CM योगी का ऐलान: भदरसा बनेगा ‘भारत नगर’, मां ज्वाला जी के नाम पर होगी नई नगर पंचायत

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि अयोध्या जिले में हाल ही में बनी खिलौनी-सुचितगंज नगर पंचायत का नाम बदलकर ‘मां ज्वाला जी’ के नाम पर रखा जाएगा, जबकि भदरसा नगर का नाम अब ‘भरत नगर’ होगा। बता दें कि उन्होंने यह घोषणा बिकापुर में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान कही।

सीएम योगी ने कहा कि खिलौनी-सुचिंतागंज का नाम बदलने की मांग स्थानीय बीजेपी विधायक अमित सिंह चौहान ने की थी। उन्होंने अनुरोध किया है कि खिलौनी-सुचिंतागंज नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला जी के नाम पर रखा जाए। इसलिए मैं घोषणा करता हूं कि इस नगर पंचायत को मां ज्वाला जी नगर पंचायत के नाम से जाना जाए।”

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि भदरसा का नाम अब बदलकर भारत नगर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भरत कुंड से जुड़े इलाके की पहचान भी अब भारत नगर के नाम से होगी।

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने हाल ही में भदरसा में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों का व्यवहार देखा है। यह उनके असली चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भदरसा अब ‘भरत नगर’ के नाम से जाना जाएगा।”

बता दें कि भदरसा 2024 में एक नाबालिग के साथ रेप की घटना के कारण चर्चा में रहा था, जिसमें सपा नेता मोइद खान को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया, जबकि कथित अनियमितताओं के कारण उनके शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से गिरा दिया गया था।

नया नाम राम के छोटे भाई को सम्मान देता है

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नया नाम भगवान राम के छोटे भाई भरत को सम्मान देता है, जिनकी भक्ति और त्याग हमेशा एक मिसाल बनी रहेगी।

आदित्यनाथ ने कहा, “भरत ने भगवान राम के आदेश का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए 14 साल भरत कुंड के पास बिताए, जबकि भगवान राम की ‘पादुकाएं’ प्रतीकात्मक रूप से अयोध्या पर शासन कर रही थीं। दुनिया में कहीं भी भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है।”

उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को पूरे देश में पहचाना जाता है और बताया कि नया नाम ‘भरत नगर’ अब नगर पंचायत के तौर पर और विकसित किया जाएगा।

वहीं, इससे पहले 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने घोषणा की थी कि शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी कर दिया जाएगा। इसके अलावा जून में, आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम पावागढ़ रखा जाएगा। बता दें कि इन सबसे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किया जा चुका है।

432 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि योगी आदित्यनाथ बीकापुर में 432 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सहावल ब्लॉक में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

अपने भाषण में स्थानीय जन प्रतिनिधियों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय विधायकों ने बिकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली और गोसाईंगंज सहित पूरे अयोध्या जिले में विकास की गति को तेज किया है।

एक दिन पहले हुई भारी बारिश का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें पक्का नहीं था कि कार्यक्रम हो पाएगा या नहीं, लेकिन खराब मौसम के बावजूद लोगों की भारी संख्या मौजूदगी एक गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “बारिश के बावजूद लोगों में जो उत्साह दिखा, वह अयोध्या की भावना को दर्शाता है।”

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Market Insight : बाजार में ऊपरी स्तरों पर बना रहेगा दबाव, फार्मा और डिफेंस के इन शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market Insight : आज गुरुवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिल रही है। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद, आज आई चौतरफा खरीदारी ने बेंचमार्क इंडेक्स में जोश भर दिया है। 11.30 बजे के आसपास सेंसेक्स 514.41 अंक या 0.67 प्रतिशत बढ़कर 77,018.01 पर और निफ्टी 148.15 अंक या 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,030.20 पर दिख रहा था। मार्केट ब्रेथ में भी मजबूती देखने को मिल रही है। 2,633 शेयरों में तेजी आई है। जबकि 940 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर आज बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है।

