Kargil Vijay Diwas: ‘लक्ष्य’ से ‘शेरशाह’ तक…, हिंदी सिनेमा ने इन फिल्मों के जरिए जवानों की बहादुरी और बलिदान को किया सलाम

Kargil Vijay Diwas: भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 का कारगिल युद्ध देश के इतिहास की एक ऐतिहासिक घटना रही है और इस पर कई भारतीय फ़िल्में और शो भी बने हैं। जहाँ आने वाली सीरीज़ ‘ऑपरेशन सफ़ेद सागर’ इस युद्ध में एयर फ़ोर्स की भूमिका को दिखाएगी, वहीं आज कारगिल विजय दिवस के मौके पर हम उन प्रोजेक्ट्स पर नज़र डालते हैं जिन्होंने कारगिल युद्ध की वीरता को स्क्रीन पर जीवंत किया।

Operation Safed Sagar

कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के ऐतिहासिक अभियान पर आधारित यह आने वाली वेब सीरीज, भारतीय वायु सेना के पायलटों के ‘गोल्डन एरोज़’ स्क्वाड्रन की कहानी बताती है। इन पायलटों ने हवाई युद्ध में शानदार काम करते हुए भारत को जीत दिलाई थी। इस सीरीज़ में जिमी शेरगिल, सिद्धार्थ, अभय वर्मा, मिहिर आहूजा, अर्णव भसीन, तारुक रैना, दीया मिर्ज़ा रेखी और प्राजक्ता कोली जैसे कलाकार शामिल हैं।

Shershaah

यह फ़िल्म कारगिल युद्ध में शहीद हुए और मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​ने इसमें भारतीय सेना के अफ़सर की भूमिका निभाई है। फ़िल्म में दिखाया गया है कि उन्होंने किस तरह पूरे दिल से ज़िंदगी जी और उनकी हिम्मत व मज़बूती की वजह से भारत ने पॉइंट 5140 और पॉइंट 4875 पर कब्ज़ा किया। यह घटना युद्ध में भारत की जीत का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

LOC Kargil

जेपी दत्ता की डायरेक्ट की गई यह फ़िल्म भारतीय सेना के सफल ‘ऑपरेशन विजय’ पर आधारित है। यह ऑपरेशन मई 1999 में कारगिल सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठ और रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्ज़े के बाद शुरू किया गया था, ताकि लाइन ऑफ़ कंट्रोल (LoC) के भारतीय हिस्से से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ा जा सके। इस फ़िल्म में अक्षय खन्ना, सैफ अली खान, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे कई कलाकार शामिल थे।

Gunjan Saxena: The Kargil Girl

इस बायोपिक ड्रामा में जाह्नवी कपूर ने इंडियन एयर फ़ोर्स की पायलट गुंजन सक्सेना का किरदार निभाया है, जो कॉम्बैट ज़ोन में उड़ान भरने वाली पहली महिलाओं में से एक थीं। उन्होंने कारगिल से घायल सैनिकों को निकालने, ज़रूरी सामान पहुँचाने और निगरानी में अहम भूमिका निभाई। सक्सेना ने कारगिल से 900 से ज़्यादा सैनिकों (घायलों और मृतकों) को निकालने के ऑपरेशन में भी हिस्सा लिया।

Tango Charlie

इस फ़िल्म में बॉबी देओल ने तरुण चौहान का किरदार निभाया है। फ़िल्म में एक पैरा-मिलिट्री जवान के तौर पर तरुण के सफ़र को दिखाया गया है—कैसे वह बॉर्डर पर तैनात एक नए रिक्रूट से भारतीय बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) के एक अनुभवी और मज़बूत फ़ाइटर में बदलता है। ‘टैंगो चार्ली’ के नाम से पहचाने जाने वाले तरुण को भारत के अलग-अलग इलाकों में हिंसक विद्रोहों, दंगों और आतंकवाद-विरोधी अभियानों का सामना करना पड़ता है। बाद में, इस BSF जवान और उसकी बटालियन को कारगिल भेजा जाता है।

Lakshya

ऋतिक रोशन की यह फ़िल्म करण नाम के एक ऐसे युवा की कहानी है जिसका जीवन में कोई मकसद नहीं है। वह अचानक भारतीय सेना में शामिल तो हो जाता है, लेकिन एक सैनिक की चुनौतियों का सामना करने से घबराकर पीछे हट जाता है। हालाँकि, जब इस वजह से उसकी गर्लफ्रेंड (प्रीति ज़िंटा) के साथ अनबन हो जाती है, तो वह उसे गर्व महसूस कराने के लिए सेना में दोबारा शामिल हो जाता है और कारगिल युद्ध में अपनी बटालियन के साथ ‘पॉइंट 5179’ को सुरक्षित करने के मिशन पर लड़ता है।

Kurukshetra

2006 की फ़िल्म ‘कीर्ति चक्र’ का सीक्वल और ‘मेजर महादेवन’ फ़िल्म सीरीज़ की दूसरी फ़िल्म, 2008 में रिलीज़ हुई इस मलयालम फ़िल्म में मोहनलाल ने कर्नल महादेवन का किरदार दोबारा निभाया है और इसकी कहानी कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फ़िल्म भारतीय सेना के कर्नल महादेवन और पाकिस्तानी सेना के कर्नल चंगेज के बीच हुई टोलोलिंग की लड़ाई पर केंद्रित है।

हर सनातनी की सांस में बसते हैं प्रभु श्रीराम : CM योगी

Yogi Adityanath Ram Katha: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता होती है। जीवन में सुगमता को जानने के लिए हमें ज्ञान और भक्ति का अनुगामी बनना पड़ेगा। यह ज्ञान और भक्ति हमें श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसी पावन कथाओं के माध्यम से प्राप्त होती है। 

 

सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुवार से आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है, वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है। अंधकार, अराजकता और अज्ञानता से मुक्ति पाने का माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान ही है। 

हर सनातनी की सांस में बसते हैं राम

गोरक्षपीठाधीश्वर ने श्रीराम कथा की महत्ता को समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे चाहे बालक हो या वृद्ध, अधेड़ हो या जवान, गृहस्थ हो या विरक्त, हर कोई अपने नजदीक पाता है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, चाहे कोई हिंदीभाषी हो अहिंदीभाषी, सबकी तरफ से अभिवादन का एक ही स्वर होता है- जय श्रीराम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में आपसी अभिवादन के लिए एक ही शब्द सुनाई देता है- राम राम जी। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है। इस संबोधन ने हमारे संस्कार को तो जोड़ा ही, जीवन की हर परिस्थिति में मर्यादा की लक्ष्मणरेखा भी खींची। 

 

सीएम योगी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अपने पावन धाम और तीर्थस्थलों से यह देश की हृदयस्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है। 

 

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के उपरांत श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने कराया। यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक सुनाई जाएगी।  

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा

श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज तथा 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की। 

 

इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 22 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,000 के नीचे बंद हुआ। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 715.06 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 पर और निफ्टी 191.45 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। लगभग 1443 शेयरों में बढ़त हुई, 2616 शेयरों में गिरावट आई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल, इंफोसिस, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर, पावर ग्रिड कॉर्प और ओएनजीसी शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस ज्यादातर नेगेटिव रहा। निफ्टी FMCG सबसे ज्यादा बढ़ने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 0.65% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी ऑटो में 0.18% की बढ़त हुई। गिरावट वाले सेक्टर में, निफ्टी मीडिया सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.68% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (-2.6%), निफ्टी PSU बैंक (-1.8%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-1.4%), निफ्टी IT (-1.5%), निफ्टी बैंक (-1.2%), निफ्टी फार्मा (-1.3%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच जारी तनाव और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट पर हूथी गुट की वजह से आई दिक्कतो ने तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंता बढ़ा दी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और रुपया कमजोर हुआ। घरेलू महंगाई को लेकर फिर से बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल हावी रहा। इसने उम्मीद से बेहतर बिजनेस अपडेट और Q1 के अच्छे नतीजों के असर को कम कर दिया।

