राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, बोले- युवाओं का भविष्य आपने बर्बाद किया, धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए

CJP Protest : rahul gandhi answer to PM Modi

छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट ट्रेक कोर्ट के एलान पर लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण दिया। ALSO READ: CJP Protest : आख़िर पेपर लीक पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, किया फास्ट ट्रेक कोर्ट का ऐलान

 

राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया – और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें साफ़ हैं: धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं। छात्रों से माफ़ी मांगे। छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। ALSO READ: प्रीति जिंटा का छात्रों को समर्थन, सता रहा है CJP प्रोटेस्ट हाईजैक होने का डर

क्या बोले पीएम मोदी?

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के बीच पेपर लीक पर फास्ट ट्रेक कोर्ट का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड मिलेगा। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम की घोषणा के बाद भी छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

 

पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ALSO READ: CJP प्रदर्शन के कारण आज भी 16 मेट्रो स्टेशन बंद, DMRC ने जारी की सूची

 

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले में संसद से सड़क तक बवाल मचा हुआ है। सरकार संसद से जंतर मंतर तक गतिरोध तोड़ने का हरसंभव प्रयास कर रही है। सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। सीजेपी के प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। हालांकि सरकार आंदोलनकारियों की इस मांग से सहमत नजर नहीं आ रही है। युवा प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं तो पिछले 4 दिनों से संसद विपक्ष के हंगामे की वजह से ठप है।

UP Police recruitment 2026: यूपी पुलिस में जल्द शुरू होगी 81,000 पदों पर भर्ती, अलग-अलग चरणों में जारी होगा नोटिफिकेशन

UP Police recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के राज्य पुलिस बल का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ये अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इसमें पुलिस विभाग में 81,000 से ज्यादा पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) द्वारा की जाएगी। यह घोषणा राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की चल रही कोशिशों के तहत की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष तरीके से पक्का करने का निर्देश दिया है। हाल के नोटिस के अनुसार, यूपी पुलिस के लिए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पदों के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया में सिविल पुलिस के साथ-साथ तकनीकी और विशेष श्रेणी सहित कई तरह के पद शामिल होंगे। 81,000 से ज्यादा पदों की योजना के साथ, यह भर्ती प्रक्रिया हाल के वर्षों में राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में से एक होने का अनुमान है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन जारी होने और एप्लीकेशन टाइमलाइन की जानकारी के लिए रेगुलर ऑफिशियल अपडेट चेक करते रहें।

यूपी पुलिस 2026 के लिए कई पदों पर वैकेंसी

अधिकारियों ने बताया है कि पदों की विस्तृत जानकारी अलग-अलग नोटिफिकेशन के जरिए शेयर की जाएगी। कैंडिडेट अपनी योग्यता और पसंद के हिसाब से आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होंगी नियुक्तियां

यूपी पुलिस के कई विभागों में- कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (SI), जेल वार्डर, रेडियो कैडर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य तकनीकी व मिनिस्ट्रियल सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इन भर्तियों के लिए क्या होगी योग्यता

यूपी पुलिस विभाग में पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित है। कॉन्स्टेबल पद के लिए अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण, वहीं सब-इंस्पेक्टर पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कई पदों पर आवेदन के लिए 12वीं पास के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। पद के अनुसार विस्तृत शैक्षिक योग्यता नोटिफिकेशन आने के बाद चेक कर सकेंगे।

यूपी पुलिस के लिए भर्ती प्रक्रिया और अगले चरण

उम्मीद है कि यूपीपीआरपीबी अलग-अलग स्टेज में नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें हर पद के लिए योग्यता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें बताई जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करें और आवेदन शुरू होने पर उसी के अनुसार आवेदन करें।

OPSC recruitment 2026: ओडिशा में 500 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, 24 जुलाई से शुरू होगा आवेदन

जगन्नाथ के रथ बदल रहे हैं बच्चों की ज़िंदगी|Young Artist Is Funding Education Through Jagannath Rath

ओडिशा के 20 वर्षीय सुमित कुमार दास आर्ट कॉलेज में पढ़ाई के साथ भगवान जगन्नाथ के रथ बनाते हैं। वह गरीब बच्चों को मुफ्त में रथ बनाना सिखाते हैं और रथ बेचकर होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा भी उन्हें देते हैं, ताकि वे ट्यूशन फीस भर सकें, किताबें खरीद सकें और अपने परिवार की मदद कर सकें।
आज उनके हाथों से बने रथ देश के कई शहरों तक पहुंचते हैं और उनकी कमाई कई बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रही है।
सुमित ने साबित कर दिया कि सबसे खूबसूरत सफलता वही है, जो अपने साथ-साथ दूसरों का भविष्य भी संवार दे। :heart:

