8th Pay Commission: ₹18000 से बढ़कर ₹69000 हो जाएगी बेसिक सैलरी! जानिए इस डिमांड के पीछे का पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Minimum Basic Pay: आठवें वेतन आयोग के गठन की सुगबुगाहट के बीच केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर एक बड़ी मांग चर्चा में है। कर्मचारी संगठनों ने सरकारी कर्मचारियों की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी को ₹18,000 से बढ़ाकर सीधे ₹69,000 करने का प्रस्ताव रखा है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर इस तेजी के पीछे सिर्फ 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की चर्चा हो रही है, लेकिन असल में इस ₹69,000 की मांग के पीछे एक बहुत बड़ा इकोनॉमिक कैलकुलेशन है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने सरकार को सौंपे ज्ञापन में न्यूनतम वेतन तय करने के पूरे फॉर्मूले को ही बदलने का सुझाव दिया है। आइए समझते हैं कि इस ₹69,000 की मांग के पीछे का पूरा गणित क्या है।

क्यों उठी फॉर्मूला बदलने की मांग?

कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) का तर्क है कि 7वें वेतन आयोग का पुराना फॉर्मूला आज के समय में बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की वास्तविक लागत को नहीं दर्शाता है। इसलिए, उन्होंने ‘नीड-बेस्ड लिविंग वेज’ की गणना के लिए परिवार के आकार, खान-पान, मकान और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़े खर्चों के मानकों में बड़े बदलाव किए हैं।

1. 3 के बजाय 5 यूनिट का परिवार

₹69,000 की मांग के पीछे सबसे बड़ा बदलाव परिवार के आकार को लेकर है:

पुराना नियम (7th Pay Commission): इसमें केवल 3 यूनिट का परिवार माना जाता था, जिसमें कर्मचारी, उसकी पत्नी/पति और दो बच्चे शामिल थे।

नया प्रस्ताव (8th Pay Commission): कर्मचारी पक्ष ने इसे बढ़ाकर 5 यूनिट का परिवार करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें पहली बार कर्मचारी के आश्रित माता-पिता और सास-ससुर को भी शामिल करने की मांग की गई है।

नए फॉर्मूले के तहत परिवार का गणित:

  • कर्मचारी: 1 यूनिट
  • जीवनसाथी: 1 यूनिट (पहले इसे 0.8 यूनिट माना जाता था)
  • दो बच्चे: 0.8 यूनिट प्रति बच्चा (कुल 1.6 यूनिट)
  • आश्रित माता-पिता/सास-ससुर: 0.8 यूनिट
  • कुल जोड़: 5.2 यूनिट (जिसे वेतन गणना के लिए राउंड ऑफ करके 5 यूनिट माना गया है)।

2. खाने-पीने और रहन-सहन के खर्चों में बदलाव

परिवार के आकार के अलावा, रोजमर्रा के खर्चों को लेकर भी नया कैलकुलेशन दिया गया है:

कैलोरी इनटेक: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ताजा सिफारिशों के आधार पर अब प्रति दिन 3,490 कैलोरी के हिसाब से भोजन और कपड़ों का खर्च तय करने की मांग है।

घर का खर्च: मकान के खर्च को पुराने फॉर्मूले के 3% से बढ़ाकर सीधे 7.5% करने का प्रस्ताव है।

बिजली-पानी: ईंधन, बिजली और पानी के खर्च को कुल लागत का 20% तय किया गया है।

स्किल डेवलपमेंट: बच्चों की पढ़ाई और कौशल विकास के खर्च को 25% पर आंका गया है।

सामाजिक जिम्मेदारी: शादी-ब्याह, त्योहार, मनोरंजन और सामाजिक दायित्वों के लिए अतिरिक्त 5% खर्च जोड़ा गया है।

कैसे निकल कर आया 3.833 का फिटमेंट फैक्टर?

इन सभी नए और संशोधित खर्चों को जोड़ने के बाद, NC-JCM ने गणना की है कि एक केंद्रीय कर्मचारी की न्यूनतम मासिक बेसिक सैलरी कम से कम ₹69,000 होनी चाहिए।

फिटमेंट फैक्टर का गणित: चूंकि अभी न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, इसलिए ₹18,000 से ₹69,000 तक पहुंचने के लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर निकल कर आता है (यानी 18,000×3.833=69,000 लगभग)।

पेंशनर्स पर भी असर: कर्मचारी संगठनों ने सिफारिश की है कि पेंशन को रिवाइज करते समय भी इसी 3.833 के फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

यह मांग हाल के महीनों में चर्चा में रहे 2 से 2.5 के फिटमेंट फैक्टर की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इस आंकड़े पर अपनी कोई सहमति या पसंदीदा नंबर नहीं बताया है।

आगे क्या होगा?

