Mahindra Scorpio Lifestyler Pickup की धांसू इंट्री, Scorpio-N पर आधारित, 19.79 लाख से कम होगी कीमत

Mahindra Scorpio Lifestyler Pickup की धांसू इंट्री, Scorpio-N पर आधारित, 19.79 लाख से कम होगी कीमत

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Mahindra ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई Scorpio Lifestyler पिकअप ट्रक को पेश कर दिया है। यह पिकअप 2023 में दिखाए गए Global Pik Up Concept पर आधारित है और इसके प्लेटफॉर्म व कई मैकेनिकल हिस्से Scorpio-N से लिए गए हैं। कंपनी इसे एक दमदार और रग्ड लाइफस्टाइल पिकअप के तौर पर बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।

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डबल-कैब डिजाइन में आएगा Scorpio Lifestyler

 

Mahindra Scorpio Lifestyler को डबल-कैब डिजाइन दिया गया है। इसके पीछे बड़ा कार्गो बेड मिलेगा, जो इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के साथ-साथ एडवेंचर और यूटिलिटी जरूरतों के लिए भी उपयोगी बनाएगा। पिकअप के फ्रंट में बड़ा और सीधा डिजाइन वाला ग्रिल दिया गया है। इसके साथ स्लिम LED हेडलैंप और पीछे C-शेप LED टेललाइट्स मिलती हैं।

 

रग्ड लुक के साथ कई डिजाइन एलिमेंट्स

 

Scorpio Lifestyler में व्हील आर्च और डोर सिल्स के आसपास मजबूत क्लैडिंग दी गई है। इसके अलावा पिकअप में साइड स्टेप्स, रूफ रेल्स और डुअल-टोन अलॉय व्हील्स भी देखने को मिलेंगे। कुल मिलाकर इसका डिजाइन Scorpio-N की तुलना में ज्यादा रग्ड और यूटिलिटी-केंद्रित नजर आता है।

 

केबिन में मिलेगा डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर

 

इंटीरियर की बात करें तो Scorpio Lifestyler में मजबूत डिजाइन वाला डैशबोर्ड दिया गया है। इसमें पोर्ट्रेट-ओरिएंटेड सेंट्रल टचस्क्रीन, 3-स्पोक स्टीयरिंग व्हील और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर शामिल हैं। फीचर्स की बात करें तो इसमें ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay जैसे फीचर्स मिलेंगे। इसके अलावा अलग-अलग परिस्थितियों में ड्राइविंग के लिए टेरेन मोड्स भी दिए जाएंगे।

CM मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन, लापरवाही पर 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड

CM मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन, लापरवाही पर 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को एक बार फिर सख्ती के मूड में दिखाई दिए। उन्होंने जनता के कामों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर ताबड़तोड़ एक्शन लेकर उन्हें निलंबित कर दिया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

उन्होंने शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब पर जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय पर नामांतरण नही करने वाले तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार सहित दो पटवारियों मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा समय पर पीएम आवास की किश्त प्रदाय नहीं करने के मामले में दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) मायाराम सोलंकी, जगदीश धांगड़ व सहायक यंत्री राजू डावर को भी निलंबित तथा संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इन्दौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जायेगा, लेकिन लापरवाही करने पर अधिकारी दण्डित होंगे।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजपुर तहसील के अजय-लाल से समस्या के बारे में जानकारी लीं। शिकायतकर्ता अजय ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीयन एवं राशि भुगतान संबंधी शिकायत, नवंबर 2025 में की थी। प्रक्रिया में परिवर्तन के कारण भुगतान में विलंब हुआ।

शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वर्ष 2016 में उनके पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन नामांतरण वर्ष 2022 में हुआ। नामांतरण की प्रक्रिया में लगभग छह वर्ष का समय लगने को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार को कार्य में लापरवाही एवं विलंब के लिए तथा साथ ही इस मामले में दोषी दो पटवारियों मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

 

दो सीएमओ और एक सहायक यंत्री के निलंबन के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रकरण में शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा से चर्चा की। शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2019 में आवेदन किया गया था। वर्ष 2022 में जियो टैग की प्रक्रिया की गई तथा वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया हुई, लेकिन प्राथमिकता सूची में नाम नीचे होने के कारण उन्हें किश्त प्राप्त नहीं हो सकी। मकान बन जाने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय योजना के तहत पात्र हितग्राही को मकान निर्माण के लिए आवश्यक राशि समय पर प्राप्त न होना उचित नहीं है। उन्होंने प्रकरण में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ दोनो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों मायाराम सोलंकी और जगदीश धाकड़ एवं सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकरण में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एस.के. सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

