गुजरात के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को इंस्टा पर मिलने लगी गालियां, बोले मैं कॉकरोच नहीं

इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता में से एक विजेता दहिया के हमनाम होने की सजा कुछ ऐसे मिली की लोगों ने उनको उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर गालियां बरसाना शुरु कर दिया। इंस्टा पर गालियां इतनी बढ़ गई कि ऐसे में उन्हें स्टेटस अपलोड कर यह साबित करना पड़ा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी वाले विजेता दहिया नहीं है।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के साथ जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन कॉकरोच जनता पार्टी शुरुआत से कर रही है। 1973 में जन्मे विजेता दहिया शुरुआत से ही गुजरात टाइटंस के कोचिंग स्टाफ से जुड़े है। हालांकि इस बार समान नाम होने के कारण उन पर फोटो शेयरिंग एप्प इंस्टाग्राम पर गालियां बरसाई गई।

साल 2022 में बनी गुजरात टाइटंस के सफर की बात करें तो टीम ने अपने पहले ही संस्करण में राजस्थान रॉयल्स को हराकर इंडियन प्रीमियर लीग जीता। इसके बाद वह अहमदाबाद  के नरेंद्र मोदी स्टे़डियम में उपविजेता रही। साल 2024 में भी टीम प्लेऑफ में पहुंची वहीं साल 2025 में टीम को निराशा हाथ लगी। इसके अलावा साल 2026 में टीम वापस उपविजेता बनी।

आखिर किन 3 शर्तों पर मान गए सोनम वांगचुक? 26 दिन बाद अनशन खत्म करने की असल वजह तो अब सामने आई

CJP Protest update: NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में 26 दिनों से अनशन पर बैठे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 24 जुलाई की आधी रात के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो जारी कर उन तीन प्रमुख शर्तों और वजहों का खुलासा किया है जिनके आधार पर उन्होंने अपना 26 दिनों का उपवास तोड़ा है। अस्पताल के बेड से जारी 3 मिनट के इस वीडियो में वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई मुलाकात के बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया।

किन 3 शर्तों पर खत्म हुआ 26 दिन लंबा अनशन?

सोनम वांगचुक के मुताबिक सरकार की ओर से मिली तीन मुख्य गारंटियों के बाद ही उन्होंने अपना अनशन वापस लिया है। पहला है परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही पर संसद में चर्चा। केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक को आश्वासन दिया है कि सरकार और सभी राजनीतिक दलों के सांसद संसद में असफल हो रही परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करेंगे। दूसरा पीड़ित परिवारों को मुआवजा। वांगचुक के मुताबिक सरकार ने NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। तीसरा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज न करना। सरकार ने वादा किया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और लोगों के खिलाफ कोई भी कानूनी मामला या केस दर्ज नहीं किया जाएगा।

पीएम मोदी ने रात में वीडियो जारी कर किया कड़े कानून का ऐलान

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने और नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार देर रात एक सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश जारी किया। पीएम मोदी ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ 24 जुलाई की कैबिनेट बैठक में और सख्त कार्रवाई आएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ड्राफ्ट बिल लाएगा जिसमें दोषियों के लिए सख्त सजा और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का प्रावधान होगा। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। दूसरी ओर विपक्ष संसद के जारी मानसून सत्र के भीतर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नीट पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज सरकार और CJP के बीच वार्ता

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा तटस्थ स्थल की मांग स्वीकार किए जाने के बाद शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सरकार और CJP के बीच बातचीत तय हुई है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि वे सरकार द्वारा न्यूट्रल वेन्यू की मांग मानने के फैसले का स्वागत करते हैं। इससे पहले 20 जुलाई को सीजेपी प्रवक्ताओं (सौरभ दास और आशुतोष रंका) की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर मुलाकात हुई थी। इसके बाद सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें वर्चुअल डिटेंशन में रखा गया था। इसके बाद से ही सीजेपी किसी मंत्री के घर या दफ्तर के बजाय केवल न्यूट्रल वेन्यू पर ही वार्ता करने की शर्त पर अड़ी थी। सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

CJP की मुख्य मांगें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी पर जवाबदेही तय करना और शिक्षा प्रणाली में सुधार।

नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।

आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और कानूनी कार्रवाई को वापस लेना।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, कहा- लंबी बातचीत और देशहित में लिया फैसला