ऐसे में मार्केट टेक्निकल पर चर्चा करते हुए कोटक सिक्योरिटीज ( Kotak Securities) के श्रीकांत चौहान ने कहा कि उन्हें लगता है कि कल की भारी गिरावट के बाद मार्केट के लिए ऊपरी स्तरों पर टिकना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। निफ्टी में कल 500 अंकों की गिरावट आई थी। अगर हम इसका रिट्रेसमेंट तो यह लगभग 2410 के करीब आता है। यह लेवल मार्केट में एक रेजिस्टेंस का काम करेगा। मार्केट शायद थोड़ा कंसोलिडेट करते हुए नजर आएगा। हायर लेवल पर प्रेशर रहेगा। लेकिन बाजार में वापस स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन सक्रिय हो सकते हैं। आज हमें फार्मा जैसे डिफेंसिव शेयरों में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। सभी फार्मा स्टॉक्स में अच्छा टेक्निकल ब्रेकआउट जैसा फॉर्मेशन बना है।

उन्होंने आगे कहा कि डिवीज लैब्स जैसे भारी वोलेटाइल स्टॉक में भी एक अच्छा टेक्निकल ब्रेकआउट है। फार्मा में आज अच्छा रिवर्सल बना हुआ है। इसके अलावा ईएमएस सेक्टर में भी एक अच्छा रिवर्सल पैटर्न हमें देखने मिल रहा है। कुछ एक डिफेंस स्टॉक्स में भी बाइंग इंटरेस्ट लौट रहा है। इस कॉन्टेक्स्ट के साथ अगर हम देखें तो इस समय सन फार्मा काफी चल चुकने के बाद अभी भी काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक में खरीदारी की जा सकती है। इस स्टॉक में 2200 रुपए का टारगेट हासिल हो सकता है।

वर्तमान स्तरों पर अरबिंदो फॉर्मा के शेयर काफी अच्छा दिख रहा है। यह शेयर 1590-1600 रुपए के रेंज में ट्रेड कर रहा है। इसमें काफी बड़े कंसोलिडेशन के बाद ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है। इस स्टॉक में 1570 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 1650-1660 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

इसके हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स का शेयर भी अच्छा लग रहा है। यह शेयर 4350 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक रैली के बाद इसमें एक छोटा सा ट्रायंगल फॉर्मेशन बन रहा है जो तेजी के जारी रहने के संकेत दे रहा है। इस स्टॉक में हमें 4350-4360 रुपए के आसपास खरीदारी करनी चाहिए। स्टॉपलॉस 4270 रुपए के आसपास रखें। इसमें हमें 4450-4500 के टारगेट मिल सकते हैं।

 

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PRAGATI Scheme: 8 राज्यों के 20000 ग्रामीण युवाओं को मिलेगी एग्री-बिजनेस की मुफ्त ट्रेनिंग, जानिए क्या है ये प्रगति स्कीम

ग्रामीण भारत के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और किसानों को आधुनिक खेती से अवगत कराने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई और महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की है। सरकार ने प्रगति योजना (PRAGATI Scheme) को लॉन्च किया है। इस स्कीम में देश के आठ राज्यों के करीब 20000 ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी के रूप में मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव के स्तर पर ही प्रशिक्षित पेशेवरों का एक नेटवर्क तैयार करना है। ऐसा इसलिए ताकि किसानों को तकनीकी सहायता दी जा सके, सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच में सुधार लाया जा सके और किसानों और बाजारों के बीच के संबंध को मजबूत किया जा सके। इस पहल से कृषि क्षेत्र को ज्यादा फायदेमंद और टेक्नोलॉडी ड्रिवेन बनाने में मदद मिलेगी।

क्या है प्रगति (PRAGATI) स्कीम?

प्रगति योजना को कृषि क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं के बीच स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेश किया गया है। इस योजना के तहत युवाओं को काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। प्रशिक्षित प्रतिभागी अपने ही गांवों में कृषि-उद्यमी के रूप में काम करेंगे। ये युवा किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों, वित्तीय सहायता और विभिन्न कृषि सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद करेंगे। यह कार्यक्रम किसानों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बीच की दूरी को पाटने के साथ-साथ टिकाऊ और कुशल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देगा।

पहले चरण में 20000 ग्रामीण युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग

प्रगति योजना के पहले चरण में देश के आठ राज्यों के गांवों से करीब 20000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इन आठ राज्यों में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। सरकार की योजना आने वाले चरणों में इस कार्यक्रम का विस्तार अन्य राज्यों में भी करने की है। अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये कृषि-उद्यमी किसानों के साथ मिलकर काम करेंगे, उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन देंगे और आवश्यक कृषि संसाधनों तक उनकी पहुंच को आसान बनाएंगे।

गांवों में क्या भूमिका निभाएंगे ये कृषि-उद्यमी?

