Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार; दिल्ली, जयपुर में ₹143940 पर पहुंचा 24 कैरेट; आपके शहर में क्या है रेट

देश में सोने की कीमत में तेजी जारी है। 3 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव और बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3,000 रुपये बढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमत में मजबूती और डॉलर के कमजोर होने के कारण सोने की मांग में तेजी आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,144.83 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने बाजार के अनुमानों के मुकाबले कम सख्त रुख की बात कही है, जिससे ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की चिंताएं कम हुई हैं। इसके अलावा अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहना भी ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें कम होने का एक कारण है। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स का कहना है कि जून में नॉन-फार्म पेरोल में 57,000 नौकरियां बढ़ीं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131960 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131810 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 146190 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131810 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली131960143940
मुंबई131810143790
अहमदाबाद131860143840
चेन्नई134010146190
कोलकाता131810143790
हैदराबाद131810143790
जयपुर131960143940
भोपाल131860143840
लखनऊ131960143940
चंडीगढ़131960143940

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी तेजी कायम है। 3 जुलाई की सुबह कीमत बढ़कर 245100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। औद्योगिक मांग और निवेश के लिहाज से मांग बढ़ने के कारण चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 61.28 डॉलर प्रति औंस पर है। देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जारी, जानें किस शहर में क्या है रेट

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 03 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

UPSSSC Forest Guard Recruitment: यूपी में फॉरेस्ट गार्ड के 708 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, 12वीं और पीईटी क्वालिफाई कर सकते हैं आवेदन

UPSSSC Forest Guard Recruitment: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड मुख्य परीक्षा (PET-2025)/13 के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया है। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए नोटिफिकेशन 23 अप्रैल, 2026 को जारी किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 708 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 जून, 2026 से शुरू हो गया है और 20 जुलाई, 2026 तक चलेगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 जरूरी तारीखें

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए परीक्षा से जुड़ी जरूरी तारीखें नीचे दी गई हैं :

नोटिफिकेशन जारी : 23 अप्रैल, 2026

रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तारीख : 30 जून, 2026

रजिस्ट्रेशन बंद होने की तारीख : 20 जुलाई, 2026

फीस जमा करने के लिए रजिस्ट्रेशन बंद होने की तारीख : 27 जुलाई, 2026

एडमिट कार्ड की तारीख : TBA

एग्जाम की तारीख : TBA

रिजल्ट की तारीख : TBA

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  • आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • कैंडिडेट्स को अपना PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर और एक OTP इस्तेमाल करना होगा जो कैंडिडेट के मोबाइल नंबर या ईमेल ID पर भेजा जाएगा।
  • पंजीकरण के दौरान इस्तेमाल की निजी जानकारियों की मदद से पोर्टल पर लॉग इन करें।
  • अपनी शैक्षिक योग्यता डालें और अपनी फोटो, सिग्नेचर की स्पष्ट स्कैन फोटो अपलोड करें।
  • सबमिट करने से पहले फॉर्म को ध्यान से देख लें।
  • जारी रखें पर क्लिक करें, दूसरी जरूरी डिटेल्स भरें और एप्लीकेशन सबमिट करें।

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 आवेदन शुल्क

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 के लिए पंजीकरण तब तक पूरा नहीं होगा जब तक उम्मीदवार आवेदन शुल्क का भुगतान नहीं करते। आवेदन शुल्क क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग से अदा कर सकते हैं।

अनरिजर्व्ड (जनरल) Rs. 25

OBC Rs. 25

SC Rs. 25

ST Rs. 25

कौन कर सकता है आवेदन?

शैक्षिक योग्यता : उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या उत्तर प्रदेश के स्टेट बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है।

अन्य योगयता : काम का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत टेरिटोरियल आर्मी में कम से कम 2 साल काम किया हो, या नेशनल कैडेट कोर (NCC) से ‘B’ सर्टिफिकेट हो, या केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त किसी संस्था से कंप्यूटर एप्लीकेशन में सर्टिफिकेट लिया हो, या किसी खेल में राज्य का प्रतिनिधित्व किया हो।

उम्र सीमा : 1 जुलाई, 2026 तक कम से कम उम्र 18 साल और ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 40 साल होनी चाहिए। सरकारी नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी।

IBPS PO Recruitment 2026: पीओ, मैनेजमेंट ट्रेनी, स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 6715 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, जानें आवेदन फीस और अन्य डीटेल

जेवर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई धड़ाधड़ बसें! सुबह 6 बजे से ही पहली सर्विस, देखें 3 बड़े रूट-स्टॉपेज संग टाइमिंग और लास्ट डिपार्चर