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹69,000 की न्यूनतम सैलरी और 3.833 का फिटमेंट फैक्टर अभी केवल कर्मचारी यूनियनों द्वारा रखा गया एक प्रस्ताव है। 8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले सभी कर्मचारी संगठनों, विभिन्न मंत्रालयों और अन्य हितधारकों के अभ्यावेदनों की जांच करेगा। इसके बाद आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपेगा और अंतिम फैसला केंद्र सरकार का होगा।

अगर वेतन आयोग इस नए फॉर्मूले को आंशिक रूप से भी स्वीकार करता है, तो इसका असर केवल शुरुआती सैलरी पर नहीं बल्कि पूरे पे-मैट्रिक्स पर पड़ेगा। इसके चलते सभी स्तरों के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्ते और पेंशन में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी, 5 जुलाई के ताजा रेट यहां देखें

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 05 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Chaturmas 2026: 25 जुलाई को योग निद्रा में जाएंगे श्री हरि, मगर दिवाली तक चांदी काटेंगे 5 राशि के जातक

Chaturmas 2026: आषाढ़ का महीना 5 राशियों के जातकों के लिए बहुत शुभ संदेश लेकर आया है। ज्योतिषविदों का कहना है कि आषाढ़ से शुरू होने वाले चतुर्मास की अवधि पांच राशियों के लिए बहुत शुभ मानी जा रही है। इस माह में इन जातकों के जीवन में नई खुशियों का संचार होगा और धनधान्य की स्थिति बेहतर होगी। आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी व्रत किया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान 4 माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद वह कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को जागते हैं। इस दिन देवउठानी एकादशी मनाई जाती है। यह लगभग 4 महीने का समय होता है। इस साल चातुर्मास 25 जुलाई से लेकर 20 नवंबर तक रहने वाला है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह समय 5 राशियों के लिए बहुत शुभ रहेगा। आइए जानें कौन सी हैं ये राशियां

वृष राशि : चातुर्मास की अवधि आपके लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन सकती है। पिछले कुछ समय से अटके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। नौकरीपेशा लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। परिवार का सहयोग रहेगा। धन संचय के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा।

कर्क राशि : चार महीनों में आपको नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और व्यापार में नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय उत्साहजनक रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे।

तुला राशि : यह चार महीने रिश्तों और करियर दोनों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इस समय में साझेदारी में काम करने वालों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। इस राशि के जातकों की सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है।

धनु राशि : भाग्य का संतुलन इस अवधि में आपके पक्ष में रहेगा। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। विदेश से जुड़े कार्यों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

मीन राशि : परिवार में खुशियों का माहौल बनेगा और करियर में नई संभावनाएं बनेंगी। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और भविष्य की योजनाओं पर आत्मविश्वास के साथ काम कर पाएंगे। व्यापार में लाभ बढ़ेगा और कारोबार में विस्तार होगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Shukra Gochar 2026: 4 राशियों के लिए शुभ संदेश लेकर आया है आज का दिन, शुक्र करने जा रहे हैं सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश

MPESB AEO Recruitment 2026: एमपी में कृषि विस्तार अधिकारी के बंपर पदों पर भर्ती के लिए शुरू हुए आवेदन, कृषि ग्रेजुएट हैं तो अभी भरें फॉर्म

MPESB AEO Recruitment 2026: मध्य प्रदेश लोक सेवा मंडल (MPESB) ने सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बेहतरीन मौका पेश किया है। मंडल ने कृषि विस्तार अधिकारी (AEO) के पदों पर भर्ती का नोटिफकेशन जारी किया है। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन शनिवार से शुरू हो गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 2784 पदों पर भर्ती के लिए 17 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन फॉर्म में सुधार के लिए मंडल 22 जुलाई तक उम्मीदवारों को समय देगा।

एमपीईएसबी एईओ भर्ती 2026 के तहत उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), मेरिट लिस्ट और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। एमपीईएसबी एईओ भर्ती 2026 के तहत 2784 रिक्त पदों को भरा जाएगा। यह भर्ती अभियान ग्रुप 2 और सब ग्रुप 1 के पदों को भरने के लिए है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, परीक्षा का आयोजन 2 अगस्त, 2026 को किया जाएगा। यह परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को पढ़ने की सलाह दी जाती है।

