LPG Price 10 October 2026: दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में कितने रुपये का मिल रहा गैस सिलेंडर? चेक करें नए रेट

LPG Price 10 October 2026: LPG सिलेंडर की कीमतों में अक्टूबर की शुरुआत में बदलाव किया गया है, जिसका असर घरेलू और कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वालों पर अलग-अलग पड़ा है। घरेलू ग्राहकों के लिए राहत की बात है कि 14.2 किलो वाले सिलेंडर के दाम स्थिर हैं। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल और रेस्टोरेंट जैसे कारोबारों का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में अगर आप गैस सिलेंडर बुक कराने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जानना जरूरी है।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और पटना समेत कई बड़े शहरों में LPG के दाम अलग-अलग हैं। आइए जानते हैं 8 अक्टूबर 2026 को घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर किस कीमत पर मिल रहे हैं और कहां ग्राहकों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।

घरेलू गैस के दाम में राहत, कमर्शियल सिलेंडर ने बढ़ाया खर्च

10 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू LPG सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में इसकी कीमत में बदलाव नहीं किया गया। दूसरी ओर, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 1 अक्टूबर से 62.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 2,810 रुपये हो गई है।

इस बढ़ोतरी का असर उन कारोबारियों पर पड़ सकता है, जो रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं। कारोबारियों की लागत बढ़ने पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।

दिल्ली से मुंबई और पटना तक, कितने रुपये में मिल रहा सिलेंडर?

अलग-अलग शहरों में LPG की कीमतें अलग हैं। नीचे प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दिए गए रेट देख सकते हैं।

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942₹2,810
नोएडा₹939.50₹2,747.50
गाजियाबाद₹939.50₹2,747.50
मुंबई₹912.50₹2,764
कोलकाता₹945₹2,954
चेन्नई₹950₹2,983
पटना₹1,000₹3,100.50
रांची₹1,010.50₹2,988
बेंगलुरु₹944.50₹2,893.50

घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर क्यों हैं?

घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव एक जैसा होना जरूरी नहीं है। तेल कंपनियां दोनों श्रेणियों के दाम अलग-अलग संशोधित करती हैं। इस बार घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा गया है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है।

दिल्ली में इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर घरेलू इंडेन सिलेंडर का दाम 942 रुपये बताया गया है। हालांकि, बुकिंग से पहले अपने शहर में लागू कीमत की पुष्टि जरूर करें, ताकि भुगतान के समय किसी तरह का भ्रम न रहे।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें 10 अक्टूबर को आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें 10 अक्टूबर को आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 10 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Crude Oil: महंगे क्रूड के लिए रहें तैयार, कीमतें जल्द नीचे आने की उम्मीद नहीं

Crude Oil: क्रूड ऑयल की कीमतों में 9 अक्टूबर को नरमी दिखी। ब्रेंट क्रूड गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक दिन पहले यह 105 डॉलर के पार चला गया था। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड का प्राइस ज्यादातर 100 डॉलर के ऊपर बना रहा है। इसके हाई लेवल पर बने रहने का अनुमान है।

दिसंबर तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रह सकती हैं

कई ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतें दिसंबर तक हाई लेवल पर बनी रह सकती हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन बना हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को हमले का डर सता रहा है। मैक्सिको की खाड़ी में उत्पादन में बाधा आ रही है। इसका असर सप्लाई पर पड़ रहा है।

ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बाद थोड़ा नरम

8 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड में 5.5 डॉलर का उछाल आया था। इससे प्राइस कुछ समय के लिए 105 डॉलर प्रति बैरल के पार चल गया था। हालांकि, कुछ समय बाद यह 103-104 डॉलर तक आ गया। क्रूड में नरमी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान है कि अमेरिका ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि 3 नवंबर में मिड टर्म इलेक्शंस से पहले अमेरिका ईरान पर हमले नहीं करेगा।