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) आने-जाने वाले यात्रियों को जल्द ही बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) एयरपोर्ट को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों से जोड़ने के लिए नियमित बस सेवा शुरू करने जा रहा है, जैसा कि News18 ने रिपोर्ट किया है।

इन नई सेवाओं का मकसद एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाना है, जिसके तहत दिन भर तय समय पर बसें चलेंगी।

देखें टाइमिंग और रूट

UPSRTC के मुताबिक, बस सेवाएं सुबह 6 बजे शुरू होंगी, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आखिरी बस रात 11:30 बजे रवाना होगी। रूट के आधार पर बसें हर 15 से 30 मिनट में चलेंगी। नोएडा से एयरपोर्ट के लिए आखिरी बस रात 8 बजे के लिए तय की गई है।

News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट प्लान में बदलाव के तहत UPSRTC ने परी चौक से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक चलने वाली दो मौजूदा डबल-डेकर बसों का रूट बढ़ा दिया है। इस बढ़े हुए नेटवर्क में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इलाके भी शामिल होंगे, जैसे इकोटेक-16, गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी (GNU) और खैरपुर। इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

नई व्यवस्था के तहत, नोएडा से बसें सेक्टर 37 (बोटेनिकल गार्डन) से चलेंगी और परी चौक व यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए एयरपोर्ट तक जाएंगी। ग्रेटर नोएडा से चलने वाली बसें इकोटेक-16, गौर सिटी, चार मूर्ति, सूरजपुर और परी चौक से होते हुए एयरपोर्ट पहुंचेंगी।

मोहन नगर से यात्रा करने वाले यात्री लालकुआं, चार मूर्ति, सूरजपुर, परी चौक, दनकौर और रबूपुरा होते हुए एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) इलाके के मुख्य सेक्टरों और ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी से भी सीधी बस सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों ने दी जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि बस नेटवर्क का विस्तार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की बड़ी कोशिशों का हिस्सा है, क्योंकि यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। नई UPSRTC सेवाओं के अलावा, इस इलाके में पहले से ही 100 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने टर्मिनल तक हर 15 मिनट में चलने वाली एक खास शटल सर्विस भी शुरू की है।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपने रूट और बस का समय देख लें ताकि यात्रा में कोई परेशानी न हो।

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एक बार बुकिंग और पूरी ट्रिप की चिंता खत्म, IRCTC के इस शानदार टूर पैकेज से करें ट्रैवल!

IRCTC के Bharat Gaurav Tour Packages 2026 में सीनियर सिटीजन के लिए पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक ट्रैवल की व्यवस्था की गई है, जिसमें एक ही पैकेज में ट्रेन, होटल, खाना और घूमने की सुविधा मिलती है। यह यात्राएं भारत के प्रमुख धार्मिक और टूरिस्ट डेस्टिनेशन को कवर करती हैं और पूरी तरह से मैनेज्ड होती हैं। ट्रैवलर को हर जगह गाइड और सहायता मिलती है जिससे जर्नी आसान हो जाती है। यह ऑप्शन खासकर उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो बिना किसी टेंशन के भारत दर्शन करना चाहते हैं।

1. IRCTC Tour Package क्या होता है?

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IRCTC के Bharat Gaurav Tourist Train Packages ऐसे पूरे ट्रैवल पैकेज होते हैं जिनमें सिर्फ ट्रेन टिकट नहीं बल्कि पूरी जर्नी शामिल होती है। इसमें ट्रेन ट्रैवल के साथ होटल में ठहरना, खाना-पीना, लोकल ट्रांसफर, साइटसीइंग और टूर गाइड की सुविधा भी दी जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्रियों को किसी भी चीज की अलग से प्लानिंग नहीं करनी पड़ती और पूरी यात्रा एक ही सिस्टम में मैनेज हो जाती है, जो खासकर सीनियर सिटीजन के लिए बहुत आरामदायक और सुरक्षित होती है।

2. ट्रेन और रूट (2026 में ट्रिप)

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2026 में IRCTC कई धार्मिक और टूरिस्ट रूट चला रहा है, जिनमें चार धाम यात्रा, 7 ज्योतिर्लिंग दर्शन, काशी–अयोध्या–प्रयागराज टूर और दक्षिण भारत तीर्थ यात्रा जैसे पैकेज शामिल हैं। ये ट्रेन अलग-अलग शहरों से शुरू होकर भारत के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को कवर करती हैं। इन यात्राओं का उद्देश्य यात्रियों को एक ही यात्रा में अधिक से अधिक पवित्र और प्रसिद्ध जगहों का अनुभव कराना होता है, जिससे यह यात्रा धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण बन जाती है। आइये जानते है इन रूट के बारे में कि कौन सी सुविधाएं इसमें आपको मिलने वाली है:

चार धाम यात्रा रूट- 

केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर में VIP दर्शन की सुविधा हुई शुरू, अप्रैल में आयोजित होने वाली है उत्तराखंड चार धाम यात्रा - VIP darshan facility started in Kedarnath ...

