Panchak 2026: जुलाई में ये 10 दिन होंगे भारी, दो बार लग रहे पंचक की जानें सही तारीख और नियम

Panchak 2026: जुलाई 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस महीने में हिंदी माह आषाढ़ रहेगा और इसमें कई प्रमुख व्रत और पर्व आएंगे। इसके अलावा इस माह में दो बार पंचक का संयोग भी बनेगा। हिंदू धमें में कुछ ऐसे दिन बताए गए हैं, जब कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। इनमें से एक है पंचक, जो पांच दिनों तक रहता है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा जब कुंभ और मीन राशि में गोचर करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में रहता है तो उसे पंचक कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जुलाई 2026 के महीने में दो बार पंचक लग रहा है। जुलाई 2026 में पंचक की सही तारीखें, समय और इसके नियम नीचे दिए गए हैं :

जुलाई 2026 में पंचक की तिथियां

पहला पंचक (मृत्यु पंचक): 04 जुलाई 2026, शनिवार से प्रारंभ होकर 08 जुलाई 2026, बुधवार तक रहेगा। इस पंचक की शुरुआत शनिवार से होने के कारण इसे ‘मृत्यु पंचक’ कहा जाता है। ज्योतिष में इसे बेहद संवेदनशील और अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

दूसरा पंचक (चोर पंचक): 31 जुलाई 2026, शुक्रवार को प्रारंभ होकर अगले महीने यानि 04 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। यह पंचक शुक्रवार से शुरू होगा, इसलिए ये ‘चोर पंचक’ कहा जाता है। इस दौरान धन हानि या चोरी का खतरा रहता है।

पंचक में ये न करें

शास्त्रों के अनुसार पंचक के दौरान 5 कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान किए गए गलत काम का प्रभाव 5 गुना बढ़ जाता है:

  • पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है।
  • पंचक काल में मकान का लेंटर या छत डलवाने का काम पूरी तरह वर्जित होता है। ऐसा करने से धन हानि और घर में अशांति हो सकती है।
  • इन 5 दिनों में घर के निर्माण के लिए लकड़ी खरीदना, काटना या घास-फूस और ईंधन इकट्ठा करना अशुभ माना जाता है। इससे आग का भय रहता है।
  • पंचक के दौरान नया पलंग, चारपाई बनाना या खरीदना शास्त्रों में मना है।
  • यदि पंचक काल में किसी की मृत्यु हो जाती है, तो शव के अंतिम संस्कार के समय किसी योग्य पंडित की सलाह पर पांच कुश (घास) या आटे के पुतले बनाकर साथ में जलाने का विधान है, ताकि पंचक दोष शांत हो सके।

दिन के अनुसार तय होता है पंचक का नाम

पंचक कुल पांच प्रकार का होता है और इसका नाम दिन के अनुसार तय होता है। ज्योतिष के अनुसार, रविवार के दिन शुरू होने वाला पंचक रोग पंचक कहलाता है। इसी तरह सोमवार से लग रहा पंचक राज पंचक, मंगलवार को शुरू होने वाला अग्नि पंचक, शुक्रवार से प्रारंभ होने वाला रोग पंचक और शनिवार को प्रारंभ होने वाला मृत्यु पंचक कहलाता है।

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SEBI ने वाडीलाल के प्रमोटर फैमिली ट्रस्ट को ओपन ऑफर पेश करने से छूट दी, जानिए क्या है पूरा मामला

सेबी ने आईवीजी ट्रस्ट को ओपन ऑफर पेश करने से छूट दी है। वाडीलाल इंडस्ट्रीज और और वाडीलाल एंटरप्राइजेज ने इस ट्रस्ट की शुरुआत की थी। रेगुलेटर के इस कदम से सक्सेशन प्लानिंग के तहत गांधी फैमिली की शेयरहोल्डिंग की इनटर्नल रीस्ट्रक्चरिंग का रास्ता साफ हो गया है।