ट्रेनिंग प्राप्त युवा गांवों में रहकर किसानों को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं और सहायता प्रदान करेंगे-

  • मृदा परीक्षण: मिट्टी की जांच करने और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायता करना।
  • आधुनिक तकनीक: आधुनिक खेती के तरीकों और तकनीकों के बारे में जानकारी देना।
  • कृषि उपकरण: किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी और उपकरण प्राप्त करने में मदद करना।
  • वित्तीय सहायता: किसानों को बैंकों, क्रेडिट सुविधाओं और वित्तीय सहायता से जोड़ना।
  • बाजार तक पहुंच: कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच का समर्थन करना ताकि फसलों की सही कीमत मिल सके।
  • योजनाओं के प्रति जागरूकता: सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना।

इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को इन सभी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े बल्कि ये सारी सुविधाएं उन्हें उनके अपने गांव के भीतर ही मिल जाएं।

इस स्कीम से किसानों को कैसे होगा फायदा?

सरकार का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जमीनी स्तर पर कृषि सहायता सेवाएं आसानी से मिल जाएंगी। किसानों को समय पर तकनीकी सलाह, मृदा परीक्षण में सहायता और आधुनिक खेती के तरीकों की सटीक जानकारी मिलेगी। मशीनरी, वित्तीय सहायता और बाजारों तक बेहतर पहुंच होने से खेती की उत्पादन लागत में कमी आएगी। बेहतर तौर-तरीकों से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर दाम सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण भारत में रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

खेती के तरीकों में सुधार करने के साथ-साथ प्रगति योजना को विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए तैयार किया गया है। युवाओं को कृषि सेवा प्रदाताओं के रूप में प्रशिक्षित करके यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। यह पहल पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर भारतीय कृषि को अधिक इनोवेटिव, टिकाऊ और बाजार-उन्मुख बनाने के हिसाब से डिजाइन है।

सरकार का विजन: केंद्रीय कृषि मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक प्रगति योजना महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने इसे कृषि का कायाकल्प करने के एक बड़े मिशन के रूप में बताया है। कृषि मंत्री के मुताबिक यह योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर सेवाओं और मजबूत बाजार संपर्कों का लाभ उठाने में मदद करेगी। अगर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो यह योजना ग्रामीण भारत के हजारों युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोलने के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर कृषि सहायता प्रणालियों को बेहद मजबूत कर सकती है।

“परिवार का नाम डुबो देगी” से Viral Toxic Aunty तक | Kajal Chauhann | The Better India Hindi

यूपी के एक छोटे से गाँव से निकलकर काजल चौहान ने अपनी शर्तों पर ज़िंदगी जीने की हिम्मत की दिखाई।
शादी को “ना” कहकर, उन्होंने अपने सपनों को चुना और आज “Toxic Aunty” के नाम से लाखों लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई।

@realkajalchauhann

Kajal Chauhann aka Toxic Aunty, Dowry Marriage India, Small Village to Star

“परिवार का नाम डुबो देगी” से Viral Toxic Aunty तक | Kajal Chauhann

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Monsoon Special Songs: ‘टिप-टिप बरसा पानी’ से लेकर ‘भीगी साड़ी’ तक…., इन हिंदी गानों के साथ बारिश का मजा करें दोगुना

Monsoon Special Songs: आखिरकार मॉनसून का मौसम आ ही गया है। यह अपने साथ बारिश से भीगी सड़कों पर लंबी ड्राइव का मज़ा, आरामदायक स्टेकेशन, गरमा-गरम चाय के साथ कुरकुरे स्नैक्स और खिड़की से बारिश देखते हुए बिताई गई सुस्त शामें लेकर आता है। यहां बॉलीवुड के सात ऐसे गाने हैं जो आपकी रेनी-डे प्लेलिस्ट में जरूर होने चाहिए।

रिमझिम गिरे सावन

1979 में रिलीज हुई ‘मंजिल’ का पॉपुलर गाना ‘रिमझिम गिरे सावन’ बेहद ही रोमांटिक सॉन्ग है। इस गाने को किशोर कुमार, लता मंगेशकर ने आवाज दी है। वहीं संगीतकार राहुल देव बर्मन और गीतकार योगेश हैं। ‘रिमझिम गिरे सावन’ अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी पर मुंबई की बारिश में फिल्माया गया था।