एमपीईएसबी एईओ भर्ती 2026: एक नजर

एमपी कृषि विस्तार अधिकारी के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 जुलाई, 2026 की गई है।

संचालन निकाय : मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB)

परीक्षा का नाम : ग्रुप 2 सब ग्रुप-1 कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा

डाक : कृषि विस्तार अधिकारी (AEO)

रिक्तियों की संख्या : 2784

एप्लिकेशन मोड : ऑनलाइन

ऑनलाइन आवेदन की तिथि : 3 जुलाई 2026

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि : 17 जुलाई 2026

आवेदन सुधार विंडो : 3 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक

परीक्षा तिथि : 2 अगस्त 2026 से

आयु सीमा : 18 से 45 वर्ष

परीक्षा मोड : कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)

ऑफिशियल वेबसाइट : https://esb.mp.gov.in/

ये उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन

शैक्षणिक योग्यता : उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से संबंधित विषय में ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए। आवेदन करने से पहले तय योग्यता पूरी करना अनिवार्य है। कृषि विस्तार अधिकारी पद के लिए पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 17 जुलाई, 2026 तक पूरे करने होंगे।

एमपीईएसबी एईओ भर्ती 2026 आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं।
  • होम पेज पर, MPESB AEO Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन कर एप्लिकेशन फॉर्म भरें।
  • मांगी गई पर्सनल, एजुकेशनल डिटेल्स भरें।
  • मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
  • आवेदन पत्र जमा करें और प्रिंट आउट लेना ना भूलें।

BPSC PO Exam Date 2026: 15 जुलाई को होगा बीपीएससी पीओ प्री एग्जाम, आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करें पूरा शेड्यूल

Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि इस दिन से होगी शुरू, आइए जानें घटस्थापना के लिए मिलेगा कितनी देर का मुहूर्त

Ashadha Gupt Navratri 2026: हिंदी कैलेंडर में पूरे वर्ष में चार नवरात्रि पर्व आते हैं। हिंदू वर्ष की शुरुआत चैत्र नवरात्रि से होती है। इसके अलावा शारदीय नवरात्रि का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इनके अलावा आषाढ़ और माघ मास में भी नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, जिसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ ही देवी की दस महाविद्याओं की साधना की जाती है।

मान्यता है कि इन नौ दिनों में देवी की दस महाविद्याओं की साधना करने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों की इस अवधि में विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं। वहीं अघोरी, तांत्रिक तंत्र मंत्र और सिद्धि प्राप्त करते हैं। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। आइए जानें इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रही है, घटस्थापना का मुहूर्त कितनी देर का है और इसका क्या महत्व है।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की तारीख और समय

इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ 15 जुलाई, बुधवार से हो रहा है। 14 जुलाई, मंगलवार के दिन दोपहर के 3 बजकर 14 मिनट पर आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा, जो अलगे दिन यानी 15 जुलाई को सुबह 11 बजकर 52 मिनट कर व्याप्त रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, 15 जुलाई से ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी। वहीं, 22 जुलाई, बुधवार के दिन नवमी तिथि रहेगी जिसके साथ ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन होगा।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना 15, जुलाई को ही की जाएगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन सुबह 8 बजकर 2 मिनट पर हर्षण योग का संयोग बन रहा है, इसलिए ये समय घट स्थापना के लिए सर्वोत्तम होगा। इसके उपरांत वज्र योग लग जाएगा। वैसे इस दिन घटस्थापना सुबह 06:01 बजे से सुबह 10:17 बजे के बीच कर सकते हैं। इसके लिए लगभग 4 घंटे 16 मिनट की अवधि मिल रही है।

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व

गुप्त नवरात्रि में भी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। लेकिन गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तांत्रिक साधना, मंत्र सिद्धि और दस महाविद्याओं की गुप्त रूप से साधना करने के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

देवी की दस महाविद्याएं 

  • कमलात्मिका
  • तारा
  • बगलामुखी
  • काली
  • त्रिपुर सुंदरी
  • धूमावती
  • भैरवी
  • भुवनेश्वरी
  • मातंगी
  • छिन्नमस्ता

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Aaj Ka Mausam 5 July: भारी बारिश-आंधी का डबल अटैक, IMD ने इन राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने पूरे शबाब पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब-हरियाणा के शेष इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9।4 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक ऑफ-शोर ट्रफ, मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ और एक मौसमी ट्रफ रेखा सक्रिय है। इन सबकी वजह से जुलाई को देश के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का डबल अटैक देखने को मिलेगा।

