मार्नस लाबुशेन को ज़िम्बाब्वे और साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ होने वाली वनडे सीरीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम से बाहर कर दिया गया है। इस बीच उन्हें टेस्ट टीम में अपनी जगह के बारे में फ़ैसला होने का इंतज़ार भी है।गौरतलब है कि मार्नस लाबुशेन वही बल्लेबाज हैं जिन्होंने भारत के खिलाफ एकदिवसीय विश्वकप फाइनल में नाबाद अर्धशतक जड़ा था।
लाबुशेन ने जून में पाकिस्तान और बांग्लादेश के दौरों पर संघर्ष किया था, हालांकि बांग्लादेश के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में बल्लेबाज़ी क्रम में नीचे भेजे जाने के बाद उन्होंने नाबाद 55 रन बनाए थे। लेकिन ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श की वनडे टीम में वापसी और चयनकर्ताओं के युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाने के कारण लाबुशेन टीम से बाहर हो गए हैं। साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम की घोषणा अगले सप्ताह की जाएगी।
इस दौरे पर जोएल डेविस के वनडे डेब्यू करने की संभावना है। न्यू साउथ वेल्स के इस ऑलराउंडर ने इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ T20I सीरीज़ में प्रभावित किया था। वहीं बाएं हाथ के बल्लेबाज ऑली पीक को एक और मौक़ा दिया गया है।
ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक वनडे कप्तान पैट कमिंस और उनके साथी तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क साउथ अफ़्रीका में टीम से जुड़ेंगे, वहीं जॉश हेज़लवुड दोनों वनडे सीरीज़ में खेलेंगे।
ज़िम्बाब्वे में मार्श टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि साउथ अफ़्रीका में वह और कमिंस कप्तानी की ज़िम्मेदारी साझा करेंगे। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कमिंस कितने मैच खेलते हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने इस दौरे के लिए अपने तेज़ गेंदबाज़ी विकल्पों को मजबूत करते हुए स्पेंसर जॉनसन और बिली स्टेनलेक को भी टीम में शामिल किया है। बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ जॉनसन ने अपना पिछला वनडे 2025 की शुरुआत में खेला था। लंबी चोट के बाद उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ T20I टीम में वापसी की थी।
स्टेनलेक पाकिस्तान दौरे के लिए वनडे टीम का हिस्सा थे और रावलपिंडी में खेले गए मैच में उन्होंने सात साल से अधिक समय बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। हालांकि, सीरीज़ में उनके एकमात्र मैच में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था।
चयनकर्ताओं ने वनडे और ऑस्ट्रेलिया ए टीम के बीच खिलाड़ियों को बांटने का फैसला नहीं किया है।
ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ वनडे मैच 15, 18 और 20 सितंबर को हरारे में खेले जाएंगे। साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सीरीज़ के मैच 24, 27 और 30 सितंबर को क्रमशः डरबन, जोहैनसबर्ग और पोटचेफ़स्ट्रूम में होंगे।
A #CWC27 focus for Australia who name their ODI squad to tour Zimbabwe and South Africa
बीसीसीआई ने गुरुवार को घोषणा की कि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ यास्तिका भाटिया और बैटिंग ऑलराउंडर अनुष्का शर्मा ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ़ होने वाली घरेलू मल्टी-फ़ॉर्मेट सीरीज़ के लिए इंडिया ए टीमों की कप्तानी करेंगी।
