Anshula Kapoor Mehendi: पटोला लहंगा पहन अंशुला कपूर ने रोहन के नाम की लगवाई मेहंदी, दूल्हे के साथ जमकर किया डांस

Anshula Kapoor Mehendi: फिल्ममेकर बोनी कपूर की बेटी और रियलिटी टीवी पर्सनैलिटी अंशुला कपूर 6 जुलाई को करण ठक्कर से शादी करने जा रही हैं। शादी से पहले, कपूर परिवार ने होने वाली दुल्हन के लिए एक छोटी सी मेहंदी सेरेमनी रखी, जिसकी झलक सोनम कपूर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके फैन्स को दिखाई।

शनिवार को सोनम ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अंशुल की मेहंदी सेरेमनी के कुछ पल शेयर किए, जिसमें उनके करीबी दोस्त और परिवार वाले शामिल हुए थे। शाम का एक खास अटरेक्शन होने वाले दूल्हे करण ठक्कर की सरप्राइज एंट्री थी। ढोल की थाप पर मशहूर गाने ‘मेहंदी लगा के रखना’ पर डांस करते हुए करण ने जश्न में शामिल होकर अंशुल को हैरान और खुश कर दिया।

समारोह के कई और वीडियो भी ऑनलाइन सामने आए। एक क्लिप में अंशुला ‘दिल धड़कने दो’ फिल्म के गाने पर डांस करती दिखीं, जबकि दूसरे वीडियो में वह परिवार के सदस्यों के साथ जश्न का मजा लेती नजर आईं। इस इवेंट में शामिल हुईं सोशल मीडिया पर्सनैलिटी ओरी ने सेलिब्रेशन की कई तस्वीरें शेयर कीं। एक तस्वीर में, कैमरे के लिए पोज़ देते हुए अंशूला ने गर्व से अपने कलीरे दिखाए। खुशी कपूर ने सिंपल ट्रेडिशनल कपड़े पहने, जबकि जाह्नवी कपूर ने सफेद इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना। अर्जुन कपूर ने अपनी बहन अंशुला के साथ हरे रंग के कपड़े पहने, जिससे परिवार का सेलिब्रेशन और भी खास हो गया।

अंशुल की शादी के जश्न की शुरुआत 21 जून को उनके घर पर ‘माता की चौकी’ के साथ हुई। इस समारोह में महीप कपूर, शनाया कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर समेत परिवार के सदस्य शामिल हुए, जो शानदार पारंपरिक कपड़ों में नजर आए। बाद में उन्होंने दक्षिण कोरिया के सियोल में अपने करीबी दोस्तों के साथ बैचलरेट पार्टी मनाई। अंशुल और करण 6 जुलाई को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। इस तारीख की पुष्टि उनके पिता बोनी कपूर ने की है।

यह कपल 2022 में एक डेटिंग ऐप के जरिए मिला था। मार्च 2023 में, अंशुला ने करण के साथ अपने रिश्ते को इंस्टाग्राम पर ऑफिशियल किया। बाद में, पिछले साल अक्टूबर में, उन्होंने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में एक छोटे से समारोह में सगाई की थी।

इवेंट की तस्वीरें शेयर करते हुए अंशुला ने लिखा, “02/10/2025। यह सिर्फ़ हमारी ‘गोर धना’ रस्म नहीं थी, बल्कि हर छोटी-छोटी चीज में प्यार झलक रहा था। ‘हमेशा और हमेशा के लिए’ (always and forever) — ये शब्द हमेशा से ‘रो’ (करण) के पसंदीदा रहे हैं, और आज ये शब्द सबसे प्यारे अंदाज़ में सच होते महसूस हुए। उनके प्यार ने मुझे यकीन दिलाया है कि परियों की कहानियां सिर्फ किताबों में नहीं होतीं, बल्कि ऐसे पलों में भी होती हैं। हंसी-मजाक, गले मिलने, दुआओं और उन लोगों से भरा कमरा जो हमारी दुनिया को पूरा महसूस कराते हैं। और फिर, मां का प्यार… जो चुपचाप हमें घेरे हुए था। उनके फूलों में, उनकी बातों में, उनकी सीट पर, और जिस तरह से उनकी मौजूदगी हर जगह महसूस की जा सकती थी।”

फिल्ममेकर बोनी कपूर की बेटी और रियलिटी टीवी पर्सनैलिटी अंशुला कपूर 6 जुलाई को करण ठक्कर से शादी करने जा रही हैं। शादी से पहले, कपूर परिवार ने होने वाली दुल्हन के लिए एक छोटी सी मेहंदी सेरेमनी रखी, जिसकी झलक सोनम कपूर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके फैन्स को दिखाई।