नए प्रतिबंधों से ईरान की ऑयल एक्सपोर्ट क्षमता पर असर 

इस बीच, अमेरिका ने कुछ ईरानी नागरिकों, कंपनियों, पेट्रोकेमिकल्स और दूसरे प्रोडक्ट्स पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसका असर क्रूड एक्सपोर्ट करने की ईरान की क्षमता पर पड़ा है। कुछ बैंकों और ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि दिसंबर तिमाही में ब्रेंट क्रूड का प्राइस 89 से 100 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है। हालांकि, अगले साल यह 80-90 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है।

मैक्सिको की खाड़ी में क्रूड और गैस का उत्पादन प्रभावित

मैक्सिको की खाड़ी में फिलहाल 25 फीसदी क्रूड ऑयल और 16 फीसदी नेचुरल गैस का प्रोडक्शन ठप पड़ा हुआ है। प्रोडक्शन में रुकावट के बीच कमोडिटी ट्रेडर वितोल (Vitol) ने कहा है कि अगर सऊदी अरब या ईरान शिप-टू-शिप ट्रांसफर में बाधा आती है तो क्रूड ऑयल का भाव दोगुना यानी 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉस्ट पहले ही 2 डॉलर से बढ़कर 35 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है।

यह भी पढ़ें: Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का नया अपडेट, जानें कहां कितना है भाव

क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से बढ़ेगी भारत की मुश्किल

क्रूड प्राइस का हाई लेवल पर बने रहना भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतें बढ़ने पर भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। पहले से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कॉस्ट से कम प्राइस पर पेट्रोल और डीजल बेचने से रोजाना करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले ही चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का नया अपडेट, जानें कहां कितना है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 09 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल आज सस्ता हुआ या महंगा? चेक करें अपने शहर का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today:  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाला थोड़ा सा भी बदलाव सीधे आम लोगों के बजट को प्रभावित करता है। तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। वहीं 8 अक्टूबर, गुरुवार को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की आशंका और तेल सप्लाई प्रभावित होने की चिंता के कारण वैश्विक बाजार में दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं।

ईंधन के दाम बढ़ने या घटने का असर सिर्फ वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों और सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए रोजाना पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जानना लोगों के लिए जरूरी है।

आपके शहर में आज कितनी है पेट्रोल, डीजल की कीमत

शहर                       पेट्रोल (₹/लीटर)            डीजल (₹/लीटर)

नई दिल्ली               102.12                               95.20

मुंबई                       111.21                                97.83

कोलकाता               113.51                                99.82

चेन्नई                       107.77                               99.55

गुड़गांव                  102.97                                95.64

नोएडा                   101.96                                 95.44

बेंगलुरु                  111.68                                  99.56

भुवनेश्वर                108.97                                 100.68

चंडीगढ़                 101.54                                 89.47

हैदराबाद               116.15                                  104.23

जयपुर                  112.66                                 98.25

लखनऊ                101.86                                 95.36

पटना                    113.37                                   99.36

तिरुवनंतपुरम       115.49                                  104.40

इस कंपनी ने बढ़ाए थे दाम

इस बीच, देश की बड़ी निजी ईंधन कंपनियों में शामिल नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतों में तेजी का असर ग्राहकों तक पहुंचाने वाली नायरा एनर्जी पहली भारतीय ईंधन खुदरा कंपनी बनी थी।

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल हुआ सस्ता या महंगा? चेक करें ताजा कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 07 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

LPG Price 06 October 2026: दिल्ली से रांची तक आज के गैस सिलेंडर के दाम, यहां देखें पूरी जानकारी

LPG Price 06 October 2026: एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में होने वाला छोटा सा बदलाव भी हर महीने के घरेलू बजट को प्रभावित करता है। खासकर त्योहारों और बढ़ती महंगाई के बीच लोगों की नजर गैस के दाम पर बनी रहती है। ऐसे में अगर आप आज यानी 6 अक्टूबर को गैस सिलेंडर बुक करने की तैयारी कर रहे हैं, तो बुकिंग से पहले अपने शहर का ताजा रेट जान लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। अलग-अलग शहरों में एलपीजी की कीमतें अलग हो सकती हैं, इसलिए एक जगह का रेट दूसरी जगह लागू नहीं होता। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और कारोबारियों के लिए इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी जानना जरूरी है।

यहां आपको घरेलू और कमर्शियल, दोनों तरह के सिलेंडरों की शहरवार कीमतों की जानकारी मिलेगी, ताकि बुकिंग करते समय आपको किसी तरह की उलझन न हो और महीने का बजट भी आसानी से संभाला जा सके।

आज कितने रुपये में मिल रहा है घरेलू गैस सिलेंडर?