 

संबल योजना की सहायता में विलंब पर कार्रवाई के निर्देश

मध्यप्रदेश असंगठित शहरी-ग्रामीण कर्मकार मंडल संबल योजना के तहत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता के प्रकरण में पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर से संवाद किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि संबल योजना के तहत 11 अप्रैल 2019 को सहायता राशि के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई। प्रकरण की जांच में यह भी सामने आया कि प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले हितग्राहियों को पहले लाभ प्राप्त हुआ तथा इस प्रकार के कुल 16 प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं संचालित की जाती हैं। ऐसे में पात्र व्यक्ति को लाभ मिलने में देरी पर, प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारी जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के भुगतान में विलंब पर जाँच के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा विकासखंड से संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रकरण में शिकायतकर्ता मोहसिन मंसूरी तथा लाभार्थी मोहम्मद कैफ मंसूरी से चर्चा की। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके भांजे के लिए मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन किया गया था। आवेदन से संबंधित संपूर्ण कार्रवाई समय पर पूर्ण कर ली गई थी, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। बजट प्राप्त होने के बाद नौ माह की राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भुगतान में हुए विलंब के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए।

 

पशु बीमा राशि के भुगतान में विलंब, जांच के निर्देश

सेंधवा विकासखंड से संबंधित पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पशु बीमा प्रकरण में शिकायतकर्ता भाव सिंह मुवाक्य तथा लाभार्थी हरी जगन मेहता के मामले में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समीक्षा की। शिकायतकर्ता ने पशु की मृत्यु के बाद बीमा राशि समय पर प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी। प्रकरण में बताया गया कि पशु की मृत्यु के दो दिन के भीतर पोस्टमार्टम एवं आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई थी, लेकिन बीमा कंपनी में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान नहीं हो सका। लगातार प्रयासों के बाद बीमा राशि का भुगतान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एल-3 स्तर पर कुक्कुट विकास निगम द्वारा प्रकरण को स्पेशल क्लोज किए जाने के संबंध में भी जानकारी ली। संपूर्ण प्रक्रिया में दो वर्ष से अधिक का समय लगने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीमा कंपनी की उदासीनता तथा भोपाल स्तर पर हुई संभावित त्रुटि की जांच कराने और जांच में गलती पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

 

समस्याओं के निराकरण के विलंब स्वीकार्य नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय-सीमा में मिले तथा शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उन्होंने लंबित प्रकरणों में जवाबदेही तय करते हुए त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन को अपने अधिकार और योजनाओं के लाभ के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों के निराकरण में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और मजबूत करना तथा समस्याओं का मौके पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन अथवा शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कार्यवाही की जाएगी।

Rahul Gandhi : मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था, राहुल गांधी के बयान पर मचा सियासी बवाल, विशेषाधिकार समिति का नोटिस

Rahul Gandhi : मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था, राहुल गांधी के बयान पर मचा सियासी बवाल, विशेषाधिकार समिति का नोटिस

लोकसभा की विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नोटिस जारी कर 28 अगस्त 2026 तक जवाब/टिप्पणी देने को कहा है। यह नोटिस बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को 30 जुलाई 2026 को दी गई विशेषाधिकार हनन की शिकायत के आधार पर जारी किया गया है।

 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया तथा केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया है कि इन आरोपों के लिए नियम 353 के तहत आवश्यक पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।

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संजय जायसवाल ने भी की कार्रवाई की मांग

 

बीजेपी सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने 29 जुलाई 2026 को पत्र देकर राहुल गांधी द्वारा बहस के दौरान गृह मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर असंसदीय अभिव्यक्तियों के इस्तेमाल का संज्ञान लेने का अनुरोध किया था। उन्होंने लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के तहत मामले में उचित कार्रवाई शुरू करने की भी मांग की थी।

विदेशी नेताओं को गले लगाने पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

 

इस बीच राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर दिए गए बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार किया है। राहुल गांधी ने गुरुवार शाम रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें समझ नहीं आता कि प्रधानमंत्री को यह विचार कहां से आया कि विदेश नीति का मतलब दुनिया के नेताओं को गले लगाना है। अपनी बात समझाने के लिए राहुल गांधी ने कार्यक्रम में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले भी लगाया। राहुल गांधी ने कहा, “कल्पना कीजिए, कितनी अज्ञानता है… उन्हें यह विचार कहां से आया कि विदेश नीति नेताओं को गले लगाने के बारे में है।” इसके बाद संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी से पूछा, “मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?” इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया, “मैं अभी वहां तक नहीं पहुंचा हूं।”

 

निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी और कास्त्रो-अराफात की तस्वीरें शेयर कीं

 

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो और फिलिस्तीनी नेता यासर अराफात के साथ तस्वीरें साझा कीं। इसके साथ उन्होंने राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी की लोकसभा में करीब आठ साल पहले की एक तस्वीर भी पोस्ट की। दुबे ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी पर तीखा व्यक्तिगत तंज किया। हालांकि, उनके पोस्ट की भाषा राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है।

बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान को बताया ‘अहंकार से उपजी सनक’

 

राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी ने भी कांग्रेस नेता पर हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा लगता है कि राहुल गांधी का “अहंकार अब सनक में बदल रहा है।” उन्होंने कहा कि देश को तय करना होगा कि राहुल गांधी की टिप्पणी केवल एक निराश और ईर्ष्यालु व्यक्ति की अपरिपक्व हरकत है या फिर किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर देश के स्वस्थ लोकतंत्र के लिए चुनौती बनने का आरोप भी लगाया।

 

विशेषाधिकार समिति के नोटिस से बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल

राहुल गांधी को 28 अगस्त तक जवाब देने के लिए जारी नोटिस ऐसे समय आया है जब संसद में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी राजनीतिक बहस चल रही है। अब विशेषाधिकार समिति के समक्ष राहुल गांधी का जवाब इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन,  पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में शिक्षा, युवा, महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है।

 

राष्ट्रपति ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

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पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में होंगे व्यापक सुधार

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है।उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर देश के युवाओं को पूरा भरोसा हो। राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनों और व्यवस्था में बदलाव की मांग उठती रही है।

 

युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे

 

राष्ट्रपति ने देश के युवाओं की उद्यमिता की भावना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अब नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने की संस्कृति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और युवा उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी से देश में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार हुआ है। दुनिया की बड़ी कंपनियां भारतीय युवाओं की प्रतिभा और समर्पण से प्रभावित हैं और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियां सौंप रही हैं।

 

‘खेलो इंडिया’ से तैयार हो रहा देशव्यापी स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

 

राष्ट्रपति ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास में परिवार और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों का मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है।

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ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारतीय सेना की ताकत

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ का भी उल्लेख किया और भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को याद किया।

 

सिंधु जल संधि निलंबन को बताया निर्णायक कदम

 

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित, विशेष रूप से किसानों के हित में उठाया गया निर्णायक कदम बताया।

 

नक्सलवाद का खात्मा बड़ी उपलब्धि

 

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने गंभीर चुनौती रहा। उन्होंने भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाने को बड़ी उपलब्धि बताया।

 

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास और उत्साह का माहौल है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

सारनाथ को UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने भारत की सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ को इस वर्ष UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है।

 

उन्होंने पिछले वर्ष सूची में शामिल किए गए 12 मराठा सैन्य किलों का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आध्यात्मिक विरासत और सैन्य शक्ति व दृढ़ता के ऐतिहासिक प्रतीकों को समान गर्व के साथ संजोता है।

 

विदेश नीति में शांति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर जोर

 

विदेश नीति पर राष्ट्रपति ने कहा कि शांति, संवाद, सहयोग और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आधारशिला हैं।

 

उन्होंने कहा कि भारत नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था में विश्वास करता है और संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय संस्थाओं में वैश्विक समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का प्रयास जारी रखेगा।

 

70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा

 

राष्ट्रपति ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी बढ़ रही है।

 

उन्होंने बताया कि करीब 6 करोड़ 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक सरकारी योजनाओं के तहत सालाना 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने और उनकी गरिमा बनाए रखने की अपील की।

 

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

 

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक मजबूती, विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त युवा एवं महिलाएं इस यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

 

उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और अस्थिरता से आर्थिक चुनौतियां बढ़ने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव मजबूत करने वाला कदम बताया।

 

25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए

 

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक की कल्याणकारी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। वहीं 80 करोड़ से अधिक लोगों के लिए मुफ्त राशन के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

 

डिजिटल इंडिया की ताकत का भी किया उल्लेख

 

राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धि पर कहा कि देश ने दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। भारत की हिस्सेदारी वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और युवा भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं।

 

महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर

 

राष्ट्रपति के संबोधन में महिला सशक्तीकरण भी प्रमुख विषय रहा। उन्होंने कहा कि 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का शुरुआती लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और अब सरकार तीन करोड़ और लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

 

उन्होंने शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की। ड्रोन दीदी से लेकर वायुसेना की फाइटर कॉम्बैट लीडर तक महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं लगातार नए क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने ग्लासगो में हाल में संपन्न कॉमनवेल्थ गेम्स का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण पदक महिलाओं ने जीते।