शनिवार को सोनम ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अंशुल की मेहंदी सेरेमनी के कुछ पल शेयर किए, जिसमें उनके करीबी दोस्त और परिवार वाले शामिल हुए थे। शाम का एक खास अटरेक्शन होने वाले दूल्हे करण ठक्कर की सरप्राइज एंट्री थी। ढोल की थाप पर मशहूर गाने ‘मेहंदी लगा के रखना’ पर डांस करते हुए करण ने जश्न में शामिल होकर अंशुल को हैरान और खुश कर दिया।

समारोह के कई और वीडियो भी ऑनलाइन सामने आए। एक क्लिप में अंशुला ‘दिल धड़कने दो’ फिल्म के गाने पर डांस करती दिखीं, जबकि दूसरे वीडियो में वह परिवार के सदस्यों के साथ जश्न का मजा लेती नजर आईं। इस इवेंट में शामिल हुईं सोशल मीडिया पर्सनैलिटी ओरी ने सेलिब्रेशन की कई तस्वीरें शेयर कीं। एक तस्वीर में, कैमरे के लिए पोज़ देते हुए अंशुला ने गर्व से अपने कलीरे दिखाए। खुशी कपूर ने सिंपल ट्रेडिशनल कपड़े पहने, जबकि जाह्नवी कपूर ने सफेद इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना। अर्जुन कपूर ने अपनी बहन अंशुला के साथ हरे रंग के कपड़े पहने, जिससे परिवार का सेलिब्रेशन और भी खास हो गया।

अंशुल की शादी के जश्न की शुरुआत 21 जून को उनके घर पर ‘माता की चौकी’ के साथ हुई। इस समारोह में महीप कपूर, शनाया कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर समेत परिवार के सदस्य शामिल हुए, जो शानदार पारंपरिक कपड़ों में नजर आए। बाद में उन्होंने दक्षिण कोरिया के सियोल में अपने करीबी दोस्तों के साथ बैचलरेट पार्टी मनाई। अंशुल और करण 6 जुलाई को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। इस तारीख की पुष्टि उनके पिता बोनी कपूर ने की है।

यह कपल 2022 में एक डेटिंग ऐप के जरिए मिला था। मार्च 2023 में, अंशुला ने करण के साथ अपने रिश्ते को इंस्टाग्राम पर ऑफिशियल किया। बाद में, पिछले साल अक्टूबर में, उन्होंने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में एक छोटे से समारोह में सगाई की थी।

इवेंट की तस्वीरें शेयर करते हुए अंशूला ने लिखा, “02/10/2025। यह सिर्फ़ हमारी ‘गोर धना’ रस्म नहीं थी, बल्कि हर छोटी-छोटी चीज में प्यार झलक रहा था। ‘हमेशा और हमेशा के लिए’ (always and forever) — ये शब्द हमेशा से ‘रो’ (करण) के पसंदीदा रहे हैं, और आज ये शब्द सबसे प्यारे अंदाज़ में सच होते महसूस हुए। उनके प्यार ने मुझे यकीन दिलाया है कि परियों की कहानियां सिर्फ किताबों में नहीं होतीं, बल्कि ऐसे पलों में भी होती हैं। हंसी-मजाक, गले मिलने, दुआओं और उन लोगों से भरा कमरा जो हमारी दुनिया को पूरा महसूस कराते हैं। और फिर, मां का प्यार… जो चुपचाप हमें घेरे हुए था। उनके फूलों में, उनकी बातों में, उनकी सीट पर, और जिस तरह से उनकी मौजूदगी हर जगह महसूस की जा सकती थी।”

SBI Bank Holiday: कल 6 जुलाई, सोमवार को देश के कई राज्यों में बंद रहेंगे बैंक! जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday on 6 July: अगर सोमवार, 6 जुलाई को आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कल देश के कुछ राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, 6 जुलाई को कुछ चुनिंदा राज्यों में सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में लागू नहीं है। आइए जानते हैं कि कल किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

इन राज्यों में कल बंद रहेंगे बैंक

6 जुलाई 2026 को देश के दो प्रमुख राज्यों में विशेष क्षेत्रीय त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा:

पश्चिम बंगाल: देश के महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के विशेष अवसर पर कल पश्चिम बंगाल के सभी बैंक बंद रहेंगे।

मिजोरम: मिजोरम में कल ‘MHIP Day’ (मिजो ह्मेइछे इंसुइखौम पावल दिवस) मनाया जाएगा, जिसके चलते राज्य सरकार और आरबीआई के निर्देशानुसार वहां के सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी।

क्या दिल्ली-मुंबई और अन्य शहरों में भी बंद रहेंगे बैंक?