शहर के हिसाब से एलपीजी सिलेंडर की कीमत अलग-अलग होती है। 14 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के आज के रेट इस प्रकार हैं:

शहरघरेलू सिलेंडर का रेट
दिल्ली₹942
मुंबई₹941.50
कोलकाता₹968
बेंगलुरु₹944.50
हैदराबाद₹994
चेन्नई₹957.50
कटक₹968
कोयंबटूर₹959
रांची₹1,010.50

कमर्शियल सिलेंडर के लिए कितनी कीमत चुकानी होगी?

होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी शहर के अनुसार अलग हैं। आज के प्रमुख रेट यहां देखें:

शहरकमर्शियल सिलेंडर का रेट
दिल्ली₹2,810
मुंबई₹2,763.50
कोलकाता₹2,946.50
बेंगलुरु₹2,893.50
हैदराबाद₹3,058.50
चेन्नई₹2,978.50
कटक₹2,947.50
कोयंबटूर₹3,002.50
रांची₹2,988

घर बैठे ऐसे बुक करें अपना गैस सिलेंडर

अगर सिलेंडर खत्म होने वाला है और आपको नया रिफिल बुक करना है, तो इसके लिए गैस एजेंसी के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से संबंधित गैस कंपनी के जरिए आसानी से बुकिंग की जा सकती है। इंडेन गैस के ग्राहक बताए गए नंबर 8454955 पर कॉल करके बुकिंग कर सकते हैं।

WhatsApp से भी हो जाएगी गैस की बुकिंग

आज के समय में सिलेंडर बुक करना और भी आसान हो गया है। WhatsApp के जरिए भी रिफिल बुक किया जा सकता है। इसके लिए अपनी गैस कंपनी के संबंधित नंबर पर Hi भेजें और मेन्यू में दिए गए Refill Booking विकल्प को चुनें। इसके बाद कंज्यूमर आईडी दर्ज करके बुकिंग पूरी की जा सकती है।

  • इंडेन गैस: 7588888824
  • HP गैस: 9222201122
  • भारत गैस: 1800224344

बुकिंग से पहले एक बार जरूर देख लें रेट

गैस सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर की कीमत जांच लेना समझदारी है। इससे आपको भुगतान का अंदाजा पहले से रहेगा और महीने के घरेलू बजट को भी उसी हिसाब से मैनेज किया जा सकेगा।

Petrol Diesel Price Today: 6 अक्टूबर के पेट्रोल-डीजल रेट जारी, दिल्ली समेत प्रमुख शहरों में आज कितनी है कीमत

LPG Price 05 October 2026: गैस सिलेंडर के नए रेट जारी, जानें दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में LPG की कीमत

LPG Price 05 October 2026: त्योहारों के समय घर की खरीदारी और रोजमर्रा के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में रसोई गैस के दाम में होने वाला छोटा बदलाव भी परिवार के बजट पर असर डाल सकता है। 5 अक्टूबर को घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए लोगों को फिलहाल पुराने दाम पर ही सिलेंडर मिलेगा। दूसरी ओर, कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वालों के लिए तस्वीर अलग है। 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और छोटे फूड कारोबारियों की परेशानी बढ़ सकती है।

गैस उनकी रोजाना की लागत का अहम हिस्सा है, इसलिए बढ़ी कीमत का असर कारोबार के खर्च पर पड़ना तय माना जा रहा है। ऐसे में जानिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के ताजा रेट क्या हैं।

घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव नहीं

तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा है। देश के बड़े शहरों में उपभोक्ताओं को पुराने दाम पर ही सिलेंडर मिल रहा है।

दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। मुंबई में यह 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये में मिल रहा है।

प्रमुख शहरों में LPG सिलेंडर के रेट

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942₹2,810
मुंबई₹941.50₹2,763.50
कोलकाता₹968₹2,946.50
बेंगलुरु₹944.50₹2,893.50
हैदराबाद₹994₹3,058.50
चेन्नई₹957.50₹2,978.50
कटक₹968₹2,947.50
कोयंबटूर₹959₹3,002.50
रांची₹1,010.50₹2,988

कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा

घरेलू गैस के दाम भले ही नहीं बढ़े हों, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। 1 अक्टूबर से 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के रेट बढ़ाए गए हैं।

दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 62.50 रुपये महंगा होकर 2,810 रुपये हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2,764.50 रुपये, कोलकाता में 2,954 रुपये और चेन्नई में 2,983 रुपये बताई गई है।

होटल और रेस्टोरेंट पर बढ़ सकता है खर्च

कमर्शियल गैस का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे खाने-पीने के कारोबार में बड़े स्तर पर होता है। ऐसे में सिलेंडर की कीमत बढ़ने से इन कारोबारों का खर्च भी बढ़ सकता है।

अगर गैस की लागत लगातार ज्यादा रहती है, तो इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।

घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर में अंतर

घरेलू एलपीजी सिलेंडर आमतौर पर घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसका वजन 14.2 किलो होता है। वहीं 19 किलो वाला सिलेंडर मुख्य रूप से व्यावसायिक कामों के लिए इस्तेमाल होता है।

होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य फूड बिजनेस में कमर्शियल सिलेंडर की मांग ज्यादा रहती है। दोनों सिलेंडरों के दाम अलग होते हैं और इनमें होने वाले बदलाव भी अलग-अलग हो सकते हैं।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

फिलहाल घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहने से परिवारों को राहत मिली है। वहीं कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे खाद्य कारोबारों का खर्च बढ़ सकता है।

इसका असर आगे चलकर बाहर खाने-पीने की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अभी राहत है, लेकिन कारोबारियों को बढ़ी हुई गैस कीमत का सामना करना पड़ रहा है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के दाम में आज क्या हुआ बदलाव? जानें 05 अक्टूबर के ताजा रेट

Commodity Market : जानिए आगे हफ्ते कैसी रह सकती है कमोडिटीज की चाल, सोने को कहां मिलेगा सपोर्ट और कहां होगा रेजिस्टेंस

Commodity Market : 2 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यूएस बॉन्ड की भारी बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहा। हालांकि अमेरिका से लगातार आने वाले कमजोर डेटा के कारण फ़ेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े अनुमानों में काफी बदलाव हुआ है। अप्रैल 2025 के बाद पहली बार डॉलर 102 के स्तर से ऊपर चला गया। इसमें सबसे ज्यादा तेजी गुरुवार को आई। ग्लोबल बॉन्ड की बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण US में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 5.34 प्रतिशत (2002 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर) तक पहुंच गई और डॉलर भी 102.2 के हाई पर पहुंच गया।

करेंसी की चाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं

दो अलग-अलग आंकड़ों ने मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाला,लेकिन करेंसी की चाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। बुधवार को आए कोर PCE के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। वहीं, शुक्रवार को आए सितंबर के पेरोल आंकड़े सिर्फ़ 29,000 पर रहे, जो लगभग 84,000 से 90,000 के अनुमान से काफी कम थे। साथ ही बेरोज़गारी दर बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई। जुलाई-अगस्त के आंकड़ों में कुल मिलाकर 60,000 नौकरियों की कमी आई।

अमेरिका में वेतन बढ़ोतरी की रफ्तार पड़ी धीमी

वेतन में बढ़ोतरी की रफ्तार भी धीमी पड़ती दिखा। सितंबर में प्रति घंटा औसत कमाई में सिर्फ़ 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई और सालाना बढ़ोतरी धीमी होकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई,जो 2021 के बाद से सबसे कम है। इस जॉब्स रिपोर्ट के बाद ब्याज दरों में बदलाव के अनुमान बदल गए। यूएस फेड की अक्टूबर की बैठक में दरों में बढ़ोतरी की संभावना,जो एक हफ्ते पहले 60 प्रतिशत से ज़्यादा थी,घटकर 20 प्रतिशत से भी कम हो गई है।

