Market cues : बाजार में बुलिश मोमेंटम मजबूत रहने के संकेत, हल्के ठहराव में बाद इंडेक्स फिर पकड़ेंगे रफ्तार

Trade setup for today : निफ्टी में इस हफ्ते दूसरी बार गैप-अप ओपनिंग देखने को मिली। इसने पिछले शुक्रवार के निचले स्तर से 2.75 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​29 जुलाई को 1.1 प्रतिशत ऊपर बंद होकर निफ्टी ने अगस्त सीरीज़ की मज़बूत शुरुआत की है। शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज और 100 डे EMA के ऊपर बढ़त,साथ ही डाउनवर्ड स्लोपिंग रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के ऊपर ब्रेकआउट और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और सुधार से मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार आया है। कच्चे तेल में नरमी से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिला है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक अच्छी रैली के बाद भले ही निफ्टी में कुछ समय के लिए ठहराव आए,लेकिन कुल मिलाकर इसका ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर निफ्टी 24,100-24,000 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें और तेजी आ सकती है और यह 24,400-24,500 के जोन तक जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,167, 24,133 और 24,077

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,280, 24,314 और 24,370

पिछले दो सेशन में 24,000 के लेवल के पास कंसोलिडेशन देखने को मिला। इसके बाद मज़बूत गैप-अप ओपनिंग के साथ निफ्टी 50 ने कल डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अच्छी खरीदारी आने का संकेत है। निफ्टी 200 डे EMA को छोड़कर सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया। 200 डे EMA अगले रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है। यह जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी चला गया। बुल्लिश क्रॉसओवर के साथ RSI बढ़कर 56.11 हो गया,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे रहने के बावजूद ऊपर की ओर बढ़ता रहा। इसके साथ ही हिस्टोग्राम की लाल बार्स कमजोरी कम होने का संकेत दे रही हैं। ये सभी बातें बुल्लिश मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना का संकेत दे रही हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,298, 57,386 और 57,530

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,010, 56,921 और 56,777

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में कल 0.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक (wick) और ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी। यह निचले स्तरों पर आई खरीदारी का संकेत है। इंडेक्स ने 20 डे EMA को टेस्ट किया लेकिन उसके ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इसके साथ ही,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी बंद नहीं हो पाया। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 49.95 हो गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम की लाल बार्स हल्की पड़ती दिखीं। इससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम कम हो रहा है। ये सभी बातें मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,लेकिन मज़बूत तेजी के ट्रेंड की पुष्टि के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर एक टिकाऊ चाल की जरूरत होगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 जुलाई को भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,981 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी नेट खरीदार के तौर पर लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश किया।

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में बुधवार को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रही। यह 4.42% गिरकर 12 के जोन (7 जुलाई के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल)पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है। अगर इसमें और गिरावट आती है और यह 12 के जोन से नीचे बना रहता है,तो बुल्स को और भी ज्यादा राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जुलाई को पिछले सेशन के 1.05 से बढ़कर 1.18 हो गया। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Vedanta Oil & Gas Share: अंतिम घंटे में शेयरों में आई तेजी, 3 फीसदी से ज्यादा उछला

वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में बाजार बंद होने से ठीक पहले तेजी दिखी। शेयर 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर बंद हुआ। कंपनी ने 29 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी को 945 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ है। साथ ही कंपनी फायदे में आ गई है। मार्च तिमाही में कंपनी को लॉस हुआ था। एक साल पहले की जून तिमाही में भी कंपनी को लॉस हुआ था।

मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ लॉस

Vedanta Oil & Gas शेयर बाजार में हाल में लिस्ट हुई है। मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। FY26 की जून तिमाही में कंपनी को 103 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। वेदांता ऑयल एंड गैस वेदांता ग्रुप की कंपनी है। वेदांता ने अपने बिजनेस को डीमर्ज किया था। उसने बिजनेस को चार अलग-अलग कंपनियों में बांटा था।

EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7% घटा

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 2,507 करोड़ रुपये रहा। यह मार्च तिमाही में कंपनी के 2,584 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से 3 फीसदी कम है। हालांकि, FY26 के जून तमाही के 2,303 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। जून तिमाही में कंपनी का EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7 फीसदी घटकर 814 करोड़ रुपये रहा।

गैस डिस्कवरी की टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन जारी

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 32.5 फीसदी पर आ गया। मार्च तिमाही में यह 34.1 फीसदी था। कंपनी ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में गैस मिलने की जानकारी दी। उसने कहा कि इस गैस डिस्कवरी की डिटेल टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन का काम चल रहा है।

जून तिमाही में कंपनी के शयेर शेयर बाजार में लिस्ट हुए

Vedanta Oil & Gas के अंतरिम सीईओ एवं होल टाइम डायरेक्टर जिम जॉनी गास्ट ने कहा, “जून तिमाही कंपनी के लिए अहम है, क्योंकि इस दौरान कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुए।” उन्होंने कहा कि जून तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन से कंपनी के बिजनेस की ताकत का पता चलता है।

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29 जुलाई को कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी रही

कंपनी ने कहा है कि उसके राजस्थान ब्लॉक में जून तिमाही में औसत रोजाना ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 63.1 kboepd रहा। 29 जुलाई को कंपनी का शेयर एनएसई पर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 6.45 फीसदी चढ़ा है। 29 जुलाई को शेयर बाजार में भी जबर्दस्त तेजी दिखी। निफ्टी 1.10 फीसदी यानी 264 अंक चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.16 फीसदी यानी 888 अंक के उछाल के साथ 77,654 पर बंद हुआ।

5 सेकंड में ₹2.78 लाख करोड़ की बारिश, Sensex में 794 अंकों की तेजी, Nifty भी 24200 के पार

Stock Market Rally: कच्चे तेल में उछाल के बावजूद वैल्यू बाइंग के चलते मार्केट में अच्छी रौनक दिखी। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 800 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब आधे फीसदी मजबूत हुए। सेक्टरवाइज रियल्टी और ऑयल एंड गैस को छोड़ फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन आईटी सेक्टर सबसे अधिक जोश में है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ है। इस रौनक में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:21 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 662.66 प्वाइंट्स यानी 0.86% के उछाल के साथ 77,428.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 194.60 प्वाइंट्स यानी 0.81% के उछाल के साथ 24,179.95 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 793.56 प्वाइंट्स चढ़कर 77,559.48 तक तो निफ्टी भी 217.85 प्वाइंट्स उछलकर 24,203.20 तक पहुंच गया।

₹2.78 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 28 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,79,07,917.44 करोड़ था। आज यानी 29 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,81,86,128.26 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,78,210.82 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 18 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 18 स्टॉक्स ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल इंफोसिस, एलएंडटी और एचयूएल में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट पावरग्रिड, इंडिगो और एशियन पेंट में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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33 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज फिलहाल 2493 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1635 शेयर फिलहाल मजबूत हैं तो 726 में गिरावट है जबकि 132 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। इसके अलावा 33 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 42 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 53 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इंट्रा-डे में आज इन स्टॉक्स पर फोकस

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Godfrey Phillips Share Price: सिगरेट की घटती बिक्री पर हाहाकार! जून तिमाही के कमजोर नतीजे ने 8% तोड़ दिया शेयर

Godfrey Phillips Share Price: दिग्गज सिगरेट कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों को आज तगड़ा शॉक लगा। जून 2026 तिमाही के कमजोर नतीजे पर यह करीब 8% टूट गया। जून तिमाही में रेवेन्यू, मुनाफे और मार्जिन के मोर्चे पर यह फिसला तो शेयर भी फिसल गए। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी भी शेयरों को संभाल नहीं सका। फिलहाल बीएसई पर यह 7.75% की गिरावट के साथ ₹2,037.95 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.93% टूटकर ₹2,034.00 पर आ गया।