सेबी ने इस बारे में 3 जुलाई को दो अलग-अलग आदेश जारी किए। सेबी के होल-टाइम मेंबर कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने आईवीजी ट्रस्ट को टेकओवर कोड के प्रावधानों से छूट दे दी। आम तौर पर इस प्रावधान के तहत किसी कंपनी का अधिग्रहण करने वाली कंपनी को उस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी में एक सीमा से ज्यादा हो जाने पर ओपन ऑफर पेश करना होता है। यह ओपन ऑफर पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए होता है।

सेबी ने कहा है कि प्रस्तावित अधिग्रहण इनटर्नल फैमिली रीऑर्गेनाइजेशन है। इसमें किसी तरह का कमर्शियल ऑब्जेक्टिव शामिल नहीं है। इससे प्रमोटर ग्रुप की कुल शेयरहोल्डिंग में भी बदलाव नहीं हो रहा है। इससे पब्लिक शेयरहोल्डिंग या कंट्रोल में भी किसी तरह का बदलाव नहीं हो रहा। रीस्ट्रक्चरिंग का यह मामला IVG Trust से जुड़ा है। इस ट्रस्ट की स्थापना जुलाई 2025 में हुई थी। Ila V. Gandhi इस ट्रस्त की सेटलर हैं। वीरेंद्रभाई रामचंद्र गांधी और उनके बेटे जनमेजय वीरेंद्रभाई गांधी इसके ट्रस्टीज हैं। बेनेफिशियरीज में वीरेंद्रभाई गांधी, इला गांधी, जनमेजय गांधी और उनके वंशज शामिल हैं।

यह ट्रस्ट वाडीलाल इंडस्ट्रीज के लिए 2,81,458 शेयरों का अधिग्रहण करेगा। यह कंपनी में 3.92 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। इससे पहले इला गांधी और जनमेजय गांधी को अपनी हिस्सेदारी वीरेंद्रभाई गांधी को गिफ्ट में देनी होगी। उसके बाद वह कंसॉलिडेटेड हिस्सेदारी ट्रस्ट को ट्रांसफर कर देंगे। ट्रस्ट परोक्ष रूप से प्रमोटर की कंपनियों वाडीलाल इंटरनेशनल, Veronica Constructions और Axilord Pvt Ltd का भी नियंत्रण हासिल करेगा। ट्रस्ट इन कंपनियों में प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग के ट्रांसफर के जरिए कंट्रोल हासिल करेगा। कुल मिलाकर इन कंपनियों की वाडीलाल इंडस्ट्रीज में 47.2 फीसदी हिस्सेदारी है।

सेबी के आदेश के मुताबिक, ट्रांसफर के जरिए वाडीलाल इंडस्ट्रीज में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 64.72 फीसदी पर अपरिवर्तित रहेगी। पब्लिक शेयरहोल्डिंग भी 35.28 फीसदी बनी रहेगी। टेकओवर कोड के प्रावधानों के तहत ओपन ऑफर पेश करने से छूट के लिए अप्लिकेशन अगस्त 2025 में फाइल किया गया था। बाद में इसे रिवाइज किया गया। सेबी ने मामले पर विचार करने और अपने सवालों के जवाब से संतुष्ट होने के बाद ट्रस्ट को ओपन ऑफर पेश करने से छूट दे दी।

Vaibhav Sooryavanshi Debut: वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, 15 साल की उम्र में किया डेब्यू

Vaibhav Sooryavanshi Debut: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे टी20 मुकाबले में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी डेब्यू करने जा रहे हैं।  इस उपलब्धि के साथ वैभव सबसे कम उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 15 साल और 99 दिन की उम्र में डेब्यू कर सचिन तेंदुलकर के सबसे युवा भारतीय डेब्यू का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

भारत की प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हर्षित राणा, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग

‘कोच नहीं सेलेक्टर्स लें विराट-रोहित पर फैसला…’ वर्ल्ड कप 2027 को लेकर कपिल देव का बड़ा बयान

भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुट गई है। भारत का वनडे में अगला मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच 14 जुलाई से खेला जाएगा। वहीं 2027 वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि, 2027 वनडे विश्व कप के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा के चयन का फैसला पूरी तरह सेलेक्टर्स को करना चाहिए। उनके मुताबिक, टीम में किस खिलाड़ी को जगह मिलेगी, इसका अंतिम अधिकार सेलेक्टर्स के पास होना चाहिए।

