Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में कमजोरी बनी रही। निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स ने 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।

आखिर में निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ। यह 12 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी पिछले हफ्ते 2.3% टूट गया। खास बात यह रही कि हफ्ते के पांचों कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि सोमवार, 27 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। लेकिन, उससे पहले समझ लेते हैं कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

HCLTech, Cipla और Wipro सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Eternal, Mahindra & Mahindra और Bajaj Finance में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

आईटी, मीडिया और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी रही। दूसरी ओर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुरुआती गिरावट के बाद इन शेयरों में भी रिकवरी आई। लेकिन आखिर में दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट रही।

बाजार पर दबाव क्यों है?

एनालिस्टों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बाजार की सबसे बड़ी चिंता है। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड महंगा बना हुआ है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जून तिमाही के नतीजों का सीजन जारी है। इसलिए कई शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर IDFC First Bank, Zen Technologies, Birla Corporation और AU Small Finance Bank के नतीजों पर रहेगी।

23,600 का स्तर सबसे अहम

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि 23,600 निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर बचा रहता है, तो अगले हफ्ते इंडेक्स 24,200 तक उछल सकता है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का भी मानना है कि 23,600 के ऊपर रहने पर निफ्टी पहले 24,000 और फिर 24,200 तक जा सकता है। हालांकि, 23,850 के आसपास बड़ी रुकावट मिल सकती है।

सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि अगर निफ्टी 23,606 के नीचे निकलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,500 और फिर 23,070 तक जा सकती है। वहीं, 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की EMA के नीचे आ चुका है। यह शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। अगर 23,600 का स्तर टूटता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finance पहुंचा आठ महीने के हाई पर, लगातार पांचवे दिन उछले शेयर, अब ये है अगला ट्रिगर

Bajaj Finance Share Price: बजाज ग्रुप की बजाज फाइनेंस के शेयर लगातार पांचवे कारोबारी दिन ऊपर चढ़ा है। इन पांच दिनों की तेजी के साथ आठ कारोबारी दिनों में यह 14 जुलाई को डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी सात दिन यह मजबूत हुआ। आज की बात करें तो यह करीब 1% उछलकर आठ महीने के हाई पर पहुंच गया और अब रिकॉर्ड हाई से काफी करीब आ चुका है। अभी की बात करें तो बजाज फाइनेंस के शेयर बीएसई पर फिलहाल 0.29% की बढ़त के साथ ₹1067.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.98% उछलकर ₹1,074.40 तक पहुंचा था।

जून में 11% से अधिक की बढ़त के बाद इस महीने अब तक यह 6% से अधिक उछल चुका है। इसके साथ ही पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के बाद पहली बार लगातार दूसरे महीने यह मजबूती दिखा रहा है। हालांकि इस तेजी के साथ बजाज फाइनेंस का RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 71 हो गया यानी कि यह ओवरबॉट कैटेगरी में पहुंच गया। आरएसआई के 70 के ऊपर होने का मतलब स्टॉक का ओवरबॉट होना है।

क्यों चढ़ रहा Bajaj Finance का शेयर और अब आगे क्या है ट्रिगर?

बजाज फाइनेंस ने इस महीने की शुरुआत में जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट पेश किया था जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बजाज फाइनेंस का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) 23.9% बढ़कर ₹5.46 लाख करोड़ पर पहुंच गया तो डिपॉजिट्स भी करीब 15% उछलकर ₹72,109 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में रिकॉर्ड 51 लाख नए ग्राहक जोड़े और अब इसकी कस्टमर फ्रेंचाइजी 12.44 करोड़ पर पहुंच गई। जून तिमाही के आखिरी में कंपनी का डिपॉजिट बुक ₹68,500 करोड़ था।

बजाज फाइनेंस के लिए अब अगला ट्रिगर 30 जुलाई को आने वाला है, जिस दिन पूरी तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी। नतीजे के साथ-साथ इस वित्त वर्ष 2027 के लिए गाइडेंस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। अपनी एसेट क्वालिटी पर ध्यान देने के लिए बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया था। कंपनी ने ग्रोथ के मामले में इस अनुमान को पहले के 25%-30% से घटाकर 22%-24% और नए कस्टमर जोड़ने के मामले में 1.5 करोड़-1.7 करोड़ कर दिया था।

एक साल में कैसी रही बजाज फाइनेंस की चाल

बजाज फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल बीएसई पर 23 अक्टूबर 2025 को यह ₹1,102.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 28.49% फिसलकर 23 मार्च 2026 को ₹788.40 पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

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टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: इस हफ्ते 40 से ज्यादा कंपनियां देंगी डिविडेंड का तोहफा, बजाज और M&M जैसे नाम शामिल