नहीं, कल पूरे देश में छुट्टी नहीं है। दिल्ली, मुंबई, नोएडा, चेन्नई, बेंगलुरु, लखनऊ, पटना और उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र समेत देश के ज्यादातर राज्यों में बैंक अपने सामान्य समय पर खुलेंगे। यह छुट्टी केवल पश्चिम बंगाल और मिजोरम में ही है।

जुलाई 2026 में बैंक की छुट्टियां(RBI)

  1. 5 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  2. 6 जुलाई (सोमवार): MHIP डे / डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती (मिजोरम और पश्चिम बंगाल में बंद)
  3. 9 जुलाई (गुरुवार): बेहदेहिनखलाम (मेघालय में बंद)
  4. 11 जुलाई (शनिवार): दूसरा शनिवार (पूरे देश में)
  5. 12 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  6. 16 जुलाई (गुरुवार): रथ यात्रा / कांग / हरेला (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर में बंद)
  7. 17 जुलाई (शुक्रवार): यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि (मेघालय में बंद)
  8. 18 जुलाई (शनिवार): द्रुकपा त्शे-जी (सिक्किम में बंद)
  9. 19 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  10. 22 जुलाई (बुधवार): खारची पूजा (त्रिपुरा में बंद)
  11. 25 जुलाई (शनिवार): चौथा शनिवार (पूरे देश में)
  12. 26 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)

डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू

बैंक की शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में सभी ऑनलाइन सेवाएं चौबीसों घंटे काम करेंगी:

  • UPI पेमेंट सामान्य रूप से काम करेंगे।
  • इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए आप पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  • एटीएम (ATM) से कैश निकालने और जमा करने की सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अगर आपको चेक क्लीयरेंस, बैंक लॉकर या ड्राफ्ट जैसे ब्रांच से जुड़े जरूरी काम हैं, तो राज्यों की छुट्टियों की इस लिस्ट को ध्यान में रखकर ही अपनी योजना बनाएं।

Kratikal Tech IPO: साइबर सिक्योरिटी कंपनी के इश्यू को 221 गुना का बंपर सब्सक्रिप्शन, क्या 7 जुलाई को लिस्टिंग भी होगी शानदार?

SME सेगमेंट में ₹39.69 करोड़ का Kratikal Tech IPO 2 जुलाई को बंद हो चुका है। अब 7 जुलाई को इसकी लिस्टिंग का इंतजार है, जो​ कि BSE SME पर होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि लिस्टिंग अच्छी रहेगी क्योंकि इश्यू को बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला था। यह IPO 220.71 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 145.82 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 324.64 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 218.48 गुना भरा।

ग्रे मार्केट की मानें तो Kratikal Tech के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹135 से 40.74% के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग होने तक ट्रेड करते हैं। Kratikal Tech IPO में 29 करोड़ नए शेयर जारी हुए थे। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से ₹11.22 करोड़ जुटाए थे।

क्या करती है Kratikal Tech

यह एक AI-बेस्ड साइबर सिक्योरिटी कंपनी है, जो अपने खास प्लेटफॉर्म और साइबर सिक्योरिटी कंसल्टिंग सर्विसेज के जरिए सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS)-बेस्ड साइबर रिस्क मैनेजमेंट सॉल्यूशन देती है। कंपनी दो इंटीग्रेटेड बिजनेस सेगमेंट में काम करती है- Threatcop ब्रांड के तहत पीपुल सिक्योरिटी मैनेजमेंट (PSM) सॉल्यूशंस और Kratikal ब्रांड के तहत टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेस सिक्योरिटी सर्विसेज। कंपनी भारत में और भारत के बाहर BFSI, फिनटेक, टेलीकॉम, IT/ITES, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर के कस्टमर्स को सर्विस देती है। इसके प्रमोटर पवन कुमार, परतोष कुमार और दीप जंग थापा हैं।

Knack Packaging IPO 87 गुना के शानदार सब्सक्रिप्शन के साथ बंद, अब लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा?

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

Kratikal Tech अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल सब्सिडियरीज Threatcop FZ LLC, UAE और Threatcop AI Inc, USA में निवेश के लिए, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 74% की बढ़ोतरी के साथ ₹36.86 करोड़ रही। शुद्ध मुनाफा 61% बढ़कर ₹6.14 करोड़ हो गया। उधारी ₹1 लाख थी। वित्त वर्ष 2025 में कुल इनकम ₹21.15 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹3.81 करोड़ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lock Upp 2: आकांक्षा चमोला ने श्रेया कालरा को बताया ईविल, फैंस ने एक्ट्रेस का किया सपोर्ट

Lock Upp 2: जब से एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने ‘लॉक अप सच या सजा’ में एंट्री की है, तब से वह चर्चा में बनी हुई हैं। शो के हालिया एपिसोड में तब एक बड़ा मोड़ आया जब आकांक्षा को पता चला कि श्रेया कालरा—जिसे वह अपनी दोस्त मानती थीं—ने उनका एक राज़ खोल दिया है, जिसकी वजह से उन्हें गेम में अपनी एक ‘लाइफलाइन’ गंवानी पड़ी। गुस्से में आकर आकांक्षा ने श्रेया से सवाल-जवाब किए और उन्हें “बुरी इंसान” कहा, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर दर्शकों ने उनके समर्थन में खूब मैसेज किए।

