Market cues : बुलिश मोमेंटम मजबूत होने के संकेत, 24400 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में 24800-25000 का लेवल भी मुमकिन

Trade setup for today : Nifty ने पिछले पांच-छह सेशन की कंसोलिडेशन रेंज से बाहर निकलकर जबरदस्त वापसी की। 17 जुलाई को निफ्टी में औसत से ज्यादा वॉल्यूम के साथ 1 परसेंट से ज्यादा की बढ़त हुई और यह अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज और 100-दिन के EMA के ऊपर चला गया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार दिखा। हालांकि,शॉर्ट टर्म में इस बढ़त के बने रहने पर नजन रखना जरूरी होगा। उम्मीद है कि 24,400–24,500 का दायरा इंडेक्स के लिए रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस दायरे से ऊपर बना रहता है तो 24,800–25,000 की ओर रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं,24,100–24,000 का दायरा मजबूत सपोर्ट दे सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,164, 24,101 और 23,999

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,369, 24,433 और 24,535

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई और लंबी बेयरिश मदर कैंडल (23,800–24,300) की रेंज से काफी ऊपर बंद हुआ,जो पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स 10, 20, 50 और 100-दिन के EMA से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा था और साथ ही बोलिंगर बैंड्स के मिडिल बैंड पर सपोर्ट ले रहा था। इसके अलावा, यह 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया और 24,530 से 23,800 तक की हालिया गिरावट के बाद 78.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के करीब पहुंच गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार हुआ,जिसमें RSI 58.48 पर पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है। इस बीच, MACD बुलिश क्रॉसओवर के करीब आ गय और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार छोटे हो रहे थे। ये सभी संकेत बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का इशारा करते हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,623, 58,872 और 59,275

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,817, 57,568 और 57,165

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

शुक्रवार को डेली टाइमफ्रेम पर बैंक निफ्टी 1.6 प्रतिशत बढ़ा और एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई। साथ ही,इसने पिछले कई सेशन की कंसोलिडेशन रेंज को भी तोड़ा,जो बुलिश संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा और वे सभी ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI 60.15 पर था और इसने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया। MACD ऊपर गया लेकिन सिग्नल लाइन के नीचे ही रहा,जबकि लाल हिस्टोग्राम बार छोटे होते गए। ये सभी फैक्टर तेजी के रुझान (bullish momentum) में बढ़त का संकेत देते हैं,हालांकि बुलिश MACD क्रॉसओवर से इसकी पुष्टि का अभी भी इंतजार है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

पिछले दो सेशन में गिरावट के बाद वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 2.08 प्रतिशत बढ़कर 13.15 पर आ गया। रिकवरी के बावजूद,यह एक अच्छे जोन में बना रहा और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे रहा। हालांकि,अगर यह 15 के लेवल से ऊपर जाता है तो बुल्स के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है। कुल मिलाकर,जब तक VIX 15 के निशान से नीचे रहता है,तब तक वोलैटिलिटी का माहौल बुल्स के पक्ष में बना रहेगा।

इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है दमदार

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 जुलाई को पिछले सेशन के 0.97 से बढ़कर 1.42 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

FIFA World Cup Final के कारण इन दो पूर्वोत्तर राज्यों में सोमवार को घोषित हुई स्कूल की छुट्टी

FIFA World Cup

मणिपुर और मेघालय की सरकारों ने छात्रों को फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल का लुत्फ उठाने का मौका देने के लिए सोमवार को राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है।फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में गत विजेता अर्जेंटीना का मुकाबला स्पेन से होगा।

मणिपुर के शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, ‘‘मणिपुर के राज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई अथवा किसी अन्य बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों के साथ-साथ सभी सरकारी, अनुदानित और निजी महाविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान तथा विश्वविद्यालय 20 जुलाई को बंद रहेंगे।’’

आदेश में यह भी कहा गया है कि 20 जुलाई 2026 को प्रातः 12:30 बजे (रात्रि 12:30 बजे) होने वाले फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले का राज्यभर के विद्यार्थी उत्साहपूर्वक आनंद ले सकें, इसी उद्देश्य से यह अवकाश घोषित किया गया है।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने सोमवार को राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित करने की घोषणा की है।यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब पूरे राज्य में विश्व कप को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैचों के लाइव प्रसारण के लिए शिलांग के एक पार्किंग स्थल के अलावा जोवाई और तुरा में स्थापित ‘सीएम फैन पार्क’ को फुटबॉल प्रेमियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