Godfrey Phillips के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में गॉडफ्रे फिलिप्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 44.3% गिरकर ₹189.4 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी का बिजनेस भी नीचे आया और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 18.9% फिसलकर ₹1,205.5 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग मोर्चे पर भी कंपनी कमजोर हुई और इसका ईबीआईटीडीए जून तिमाही में सालाना आधार पर 46.3% गिरकर ₹181.4 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 22.7% से 15.1% पर आ गया। जून तिमाही में कंपनी का सिगरेट वॉल्यूम सालाना आधार पर 2% और तिमाही आधार पर 3% गिर गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी का असर ग्राहकों पर धीरे-धीरे डालने के लिए एक बैलेंस्ड प्राइसिंग स्ट्रैटेजी अपनाई है। इससे पहले जनवरी में सरकार ने सिगरेट और दूसरे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी किया था। वित्त मंत्रालय ने सिगरेट और बीड़ी समेत सभी तंबाकू प्रोडक्ट्स पर 40% जीएसटी लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया था, जो 1 फरवरी 2026 से लागू हुआ। नए टैक्स स्ट्रक्चर में 28% जीएसटी शामिल है, जिसमें पहले की एक्साइज ड्यूटी और नेशनल कैलेमिटी कंटीजेंट ड्यूटी (NCCD) को मिला दिया गया है। यह दिसंबर में सेंट्रल एक्साइज (एमेंडमेंट) बिल, 2025 को सरकार की मंजूरी के बाद आया जिसने सिगरेट और तंबाकू के अन्य प्रोडक्ट्स पर अस्थायी लेवी की जगह ली।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 16 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹3,945.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से छह ही महीने में यह 53.54% टूटकर 23 मार्च 2026 को ₹1,832.65 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

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Stock in News: रेलवे से पहली बार मिले दो ऑर्डर्स, खुलासे पर 4% उछल पड़ा यह शेयर

Hirect Share Price: हिरेक्ट (पूर्व नाम हिंद रेक्टिफायर्स) ने लगातार तीन दिनों तक तीन डिटेल्स एक्सचेंज फाइलिंग में दी और अब आज इसके शेयर 4% से अधिक ऊपर चढ़ गए। इसमें से एक जानकारी तो कंपनी ने ये भेजी है कि 24 जुलाई से इसका नाम हिंद रेक्टिफायर्स से हिरेक्ट हो गया तो बाकी में कंपनी ने बताया है कि इसे रेलवे से अपनी तरह का खास पहला ऑर्डर मिला है। इसने शेयरों की चमक बढ़ा दी। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया, जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.98% की बढ़त के साथ ₹1339.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.44% उछलकर ₹1,358.00 तक उछल गया था।

कैसे ऑर्डर्स मिले हैं Hirect (Hind Rectifiers) को रेलवे से

हिरेक्ट को रेलवे से ₹160 करोड़ के अपनी तरह के पहले ऑर्डर्स मिले हैं। इसमें से एक ₹60 करोड़ का एक ऑर्डर तो इसे मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) से मिला है। यह मेडेन ऑर्डर MEMU (मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट) ट्रेनसेट्स के लिए है, जिस पर कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है। वहीं कंपनी को इंडियन रेलवे से वंदे मेट्रो (नमो भारत) के लिए पहला डेवलपमेंट ऑर्डर मिला है। ₹60 करोड़ के इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 21 महीने के भीतर काम पूरा करना है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

हिरेक्ट के शेयरों ने निवेशकों का पैसा इस साल मार्केट की तेज उठा-पटक के बीच भी रॉकेट की स्पीड से बढ़ाया। महज छह महीने में ही यह 146% से अधिक ऊपर चढ़ गया यानी कि निवेशकों का पैसा करीब ढाई गुना हो गया। इस दौरान निफ्टी 4% से अधिक कमजोर हुआ था। हिरेक्ट के शेयर 27 जनवरी 2026 को बीएसई पर ₹568.55 के भाव पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से छह ही महीने में यह 146.24% उछलकर 16 जुलाई 2026 को ₹1,400.00 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