इस हफ़्ते की शुरुआत में, जब आकांक्षा ने श्रेया को बचाने का फ़ैसला नहीं किया, तो श्रेया ने सूफ़ी मोतीवाला के साथ आकांक्षा के एक राज के बारे में बात की। हाल के एपिसोड में, वह क्लिप आकांक्षा को दिखाई गई। इसके बाद उन्होंने बताया कि वह राज उनके बायसेक्शुअल होने और गौरव खन्ना से शादी करने से पहले महिलाओं के साथ रिश्ते में रहने के बारे में था। हालांकि आकांक्षा ने सच को खुलकर स्वीकार किया, लेकिन जिस तरह से यह बात सामने आई, उसे लेकर वह रो पड़ीं।

बाद में, एलिमिनेशन से बचने के बाद, आकांक्षा घर लौटी और अन्य प्रतियोगियों के सामने श्रेया का सामना किया। उसने कहा, “मैं सबके सामने कहना चाहती हूं कि मैंने दुनिया में इससे ज्यादा दुष्ट, निर्दयी और असंवेदनशील इंसान कभी नहीं देखा। तुमने जो सूफी के साथ मेरा राज साझा किया है ना, बहुत-बहुत धन्यवाद। मुझे बोल रही हो, मैंने तुम्हारा साथ नहीं दिया? लेकिन जो तुमने सूफी को बताया, वो मैंने तुम्हें बताया तक नहीं। हमारी बैकस्टेज पर बातचीत हुई थी। तुमने उसे सुन लिया और उसका इस्तेमाल किया।”

आकांक्षा ने आगे कहा, “इस औरत पर भरोसा मत करो। यह बात शो का हिस्सा भी नहीं थी, लेकिन वह इसे खेल में ले आई। इसलिए, साफ-साफ बता दूं, अब मेरे पास कोई सहारा नहीं है। वह पीठ पीछे छुरा घोंपने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। भगवान आपका भला करे। आशा है भगवान और तुम्हारा कर्म थोड़ा सुख और शांति दे और तुम्हारे अंदर जो लोगों के लिए गंदगी और नफरत है ना वो कभी तो कम हो।

यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गई। कई दर्शकों ने आकांक्षा का समर्थन किया और श्रेया के व्यवहार की आलोचना की। एक यूज़र ने लिखा, “श्रेया इस शो की सबसे बुरी इंसान है। सिर्फ़ गेम के चक्कर में उसने अपनी इंसानियत खो दी है। शर्म की बात है।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “उसने कंगना रनौत से भी बेहतर तरीके से उसकी क्लास लगाई।” तीसरे ने लिखा, “इस सीन को देखने के बाद जो संतुष्टि मिली, वह कमाल की थी।” एक और यूज़र ने कहा, “उसने वही कहा जो दर्शक महसूस कर रहे थे,” जबकि एक फ़ैन ने कमेंट किया, “श्रेया बस फरहाना भट्ट बनने की कोशिश कर रही है।” एक और ने कहा, “आकांक्षा ने जो कुछ भी कहा, वह बिल्कुल सही है।”

रितेश देशमुख और फ़राह खान द्वारा होस्ट किए गए ‘लॉक अप’ सीज़न 2 का प्रीमियर 27 जून को हुआ। इस जेल-थीम वाले रियलिटी शो में 15 सेलिब्रिटीज़ को बंद किया गया है, जो अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत साबित करने के लिए मुकाबला कर रहे हैं। हालिया एपिसोड में सीज़न का पहला एविक्शन हुआ, जिसमें श्रेष्ठा अय्यर को शो से बाहर कर दिया गया। मेकर्स ने एक नए वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट की एंट्री का भी हिंट दिया है।

Aastha Spintex IPO Listing: 6 जुलाई को कितना लिस्टिंग गेन? ग्रे मार्केट से ये है संकेत

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के आईपीओ को निवेशकों के अच्छे रिस्पांस के बाद अब इसके शेयरों के लिस्टिंग की तैयारी हो रही है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक इसके शेयरों की कल 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर प्रीमियम एंट्री हो सकती है। ग्रे मार्केट में इसकी GMP इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹3 यानी 2.21% है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹136 के भाव पर जारी हुए हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹125-₹136 था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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Laser Power & Infra IPO के साइज में कटौती, अब ₹742 करोड़ के इश्यू को लेकर ये है पूरा प्लान

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG Price Today: एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत! घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट जारी, देखें- राज्यवार डिटेल्स

LPG Price Today: देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। आज (5 जुलाई) भी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही पुराने दाम पर सिलेंडर मिलेगा। कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी कीमतों में बड़ी कटौती का फायदा मिलेगा। अब उपभोक्ताओं की नजर अगले मासिक कीमत संशोधन पर रहेगी, जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार नए दाम तय किए जाएंगे।