Dividend Stocks: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए नया हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। 29 जून से 3 जुलाई के बीच 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होने जा रहे हैं। इनमें Bajaj Holdings & Investment के स्पेशल डिविडेंड और Mahindra & Mahindra (M&M) के अब तक के सबसे बड़े डिविडेंड पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

इसके अलावा Shriram Finance, Bharat Forge, Union Bank of India, Bajaj Finserv, Bajaj Finance समेत कई कंपनियां भी इस हफ्ते डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगी। आइए जानते हैं किस दिन कौन-कौन से शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

29 जून: Raymond और Kalpataru समेत ये कंपनियां 

29 जून को Raymond Lifestyle का शेयर एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 1 रुपये का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

Kalpataru Projects भी 29 जून को एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 11 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। 13 अगस्त या उससे पहले डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा Jyothy Labs भी 3.50 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगा। वहीं, Kansai Nerolac Paints ने 2.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

30 जून: Bajaj Group के तीन शेयरों पर रहेगी नजर

30 जून को Bajaj Group की तीन बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। इनमें Bajaj Finserv, Bajaj Holdings & Investment और Bajaj Finance शामिल हैं। इसी दिन Maharashtra Scooters भी 60 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

Bajaj Finserv ने 1.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। Bajaj Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

Bajaj Holdings & Investment ने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने 80 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 50 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। यानी कुल 130 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा।

1 जुलाई: DCM Shriram और Grovy India

1 जुलाई को DCM Shriram Fine Chemicals का शेयर 0.40 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

वहीं, रियल एस्टेट कंपनी Grovy India भी 0.10 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगी।

2 जुलाई: Chembond Material और Lloyds Enterprises

2 जुलाई को Chembond Material Technologies का शेयर 2 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

इसके अलावा Lloyds Enterprises भी 0.05 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर रहेगा।

3 जुलाई: M&M, Bharat Forge, Shriram Finance समेत 33 कंपनियां

3 जुलाई इस हफ्ते का सबसे व्यस्त दिन रहने वाला है। इस दिन 33 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

  • Mahindra & Mahindra ने 33 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड है।
  • Bharat Forge निवेशकों को 6.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड देगी।
  • Shriram Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।
  • Union Bank of India ने 5 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड तय किया है।
  • Thermax ने 14 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 6 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Akums Drugs & Pharmaceuticals ने 1 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Biocon अपने निवेशकों को 0.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

इन सभी कंपनियों ने 3 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होगा, वही डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।

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लोन की अलग-अलग रकम की तुलना करें

हो सकता है आपको अपने घर के रेनोवेशन के लिए 2 लाख रुपये चाहिए या फिर शादी में होने वाले खर्च के लिए 10 लाख रुपये की ज़रूरत हो। आप इंटरेस्ट कैलकुलेटर में अलग-अलग रकम डालकर देख सकते हैं कि आपकी महीने की किस्त और कुल खर्च में कितना बदलाव आता है।

इस तरह आप बस उतना ही लोन लेते हैं जितनी आपको ज़रूरत हो, और बेवजह के आर्थिक बोझ से बच जाते हैं।

लोन की समय-सीमा के असर को समझें

आम तौर पर, कम समय के लिए लोन लेने पर आपकी हर महीने की किस्त तो ज़्यादा होगी, लेकिन कुल मिलाकर आपको काफी कम ब्याज़ चुकाना होगा। वहीं, लंबे समय के लिए लोन लेने से हर महीने खर्च का बोझ थोड़ा कम होता है, पर आपको ज़्यादा ब्याज़ चुकाना पड़ सकता है।

इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप लोन चुकाने की अलग-अलग समय-सीमा में होने वाले खर्च को देख सकते हैं, फिर आप अपनी इनकम और आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से सही समय-सीमा चुन सकते हैं।

अपने महीने के बजट की बेहतर योजना बनाएँ

अगर आपको पहले से ही अपनी महीने की किस्तों के बारे में पता हो, तो इससे अपने महीने के खर्चों को अच्छी तरह संभालने में मदद मिलती है।

पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले आप यह देख सकते हैं कि लोन चुकाना आपके बजट में आसानी से फिट बैठता है या नहीं।

इंटरेस्ट कैलकुलेटर लोन पर होने वाले कुल खर्च की तुलना करने में कैसे मददगार है?