भीगी-भीगी रातों में

अजनबी फिल्म का ये गाना राकेश खन्ना और जीनत अमान पर फिल्माया गया था। बारिश के लिए ये एकदम परफेक्ट सॉन्ग हैं। वहीं अगर आप पुराने गानों के शौकीन हैं तो ये आपकी लिस्ट में एड हो सकता है।

हाय-हाय ये मजबूरी

रोटी, कपड़ा और मकान फिल्म का ये गाना बारिश के मौसम में न सुना जाए तो फिर अधूरा सा लगता है। जीनत अमान-मनोज कुमार स्टारर ये गाना लोगों को बेहद पसंद आता है।

आएगा मजा अब बरसात में

अक्षय कुमार-प्रियंका चोपड़ा की फिल्म अंदाज का बेहद बोल्ड गाना ‘आएगा मजा अब बरसात में’ रिलीज होते ही हिट हो गया था। बारिश स्पेशल गानों की लिस्ट में आप इसे भी शामिल कर सकते हैं।

टिप-टिप बरसा पानी

फिल्म ‘मोहरा’ का रेन सॉन्ग ‘टिप टिप बरसा पानी’ हर किसी की जुबान पर रहता है। आज भी दर्शक इसे बेहद पसंद करते हैं। इस गाने को अलका यागनिक और उदित नारायण ने आवाज दी है। वहीं इसके संगीतकार विनोद राठौड़ और गीतकार आनंद बख्शी हैं। ‘टिप टिप बरसा पानी’ बॉलीवुड के आइकॉनिक रोमांटिक गानों में से एक है।

बादल यूं गरजता है

‘बेताब’ का हिट गाना ‘बादल यूं गरजता है’ आज भी लोगों के जहन में बसा है। यह गाना सनी देओल और अमृता सिंह पर फिल्माया गया था। दोनों की केमेस्ट्री दर्शकों को भी बेहद पसंद आई थी। इस गाने को लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार ने आवाज दी है।

देखो न देखो न

आमिर खान काजोल स्टारर ‘फना’ का गाना ‘देखो ना देखो’ रोमांटिक सॉन्ग है। इसमें दोनों की केमिस्ट्री ने तहलका मचा दिया था। गाने को सोनू निगम, सुनिधि चौहान, जतिन-ललित, प्रसून ने बनाया है। इस गाने को और खूबसूरती बारिश ने दी है।

बारिश

ऐश किंग और शाशा तिरुपति का गाया गाना ‘बारिश’ बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा बारिश वाले गानों में से एक बन गया है और इसे YouTube पर करोड़ों बार देखा जा चुका है। जब आप चाय और पकौड़ों के साथ किसी आरामदायक कोने में बैठते हैं या बस बाहर होती बारिश को देखते हैं, तो यह सुकून देने वाला गाना तुरंत वही आराम देता है जो सिर्फ़ मॉनसून ही दे सकता है।

भीगी साड़ी

‘भीगी साड़ी’ बॉलीवुड के पसंदीदा अंदाज़—बारिश वाले गाने—के जोश और जानी-पहचानी जादू को वापस लाया है। इसमें जान्हवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा ​ हैं। स्क्रीन पर दोनों की केमिस्ट्री ज़बरदस्त है। सिद्धार्थ और जान्हवी बारिश में भीगते हुए अपने शानदार डांस मूव्स से सबका दिल जीत लेते हैं।

Totapuri Mango Price Crash: तोतापरी आम के दामों में भारी गिरावट की टेंशन! अब इसके लिए हाई लेवल कमेटी का ऐलान

आंध्र प्रदेश में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट और इसके कारण किसानों के बीच पैदा हुए संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने इस समस्या के अध्ययन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में आंध्र प्रदेश का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान किसानों ने उनके सामने पिछले कुछ महीनों में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट का मुद्दा उठाया था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों ने बताया कि मुख्य रूप से प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए उगाए जाने वाले इस आम के दाम गिरने से उनकी इनकम पर बहुत बुरा असर पड़ा है। किसानों की इसी चिंता को देखते हुए कृषि मंत्री ने कमेटी गठन करने का आदेश जारी किया।

वैल्यू चेन की पूरी समीक्षा करेगी वैज्ञानिकों की कमेटी

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों को मिलाकर बनाई गई यह कमेटी तोतापरी आम की पूरी वैल्यू चेन की विस्तृत समीक्षा करेगी। इस समीक्षा के दायरे में नीचे दिए गए विषय शामिल होंगे-