रियल एस्टेट, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ब्याज दरों पर निर्भर सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट पर US के प्रस्तावित टैरिफ को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के बीच फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा।

सावधानी भरे माहौल के बावजूद, FMCG और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेक्टर की बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से इन्हें सहारा मिला, जो यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में मज़बूत ग्रोथ दिख रही है।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि आज के सेशन में भारतीय इक्विटी मार्केट में हर तरफ गिरावट नजर आई। लगातार बिकवाली के दबाव और निवेशकों के सतर्क रवैये के बीच बेंचमार्क इंडेक्स काफी नीचे बंद हुए। अहम सेक्टरों में कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स को नीचे धकेल दिया, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने का) मूड दिखा।

निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79% गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। यह 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया, जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। अब इसके लिए 23,950–23,900 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। उसके बाद 23,800 के पास अगला मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, 24,100–24,200 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। पॉजिटिव मोमेंटम वापस पाने के लिए लगातार इन स्तरों से ऊपर बने रहना जरूरी होगा।

BSE सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92% गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ। इंडेक्स में हर तरफ बिकवाली हुई और यह दिन के निचले स्तर के पास बंद हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,600–76,400 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 77,000–77,300 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन से ऊपर एक मजबूत चाल बुलिश सेंटीमेंट को बहाल करने में मदद कर सकती है।

आज की गिरावट की वजह हर तरफ से हुई प्रॉफिट बुकिंग और बाजार का सतर्क रवैया रहा। हालांकि शॉर्ट-टर्म मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, मीडियम-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दें, आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ मजबूत सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाएं।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें फिर से भारतीय इक्विटी मार्ट के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। जहां कच्चा तेल 50EMA के ऊपर बना हुआ है, वहीं निफ्टी 50EMA के नीचे जाने की कगार पर है। ऐसा लगता है कि निफ्टी और कच्चा तेल फिर से एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चल रहे हैं।

निफ्टी के डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन का दौर नीचे की ओर टूटता हुआ दिख रहा है। RSI में बेयरिश क्रॉसओवर है, जो निकट भविष्य में कमजोर मोमेंटम का संकेत दे रहा है। अगर निफ्टी 23900 के नीचे गिरता है तो गिरावट 23700/23600 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट टर्म में ऊपरी स्तर 24100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 191 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 715 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि बाजार का मूड खराब होने के बावजूद कुछ चुनिंदा FMCG और ऑटो शेयरों में तेजी दिखी। तकनीकी तौर पर निफ्टी 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,100 के सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। डेली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी है, जो मौजूदा स्तरों से और गिरावट का संकेत देती है।

श्रीकांत चौहान मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 24,100 के नीचे ट्रेड कर रहा है, तब तक गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। यह गिरावट 50-डे SMA या 23,850 के स्तर तक जारी रह सकती है। इसके बाद और गिरावट हो सकती है, जिससे इंडेक्स 23,750-23,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर, 24,100 के स्तर के ऊपर जाने पर बाजार का मूड बदल सकता है। इस स्तर के ऊपर, बाजार में 24,200-24,250 तक की रिकवरी हो सकती है। इंट्राडे मार्केट की स्थिति अनिश्चित और उतार-चढ़ाव वाली है। इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी जो पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से 58,597–57,287 की रेंज में बना हुआ था, उसमें भी आज एक बड़ा ब्रेकडाउन देखने को मिला। इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और 8 जुलाई के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA के नीचे बंद हुआ। गिरती हुई MACD लाइन और बढ़ते हुए रेड हिस्टोग्राम बार नीचे की ओर बढ़ते मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 जोन में है। अगर यह लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है, तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56300 और फिर 56000 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है।

 

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…तो बंद हो गया होता यूपी का चीनी उद्योग : सीएम योगी

CM Yogi Amroha rally: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले विकास, औद्योगिक निवेश व किसानों को गन्ना भुगतान संभव नहीं था। 2007 से 2017 के बीच सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। यदि वे सरकारें अभी होतीं तो अब तक यूपी का चीनी उद्योग बंद हो चुका होता। डबल इंजन की भाजपा सरकार 122 चीनी मिलों का संचालन कर रही है। 3.23 लाख करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। गन्ना मूल्य भी बढ़कर 400 रुपए प्रति कुंतल हो गया है। यूपी अब चीनी, गन्ना, एथेनॉल उत्पादन करने वाला नंबर-वन राज्य है।

 

सीएम योगी शनिवार को वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में अमरोहा व धनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 207 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर जनपद के आध्यात्मिक इतिहास व महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। 

अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कह सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कहेगा। इसने हस्तशिल्प व कारीगरी के माध्यम से दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। ओडीओपी के जरिए अमरोहा के तबला व ढोलक की पहचान बनी है। यहां का किसान आम की उपज को वैश्विक बाजार में पहुंचा रहा है। मध्य गंगा नहर परियोजना भी पूरी हो रही है। गंगा एक्सप्रेसवे ने राह आसान कर दी है। 10 साल पहले कोई सोच नहीं सकता था कि अमरोहा से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज की दूरी कम हो पाएगी। अब अमरोहा से हरिद्वार की दूरी भी आसान बनाएंगे और किसानों को जमीन का अच्छा दाम देंगे। विकास के नए प्रतिमान पर स्थापित हो रहा अमरोहा अपनी नई पहचान बनाएगा। औद्योगिक विकास के लिए हसनपुर में बन रहा पार्क जनपद को नई ऊंचाई देगा। 

यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ बरस रही समृद्धि 

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में आगामी 50-100 वर्ष की योजना को लेकर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। अब नौजवान बेरोजगार नहीं होगा, पलायन नहीं करेगा। 2017 के बाद से यूपी में सुरक्षा, सुशासन के साथ समृद्धि बरस रही है। सरकार तिगरी व गढ़ के लिए काम कर रही है। मां गंगा तिगरी की तरफ कुछ बढ़ रही हैं, इसलिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिया गया है कि गंगाजी को चैनलाइज कर तिगरी व गढ़ मेले के स्वरूप को और भव्य करो, जिससे यह पश्चिमी उप्र में माघ व कुंभ मेले की तरह चमकता दिखे। 

पहले आस्था पर होता था प्रहार, अब किसी त्योहार पर रोक नहीं 

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले आस्था पर प्रहार होता था। कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, रामनवमी की शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाई जाती थी। जयश्रीराम कहने पर लाठी-डंडे चलते थे और सरकारें मौन रहती थीं लेकिन अब किसी त्योहार पर रोक नहीं है, बल्कि सरकार आस्था का सम्मान करते हुए हरसंभव सहयोग करती है।

सुरक्षा में सेंध लगाने वाले जेल या जहन्नुम जाएंगे 

सीएम ने जनपदवासियों से कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों के हर प्रस्ताव को धरातल पर उतार रही है। विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी नहीं है, लेकिन इसके लिए समय, सोच, संवेदना, नीति और नीयत चाहिए। पिछली सरकारों में हर जनपद में दंगे होते थे, लोग असुरक्षित थे। हमने कहा कि सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम ही जगह है। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम किया।