Sonam Wangchuk hunger strike: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी है, क्योंकि सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। उन्होंने गुरुवार आधी रात के करीब मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद और सरकार का भरोसा मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की।

वांगचुक ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में, मैंने आखिरकार 26 दिनों के बाद अपना अनशन खत्म किया।”

अपना वजन जल्द से जल्द हासिल करें- पीएम मोदी

वहीं, वांगचुक के अनशन समाप्त करने की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपना वजन वापस हासिल करें।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी स्वस्थ रहें।”

जेपी नड्डा ने सुनाया सरकार का फैसला

अस्पताल में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और अन्य लोगों की मौजूदगी में सरकार के आश्वासनों को पढ़कर सुनाते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध करने वालों और 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ केस दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक है।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि सरकार पहले ही परीक्षाओं के लिए पेपर लीक और शिक्षा सुधारों पर संसद में चर्चा का आश्वासन दे चुकी है।

नड्डा ने कहा, “इसके अलावा, सरकार हाल ही में हुए NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।”

वहीं, वांगचुक ने बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के कुल 65 सांसदों ने उनसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।

लंबी बातचीत और देशहित में लिया गया फैसला

वांगचुक ने X पर कहा, “यह फैसला कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इस बीच, मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप बहुत सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें।”

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को कहा कि उसे “राहत और खुशी” है कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन पार्टी ने जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर पर उसका शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।

X पर एक पोस्ट में, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने वांगचुक को उनके “असाधारण साहस और त्याग” के लिए धन्यवाद दिया।

दिपके ने कहा, “हमें राहत मिली है और हम शुक्रगुजार हैं कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सर, आपकी असाधारण हिम्मत और त्याग के लिए आपका धन्यवाद। अपनी जान जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की अंतरात्मा को जगाया। यह देश आपके जीवन को बहुत कीमती मानता है,”

उन्होंने आगे कहा, “जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।”

28 जून को आंदोलन में शामिल हुए थे वांगचुक

बता दें कि वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने उन छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

इसके बाद के 26 दिनों में वांगचुक का करीब 11 किलोग्राम वजन कम हो गया। इस दौरान उन्होंने लगातार लोगों से अपील की कि 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च पर पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखें।

वहीं, 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को विरोध स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना था कि उन्हें मेडिकल देखभाल की जरूरत थी। हालांकि, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस कदम को चुनौती दी और कहा कि उन्हें उनकी मर्जी के बिना सरकारी अस्पताल में रखा जा रहा है। इसके बाद हाई कोर्ट ने उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भेजने की मंजूरी दी, जहां उन्होंने अपना अनशन जारी रखा।

मेदांता में रहने के दौरान, वांगचुक ने कहा कि वह अपने छात्रों और एक शिक्षक के तौर पर अपने काम पर लौटना चाहते हैं, लेकिन युवा प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की गारंटी के बिना वह अपना अनशन खत्म नहीं कर सकते।

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‘शॉर्टकट मत अपनाओं…’, CJP प्रोटेस्ट के बीच सचिन तेंदुलकर का बड़ा संदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स की चिंताओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि असफल हो जाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन चीटिंग या छल करना बिल्कुल गलत है। सचिन तेंदुलकर ने सभी पक्षों से शांति, आपसी सम्मान और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

सचिन तेंदुलकर ने छात्रों की पीड़ा पर जताई चिंता

सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मेरे पिता प्रोफेसर थे। उन्होंने मुझे बचपन से सिखाया था कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन नकल करना गलत है। कभी भी शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि समाज के जिम्मेदार लोगों का कर्तव्य है कि वे सही मूल्यों को बढ़ावा दें। अगर मेहनत से ज्यादा नतीजों को महत्व दिया जाएगा, तो लोग योग्यता के बजाय शॉर्टकट अपनाने लगेंगे। सचिन ने कहा कि छात्रों की निराशा समझी जा सकती है, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि उनकी मेहनत का सही फल नहीं मिला।

पेपर लीक के बाद बढ़ा विरोध

नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक होने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बाद देशभर में विरोध शुरू हो गया। इसी दौरान इस मामले को लेकर 20 से ज्यादा छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का भी जिक्र हुआ। इस माहौल में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिला और संगठन ने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया। नीट पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। वहीं, केंद्र सरकार ने कहा है कि, पेपर लीक के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सचिन ने युवाओं का हौसला बढ़ाने की अपील की