जुलाई की शुरुआत राहत भरी

जुलाई 2026 में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर, CNG और PNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 1 जुलाई से ₹173 से ₹183.50 तक की कटौती की गई है।

कमर्शियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

इंडियन ऑयल ने वर्ष 2026 में पहली बार कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम घटाए हैं। इस फैसले से होटल, रेस्तरां, ढाबों, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के बावजूद देशभर में घरेलू LPG, PNG और CNG की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। साथ ही, होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी अब पहले की तरह नियमित गैस आपूर्ति मिल रही है।

ATF भी हुआ सस्ता

कमर्शियल LPG के साथ-साथ एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई है। इसके बाद दिल्ली में ATF का नया रेट ₹110 प्रति लीटर हो गया है। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत कम होने की संभावना है।

पश्चिम एशिया संकट का असर

हालांकि, साल 2026 की पहली छमाही में भारत की LPG खपत में 8% की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते LPG आयात प्रभावित होना रहा। जनवरी से जून के बीच देश की LPG खपत करीब 1.47 करोड़ टन रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह लगभग 1.60 करोड़ टन थी।

अमेरिका बना सबसे बड़ा सप्लायर

मार्च से जून 2026 के दौरान अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बनकर उभरा। मई महीने में गैस की खपत घटकर पिछले पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि अब आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने लगी है।

जुलाई की मुख्य बातें

घरेलू 14.2 किलोग्राम LPG: कोई बदलाव नहीं।

CNG और PNG: कीमतें स्थिर हैं।

19 किलोग्राम कमर्शियल LPG: ₹173–₹183.50 तक सस्ता।

ATF: ₹5 प्रति लीटर की कटौती।

सरकार कादावा: देशभर में LPG, CNG और PNG की पर्याप्त आपूर्ति जारी है।

भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की नई कीमतें हर महीने की पहली तारीख को जारी की जाती हैं। तेल कंपनियां (जैसे- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों, कच्चे तेल के रुझान, रुपये-डॉलर की कीमत और अन्य बाजार कारकों की समीक्षा करती हैं। फिर उसके आधार पर नई दरें लागू करती हैं।

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मुख्य बातें

  • कीमतें हर महीने की 1 तारीख को अपडेट होती हैं।
  • घरेलू बनाम कमर्शियल: 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में हर महीने बदलाव होता है क्योंकि यह सीधे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ा होता है। वहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव सरकार की नीतियों और सब्सिडी के आधार पर तय होता है।

लेटेस्ट रेट चेक करने के तरीके: आप अपने शहर के सटीक रेट इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइटों, उनके मोबाइल ऐप या अपने गैस वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) से संपर्क करके जान सकते हैं।

Stock in Focus: ₹236 करोड़ का ऑर्डर और मिला, अब 6 जुलाई को फोकस में शेयर

Oswal Pumps Share Price: ओसवाल पंप्स को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से ₹235.92 करोड़ का ऑर्डर और मिला है। कंपनी को यह ऑर्डर पीएम कुसुम बी स्कीम (PM Kusum B Scheme) के तहत मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी शनिवार 4 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में दी। अब इसका असर कंपनी के शेयरों पर सोमवार 6 जुलाई को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 3 जुलाई को बीएसई पर यह 2.01% की गिरावट के साथ ₹409.70% के भाव पर बंद हुआ था।

कैसा ऑर्डर मिला है Oswal Pumps को?

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसे पूरे महाराष्ट्र में 10,000 ऑफ-ग्रिड DC सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम (SPWPS) के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर करीब ₹235.92 करोड़ का है जिसमें जीएसटी भी शामिल गै। इस पर कंपनी को 60 दिनों के भीतर काम पूरा करना है।

इस प्रोजेक्ट में कंपनी महाराष्ट्र में चुने गए किसानों की जगहों पर पीएम कुसुम बी स्कीम की “मागेल त्याला सौर कृषि पंप” योजना के तहत 3 HP, 5 HP और 7.5 HP के सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम लगाएगी। कंपनी को 5 साल तक इनके वारंटी, रिपेयर और मेंटेनेंस सर्विसेज और रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम का भी काम संभालना है। कंपनी के चेयरमैन और एमडी विवेक गुप्ता ने 10 हजार सोलर पंप्स के अतिरिक्त ऑर्डर्स मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के साथ कंपनी की मजबूत और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दिखाता है जो राज्य के सोलर सिंचाई मिशन को आगे बढ़ा रही है

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

ओसवाल पंप्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है और कम ही समय में आधे से अधिक पूंजी घटा दी। पिछले सााल बीएसई पर 21 अगस्त 2025 को यह ₹889.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 7 ही महीने में यह 68.18% फिसलकर 16 मार्च 2026 को ₹283.05 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर पर शेयर संभले और अब तक 30.91% रिकवर हो चुके हैं लेकिन एक साल के हाई से अब भी यह 53.94% नीचे है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