इन राज्यों में एक्स्ट्रीम भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 जुलाई को देश के कुछ प्रमुख राज्यों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है-

  • गुजरात राज्य
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा

राजस्थान, एमपी और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की भारी गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • पूर्वी राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • विदर्भ
  • उत्तराखंड
  • गंगीय पश्चिम बंगाल
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

5 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसून की भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है-

  • उत्तर और मध्य भारत: हिमाचल प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र का मराठावाड़ा क्षेत्र।
  • दक्षिण भारत: केरल और माहे, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक।
  • उत्तर-पूर्व भारत: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दिल्ली-पंजाब से राजस्थान-यूपी तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ ही देश के एक बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है-

40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार वाला अंधड़: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाली तेज़ झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट है।

30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार वाली आंधी: बिहार और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

तीव्र बिजली की चेतावनी: गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ केवल आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

तेज सतही हवाएं: कर्नाटक, केरल और माहे और रायलसीमा में कुछ स्थानों पर बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

पूर्वी यूपी और उत्तर-पूर्व में भारी उमस, अरुणाचल में गर्म दिन

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच कुछ राज्यों को असहज करने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम और मेघालय, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने अलग-अलग हिस्सों में गर्म दिन रहने की आशंका जताई है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त हिदायत

खराब मौसमी प्रणालियों के चलते समंदर में तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके कारण मछुआरों को पानी में न उतरने की सलाह दी गई है। सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों और मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ़्तार से हवाएं चलेंगी। महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर भी यही स्थिति रहेगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से मौसम खराब रहेगा।

मध्य बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और अंडमान सागर में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है।

Rashifal Today: आज किस मूलांक के लोगों की मूलांक की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन अपने बजट और पुराने निवेश की समीक्षा करने का सही समय है। अगर कहीं बदलाव की जरूरत महसूस हो तो उसे करने में देर न करें। जल्दबाजी में खर्च करने से बचें और हर आर्थिक फैसला सोच-समझकर लें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों के मामलों में सोच-समझकर आगे बढ़ने का है। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें और अपनी आमदनी के अनुसार बजट बनाकर चलें। अगर भविष्य के लिए कोई निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो जल्दबाजी न करें। पहले पूरी जानकारी लें, फिर फैसला करें। बचत बढ़ाने पर ध्यान देना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में धैर्य रखना जरूरी है। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और भविष्य को ध्यान में रखकर योजना बनाएं। बचत और सही निवेश आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाएं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों से जुड़ा हर फैसला पूरी योजना के साथ लेना चाहिए। खर्च और निवेश का सही हिसाब रखें। नई आर्थिक योजनाओं या अवसरों पर नजर बनाए रखें, लेकिन किसी भी निर्णय से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। जरूरत पड़ने पर अपने बजट में बदलाव करने के लिए तैयार रहें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए बजट बनाकर चलना आपके लिए बेहतर रहेगा। भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें और केवल जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करें। परिवार के साथ मिलकर भविष्य की आर्थिक योजना बनाना लाभदायक रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का अच्छा मौका मिल सकता है। अपने खर्चों को व्यवस्थित रखें और बिना सोचे-समझे पैसा खर्च न करें। कोई नया आर्थिक अवसर सामने आए तो उसे ध्यान से परखें। सही योजना के साथ आगे बढ़ेंगे तो लाभ मिलने की संभावना है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने खर्चों पर खास नजर रखने की जरूरत है। गैर-जरूरी खर्च कम करें और बजट के अनुसार चलें। किसी भी बड़े आर्थिक फैसले से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना आपके लिए अच्छा रहेगा। सही योजना और अनुशासन से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक योजनाएं बनाने के लिए अनुकूल है। दिखावे या लग्जरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें। अगर निवेश करना चाहते हैं तो पूरी जानकारी लेकर ही फैसला करें। समझदारी से किया गया खर्च आने वाले समय में फायदा दिला सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज अपने बजट और पुराने निवेश की समीक्षा करने का सही समय है। अगर कहीं बदलाव की जरूरत महसूस हो तो उसे करने में देर न करें। जल्दबाजी में खर्च करने से बचें और हर आर्थिक फैसला सोच-समझकर लें। आपकी समझदारी भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आपके सामने कमाई या निवेश के नए मौके आ सकते हैं। हालांकि, किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें। धैर्य और समझदारी के साथ लिया गया फैसला भविष्य में आर्थिक मजबूती दिला सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

