Steamhouse IPO Listing: 16% प्रीमियम पर लिस्ट ₹81 का शेयर, 32 गुना सब्सक्राइब हुआ था आईपीओ

Steamhouse IPO Listing: भाप और नाइट्रोजन बनाने वाली स्टीमहाउस के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 32 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹81 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹93.00 और NSE पर ₹94.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 16% से अधिक का लिस्टिंग गेन (Steamhouse Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹94.46 (Steamhouse Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 16.62% मुनाफे में हैं।

Steamhouse IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

स्टीमहाउस का ₹414 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-11 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 32.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 46.19 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 46.60 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 17.78 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹353 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 75,30,864 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹180.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹75.95 करोड़ कैपेसिटी बढ़ाने, ₹38.17 करोड़ एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹23.13 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹35.75 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Steamhouse के बारे में

स्टीमहाउस इंडिया एक इंडस्ट्रियल गैस कंपनी है। यह भाप और नाइट्रोजन बनाती है और अपने पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए इसका डिस्ट्रीब्यूशन करती है। यह सिर्फ स्टीम ही नहीं बनाती है बल्कि दूसरी कंपनियों से खरीदकर भी अपने पाइपलाइन से सप्लाई करती है। सचिन, वापी, अंकलेश्वर, सारीग्राम, पनोली और नदेसरी जैसे अहम इंडस्ट्रियल हब्स में इसका 45 किमी से अधिक पाइपलाइन नेटवर्क है। इसकी ग्राहक अनुपम रसायन और एथर इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 19% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹38.64 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹494.97 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹281.62 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹127.57 करोड़ पड़े थे।

 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kanohar Electricals IPO Listing: 8% प्रीमियम पर लिस्ट ₹632 का शेयर, रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा कनोहर का बिजनेस

Kanohar Electricals IPO Listing: ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 90 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹632 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹672.05 और NSE पर ₹685.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 8% तक का लिस्टिंग गेन (Kanohar Electricals Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹706.25 (Kanohar Electricals Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 11.75% मुनाफे में हैं।

Kanohar Electricals IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का ₹1,056 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 90.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 215.37 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 87.74 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 20.51 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹300 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,19,57,915 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹64.18 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरतों, ₹155.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी जरूरतों, ₹55.50 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹65.25 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Kanohar Electricals के बारे में

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स देश में ट्रांसफॉर्मर्स बनाती है। यह पावर ट्रांसमिशन, रेलवेज, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसी इंडस्ट्रीज को इनकी सप्लाई करती है। इसका कारोबार मुख्य रूप से दो बिजनेस सेगमेंट्स में है- ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग और EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन)। यह 100 MVA 132 kV स्कॉट ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली उन चार कंपनियों में शुमार है, जिसे रेलवे के R&D से मान्यता मिली हुई है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 170% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹129.73 करोड़ और टोटल इनकम करीब 54% के सीएजीआर से ₹662.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹39.04 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹357.95 करोड़ पड़े थे।

 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Apana Logistics IPO Listing: खुदरा निवेशकों को बड़ा झटका, ताबड़तोड़ लगाया पैसा, अब ₹60 का शेयर फ्लैट लिस्ट

Apana Logistics IPO Listing: कंटेनर्स को हैंडल करने वाली अपाना लॉजिस्टिक्स के शेयर की आज BSE SME पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का फीका रिस्पांस मिला था और NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹60 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹60.00 पर ही एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर इसी लेवल पर बना हुआ है। फिलहाल यह ₹60.00 (Apana Logistics Share Price)  पर है यानी कि आईपीओ निवेशक न फायदे में हैं और न घाटे में।

Apana Logistics IPO को मिला था फीका रिस्पांस

अपाना लॉजिस्टिक्स का ₹34 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ओवरऑल यह 1.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.28 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.23 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 54 लाख नए शेयर जारी हुए हैं।

Apana Logistics के बारे में

अपाना लॉजिस्टिक्स कंटेनर्स की हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टेशन का काम करती है। यह कई तरह की लॉजिस्टिक्स सर्विसेज देती है जैसे कि सीएफएस (कंटेनर फ्रेट स्टेशन), आईसीडी (इनलैंड कंटेनर डिपोट) और पोर्ट्स पर कंटेनर हैंडलिंग; रोड ट्रांसपोर्टेशन, थर्ड पार्टी वेयरहाउसेज पर कार्गो हैंडलिंग। इसके अलावा यह ट्रक-ट्रेलर्स और रीच स्टैकर्स के O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) का काम भी संभालती है। मार्च 2026 तक इसके बेड़े में 33 ट्रक-ट्रेलर्स, 5 रीच स्टेकर्स और 2 क्रेन्स थे।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 40% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹5.86 करोड़ और टोटल इनकम करीब 24% के सीएजीआर से ₹31.07 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹6.30 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹8.45 करोड़ पड़े थे।