EPFO 3.0: पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब सिर्फ 3 दिन में बैंक खाते में आएगा पैसा, EPFO ने बदला ये नियम

EPFO New Claim Settlement Rule: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने करोड़ों पीएफ खाताधारकों को अब तक का सबसे बड़ा तोहफा दिया है। EPFO ने एक नया ऐतिहासिक फ्रेमवर्क पेश किया है, जिसके तहत अब योग्य पीएफ निकासी दावों का निपटारा महज 3 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। हाल के वर्षों में क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में इसे ईपीएफओ का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।

इस नए नियम से न केवल पीएफ का पैसा निकालने में लगने वाला समय बेहद कम हो जाएगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया ग्राहकों के लिए आसान और पारदर्शी हो जाएगी। आइए जानते हैं कि इस नए नियम का फायदा आपको कैसे मिलेगा और इसके लिए क्या शर्तें हैं।

क्या है ईपीएफओ का 3-दिन वाला नया नियम?

अब तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए कर्मचारियों को कई दिनों या हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था, क्योंकि मैनुअल वेरिफिकेशन और कागजी प्रक्रियाओं में काफी समय जाया होता था। लेकिन अब नए नियम के तहत सभी पात्र क्लेम सिर्फ 3 दिन में सेटल होंगे।

देरी होने पर अधिकारियों को लगेगा जुर्माना: ईपीएफओ ने इस पूरी व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। अगर कोई अधिकारी बिना किसी ठोस वजह के पीएफ क्लेम को 20 दिनों से ज्यादा समय तक लटका कर रखता है, तो उस पर 12% दंडात्मक ब्याज लगाया जा सकता है।

ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर हुई ₹5 लाख

ईपीएफओ ने अपने डिजिटल रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाते हुए बिना किसी इंसानी दखल के क्लेम पास करने वाले ‘ऑटो-सेटलमेंट मैकेनिज्म’ का दायरा बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है:

  1. पहले ऑटो-सेटलमेंट के जरिए केवल ₹1 लाख तक के एडवांस क्लेम ही ऑटोमैटिक पास होते थे।
  2. अब सरकार ने इस लिमिट को बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया है।
  3. इस फैसले से अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा एडवांस क्लेम बिना किसी कागजी झंझट और देरी के तुरंत पास हो रहे हैं, जिससे क्लेम रिजेक्ट होने की गुंजाइश भी काफी कम हो गई है।

EPFO 3.0: भविष्य में UPI और ATM से भी निकलेगा PF का पैसा!

यह नया रिफॉर्म ईपीएफओ के बड़े डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है, जिसे EPFO 3.0 नाम दिया गया है। इस पहल के तहत संगठन कई और आधुनिक डिजिटल सेवाओं पर काम कर रहा है। आने वाले समय में ईपीएफओ खाताधारकों को UPI के जरिए पीएफ विड्रॉल और ATM से लिंक करके सीधे पैसे निकालने जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी में है।

3 दिन में पैसा पाने के लिए कर्मचारियों को क्या करना होगा?

अगर आप भी किसी मेडिकल इमरजेंसी, शादी, पढ़ाई या घर बनाने के लिए पीएफ खाते से एडवांस या पूरा पैसा निकालना चाहते हैं, तो 3 दिन में फंड ट्रांसफर के लिए आपके अकाउंट में ये 5 चीजें अपडेटेड होनी चाहिए:

  • आपका UAN पूरी तरह एक्टिव होना चाहिए।
  • यूएएन के साथ आपकी सरकारी पहचान (ID) लिंक होनी चाहिए।
  • आपका पैन (PAN) कार्ड और चालू बैंक अकाउंट डिटेल्स (IFSC कोड के साथ) अपडेटेड हों।
  • आपकी KYC प्रक्रिया पूरी तरह कंप्लीट हो।
  • ईपीएफओ पोर्टल पर रजिस्टर्ड आपका मोबाइल नंबर चालू हो ताकि ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन आसानी से हो सके।

ध्यान दें कि पीएफ कटौती के मुख्य ढांचे में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान पहले की तरह बेसिक सैलरी का 12-12% ही रहेगा। पूरा फोकस केवल सर्विस को फास्ट और डिजिटल बनाने पर है।

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Blue Star के शेयर में 18% तक उछाल का दम! ब्रोकरेज ने दी खरीदने की सलाह

एसी, एयर प्योरिफायर और वॉटर कूलर बनाने वाली ब्लू स्टार लिमिटेड के शेयरों में आगे 18 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद प्रभुदास लीलाधर के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 1873 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 18 प्रतिशत ज्यादा है। बीएसई पर शेयर शुक्रवार, 3 जुलाई को 1583.60 रुपये पर बंद हुआ था।