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि छात्रों को दोबारा ऐसी निराशा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, “भारत के युवा सपनों और ऊर्जा से भरे हुए हैं। वही देश का भविष्य हैं। माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, परिवार, स्कूल और प्रशासन—सभी की जिम्मेदारी है कि युवाओं का हौसला बढ़ाएं और उन्हें सही दिशा दें।” उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जहां मेहनत का सम्मान हो, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और योग्यता के आधार पर सफलता मिले। सचिन ने भरोसा जताया कि सभी मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहेगा और उनका विश्वास बना रहेगा।

CJP Protest: ‘असामाजिक तत्व फायदा उठा रहे हैं’, सोनम वांगचुक ने समर्थकों से की खास अपील

समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के 26वें दिन भी गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच उन्होंने गुरुवार को अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में वांगचुक ने लिखा, “शांति और केवल शांति ही मेरा रास्ता है।” उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह अहिंसक होना चाहिए। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं, लेकिन कुछ समाज-विरोधी तत्व दूसरी जगहों पर हिंसा भड़काकर इस आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

सोनम वांगचुक ने की ये अपील 

सोनम वांगचुक ने कहा, “जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं, लेकिन यह जानकर दुख हुआ कि कुछ समाज-विरोधी तत्व दूसरी जगहों पर इन आंदोलनों का फायदा उठाकर हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “सामने वाला चाहे जैसा भी व्यवहार करे, हमारी ओर से जवाब सिर्फ फूलों का होना चाहिए। हर हाल में शांति और अहिंसा का रास्ता अपनाएं।” वांगचुक की यह अपील ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले ही उन्होंने दोहराया था कि वह अपना भूख हड़ताल तभी खत्म करेंगे, जब सरकार यह भरोसा देगी कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अब ऐसी ही उनकी तबियत

इस बीच, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल से लाए जाने के बाद सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है। अस्पताल की ओर से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया कि डॉक्टरों की अलग-अलग विशेषज्ञताओं वाली टीम उनका इलाज कर रही है। अस्पताल के अनुसार, सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेत (वाइटल्स) सामान्य स्तर पर हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

25 दिन से जारी के भूख हड़ताल

अस्पताल ने यह भी साफ किया कि सोनम वांगचुक को दिया जा रहा हर इलाज उनकी सहमति से ही किया जा रहा है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि उनका 25 दिन का अनशन पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका करीब 11 किलो वजन कम हो गया है और मांसपेशियां भी कमजोर हुई हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनकी हालत ठीक है। वांगचुक ने कहा, “मैं अभी भी जीवित हूं। 25 दिनों के अनशन में मेरा 11 किलो वजन कम हुआ है, लेकिन मैं ठीक हूं।” उन्होंने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘चलो संसद’ मार्च का भी जिक्र किया और पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण रवैये की सराहना की। वांगचुक ने कहा, “मैं उन छात्रों की तारीफ करता हूं जिन्होंने लाठीचार्ज के बावजूद शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया।” उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने और पत्थरबाजी के लिए उकसाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने संयम बनाए रखा। उन्होंने कहा, “आप सभी का धैर्य देखकर मेरा दिल भर आया।”

सोनम वांगचुक ने कहा कि कई केंद्रीय मंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 65 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र भी उन्हें मिला, जिसमें उनसे अनशन समाप्त कर देश की सेवा के अपने काम पर लौटने का अनुरोध किया गया। वांगचुक ने कहा, “मैं भी अपने काम पर लौटना चाहता हूं, क्योंकि मेरा काम भी महत्वपूर्ण है।” हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जब तक प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वह अपना विरोध खत्म नहीं करेंगे। वांगचुक ने सरकार से अपील करते हुए कहा, “बच्चों के खिलाफ बल प्रयोग न किया जाए। मैं यह आश्वासन चाहता हूं कि प्रदर्शनकारियों पर कोई मामला या एफआईआर दर्ज नहीं होगी और उन्हें पुलिस या जेल की धमकी नहीं दी जाएगी। अगर सरकार जल्द यह भरोसा दे देती है, तो मैं आज ही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर सकता हूं। लेकिन ऐसा आश्वासन नहीं मिलने पर मुझे अपना अनशन जारी रखना पड़ेगा।”