इस रूट में उत्तराखंड के चार पवित्र धाम—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन कराए जाते हैं। यात्रा आमतौर पर हरिद्वार/दिल्ली से शुरू होती है और ट्रेन + बस + पहाड़ी रोड ट्रांसफर के जरिए पूरी होती है। यह पैकेज सीनियर सिटीजन के लिए बहुत सुविधाजनक होता है क्योंकि इसमें गाइड, होटल और भोजन सब शामिल रहता है। मानसून और गर्मियों में इस रूट की मांग सबसे ज्यादा रहती है क्योंकि धार्मिक आस्था और पहाड़ी प्राकृतिक दृश्य दोनों साथ मिलते हैं।

 

7 ज्योतिर्लिंग यात्रा रूट-

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इस यात्रा में भगवान शिव के 7 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराए जाते हैं जैसे महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णेश्वर और नागेश्वर। यह रूट कई राज्यों को कवर करता है और लगभग 10–12 दिन का होता है। यात्रियों को हर जगह ट्रेन से बस ट्रांसफर और गाइड के साथ मंदिर दर्शन कराया जाता है। यह पैकेज सबसे लोकप्रिय धार्मिक टूर में से एक है क्योंकि इसमें पूरे भारत के महत्वपूर्ण शिव मंदिर शामिल होते हैं।

 

काशी–अयोध्या–प्रयागराज टूर रूट-

अयोध्या में आस्था के साथ सुविधा का संगम, 20.64 करोड़ से परिक्रमा मार्ग के 6 आश्रमों का हुआ कायाकल्प - chaurasi kosi parikrama route modern facilities infrastructure development ...

इस रूट में उत्तर भारत के सबसे पवित्र धार्मिक स्थल शामिल होते हैं। वाराणसी (काशी), अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों में गंगा आरती, राम मंदिर दर्शन और संगम स्नान का अनुभव दिया जाता है। यह यात्रा धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें सनातन धर्म के प्रमुख केंद्र एक साथ कवर होते हैं। ट्रेन से लेकर लोकल बस ट्रांसफर और होटल स्टे सब पहले से फिक्स होता है।

 

दक्षिण भारत तीर्थ यात्रा रूट-

राम मंदिर के पास 700 करोड़, देश के सबसे अमीर मंदिरों के पास कितना खजाना, देखें तिरुमला से वैष्णो देवी तक टॉप 20 लिस्ट | Ram Mandir Ayodhya among richest temple in

इस पैकेज में तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी और अन्य प्रमुख मंदिरों का दर्शन कराया जाता है। यह रूट धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों अनुभव देता है क्योंकि इसमें समुद्री किनारे और मंदिर दोनों शामिल होते हैं। यह यात्रा 9–11 दिन की होती है और स्लीपर से लेकर 2AC तक के ऑप्शन मिलते हैं। भोजन पूरी तरह शाकाहारी और ट्रिप पूरी तरह मैनेज्ड होती है।

3. IRCTC टूर पैकेज का किराया

खुशखबरी: अगले महीने से चलेगी Sleeper Vande Bharat; साल के अंत तक 30 ट्रेनों को चलाने की तैयारी Sleeper Vande Bharat Launch Next Month 30 Trains Till Year End Top Speed Indian

 

IRCTC टूर पैकेज का किराया फिक्स होता है और यह यात्रा की क्लास और सुविधाओं पर निर्भर करता है। आमतौर पर स्लीपर क्लास में ₹15,000 से ₹30,000, 3AC में ₹25,000 से ₹45,000 और 2AC में ₹35,000 से ₹60,000 या उससे अधिक तक का खर्च आता है। इस किराए में ट्रेन यात्रा, होटल, खाना और साइटसीइंग सब शामिल होता है, जिससे यात्रियों को अलग से कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता और पूरी यात्रा एक बजट में पूरी हो जाती है।

4. खाने-पीने की सुविधा

‍वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सफर होगा और खास, रेलवे के इस बड़े फैसले से बदल जाएगा सफर का एहसास