अनुष्का टी20 टीम की कप्तानी करेंगी और सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर सायली सतघरे उनकी डिप्टी (उप-कप्तान) होंगी। यास्तिका 50-ओवर और रेड-बॉल (मल्टी-डे) दोनों टीमों की कप्तानी करेंगी, और इन फ़ॉर्मेट में अनुष्का उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगी।
महिला चयन समिति ने उन इंडिया ए टीमों की तुलना में स्क्वाड में कई बदलाव किए हैं जिन्होंने जुलाई में इंग्लैंड का दौरा किया था और 50-ओवर की सीरीज़ जीती थी।
टी20 स्क्वाड में टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ तेजल हसबनीस, सायली सतघरे, विकेटकीपर शिप्रा गिरी और सुजाता डे को शामिल किया गया है। वे इंग्लैंड में खेलने वाली टीम की जी कमलिनी, पूर्वजा वेरलेकर, साइमा ठाकोर और दीया यादव की जगह लेंगी।
यास्तिका, जो लॉर्ड्स में महिला टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली बल्लेबाज़ बनी थीं, 50-ओवर वाली टीम की कप्तानी करेंगी। स्क्वाड में बाएं हाथ की रिस्ट-स्पिनर अमनदीप कौर, तेज़ गेंदबाज़ अक्षिता भगत, तेजल हसबनीस और अनुष्का शर्मा भी शामिल हैं; ये सभी इंग्लैंड में पिछले 50-ओवर वाले लेग का हिस्सा नहीं थीं।वे हरलीन देओल, प्रतिका रावल, जी कमलिनी, तनुजा कंवर और साइमा ठाकोर की जगह लेंगी।
मल्टी-डे स्क्वाड में टेस्ट बल्लेबाज़ शुभा सतीश, ऑलराउंडर दिब्यदर्शिनी, बाएं हाथ की स्पिनर शुचि उपाध्याय और विकेटकीपर ममता मदीवाला शामिल हैं। श्रृंखला 12, 15 और 17 सितंबर को न्यू चंडीगढ़ में तीन टी20 मैचों के साथ शुरू होगी। इसके बाद टीमें 20, 23 और 25 सितंबर को 50 ओवर के तीन मैचों के लिए मोहाली के पीसीए स्टेडियम में जाएंगी। यह दौरा 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक धर्मशाला में चार दिवसीय मैच के साथ समाप्त होगा।
News
India A squads announced for Australia A Women’s tour of India
The tour comprises three T20s, three One-Day matches and a Multi-Day fixture.
वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना खासा पसंद था। अब इन दोंनों क्रिकेटरों के बेटें को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही डेब्यू करने का मौका दिया जा रहा है। आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ को मार्च में होने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 अंडर 19 एकदिवसीय सीरीज में भारतीय टीम के लिए चुना गया है। यह मैच राजकोट और अहमदाबाद में खेले जाएंगे। तीनों एकदिवसीय और पहला बहुदिवसीय मैच राजकोट में खेला जाएगा, जबकि दूसरा बहुदिवसीय मुकाबला अहमदाबाद में होगा।
अन्वय द्रविड़ एक विकेटकीपर की हैसियत से इस टूर्नामेंट में खेलेंगे जिसमें कप्तान लक्ष्य रायचंदानी होंगे। यशवर्धन सिंह चौहान को लंबे प्रारूप के मुकाबलों के लिए कप्तान बनाया गया है। आर्यवीर सहवाग एक बल्लेबाज के तौर पर टीम में चुने गए हैं। इससे पहले यह दोनों खिलाड़ी 3 साल पहले रणजी ट्रॉफी में आमने सामने हुए थे और अब दोनों साथ में खेलेंगे।
द्रविड़ के बड़े बेटे, समित द्रविड़, जो 20 वर्ष के हैं उन्हें भी 2024 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के ख़िलाफ़ खेलने के लिए इंडिया अंडर-19 टीम में चुना गया था, लेकिन घुटने की चोट के कारण वह बाहर हो गए थे। समित ने कर्नाटक की टी20 लीग, महाराजा टी20 ट्रॉफ़ी में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अंडर-19 टीम में जगह बनाई थी।
News
India U19 squad for Australia U19 Men’s Tour of India announced.
The tour consists of three One-Day matches and two Multi-Day fixtures.
पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।
'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।
“यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”
अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।
“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।
“मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”
ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।
भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”
अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी
अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।
“मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”
“मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”
अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।
“अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”
हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया
अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।
उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।
अभी क्लब की तलाश में अनाया
जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।
“मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”
“यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”
AUSvsBAN मिचेल स्टार्क (चार विकेट), पैट कमिंस और नेथन लायन (तीन-तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन रविवार को बंगलादेश को दूसरी परी में 95 रन पर ढेर कर मुकाबला पारी और 51 रनों से अपने नाम कर लिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली।
इस मैच में कुल 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को ‘प्लेयर ऑफ द मैच तथा सीरीज में कुल12 विकेट लेने पर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से नवाजा गया।यह ऑस्ट्रेलिया में खेला गया अब तक का दूसरा सबसे छोटा टेस्ट मैच है। यह अब तक का चौथा सबसे छोटा टेस्ट मैच है। यह पहली बार है जब बंगलादेश की टीम एक टेस्ट मैच में दो बार 100 रन से कम पर ऑल-आउट हुआ है, और 21 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब कोई टीम दोनों पारियों में 100 रन से कम पर ऑल-आउट हुई है।
ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर 165 रनों से आगे खेलना शुरु किया। सुबह के सत्र में शोरिफुल इस्लाम और तैजुल इस्लाम ने कैमरन ग्रीन (67) और जॉश हेजलवुड (छह) को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 210 रन के स्कोर पर रोक दिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया को पहली 146 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई। बंगलादेश की ओर शोरिफुल इस्लाम ने (सात विकेट) लिये। तस्कीन अहमद, तैजुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।
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इसके बाद दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी बंगलादेश की टीम ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण के आगे अधिक देर तक नहीं टिक सकी और उसकी पूरी टीम 38.3 ओवरों में 95 रन पर सिमट गई। स्टार्क और कमिंस ने बंगलादेश को शुरुआती झटके दिये। तंजिद हसन (नौ), शादमान इस्लाम (एक) और मोमिनुल हक (शून्य) पर आउट हुये। इसके बाद कप्तान नजमुल शांतो और मुशफ़िक़ुर रहीम ने पारी को संभालने का प्रयास किया। 21वें ओवर में नेथन लायन ने नजमुल शांतो (31) रन को आउट कर इस साझेदारी का अंत कर दिया।
शांतो ने अपनी इस पारी में छह चौके लगाये। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया गेंदबाजी आक्रमण के आगे बंगलादेश का कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक सका। हालांकि इस दौरान मुशफिकुर रहीम एक छोर थामे खड़े रहे। मुशफिकुर रहीम ने इस दौरान 80 गेंदों का सामना किया और तीन चौके लगाते हुए 29 रन पर नाबाद रहे। 39वें ओवर में नेथन लायन ने तसकीन अहमद (आठ) और फिर शोरिफुल इस्लाम (शून्य) को आउटकर ऑस्ट्रेलिया को बड़ी जीत दिला दी।