2027 वनडे विश्व कप तक विराट कोहली और रोहित शर्मा की उम्र काफी बढ़ जाएगी। ऐसे में लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या दोनों उस टूर्नामेंट में खेलेंगे। वहीं दोनों ही खिलाड़ी अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने अपनी फिटनेस और फॉर्म बनाए रखने की चुनौती होगी।

कपिल देव ने क्या कहा

हाल के दिनों में ऐसी चर्चाएं भी सामने आई हैं कि गौतम गंभीर की अगुवाई वाला टीम मैनेजमेंट शायद विराट कोहली और रोहित शर्मा को 2027 वनडे विश्व कप की टीम में नहीं देखना चाहता। इस पर कपिल देव ने इंडिया टुडे से कहा, “देखिए, सबसे अहम भूमिका टीम मैनेजमेंट की नहीं, बल्कि चयन समिति की होती है। पांचों चयनकर्ता अगर किसी खिलाड़ी को टीम के लिए योग्य मानते हैं, तो वही फैसला सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। इसके बाद ही कप्तान और टीम मैनेजमेंट की राय ली जानी चाहिए। अगर चयनकर्ता अपना काम सही तरीके से कर रहे हैं, तो वही प्रक्रिया सही है।”

रोहित को लेकर क्या कहा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट वनडे में बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों की ओपनिंग जोड़ी को प्राथमिकता देना चाहता है। इसी वजह से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कपिल देव ने ये साफ नहीं किया कि वह 2027 वनडे विश्व कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा को खेलते देखना चाहते हैं या नहीं। कपिल देव ने कहा, “मुझे नहीं पता कि चयनकर्ताओं की सोच क्या है। कई बार लोग कहते हैं कि 25 साल का खिलाड़ी कैसे संन्यास ले सकता है, लेकिन ऐसा होता है। वहीं अगर कोई खिलाड़ी 39 या 40 साल की उम्र में भी पूरी तरह फिट है, उसमें काबिलियत है और वह अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे खेलने से क्यों रोका जाए?”

उन्होंने आगे कहा, “उम्र को नहीं, बल्कि प्रदर्शन को महत्व देना चाहिए। हां, उम्र बढ़ने के साथ एक मुश्किल ये होती है कि अगर अनुभवी खिलाड़ी खराब दौर से गुजरता है तो लोग तुरंत कहने लगते हैं कि उसका समय खत्म हो गया। जबकि यही स्थिति किसी युवा खिलाड़ी के साथ हो, तो लोग उसे वापसी का मौका देने की बात करते हैं।”

बिहार के BJP MLA राजू सिंह को 4 साल की सजा, इस मामले में दिल्ली कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को बिहार से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 में जश्न के दौरान हुई हर्ष फायरिंग के मामले में दोषी करार देते हुए चार साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। इस घटना में दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल की पार्टी के दौरान डॉक्टर अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या के मामले में दोषी मानते हुए चार साल की सजा सुनाई। इसके अलावा हथियार के लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दो महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भी दी गई।

बिहार के BJP MLA राजू सिंह को 4 साल की सजा

सज़ा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या के मामले में चार साल की साधारण कैद और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के लिए दो महीने की कैद की सजा दी जाती है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि राजू कुमार सिंह पीड़िता के पति को मुआवज़े के रूप में 25 लाख रुपये देंगे। अगर वह यह रकम नहीं देते हैं, तो उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी। 56 वर्षीय राजू कुमार सिंह को पिछले महीने इस मामले में दोषी ठहराया गया था। यह घटना 31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 की रात नए साल के जश्न के दौरान हुई थी, जब हर्ष फायरिंग में 45 वर्षीय डॉक्टर अर्चना गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी।