इन टूर पैकेजों में यात्रियों को पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी भोजन दिया जाता है, जिसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, रात का खाना और बीच-बीच में चाय व स्नैक्स शामिल रहते हैं। कई जगहों पर यात्रियों को स्थानीय भोजन का स्वाद भी दिया जाता है ताकि वे उस क्षेत्र की संस्कृति को भी अनुभव कर सकें। सीनियर सिटीजन को ध्यान में रखते हुए भोजन हल्का, साफ और आसानी से पचने वाला रखा जाता है।

5. रहने की सुविधा

Rooms Jagoda I Cozy Alpine Stay Near Bled, Blejska Dobrava (अपडेट की गई कीमतें 2026)

जर्नी के दौरान पैसेंजर को आमतौर पर 2 या 3 स्टार होटल या अच्छे गेस्ट हाउस में ठहराया जाता है। कमरे साफ-सुथरे और बेसिक सुविधाओं से लैस होते हैं, ताकि यात्रियों को आराम मिल सके। कुछ प्रीमियम पैकेज में AC कमरे भी उपलब्ध कराए जाते हैं। होटल का चयन इस तरह किया जाता है कि वह पर्यटन स्थलों के पास हो, जिससे यात्रा में समय और ऊर्जा दोनों की बचत हो।

6. ट्रेन की सुविधाएं 

IRCTC To Start 18 Day Shri Ramayan Yatra From June 21 2022: Indian Railways RCTC to Start Bharat Gaurav Tourism Train for Ramayana Circuit and offer of Ticket EMIs-भारत गौरव टूरिज्‍म ट्रेन

Bharat Gaurav ट्रेनों में AC और स्लीपर कोच, CCTV सुरक्षा, पेंट्री कार, टूर मैनेजर और मेडिकल सहायता जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। ट्रेन के अंदर सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। कुछ प्रीमियम ट्रेनों में मॉडर्न किचन, शॉवर और एंटरटेनमेंट सिस्टम जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं, जिससे यात्रा और भी आरामदायक बन जाती है।

7. सीनियर सिटीजन के लिए खास फायदे

Indian Railways: ट्रेन में सीनियर सिटीजन को मिलती हैं ये 3 खास सुविधाएं, बहुत कम लोगों को पता है ये बात | Indian Railways provides these facilities to senior citizens Senior Citizen

सीनियर सिटीजन यात्रियों के लिए इस टूर में कई खास सुविधाएं दी जाती हैं जैसे लोअर बर्थ की प्राथमिकता, कम चलने वाली यात्रा व्यवस्था, मेडिकल सपोर्ट और हर जगह गाइड की सुविधा। पूरी यात्रा को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि बुजुर्ग यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे आराम से यात्रा का आनंद ले सकें। हर जगह स्टाफ उनकी मदद के लिए उपलब्ध रहता है।

8. सीनियर सिटीजन के लिए सेफ्टी टिप्स

3,000+ Free Senior-Citizen & Senior Citizens Images - Pixabay

सीनियर सिटीजन के लिए ट्रैवल के दौरान सबसे जरूरी है कि वे हमेशा अपने जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट साथ रखें। भीड़-भाड़ और फिसलन वाली जगहों पर सावधानी से चलें और गाइड या ग्रुप के साथ ही रहें। हल्का सामान लेकर चलें ताकि ज्यादा थकान न हो और आराम से यात्रा कर सकें। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत टूर मैनेजर या स्टाफ की मदद लें।

9. बुकिंग और जरूरी टिप्स

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IRCTC टूर पैकेज की बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट या टूरिज्म पोर्टल के माध्यम से की जाती है और सीटें सीमित होने के कारण जल्दी भर जाती हैं। यात्रा के दौरान पहचान पत्र, जरूरी दवाइयां और हल्का सामान साथ रखना जरूरी होता है। मौसम और स्थान के अनुसार कपड़े और आरामदायक जूते पहनना चाहिए क्योंकि यात्रा के दौरान कार्यक्रम में बदलाव भी हो सकता है। समय से पहले बुकिंग करना सबसे अच्छा विकल्प होता है ताकि बेहतर सीट और सुविधा मिल सके।

IRCTC के Bharat Gaurav Tour Packages सीनियर सिटीजन के लिए एक सुरक्षित, आरामदायक और पूरी तरह से ट्रैवल का बेहतरीन ऑप्शन हैं। इसमें ट्रेन, होटल, खाना और दर्शन की सभी सुविधाएं एक ही पैकेज में मिल जाती हैं। इससे यात्रियों को किसी भी तरह की प्लानिंग या परेशानी नहीं करनी पड़ती। कुल मिलाकर यह भारत दर्शन का एक आसान और भरोसेमंद तरीका है।