मेघालय में फुटबॉल के इस उत्सव को वैश्विक पहचान भी मिली, जब हाल ही में फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर राज्य में फुटबॉल के प्रति लोगों के उत्साह की सराहना की।मुख्यमंत्री संगमा ने रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मैंने सोमवार को स्कूलों और कॉलेजों सहित राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रखने का फैसला लिया है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि लोगों का जुनून और जीवनशैली का हिस्सा है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए युवाओं को इस बहुप्रतीक्षित फाइनल का पूरा आनंद लेने का अवसर देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।उन्होंने ‘सीएम फैन पार्क’ को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया, जहां हजारों फुटबॉल प्रेमी एक साथ विश्व कप मुकाबलों का आनंद ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशंसकों को रोमांचक फाइनल मुकाबले के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

किस भाव तक चढ़ेगा South Indian Bank का शेयर? Q1 रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज का ये है रुझान

South Indian Bank Share Price: साउथ इंडियन बैंक के जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने इसमें फटाफट पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके शेयरों को लेकर जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, वह इसके मौजूदा लेवल से करीब 37% ऊपर है। अभी इसकी मौजूदा स्थिति की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर शुक्रवार 17 जुलाई को यह 1.57% की गिरावट के साथ ₹44.62 पर बंद हुआ था।

किस भाव तक चढ़ेगा South Indian Bank का शेयर?

साउथ इंडियन बैंक के लिए एक और तिमाही बेहतरीन रही है और जून 2026 में इसके नतीजे शानदार रहे। बैंक के ग्रोथ, मुनाफे और एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हुआ है। RAM (रिटेल एग्रीकल्चर एंड एमएसएमई) सेगमेंट में मजबूती के दम पर इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बैंक की क्रेडिट ग्रोथ तिमाही आधार पर 15.8% से बढ़कर 18.6% हो गई तो बेहतर CASA मिक्स की वजह से सीएएसए रेश्यो भी बढ़कर 33% हो गया।

फंडिंग कॉस्ट कम होने से NIM (नेट इंटेरेस्ट मार्जिन) में 28 बीपीएस की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह 3.23% पर पहुँच गया। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी के मुताबिक आगे भी मार्जिन के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है, क्योंकि रिटेल/MSME मिक्स में सुधार से प्राइसिंग का दबाव कम हो जाएगा।

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि ट्रेजरी से कम कमाई के बावजूद बैंक को मुनाफा अच्छा रहा और स्थिर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस और मॉडरेट क्रेडिट कॉस्ट के दम पर लगातार नौवीं तिमाही में RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) 1% से ऊपर बना रहा। एसेट क्वालिटी भी अच्छी बनी रही और ग्रॉस स्लिपेज घटकर 52 बीपीएस हो गया।

ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि बैंक की मिड-टीन लोन ग्रोथ बनी रहेगी और FY27-28 के दौरान करीब 1.1 का RoA और करीब 13% का RoE (रिटर्न ऑफ इक्विटी) रह सकता है। इन सब बातों को देखकर ब्रोकरेज फर्म ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹61 फिक्स किया है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

साउथ इंडियन बैंक के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल 5 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹28.13 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर 10 महीने में ही यह 77.39% ऊपर चढ़कर 7 जुलाई 2026 को ₹49.90 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Alpine Texworld कितना दे पाएगा लिस्टिंग गेन! ग्रे मार्केट से मिल रहे ‘कमजोर’ संकेत

Alpine Texworld Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ मार्केट में अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपाओ लॉन्च हुआ था। एक तरफ एसबीआई फंड्स के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी तो दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ को ओवरऑल 1.40 गुना बोली मिली थी। इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹105 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को लिस्टिंग पर मुनाफे की बात करें तो ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹1 यानी 0.95% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की फीकी लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोली लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार केफिनटेक की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Alpine Texworld चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

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सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर स्टेटस चेक करने का तरीका

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Alpine Texworld चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

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Alpine Texworld IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का ₹126 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का सुस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.09 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,20,24,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.08 करोड़ प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नई वीविंग यूनिट लगाने, ₹52.20 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Alpine Texworld के बारे में