AUSvsBAN मैके में एक रोमांचक पहले दिन 18 विकेट गिरे। क्वींसलैंड के इस तटीय मैदान पर पहले टेस्ट के शुरुआती दिन बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ों ने छह-छह विकेट लेकर इसे पुराने ज़माने के गेंदबाज़ों का खेल बना दिया। डार्विन में मिली करारी हार के कुछ ही दिनों बाद, ऑस्ट्रेलिया ने ज़बरदस्त वापसी की। मिशेल स्टार्क के शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने बंगलादेश को 64 रन पर ऑल-आउट कर दिया – जो उनका चौथा सबसे कम टेस्ट स्कोर है। हालांकि, बाद में ऑस्ट्रेलिया की पारी भी लड़खड़ाई, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक उन्होंने 101 रनों की अहम बढ़त बना ली।
पैट कमिंस ने टॉस जीता और बिना किसी हिचकिचाहट के बंगलादेश को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया। इसके बाद स्टार्क ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मैच की पहली ही गेंद पर शादमान इस्लाम को गली में कैच आउट करा दिया। विकेटों के गिरने का सिलसिला तेज़ी से चला; टॉप-6 बल्लेबाज़ों में से चार बिना खाता खोले आउट हो गए और बंगलादेश का स्कोर सात ओवर के अंदर 5 विकेट पर 12 रन हो गया।
नई गेंद के साथ स्टार्क की गति और स्विंग का बल्लेबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने 22 गेंदों के अंदर पांच बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज दिया, लेकिन मुशफिकुर रहीम के डटकर खेलने की वजह से उन्हें हैट्रिक का मौका नहीं मिला। पारी के बीच में थोड़ी देर के लिए बंगलादेश की स्थिति संभली। मेहदी हसन मिराज और हसन महमूद ने पहला सेशन निकाला और ब्रेक तक बांग्लादेश का स्कोर 6 विकेट पर 35 रन तक पहुंचा, लेकिन यह राहत ज़्यादा देर नहीं रही। लंच के बाद कमिंस ने दो और विकेट लिए, जबकि जोश हेज़लवुड ने भी एक विकेट चटकाया।
इसके बाद स्टार्क ने वापसी की और बाकी बचे विकेट लेकर 10 ओवर में 12 रन देकर 6 विकेट का शानदार कारनामा पूरा किया। इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने डेल स्टेन के 439 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बंगलादेश की टीम सिर्फ़ 34 ओवर में ऑल-आउट हो गई। दूसरे सेशन के एक घंटे से भी कम समय में उनकी पारी खत्म हो गई। निचले क्रम के बल्लेबाजों की हिम्मत भरी बल्लेबाजी की वजह से ही वे इस फ़ॉर्मेट में अपने अब तक के सबसे कम स्कोर (वेस्टइंडीज के खिलाफ़ 43 रन) से आगे निकल पाए।
वापसी कर रहे मैट रेनशॉ, ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन के नाकाम रहने के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि वे दिन का खेल पूरी तरह से दबदबे के साथ खत्म करेंगे। स्टीवन स्मिथ और कैमरन ग्रीन ने ऐसी पिच पर बल्लेबाजी को आसान बना दिया, जिसने सुबह से ही बल्लेबाजों को परेशान किया था। उन्होंने हल्के हाथों से गैप में शॉट खेले और छोटी या सीधी गेंदों का फायदा उठाकर स्कोरिंग रेट को पांच रन प्रति ओवर से ऊपर पहुंचाया। इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ़ 108 गेंदों में 77 रन जोड़े।
फिर शोरिफुल इस्लाम की धीमी गेंद का कमाल दिखा। बांग्लादेश की पारी में सबसे ज़्यादा 14 रन बनाने और हेड व लाबुशेन का विकेट लेने के बाद, इस बाएं हाथ के गेंदबाज ने वही अनुशासन और लाइन-लेंथ दिखाई जिससे स्टार्क को दिन की शुरुआत में सफलता मिली थी। उन्होंने सबसे अहम विकेट लिया और आखिरी सेशन में ड्रिंक्स ब्रेक के ठीक समय पर स्मिथ को 42 रन पर पगबाधा आउट कर दिया।
यहीं से पारी का रुख बदल गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए जो दिन अब तक आसान लग रहा था, वह अचानक मुश्किलों में घिर गया। एलेक्स कैरी आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में लेंथ बॉल को ठीक से नहीं खेल पाए और मिड-ऑन पर कैच दे बैठे, जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 5 विकेट पर 145 रन हो गया। इसके बाद उन्होंने 3 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए; शोरिफुल ने ब्यू वेबस्टर और पैट कमिंस को शून्य पर आउट किया और फिर स्टार्क को भी बोल्ड कर दिया।