Guru Purnima 2026: आषाढ़ माह में कब मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा, जानें इसकी सही तारीख और इस दिन गुरु को क्या दें भेंट

Guru Purnima 2026: गुरू पूर्णिमा का दिन हमारे देश में हर साल बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन धार्मिक आयोजनों के साथ ही माता-पिता सहित अपने सभी गुरुओं को नमन करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया जाता है। गुरु ही हमें सही और गलत में अंतर करना सिखाते हैं, भक्त को भगवान से मिलाते हैं और जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं। गुरु के इसी महत्व का उत्सव आषाढ़ मास में हर साल मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ शिक्षकों के लिए नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति के प्रति आभार जताने का मौका है जिसने हमें जीवन में सही राह दिखाई हो। आइए जानें इस साल गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाएगी और इस दिन हम अपने गुरु को क्या भेंट दे सकते हैं ?

कब है गुरु पूर्णिमा?

इस साल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई 2026 को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर हो रही है। यह अगले दिन 29 जुलाई 2026 को रात 8 बजकर 5 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि को मानते हुए देश भर में गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई को ही मनाया जाएगा।

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

ऋषिकेश के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने नेटवर्क 18 को बताया कि इस दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनें। इसके बाद अपने गुरु का ध्यान करें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें। इस दिन गुरु की सेवा करना और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना बहुत शुभ माना जाता है। लोग इस दिन दान-पुण्य और पाठ-पूजा भी करते हैं।

गुरु को दिखावा नहीं अपनी भावना की भेंट दें

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप क्या उपहार दे रहे हैं, ये मायने नहीं रखता। गुरु के प्रति आपका आदर भाव सबसे जरूरी है। मान्यताओं के अनुसार आप अपने गुरु को किताबें, धार्मिक ग्रंथ, साफ कपड़े, फल, मिठाई, पेन या डायरी दे सकते हैं। इसके अलावा ज्ञान और तरक्की के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट करना भी बहुत अच्छा माना जाता है।

ये गलतियां करने से बचें

इस पवित्र दिन पर किसी भी हाल में अपने गुरु का आदर करना चाहिए। भूल से भी उनका अपना नहीं करना चाहिए। अगर गुरु से किसी बात पर मतभेद भी हो, तब भी इस दिन पूरी विनम्रता बनाए रखें। अगर आपके जीवन में कोई प्रत्यक्ष गुरु नहीं हैं, तो आप अपने माता-पिता या शिक्षकों को गुरु मानकर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर कर सकते हैं।

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Kusumgar IPO: 8 जुलाई को खुलेगा ₹650 करोड़ का IPO, प्रमोटर OFS के जरिए बेचेंगे हिस्सेदारी

Kusumgar IPO: मुंबई की सिंथेटिक फैब्रिक बनाने वाली कंपनी Kusumgar का 650 करोड़ रुपये का IPO 8 जुलाई को निवेशकों के लिए खुलेगा। जुलाई महीने में खुलने वाला यह दूसरा IPO होगा। इससे पहले Knack Packaging का IPO 3 जुलाई को बंद होगा।

कब खुलेगा IPO और कब होगी लिस्टिंग?

IPO का एंकर बुक 7 जुलाई को खुलेगा। रिटेल इनवेस्टर 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच Kusumgar IPO में पैसे लगा सकेंगे। शेयरों के अलॉटमेंट को 13 जुलाई तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयर 15 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी इसमें कोई फ्रेश इश्यू नहीं है। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा। कंपनी के पास इस इश्यू से कोई पैसा नहीं आएगा।

IPO के जरिए कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, उनकी पत्नी सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और Siddharth Yogesh Kusumgar HUF अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, IPO लाने का मकसद ऑफर फॉर सेल पूरा करना और कंपनी के शेयरों को शेयर बाजार में लिस्ट कराना है।

क्या काम करती है Kusumgar?

Kusumgar इंजीनियर्ड फैब्रिक और उससे जुड़े सॉल्यूशन तैयार करती है। कंपनी पॉलीअमाइड, पॉलिएस्टर फिलामेंट और पॉलीयूरेथेन आधारित फैब्रिक बनाती है। इसके प्रोडक्ट एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल, ऑटोमोबाइल, आउटडोर और लाइफस्टाइल जैसे कई सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं।

कंपनी का कारोबार कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा। कंपनी का मुनाफा 12.3% घटकर 98.2 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रेवेन्यू 11.2% गिरकर 692 करोड़ रुपये पर आ गया।

हालांकि, इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया था। उस दौरान मुनाफा 32.7% बढ़कर 112 करोड़ रुपये पहुंच गया था। वहीं, रेवेन्यू 66.5% बढ़कर 779 करोड़ रुपये हो गया था। यानी पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी के कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कौन संभाल रहा है IPO?