यहां के लोग कभी एक मंत्री से थे आतंकित

सीएम ने कहा कि यूपी अब सुरक्षा का मॉडल दे रहा है। सुरक्षा सुशासन लाती है। सुशासन निवेश और निवेश समृद्धि लेकर आता है। अब हर भर्ती में अमरोहा-धनौरा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र पाता है, लेकिन पहले रामपुर व सैफई का सिडिंकेट नौकरियों में डकैती डालता था। अब आपकी अपनी सरकार है, कोई हक पर डकैती नहीं डाल सकता। 2017 में महेंद्र खड़गवंशी के प्रचार में आया था तो लोग एक मंत्री के आतंक से भयभीत थे। तब मैंने कहा था कि भाजपा सरकार आएगी तो ये सभी दुम दबाकर बिल में घुसकर ही खुद को सुरक्षित कर पाएंगे। अब यहां किसी का भय या आतंक नहीं। 

सीएम ने चेतन चौहान को भी याद किया

मुख्यमंत्री ने पूर्व क्रिकेटर व पूर्व मंत्री चेतन चौहान को भी याद किया। कहा कि वह नौगावां सादात व जनपद में खेल, विकास को बढ़ाने के लिए समर्पित थे। एनडीए सरकार चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही है। हर तबके को बिना भेदभाव सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि 2017 के पहले यह संभव नहीं था।

 

गरीबों के हक पर डकैती डालते थे सपा-कांग्रेस के लोग

सीएम ने कहा कि कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने अपनी लाचारगी जताते हुए कहा था कि 100 में से 85 पैसे ही नीचे जनता तक पहुंचते हैं। यह छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि, गरीब के राशन, आवास, पेंशन, शौचालय का पैसा था, जिस पर सपा व कांग्रेस वाले डकैती डालते थे। अब डबल इंजन सरकार में गरीब को पूरी रकम सीधे उसके बैंक खाते में मिलती है। 

हर वर्ग के लिए योजनाएं लाई है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर वर्ग के लिए योजनाएं हैं। निराश्रितों के लिए अटल आवासीय विद्यालय, गरीब, पिछड़ी व अनुसूचित जाति की बच्चियों के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालय है। आज मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का शिलान्यास भी हो रहा है। बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार ने हाल में शिक्षकों के लिए हर वर्ष पांच लाख रुपए के कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है।

शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार और अनुदेशकों का 17 हजार रुपए किया गया है। हर शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक के लिए सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना भी लागू की गई। आपदा की चपेट में आने वाले शिक्षक के परिजनों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ की सहायता मिलेगी। शिक्षामित्र या अनुदेशक के साथ घटना-दुर्घटना होने पर परिवार वालों को 30 से 80 लाख रुपए तथा रसोइया के परिजनों को दो लाख रुपए का बीमा कवर मिलेगा। आपदा की चपेट में आने वाले किसानों के परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना में 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपए की सहायता दिलाई जाती है। 

विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं तरारा व खड़गवंशी, अमरोहा व नौगावां सादात वाले रजाई तानकर सोते हैं 

सीएम ने कहा कि किसानों-नौजवानों के हित में सरकारें आती हैं तो हर वर्ग के विकास के लिए कार्य होता है। जहां खानदान का कब्जा हो और एक ही परिवार सभी पदों पर काबिज हो, वहां विकास नहीं हो सकता। आपने राजीव तरारा व महेंद्र सिंह खड़गवंशी जैसे अच्छे विधायकों व कंवर सिंह तंवर को सांसद चुना तो विकास कार्य हो रहे हैं। हमारे विधायक निरंतर विकास के प्रस्ताव लेकर लखनऊ आते हैं। अमरोहा सदर व नौगावां सादात वाले शासन में पैरवी नहीं करते, वे जीतने के बाद रजाई तानकर सो गए। जनता ने इन दोनों क्षेत्रों में भी कमल खिलाया होता तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती। सीएम ने अमरोहावासियों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार हर हित का ध्यान रखेगी। उन्होंने पैरोकारी के लिए अच्छे विधायक व सांसद चुनने की अपील करते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि जल्द ही वे नौगावां सादात व हसनपुर भी आएंगे।

 

इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, सांसद कंवर सिंह तंवर, जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर, विधायक राजीव तरारा, महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधान परिषद सदस्य हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा के जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह है जेल या जहन्नुम में : योगी

Yogi Bulandshahr visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल था। उस समय बुलंदशहर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दंगे होते थे और कर्फ्यू लगता था। उस दौर में बेटियां और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे तथा कई परिवारों ने अपनी बेटियों की पढ़ाई तक बंद करा दी थी। पहले हर जिले में माफिया और हर थाने में वसूली का सिंडिकेट सक्रिय था। गरीबों को न्याय नहीं मिलता था, महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और व्यापारियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सब चंगा है। सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दोहराया कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और ऐसा करके दिखाया गया। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं-जेल या जहन्नुम।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर व सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र में 574 करोड़ से अधिक की 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप/चेक/ चाबी/थर्मल प्रिंटर/आयुष्मान कार्ड/छात्रवृत्ति/सब्सिडी/टूलकिट एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। इससे पहले प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान सीएम ने छोटे बच्चों को खिलौना देकर दुलार किया।

गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर भी पूरी तरह बदल चुका है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब वह बुलंदशहर आए थे, तब यहां भय और दहशत का माहौल था, लेकिन आज बुलंदशहर निर्भय होकर विकास की प्रक्रिया से मजबूती के साथ जुड़ चुका है। देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे बुलंदशहर से होकर गुजर रहा है, जिससे प्रयागराज तक की यात्रा करीब पांच घंटे में पूरी होगी। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दे दी गई है। किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग को भी सरकार ने स्वीकार किया है।

बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट की दूरी वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ बुलंदशहर औद्योगीकरण के नए युग में प्रवेश करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो चुका है और यह केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की समृद्धि का आधार बनने जा रहा है। करीब 14 हजार एकड़ में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट एयरक्राफ्ट रिपेयर एंड मेंटिनेंस (एमआरओ) का बड़ा केंद्र बनने के साथ-साथ कार्गो संचालन तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट के बीच की दूरी इतनी कम हो जाएगी कि वह वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में जनप्रतिनिधियों ने बुलंदशहर के लिए रिंग रोड की मांग रखी थी। उसी समय प्रस्ताव को तत्काल आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था और अब यह बताते हुए प्रसन्नता है कि रिंग रोड का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो चुका है।

बुलंदशहर की पहचान, जय जवान और जय किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में विकास, सुरक्षा और समृद्धि एक साथ दिखाई देती है। खुर्जा की क्रॉकरी को वैश्विक पहचान मिली है, युवाओं को छात्रवृत्ति और रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वह श्रद्धेय रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर से आ रहे हैं और बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जनपदों में शामिल है। यहां लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक या सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे, इसलिए बुलंदशहर में 'जय जवान, जय किसान' का भाव साकार होता है।