तोतापरी आम की खेती

  • प्रोसेसिंग
  • मार्केटिंग
  • घरेलू व्यापार
  • निर्यात

इसके साथ ही यह पैनल किसानों की कमाई में सुधार करने और इस पूरे सेक्टर को एक टिकाऊ व मजबूत स्थिति में लाने के लिए जरूरी उपायों के सुझाव भी देगा।

डॉ टी दामोदरन संभालेंगे कमेटी की कमान

लखनऊ स्थित ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से जारी आदेश के मुताबिक इस उच्च स्तरीय समिति की कमान डॉ टी दामोदरन (निदेशक, ICAR-CISH) को सौंपी गई है। वही इसके अध्यक्ष होंगे। कमेटी में इनके अलावा डॉ. एम शंकरण, प्रमुख, फल फसल प्रभाग, ICAR-IIHR, बेंगलुरु, डॉ. एच एस सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-CISH, डॉ. डी श्रीनिवास रेड्डी, प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर (अनंतराजुपेटा), डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश के बागवानी निदेशक या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे।

10 दिनों के भीतर ग्राउंड जीरो पर जाएगी कमेटी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापरी उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करें। ग्राउंड लेवल की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए कमेटी को किसानों, प्रोसेसर्स, निर्यातकों, राज्य के बागवानी अधिकारियों और किसान उत्पादक संगठनों के साथ सीधा परामर्श करने के लिए कहा गया है।

सरकार को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

अपने फील्ड स्टडी और सभी पक्षों के साथ किए गए विचार-विमर्श के आधार पर यह कमेटी कृषि मंत्रालय को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में कीमतों को स्थिर करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने, प्रोसेसिंग व एक्सपोर्ट क्षमता को मजबूत करने के लिए अहम सिफारिशें शामिल होंगी। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलकर की जाने वाली संयुक्त कार्रवाई के लिए FPOs, प्रोसेसर्स और निर्यातकों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का रोडमैप भी सुझाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने साफ तौर पर कहा है कि तोतापरी उत्पादकों की आय और उनकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कमेटी की रिपोर्ट और निष्कर्षों के आधार पर किसानों की मदद करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ाने और इस सेक्टर में निर्यात व निवेश के अवसरों का विस्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में इस समय तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार है। टीडीपी केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है।

Parle Products IPO: पारले-जी बनाने वाली कंपनी का आएगा आईपीओ, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के वैल्यूएशन पर नजर : सूत्र

Parle Products IPO: Parle-G, Melody और Mango Bite जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाने वाली Parle Products अगले साल 1 अरब डॉलर (करीब 9,530 करोड़ रुपये) से बड़ा IPO लाने की तैयारी कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले कई सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, चूंकि ये देश प्रतिष्ठित ब्रांड है, ऐसे में प्रस्तावित IPO का साइज1 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल कंपनी 10.5 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि, बाजार की स्थिति के हिसाब से IPO का साइड और वैल्यूएशन बदल सकता है।

किन बैंकों को मिल सकती है जिम्मेदारी?

सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने अप्रैल में Request for Proposal (RFP) जारी किया था। इसके बाद कई इन्वेस्टमेंट बैंकों ने अपनी प्रेजेंटेशन दी। फिलहाल कंपनी ने Kotak Mahindra Capital, Axis Capital और HSBC Securities को सलाहकार के तौर पर चुना है।

दो अन्य सूत्रों ने भी इन नामों की पुष्टि की। इनमें से एक ने बताया कि कंपनी चौथे इन्वेस्टमेंट बैंक को भी सलाहकार समूह में शामिल करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में बातचीत जारी है।

Parle Products ने क्या कहा?

Moneycontrol ने जब Parle Products से संपर्क किया तो कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मयंक शाह ने कहा कि कंपनी बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती। फिलहाल उसका पूरा फोकस कारोबार को बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि हर बड़ी कंपनी की तरह Parle Products भी ग्रोथ के लिए तमाम विकल्पों का मूल्यांकन करती रहती है।

वहीं, Kotak Mahindra Capital और Axis Capital ने इस खबर पर कोई जवाब नहीं दिया। HSBC Securities ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Parle Agro से अलग है Parle Products

विजय चौहान के अगुआई वाली Parle Products असल में जयंतीलाल चौहान, सचौना चौान नादिया चौहान के नेतृत्व वाली Parle Agro से अलग कंपनी है। Parle Agro Frooti, Appy Fizz और Bailley जैसे ब्रांड बनाती है। परिवार के बंटवारे के बाद दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही हैं।

किन कंपनियों से है मुकाबला?