ब्रोकरेज ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा कि ब्लू स्टार भारत की प्रमुख एयर कंडीशनिंग और कमर्शियल रेफ्रिजरेशन कंपनियों में से एक है। कंपनी की मौजूदगी रूम एयर कंडीशनर (RAC), कमर्शियल एयर कंडीशनर (CAC), इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स (EMP), कमर्शियल रेफ्रिजरेशन और इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस जैसे कई क्षेत्रों में है। कंपनी भारत में कूलिंग की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इसके पीछे कारण हैं…

  • RAC की बढ़ती पहुंच और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी
  • CAC और EMP में लीडरशिप
  • श्री सिटी फैसिलिटी के जरिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को समय पर बढ़ाना
  • डेटा सेंटर के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से मिलने वाले नए मौके

प्रभुदास लीलाधर ने उम्मीद जताई है कि FY26-28E के दौरान ब्लू स्टार का रेवेन्यू 18.9%, EBITDA 22.9% और शुद्ध मुनाफा 24.9% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। इसकी वजह यूनिटरी कूलिंग प्रोडक्ट्स (UCP) और EMP दोनों कारोबारों में लगातार मांग, क्षमता का बेहतर इस्तेमाल और ऑपरेटिंग लेवरेज है। कंपनी की अच्छी कमाई की संभावना, बेहतर मुनाफे और हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) इंडस्ट्री में लीडरशिप को देखते हुए ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग और 1,873 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

Blue Star का शेयर 6 महीनों में 12 प्रतिशत कमजोर

Blue Star का मार्केट कैप 32500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 12 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 36.49 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,049.95 रुपये और एडजस्टेड लो 1,450 रुपये है।

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जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 3,862.88 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 162.93 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 11,779.23 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस बीच शुद्ध मुनाफा 385.10 करोड़ रुपये रहा।

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चीन हो या पाकिस्तान… अब दुश्मन का गेम ओवर! भारत बना रहा ‘100 किमी की चक्रव्यूह’ दीवार

भारत सरकार ने हाल ही में लगभग ₹52,000 करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। पहली नजर में यह सामान्य सैन्य खरीद लग सकती है। लेकिन गहराई से देखने पर पता चलता है कि इस बार भारत का ध्यान महंगे लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की बजाय उन हथियारों पर है, जो किसी भी युद्ध के शुरुआती घंटों में सबसे अधिक काम आएंगे। जब डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने मिलिट्री खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी, तो पहली नजर में यह लिस्ट खरीद का एक और आम दौर लगी। लेकिन बारीकी से देखने पर एक साफ पैटर्न दिखता है।

भारत की ₹52,000 करोड़ की यह रक्षा खरीद केवल नए हथियार खरीदने की योजना नहीं है। बल्कि भविष्य के युद्धों की बदलती रणनीति के अनुसार सेना को तैयार करने का बड़ा कदम है। अब लक्ष्य केवल शक्तिशाली हथियार रखना नहीं। बल्कि ऐसी आधुनिक और नेटवर्क आधारित सेना बनाना है जो ड्रोन, मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक हमलों और कई मोर्चों पर एक साथ होने वाले खतरों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मिला बड़ा सबक

कुछ महीने पहले हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट जैसे कई हवाई खतरों का सामना भारत की एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक किया। इस अभियान ने भारतीय सेना को यह एहसास कराया कि भविष्य के युद्ध केवल लड़ाकू विमानों या लंबी दूरी की मिसाइलों से नहीं जीते जाएंगे। बल्कि ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और स्मार्ट हथियार निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

अब छोटे लेकिन स्मार्ट हथियारों पर फोकस

भारत अब ऐसे हथियार खरीद रहा है जो सीमा पर तैनात सैनिकों को तुरंत जवाब देने की क्षमता देंगे। इनमें शामिल हैं-

एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम

शोल्डर-फायर्ड एंटी-टैंक मिसाइलें

शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम

कामिकाज़े ड्रोन

हाई एल्टीट्यूड प्सूडो सैटेलाइट (HAPS)

इनका उद्देश्य दुश्मन के ड्रोन, टैंक, हेलीकॉप्टर और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को तुरंत रोकना है।

पाकिस्तान और चीन…दो अलग-अलग चुनौतियां

भारत को पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान और उत्तरी सीमा पर चीन जैसी दो अलग-अलग सैन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, टैंक, तोपखाने और घुसपैठ का खतरा रहता है। चीन के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में निगरानी, लंबी दूरी की रॉकेट सिस्टम और आधुनिक ड्रोन बड़ी चुनौती हैं। इसी वजह से भारत तीनों सेनाओं थल, वायु और नौसेना को एक साथ मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