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Viral Video: टूटने वाला था नर्स बनने का सपना, फिर मसीहा बन आया ये शख्स, सोशल मीडिया पर छाई ये इमोशनल स्टोरी

झारखंड के एक छोटे से गांव की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 14 साल की सोनाली थुडू की कहानी लोगों को काफी पंसद आ रही है। आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें अपनी पढ़ाई और नर्स बनने का सपना अधूरा छोड़ने की नौबत आ गई थी। इसी बीच शिक्षक अलख पांडे ने उसकी मदद का हाथ बढ़ाया, जिससे उसकी पढ़ाई फिर से शुरू हो गई। इस क्लिप को इंस्टाग्राम पर 16 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया है। लोगों को ये कहानी काफी पसंद आ रही है। लोग अलख पांडे के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

आर्थिक वजह से छुटने वाली थी पढ़ाई

सोनाली का सपना नर्स बनकर लोगों की सेवा करना था, लेकिन घर की आर्थिक परेशानियों ने उसके रास्ते में बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी। पिता की तबीयत खराब होने के बाद उनकी नौकरी छूट गई और उन्हें वापस गांव लौटना पड़ा। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसकी मां पर आ गई, जो पशुपालन करके किसी तरह घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रही हैं। परिवार एक कच्चे मकान में रहता है और गांव में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट की सुविधा भी बहुत सीमित है। ऐसे हालात में सोनाली के लिए पढ़ाई जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया था।

 

अलख पांडे ने करवाया एडमिशन

वायरल वीडियो में सोनाली अलख पांडे से कहती हैं, “सर, मेरा सपना है कि मैं पढ़-लिखकर नर्स बनूं।” यह सुनकर अलख पांडे उनसे पूछते हैं, “बताइए, आपका एडमिशन किस स्कूल में कराना है? आप कहां पढ़ना चाहती हैं?” इस पर सोनाली बताती हैं कि वह सेंट मैरी स्कूल में पढ़ाई करना चाहती हैं। वीडियो में बताया गया कि अलख पांडे ने उसी दिन स्कूल पहुंचकर सोनाली का दाखिला कराया और उसकी पूरे साल की फीस भी जमा कर दी। इसके बाद सोनाली ने कक्षा 9 में अपनी पढ़ाई शुरू की।

लोगों ने किए कमेंट

वीडियो के आखिर में वह नई स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर खुशी-खुशी अपनी कक्षा की ओर जाती नजर आती है, जो उसके सपनों की नई शुरुआत को दिखाता है। इस भावुक वीडियो को इंस्टाग्राम पर 1.6 करोड़ (16 मिलियन) से ज्यादा बार देखा जा चुका है और सोशल मीडिया पर लोग अलख पांडे के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “इस तरह किसी जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई में मदद करना सबसे बड़ा नेक काम है।” दूसरे यूजर ने लिखा, “अगर ऐसे ही बच्चों को पढ़ाई का मौका मिलता रहा, तो वे आगे चलकर डॉक्टर, आईएएस और बड़े अधिकारी बन सकते हैं। ऐसे काम करने वाले लोगों की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है।”

Viral Video: 1,100 की पेंशन निकालने पहुंचे बुजुर्ग, खाते में दिखे 760 करोड़ रुपए, वायरल वीडियो ने मचाई हलचल

आपका पैसा फंसा है और बैंक नहीं सुन रहा शिकायत? RBI की ये नई स्कीम करेगी आपकी मदद, जानें स्टेप-बाई-स्टेप हर बात

Bank News: अगर आपका पैसा किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में फंसा है, या बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या में बार-बार शिकायत करने के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो आपके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक नई और इंटिग्रेटेड व्यवस्था की शुरुआत की है।

रिजर्व बैंक ने 1 जुलाई 2026 से रिजर्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। यह योजना रिजर्व बैंक से रेग्युलेट होने वाली संस्थाओें के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित और मुफ्त समाधान की सुविधा प्रदान करती है।

इस योजना की खास बातें, शिकायत दर्ज करने के स्टेप्स और जरूरी नियम नीचे डिटेल में बताए गए हैं:-

किन संस्थानों के खिलाफ की जा सकती है शिकायत?