Kusumgar ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 3.5 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर आरक्षित रखे हैं। इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) Axis Capital, IIFL Capital Services और Motilal Oswal Investment Advisors हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आप जो फेमस Red Bull, Sting पीते हैं उनके समेत 6 बड़े ब्रांड्स को मिल गया FSSAI का नोटिस, ऐसा क्या कर दिया?

FSSAI: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने छह बेवरेज (पेय) ब्रांड्स को “एनर्जी ड्रिंक” शब्द के इस्तेमाल और कथित तौर पर गुमराह करने वाले दावों को लेकर नोटिस जारी किए हैं। फूड रेगुलेटर के मुताबिक, “एनर्जी ड्रिंक” या इसी तरह के बेचे जाने वाले दूसरे प्रोडक्ट्स के लिए अभी तक कोई मानक तय नहीं किया गया है।

एक इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, “FSSAI ने ‘एनर्जी ड्रिंक’ होने का दावा करने वाले कई बेवरेज ब्रांड्स को गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों के लिए नोटिस जारी किए हैं।”

जिन ब्रांड्स को नोटिस मिले

ये नोटिस Red Bull, Sting, Monster, Campa Energy, Hell Energy, Adrenaline Rush और Gold Boost  को जारी किए गए हैं। आरोप है कि कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग और दावों के जरिए ग्राहकों को गुमराह कर रही हैं। हालांकि, इन कंपनियों की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

नोटिस क्यों जारी किए गए?

FSSAI का कहना है कि भारत में अब तक Energy Drink नाम की कोई आधिकारिक फूड कैटेगरी या उसका कोई अलग मानक तय नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि किसी प्रोडक्ट को सिर्फ Energy Drink कहकर बेचना या उसी नाम से प्रचार करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। रेगुलेटर का कहना है कि फूड कैटेगरी सिस्टम केवल प्रशासनिक वर्गीकरण के लिए है। इसे प्रोडक्ट का नाम या मार्केटिंग टर्म नहीं बनाया जा सकता।

FSSAI ने प्रोडक्ट के दावों के बारे में क्या कहा?

FSSAI ने कहा है कि किसी भी खाने-पीने के प्रोडक्ट्स पर ऐसे दावे नहीं किए जा सकते जो शरीर या दवा से जुड़े हों (functional या therapeutic claims)। रेगुलेटर के अनुसार, “शरीर और दिमाग को मजबूत करना”, “ध्यान बढ़ाना”, “एनर्जी लेवल बढ़ाना”, “कमजोरी दूर करना” जैसे दावे या ऐसे ही अन्य दावे खाद्य उत्पादों पर करना नियमों के खिलाफ है। ये दावे FSS Act 2006 और उसके तहत बने नियमों के अनुसार मान्य नहीं हैं।

हाल की कार्रवाई

FSSAI ने हाल के महीनों में गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों को लेकर फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रेगुलेटर ने ग्राहकों से मिली शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाई की है और फूड सेफ्टी व रेगुलेटरी नियमों के पालन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कार्रवाई की जानकारी भी शेयर की है।

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EPF Rule Change: ₹15000 से ज्यादा सैलरी पर EPF कटौती अब होगी वैकल्पिक, सरकार ने बदले नियम

EPF Rule Change: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने Employees’ Provident Funds Scheme, 2026 लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत 15,000 रुपये से ज्यादा मंथली बेसिक सैलरी पर EPF का योगदान अब वैकल्पिक (Optional) होगा। यानी अब कर्मचारी और कंपनी चाहें तो सिर्फ तय वेतन सीमा तक EPF जमा करें या फिर उससे ज्यादा सैलरी पर भी योगदान जारी रखें।

पहले क्या था नियम?

पुराने Employees’ Provident Funds Scheme, 1952 के तहत 15,000 रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए EPF में शामिल होना जरूरी था।

अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये से ज्यादा होती थी और वह EPF में शामिल हो जाता था, तो कर्मचारी और कंपनी दोनों को उसकी पूरी बेसिक सैलरी पर EPF का योगदान देना पड़ता था। जैसे कि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है। पुराने नियम के तहत अगर वह ज्यादा वेतन पर EPF में शामिल था, तो EPF की कटौती पूरे 50,000 रुपये के आधार पर होती थी।

अब क्या बदला?