इस मामले में दिल्ली कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

सजा सुनाए जाने से पहले राजू कुमार सिंह ने अदालत से उन्हें प्रोबेशन पर रिहा करने की अपील की।  उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन और साफ रिकॉर्ड का भी हवाला दिया। उनके वकील नंदिता राव ने अदालत में कहा कि राजू कुमार सिंह छह बार विधायक रह चुके हैं और लगातार अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहे हैं। वह एक शिक्षित व्यक्ति हैं और पहले कभी किसी मामले में दोषी नहीं ठहराए गए। इसलिए उनके साथ नरमी बरतते हुए उन्हें प्रोबेशन पर रिहा करने पर विचार किया जाना चाहिए।

राजू कुमार सिंह की ओर से वकील राजीव मोहन ने भी अदालत से कहा कि भले ही उन्हें गैर-इरादतन हत्या का दोषी माना गया है, लेकिन सजा तय करते समय यह भी देखा जाना चाहिए कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और लापरवाही कितनी गंभीर थी। वहीं, सरकारी वकील चिरंजीत सिंह ने इस मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मामले में प्रोबेशन दिया गया, तो समाज में गलत संदेश जाएगा, खासकर जश्न के दौरान हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं को लेकर। उन्होंने यह भी बताया कि इस हादसे में जान गंवाने वाली डॉक्टर अर्चना गुप्ता 45 साल की थीं और उनकी 12 साल की बेटी ने पूरी घटना अपनी आंखों के सामने देखी थी। उनके परिवार को जो सदमा पहुंचा, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

Sonakshi Sinha: ‘जब मिले गायत्री मंत्र और कलमा…’, सोनाक्षी सिन्हा-जहीर इकबाल ने शादी का खास पल फैंस के साथ शेयर किया

Sonakshi Sinha: एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने अपने पति जहीर इक़बाल के साथ अपनी शादी के दिन के एक बहुत खास पल को याद किया। उन्हें तोहफे में मिले एक खास आर्टवर्क की तस्वीर शेयर करते हुए, जिसमें ‘गायत्री मंत्र और कलमा’ के मिलन को दिखाया गया है। एक्ट्रेस ने बताया कि जब उनकी शादी की रस्म के दौरान पंडित गायत्री मंत्र का जाप कर रहे थे, तभी अजान की आवाज भी उनके घर तक पहुंची।

तस्वीरें शेयर करते हुए सोनाक्षी ने लिखा, “जब हमारी शादी हो रही थी और पंडित जी गायत्री मंत्र का जाप कर रहे थे, तभी अजान की आवाज़ हमारे घर तक पहुंची। उन दोनों प्रार्थनाओं की शक्ति ने ही हमारे घर को आज इतना खुशहाल बनाया है!”

उन्होंने आगे कहा, “एक दिन जब हम ऑस्ट्रेलिया में छुट्टियां मना रहे थे, तो @shubhikasharma का अचानक फोन आया। उन्होंने बताया कि वह हमारी शादी के लिए हमें एक पेंटिंग गिफ्ट करना चाहती हैं… लेकिन जब उन्होंने बताया कि वह क्या देना चाहती हैं, तो ऐसा लगा मानो उन्हें यह आइडिया हमारे दिलों से ही मिला हो। उन्होंने कहा कि पेंटिंग में हमारी दोनों तरह की मान्यताओं को दिखाया जाना चाहिए और यह भी कि कैसे वे प्यार और पॉज़िटिविटी के तालमेल में बदल गई हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “फिर उन्होंने मुझे आर्टिस्ट – बेहद टैलेंटेड @aadilabedi – से मिलवाया। वे घर आए, हमारी सोच और भावनाओं को समझा और उन्हें कैनवस पर बहुत खूबसूरती से उतारा… और आप इसे दैवीय चमत्कार कह सकते हैं, जब हम LA में थे, तो उन्होंने मुझसे संपर्क किया – उन्हें पता भी नहीं था कि हम वहां हैं – और बताया कि यह तैयार है!”

अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीर शेयर करते हुए सोनाक्षी ने लिखा, “तो यह खूबसूरत आर्टवर्क, जिसमें गायत्री मंत्र और कलमा का संगम है, मेरे साथ वापस आया और हमारे घर में अपनी जगह बना ली है। मुझे यकीन है कि यह हमारे लिए और भी खुशियां, प्यार और शांति लाएगा… अब यह जगह बहुत पूरी और आशीर्वाद से भरी हुई लगती है। धन्यवाद @aadilabedi और @shubhikasharma।”

इस पोस्ट में वह आर्टवर्क दिखाया गया है जिसमें गायत्री मंत्र और कलमा की आयतों को खूबसूरती से मिलाया गया है, जो जोड़े के अलग-अलग धर्मों के बीच तालमेल का प्रतीक है। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि सोनाक्षी एक हिंदू परिवार से हैं, जबकि जहीर इकबाल मुस्लिम बैकग्राउंड से आते हैं।

एक्ट्रेस और ज़हीर ने 23 जून, 2024 को करीबी दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में एक निजी सिविल सेरेमनी में शादी की। इस जोड़े ने हाल ही में इस साल 23 जून को अपनी दूसरी शादी की सालगिरह मनाई है।

Central Government Employees DA: केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज को 7वें पे कमीशन के तहत डीए मिलेगा या 8वें के तहत?

Central Government Employees DA: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी वक्त लगेगा। इस बीच केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की नजरें डीए में अगले संशोधन पर लगी हैं, जिसका समय आ चुका है। लेबर ब्यूरो की तरफ से रिलीज नए इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के डेटा से पता चलता है कि इस साल मई में इंडेक्स 150.8 पर चला गया। यह अप्रैल में 149.9 था। मई तक के इनफ्लेशन के डेटा के आधार पर जुलाई से डीए में करीब 3 फीसदी वृद्धि हो सकती है।

नया पे स्केल अगले साल के अंत तक होगा लागू

आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें अगले साल के अंत तक लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, वेतन में वृद्धि जनवरी 2026 से लागू की जा सकती है। इसका मतलब है कि एंप्लॉयीज को 18-24 महीने का एरियर मिलेगा। जुलाई 2026 के डीए का कैलकुलेशन सातवें वेतन आयोग के तहत होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि इस साल जनवरी से जून पीरियड का डीए का कोई एरियर बकाया नहीं रहेगा।

नए पे स्केल लागू होने के बाद डीए का एरियर मिलेगा

एंप्लॉयी यूनियन के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि जुलाई 2026 के बाद 7वें वेतन आयोग के तहत डीए में होने वाली वृद्धि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद एरियर्स हो जाएंगी। इसका मतलब है कि अगर एंप्लॉयीज का सातवें वेतन आयोग के तहत जुलाई 2026 में डीए बढ़ता है और बाद में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो सरकार को पहले से हो चुके डीए के पेमेंट और रिवाइज्ड पे स्केल पर आधारित डीए के बीच के फर्क का पेमेंट बतौर एरियर करना होगा।

साल में दो बार होता है डीए में संशोधन

एक साल में दो बार केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के डीए में संशोधन होता है। यह 1 जनवरी और 1 जुलाई से लागू होता है। हालांकि, इसका ऐलान कुछ महीने की देर से होता है, लेकिन एंप्लॉयी को पहले की तारीख से रिवाइज्ड डीए का पेमेंट होता है। जुलाई 2026 के डीए का ऐलान इस साल अक्तूबर में दीवाली के करीब होने की उम्मीद है। अगर डीए 3 फीसदी बढ़ता है तो एंप्लॉयीज को मिल चुके डीए और 8वें वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर संसोधित डीए के बीच का फर्क बतौर एरियर मिलेगा।

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डीए 58 से बढ़कर 60 फीसदी हो चुका है

हालांकि, जब तक सरकार लागू होने की तारीख, फिटमेंट फैक्टर, पे मैट्रिक्स और डीए ट्रांजिशन फॉर्मूला का ऐलान नहीं कर देती है, एंप्लॉयीज को इस बारे में तस्वीर साफ होने का इंतजार करना होगा। बीते 12 महीनों के एवरेज सीपीआई-आईडब्ल्यू डेटा पर डीए का कैलकुलेशन होता है। इससे पहले केंद्र सरकार ने डीए 2 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया।

World Bank Update: कंगाली से उबरकर श्रीलंका बना अपर-मिडिल इनकम देश, वर्ल्ड बैंक ने भारत को किस कैटिगरी में रखा?