IND vs ENG: इन 6 गेंदों ने भारत से छीन लिया मैच, जैकब बेथल ने खेली धाकड़ पारी, टीम इंडिया को मिला हार

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेला गया। मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे टी-20 में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने आई इंग्लैंड की टीम 19 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया।

जैकब बेथेल की नाबाद अर्धशतकीय पारी टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह रही। वहीं इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। लेकिन वह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए वैभव 14 रन की ही पारी खेल पाए।

कैसी थी भारत की पारी

दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने 191 रनों का लक्ष्य रखा। टीम को 15 वर्षीय डेब्यू खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी (14) और अभिषेक शर्मा (43) ने तेज शुरुआत दिलाई और दोनों ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। अच्छी शुरुआत के बाद वैभव अपना विकेट गंवा बैठे। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों पर 43 रन, ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रन की अहम पारी खेली। आखिरी ओवरों में तिलक वर्मा ने सिर्फ 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाकर टीम का स्कोर 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3 विकेट झटके।

कैसी थी इंग्लैंड की पारी

191 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में जोस बटलर और फिल सॉल्ट को बिना खाता खोले पवेलियन भेजकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने 39 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की। उनके आउट होने के बाद जैकब बेथेल ने 46 गेंदों में नाबाद 76 रन की शानदार पारी खेली। वहीं टॉम बैंटन ने 32 गेंदों पर 39 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।

मैच के आखिरी ओवरों में जब भारत जीत की ओर बढ़ता दिख रहा था, तब बेथेल ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में बेथेल ने 29 रन बना डाले। उनकी दमदार पारी की बदौलत इंग्लैंड ने 19 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया और 4 विकेट से जीत दर्ज की।

भारत की प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हर्षित राणा, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग

राम मंदिर दान चोरी में बड़ा खुलासा! हर दिन 6 से 8 लाख रुपये के गबन का शक…SIT कर रहीं जांच

अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच चढ़ावा चोरी को लेकर भी कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का मानना है कि हर दिन करीब 6 लाख से 8 लाख रुपये का गबन हुआ हो सकता है। यह अनुमान पूछताछ के दौरान बैंक अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर लगाया गया है।

 हर दिन 6 से 8 लाख रुपये के गबन का शक

रिपोर्ट के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने जांच टीम को बताया कि कथित गड़बड़ी सामने आने से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में रोजाना करीब 16 से 18 लाख रुपये जमा होते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद मंदिर के बैंक खातों में रोजाना जमा होने वाली दान की रकम बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसी अंतर के आधार पर जांच टीम का अनुमान है कि पहले हर दिन करीब 6 से 8 लाख रुपये के दान में गड़बड़ी हो रही थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि शुक्रवार को एसआईटी ने बैंक अधिकारियों और मंदिर के दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की।

जांच टीम ने ट्रस्ट और बैंक के बीच तय नियमों का पालन नहीं होने पर जवाब मांगा। अधिकारियों से पूछा गया कि तय प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया और अगर कोई गड़बड़ी दिख रही थी, तो इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। जांचकर्ताओं ने यह सवाल भी उठाया कि मंदिर की सुरक्षा के लिए नियुक्त निजी सुरक्षा एजेंसी को दान की नकदी गिनने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई।

बैंक कर्मचारियों की भी हो रही जांच

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और SBI के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट में बैंक अधिकारियों की भूमिका पर भी निष्कर्ष देगी। अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, राम मंदिर में मिलने वाले नकद दान की गिनती एसबीआई की देखरेख में होती है। इसके लिए बैंक एक निजी एजेंसी की मदद लेता है। मंदिर के चार दान पात्रों से निकली रकम की गिनती 14 लोगों की टीम करती है, जिसमें 11 बैंक कर्मचारी और मंदिर ट्रस्ट के 3 प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

जांच में सामने आई ये बात

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी और इस मामले के आरोपी सुभाष श्रीवास्तव दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते थे। उनकी जिम्मेदारी थी कि दान पात्रों से निकाली गई नकदी सुरक्षित तरीके से गिनती वाले कमरे तक पहुंचे और फिर उसे एसबीआई को सौंपा जाए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मंदिर में चढ़ाए गए आभूषणों का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था, जिससे उनकी चोरी की आशंका बढ़ जाती थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित गड़बड़ी का पता पहली बार फरवरी में चला। बताया गया कि गिनती करने वाली टीम के एक सदस्य ने सुभाष श्रीवास्तव को बताया था कि गिनती के दौरान पैसे चोरी किए जा रहे हैं। आरोप है कि इस पर श्रीवास्तव ने कहा, “भगवान सब देख रहे हैं, यह न तो आपके घर से जा रहा है और न ही मेरे घर से।” इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल हैं।