CJP Protest : जंतर मंतर इलाके में 8 घंटे बंद रहेगा इंटरनेट, सरकार ने दिया ये बड़ा आदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी ने अब 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। वहीं छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की वजह से राजधानी द‍िल्‍ली में जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में आधी रात तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध-प्रदर्शन जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर भी धारा 163 लागू कर दी गई है।

बता दें क‍ि व‍िरोध-प्रदर्शन का असर राजधानी के कारोबार पर भी पड़ा है। मौजूदा हालात को देखते हुए ‘नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन’ (NDTA) की सलाह के बाद आज शाम 6.30 बजे के बाद कनॉट प्लेस की सभी दुकानें और रेस्‍टोरेंट बंद कर दिए गए।

जंतर-मंतर के आसपास बंद रहेगा मोबाइल इंटरनेट

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास 1.5 किलोमीटर के दायरे में कुछ समय के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला जन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। आदेश के मुताबिक, 23 जुलाई को शाम 4 बजे से रात 12 बजे (आधी रात) तक सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के तहत जारी किया गया है।

सरकार ने दिया ये आदेश

आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय गृह सचिव ने यह तय करने के बाद कि यह कदम जन सुरक्षा बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए जरूरी है, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की भड़काऊ या गैरकानूनी गतिविधि को रोकना है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इंटरनेट सेवा बंद करने के फैसले को केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी मिल चुकी है। अवर सचिव महेंद्र विक्रम सिंह के हस्ताक्षर वाले इस आदेश को लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजा गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध कर रहे हैं।

CJP Protest: करीना कपूर ने स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट का किया समर्थन, बोलीं-‘बात सुनना कोई एहसान नहीं है’

CJP Protest: करीना कपूर और वरुण धवन ने दिल्ली में CJP की अगुवाई में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन किया है। सलमान खान, आलिया भट्ट, अनन्या पांडे और कई अन्य बड़े बॉलीवुड सितारों के बाद, करीना और वरुण ने भी छात्रों का साथ देते हुए कहा है कि युवा पीढ़ी की मांगों को सुनना कोई “शिष्टाचार” नहीं, बल्कि “ज़िम्मेदारी” है।

करीना ने इंस्टाग्राम पर स्टूडेंट्स के सपोर्ट में एक दिल को छू लेने वाला नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मैं कुछ दिनों से इस बारे में सोच रही थी, लेकिन अब और चुप नहीं रह सकती। इतने सारे युवा अपनी बात रखना चाहते हैं और उनकी आवाज को नजरअंदाज करना नामुमकिन है… और ऐसा किया भी नहीं जाना चाहिए।

हम सब जानते हैं कि एक बच्चे के लिए शिक्षा का क्या मतलब है। यह उन्हें आत्मविश्वास देती है। यह उन्हें उम्मीद देती है। यह परिवारों को भरोसा दिलाती है कि आने वाला कल आज से बेहतर हो सकता है। लेकिन शिक्षा तभी असरदार होती है जब बच्चे उस पर भरोसा करें। और जिस पल उन्हें यह शक होने लगता है कि ईमानदारी, कड़ी मेहनत और काबिलियत की असल में कोई अहमियत नहीं है, तो उनका भरोसा खत्म हो जाता है।”

करीना ने इस बात पर जोर दिया कि स्टूडेंट्स को ऐसा एजुकेशन सिस्टम मिलना चाहिए जिस पर वे भरोसा कर सकें। उन्होंने लिखा, “किसी भी बच्चे को यह सोचने की ज़रूरत नहीं पड़नी चाहिए कि क्या उनकी कोशिशें काफ़ी होंगी। वे ऐसे सिस्टम के हक़दार हैं जिस पर वे भरोसा कर सकें, जहां काबिलियत की असल अहमियत हो, कोशिशों का इनाम मिले और हर बच्चा बराबरी के मौके से शुरुआत करे।

यह कोई बहुत बड़ी मांग नहीं है। यह तो कम से कम ज़रूरी बात है। जब पूरी पीढ़ी अपने भविष्य के बारे में एक आवाजं में बात करती है, तो उनकी बात सुनना कोई एहसान नहीं है जो हम करते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है। हमारे बच्चे हमें उतनी ही बारीकी से देखते हैं जितना हम उन्हें देखते हैं। हम अभी… बाद में नहीं, बल्कि अभी… कैसा रिएक्शन देते हैं, इससे उन्हें पता चलेगा कि निष्पक्षता और भरोसा असल में होते हैं या ये सिर्फ़ बड़ों के इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द हैं। वे आने वाले कल की तैयारी नहीं कर रहे हैं। वे ही आने वाला कल हैं।”