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड कपड़ों की डाईंग और प्रोसेसिंग के बिजनेस में है। इसके पास दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। इसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 6 हजार टन के कॉटन और ब्लेंडेड यार्न की है। इसके पास 112 हाई-स्पीड लूम हैं जो डेनिम, सूटिंग शर्टिंग, और RFD (रेडी-फॉर-डाईंग) फैब्रिक बनाते हैं। कंपनी को फिलहाल फोकस ग्रीन एनर्जी पर है और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट पर भी ध्यान दे रही है। अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध 151.68% बढ़कर ₹21.72 करोड़ और टोटल इनकम 47.34% उछलकर ₹350.18 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹177.60 करोड़ का कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹46.32 करोड़ पड़े थे।

एसबीआई फंड्स की कैसी रह सकती है लिस्टिंग?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Listing Gain: IPO को ताबड़तोड़ बोली, अब लिस्टिंग का इंतजार, पहले दिन इतने मुनाफे की गुंजाइश

SBI Funds Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपाओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। हर कैटेगरी के निवेशकों के धांसू रिस्पांस के बाद आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹574 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को मंगल होने की उम्मीद है क्योंकि ग्रे मार्केट से 16% से अधिक लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹92.5 यानी 16.11% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोल लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

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SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

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JK Cement Q1 Result: 20% बढ़ा रेवेन्यू लेकिन 14% गिरा मुनाफा, ये है वजह, सोमवार को रहेगी शेयरों पर नजर

JK Cement Q1 Result: सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी जेके सीमेंट के लिए चालू वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत मिली-जुली रही। एक तरफ इसके रेवेन्यू में 20% से अधिक की तेजी आई तो दूसरी तरफ ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी को झटका लगा और शुद्ध मुनाफा भी 14% से अधिक घट गया। कंपनी ने 18 जुलाई को जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश किए और अब सोमवार 20 जुलाई को मार्केट खुलने पर शेयरों पर इसका असर दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो 17 जुलाई को बीएसई पर यह 0.65% की गिरावट के साथ ₹5388.90 (JK Cement Share Price)s पर बंद हुआ था। पिछले साल 20 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह एक साल के हाई ₹7,565 पर था जिससे 10 महीने में यह 38.27% फिसलकर 12 जून 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹4,670.05 पर आ गया था।

JK Cement Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जेके सीमेंट का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 20.3% बढ़कर ₹4,031.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा इस दौरान 14.5% गिरकर ₹277 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी को जून तिमाही में दबाव झेलना पड़ा। इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.8% गिरकर जून तिमाही में ₹647.7 करोड़ पर आ गया तो ईबीआईटीडीए मार्जिन भी सिकुड़कर 20.5% से 16.1% पर आ गया। मार्जिन में गिरावट के चलते इसकी कमाई पर दबाव पड़ा और रेवेन्यू में दोहरे अंकों की ग्रोथ के बावजूद शुद्ध मुनाफा नीचे आया।

जून तिमाही में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत बनी रही और सालाना आधार पर इसमें 18% की तेजी आई। ग्रे सीमेंट का वॉल्यूम 19% तो व्हाइट सीमेंट और पुट्टी का वॉल्यूम 11% बढ़ा। जून तिमाही में ग्रे सीमेंट की बिक्री 59.6 लाख टन रही तो व्हाइट सीमेंट की बिक्री 5.4 लाख टन रही जोकि सालाना आधार पर 29% अधिक रहा।

कंपनी के मुताबिक दोहरे अंकों में वॉल्यूम ग्रोथ की वजह वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में शुरू हुए 6 MTPA क्षमता विस्तार और यूएई से कम आयात पर व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में हुई बढ़ोतरी है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट को लेकर कंपनी का कहना है कि प्राइस हाइक और व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में तेजी के बावजूद मेंटेनेंस और पैकेजिंग कॉस्ट में उछाल के चलते इसे झटका लगा।

विस्तार की योजना को लेकर कंपनी का कहना है कि ग्रे सीमेंट कैपेसिटी बढ़ाने का काम योजना के मुताबिक ही बढ़ रहा है। अभी इसकी क्षमता 32.3 MTPA है जिसे बढ़ाकर वित्त वर्ष 2028 तक 40 MTPA और वित्त वर्ष 2030 तक 50 MTPA करने की योजना है। इसे लेकर कंपनी ने अगले दो साल में ₹5000-₹6000 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की योजना बनाई है।