मामले की जांच के दौरान पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला को भीकापुर के पास 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित एक पार्क में लेकर गई। अविनाश ने पूछताछ में बताया था कि कथित तौर पर चोरी किए गए पैसों का बंटवारा इसी जगह पर किया गया था। वहीं, एसआईटी ने शुक्रवार को दूसरी बार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा व गोपाल राव से भी पूछताछ की। आरोप लगने के बाद तीनों ने ट्रस्ट के अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। जांच अधिकारियों ने तीनों से उनकी चल और अचल संपत्ति, आय के स्रोत और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के बारे में सवाल किए। इसके अलावा मंदिर निर्माण और जमीन खरीद में कथित कमीशन लेने तथा कुछ लोगों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से खास तौर पर इन्हीं आरोपों पर विस्तार से पूछताछ की गई।

Viral Post: 500 जॉब एप्लिकेशन के बाद भी नहीं आया इंटरव्यू कॉल…खर्च चलाने के लिए रैपिडो चला रहा कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट

आज के समय में नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी पाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी कई युवाओं को लंबे समय तक अच्छी नौकरी नहीं मिल रही। कई जगह आवेदन करने के बावजूद अबतक इंटरव्यू का मौका नहीं मिला। इसके बाद कुछ युवाओं को अपने खर्च पूरे करने के लिए अस्थायी या छोटे-मोटे काम करने पड़ रहे हैं। हाल ही में एक ऐसी ही कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

एक X यूजर ने रैपिडो राइडर से हुई अपनी मुलाकात शेयर किया। राइडर ने बताया कि उसने इस साल कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन पूरा किया है, लेकिन अब तक उसे पहली नौकरी नहीं मिल सकी। ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और कई लोग इसे आज के समय में फ्रेशर्स के सामने मौजूद रोजगार की चुनौतियों की सच्ची तस्वीर बता रहे हैं।

युवक ने किया पोस्ट

यह कहानी X यूजर नीरज ने शेयर किया है। उन्होंने बताया कि, “रैपिडो की सवारी के दौरान उनकी नजर राइडर के हेलमेट पर लगे एक कॉलेज के स्टिकर पर पड़ी। इसके बाद ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने के दौरान उन्होंने उससे 10 मिनट तक बातचीत शुरू की। बातचीत में राइडर ने बताया कि उसने इस साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिवीजन के साथ ग्रेजुएशन किया है।” पोस्ट में आगे कहा, “पढ़ाई पूरी होने के दो महीने बाद भी नौकरी नहीं मिलने के कारण वह रोज सुबह 6 बजे से रैपिडो चलाकर अपना खर्च चला रहा है। युवक ने यह भी बताया कि वह 500 से ज्यादा कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन अब तक उसे किसी भी कंपनी से इंटरव्यू का कॉल नहीं आया।”

घर वालों को नहीं पता

नीरज ने अपनी पोस्ट में लिखा कि युवक ने बताया, “उसके माता-पिता अब भी यही समझते हैं कि वह घर पर रहकर इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है। उसने उन्हें यह नहीं बताया कि वह रैपिडो चला रहा है, क्योंकि उसे समझ नहीं आ रहा कि अपनी स्थिति उनके सामने कैसे रखे।” नीरज के मुताबिक, “युवक ने बिना किसी शिकायत के सिर्फ इतना कहा कि फिलहाल नौकरी का बाजार ऐसा ही है और फिर वह अपनी राइड पूरी करने में लग गया।” पोस्ट के आखिर में नीरज ने लिखा कि, “उन्हें लगता है ये सिर्फ एक युवक की कहानी नहीं है, बल्कि आज के समय में कई फ्रेश ग्रेजुएट्स इसी तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।”

पोस्ट पर लोगों ने किया रिएक्ट

इस पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रिएक्शन दिए। एक यूजर ने कहा, “3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में भी युवाओं को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने सिर्फ “OMG” लिखकर अपनी हैरानी जताई। कई लोगों ने यह भी कहा कि आजकल बहुत से नए ग्रेजुएट्स नौकरी की तलाश के साथ-साथ गिग वर्क या पार्ट-टाइम काम करने को मजबूर हैं। उनका मानना है कि मौजूदा समय में फ्रेशर्स के लिए नौकरी हासिल करना पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गया है।