5 वजहों से थमी 5 दिनों की गिरावट, उछले सेंसेक्स-निफ्टी 

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CBSE Class 12 Supply Exam 2026: 29 जुलाई से 04 अगस्त के बीच ली जाएंगे 12वीं सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षाएं, बोर्ड ने जारी की गाइडलाइन

CBSE Class 12 Supply Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के छात्रों की सप्लिमेंट्री परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी है। इस संबंध में बोर्ड की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। बोर्ड के नोटिस में कहा गया है कि सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लिमेंट्री परीक्षा 2026 के तहत प्रयोगात्मक परीक्षाएं 29 जुलाई 2026 से 04 अगस्त के बीच आयोजित की जाएंगी। सप्लीमेंट्री एग्जाम के दौरान प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर ऑफिशियल नोटिस देख सकते हैं।

दो कैटेगरी के लिए होंगे प्रैक्टिकल एग्जाम

वे छात्र जिन्हें किसी विषय में प्रैक्टिकल रिपीट होने की वजह से कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है, और वे छात्र जिन्हें किसी विषय में थ्योरी और प्रैक्टिकल रिपीट होने की वजह से इस कैटेगरी में रखा गया है।

जरूरी बातें यहां देखें

1. जो छात्र बार-बार प्रैक्टिकल होने की वजह से कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखे गए हैं, उन्हें सिर्फ सप्लीमेंट्री परीक्षा के दौरान प्रैक्टिकल परीक्षा देनी होगी, और ऐसे छात्रों को थ्योरी परीक्षा देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पिछले थ्योरी के मार्क्स आगे बढ़ाए जाएंगे और उनका नंबर जोड़ा जाएगा।

2. जो छात्र बार-बार थ्योरी और प्रैक्टिकल एग्जाम होने की वजह से कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखे गए हैं, उन्हें थ्योरी एग्जाम के साथ-साथ प्रैक्टिकल एग्जाम भी देने होंगे।

3. प्राइवेट कैंडिडेट्स के लिए, प्रैक्टिकल एग्जाम थ्योरी एग्जाम के लिए तय एग्जाम सेंटर्स में ही होंगे। अगर किसी एग्जाम सेंटर/स्कूल में किसी खास विषय में प्रैक्टिकल परीक्षा की सुविधा नहीं है, तो संबंधित क्षेत्रीय ऑफिस उस सब्जेक्ट में प्रैक्टिकल एग्जाम पास के एग्जाम सेंटर/स्कूल में कराने के लिए जरूरी इंतजाम कर सकता है।

4. रीजनल ऑफिस से मिली प्रैक्टिकल आंसर बुक का इस्तेमाल प्रैक्टिकल एग्जाम कराने के लिए किया जाएगा।

5. जिन स्कूलों/एग्जाम सेंटर में सप्लीमेंट्री एग्जाम-2026 के दौरान प्रैक्टिकल एग्जाम होते हैं, वे कैंडिडेट्स को दिए गए मार्क्स उसी दिन पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

6. स्टूडेंट्स को अपने रिजल्ट/मार्कशीट और एडमिट कार्ड की कॉपी के साथ 27 जुलाई, 2026 तक अपने स्कूलों या एग्जाम सेंटर्स से जरूर कॉन्टैक्ट करना होगा।

बोर्ड ने सीबीएसई 12वीं कक्षा सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। एडमिट कार्ड कैंडिडेट्स के लिए सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को पूरे देश में होगा।

CBSE Class 10th 2nd Board Revaluation 2026: जानें कब से शुरू होगा सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा दूसरे बोर्ड का री-इवैल्युएशन

Orient Tech Share Price: NPCI से ₹76 करोड़ का ऑर्डर, अब 27 जुलाई को शेयरों पर रहेगा फोकस