Pranav Constructions IPO Listing: 126 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 33% का लिस्टिंग गेन, लगातार मजबूत हो रही सेहत

Moneyview IPO में अब ₹750 करोड़ के ही नए शेयर होंगे जारी, बिना नया ड्राफ्ट फाइल किए मिली मंजूरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO को 126 गुना बोली, अब ग्रे मार्केट से 15 सितंबर को तगड़ी लिस्टिंग के संकेत

Pranav Constructions IPO: ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम करने वाली प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ को निवेशकों को धांसू रिस्पांस मिला था। तीन दिनों में इसका ₹351 करोड़ का आईपाीओ 126 गुना से अधिक भरा था। अब 10 सितंबर को शेयरों के अलॉटमेंट के बाद 15 सितंबर को लिस्टिंग का इंतजार है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) फिलहाल ₹48 यानी 38.71% है यानी कि बीएसई और एनएसई पर इसके शेयरों की करीब 39% प्रीमियम पर एंट्री हो सकती है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक जीएमपी की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Pranav Constructions IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹118-₹124 था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 126.34 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 268.54 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 217.73 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 45.31 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹316 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,56,869 शेयर यानी ₹35 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला हैं। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹145.72 करोड़ रीडेवलपमेंट से जुड़े सभी खर्चों, ₹91.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹42.57 करोड़ भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण की फंडिंग और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹40.31 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Pranav Constructions के बारे में

प्रणव कंस्ट्रक्शंस एक रियल एस्टेट कंपनी है जो ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स पर है। यह रीडेवलपमेंट कंपनी है यानी कि इसका मुख्य बिजनेस जमीन खरीदकर उस पर बिल्डिंग बनाना नहीं बल्कि मौजूदा पुरानी सोसायटी/प्रॉपर्टी को फिर से डेवलप करना है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसके 28 प्रोडेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, 20 पर काम चल रहा है तो 17 पर काम अभी शुरू होना है। यह कम कीमत वाले घरों से लेकर प्रीमियम सेगमेंट के भी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.32 करोड़ और टोटल इनकम 30% से अधिक के सीएजीआर से ₹763.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.44 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹159.52 करोड़ पड़े थे।

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OpenAI IPO: पहले सेफ्टी, फिर आईपीओ; इस साल नहीं लिस्ट होगी ChatGPT, खुद Sam Altman ने किया ऐलान

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO News: एक-दो नहीं, खुले 6 कंपनियों के आईपीओ; ग्रे मार्केट में सबसे तगड़ी इसकी सेहत

IPO News: आज 9 सितंबर को निवेशकों के लिए छह मेनबोर्ड आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुले हैं। मेनबोर्ड का मतलब ऐसी छह कंपनियों के आईपीओ खुले हैं, जिनके शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने हैं। इनमें डिजिटल पेमेंट, कंज्यूमर रेंटल, इंजीनियरिंग, एसेट रिकंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ये सभी आईपीओ 11 सितंबर तक खुले रहेंगे। इनमें से मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment and Identity Solutions) के साथ-साथ ऑनलाइन फर्नीचर और एप्लाएंस रेंटल प्लेटफॉर्म रेंटोमोजो (Rentomojo) अहम हैं और बड़े आईपीओ में शुमार हैं। ग्रे मार्केट में सबकी सेहत मजबूत दिख रही है लेकिन ध्यान दें कि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निवेश का फैसला जीएमपी नहीं बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

Manipal Payment and Identity Solutions IPO

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस के ₹805 करोड़ के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹322-₹339 और लॉट साइज 44 शेयर है। ग्रे मार्केट में इसके शेयर आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹33 यानी 9.73% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इस इश्यू के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे और बाकी शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी।

Rentomojo IPO

रेंटोमोजो के ₹1256 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशक ₹384-₹404 के प्राइस बैंड और ₹37 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर ₹140 के प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं यानी जीएमपी 34.65% है। इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