वरुण धवन ने भी छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और इंस्टाग्राम पर लिखा, “छात्र हमारे देश का भविष्य हैं। जब किसी छात्र का सपना टूटता है, तो सिर्फ़ एक सपना ही नहीं टूटता, बल्कि पूरे परिवार का सपना टूट जाता है। जब उन्हें लगता है कि सिस्टम ने उन्हें निराश किया है, तो उन्हें सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।

उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए, उनकी सुरक्षा होनी चाहिए और उनकी बातों पर ईमानदारी से ध्यान दिया जाना चाहिए। मैं अधिकारियों से अपील करता हूँ कि वे इन चिंताओं पर ध्यान दें और एक निष्पक्ष, पारदर्शी और सार्थक समाधान की दिशा में काम करें जिससे जवाबदेही तय हो सके। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह छात्रों का विरोध प्रदर्शन ही बना रहेगा। ध्यान उन मुद्दों पर होना चाहिए जो छात्रों को प्रभावित करते हैं और उन समाधानों पर जो उनके लिए ज़रूरी हैं। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक अधिकार है और हर छात्र को इस अधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलनी चाहिए। जय हिंद।”

जंतर-मंतर पर दिपके का साया बने आशुतोष रांका कौन हैं? जानें IIT, LSE और मैकिन्से से आंदोलन तक का सफर

Who is Ashutosh Ranka: IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई और फिर लंदन में मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनी में भारी-भरकम पैकेज वाली नौकरी! आम तौर पर लोग ऐसे करियर का सपना देखते हैं, लेकिन आशुतोष रांका इस सब से आगे बढ़कर देश के सबसे बड़े छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। NEET पेपर लीक को लेकर CJP के ‘पॉलिसी हेड’ के रूप में केंद्र सरकार से सीधी बात करने वाले आशुतोष रांका कौन हैं और कैसे एक कॉर्पोरेट कंसल्टेंट छात्रों की सबसे बड़ी आवाज बन गया, आइए आपको बताते हैं।

कौन हैं आशुतोष रांका?

आशुतोष रांका ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। उन्हें इस पूरे आंदोलन का ‘पॉलिसी माइंड’ माना जा रहा है, क्योंकि वे शिक्षा सुधारों और सरकारी नीतियों के खिलाफ तार्किक और नीतिगत ड्राफ्ट तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से पढ़ाई की है और इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) जैसी विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है। CJP में शामिल होने से पहले आशुतोष रांका लंदन में दुनिया की दिग्गज कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी (McKinsey & Company) में कंसल्टेंट के रूप में काम कर चुके हैं।

फिलहाल वो आंदोलन की नीतिगत रणनीति, शिक्षा सुधारों के ड्राफ्ट और केंद्र सरकार के साथ बातचीत में CJP का प्रतिनिधित्व कर रहे है।

कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ आंदोलन का हिस्सा क्यों बने?

जब जून में CJP ने अपने प्रवक्ताओं के पैनल का ऐलान किया, तब आशुतोष रांका के शानदार एकेडमिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड को खास तौर पर हाईलाइट किया गया। IIT कानपुर, LSE और मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनियों में काम करने के अनुभव के कारण उनके पास नीतियों के विश्लेषण और रणनीतिक समझ का गहरा अनुभव है। नीट परीक्षा में हुई धांधली के बाद उन्होंने अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल छात्रों की मांगों को कानूनी और नीतिगत रूप से मजबूत बनाने के लिए किया।

केंद्र सरकार के साथ बातचीत में अहम भूमिका

NEET आंदोलन के तहत जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच आशुतोष रांका ने सरकार के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सौरव दास के साथ आशुतोष रांका भी उस दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे, जिसने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर छात्रों की मांगों का ड्राफ्ट सौंपा। वे केवल परीक्षा रद्द करने या जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक और पारदर्शी सुधारों की रूपरेखा पर भी काम कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर डटे हैं CJP संस्थापक