RBI की इस नई एकीकृत लोकपाल योजना के दायरे में कई वित्तीय संस्थानों को लाया गया है। ग्राहक नीचे दिए गए संस्थानों के खिलाफ सेवा में कमी पाए जाने पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

सभी बैंक

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs)

गैर-बैंक प्रीपेड भुगतान साधन जारीकर्ता (Non-bank Prepaid Payment Instruments Issuers)

क्रेडिट सूचना कंपनियां

इस योजना के तहत आने वाली शिकायतों की प्रोसेसिंग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया लोकपाल के कार्यालयों में की जाती है। ये शिकायतें इस योजना के दायरे से बाहर होती हैं उन्हें उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण प्रकोष्ठ (CEPCs) में प्रोसेस किया जाता है। इन विनियमित संस्थाओं और CEPCs की पूरी सूची https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध है।

RBI लोकपाल के पास शिकायत कैसे दर्ज करें: स्टेप-बाई-स्टेप प्रक्रिया

अगर संबंधित वित्तीय संस्थान आपकी शिकायत का आपकी संतुष्टि के अनुरूप समाधान नहीं करता है या योजना के अनुसार तय समयसीमा के भीतर आपको कोई जवाब नहीं मिलता है तो आप नीचे दिए गए 3 तरीकों से सीधे RBI लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:-

तरीका 1 (ऑनलाइन पोर्टल): आप रिजर्व बैंक के ऑनलाइन CMS पोर्टल https://cms।rbi।org।in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

तरीका 2 (ई-मेल के जरिए): आप अपनी शिकायत को ई-मेल आईडी crpc@rbi।org।in पर भेज सकते हैं।

तरीका 3 (पोस्ट या कूरियर द्वारा): आप अपनी शिकायत को लिखित रूप में इस पते पर डाक या कूरियर के जरिए भेज सकते हैं:-

सेंट्रलाइज्ड रसीद एंड प्रोसेसिंग सेंटर (CRPC), भारतीय रिजर्व बैंक, सेंट्रल विस्टा, सेक्टर 17, चंडीगढ़ – 160 017

क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts)

RBI ने शिकायत दर्ज करते समय ग्राहकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:-

क्या करें (Do’s)

शिकायत दर्ज करने के लिए CMS पोर्टल का इस्तेमाल करें क्योंकि इससे आपको तुरंत पावती मिलती है, स्टेटस ट्रैक करना आसान होता है और प्रोसेसिंग तेजी से होती है।

ई-मेल या फिजिकल (डाक) माध्यम से शिकायत दर्ज करने के लिए https://cms।rbi।org।in पर उपलब्ध आधिकारिक शिकायत फॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

शिकायत के साथ संबंधित वित्तीय संस्थान में पहले दर्ज की गई शिकायत की कॉपी, संस्थान से प्राप्त जवाब की कॉपी (अगर मिला हो) और शिकायत से जुड़े अन्य प्रासंगिक दस्तावेज जरूर संलग्न करें।

फॉर्म में अपना संपर्क नंबर और ई-मेल आईडी (अगर उपलब्ध हो) जरूर दर्ज करें।

क्या न करें (Don’ts)

सीधे लोकपाल के पास न जाएं: संबंधित बैंक या विनियमित संस्थान से संपर्क किए बिना सीधे RBI लोकपाल के पास शिकायत दर्ज न करें। ऐसी शिकायतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लोकपाल के पास जाने से पहले आपको पहले उस संस्थान के पास अपनी शिकायत उठानी होगी।

अधिक जानकारी और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर

अगर आप इस योजना और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो:-

वेबसाइट पर जाएं: RBI की आधिकारिक वेबसाइट https://rbi।org।in पर जाकर FAQs → Consumer Education and Protection → Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 पाथ पर क्लिक करके ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न’ पढ़ सकते हैं।

टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: आप सीधे आरबीआई के संपर्क केंद्र से टोल-फ्री नंबर: 14448 पर संपर्क कर सकते हैं।

कॉल सेंटर की टाइमिंग: इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) की सुविधा 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध है। संपर्क केंद्र के कर्मचारियों से सीधे बात करने की सुविधा राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर सोमवार से शनिवार सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक उपलब्ध है। यह सुविधा अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं (असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तेलुगु और तमिल) में काम करती है।

DICGC के खिलाफ शिकायत के लिए विशेष नियम

अगर आपकी शिकायत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के खिलाफ है तो इसे नीचे दिए गए पते या ई-मेल आईडी पर दर्ज कराया जा सकता है:-

पता: द जनरल मैनेजर, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन, कंप्लेंट रिड्रेसल सेल, भारतीय रिजर्व बैंक, दूसरी मंजिल, मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सामने, भायखला, मुंबई – 400008