वर्ल्ड बैंक ने श्रीलंका को एक बार फिर अपर मिडिल इनकम वाले देशों की कैटेगरी में शामिल कर दिया है। यह 2022 में आए गंभीर आर्थिक संकट से उबरने की दिशा में श्रीलंका के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं, वियतनाम और फिलीपींस को भी बेहतर आय वर्ग में जगह मिली है, जो उनकी लगातार मजबूत होती अर्थव्यवस्था को दिखाता है।

भारत की नहीं बदली कटैगरी

दूसरी ओर, भारत अब भी लोअर मिडिल इनकम वाले देशों की कैटेगरी में बना हुआ है। भारत को यह दर्जा साल 2007 में मिला था और अभी तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, यह वर्गीकरण केवल देश की कुल अर्थव्यवस्था पर नहीं, बल्कि प्रति व्यक्ति आय और लोगों के बीच आय के डिस्ट्रीब्यूशन पर भी आधारित होता है। वर्ल्ड बैंक ने अपनी नई रिपोर्ट में श्रीलंका की वापसी को आर्थिक सुधार की बड़ी सफलता बताया है।

श्रीलंका ने तीन साल में की अच्छी वापसी 

वर्ल्ड बैंक ने कहा कि 2022 के गंभीर आर्थिक संकट के बाद श्रीलंका ने सिर्फ तीन साल में अच्छी वापसी की है। साल 2025 में देश की अर्थव्यवस्था में 5 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। इसके पीछे उद्योगों में सुधार, पर्यटन क्षेत्र की तेज़ रफ्तार और वित्तीय सेवाओं का बेहतर प्रदर्शन मुख्य वजह रहे। वर्ल्ड बैंक के अनुसार, श्रीलंका का दोबारा अपर मिडिल इनकम वाले देशों की कटैगरी में पहुंचना उसकी आर्थिक मजबूती का संकेत है। हालांकि, यह तय सीमा को बहुत कम अंतर से पार कर सका है।

श्रीलंका पहली बार साल 2019 में ऊपरी-मध्यम आय वाले देशों की सूची में शामिल हुआ था। लेकिन इसके बाद आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ गई और देश गंभीर वित्तीय संकट में फंस गया। हालात इतने बिगड़ गए कि 2022 में श्रीलंका अपने सरकारी कर्ज का भुगतान भी नहीं कर सका। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सहयोग से कई आर्थिक सुधार किए गए। सरकार ने खर्च पर नियंत्रण रखा, कर्ज का दोबारा प्रबंधन किया, पर्यटन को बढ़ावा दिया और विदेशों में रहने वाले श्रीलंकाई लोगों से आने वाली रकम भी बढ़ी। इन कदमों की मदद से देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे फिर से पटरी पर लौटने लगी।

वियतनाम और फिलीपींस ने भी लगातार कई सालों तक मजबूत आर्थिक विकास के दम पर वर्ल्ड बैंक की अपर मिडिल इनकम वाले देशों की श्रेणी में जगह बना ली है। वियतनाम का निर्यात आधारित मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र लगातार विदेशी निवेश को आकर्षित कर रहा है। वहीं, फिलीपींस में भी कई क्षेत्रों में तेज आर्थिक विकास देखने को मिला है। इन दोनों देशों के शामिल होने के बाद अब दक्षिण-पूर्व एशिया की पांचों प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं—सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम और फिलीपींस—या तो अपर मिडिल इनकम वाले देशों की कटैगरी में हैं या उससे भी ऊपर के आय वर्ग में पहुंच चुकी हैं।

भारत का दर्जा क्यों नहीं बदला?

