Weather Alert: कमजोर पड़ा चक्रवात ‘मुरासु’, इन राज्यों में झमाझम बारिश के आसार; जानिए अपने इलाके का हाल

Weather Alert: कमजोर पड़ा चक्रवात 'मुरासु', इन राज्यों में झमाझम बारिश के आसार; जानिए अपने इलाके का हाल

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Weather Update 4 November : गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ अब कमजोर पड़कर डिप्रेशन (अवदाब) में तब्दील हो चुका है, जो वर्तमान में तटीय आंध्र प्रदेश और पूर्वी तेलंगाना के ऊपर केंद्रित है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटों में इसके और कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है।

 

कमजोर हुआ ‘मुरासु’

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे पूर्वी तेलंगाना पर स्थित गहन अवदाब (गंभीर चक्रवाती तूफान मुरसू के अवशेष) पिछले 06 घंटों के दौरान लगभग 10 किमी/घंटा की गति से उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ा, कमजोर होकर एक डिप्रेशन में बदल गया और भारतीय समयानुसार, आज सुबह 05:30 बजे पूर्वी तेलंगाना और उससे लगे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 17.0° उत्तरी अक्षांश और 80.1° पूर्वी देशांतर के पास, नंदीगामा (आंध्र प्रदेश) से लगभग 30 किमी उत्तर-पश्चिम, खम्मम (तेलंगाना) से 30 किमी दक्षिण, विजयवाड़ा 

(आंध्र प्रदेश) से 80 किमी उत्तर-पश्चिम, नलगोंडा (तेलंगाना) से 90 किमी पूर्व और भद्राचलम (तेलंगाना) से 110 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था।

 

इसके लगभग उत्तर की ओर आगे बढ़ते रहने तथा अगले 12 घंटों के दौरान इसके और कमजोर होकर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया) में बदलने की पूरी संभावना है।

आंध्र प्रदेश में बारिश का दौर जारी

चक्रवाती तूफान मुरासु के असर से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। 

 

कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

देश के कई राज्यों में 4 नवंबर को बारिश होने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, लक्षद्वीप और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में मौसम शुष्क रहेगा। यहां बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली में भी आज मौसम साफ है।

 

पहाड़ी राज्यों में कैसा है मौसम?

मौसम विभाग ने जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश, बर्फबारी या तेज हवाओं को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बना हुआ है। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा।

 

आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा चक्रवात ‘मुरासु’, इंडिगो की 8 उड़ानें रद्द; यात्रियों के लिए अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह से दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं मौसम को देखते हुए इंडिगो ने एहतियात के तौर पर 3 नवंबर को विजयवाड़ा एयरपोर्ट से आने-जाने वाली आठ उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने इसकी जानकारी दी है। यह फैसला खराब मौसम के कारण यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

इन आठ उड़ानों के रद्द होने से सात घरेलू और एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट प्रभावित होगी। इसके चलते विजयवाड़ा से दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कडप्पा के साथ-साथ सिंगापुर आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इन शहरों के बीच हवाई यात्रा की सुविधा पर असर पड़ेगा।

PRO ने क्या कहा

एयरपोर्ट PRO के अनुसार, रद्द की गई उड़ानों में दिल्ली से विजयवाड़ा और वापस आने वाली फ्लाइट 6446/6447 भी शामिल है। ये विमान सुबह 7:25 बजे विजयवाड़ा पहुंचने और 7:55 बजे दिल्ली के लिए रवाना होने वाला था। इसके अलावा, बेंगलुरु-विजयवाड़ा-बेंगलुरु की फ्लाइट 7203/7204 भी रद्द कर दी गई है। ATR-72 विमान से संचालित यह फ्लाइट सुबह 7:30 बजे आने और 7:55 बजे वापस जाने वाली थी।

ये उड़ाने पहले हुई थी रद्द

सुबह रद्द की गई अन्य उड़ानों में हैदराबाद से विजयवाड़ा और वापस जाने वाली फ्लाइट 2572/2573 शामिल है। ये विमान सुबह 8:15 बजे पहुंचने और 8:45 बजे रवाना होने वाला था। इसके अलावा, चेन्नई-विजयवाड़ा-चेन्नई रूट की फ्लाइट 7303/7304 भी रद्द कर दी गई है। इस फ्लाइट के सुबह 8:30 बजे आने और 9 बजे वापस जाने का समय तय था।