ड्रोन बन गए हैं सबसे बड़ा खतरा

आज के युद्ध में छोटे और सस्ते ड्रोन भी बड़े सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक ड्रोन को गिराने के लिए करोड़ों रुपये की मिसाइल चलाना आर्थिक रूप से सही नहीं माना जाता। इसलिए दुनिया भर की सेनाएं अब इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम अपना रही हैं, जो ड्रोन के संचार और नेविगेशन को जाम करके उन्हें निष्क्रिय कर देते हैं। भारत भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

‘सुदर्शन चक्र’ बनेगा भारत की सुरक्षा ढाल

सरकार एक राष्ट्रीय एयर डिफेंस सिस्टम ‘सुदर्शन चक्र’ विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से पूरे देश की सुरक्षा करना है। इसमें लंबी दूरी की S-400, मध्यम दूरी की MR-SAM, छोटी दूरी की मिसाइलें और एंटी-ड्रोन सिस्टम मिलकर कई स्तरों वाली सुरक्षा प्रदान करेंगे।

आकाश तरंग सिस्टम क्या है?

आकाश तरंग एंटी-यूएवी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम मिसाइल चलाकर ड्रोन को नष्ट नहीं करता, बल्कि उसकी रेडियो और जीपीएस सिग्नल को जाम कर देता है। इससे ड्रोन अपना नियंत्रण खो देता है, वापस लौट जाता है या दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। भविष्य के युद्धों में यह भारत की पहली सुरक्षा पंक्ति माना जा रहा है।

MR-SAM की ताकत

मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MR-SAM) लगभग 70 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों को निशाना बना सकती है। यह भारत की बहु-स्तरीय एयर डिफेंस सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा है और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

इन सबको मिलाकर देखें तो खरीद की यह लिस्ट यह भी दिखाती है कि आधुनिक युद्ध के बारे में भारत की समझ कैसे बदल रही है। मिलिट्री प्लानर्स का मानना ​​है कि भविष्य के युद्ध का फैसला सिर्फ सैकड़ों किलोमीटर दूर उड़ने वाले फाइटर जेट या महाद्वीपों के बीच मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से नहीं होगा। इसका फैसला सैकड़ों सस्ते ड्रोन, सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलों, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, बिना पायलट वाले विमानों और टैक्टिकल लेवल पर स्मार्ट हथियार लिए सैनिकों से भी होगा।

कम दूरी के हथियार क्यों जरूरी हैं?

एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट और पनडुब्बी जैसे बड़े प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बने हुए हैं। हालांकि, कई मिलिट्री एनालिस्ट का तर्क है कि भविष्य की टैक्टिकल लड़ाइयों का नतीजा तय करने वाले हथियार छोटे, सस्ते और आसानी से तैनात किए जा सकने वाले होंगे। आधुनिक एंटी-टैंक मिसाइल से लैस एक सैनिक करोड़ों रुपये की बख्तरबंद गाड़ी को नष्ट कर सकता है।

सस्ते ड्रोन का एक झुंड एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम को महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलें इस्तेमाल करने पर मजबूर कर सकता है। इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर उपकरण बिना एक भी गोली चलाए ड्रोन को बेकार कर सकते हैं। पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइलें दुश्मन के विमानों को युद्ध के मैदान में आजादी से काम करने से रोक सकती हैं। इससे पता चलता है कि DAC की कई मंजूरियां सैकड़ों किलोमीटर के बजाय कुछ 10 किलोमीटर के दायरे में काम करने वाले सिस्टम पर क्यों केंद्रित हैं।

सिर्फ रणनीतिक क्षमताओं में निवेश करने के बजाय भारत उस चीज को भी मजबूत कर रहा है जिसे मिलिट्री प्लानर अक्सर ‘टैक्टिकल एज’ (युद्ध के मैदान में बढ़त) कहते हैं। भारत की मिलिट्री प्लानिंग अनोखी है क्योंकि उसे दो बिल्कुल अलग तरह के ऑपरेशनल माहौल के लिए तैयारी करनी होती है। पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान एक तेजी से बदलने वाला युद्ध का मैदान बनाता है, जिसमें बख्तरबंद गाड़ियां, तोपखाने, ड्रोन और सीमा पार से घुसपैठ जैसी चीजें शामिल हैं।

वहीं, उत्तरी सीमा पर चीन की चुनौती ऊंचाई वाले इलाकों में युद्ध, एडवांस्ड सर्विलांस क्षमताएं, लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी और तेजी से बेहतर हो रहे बिना पायलट वाले सिस्टम से जुड़ी है। हालांकि इलाके बहुत अलग हैं, लेकिन दोनों मोर्चों पर एक जरूरत समान है। लगातार निगरानी, ​​तेजी से टारगेट का पता लगाना और हवाई खतरों से कई स्तरों पर सुरक्षा। यही वजह है कि DAC की मंजूरी में एक साथ कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।