भारत अभी भी वर्ल्ड बैंक की लोअर मिडिल इनकम वाले देशों की कटैगरी में है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि देश की अर्थव्यवस्था कमजोर है। दरअसल, वर्ल्ड बैंकदेशों को उनकी प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI Per Capita) के आधार पर अलग-अलग कटैगरी में रखता है। यानी यह देखा जाता है कि देश के हर व्यक्ति की एवरेज इनकम कितनी है, न कि केवल देश की कुल अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी है। भारत की आबादी बहुत ज्यादा है, इसलिए आय का औसत बढ़ाने के लिए देश की कुल कमाई में भी काफी बड़ी बढ़ोतरी की जरूरत होती है।

वर्ल्ड बैंकके नए नियमों के अनुसार, जिन देशों की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI) 1,136 डॉलर से 4,495 डॉलर के बीच होती है, उन्हें लोअर मिडिल इनकम वाले देशों की श्रेणी में रखा जाता है। वहीं, जिन देशों की प्रति व्यक्ति आय 4,496 डॉलर से 13,935 डॉलर के बीच होती है, वे ऊपरी-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में आते हैं। भारत की प्रति व्यक्ति GNI फिलहाल करीब 2,500 से 2,700 डॉलर के बीच है। यही वजह है कि दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के बावजूद भारत अभी भी लोअर मिडिल इनकम वाले देशों की श्रेणी में बना हुआ है।

वर्ल्ड बैंक ने देशों का इनकम कटैगरी तय करने के लिए GDP नहीं, बल्कि प्रति व्यक्ति आय (GNI) को आधार मानता है। GDP से पता चलता है कि किसी देश में एक साल के दौरान कितना उत्पादन और सेवाएं हुई हैं, जबकि GNI यह बताती है कि उस देश के लोगों और कंपनियों ने कुल कितनी आय कमाई, चाहे वह देश के भीतर से हो या विदेश से। भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में केवल GDP बढ़ने से हर व्यक्ति की औसत आय तेजी से नहीं बढ़ती। इसकी वजह यह है कि देश की कुल आय बहुत बड़ी आबादी में बंट जाती है। इसलिए अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ने के बावजूद प्रति व्यक्ति आय बढ़ने में ज्यादा समय लगता है।

Prince Narula- Yuvika Chaudhary: तलाक की खबरों के बीच प्रिंस नरूला-युविका चौधरी ने एक दूसरे को किया अनफोलो

Prince Narula- Yuvika Chaudhary: प्रिंस नरूला और युविका चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं, और इस बार वजह है सोशल मीडिया पर हुआ एक बड़ा चेंज। हाल ही में फ़ैन्स ने देखा कि यह कपल अब इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फ़ॉलो नहीं कर रहा है, जिससे उनके रिश्ते को लेकर नई अटकलें लगाई जा रही हैं।

सोशल मीडिया पर हुई इस हरकत ने फ़ैन्स का ध्यान तुरंत खींचा। अटकलें लग रहीं हैं क्या दोनों के रिश्ते में कोई मुश्किल दौर चल रहा है। अब तक, न तो प्रिंस और न ही युविका ने इस ऑनलाइन चर्चा या ‘अनफ़ॉलो’ करने की बात पर कोई प्रतिक्रिया दी है।

वहीं, कुछ ऐसी बातें भी हैं जिनसे लगता है कि अभी इस मामले को बहुत ज़्यादा गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है। प्रिंस के इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर अभी भी “प्रिंस युविका नरूला” नाम लिखा है, और दोनों के अकाउंट्स पर अभी भी एक-दूसरे की तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं।

प्रिंस और युविका का सफ़र 2015 में शुरू हुआ था, जब वे बिग बॉस 9 के घर में मिले थे। रियलिटी शो में उनकी दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई और समय के साथ वे टेलीविज़न के सबसे लोकप्रिय कपल्स में से एक बन गए।

कई सालों तक डेटिंग करने के बाद, दोनों ने अक्टूबर 2018 में शादी कर ली। अक्टूबर 2024 में उनके परिवार में एक नया सदस्य आया, जब IVF के ज़रिए उनकी पहली बेटी, इकलीन नरूला का जन्म हुआ। कपल ने तुरंत उसका चेहरा नहीं दिखाया, क्योंकि वे उसकी प्राइवेसी बनाए रखना चाहते थे। लगभग एक साल बाद, नवंबर 2025 में गुरु नानक जयंती के मौके पर, प्रिंस और युविका ने मुंबई के एक गुरुद्वारे में इकलीन को सबके सामने पेश किया।

दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रिंस और युविका का रिश्ता ऑनलाइन चर्चा का विषय बना है। बेटी के जन्म के कुछ ही समय बाद, कपल ने अलग-अलग व्लॉग शेयर किए जिनमें उनके बीच अनबन के संकेत मिले, जिससे वे चर्चा में आ गए।

प्रिंस ने एक YouTube व्लॉग में दावा किया कि उन्हें डिलीवरी के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी और इस मामले को लेकर युविका और उनके परिवार की आलोचना की। बाद में युविका ने अपने व्लॉग में जवाब दिया कि वह अपने निजी रिश्ते के बारे में सबके सामने बात नहीं करेंगी। उनके वीडियो के बाद, प्रिंस ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर एक रहस्यमयी मैसेज शेयर किया। हालाँकि उन्होंने युविका का नाम नहीं लिया, लेकिन ऐसा लगा कि वे घटनाक्रम के बारे में युविका की बात पर सवाल उठा रहे थे और उन पर मनगढ़ंत कहानियां बनाने का आरोप लगा रहे थे।

Maruti Victoris खरीदने का शानदार मौका! 2 लाख रुपये तक की छूट के साथ जानें पूरी डिटेल

अगर आप नई मिड-साइज SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। मारुति सुजुकी विक्टोरिस पर इस महीने शानदार डिस्काउंट मिल रहा है। मारुति सुजुकी की विक्टोरिस ने लॉन्च के कुछ ही महीनों में भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। ये मिड-साइज SUV ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई है। इसी के साथ बिक्री के मामले में भी कई बड़ी गाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रही है। अगर आप नई SUV खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये मॉडल आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। आइए जानते हैं इस पर मिलने वाले ऑफर्स, कीमत और फीचर्स की पूरी जानकारी।

जुलाई महीने में मारुति सुजुकी विक्टोरिस पर ग्राहकों को शानदार ऑफर मिल रहे हैं। डीलर सूत्रों के अनुसार, इस SUV के कुछ वेरिएंट्स, खासकर CNG मॉडल पर, कुल 2 लाख रुपये तक का फायदा उठाया जा सकता है। इस ऑफर में एक्सचेंज बोनस भी शामिल है।

कितनी हुई होलसेल

1 जुलाई को आयोजित मारुति सुजुकी की मासिक सेल्स मीडिया ब्रीफिंग में कंपनी के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी ने बताया कि, जून महीने में विक्टोरिस की करीब 10,000 यूनिट्स की होलसेल हुई। वहीं, इसकी रिटेल बिक्री 13,000 यूनिट्स से अधिक रही। उन्होंने ये भी कहा कि विक्टोरिस की कुल बिक्री में CNG वेरिएंट की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है, जबकि पूरे मारुति सुजुकी पोर्टफोलियो में CNG मॉडल की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। मारुति सुजुकी विक्टोरिस को ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से कई इंजन और ट्रांसमिशन विकल्पों के साथ पेश करती है।

इसमें पेट्रोल, CNG और हाइब्रिड वेरिएंट उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि CNG मॉडल में टैंक को गाड़ी के नीचे लगाया गया है, जिससे बूट में सामान रखने के लिए पहले की तरह पर्याप्त जगह मिलती है।

कार का खासियत

मारुति सुजुकी साल 2010 से भारत में CNG कारें बेच रही है। वहीं, विक्टोरिस कंपनी की पहली ऐसी कार है, जिसमें अंडरबॉडी CNG टैंक दिया गया है। इस मॉडल को साल 2025 में लॉन्च किया गया था। वहीं माइलेज की बात करें तो, मारुति सुजुकी विक्टोरिस का पेट्रोल मैनुअल वेरिएंट 21.18 kmpl, पेट्रोल ऑटोमैटिक वेरिएंट 21.06 kmpl, CNG मैनुअल वेरिएंट 27.02 km/kg और हाइब्रिड e-CVT वेरिएंट 28.65 kmpl तक का माइलेज देने का दावा करता है। वहीं, इस SUV की एक्स-शोरूम कीमत 10.50 लाख रुपये से 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच है, जबकि इसके CNG वेरिएंट की कीमत 11.50 लाख रुपये से 14.72 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है।