मोबाइल निर्माण और उद्योग में यूपी नंबर वन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में बाबू जी के नाम पर कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुका है। खुर्जा की क्रॉकरी और क्षेत्र के गन्ना किसानों की पहचान अब बेहतर कनेक्टिविटी के साथ देश-दुनिया तक पहुंचेगी। जेवर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और फिनटेक सिटी का भी विकास किया जा रहा है, जिसका सबसे अधिक लाभ बुलंदशहर को मिलेगा। उत्तर प्रदेश आज मोबाइल निर्माण में देश में पहले स्थान पर है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं। प्रदेश चीनी मिलों के संचालन, गन्ना उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में भी देश में नंबर एक है।

बॉटम से टॉप पर पहुंचा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान टूटी सड़कों और अंधेरे से होती थी, जबकि अब यहां ग्लोबल स्टैंडर्ड के एक्सप्रेसवे और बेहतर आधारभूत ढांचा विकसित हुआ है। बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का समय कम नहीं करते, बल्कि विकास और समृद्धि की गति भी बढ़ाते हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से अर्थव्यवस्था तेज होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

 

बुलंदशहर के किसानों ने सरकार पर भरोसा करते हुए विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी। सरकार ने किसानों से किया गया वादा निभाते हुए उनका मुआवजा बढ़ाया है और बढ़ी हुई राशि उपलब्ध कराई जा रही है। बुलंदशहर की जनता ने लोकसभा की दोनों सीटों और सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को समर्थन दिया है। बुलंदशहर की जनता का हम पर बहुत बड़ा कर्ज है और हम विकास कार्यों के माध्यम से उसे ब्याज सहित चुकाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है यूपी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी नौकरियों में कोई सेंध नहीं लगाएगा। आज सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता से हो रही हैं और बुलंदशहर के युवा भी नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि अब किसी की सिफारिश या पैसे के आधार पर नियुक्ति नहीं होती और युवाओं के अधिकारों पर कोई डाका नहीं डाल सकता। प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से युवा अपना उद्यम स्थापित कर रहे हैं। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के जरिए पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिल रही है।

 

प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर बन रहे हैं।

टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है कि विकास हो रहा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विरासत और विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। वर्ष 2017 से पहले की सरकारों के पास जनता, किसानों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों के लिए समय और संवेदनशीलता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को राशन, आवास, स्वास्थ्य बीमा और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ पहले भी दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आज प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच रहा है।

बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया। वर्तमान सरकार बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है और उन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों और अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए लगातार काम किया है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

पिछली सरकारों ने किसानों और युवाओं का शोषण किया

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों के हितों की अनदेखी की। किसानों और युवाओं का शोषण किया गया, महिलाओं की सुरक्षा से समझौता हुआ और व्यापारियों व उद्यमियों को भय के माहौल में काम करना पड़ा। इन परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन अब प्रदेश उस स्थिति से बाहर निकल चुका है।

विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विरासत और विकास के समन्वय का उदाहरण बन चुका है। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है और इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनता के आशीर्वाद की आवश्यकता है। केवल बुलंदशहर सदर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों में ही लगभग पौने छह सौ करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। इसके अलावा जिले और क्षेत्र में अनेक अन्य विकास परियोजनाएं पहले से संचालित हैं।

सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार सुरक्षा और सुशासन का ऐसा मॉडल देगी, जिसकी कोई तुलना नहीं होगी और जो रामराज्य की अवधारणा को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। बुलंदशहर की जनता ने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने हैं, जो क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं को लखनऊ और दिल्ली तक प्रभावी ढंग से पहुंचा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि क्षेत्र को लगातार नई विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सीएम ने बुलंदशहर सदर, सिकंदराबाद और जिले के सभी नागरिकों को विकास परियोजनाओं के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक/लैपटॉप/ स्वीकृत पत्र और चाबी 

  • पूजा शर्मा (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 4 लाख 25 हजार का चेक)
  • राजकुमार वर्मा (4 लाख का चेक)
  • महेंद्र प्रताप (टूल किट)
  • कविता शर्मा (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 33 करोड़ 60 हजार का चेक)
  • गीता रानी (विद्युत बिल संग्रहण के लिए थर्मल प्रिंटर)
  • ऋषि पाल (कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 24 लाख रुपए का अनुदान व चाबी)
  • अजय चौधरी (फार्म मशीनरी बैंक की चाबी) 
  • श्याम कुमार (5 लाख रुपए का आयुष्मान कार्ड)
  • मीनाक्षी (छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र)
  • तनुज शर्मा (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • डॉली (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • पूजा शर्मा (प्रधानमंत्री आवास योजना शहरीय के लिए स्वीकृत पत्र)
  • पूरन गुप्ता (प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिध योजना के अंतर्गत 50 हजार का चेक)
  • हेमलता (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए चाबी)
  • कपिल चौधरी (मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 4 लाख 80 हजार रुपए से अधिक का चेक)

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर, राज्य सभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, सांसद महेश शर्मा, सांसद डॉ. भोला सिंह, विधायक प्रदीप चौधरी, विधायक लक्ष्मी राज सिंह, विधायक देवेंद्र सिंह लोधी, विधायक मीनाक्षी सिंह, विधायक संजय शर्मा, विधायक सीपी सिंह, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, विधान परिषद के सदस्य श्रीचंद्र शर्मा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष विकास चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया आदि मौजूद रहे।

Popular TVF Shows 2026: ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ से लेकर ‘एस्पिरेंट्स 3’ तक, बैक-टू-बैक सुपरहिट शोज देकर TVF बना साल 2026 का कंटेंट पावरहाउस

Popular TVF Shows 2026: द वायरल फीवर (TVF) ने खुद को भारत के सबसे पसंदीदा कंटेंट स्टूडियोज में से एक के रूप में स्थापित किया है, जो लगातार अलग-अलग जॉनर में बेहतरीन कहानियां पेश करता आ रहा है। सालों से इसने देश के कुछ सबसे पसंदीदा और क्रिटिक्स द्वारा सराहे गए शोज़ बनाए हैं, जिनमें दिल को छू लेने वाले ‘स्लाइस-ऑफ-लाइफ’ ड्रामा से लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले थ्रिलर और जमीन से जुड़ी ऐसी सच्ची कहानियां शामिल हैं जो सीधे दर्शकों के दिलों को छूती हैं।

लगातार शानदार काम करने के इसी ट्रैक रिकॉर्ड ने टीवीएफ (TVF) को कंटेंट की दुनिया का एक पावरहाउस बना दिया है। साल 2026 का पहला आधा हिस्सा (first half) भी इसका अपवाद नहीं रहा है। सिर्फ छह महीनों में इस स्टूडियो ने एक के बाद एक कई सफल शोज़ दिए हैं, जिनमें फैंस के पसंदीदा शोज़ के नए सीज़न की वापसी के साथ-साथ कुछ नए ओरिजिनल शोज़ भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का खूब प्यार मिला। आइए डालते हैं एक नज़र साल 2026 के पहले छह महीनों में आए टीवीएफ (TVF) के कुछ सबसे बड़े हिट्स पर।

गुल्लक सीज़न 5

पिछले चार सीज़न्स की भारी सफलता के बाद, टीवीएफ (TVF) ने दर्शकों के पसंदीदा फैमिली शो ‘गुल्लक’ के पांचवें सीज़न के साथ वापसी करने का फैसला किया। यह सीज़न एक बार फिर मिश्रा परिवार को साथ लेकर आता है, जिसमें अनत वी. जोशी की ‘अन्नू मिश्रा’ के रूप में एंट्री हुई है, जिसने दर्शकों को अपने इस फेवरेट परिवार से एक बार फिर प्यार करने पर मजबूर कर दिया। भारत की सबसे लंबे समय तक चलने वाली और सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ओरिजिनल वेब सीरीज़ में से एक, गुल्लक आज भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में बनी हुई है, जो इसकी कभी न खत्म होने वाली पॉपुलैरिटी और हर दिल अजीज होने का पक्का सबूत है।

