की घोषणा की है।

हूतियों ने कहा कि उन्होंने दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमले किए हैं, जबकि समुद्री सुरक्षा रिपोर्टों से पता चला है कि ग्रुप द्वारा पहचाने गए जहाजों में से एक, सऊदी झंडे वाला टैंकर एनसेलिया, लाल सागर में टकरा गया था।

ग्रुप ने यह भी दावा किया कि उसने जहाजों को सऊदी पोर्ट्स पर जाने से रोकने की चेतावनी देने के बाद लगभग 10 जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया था। हालांकि, रॉयटर्स इस दावे को अलग से वेरिफ़ाई नहीं कर सका।

लाल सागर में हूथी ब्लॉकेड और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की चेतावनी कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी रास्ते में माइनिंग की गई है, ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

इस बीच, एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, पिछले हफ़्ते अमेरिका में कच्चे तेल का स्टॉक 2 मिलियन बैरल बढ़ गया। यह बढ़ोतरी तब हुई जब रिफाइनरी एक्टिविटी धीमी हो गई, कच्चे तेल का एक्सपोर्ट कम हो गया और इंपोर्ट बढ़ गया, जो रॉयटर्स पोल में एनालिस्ट्स की 1.1 मिलियन बैरल की कमी की उम्मीदों के उलट था।

आगे कहां तक जाएगी कीमतें

कोटक सिक्योरिटीज की AVP कमोडिटी रिसर्च, कायनात चैनवाला के अनुसार, बैकवर्डेशन भी गहरा गया है, जिसमें प्रॉम्प्ट-टू-सेकंड-महीने का स्प्रेड $3 तक बढ़ गया है, जो दिखाता है कि शॉर्ट-टर्म अवेलेबिलिटी की चिंताएं लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स से ज़्यादा हैं।

चैनवाला ने कहा, “होर्मुज, रेड सी और ब्लैक सी सभी एक साथ रुकावट के सिग्नल दे रहे हैं, फिजिकल सप्लाई में अभी तक कोई खास कमी नहीं आई है, लेकिन रिस्क प्रीमियम तेज़ी से बढ़ रहा है। इन चोकपॉइंट्स पर कोई भी नई बढ़ोतरी आने वाले सेशन में $100 ब्रेंट का रास्ता बना सकती है।”

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US ऑयल $85 के निशान से ऊपर पॉजिटिव बायस के साथ ट्रेड कर रहा है, जिसे चल रहे जियोपॉलिटिकल टेंशन का सपोर्ट है।

पोनमुडी ने कहा, “तुरंत रेजिस्टेंस $86.5–$87 पर है, उसके बाद $88–$88.5 ज़ोन है। नीचे की तरफ, तुरंत सपोर्ट $84.5–$84 पर दिख रहा है, और इस लेवल से नीचे जाने पर कीमतें $82 के निशान तक जा सकती हैं। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है, और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स से अगला डायरेक्शनल मूव तय होने की संभावना है।

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