Orient Tech Share Price: आईटी सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी ओरिएंट टेक्नोलॉजीज को NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से ₹76.2 करोड़ (जीएसटी छोड़कर) का पर्चेज ऑर्डर मिला। कंपनी ने एक दिन पहले 24 जुलाई को रात में एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी और अब सोमवार 27 जुलाई को इसके शेयरों पर असर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह कमजोर मार्केट सेंटिमेंट के साथ 0.76% की बढ़त के साथ ₹259.05 के भाव पर बंद हुआ था जबकि घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी (Nifty) 0.43% की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ था।

कैसा ऑर्डर मिला है Orient Tech को?

ओरिएंट टेक्नोलॉजीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से सर्वर सप्लाई करने के लिए ₹76.2 करोड़ (GST छोड़कर) का पर्चेज ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में सर्वर की सप्लाई के साथ-साथ बिक्री के बाद सपोर्ट सर्विसेज और सात साल की वारंटी भी शामिल है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 18 हफ्ते के भीतर सप्लाई पूरा करना है।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

ओरिएंट टेक के ₹215 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹206 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। 28 अगस्त 2024 को 40% पर एंट्री के बाद शेयर अपर सर्किट पर चले गए और इसी पर बंद भी हुए थे। धांसू लिस्टिंग के बाद 4 महीने से भी कम समय में यह 197.57% चढ़कर 20 जनवरी 2025 को ₹613 पर पहुंच गया जो इसके लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। हालांकि शेयरों की तेजी यहीं थम गई और इस हाई लेवल से टूटकर यह 30 मार्च 2026 को आईपीओ प्राइस के एकदम करीब ₹222.10 तक आ गया था। हालांकि इसमें ध्यान दें कि इसका मौजूदा भाव बोनस इश्यू के बाद का एडजस्टेड प्राइस है। कंपनी ने लिस्टिंग के बाद एक बार बोनस इश्यू जारी किया था जिसके तहत निवेशकों को 10 शेयरों पर एक शेयर बोनस में मिला था और इसकी एक्स-डेट 5 जनवरी 2026 थी।

Orient Tech IPO Listing: 40% पर एंट्री के बाद अपर सर्किट, ओरिएंट टेक के शेयरों की धांसू लिस्टिंग

Pharma Stocks: बारिश-बाढ़ के चलते कुछ यूनिट्स में काम बंद, अब 25 जुलाई को इस फार्मा शेयर पर रहेगी नजर

देश का पहला REIT-बेस्ड इंडेक्स फंड, Edelweiss Mutual Fund ने किया लॉन्च

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AU Small Finance Bank Q1 Results: मुनाफा 37% बढ़कर हुआ ₹796 करोड़, NII में 32% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़कर 795.95 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 580.86 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल इनकम करीब 15.5 प्रतिशत बढ़कर 5991.95 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 5189.05 करोड़ रुपये थी। बैंक ने 25 जुलाई को शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2695 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 47 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 5.9 प्रतिशत हो गया।

जून 2026 तिमाही में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो घटकर 2.10 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2.47 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.76 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.88 प्रतिशत था। एसेट्स पर एवरेज रिटर्न बढ़कर 0.42 प्रतिशत रहा, जो कि जून 2025 तिमाही में 0.37 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और लोन

जून 2026 तिमाही के दौरान बैंक के कुल डिपॉजिट का आंकड़ा 1,57,727 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर 24 प्रतिशत ज्यादा है। CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 45,399 करोड़ रुपये के हो गए। CASA रेशियो 29 प्रतिशत रहा। ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर जून 2026 तिमाही में 1,44,250 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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AU Small Finance Bank का शेयर एक साल में 34 प्रतिशत मजबूत

अच्छे तिमाही नतीजों के बाद सोमवार, 27 जुलाई को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में तेजी आने की उम्मीद है। शुक्रवार को बीएसई पर शेयर 1002.25 रुपये पर बंद हुआ था। बैंक का मार्केट कैप 75000 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 34 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।