LCC Projects IPO

सिंचाई और पानी की सप्लाई से जुड़े काम करने वाली एलसीसी प्रोजेक्ट्स के ₹427 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹139-₹146 और लॉट साइज 102 शेयर है। इस इश्यू के तहत ₹258 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। ग्रे मार्केट में यह ₹40 यानी 27.40% के प्रीमियम पर है।

Karamtara Engineering IPO

रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइन्स से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाने वाली करमतारा इंजीनियरिंग के ₹875 करोड़ के आईपीओ में निवेशक ₹241-₹254 के प्राइस बैंड और 59 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकेंगे। इस इश्यू के तहत ₹675 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसकी जीएमपी ₹65 यानी 25.59% है।

Asset Reconstruction Company IPO

एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी के ₹733 करोड़ के आईपाओ के तहत निवेशक ₹132-₹139 के प्राइस बैंड और ₹107 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है। फिलहाल ग्रे मार्केट में यह ₹28 यानी 20.14% के प्रीमियम पर है।

Steamhouse India IPO

नाइट्रोजन का पाइपलाइन नेटवर्क चलाने वाली स्टीमहाउस इंडिया के ₹414 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹77-₹81 और लॉट साइज ₹185 शेयर है। ग्रे मार्केट में यह आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹19 यानी 23.46% की जीएमपी पर है। इस इश्यू के तहत ₹353 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

लिस्टिंग के दिन गिरावट का 4 निवेशकों ने उठाया फायदा, खरीदी 5% होल्डिंग, आपके पास है यह शेयर?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

Rays of Belief IPO Listing: डिसऑर्डर्स वाले बच्चों के इलाज और उनकी ग्रोथ में मदद करने वाली रेज ऑफ बिलीफ के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में एनएसई पर फ्लैट और बीएसई पर डेढ़ फीसदी से अधिक प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 107 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹239 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹243.00 और NSE पर ₹239.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब डेढ़ फीसदी तक का लिस्टिंग गेन (Rays of Belief Listing Gain) मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद टूटकर BSE पर यह ₹234.00 (Rays of Belief Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.09% मुनाफे में हैं।

Rays of Belief IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

रेज ऑफ बिलीफ का ₹125.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 107.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 9.01 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 279.11 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 195.86 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 52.30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं।

Rays of Belief के बारे में

रेज ऑफ बिलीफ न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स (NDDs) यानी बच्चों के विकास से जुड़ी दिक्कतों जैसे कि ऑटिज्म, एडीएचडी, डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पल्सी, इंटेलेक्चुअल डिजेबिलिटी, लर्निंग डिजेबिलिटी और ग्लोबल डेवलपमेंटल डिलेज से प्रभावित बच्चों के लिए इलाज, थेरेपी और विकास से जुड़ी मदद देती है। कंपनी ने अपना सेंटर गुड़गांव में साल 2018 में खोला था और तेजी से विस्तार किया। वित्त वर्ष 2023 में 71 स्टोर से अब वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक देश के 57 शहरों और 20 राज्यों/यूनियन टेरिटरीज में 136 सेंटर्स तक यह पहुंच गई। इसके 136 सेंटरों में 42 टियर-1 शहरों में, 77 टियर-2 शहरों में और 17 टियर-3 शहरों में है।

कंपनी मुख्य रूप से 18 महीने से 12 साल तक के बच्चों पर ध्यान देती है तो कुछ खास प्रोग्राम 15 साल तक के बच्चों के लिए भी उपलब्ध हैं। कंपनी के सेंटर्स में 150 से ज्यादा टीचिंग टूल्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा घर पर बच्चों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए 2,000 से ज्यादा टीचिंग टूल्स वाले होम-लर्निंग किट्स भी उपलब्ध हैं।

जून 2025 में कंपनी ने अमेरिका में दो कंपनियों का अधिग्रहण किया जिसमें से मॉम्स बिलीफ यूएफ (Mom’s Belief US) को पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी और एलर्जी एंड इम्यूनोलॉजी वर्जीनिया, एलएलसी को स्टेप-डाउन सब्सिडरी के तौर पर। इस अधिग्रहण के साथ कंपनी को अमेरिका के वर्जीनिया के Salem, Lynchburg और Roanoke में 3 सेंटर्स मिले हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 142% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹4.96 करोड़ और टोटल इनकम 63% से अधिक के सीएजीआर से ₹82.06 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹3.61 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.22 करोड़ पड़े थे।