इन आंकड़ों के बाद शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आई, हालांकि पिछले पांच हफ्तों में ज्यादातर समय डाओ जोन्स और S&P 500 में गिरावट देखने को मिली। जबकि नैस्डक में बढ़त जारी रही।

हफ्ते के आखिर में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में 3 प्रतिशत और 6 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई। डॉलर और यील्ड में बढ़ोतरी का असर ब्याज दरों के अनुमानों पर पड़ा। फेड अधिकारी ज़्यादातर सतर्क रुख अपनाते दिखे। न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट विलियम्स ने कहा कि इस साल के आखिर में एक और बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है,हालांकि उन्हें इसकी कोई जल्दबाजी नहीं दिखी। जबकि उनके कई सहयोगियों ने महंगाई के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने के जोखिम की ओर इशारा किया।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बढ़त होने पर सोने पर बनेगा दबाव

बीते हफ्ते सोने की कीमतों में दो बार तेजी आई। कमजोर जॉब्स और महंगाई के आंकड़ों की वजह से यह कुछ समय के लिए $4,200 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया,लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और $4,150 से नीचे बंद हुआ। चांदी का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। हफ्ते में दोनों बार यह $62 प्रति औंस के करीब पहुंची, लेकिन हर बार वापस $60 से नीचे आ गई। इनकी आगे की चाल काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि डॉलर और यील्ड काबू में रहते हैं या नहीं। अगर इनमें से किसी में भी दोबारा तेजी आती है,इन मेटल्स पर और दबाव पड़ने की संभावना है।

सोने के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

गोल्ड फ्यूचर्स में कमजोरी का रुख बना हुआ है और ये 20-डे EMA और सुपरट्रेंड (7,3) दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। जबकि RSI (14) 50 से नीचे है,जो सुस्त मोमेंटम का संकेत है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट ₹1,45,950 प्रति 10 ग्राम पर है। अगर गोल्ड इस लेवल से नीचे बना रहता है,तो यह ₹1,44,500 के आसपास स्थित अगले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ इसके लिए ₹1,51,100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा हैऔर उसके बाद ₹1,53,000 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस है। शॉर्ट-टर्म आउटलुक में सुधार के लिए सोने के लिए लगातार ₹1,53,000 के ऊपर बने रहना जरूरी होगा। कुल मिलाकर इसका टेक्निकल ट्रेंड साइडवेज से लेकर बेयरिश बना हुआ है।

कच्चे तेल पर रहेगी नजर

ईंधन की कीमतों को लेकर वॉशिंगटन के बढ़ते दबाव के जवाब में G7 देशों ने अगले चार महीनों में 10 करोड़ (100 मिलियन) बैरल तक डीजल और कच्चे तेल के भंडार को कम करने की एक मिली-जुली योजना बनाई है। इस योजना के तहत डीजल भंडार का अधिकांश हिस्सा शुरुआती तीन हफ्तों में ही कम किया जाएगा। इस योजना के दबाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें हफ्ते के आखिर में गिरकर बंद हुईं।

इसी जॉइंट स्टेटमेंट में ईरान के अपने पड़ोसियों पर हालिया हमलों की निंदा की गई और रूस पर पहले से लगे प्रतिबंधों को फिर से दोहराया गया। फिर भी,कच्चे तेल के भाव में सिर्फ 2 प्रतिशत की ही कमी आई। इसकी वजह यह है कि खाड़ी क्षेत्र में अभी भी जोखिम बना हुआ है। ऐसी खबरें भी हैं कि अमेरिका का तीसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस क्षेत्र में भेजा जा रहा है,जिसके नवंबर के आखिर तक पहुंचने की उम्मीद है।