भारतीय बाजार में Parle Products की प्रतिस्पर्धा Britannia, ITC (Sunfeast), Mondelez India, Perfetti, Priya Gold, Anmol Industries और Cremica जैसी कंपनियों से है।

Hurun India 500 की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, Parle Products का अनुमानित वैल्यूएशन 75,420 करोड़ रुपये था। इस वैल्यूएशन के साथ यह भारत की सातवीं सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध (Unlisted) कंपनी थी।

पहले IPO से किया था इनकार

20 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी भेंट करने का वीडियो वायरल होने के बाद CMO मयंक शाह ने कहा था कि इससे भारतीय ब्रांड को वैश्विक पहचान मिलेगी।

उसी दौरान जब उनसे IPO की योजना के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि फिलहाल कंपनी लिस्टिंग पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि Parle Products लंबे समय से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और फिलहाल उसी तरह बने रहने की योजना है।

कंपनी का कारोबार कितना बड़ा है?

मुंबई के विले पार्ले में मुख्यालय वाली Parle Products की स्थापना 1929 में हुई थी। Parle-G के अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो में KrackJack, Monaco, Hide & Seek और Poppins जैसे लोकप्रिय ब्रांड भी शामिल हैं।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 8.5% बढ़कर 15,568.49 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, इसी दौरान उसका मुनाफा 39% घटकर 979.53 करोड़ रुपये रह गया।

बिस्किट और कन्फेक्शनरी के अलावा कंपनी केक, रस्क, आटा और ब्रेकफास्ट सीरियल जैसे सेगमेंट में भी मौजूद है। कंपनी के प्रोडक्ट अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और मध्य-पूर्व सहित कई देशों में बिकते हैं। इसके अलावा नाइजीरिया, कैमरून, घाना, इथियोपिया, केन्या, आइवरी कोस्ट, नेपाल और मेक्सिको समेत कई देशों में इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी हैं।

Nifty 50 के 20 साल के रिटर्न का महा-कैलकुलेशन: मंदी, क्रैश और महामारी झेलने के बाद भी मिला इतना बंपर रिटर्न, आंकड़े देख चौंक जाएंगे आप

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Market Outlook : जुलाई सीरीज का शानदार आगाज, सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Market Outlook: मिले-जुले ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच, बुधवार, 1 जुलाई को घरेलू शेयर बाज़ार में अच्छी खरीदारी देखी गई। इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स 444 पॉइंट्स या 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 140 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 24,005.85 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी ऊपर गए; निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.34% बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.36% चढ़ा।

BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹474 लाख करोड़ से बढ़कर ₹476 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया, जिससे निवेशक एक ही सेशन में ₹2 लाख करोड़ से थोड़ा ज़्यादा अमीर हो गए।

निफ्टी पर इटरनल, अडानी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, HUL, एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स में से थे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, TCS, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील लूजर्स थे।

सेक्टोरल फ्रंट पर, रियल्टी इंडेक्स 3.5% ऊपर, FMCG और मीडिया इंडेक्स में 2-2%, ऑटो और PSU बैंक इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर, IT इंडेक्स 2% गिरा, जबकि मेटल इंडेक्स 1% और फार्मा इंडेक्स 0.5% नीचे गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाज़ार 2026 के दूसरे हाफ़ में उम्मीद के साथ आए क्योंकि कई मुश्किलें कम होने लगीं, जिसमें US-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना और तेल की कीमतें पॉज़िटिव सेंटिमेंट के मुख्य कारण बनकर उभरीं।” नायर ने बताया कि रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई, जिसमें लार्ज कैप्स ने अच्छे वैल्यूएशन और दो साल के आउटफ्लो के बाद FPI सेंटिमेंट में कुछ बदलाव की उम्मीद के कारण बेहतर परफॉर्म किया।

2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल 

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी रेंज-बाउंड रहा क्योंकि इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन में, यह 24,000 मार्क के आस-पास रहा है, जो डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है।