इन सबके बीच, एक खिलाड़ी अडिग रहा। कैमरन ग्रीन ने उसी स्पष्टता और शांति के साथ बल्लेबाजी की, जो उन्हें डार्विन में फॉर्म में वापसी वाली सेंचुरी के दौरान मिली थी। उनकी नाबाद 51 रनों की पारी वाकई शानदार थी, खासकर ऐसी पिच पर जिसने लगभग हर दूसरे बल्लेबाज को मुश्किल में डाला था। उनके डटे रहने की वजह से ऑस्ट्रेलिया दिन का खेल खत्म होने तक 101 रन आगे रहा। पहले दिन की उथल-पुथल को देखते हुए यह बढ़त काफी अहम साबित हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए अंतिम ग्यारह की घोषणा कर दी है। टीम में सिर्फ एक बदलाव है सलामी बल्लेबाज जैक वेदरल्ड की जगह पर मैट रेनशॉ को शामिल किया गया है। बाकी पूरी ऑस्ट्रेलिया टीम जस की तस है।
ऑस्ट्रेलिया ने अपने शीर्ष क्रम में बदलाव करने में बहुत कम समय बर्बाद किया है, डार्विन में बांग्लादेश से नौ विकेट की निराशाजनक हार के बाद जेक वेदराल्ड को बाहर कर दिया गया है।मैथ्यू रेनशॉ को टीम में बुलाया गया है और 30 वर्षीय खिलाड़ी मैके में शीर्ष क्रम में ट्रैविस हेड के साथ साझेदारी कर सकते हैं।
अप्रैल में राष्ट्रीय अनुबंध मिलने के बाद वेदराल्ड के पहले टेस्ट में 23 और 0 का स्कोर बना पाए थे।उन दोहरी विफलताओं ने 12 पारियों के बाद उनके करियर औसत को 20.36 पर ला दिया।
रेनशॉ की साख उन्हें सीधे वापसी के लिए सबसे सीधा विकल्प बनाती है। वह पिछले सीज़न में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेफील्ड शील्ड सलामी बल्लेबाज थे, जिन्होंने 10 पारियों में 50 से कम औसत के साथ तीन शतक बनाए थे। उन्होंने मैके में दो प्रथम श्रेणी शतक भी बनाए हैं, जो अपने पहले टेस्ट की मेजबानी करेगा।
उनका अंतर्राष्ट्रीय अनुभव उनके पक्ष में एक और कारक है। रेनशॉ के पास 14 टेस्ट हैं, हालांकि उनकी सबसे हालिया उपस्थिति तीन साल पहले दिल्ली में हुई थी, जब वह मध्य क्रम में बल्लेबाजी कर रहे थे।
इस बीच, नंबर 3 पर मार्नस लाबुशेन को खराब फॉर्म के बावजूद अंतिम ग्यारह में चुना गया है। वह डार्विन में केवल 1 और 31 रन बना सके और लगभग तीन वर्षों से कोई अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं बना पाए हैं। अपनी पिछली 42 टेस्ट पारियों में उनका औसत 25.23 है।
JUST IN: Australia confirm their XI for the second Test in Mackay #AUSvBAN
गॉल टेस्ट जीतने के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवे स्थान पर ठहरी टीम इंडिया के लिए खुश खबरी लाया है। हालांकि टीम को अभी एक लंबा रस्ता तय करना है लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खेलने की उम्मीद की किरण बाकी है।
भारतीय कप्तान इस जीत से खुश थे क्योंकि इससे कुछ हद तक दबाव कम हुआ, हालांकि भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 53.33 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बना हुआ है। भारत जल्द ही चौथे स्थान पर आ सकता है अगर कोलंबो टेस्ट वह जीत जाता है साथ ही ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश को दूसरे टेस्ट में हरा सकती है तो।
इस मैच से पहले भारत का जीत प्रतिशत 48 था और ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 83 था जो बांग्लादेश से हार के बाद 77 हो गया। हालांकि पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी 8 टेस्ट में 66 और अंक चाहिए।
WTC Finals chances updated after India won Galle Test
India's chances moved up from 5% to 16% after the win
Australia chances of qualifying with just 7 wins has come down. Might need 8 wins to be safe to reach Finals pic.twitter.com/Mlm1NWDweI
इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।
6 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।
भारत की स्थिति पर एक नजर:
टेस्ट
10
जीत
5
हार
4
ड्रॉ
1
अंक प्रतिशत
53.15
आगामी सीरीज़:
श्रीलंका (विदेशी धरती पर)
1 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर)
2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर)
5 टेस्ट