इंटरनेशनल उडानें भी हुई रद्द

चक्रवात मुरासु के चलते इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी रद्द कर दी है। इसमें सिंगापुर से विजयवाड़ा और वापस जाने वाली फ्लाइट 1030/1029 शामिल है। एयरबस A320 विमान से संचालित यह फ्लाइट सुबह 7:55 बजे विजयवाड़ा पहुंचने और 9:40 बजे सिंगापुर के लिए रवाना होने वाली थी। इसके अलावा, दोपहर में हैदराबाद-विजयवाड़ा-हैदराबाद रूट की फ्लाइट 6326/6327 भी रद्द कर दी गई है। ये विमान दोपहर 1:15 बजे आने और 1:45 बजे वापस जाने वाला था।

इसके अलावा, कडप्पा से विजयवाड़ा और वापस जाने वाली फ्लाइट 7711/7712 भी रद्द कर दी गई है। ये विमान दोपहर 2:30 बजे विजयवाड़ा पहुंचने और 2:50 बजे वापस रवाना होने वाला था। वहीं, शाम को बेंगलुरु-विजयवाड़ा-बेंगलुरु रूट की फ्लाइट 7223/7224 भी रद्द कर दी गई है। यह फ्लाइट शाम 5:25 बजे आने और 5:45 बजे जाने वाली थी। ऐसे में 3 नवंबर को विजयवाड़ा से यात्रा करने या वहां पहुंचने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले इंडिगो की वेबसाइट या ऐप पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ तूफान 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। तूफान के कारण आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश का भी अनुमान है। इसके अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक समेत कई राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

कल का मौसम 3 नवंबर: समुद्र में उठेंगी खौफनाक लहरें और जमीन पर मचेगी तबाही! मुरासु तूफान को लेकर IMD का अलर्ट

Kal Ka Mausam: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। देश के कई राज्यों में मंगलवार, 3 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह से दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मंगलवार, 3 नवंबर को देश के किन राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ तूफान 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। तूफान के कारण आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश का भी अनुमान है। इसके अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक समेत कई राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा असर

भारतीय मौसम विभाग की 2 नवंबर शाम को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवात मुरासु बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच गया है। अनुमान है कि ये नेल्लोर और नरसापुर के बीच समुद्र तट से टकरा सकता है। तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ जगहों पर बेहद तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी है। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, समुद्र के आसपास और तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार तूफान के दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आंध्र प्रदेश में समुद्र से भी खतरा

चक्रवात मुरासु के चलते आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें खतरनाक रूप ले सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 3 नवंबर की सुबह तक समुद्र में स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है। तूफान के दौरान दक्षिण आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में समुद्र का पानी घुस सकता है, जिससे बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिले ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। भारी बारिश से जलभराव और बाढ़ का खतरा भी है। इसके अलावा कच्चे मकानों, कमजोर इमारतों और सड़कों को नुकसान पहुंच सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली व यातायात व्यवस्था बाधित होने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों पर भी खतरा

चक्रवात मुरासु का असर तेलंगाना में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश होने की भी आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में मंगलवार को भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है और हवाएं 60-70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। छत्तीसगढ़ में 3 और 4 नवंबर को भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं, महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी कुछ स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

चक्रवात मुरासु को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। आंध्र प्रदेश के तट पर 4 नवंबर की दोपहर तक मछली पकड़ने पर रोक लगाने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में जाने से बचने को कहा गया है। उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों पर भी 4 नवंबर की सुबह तक मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए पेड़ों के नीचे खड़े न हों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। किसानों को खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करने और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक, 4 नवंबर को आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, हालांकि बहुत तेज बारिश का खतरा कम होने की उम्मीद है। वहीं, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है।