Stock in Focus: 20 जुलाई को इस नवरत्न कंपनी के शेयरों पर रहेगी नजर, विलय के बड़े प्लान को बोर्ड की मंजूरी

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CBSE 12th Supplementary Exam Date 2026: 12वीं की सप्लिमेंट्री परीक्षा की डेटशीट जारी, जल्द जारी किया जाएगा एडमिट कार्ड

CBSE 12th Supplementary Exam Date 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से 12वीं कक्षा की सप्लिमेंट्री परीक्षा की डेटशीट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट है। बोर्ड ने सप्लिमेंट्री परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी है। सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को सभी विषयों के लिए एक ही दिन में होगी। छात्र अब आधिकारिक डेटशीट के जरिए पूरा विषयवार कार्यक्रम और परीक्षा समय देख सकते हैं। बोर्ड जल्द ही सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री एडमिट कार्ड 2026 जारी कर सकता है।

सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री परीक्षा डेट 2026: एग्जाम शेड्यूल

आधिकारिक सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री डेट शीट 2026 के मुताबिक, परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को होगी। पेपर की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग विषयों की परीक्षा का समय अलग-अलग होगा।

अधिकांश बड़े विषय, जिनमें इंग्लिश कोर, हिंदी कोर, मैथेमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, जियोग्राफी, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज, फिजिकल एजुकेशन, हिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, होम साइंस, अप्लाइड मैथेमेटिक्स, और कई लैंग्वेज पेपर शामिल हैं, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होंगे।

कुछ वोकेशनल सब्जेक्ट, जिनमें फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन्स, बैंकिंग, मार्केटिंग, हेल्थ केयर, इंश्योरेंस, फैशन स्टडीज, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, और दूसरे शामिल हैं, सुबह 10:50 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होंगे।

इस बीच, पेंटिंग, हिंदुस्तानी म्यूजिक वोकल, हिंदुस्तानी म्यूजिक इंस्ट्रूमेंटल, अप्लाइड आर्ट, योगा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर, और अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन जैसे सब्जेक्ट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होंगे।

सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री डेट शीट 2026 कैसे डाउनलोड करें?

  • सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • “लेटेस्ट अनाउंसमेंट्स” सेक्शन खोलें।
  • सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री डेट शीट 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • फाइल को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए सेव करें।

सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री एडमिट कार्ड 2026 और एग्जाम के दिन के निर्देश

सीबीएसई बोर्ड जल्द ही निर्धारित आधिकारिक चैनलों के जरिए 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री एडमिट कार्ड 2026 जारी करेगा। छात्रों को अपना एडमिट कार्ड परीक्षा केंद्र पर ले जाना होगा, क्योंकि इसके बिना एंट्री की इजाजत नहीं होगी। बोर्ड ने छात्रों को यह भी निर्देश दिया है कि हर परीक्षा का समय ऑफिशियल डेट शीट और एडमिट कार्ड दोनों में बताया गया है। इसके अलावा, परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले 15 मिनट पढ़ने का समय मिलेगा। इस अतिरिक्त समय का इस्तेमाल क्वेश्चन पेपर को ध्यान से पढ़ने और जवाबों की प्लानिंग करने में करना चाहिए। स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय में किसी भी परेशानी से बचने के लिए रिपोर्टिंग टाइम से काफी पहले एग्जाम सेंटर पर पहुंच जाएं।

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शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted the Samajwadi Party and the Congress

– मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपए से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– 10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ है

– कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर दें

– 2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार

– 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

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कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान

सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी। 

 

10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली

सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

 

एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है शामली

मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा।

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शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे। 

 

2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं 

सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं।

21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपए कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

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शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ 

सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है।

पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी। 

 

सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता

सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

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चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार

सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है। 

 

कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें 

सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए।

विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

 

सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की 

सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं।

जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। 

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प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स 

सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

 

पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार  

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है। 

 

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

CBSE’s three-language policy: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की 3 भाषा नीति पर जताई चिंता, तमिलनाडु में जेएनवी मामले में सुनवाई के दौरान की टिप्पणी