त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में
न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 8 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 6 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच और गॉल टेस्ट जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।
AUSvsBAN ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश से पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में मिली चौंकाने वाली हार के बाद दो मैचों की श्रृंखला को बराबर करने के प्रयास में अपने शीर्ष क्रम में एक बदलाव करते हुए सलामी बल्लेबाज जेक वेदरल्ड को बाहर करके उनकी जगह मैट रेनशॉ को फिर से टीम में शामिल किया है।
ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए मंगलवार को 13 सदस्यीय टीम की घोषणा की।डार्विन में खेलने गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया की नौ विकेट से हार में वेदरल्ड पहली पारी में 23 रन ही बना पाए थे जबकि दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके थे। उनका 12 टेस्ट पारियों में औसत 20.36 रहा।
रेनशॉ ने 2016 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और 2018 में टीम से बाहर किए जाने से पहले 11 टेस्ट मैच खेले। उन्हें 2023 में तीन टेस्ट मैचों के लिए वापस बुलाया गया, लेकिन तब से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए केवल छोटे प्रारूपों में ही खेला है। 14 टेस्ट मैचों में उनका औसत 29.31 है और उन्होंने एक शतक लगाया है। उन्होंने अपने पिछले 10 टेस्ट मैचों में से केवल एक ही ऑस्ट्रेलियाई धरती पर खेला है।
31 years old young talent Jake Weatherald dropped after debuting for Australia at age of 30 6 tests ago for another 30 years old youngster Mathew Renshaw.
Both of them has FC avg of 37. Man, Australia's future is very dark once their biggies retires who are on their last legs! pic.twitter.com/2ZjlBS5uuf
एकदिवसीय विश्व विजेता और पूर्व विश्व टेस्ट चैंपियनशिप विजेता कप्तान पैट कमिंस जब 13 अगस्त को डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के लिए टॉस जीतकर ड्रेसिंग रूम लौटे होंगे तो उन्हें पता भी नहीं होगा कि यह टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के सबसे बदनुमा दाग के तौर पर याद रखा जाने वाला है।
बांग्लादेश से 9 विकेट की हार के बाद भी पैट कमिंस की आवाज में मधुरता नहीं आई है। उन्होंने हार के बाद कहा कि वह यानि कि ऑस्ट्रेलिया अब भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 में शीर्ष पर हैं। इसे कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने अति आत्मविश्वास का नाम दिया है।
गौरतलब है कि मेहदी हसन मिराज (पांच विकेट) और हसन महमूद (तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसी के साथ बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने टेस्ट में दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को हराने का कारनामा किया है।
यह जीत बांग्लादेश के लिए एक बहुत बड़ा पल है, खासकर ऐसे साल में जब उन्होंने राजनीतिक कारणों से टी-20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, मार्च के बाद से उन्होंने काफी जीत हासिल की हैं, और यह बड़ी टेस्ट जीत उसी का नतीजा है।
मैच में हसन महमूद के नौ विकेट और तंजिद हसन के पहले शतक के साथ-साथ मेहदी हसन मिराज की अर्धशतक और पांच विकेट लेने का कारनामा भी देखने को मिला। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बल्ले से और कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया।
इससे ठीक एक हफ़्ते पहले क्रिकट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में वे 54 रन पर ऑल आउट हो गए थे, और टेस्ट सीरीज में चोटिल नाहिद राणा की कमी को लेकर बहुत चर्चा हो रही थी। फिर भी, बांग्लादेश के गेंदबाजो ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में 300 रन से कम पर ऑल आउट कर दिया, जबकि उनकी कमजोर बल्लेबाजी लाइन-अप टेस्ट में मज़बूती से डटी रही।