Deepa Jewellers IPO Listing: 25% प्रीमियम पर ₹117 का शेयर लिस्ट, दीपा ज्वैलर्स ने बढ़ाई पोर्टफोलियो की चमक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Deepa Jewellers IPO Listing: 25% प्रीमियम पर ₹117 का शेयर लिस्ट, दीपा ज्वैलर्स ने बढ़ाई पोर्टफोलियो की चमक

Deepa Jewellers IPO Listing: गोल्ड-डायमंड के गहने बेचने वाली दीपा ज्वैलर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में शानदार एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 43 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹177 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹221.05 और NSE पर ₹221.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 25% का लिस्टिंग गेन (Deepa Jewellers Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹201.30 (Deepa Jewellers Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 13.73% मुनाफे में हैं।

Deepa Jewellers IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

दीपा ज्वैलर्स का ₹460.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 43.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 36.73 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 109.04 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 19.09 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,18,48,340 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹215.00 करोड़ लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹12.15 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹41.95 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Deepa Jewellers के बारे में

दीपा ज्वैलर्स सोने और हीरे के गहनों की खुदरा से लेकर थोक बिक्री करती है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसके ग्राहक देश के 13 राज्यों और 1 यूनियन टेरिटरी में हैं। दक्षिण भारत में इसकी दमदार मौजूदगी है। इसके ग्राहकों में 47 ज्वैलरी रिटेल चेन और 326 स्टैंडएलोन स्टोर्स हैं। कंपनी एक थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप दीपा ज्वैलर्स लिमिटेड का भी इस्तेमाल करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 16 प्रोडक्ट्स और 110 SKUs हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 107% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹104.79 करोड़ और टोटल इनकम 37% के सीएजीआर से ₹1,927.73 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹111.11 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹221.67 करोड़ पड़े थे।

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ashutosh Fibre IPO Listing: 52% प्रीमियम पर एंट्री के बाद अपर सर्किट, हर लॉट पर ₹110000 का मुनाफा

Ashutosh Fibre IPO Listing: इंडस्ट्रीज के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली आशुतोष फाइबर के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 144 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹92 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर ₹140.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 52.17% का लिस्टिंग गेन (Ashutosh Fibre Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹147.00 (Ashutosh Fibre Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 59.78% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹1.10 लाख मुनाफे में हैं।

Ashutosh Fibre IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आशुतोष फाइबर का ₹56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 अगस्त से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 144.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 143.93 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 200.85 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.16 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 61,24,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹25.51 करोड़ नए इक्विपमेंट और मशीनरी की खरीदारी, ₹20.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.06 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹8.78 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Ashutosh Fibre के बारे में

आशुतोष फाइबर टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का फोकस पॉलीप्रोपाइलीन (PP) स्पन यार्न पर है, जिनका इस्तेमाल इंडस्ट्रीज और घरों में होती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स, प्रोसेसर्स और इंस्टीट्यूशनल खरीदारों को यार्न और फैब्रिक सप्लाई करती है। कंपनी मुख्य रूप से टेक्निकल टेक्सटाइल्स के चार अहम कैटेगरीज- इंडुटेक, प्रोटेक, होमटेक और मोबाइलटेक में ऑपरेट करती है। यह फिल्टरेशन और पॉल्यूशन कंट्रोल, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव, पैकेजिंग, सेफ्टी और प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, और होम फर्निशिंग जैसी इंडस्ट्रीज के लिए कच्चा माल तैयार करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में पांच प्रोसेसिंग लाइनें और धागा बनाने की तीन टेक्नोलॉजी- रिंग स्पन, DREF (फ्रिक्शन स्पन) और ओपन-एंड स्पिनिंग मौजूद हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 51% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹16.04 करोड़ और टोटल इनकम 3% से अधिक के सीएजीआर से ₹117.43 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹47.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.15 करोड़ पड़े थे।

Purple Style Labs IPO Listing: लिस्टिंग पर 6% घटी आईपीओ निवेशकों की पूंजी, घाटे में चल रही लग्जरी कंपनी ने दिया शॉक

 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Purple Style Labs IPO Listing: लिस्टिंग पर 6% घटी आईपीओ निवेशकों की पूंजी, घाटे में चल रही लग्जरी कंपनी ने दिया शॉक