इंटरेस्ट कैलकुलेटर का सबसे बड़ा फायदा यही है कि ये आपसे कुछ भी नहीं छिपाता है। इसकी मदद से आप सिर्फ ब्याज़ दर ही नहीं, बल्कि कई दूसरे पहलुओं के आधार पर भी लोन की तुलना कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, हो सकता है दो अलग-अलग लोन की ब्याज़ दरें एक-समान हों, लेकिन लोन चुकाने की समय-सीमा अलग-अलग होने पर आपके द्वारा चुकाई जाने वाली कुल रकम में काफी अंतर आ सकता है।

इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप इन चीजों की तुलना कर सकते हैं:

  • चुकाई जाने वाली कुल रकम
  • हर महीने की किस्त
  • चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़
  • समय-सीमा के अलग-अलग विकल्प
  • लोन की अलग-अलग रकम

यह पूरी जानकारी आपको ऐसा लोन विकल्प चुनने में मदद करती है, जो आपके लिए किफायती हो और जिसे चुकाना भी आसान हो।

एक ही लोन के लिए दो अलग-अलग समय-सीमा के विकल्पों की तुलना

मान लीजिए पुणे में रहने वाली 32 साल की प्रिया एक मार्केटिंग प्रोफेशनल हैं, जिनकी महीने की इनकम 65,000 रुपये है। उन्हें अपनी बहन की शादी के लिए 5 लाख रुपये की ज़रूरत है। वह इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से सालाना 14% की ब्याज़ दर पर लोन चुकाने के दो अलग-अलग विकल्पों की तुलना करती हैं।

तुलना के बिंदुविकल्प A: 24 महीने की समय-सीमाविकल्प B: 48 महीने की समय-सीमा
लोन की रकम5,00,000 रुपये5,00,000 रुपये
ब्याज़ दर14% सालाना14% सालाना
महीने की किस्त (लगभग)24,006 रुपये13,676 रुपये
चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़ (लगभग)76,144 रुपये1,56,448 रुपये
चुकाई जाने वाली कुल रकम (लगभग)5,76,144 रुपये6,56,448 रुपये

दोनों विकल्पों की तुलना करने पर, प्रिया को समझ आता है कि 48 महीने की समय-सीमा चुनने से उनकी महीने की किस्त में 10,330 रुपये की बचत तो होगी, लेकिन लोन की समय-सीमा के दौरान कुल मिलाकर 80,304 रुपये ज़्यादा ब्याज़ चुकाना होगा।

चूंकि उनकी महीने की इनकम इतनी है कि वह हर महीने होने वाले खर्चों के बाद भी 24 महीने की EMI आसानी से चुका सकती हैं, इसलिए वह लोन पर होने वाले कुल खर्च को कम करने के लिए कम समय-सीमा वाला विकल्प चुनती है।

कैलकुलेटर से क्या पता चला: दोनों ही मामलों में ब्याज़ की दर एक जैसी थी। सिर्फ लोन की समय-सीमा बदलने से चुकाई जाने वाली कुल रकम में 80,000 रुपये से ज्यादा का अंतर आ गया। इंटरेस्ट कैलकुलेटर के ज़रिये आप कुछ ही सेकंड में इन बातों की तुलना कर सकते हैं।

पर्सनल लोन फाइनैंसिंग का सुविधाजनक विकल्प क्यों है?

पर्सनल लोन पैसे की ज़रूरत पूरी करने के सबसे सुविधाजनक विकल्पों में से एक हैं, क्योंकि पहले से तय और अचानक सामने आने वाले कई तरह के खर्चों को पूरा करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

आप पर्सनल लोन ऑनलाइन के लिए आवेदन करके लोन की रकम का उपयोग इन कामों के लिए कर सकते हैं:

  • मेडिकल इमरजेंसी
  • ट्रैवल पर होने वाले खर्च
  • आगे की पढ़ाई
  • शादी का खर्च
  • घर की मरम्मत/रिनोवेशन
  • कोई बड़ी खरीदारी

सिक्योर्ड लोन के मुकाबले, पर्सनल लोन के लिए आमतौर पर किसी कोलेटरल की ज़रूरत नहीं होती है। इसके आवेदन करने का तरीका भी बहुत आसान है, जो उन लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प है जिन्हें तुरंत पैसों की ज़रूरत हो।

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन कैसे आपकी मदद कर सकता है?

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन अलग-अलग तरह की पैसों की जरूरतों को पूरा करने का बेहद आसान और सुविधाजनक जरिया है। इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करके आप अपने लोन चुकाने की जिम्मेदारियों का अंदाज़ा लगा सकते हैं और एक सही लोन स्ट्रक्चर चुन सकते हैं।

इसके कुछ खास फायदे इस प्रकार हैं:

  • 40,000 रुपये से 55 लाख रुपये तक की लोन की रकम
  • लोन चुकाने के लिए 12 महीने से 108 महीने तक की समय-सीमा
  • सालाना 10% से 30% तक की ब्याज़ दरें
  • किसी कोलेटरल की ज़रूरत नहीं
  • तेजी से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया
  • बहुत कम कागजी कार्रवाई
  • ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
  • वेरिफिकेशन और मंजूरी के आधार पर, सिर्फ़ 24 घंटों* में लोन की रकम पाने की सुविधा

आवेदन करने से पहले इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप जान सकते हैं कि लोन की अलग-अलग रकम और समय-सीमा आपके कुल लोन खर्च पर कैसे असर डालती है।

ऑनलाइन पर्सनल लोन के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकता है?