उधर डोनाल्ड ट्रम्प ने उस पूर्व रिपोर्ट का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन ने ठोस परमाणु रियायतों के बदले ईरान को प्रतिबंधों में राहत की पेशकश की है। हालांकि कतर ने दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की बात कही है। हालांकि इससे अभी कोई बड़ी सफलता नहीं हासिल हुई है।

सप्लाई के नजरिए से देखें तो पिछले महीने ड्रोन हमले से हुए नुकसान के बाद सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन फिर से चालू हो गई है। यह पाइपलाइन अभी अपनी पूरी क्षमता के लगभग आधे यानी रोज़ाना 35 लाख बैरल की रफ़्तार से चल रही है। साथ ही,सितंबर में मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की कुल शिपमेंट बढ़कर रोज़ाना 1.63 करोड़ बैरल हो गई है,जो फरवरी के आखिर में शुरू हुए टकराव के बाद से सबसे तेज रफ़्तार है।

बेस मेटल्स की कीमतों में भी भारी गिरावट

बीते हफ्ते बेस मेटल्स की कीमतों में भी भारी गिरावट आई। कॉपर 2 प्रतिशत से ज़्यादा गिरकर $14,260 प्रति टन के आसपास बंद हुआ। जबकि जिंक और एल्युमीनियम में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। डॉलर के 17 महीने के हाई पर पहुंचने का असर डॉलर में ट्रेड होने वाली कमोडिटीज़ पर पड़ा,जिससे चीन के आंकड़ों में आए अच्छे सुधार का असर भी बेअसर हो गया।

चीन के मैन्युफैक्चरिंग PMI में जून के बाद पहली बार बढ़ोतरी

चीन के मैन्युफैक्चरिंग PMI में जून के बाद पहली बार बढ़ोतरी दिखी है। वहीं, सर्विस और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को कवर करने वाला नॉन-मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स बढ़कर 50.2 पर पहुंच गया है। इन दोनों आंकड़ों में नए स्टिमुलस पैकेज के बाद बढ़त आई है,जिसे 2024 के बाद का सबसे बड़ा पैकेज बताया जा रहा है और जिसका मकसद चीन में 4.5 से 5 प्रतिशत के ग्रोथ टारगेट को हासिल करना है।

हफ़्ते की शुरुआत में सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के कारण कॉपर की कीमत $14,400 से ऊपर बनी हुई थी,लेकिन बाद में दूसरी कमोडिटीज की तरह इसमें भी गिरावट आई। नेशनल डे की छुट्टियों के कारण चीन में कमजोर कारोबारी गतिविधि के कारण मेटल्स की स्थिति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

FOMC की मीटिंग के मिनट्स और Fed अधिकारियों के भाषणों पर रहेगी नजर

आने वाले हफ्ते में डेटा कम ही आएगा। मुख्य रूप से बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के सर्विस PMI और US के शुरुआती कंज्यूमर सेंटीमेंट और महंगाई के अनुमान ही आएंगे। इस हफ्ते के डेटा पर सेंट्रल बैंक की प्रतिक्रिया के बारे में और अंदाजा लगाने के लिए FOMC की मीटिंग के मिनट्स और Fed अधिकारियों के भाषणों पर बाजार का फोकस रहेगा।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आया ताजा अपडेट, जानें 04 अक्टूबर के नए रेट और अपने शहर का भाव

कॉपर को लेकर एक खास जोखिम

अगले हफ्ते कॉपर को लेकर एक खास जोखिम बना रहेगा। चिली में BHP की एस्कोन्डिडा और एंटोफ़ागास्टा की सेंटिनेला खदानों के कर्मचारियों ने नए कॉन्ट्रैक्ट ऑफ़र ठुकरा दिए हैं और वे सरकार की अनिवार्य मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं। अगर बातचीत विफल रहती है तो सेंटिनेला में 13 अक्टूबर के आसपास कानूनी हड़ताल हो सकती है,जिससे तांबे की फिजिकल सप्लाई पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। पनामा की कोब्रे पनामा खदान को फिर से शुरू करने के प्रस्ताव से भी ज़्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