एस्पिरेंट्स सीज़न 3

‘एस्पिरेंट्स’ सीज़न 3 ने इस बेहद पसंदीदा फ्रेंचाइजी की कामयाबी के सिलसिले को आगे बढ़ाया और दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स से भी खूब वाहवाही बटोरी। दिल को छू लेने वाली कहानी और बेहतरीन एक्टिंग के शानदार तालमेल के साथ, इस सीरीज़ में नवीन कस्तूरिया, सनी हिंदुजा, शिवांकित सिंह परिहार, अभिलाष थपलियाल और नमिता दुबे ने एक बार फिर अपनी कमाल की परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों को छुआ। एस्पिरेंट्स फ्रेंचाइजी भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में शामिल है। इस फ्रेंचाइजी ने ‘एसके सर की क्लास’ और ‘संदीप भैया’ जैसे बेहद कामयाब स्पिन-ऑफ्स को भी जन्म दिया है, जिसने इसके कहानी के दायरे को और बड़ा बना दिया है।

द पिरामिड स्कीम

टीवीएफ (TVF) ने साल 2026 के अपने लाइनअप में एक और कामयाब ओरिजिनल शो जोड़ा है, जिसका नाम है ‘द पिरामिड स्कीम’। इसे आशीष आर. शुक्ला और श्रेयांश पांडे ने डायरेक्ट किया है। परमवीर सिंह चीमा, रणवीर शौरी, शेखर सुमन, अंजन श्रीवास्तव, अल्फिया जाफ़री और आशीष राघव स्टारर इस कॉमेडी-ड्रामा की इसकी दिलचस्प कहानी, तीखे मज़ाक और शानदार एक्टिंग के लिए खूब तारीफ की गई है, जिसने इसे टीवीएफ की लिस्ट में एक बेहद खास शो बना दिया है। यह सीरीज़ नए-नए जॉनर और कहानी कहने के अलग तरीकों के साथ टीवीएफ के लगातार हो रहे प्रयोगों को दिखाती है, वो भी अपनी जड़ों से जुड़े और किरदारों पर आधारित कहानियों के साथ।

ग्राम चिकित्सालय सीज़न 2

टीवीएफ ने अपने बेहद पसंदीदा ग्रामीण कॉमेडी-ड्रामा ‘ग्राम चिकित्सालय’ के दूसरे सीज़न (Season 2) के साथ वापसी की है, जिसमें भटकंडी गांव का सफर आगे बढ़ता है। इस सीरीज़ में अमोल पराशर एक बार फिर डॉ. प्रभात सिन्हा के रोल में नजर आ रहे हैं। उनके साथ उनके प्यारे सपोर्टिंग किरदार भी नई चुनौतियों का सामना करते हुए दिख रहे हैं। यह सीज़न भी हंसी-मजाक, जज्बात और रोजमर्रा के पलों से भरा एक दिल को छू लेने वाला और मजेदार चैप्टर पेश करता है। पहले सीज़न को मिले शानदार रिस्पॉन्स को आगे बढ़ाते हुए, इस शो ने जमीन से जुड़ी और गाँव की कहानियों को पेश करने की टीवीएफ की लिस्ट को और मजबूत किया है, जिसे शहरों से लेकर गांवों तक के दर्शकों ने खूब पसंद किया है।

फैमिली किराना स्टोर

टीवीएफ ने अपने ओरिजिनल शोज़ का दायरा बढ़ाते हुए ‘फैमिली किराना स्टोर’ पेश किया है। यह एक दिल को छू लेने वाली कॉमेडी है जो गजानंद (श्रीकांत वर्मा) और उनके मिडिल-क्लास परिवार की कहानी दिखाती है, जो पड़ोस की एक किराने की दुकान चलाने के उतार-चढ़ाव से जूझते हैं। गरिमा विक्रांत सिंह और हेमंत मिश्रा के अभिनय से सजी यह सीरीज़ हंसी, पुरानी यादों (नॉस्टैल्जिया) और रोज़मर्रा के पारिवारिक पलों को बहुत ही खूबसूरती से मिलाती है। यह शो साधारण भारतीय परिवारों की खुशियां मनाने और रोज़मर्रा की जिंदगी से असाधारण कहानियाँ तलाशने की टीवीएफ की परंपरा को जारी रखता है।

स्पेस जेन: चंद्रयान

टीवीएफ (TVF) ने ‘स्पेस जेन: चंद्रयान’ के साथ स्पेस ड्रामा जॉनर में कदम रखा। यह एक प्रेरणादायक सीरीज़ है जो इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों के सफर को दिखाती है, जो तमाम मुश्किलों से लड़कर एक ऐतिहासिक मिशन को कामयाब बनाते हैं। नकुल मेहता, श्रिया सरन, प्रकाश बेलावाड़ी, गोपाल दत्त और दानिश सैत के अभिनय से सजी इस सीरीज़ को इसके इमोशनल ड्रामा और कलाकारों की बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए खूब सराहा गया। यह शो देश की एक बड़ी और ऐतिहासिक कहानी को दिखाने के टीवीएफ के बढ़ते हौसले को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान बन चुके इमोशनल टच को बरकरार रखा है।

हेलो बच्चों

टीवीएफ के ‘हेलो बच्चों’ ने मशहूर शिक्षक अलख पांडे के प्रेरणादायक सफर को पर्दे पर उतारा, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग के जरिए हर बच्चे तक बेहतरीन शिक्षा पहुंचाने का मिशन पूरा किया। विनीत कुमार सिंह, विक्रम कोचर, गिरिजा ओक, अनुमेहा जैन और पंकज कश्यप के शानदार अभिनय से सजी इस सीरीज़ को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। अपनी दिल छू लेने वाली कहानी, इमोशनल गहराई और सच्ची परफॉर्मेंस की वजह से यह साल 2026 में टीवीएफ के सबसे पसंदीदा ओरिजिनल शोज़ में से एक बन गया। इस सीरीज़ ने शिक्षा की ताकत और उससे आने वाले बदलाव का जश्न मनाया, जो टीवीएफ के कई ओरिजिनल्स की एक बड़ी ताकत रहा है।

सपने वर्सेस एवरीवन

पहले सीज़न को मिले बेमिसाल रिस्पॉन्स के बाद, ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ अपने दमदार और रोमांचक दूसरे चैप्टर के साथ वापस लौटा और इसे हर तरफ से खूब तारीफें मिलीं। अंबरीश वर्मा द्वारा लिखित, निर्देशित और बनाई गई इस सीरीज़ में खुद अंबरीश वर्मा, परमवीर सिंह चीमा, विजयांत कोहली और अभिषेक चौहान मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह सीज़न जिमी और प्रशांत के मुश्किल सफर को भावनाओं और बेहतरीन लिखावट के साथ आगे बढ़ाता है। इस सीरीज़ ने टीवीएफ के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ड्रामा शोज़ में अपनी जगह और मजबूत कर ली है। आईएमडीबी (IMDb) पर 9.2 की रेटिंग के साथ यह किसी भी भारतीय सीरीज़ के लिए सबसे बड़ी रेटिंग है। महत्वाकांक्षा और खुद को साबित करने की जंग को बहुत ही बारीकी से दिखाने के लिए इस शो की हर तरफ तारीफ हुई है।