Cyclone Murasu: आधी रात को 120 की रफ्तार से टकराएगा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 2 मीटर तक उठेंगी समुद्री लहरें

Cyclone Murasu Landfall: देश के कई राज्यों में आज रात मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। बंगाल की खाड़ी में एक्टिव चक्रवात ‘मुरासु’ (Murasu) अब गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। इनके झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

इस तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा में भारी से बेहद भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश के साथ तूफानी हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं, तमिलनाडु में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा।

आधी रात को आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा तूफान ‘मुरासु’

मौसम विभाग की तरफ से 2 नवंबर 2026 को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। उस समय यह आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से लगभग 160 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, चेन्नई से 180 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और ओंगोल से करीब 210 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में मौजूद था। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के दक्षिण में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।

तूफान के लैंडफॉल का संभावित समय 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच बताया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। जबकि झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश के इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

चक्रवात ‘मुरासु’ का सबसे ज्यादा प्रभाव दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों को लेकर चेतावनी दी है।

प्रभावित होने वाले प्रमुख जिले 

– कृष्णा

– बापटला

– प्रकाशम

– एसपीएसआर नेल्लोर

– गुंटूर

– एलुरु

– एनटीआर

– पलनाडु

– पश्चिम गोदावरी

  • इन इलाकों में 2 नवंबर की दोपहर से हवाओं की रफ्तार बढ़ने की आशंका है। रात तक हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
  • 3 नवंबर की सुबह लैंडफॉल के बाद भी तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। धीरे-धीरे इनकी रफ्तार कम होने का अनुमान है।

3 राज्यों में मूसलाधार बारिश, कुछ जगहों पर अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट

चक्रवात के कारण दक्षिण भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।

  • तटीय आंध्र प्रदेश: 2-3 नवंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।
  • रायलसीमा: 2-3 नवंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।
  • तेलंगाना: इस दौरान भारी से अत्यंत भारी बारिश होगी।
  • तमिलनाडु: 2 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी।
  • ओडिशा: 2-4 नवंबर को कई इलाकों में बारिश होगी।
  • छत्तीसगढ़: 2-4 नवंबर को बारिश और गरज-चमक की आशंका है।
  • केरल: 2-8 नवंबर को कई इलाकों में बारिश होने की चेतावनी जारी हुई है।

तमिलनाडु से ओडिशा तक दिखेगा तूफान का असर

‘मुरासु’ चक्रवात का प्रभाव केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और ओडिशा के तटीय इलाकों में भी तेज हवाओं और बारिश की आशंका है:-

  • तमिलनाडु: चेन्नई, तिरुवल्लूर, रानीपेट, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में तेज हवाएं चल सकती हैं। 2 नवंबर की दोपहर से 3 नवंबर की सुबह तक हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
  • ओडिशा: गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। यहां 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर दोपहर तक हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
  • पुडुचेरी: समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। यहां भी 3 नवंबर तक मौसम खराब रह सकता है।

समुद्र में उठ सकती हैं 2 मीटर तक ऊंची लहरें

चक्रवात ‘मुरासु’ के साथ समुद्र में तूफानी लहरों का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में समुद्री पानी घुसने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, लैंडफॉल के दौरान समुद्र में सामान्य ज्वार के स्तर से करीब 1.5 से 2 मीटर तक ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बापटला के साथ कृष्णा और प्रकाशम जिलों में देखने को मिल सकता है।

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मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

मौसम विभाग ने खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और प्रभावित तटीय इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है:-

  • दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 2 नवंबर को समुद्र में न जाएं।
  • दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 4 नवंबर की सुबह तक जाने से बचें।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 4 नवंबर की दोपहर तक मछली पकड़ने न जाएं।
  • आंध्र प्रदेश के तट पर 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में जाने पर रोक संबंधी सलाह जारी है।
  • उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट पर 4 नवंबर की सुबह तक सावधानी बरतने को कहा गया है।
  • दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में भी 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
  • केरल और माहे में 2 से 8 नवंबर तक व्यापक बारिश होगी।
  • कर्नाटक के तटीय इलाकों में 2 से 8 नवंबर तक बारिश की आशंका है।
  • तेलंगाना में 2 से 4 नवंबर के बीच भारी बारिश होगी।
  • रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को व्यापक बारिश की आशंका है।
  • आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 2 से 4 नवंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