जहां आशुतोष रांका और सौरव दास सरकार के साथ टेबल टॉक संभाल रहे हैं, वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से किए जाने वाले एक बयान के विरोध में इस पार्टी की नींव रखी थी।

CJP Protest new advisory: कनॉट प्लेस में शाम 6:30 बजे तक बंद होंगी दुकानें, प्रोटेस्ट के बीच आई ये नई एडवाइजरी जानिए

दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और आसपास की स्थिति को देखते हुए गुरुवार को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) द्वारा जारी अडवाइजरी के तहत कनॉट प्लेस की सभी दुकानें, दफ्तर और रेस्टोरेंट आज शाम 6:30 बजे तक बंद हो जाएंगे। एनडीटीए (NDTA) द्वारा गुरुवार को जारी इस एडवाइजरी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से टेलीफोन पर मिली सलाह के बाद लिया गया है।

एनडीएमसी नेतृत्व ने कनॉट प्लेस के सभी कमर्शियल एस्टैब्लिशमेंट्स को शाम 6:30 बजे तक दिन भर के लिए कामकाज बंद करने का निर्देश दिया था।

सुरक्षा और अनहोनी से बचाव के लिए उठाया गया कदम

व्यापारिक संगठन (NDTA) ने अपनी अडवाइजरी में इलाके के सभी दुकान मालिकों, कार्यालय संस्थानों और रेस्टोरेंट संचालकों से अनुरोध किया है कि वे इस निर्देश का सख्ती से पालन करें और सहयोग दें। सर्कुलर के मुताबिक सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस और उसके आसपास बनी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रतिष्ठान मालिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अप्रिय घटना, संपत्ति के नुकसान या चोट से बचने के लिए इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी

इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एनडीटीए की इस एडवाइजरी को साझा करते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। अपनी तीखी प्रतिक्रिया में केजरीवाल ने लिखा कि, ‘कनाट प्लेस की सभी दुकानों को आज शाम 6.30 pm बंद करने के आदेश। जबरदस्त सिक्योरिटी। ढेर सारी एम्बुलेंस। क्या मोदी सरकार आज फिर जंतर मंतर पर अपने बच्चों पर बर्बर हमला करेगी?’

दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब कोलकाता में नया फ्रंट? जानिए अभिजीत दिपके की CJP ने अब ये क्या नई डिमांड कर दी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। प्रदर्शन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच एक बड़ा खबर सामने आई है। न्यूज 18 के रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अब कोलकाता में भी प्रदर्शन करने जा रही है।

कोलकाता में प्रदर्शन की तैयारी

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त को एक आवेदन देकर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में रैली निकालने की अनुमति मांगी है। आवेदन के अनुसार, पार्टी ने कल शाम 4 बजे कॉलेज स्ट्रीट से रानी रश्मोनी एवेन्यू तक रैली आयोजित करने की इजाजत मांगी है। आयोजकों का कहना है कि इस रैली में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की संभावना है। साथ ही, जुलूस के दौरान दो वाहनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

कनॉट प्लेस में सभी दुकानें और ऑफिस शाम 6:30 बजे तक बंद करने का आदेश

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने 23 जुलाई को कनॉट प्लेस की सभी दुकानें, ऑफिस और रेस्टोरेंट को आज शाम 6:30 बजे तक बंद करने की अपील की है। NDMC ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि NDMC चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह पर कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस करीब 1 किमी की दूरी पर हैं। जब जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन या पुलिस कार्रवाई होती है, तो उसका असर आसपास के इलाकों खासकर कनॉट प्लेस, जनपथ, बाराखंभा रोड, मंडी हाउस और संसद मार्ग पर भी पड़ता है।

कल हुई थी हिंसा

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके में हुई हिंसा और पत्थरबाजी के मामले में केस दर्ज कर लिया है। बीते बुधवार को हुई पत्थरबाजी में एसीपी विवेक भगत के अलावा पंजाबी बाग के एसीपी भी घायल हुए थे। साथ ही इंस्पेक्टर नंद किशोर समेत कुछ अन्य पुलिस कर्मियों को भी चोट आई थी। बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी अनशन पर बैठी है। सीजेपी के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनशन पर हैं। ये सभी हाल ही में हुए नीट पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सीजेपी के समर्थन में एक के बाद एक नेता जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं और 21 जुलाई को नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता दिल्ली में पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए थे।