ई-मेल: dicgc।complaints@rbi।org।in

संपर्क नंबर: 022-2301 9645

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Video: भारतीयों की सेविंग्स की आदत के पीछे क्या है असली वजह, यूरोप में 10 साल रहे शख्स ने बताए 4 बड़े कारण

भारत में बचत करना सिर्फ एक अच्छी आदत नहीं, बल्कि जिंदगी का अहम हिस्सा माना जाता है। ज्यादातर परिवार बचपन से ही बच्चों को पैसे संभालकर खर्च करने और भविष्य के लिए बचत करने की सीख देते हैं। नौकरी लगने के बाद भी लोगों की पहली प्राथमिकता अक्सर सेविंग्स बढ़ाना और आने वाले समय के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करना होती है। वहीं, यूरोप के कई देशों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली इससे काफी अलग नजर आती है। वहां लोग भविष्य की चिंता के बजाय वर्तमान में खुलकर खर्च करते हुए दिखाई देते हैं।

आखिर दोनों जगहों की सोच में इतना बड़ा अंतर क्यों है? क्या इसकी वजह सिर्फ लोगों की मानसिकता है या इसके पीछे कोई और कारण भी छिपा है? इसी सवाल का जवाब यूरोप में लंबे समय से रह रहे एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर ने अपने अनुभव के आधार पर दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।

  1. इलाज का खर्च सबसे बड़ी चिंता

मुकुल के मुताबिक, यूरोप में लोग टैक्स और सोशल सिक्योरिटी के जरिए हेल्थकेयर का लाभ लेते हैं। किसी बड़ी मेडिकल इमरजेंसी में उन्हें इलाज के खर्च की ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती।

वहीं भारत में कई परिवारों को अस्पताल का खर्च खुद उठाना पड़ता है। यही वजह है कि लोग मेडिकल इमरजेंसी के लिए पहले से पैसे बचाकर रखते हैं।

  1. बच्चों की पढ़ाई पर होता है भारी खर्च

उन्होंने बताया कि यूरोप के कई देशों में सरकारी स्कूलों में अच्छी और मुफ्त या बेहद कम खर्च वाली शिक्षा मिल जाती है। जहां भारत में बड़ी संख्या में माता-पिता अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, जहां फीस और दूसरे खर्च काफी ज्यादा होते हैं। इसलिए बच्चों की पढ़ाई के लिए पहले से बचत करना जरूरी माना जाता है।

  1. रिटायरमेंट के लिए खुद बनाना पड़ता है सहारा

मुकुल का कहना है कि यूरोप में सोशल सिक्योरिटी और पेंशन जैसी सुविधाएं लोगों को भविष्य को लेकर कुछ राहत देती हैं।

जबकि भारत में अधिकतर लोग अपनी रिटायरमेंट के लिए खुद ही पैसा जोड़ते हैं। नौकरी के दौरान लगातार बचत करने की यही एक बड़ी वजह है।

  1. शादियों पर होता है लाखों का खर्च

उन्होंने ये भी कहा कि भारत में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि बड़ा पारिवारिक आयोजन होती है। कई परिवार शादी पर अपनी सालों की बचत खर्च कर देते हैं।

यूरोप में आमतौर पर शादियां काफी सादगी से होती हैं, इसलिए वहां लोगों पर ऐसा आर्थिक दबाव कम होता है।

लोगों ने क्या कहा?

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इस पर लोगों ने अलग-अलग राय दी।

एक यूजर ने लिखा, “आपकी बातें हमेशा जानकारी बढ़ाने वाली होती हैं।”

दूसरे यूजर ने कहा, “भारत में सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि माता-पिता और पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। खासकर 90 के दशक की पीढ़ी पर ये दबाव ज्यादा है।”

एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “आपके सभी पॉइंट सही हैं।”

वहीं एक यूजर का कहना था कि भारत की बड़ी आबादी भी इसकी एक अहम वजह है, क्योंकि इतनी बड़ी जनसंख्या को सभी तरह की सरकारी सुविधाएं देना आसान नहीं है।

बचत की आदत के पीछे सिर्फ सोच नहीं, व्यवस्था भी

मुकुल आनंद का मानना है कि भारत और यूरोप के लोगों की बचत की आदत में सबसे बड़ा फर्क उनके देश की व्यवस्था से आता है। जहां यूरोप में कई जरूरी खर्चों का बोझ सरकार और सोशल सिक्योरिटी सिस्टम संभाल लेते हैं, वहीं भारत में लोगों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए खुद पहले से आर्थिक तैयारी करनी पड़ती है।

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