CBSE’s three-language policy: सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा लागू करने के फैसले पर चिंता जताई है। जस्टिस नागरत्ना ने तीसरी भाषा शुरू करने के समय पर कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों पर बेवजह का तनाव पड़ता है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने यह बात तमिलनाडु सरकार अपील पर सुनवाई करते हुए कही है। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस निर्देश के खिलाफ अपील की थी, जिसमें राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के निर्माण को आसान बनाने को कहा गया था। तमिलनाडु ने इन स्कूलों की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर चिंताओं का हवाला देते हुए लगातार जेएनवी बनाने का विरोध किया है। यह मामला सीधी तौर पर सीबीएसई बोर्ड की तीन भाषा नीति से जुड़ा हुआ नहीं है। लेकिन जस्टिस नागरत्ना ने तीसरी भाषा शुरू करने के समय पर कई बातें कहीं।

सीबीएसई बोर्ड की की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को अभी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने अलग-अलग जनहित याचिकाओं में चुनौती दी गई है। बेंच ने पॉलिसी को लागू करने पर रोक लगाने से मना कर दिया है और मामले की सुनवाई अगले हफ्ते के लिए लिस्ट कर दी है।

तमिलनाडु में जेएनवी बनाने पर रोक की अपील पर सुनवाई के दौरान, तमिलनाडु सरकार के वकील ने कहा कि राज्य का एतराज मुख्य रूप से तीन-भाषा पॉलिसी से जुड़ा है। जस्टिस नागरत्ना ने साफ किया कि पॉलिसी में हिंदी को तीसरी भाषा के तौर पर जरूरी नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा, “राज्य की भाषा पढ़ाई जानी चाहिए, इंग्लिश पढ़ाई जानी चाहिए, और कोई भी तीसरी भाषा। इसमें हिंदी नहीं लिखा है।”

रेस्पोंडेंट (हाई कोर्ट में NGO पिटीशनर) की तरफ से पेश वकील जी. प्रियदर्शिनी ने बताया कि एनईपी में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी राज्य पर कोई भी भाषा नहीं थोपी जानी चाहिए। जवाब में, जस्टिस नागरत्ना ने राज्य से पूछा, “आप हिंदी नहीं चाहते, लेकिन अगर यह संस्कृत है, तो क्या दिक्कत है?” तमिलनाडु के वकील ने जवाब दिया कि तीसरी भाषा सिर्फ कक्षा 9 से जरूरी हो जाती है।

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, “नहीं, यह बहुत बुरा है। 9वीं कक्षा काफी तनाव वाली होती है। आप 9वीं में एक नई भाषा क्यों शुरू करते हैं? आप इसे छठी कक्षा में शुरू करें।”

अपनी स्कूलिंग के अनुभव बताते हुए, जज ने याद किया कि उनके स्कूल के छात्रों ने मिडिल स्कूल के दौरान तीसरी भाषा सीखना शुरू कर दिया था क्योंकि एसएसएलसी परीक्षा के लिए यह जरूरी था। “यह उन लोगों के लिए कन्नड़ थी जिनकी दूसरी भाषा हिंदी थी और इसका उल्टा भी। संस्कृत भी थी, इसलिए आपके पास तीसरी भाषा हो सकती थी। जितना पहले हो, उतना अच्छा।” केंद्र सरकार को संबोधित करते हुए, जस्टिस नागरत्ना ने आगे कहा, “भारत सरकार, कृपया 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा न रखें। सीबीएसई, आईसीएसई और स्टेट बोर्ड में 10वीं कक्षा एक बोर्ड परीक्षा है। 8वीं कक्षा के आखिर से, प्रेशर शुरू हो जाता है।”

जस्टिस नागरत्ना ने तमिलनाडु सरकार को यह भी सलाह दी कि वह सिर्फ इसलिए सेंट्रल स्कीम्स को रिजेक्ट न करे क्योंकि वे यूनियन गवर्नमेंट से आती हैं। उन्होंने राज्य से कहा, “आपका अपना एजुकेशन सिस्टम हो सकता है, लेकिन केंद्र सरकार के स्कूलों को न रोकें,” बाद में उन्होंने कहा, “यह रवैया न रखें कि यह केंद्र सरकार है, तो हम इसे क्यों मानें।” बेंच में जस्टिस आर महादेवन भी थे। बेंच ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय बनाने पर केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच बातचीत अभी भी चल रही है।

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