नए नियम के मुताबिक, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी सरकार की तय वेतन सीमा (फिलहाल 15,000 रुपये) से ज्यादा है, तो EPF का योगदान डिफॉल्ट रूप से सिर्फ 15,000 रुपये तक ही माना जाएगा।

मतलब कि अगर आपकी बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो अब कर्मचारी और कंपनी चाहें तो EPF की कटौती सिर्फ 15,000 रुपये के आधार पर कर सकते हैं। पूरी 50,000 रुपये की सैलरी पर EPF जमा करना अब जरूरी नहीं होगा।

ज्यादा सैलरी पर भी जमा कर सकते हैं EPF

इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा सैलरी पर EPF जमा नहीं होगा। अगर कर्मचारी और कंपनी दोनों चाहें, तो वे पहले की तरह वास्तविक बेसिक सैलरी पर भी EPF का योगदान जारी रख सकते हैं।

अगर आपकी बेसिक सैलरी 35,000 रुपये है और आप ज्यादा PF जमा करके रिटायरमेंट फंड बढ़ाना चाहते हैं, तो कंपनी की सहमति से पूरे 35,000 रुपये पर भी EPF कट सकता है।

पेंशन फंड पर क्या असर होगा?

नए नियम में यह भी कहा गया है कि Employees’ Pension Scheme (EPS), 1995 के तहत जिन कर्मचारियों को ज्यादा वेतन पर योगदान की अनुमति मिली हुई है, उनके मामले में कंपनी वेतन सीमा से ऊपर की सैलरी पर भी पेंशन फंड में योगदान कर सकती है।

कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा?

अब कर्मचारी और कंपनी के पास दो विकल्प होंगे।

  • EPF का योगदान सिर्फ सरकार की तय वेतन सीमा (फिलहाल 15,000 रुपये) तक रखें।
  • या फिर आपसी सहमति से कर्मचारी की पूरी बेसिक सैलरी पर EPF का योगदान जारी रखें।

यानी अब 15,000 रुपये से ज्यादा बेसिक सैलरी पर EPF की कटौती अनिवार्य नहीं होगी। कर्मचारी और कंपनी आपसी सहमति से तय कर सकेंगे कि PF पूरे वेतन पर कटेगा या सिर्फ तय वेतन सीमा तक।

(एजेंसी से इनपुट के साथ)

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Mojtaba Khamenei: इस डर की वजह से पिता अली खामेनेई के जनाजे में शामिल नहीं होंगे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा! ईरान से आया बिग अपडेट

Mojtaba Khamenei: ईरान से एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के जनाजे में सार्वजनिक रूप से शामिल होने की संभावना बेहद कम है। इस फैसले के पीछे सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताएं और संभावित हमलों का डर बताया जा रहा है क्योंकि इस समय इजरायल के साथ तनाव काफी बढ़ा हुआ है। इंडिया टुडे की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन के साथ एक विशेष इंटरव्यू में अयातुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि मोजतबा खुद जनता से मिलना चाहते हैं लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उन्हें ऐसा न करने की सख्त सलाह दे रही हैं।

तेहरान के लिए रवाना होने से पहले इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बातचीत करते हुए इलाही ने कहा कि मैं पिछले हफ्ते ईरान में था और मेरे कुछ दोस्तों से मिला जिन्होंने मोजतबा से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि मोजतबा बाहर आना चाहते हैं और लोगों से मिलना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उन्हें इसकी इजाजत नहीं दे रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह बेहद खतरनाक है और वे उनके लिए सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकते। मुझे लगता है कि वह बाहर नहीं आएंगे।

कड़े सुरक्षा पहरे के बीच होगा अंतिम संस्कार

अली खामेनेई के जनाजे में हजारों शोककुल लोगों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के तेहरान पहुंचने की उम्मीद है। यह समारोह इस्लामिक गणराज्य ईरान के लिए एक धार्मिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षण बनने जा रहा है। इस साल की शुरुआत में ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के बीच हुए युद्ध के बाद से सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। संभावित जवाबी कार्रवाई या टारगेटेड अटैक्स की आशंकाओं को देखते हुए अधिकारियों द्वारा अंतिम संस्कार के जुलूस के आसपास व्यापक सुरक्षा बल तैनात किए जाने की उम्मीद है।

इलाही ने बताया कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान में माहौल बेहद भावुक है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बहुत-बहुत बड़ा नुकसान है। उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी आत्मा, अपने प्राण खो दिए हैं। उनका मानना है कि कोई भी उनकी जगह नहीं ले सकता। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान और विदेशों से समर्थक दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए यात्रा कर रहे हैं। वे एकजुटता दिखाने और यह कहने आ रहे हैं कि हम आपके साथ हैं, हम आपको कभी नहीं भूलेंगे और आपके रास्ते पर चलेंगे।