ज्यादातर नौकरीपेशा वाले और खुद का रोजगार करने वाले लोग ऑनलाइन पर्सनल लोन चुनते हैं, क्योंकि यह सुविधाजनक है और इसकी प्रक्रिया पूरी होने में बहुत कम वक्त लगता है।

सामान्य तौर पर एलिजिबिलिटी इन बातों पर निर्भर है:

राष्ट्रीयताभारतीय
उम्र21 साल से 80 साल*
नौकरीसरकारी, प्राइवेट, या MNC.
CIBIL स्कोर650 या उससे ज्यादा
ग्राहक का प्रोफाइलखुद का रोजगार करने वाले या नौकरीपेशा

 

* लोन की समय-सीमा पूरी होने पर आपकी उम्र 80 साल या उससे कम होनी चाहिए।

लोन पाने की शर्तों को पूरा करने से मंजूरी की गारंटी नहीं मिलती, क्योंकि लोन देने वाले संस्थान अपने नियमों और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के आधार पर हर आवेदन की जांच करते हैं।

पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले, चुकाई जाने वाली रकम का अंदाज़ा लगाने और अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से सही फैसला लेने के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करना बहुत मददगार साबित होता है।

ज़िम्मेदारी से लोन लेने से हमें क्या फायदा होता है?

इंटरेस्ट कैलकुलेटर सिर्फ़ योजना बनाने में मदद करने वाला टूल नहीं है, बल्कि यह ज़िम्मेदारी से लोन लेने में भी बहुत उपयोगी है।

कोई भी लोन लेने से पहले, इन बातों को जरूर ध्यान में रखें:

  • बस उतनी ही रकम लोन लें जितनी आपको असल में ज़रूरत हो
  • लोन चुकाने की अपनी क्षमता के हिसाब से सही समय-सीमा चुनें
  • अपना क्रेडिट प्रोफाइल बेहतर बनाए रखें
  • सभी शुल्कों और शर्तों पर अच्छी तरह गौर करें
  • ध्यान रखें कि हर महीने की किस्त आपके बजट में आ जाए

ज़िम्मेदारी से लोन लेकर आप इसे अच्छी तरह संभाल सकते हैं और भविष्य में होने वाले आर्थिक तनाव से बच सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इंटरेस्ट कैलकुलेटर चुकाई जाने वाली कुल रकम दिखाता है?

हाँ। इंटरेस्ट कैलकुलेटर से आपको यह अंदाज़ा मिलता है कि लोन के मूलधन और तय समय-सीमा में लगने वाले ब्याज़ को मिलाकर आपको कुल कितनी रकम चुकानी होगी। इससे लोन लेने से पहले आपको कुल खर्च के बारे में जानने में मदद मिलती है।

क्या मैं इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से लोन के अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकता हूँ?

हाँ। इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप लोन की अलग-अलग रकम, ब्याज़ दर और लोन चुकाने की समय-सीमा की तुलना कर सकते हैं। इस तरह आपके लिए ऐसा विकल्प चुनना आसान हो जाता है, जो आपके बजट और आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से सही हो।

क्या पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर उपयोगी है?

हाँ, पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर खास तौर पर बहुत उपयोगी है, क्योंकि इससे आप हर महीने की किस्त और कुल खर्च का आसानी से अंदाज़ा लगा सकते हैं। इससे आपको लोन लेने के बारे में सही फैसला लेने और लोन चुकाने की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

इंटरेस्ट कैलकुलेटर बेहद आसान लेकिन बहुत कारगर टूल है, जिससे आपको लोन के विकल्पों की तुलना करने, लोन चुकाने के बारे में अंदाज़ा लगाने और कोई भी फैसला लेने से पहले लोन लेने की कुल लागत को समझने में मदद मिलती है। इसके ज़रिये आप  सारी चीजों को अच्छे से समझ सकते हैं, आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर होती है और आप समझदारी से लोन ले सकते हैं।

अगर आप पहले से तय या अचानक सामने आने वाले किसी खर्च के लिए लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन के साथ इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करके आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से लोन चुकाने का सही विकल्प चुन सकते हैं। आज ही अपनी एलिजिबिलिटी के बारे में जानें और ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि आप आसान और तेज आवेदन प्रक्रिया के ज़रिये फाइनैंसिंग के सुविधाजनक विकल्पों का लाभ उठा सकें।

* नियम व शर्तें लागू

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