Cyclone Murasu Updates: ‘अर्नब’ के बाद आंध्र में एक और चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का खतरा! 3 नवंबर को लैंडफॉल की आशंका, 120 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Cyclone Murasu Latest Update: चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से अभी आंध्र प्रदेश के कई इलाके पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं कि बंगाल की खाड़ी में एक और शक्तिशाली तूफान ‘मुरासु’ बनने का खतरा मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव (Deep Depression) में बदल चुका है। इसके 1 नवंबर की रात तक चक्रवाती तूफान और 2 नवंबर तक गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह तूफान 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच दस्तक दे सकता है।

इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दस्तक दी थी। उस समय तट पर पहुंचने के दौरान हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा थी।

कब देगा दस्तक?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “संभावित चक्रवाती तूफान में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। इस दौरान हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यह मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।” आईएमडी ने बुलेटिन में कहा है कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के ऊपर बना अवदाब का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर उसी क्षेत्र में दबाव में बदल गया।

बुलेटिन के अनुसार, इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की बहुत अधिक आशंका है। बयान में कहा गया है कि इसके बाद के 12 घंटों के दौरान यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। बुलेटिन में बताया गया कि इसके दो नवंबर की शाम तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों से होते हुए आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की आशंका है।

बंगाल की खाड़ी में कैसे बना नया तूफान?

IMD के 1 नवंबर 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए गहरे दबाव में बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर की सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम लगभग 11.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था। यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इसके 1 नवंबर की रात तक चक्रवाती तूफान और 2 नवंबर को गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।

क्यों रखा जाएगा तूफान का नाम ‘मुरासु’?

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा यह सिस्टम चक्रवाती तूफान बनने पर ‘मुरासु’ (Murasu) के नाम से जाना जाएगा। यह नाम भारत की ओर से सुझाया गया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ नगाड़ा या ढोल होता है। अभी मौसम विभाग इसे गहरे दबाव के रूप में दर्ज कर रहा है। चक्रवाती तूफान का दर्जा मिलने के बाद ही इसका नाम ‘मुरासु’ होगा।

3 नवंबर को कहां टकराएगा तूफान?

इस तूफान को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसके संभावित लैंडफॉल को लेकर है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में टकरा सकता है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, लैंडफॉल की सटीक जगह और समय में बदलाव संभव है।

भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात मुरासु का असर केवल समुद्र तटीय इलाकों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। इसके प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अनुसार, आज यानी 1 नवंबर को कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम, मार्कापुरम और नेल्लोर जिलों में मध्यम से भारी बारिश की आशंका है।

इसके अलावा 2 नवंबर को एलुरु, पश्चिम गोदावरी, एनटीआर, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, प्रकाशम, मार्कापुरम, नेल्लोर और तिरुपति जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान पूर्वी गोदावरी, कोनसीमा, नांदयाल, कडप्पा, अन्नमय्या और चित्तूर में भी भारी बारिश हो सकती है। जबकि तीन नवंबर को विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, विजयनगरम, कुरनूल, नांदयाल, कडप्पा, अन्नमय्या, नेल्लोर, चित्तूर और तिरुपति के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की आशंका है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका है। मौसम विभाग ने समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। समुद्र में जाने पर प्रतिबंध का उद्देश्य मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद फिर संकट में आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश के लिए यह नई मौसमी चुनौती इसलिए भी गंभीर है क्योंकि राज्य अभी पिछले चक्रवात ‘अर्नब’ से हुए नुकसान से उबर रहा है। 28 अक्टूबर 2026 को चक्रवात ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। इसके कारण कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। अब नए चक्रवात की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

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खासकर उन इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है, जहां पहले ही बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला था। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग तूफान की दिशा, गति और तीव्रता पर लगातार नजर रख रहे हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती तटीय जिलों में संभावित भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्री परिस्थितियों से निपटने की है।