Purple Style Labs IPO Listing: कई दिग्गज डिजाइनर्स के कपड़े-गहने बेचने वाली पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों को मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹575 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹539.00 और NSE पर ₹535.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 6% से अधिक पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे गए लेकिन फिर इसने रिकवरी की कोशिश भी की। फिलहाल BSE पर यह ₹546.00 (Purple Style Labs Share Price) पर है यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.04% घाटे में हैं।

Purple Style Labs IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पर्पल स्टाइल लैब्स का ₹680 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 सितंबर से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.50 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.89 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.66 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,18,26,086 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹371.13 करोड़ अपनी पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी पीएसएल रिटेल में निवेश, ₹138.90 करोड़ सेल्स और मार्केटिंग, ₹103.13 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹66.84 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Purple Style Labs के बारे में

पर्पल स्टाइल लैब्स एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओमनी-चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। यह पर्नियाज पॉप-अप शॉप (Pernia’s Pop-Up Shop) के जरिए बच्चों से लेकर पुरुषों-महिलाओं के कपड़े, ज्वैलरी और एक्सेसरीज बेचती है। इसका फोकस शादियों और किसी खास मौके से जुड़ी लग्जरी चीजों पर है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह 1109 एक्टिव डिजाइनर ब्रांड्स से प्रोडक्ट्स लेकर दुनिया भर में बेच रही है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के 14 एक्सपीरिएंस सेंटर्स थे, जिसमें भारत में 12. लंदन में 1 और न्यूयॉर्क में 1 थे। यह एक ओमनी-चैनल बिनेस मॉडल के जरिए काम करती है, जिसमें एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टेलीफोन और डिजिटल सेल्स चैनल, इवेंट्स और एग्जिबिशन शामिल हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों में टोटल इनकम में उठा-पटक के साथ इसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 में ₹47.71 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में 188.38 करोड़ के शुद्ध घाटे से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹285.40 करोड़ के शुद्ध घाटे में आ गई। वहीं टोटल इनकम वित्त वर्ष 2024 में ₹510.03 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹494.00 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹567.07 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹371.40 करोड़ का टोटल कर्ज था।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO News: SEBI की हरी झंडी, दो कंपनियों के आईपीओ के रास्ते का एक बड़ा पड़ाव पार

IPO News: बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने पारस हेल्थकेयर और एमके सन्स के आईपीओ प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। सेबी की साइट पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक अब ये दोनों कंपनियों अपनी आईपीओ योजना पर आगे बढ़ सकती हैं। इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में सेबी के पास आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया था। अब इन्हें हरी झंडी मिल चुकी है लेकिन अभी तक आईपीओ खुलने की तारीख या प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है। आईपीओ की सफलता के बाद इनके शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Paras Healthcare IPO

पारस हेल्थकेयर ने ₹1,800 करोड़ तक का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कंपनी की योजना ₹500 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी करने की है को ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1,300 करोड़ तक के शेयरों की बिक्री हो सकती है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने में करेगी। इसके अलावा कंपनी की योजना आईपीओ के पैसों को सब्सिडियरी PMHPL में भी निवेश की है ताकि इसका भी कर्ज हल्का हो सकते है। इसके अलावा आईपीओ के बाकी पैसों का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।

पारस हेल्थकेयर पारस हेल्थ ब्रांड के तहत काम करती है और टर्शियरी और क्वाटर्नरी हेल्थकेयर सर्विसेज देती है। 31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में कुल 2,211 बेड की क्षमता वाले आठ अस्पताल चला रही थी। इसके अस्पताल हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में हैं।

MK Sons Fine Jewels IPO

एमके सन्स फाइन ज्वेल्स रिटेल-फोकस्ड ज्वैलरी कंपनी है। इसकी योजना आईपीओ के तहत 1.36 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की है और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत प्रमोटर शेयरहोल्डर रामचंद मुरलीधर रायमलानी अधिकतम 34 लाख शेयरों की बिक्री कर सकते हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी महाराष्ट्र में एक नया शोरूम खोलने, गुजरात में अपने मौजूदा शोरूम को बड़ा करने, कर्ज हल्का करने और आम कॉर्रपोरेट उद्देश्यों में करेगी। एमके सन्स फाइन ज्वेल्स अपने शोरूम के जरिए सोने, हीरे और क्यूबिक जिर्कोनिया के गहने बेचती है। अभी मुंबई और अहमदाबाद में इसके पांच शोरूम हैं।

Jio Platforms IPO: क्या आप तैयार हैं? आ रहा है ₹37000 करोड़ का देश का अब तक सबसे बड़ा आईपीओ

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।