साइडवेज़ मूवमेंट के बावजूद, शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, इंडेक्स पूरे सेशन में मज़बूती दिखा रहा है। हालांकि, मोमेंटम अभी भी धीमा है।

आगे, जब तक निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक बुलिश बायस बना रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन स्थिर ऊपर की ओर बढ़ती रह सकती है, जिसमें शॉर्ट टर्म में 24,200 और उससे ऊपर जाने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने आज, बेंचमार्क इंडेक्स में पुलबैक रैली देखी गई। निफ्टी 140 पॉइंट्स ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 444 पॉइंट्स ऊपर था। सेक्टर्स में, रियलिटी इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई, जिसमें 3.44 परसेंट की रैली हुई, जबकि IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा 2 परसेंट गिरा।

टेक्निकली, डेली चार्ट्स पर, मार्केट ने एक छोटा बुलिश कैंडल बनाया है, और इंट्राडे चार्ट्स पर, यह एक रिवर्सल फॉर्मेशन बनाए हुए है। डे ट्रेडर्स के लिए, 23900/76500 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। इसके ऊपर, बुलिश मोमेंटम जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, मार्केट 24150-24250/77500-77800 तक जा सकता है। दूसरी तरफ, 23900/76500 से नीचे, सेलिंग प्रेशर बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे, यह 23800/76200 और 20-दिन के SMA (सिंपल मूविंग एवरेज), या 23750/76000 को फिर से टेस्ट कर सकता है।

अभी मार्केट का टेक्सचर नॉन-डायरेक्शनल है, इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी होगी।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बाजार में बढ़त का सिलसिला थमा, जानिए 30 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला 29 जून को टूट गया और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के नीचे रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 372.10 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर और निफ्टी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। लगभग 1681 शेयरों में बढ़त हुई,2471 शेयरों में गिरावट आई और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,M&M,मारुति सुजुकी,अदाणी एंटरप्राइजेज और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,कोल इंडिया,डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज,एटरनल और ट्रेंट शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,मीडिया,IT और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर,मेटल,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे आया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के टिके रहने को लेकर निवेशकों के सतर्क नजरिए के कारण अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। फिलहाल बाजार में निकट भविष्य के लिए कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। सप्लाई की कमी,लगातार बने महंगाई क दबाव और कमजोर मॉनसून की संभावनाओं के बीच Q1FY27 अर्निंग्स सीजन को लेकर उम्मीदें कमजोर बनी हुई हैं। इन सभी का असर मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। बाजार में हर तरफ बिकवाली रही। हालांकि,फ़ार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि इनकी मांग में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता और इनकी अर्निंग का अनुमान लगाना आसान होता है।

निवेशक US के आने वाले’नॉन-फ़ार्म पेरोल’डेटा को लेकर भी सतर्क हैं। यह डेटा फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर असर डाल सकता है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मौजूदा उम्मीदों को या तो मज़बूत कर सकता है या उनमें कमी ला सकता है। घरेलू बाजार से FII की निकासी में कमी और AI-आधारित ग्लोबल मार्केट के जोश का ठंडा होना,आगे चलकर बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और पूरे समय दबाव में रहा,क्योंकि इंडेक्स ऑवर्ली चार्ट पर 50EMA के नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर रहा और RSI में’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा,जो बताता है कि निकट भविष्य में सेंटीमेंट कमजोर रह सकता है।

मंगलवार को NSE की मंथली एक्सपायरी के कारण एकआध दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है। हालांकि,जब तक इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। जब तक निफ्टी 23,800 के नीचे नहीं जाता,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। ऊपरी स्तर पर 24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करते रहने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 110 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 372 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो फार्मा,हेल्थकेयर और मेटल इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि ऑटो इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव देखा गया। डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’भी बनी,जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने का संकेत देती है।

अब निफ्टी में 24,000 का लेवल डे ट्रेडर्स के लिए एक अहम रेफरेंस प्वाइंट होगा। इस लेवल के नीचे,निफ्टी 50-दिन के SMA(सिंपल मूविंग एवरेज)या 23,800–23,750 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर,24,000 के ऊपर जाने पर तेजी 24,150–24,200 तक जारी रह सकती है। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड किसी खास दिशा में नहीं है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

Trading Strategy: बाजार में रीबैलेंसिंग की बिकवाली की वजह से भी बना थोड़ा दबाव,आज और कल की चाल को ना समझें बड़ा ट्रेंड

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।