बेहद पसंदीदा पुराने शोज़ की वापसी और फैमिली ड्रामा, ग्रामीण कॉमेडी, इंस्पायरिंग कहानियों, थ्रिलर और सोशल ड्रामा जैसे बड़े और नए ओरिजिनल्स के साथ, साल 2026 के पहले छह महीनों में टीवीएफ ने अपनी ऐसी रेंज दिखाई है जिसका फिल्म इंडस्ट्री में कोई मुकाबला नहीं है। सिर्फ छह महीने में अलग-अलग जॉनर और प्लेटफॉर्म्स पर इतने सारे सफल शोज़ देकर टीवीएफ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे भारत के सबसे लगातार और असरदार कंटेंट क्रिएटर्स में से एक हैं।

Badrinath temple donation case: बद्रीनाथ दान घोटाला मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज में जेब में कैश रखते दिखने का दावा

Badrinath temple donation case: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच के बीच हुई है।

जांच एजेंसियां मंदिर प्रशासन से जुड़े कई लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। राजेंद्र चौहान इस मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल हैं। जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज के आधार पर एसआईटी ने चौहान से पूछताछ की। जांचकर्ताओं का दावा है कि 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में चौहान कथित तौर पर कैश के बंडल उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

CCTV फुटेज से खुलासा

पुलिस ने बताया कि 25 जून और 29 जून के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कुछ और लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। इन फुटेज के आधार पर एसआईटी ने अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान की है और जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले की जांच अभी जारी है।

एसआईटी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल, जांच एजेंसी ने किसी अन्य आरोपी के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन नए साक्ष्यों के सामने आने के बाद आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

SIT ने सौंपी रिपोर्ट

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की पड़ताल के लिए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से गठित जांच दल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। बीकेटीसी के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार-सदस्यीय दल ने 18 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

मंदिर समिति के सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। इनमें गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, मंदिर परिसर तथा गणना केंद्र के अछूते स्थानों को चिन्हित कर वहां नये सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी व्यवस्था को बेहतर एवं जवाबदेह बनाना और श्रद्धालुओं को गणना कार्य से जोड़ने की निश्चित प्रक्रिया तय करना शामिल है।

दो जुलाई को हेराफेरी का हुआ खुलासा

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने इस समिति का गठन किया था, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के तौर पर तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस में नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी जांच में साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफतार कर लिया गया।

मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद इस काम में लगे खजांची संदेश मेहता को भी वहां से हटाकर अन्यत्र तबादला किया जा चुका है। इस बीच, मामले की पड़ताल कर रहा पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ ही अन्य लोगों के भी इसमें शामिल होने की आशंका का बारीकी से पता लगा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज नौटियाल की पूर्व की संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथ ही इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने के पहलू की भी जांच की जा रही है, जिसके लिए पुराने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरों के पूर्व में डिलीट हो चुके रिकॉर्ड को रिकवर करने की दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल के कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की जांच भी जारी है।

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2017 से पहले तत्कालीन सरकार ही सबसे बड़ी अपशगुन थी : योगी आदित्यनाथ

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित किया

– 2017 से पहले नौकरी निकलती नहीं थी और निकल गई तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली पर निकल पड़ती थी

– मुख्यमंत्री ने जताया युवा शक्ति पर भरोसा, कहा- युवाओं के दम पर बनेगा वन ट्रिलियन डॉलर का उत्तर प्रदेश

– पहले यूपी के नाम पर बाहर के लोग चिढ़ते थे, सरकारी नौकरी पर एक खानदान का अधिकार था

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए न रोजगार था और न पारदर्शी भर्ती प्रणाली। सरकारी नौकरियों पर एक परिवार का अधिकार था और बिना पैसे कोई काम नहीं होता था। उत्तर प्रदेश कभी बीमारू नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकार की सोच व कार्यशैली बीमार थी। 2017 से पहले तत्कालीन राज्य सरकार ही प्रदेश की सबसे बड़ी अपशगुन थी। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि सवा तीन करोड़ से अधिक युवा व कारीगर रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े हैं।

 

मुख्यमंत्री बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, प्रशिक्षित युवाओं से संवाद किया और उनके उत्पादों की सराहना की।

 

सीएम ने कहा कि इस वर्ष यूनेस्को ने विश्व युवा कौशल दिवस की थीम “साझा भविष्य के लिए कौशल” निर्धारित की है। अवसर तभी साकार होते हैं, जब दूरदृष्टि और सकारात्मक सोच वाली सरकार हो। दुनिया का सबसे अधिक युवा वर्ग उत्तर प्रदेश में है और यह गर्व का विषय है। यह हमारा डेमोग्राफिक डिविडेंड है। हम इस स्केल को स्किलिंग से जोड़कर यूपी की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं। युवा शक्ति किसी भी चुनौती का समाधान बन सकती है। युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण व अवसर मिलें तो वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। 

 

पहले यूपी के नाम से चिढ़ते थे बाहरी लोग

सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों ने ऐसे हालात बना दिए कि बाहर के लोग यूपी के नाम से चिढ़ते थे। कोई युवा डिप्लोमा या डिग्री लेकर प्रदेश से बाहर जाता था तो उसे अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ता था। सरकारी नौकरियों पर एक खानदान का अधिकार था, पारदर्शिता का अभाव था। भर्ती प्रक्रियाओं में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार हावी था। बिना पैसे कोई काम नहीं होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि धन्ना सेठ हो या झोपड़ी में रहने वाला इंसान, रोटी केवल दो ही खाता है। जिसके पास सीमित आवश्यकता है, उसको नींद अच्छी आती है। जिसके पास चोरी का पैसा होगा, वह ठीक से सो भी नहीं पाता। उसके लिए तो जीवन नर्क से बदतर है।

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स्किल डेवलपमेंट को मिली नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार देश में कौशल विकास मंत्रालय का गठन कर स्किल डेवलपमेंट को नई पहचान और दिशा दी। इसे युवाओं के रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बनाया गया है। करीब 10 वर्ष पहले यहां मौजूद अधिसंख्य युवा छात्र थे और माता-पिता पर निर्भर थे। तब प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी।

युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। स्कूल शिक्षा की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी और युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। कानून-व्यवस्था की स्थिति भी कमजोर थी। न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी और न ही आम नागरिक।

 

उत्तर प्रदेश पर प्रकृति व परमात्मा की विशेष कृपा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रकृति व परमात्मा की विशेष कृपा वाला प्रदेश है। यहां गंगा, यमुना, सरयू, गोमती, राप्ती व घाघरा जैसी नदियों के रूप में प्रचुर जल संसाधन उपलब्ध हैं, जो दुनिया के बहुत कम क्षेत्रों को प्राप्त हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, नैमिषारण्य, विंध्यवासिनी धाम, मां पाटेश्वरी धाम, शाकंभरी धाम और महाकुंभ जैसी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों ने उत्तर प्रदेश को विशिष्ट पहचान दी है।

प्रदेश के पास प्रतिभाशाली युवा और मेहनती अन्नदाता किसान जैसी अमूल्य शक्तियां भी हैं। उत्तर प्रदेश कभी बीमारू नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकारों की सोच और कार्यशैली बीमारू मानसिकता का प्रतीक थी। जो सरकार अपने युवाओं की उपेक्षा करे, कारीगरों को पलायन के लिए मजबूर करे और अन्नदाता किसानों का सम्मान न करे, ऐसी व्यवस्था जनता के हित में नहीं हो सकती। 