मोजतबा की पब्लिक अपियरनेंस नहीं होने पर उठ रहे सवाल

मोजतबा खामेनेई की संभावित अनुपस्थिति से उनकी स्थिति और उनके अधिकार को लेकर कयासबाजी और तेज होने की संभावना है। 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल हवाई हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाया गया था। तब से वह लोगों के बीच से दूर रहे हैं। हालांकि उन्होंने एक दर्जन से अधिक लिखित संदेश जारी किए हैं और आधिकारिक संचार चैनलों के माध्यम से सक्रिय उपस्थिति बनाए रखी है लेकिन अभी तक उनकी कोई भी प्रमाणित सार्वजनिक उपस्थिति सामने नहीं आई है।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि जिस हवाई हमले में खामेनेई परिवार के कई सदस्य और मोजतबा की पत्नी जहरा हदाद अदेल मारी गई थीं, उसी हमले में मोजतबा खुद भी घायल हो गए थे। उनकी इस लंबी अनुपस्थिति ने राजनयिक और खुफिया हलकों में उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा स्थिति दोनों को लेकर अटकलों को हवा दी है। अगर वह अपने पिता के जनाजे में शामिल नहीं होते हैं तो उनके नेतृत्व और सार्वजनिक वैधता पर सवाल और गहरे हो सकते हैं।

आपको बता दें कि अपने पिता के विपरीत मोजतबा खामेनेई ने अपने करियर का अधिकांश समय पर्दे के पीछे बिताया है। अली खामेनेई सुप्रीम लीडर बनने से बहुत पहले ही एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति थे। उन्होंने 1989 में देश का सर्वोच्च पद संभालने से पहले 1981 से 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। इसके उलट मोजतबा ने कभी भी औपचारिक रूप से कोई सरकारी पद नहीं संभाला है। विश्लेषकों का मानना है कि उन्होंने सुप्रीम लीडर के कार्यालय के भीतर एक प्रभावशाली भूमिका निभाई और शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ करीबी संबंध बनाए रखे।

साल 2019 में संयुक्त राज्य अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने मोजतबा पर प्रतिबंध लगा दिया था और उन पर ईरान के कट्टरपंथी क्षेत्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद करने का आरोप लगाया था। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप था कि उन्होंने ईरान के बाहरी ऑपरेशन्स और आंतरिक सुरक्षा तंत्र का समर्थन करने के लिए कुद्स फोर्स और बासिज मिलिशिया के साथ मिलकर काम किया था। उनका नाम ईरान के राजनीतिक विवादों में भी बार-बार सामने आया है।

क्या मोजतबा कायम कर पाएंगे पिता जैसा दबदबा?

भले ही मोजतबा सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विश्लेषक इस बात को लेकर बंटे हुए हैं कि क्या वह अपने पिता जैसा प्रभाव हासिल कर पाएंगे। खुफिया आकलनों का हवाला देने वाली ब्लूमबर्ग की एक जांच के मुताबिक मोजतबा ने तेल राजस्व और अपतटीय निवेशों से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से पर्याप्त संपत्ति और प्रभाव बनाया है। कई जानकारों का तर्क है कि संस्थागत शक्ति सीधे तौर पर व्यक्तिगत अधिकार में नहीं बदल जाती। यूनिवर्सिटी ऑफ ओटावा के प्रोफेसर थॉमस जूनो ने कहा कि मोजतबा के पास अभी भी उस कद की कमी है जो उनके पिता ने दशकों में बनाया था। जूनो ने कहा कि मोजतबा खामेनेई की भूमिका अभी अस्पष्ट है। इस मोड़ पर इसकी संभावना बहुत कम है कि उनके पास उतना प्रभाव हो जितना उनके पिता का हुआ करता था।

तनाव के बावजूद ईरान जता रहा है भरोसा

जब इलाही से इजरायल की ओर से मिल रही नई धमकियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हालिया सैन्य तनाव के बावजूद ईरान मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कई देश ईरान की तारीफ कर रहे थे और कह रहे थे कि ईरान युद्ध जीत गया। ईरान अब भी बहुत मजबूत है और डटने के लिए तैयार है। फिलहाल सभी की निगाहें तेहरान पर टिकी हैं कि क्या मोजतबा खामेनेई ईरान के आधुनिक राजनीतिक इतिहास के इस सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर आखिरकार सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं या नहीं।

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