OPEC से प्रोडक्शन कोटा में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं

उम्मीद है कि OPEC प्रोडक्शन कोटा में कोई बदलाव नहीं करेगा। वहीं, मार्केट G7 के डीजल रिलीज़ और अगर कीमतें ज्यादा बनी रहती हैं, तो रिज़र्व से और डीजल निकालने के किसी भी संकेत पर नजर रखेगा। सऊदी अरब और हूथी के बीच तनाव बढ़ने का जोखिम कच्चे तेल की कीमतों के लिए सबसे अहम फैक्टर बना हुआ है। इससे सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधा खतरा है।

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LPG Price 04 October 2026: 4 अक्टूबर को LPG के नए रेट जारी, दिल्ली से रांची तक देखें कीमत

LPG Price 04 October 2026: त्योहारी सीजन में जब बाजार से लेकर घर की रसोई तक खर्च बढ़ने लगता है, ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमत पर नजर रखना भी जरूरी हो जाता है। 4 अक्टूबर को एलपीजी की कीमतों को लेकर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत बनी हुई है। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा। हालांकि, दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी कीमत कारोबारियों की चिंता बढ़ा सकती है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के सिलेंडर के रेट बढ़ने से उनकी लागत प्रभावित होगी।

ऐसे में इस महीने घरेलू गैस उपभोक्ताओं को जहां स्थिर कीमतों से राहत मिली है, वहीं कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वालों के लिए खर्च बढ़ गया है। आइए जानते हैं दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर आज कितने रुपये में मिल रहा है।

घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। यानी देश के प्रमुख शहरों में उपभोक्ताओं को आज भी पुराने रेट पर ही घरेलू सिलेंडर मिलेगा।

राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो का सिलेंडर 942 रुपये का है। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये बनी हुई है।

किस शहर में कितने रुपये का मिल रहा LPG सिलेंडर?

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942₹2,810
मुंबई₹941.50₹2,763.50
कोलकाता₹968₹2,946.50
बेंगलुरु₹944.50₹2,893.50
हैदराबाद₹994₹3,058.50
चेन्नई₹957.50₹2,978.50
कटक₹968₹2,947.50
कोयंबटूर₹959₹3,002.50
रांची₹1,010.50₹2,988

घरेलू सिलेंडर स्थिर, लेकिन कमर्शियल गैस ने बढ़ाया खर्च

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भले ही कीमतें स्थिर हैं, लेकिन कारोबारियों को गैस के मोर्चे पर झटका लगा है। 1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है।

दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 62.50 रुपये महंगा होकर 2,810 रुपये पर पहुंच गया है। मुंबई में यह 2,764.50 रुपये, कोलकाता में 2,954 रुपये और चेन्नई में 2,983 रुपये का हो गया है।

होटल-रेस्टोरेंट से लेकर ढाबों तक पड़ेगा असर

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर सीधे तौर पर उन कारोबारों पर पड़ सकता है जहां बड़े पैमाने पर खाना पकाया जाता है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और छोटे फूड बिजनेस में एलपीजी एक जरूरी खर्च है।

सिलेंडर महंगा होने से कारोबारियों की कुकिंग लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

घरेलू और कमर्शियल LPG में क्या फर्क है?

घरेलू एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होता है और इसका सामान्य वजन 14.2 किलो होता है। इसके मुकाबले 19 किलो वाला सिलेंडर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए होता है।

होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य खाद्य कारोबारों में इसका इस्तेमाल ज्यादा होता है। दोनों सिलेंडरों की कीमतें अलग होती हैं और इनके रेट में होने वाले बदलाव भी अलग-अलग हो सकते हैं।

आपके बजट के लिए क्या मायने रखता है?

फिलहाल घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रहने से आम परिवारों को राहत मिली है। हालांकि, कमर्शियल गैस के महंगे होने से बाहर खाना, होटल और छोटे खाद्य कारोबारों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इसके असर पर नजर रखना जरूरी होगा।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आया ताजा अपडेट, जानें 04 अक्टूबर के नए रेट और अपने शहर का भाव