 

कोरोना काल में भी जारी रहा ब्रह्मोस प्रोजेक्ट

2017 के बाद सरकार की कार्यशैली में आए परिवर्तन का उल्लेख करते हुए सीएम ने बताया कि रक्षा मंत्रालय की ओर से लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना स्थापित करने का प्रस्ताव आया था। उस समय रक्षा मंत्री ने भी इच्छा जताई थी कि यदि भूमि निःशुल्क उपलब्ध हो जाए तो परियोजना को लखनऊ में स्थापित किया जा सकता है। इसके बाद करीब 200 एकड़ भूमि चिह्नित की गई। कोरोना काल के दौरान भी प्रोजेक्ट का काम चलता रहा। इस प्रोजेक्ट को यूपी में स्थापित करने को लेकर कई सुझाव आए, लेकिन हमने इसे लखनऊ में लगाने का ही निर्णय किया, ताकि इस प्रोजेक्ट में यूपी के नौजवानों को रोजगार भी सुनिश्चित कराया जा सके।

इसके लिए एकेटीयू को कैंपस चयन का केंद्र बनाया गया। इसके बाद आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके 500 युवाओं को रोजगार मिला। इनमें लखनऊ, प्रतापगढ़, रायबरेली, उन्नाव, कानपुर, बदायूं, बरेली, गोरखपुर, आजमगढ़, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा और अयोध्या समेत कई जिलों के युवा शामिल हैं।

 

एमएसएमई इकाइयां यूपी की मजबूत आधारशिला

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। मुरादाबाद का पीतल उद्योग, फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग, मेरठ का खेल उद्योग, भदोही का कालीन उद्योग, लखनऊ की चिकनकारी, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और बनारसी साड़ी जैसे पारंपरिक उत्पाद उत्तर प्रदेश की पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों ने इन पारंपरिक उद्योगों को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं दिया।

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बदलती तकनीक के अनुरूप ट्रेनिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक के अनुरूप प्रदेश के आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3 डी प्रिंटिंग से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये सुविधाएं केवल लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा या गाजियाबाद तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि महोबा, चित्रकूट, सोनभद्र, बलिया, बहराइच समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी आधुनिक कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनने का लक्ष्य रखें। दुनिया कुशल युवाओं का इंतजार कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एमएसएमई, कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, श्रम एवं सेवायोजन विभाग के समन्वय से सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन स्थापित किए जा रहे हैं।

 

विदेशी भाषा का भी मिलेगा प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई युवा जापान या किसी अन्य देश में रोजगार करना चाहता है तो उसे संबंधित देश की भाषा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर रोजगार की मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार करने की व्यापक व्यवस्था विकसित की जा रही है। हर घर नल योजना, पीएनजी गैस विस्तार, डिजिटल इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत विनिर्माण और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना होगा।

 

ये 27 हजार रुपए कई लाख पर भारी

सीएम योगी ने कार्यक्रम में उपस्थित एक युवती का उल्लेख करते हुए कहा कि वह 27 हजार रुपए प्रतिमाह की आय अपने दम पर अर्जित कर रही है और अपनी मां का उपचार करा रही है। यही वास्तविक स्वावलंबन है। यह 27000 रुपए कई लाख पर भारी हैं। उन्होंने उस युवती की मां के उपचार में हरसंभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया।

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कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास विभाग के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान एवं मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा डॉ. हरिओम, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एम.के. सुंदरम और प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Amrit Bharat Station Scheme: मध्य प्रदेश को मिलने जा रहे 13 आधुनिक रेलवे स्टेशन, देखिए फुल लिस्ट

13 New Amrit Bharat Stations: मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत राज्य के 13 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प कर उन्हें आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाया गया है। इन्हें जल्द ही जनता को समर्पित किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को देश भर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। इन 75 स्टेशनों में मध्य प्रदेश के 13 अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के इन 13 नए अमृत भारत रेलवे स्टेशनों की फुल लिस्ट

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस चरण में मध्य प्रदेश के जिन 13 रेलवे स्टेशनों को नया रूप देकर तैयार किया गया है, उनके नाम यहां नीचे देखिए:-

विदिशा

सांची

अशोकनगर

शिवपुरी

ब्यौहारी

भिंड

हरपालपुर

छतरपुर

टीकमगढ़

जुन्नारदेव

बालाघाट

छिंदवाड़ा

नैनपुर

भोपाल डिवीजन के 4 स्टेशन शामिल

भोपाल डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ कटारिया ने बताया कि 17 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम में भोपाल डिवीजन के तहत आने वाले चार प्रमुख स्टेशनों विदिशा, सांची, अशोकनगर और शिवपुरी का उद्घाटन किया जाएगा।

कार्यक्रम में शामिल होंगे ये VIPs

17 जुलाई को होने वाले इस भव्य उद्घाटन समारोह में राज्य और केंद्र सरकार के कई बड़े नेता अलग-अलग स्टेशनों से हिस्सा लेंगे। राज्यपाल मंगूभाई पटेल सांची स्टेशन से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री टीकमगढ़ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहेंगे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

₹3000 करोड़ की लागत से बदल रही है MP के स्टेशनों की सूरत

अधिकारियों ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूरे मध्य प्रदेश में कुल 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस पूरी महापरियोजना पर लगभग 3000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आ रही है। इनमें से कुछ स्टेशनों का उद्घाटन पहले ही चरण में किया जा चुका है। अब इस चरण में 13 और स्टेशन जनता को समर्पित किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे अन्य स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूरा होता जाएगा, आने वाले महीनों में उनका भी उद्घाटन किया जाएगा।

कैसी हैं नई सुविधाएं और क्या है इसका कॉन्सेप्ट?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन पुनर्विकसित स्टेशनों को अगले 40 से 50 वर्षों की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इनमें यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्टेशनों पर अपग्रेडेड सर्कुलेटिंग एरिया, विशाल वेटिंग हॉल, आधुनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड और कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं।

दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर उचित प्रबंध किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा और उनके आने-जाने को आसान बनाने के लिए स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज को चौड़ा किया गया है। पहले जो फुट ओवरब्रिज लगभग 4.5 मीटर चौड़े होते थे उन्हें अब बढ़ाकर 12 मीटर कर दिया गया है।

इन स्टेशनों को कमर्शियल स्पेस (व्यावसायिक क्षेत्रों) के साथ विकसित किया गया है ताकि ये सिटी सेंटर के रूप में काम कर सकें। इससे व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और जनता इसका अधिक उपयोग कर सकेगी।

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ये सभी अमृत भारत स्टेशन योजना के मूल कॉन्सेप्ट हैं जो अब धरातल पर आकार ले रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि ये पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन आने वाले समय में शहरों के विकास और प्रगति के लिए एक बड़े कैटेलिस्ट के रूप में उभरेंगे।

पौधारोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi stated that mega plantation drive is grand undertaking to express gratitude towards Mother Earth

– मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से किया 1 दिन में 35 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य वाले पौधारोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ

– 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत सीएम ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रोपे पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे

– मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की रफ्तार के साथ वनाच्छादन का विस्तार, सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है एक पेड़

– आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण, लगाया मौलश्री का पौधा

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखपुर से एक दिन में 35 करोड़ रिकॉर्ड पौधारोपण के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधारोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे लगाए और सेल्फी भी ली। इसके बाद गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ है। विगत नौ वर्षों में प्रदेश में भौतिक विकास की रफ्तार तेज होने के साथ ही वनाच्छादन का भी विस्तार हुआ है। गोरखनाथ मंदिर लौटते समय सीएम ने आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मौलश्री का पौधा रोपित किया।

 

जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर का वृहद विस्तार हुआ है। एक्सप्रेसवे, हाईवे के साथ बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछा है। नए-नए उद्योग लगे हैं। शहरीकरण का दायरा बढ़ा है और नई-नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं। भौतिक विकास में तेज योगदान देने वाले इस राज्य ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित प्रयासों से वनाच्छादन के विस्तार में भी सफलता प्राप्त की है।

एक पेड़ सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है। 9 वर्षों में यूपी का वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण तथा 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ।

 

'माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:'

मुख्यमंत्री ने पौधारोपण महाभियान को धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ बताया और इसमें हर व्यक्ति की तरफ से योगदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि धरती माता हम सबको अच्छा वातावरण देती हैं। आगे बढ़ने का अवसर, पेट भरने को अन्न, अच्छे-अच्छे फल, पीने के लिए जल देने के साथ घर की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं।

धरती माता के बारे में हमारे ऋषियों ने संकल्प भाव से कहा है- 'माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:', अर्थात यह धरती हमारी माता हैं और हम सब इसके पुत्र हैं। एक पुत्र के रूप में धरती माता के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के लिए ही प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ का आह्वान किया है।  यह आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुंदर बनाने का राष्ट्रीय कर्तव्य है। 

 

धरती माता की आरोग्यता का भी रखें ध्यान

सीएम योगी ने पौधारोपण की थीम ‘एक पेड़ मां के नाम’ को बहुत सुंदर बताते हुए कहा कि मां हर व्यक्ति, हर जीव के लिए दुनिया का सबसे सुंदर उपहार है। हम खुद के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, लेकिन सबकुछ देने वाली धरती माता के स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते। खुद की आरोग्यता के लिए हम सभी को धरती माता की आरोग्यता का भी ध्यान रखना होगा।

अनंतकाल तक जीवसृष्टि बनी रहे, इसके लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। मोदी के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाए गए। गत वर्ष 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। 9 वर्ष में अब तक प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

Chief Minister Yogi stated that mega plantation drive is grand undertaking to express gratitude towards Mother Earth

मौसम चक्र में परिवर्तन से कृषि उत्पादन पर असर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट का प्रभाव मौसम चक्र पर भी पड़ा है। बारिश करीब एक महीना विलंब से शुरू हुई है। जो बीज 15 जून तक लग जाना चाहिए था, उसे 15 जुलाई को लगाएंगे तो उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक अंतर पड़ेगा।

पर्यावरण असंतुलन से कभी प्रचंड गर्मी पड़ रही है तो कभी सर्दी। लगातार ग्लोबल वार्मिंग की चेतावनी दी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में समुद्र के किनारे बहुत सारे शहर डूबने की स्थिति में होंगे तो कहीं भीषण जल संकट होगा।

 

मानवता को चुकानी पड़ रही प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम में बहुत सारे शहर ऐसे हैं, जहां गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है। वहां अलर्ट जारी करना पड़ता है कि बुजुर्ग, बीमार और बच्चे घर से बाहर न निकलें, जरूरी हो तो मास्क लगाकर निकलें। आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई? क्योंकि प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया गया। अंधाधुंध पेड़ काटे गए, जल दोहन किया गया लेकिन जल संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए। अपने स्वार्थ के लिए लोगों ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, आज उसकी कीमत विश्व मानवता को चुकानी पड़ रही है। 

 

पर्यावरण अनुकूल एलईडी लाइट से बचे 100 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी तब हैलोजन लाइटों को हटाकर उसकी जगह पर्यावरण अनुकूल एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गईं, इससे प्रदेश सरकार को 100 करोड रुपए की बचत हुई।

साथ ही हैलोजन में जलकर मरने वाले कीड़े-मकोड़ों की भयंकर बदबू से भी मुक्ति मिली। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। पीएम सूर्य घर बिजली योजना से लोगों के बिजली बिल आधे हो रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का नया स्रोत लोगों को उपलब्ध कराया गया है।

 

उज्जवला योजना ने दी धुएं से मुक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के विजन से उज्जवला योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन बांटे गए, जो कांग्रेस सरकार में ब्लैक में मिलते थे। 10 करोड़ परिवारों में माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली। अकेले उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ परिवारों को यह लाभ मिला है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दुनिया से इसके बारे में आह्वान किया है। अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनी है। वहां समस्त स्ट्रीट लाइट में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाता है।

 

पौधा लगाकर देखभाल भी करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें न सिर्फ पौधे लगाने हैं, बल्कि उनकी उचित देखभाल भी करनी है। जिन किसानों ने अपने खेत में पेड़ लगाए हैं, उन्हें कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत पैसा भी प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि अपने पूर्वजों व परिजनों की स्मृति में और परिवार के सदस्यों के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएं।

 

’हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन

पौधारोपण महायज्ञ 2026 के अवसर पर आयोजित जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन किया। लघु फिल्म में यूपी में पिछले नौ सालों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों और हासिल उपलब्धियों को दर्शाया गया है, जबकि वानिकी कैलेंडर में वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग की कार्ययोजना का उल्लेख है। 

 

सीएम ने किया पौध वितरण, किसानों को सौंपे प्रमाण-पत्र

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थी गीता देवी, मधुरा, इशरावती, शीला, कालिंदी को घर के सामने रोपने के लिए सहजन के पौधे भेंट किए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के अंतर्गत 700 से अधिक पौधारोपण करने वाले नरपति (कैम्पियरगंज गोरखपुर), 650 से अधिक पौधारोपण करने वाले अशफाक खान (देसही देवरिया),  800 पौधारोपण करने वाली रंजना देवी (हाटा कुशीनगर) और 850 पौधे लगाने के लिए अरविंद कुमार (पडरौना कुशीनगर) को कार्बन क्रेडिट के लिए मिलने वाली राशि का प्रमाण-पत्र सौंपा। 

 

सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में बढ़ी हरियाली : वनमंत्री

कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में हरियाली बढ़ी है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार देश में ग्रीनरी वृद्धि के मामले में उत्तर प्रदेश प्रगति करते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

आज का पौधारोपण पूर्ण होते ही यूपी में पिछले 10 सालों में पौधारोपण की कुल संख्या 275 करोड़ हो जाएगी। इस बार के पौधारोपण महाभियान में 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की शुरुआत जल्द ही की जाएगी।

 

पीएम मोदी-सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद संवेदनशील : रविकिशन

इस मौके पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। वे सदैव लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करते रहते हैं। इसी विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने एक दिन में 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी का इतना विराट विकास हुआ है, जितना कोई सोच भी नहीं सकता।

 

नौ वर्ष में हुआ सौ वर्ष से अधिक का विकास : प्रदीप शुक्ल

सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सहजनवा विधानसभा का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने नौ वर्षों में जितना विकास किया, वह सौ वर्षों में भी नहीं हो पाता। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील कुमार चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

 

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पौधारोपण महायज्ञ के लिए गोरखपुर के नोडल अधिकारी सुहास एलवाई, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।