 

लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को भी महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र और ज्यादा समावेशी बनेगा।

 

पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका

 

सतत विकास पर राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 के लिए निर्धारित कई सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को तय समय से पहले हासिल किया है। उन्होंने नागरिकों से प्रकृति और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ तथा LiFE (Lifestyle for Environment) जैसे अभियानों का उल्लेख किया।

 

स्वतंत्रता सेनानियों और विभाजन पीड़ितों को श्रद्धांजलि

 

राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी, डॉ. बीआर आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका को याद किया। उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने और विस्थापन झेलने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी। 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

राष्ट्रपति ने तेलुगु लेखक गुरजाडा अप्पाराव की पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र केवल उसकी भूमि नहीं, बल्कि उसके सभी लोग हैं। उन्होंने देशवासियों से 2047 तक स्वतंत्र भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने में पूरी निष्ठा से योगदान देने का आह्वान किया।

Gallantry Awards 2026 : स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी, 13 शहीदों को मरणोपरांत सम्मान

Gallantry Awards 2026 : स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी, 13 शहीदों को मरणोपरांत सम्मान

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स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बहादुर कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इन पुरस्कारों में 13 मरणोपरांत वीरता पुरस्कार भी शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से पुरस्कारों की सूची जारी की गई है।

 

कीर्ति चक्र समेत कई वीरता पुरस्कार शामिल

 

राष्ट्रपति की मंजूरी से दिए जाने वाले 78 वीरता पुरस्कारों में कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायु सेना मेडल शामिल हैं।

 

पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार है—

 

9 कीर्ति चक्र, जिनमें 7 मरणोपरांत

1 शौर्य चक्र के लिए ‘बार’

19 शौर्य चक्र, जिनमें 1 मरणोपरांत

5 सेना मेडल (वीरता) के लिए ‘बार’

36 सेना मेडल (वीरता), जिनमें 5 मरणोपरांत

3 नौसेना मेडल (वीरता)

5 वायु सेना मेडल (वीरता)

शहीद जवानों को भी मिला सम्मान

 

इन पुरस्कारों में 13 मरणोपरांत सम्मान शामिल होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। देश की सुरक्षा और कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्य एवं सुरक्षा कर्मियों को उनके साहस और वीरता के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया है।

 

स्वतंत्रता दिवस से पहले वीरों को सलाम

 

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर वर्ष देश के लिए असाधारण साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले सशस्त्र बलों और सुरक्षा बलों के जवानों को विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। राष्ट्रपति द्वारा इन पुरस्कारों को मंजूरी दिया जाना देश की रक्षा में योगदान देने वाले वीर जवानों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

 

रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रपति द्वारा मंजूर किए गए वीरता पुरस्कारों की सूची जारी की है।

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारी प्रकाश रंजन मिश्रा को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘उत्कृष्ट सेवा पदक’ (एमएसएम) के लिए चुना गया है। मिश्रा को इससे पहले आठ बार वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। मिश्रा गुवाहाटी में एनसीबी के अतिरिक्त निदेशक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इसी के साथ वे मणिपुर में भी एनसीबी के प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

AMCA Fighter Jet : स्वदेशी इंजन की राह में बड़ा कदम, Reliance और Rolls-Royce मिलकर करेंगे डिजाइन-निर्माण

AMCA Fighter Jet : स्वदेशी इंजन की राह में बड़ा कदम, Reliance और Rolls-Royce मिलकर करेंगे डिजाइन-निर्माण

figter jet

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम सामने आया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और रोल्स-रॉयस ने भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजन के डिजाइन, विकास, निर्माण और आपूर्ति में साथ काम करने का रणनीतिक इरादा जताया है। AMCA भारत का अगली पीढ़ी का फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम है और इसे देश की वायु-शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

 

दोनों कंपनियां भारत में एक डेडिकेटेड एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की संभावना भी तलाशेंगी। इसे पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित साझेदारी का लक्ष्य AMCA के लिए इंजन के संयुक्त विकास में रोल्स-रॉयस की उन्नत इंजन टेक्नोलॉजी और रिलायंस की मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता को साथ लाना है।

 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में अपनी क्षमता भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोल्स-रॉयस की एडवांस्ड प्रोपल्शन विशेषज्ञता और रिलायंस की टेक्नोलॉजी तथा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को जोड़कर भारत में स्वदेशी एयरो-इंजन इकोसिस्टम तैयार करने का लक्ष्य है। इससे देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ भविष्य में एडवांस्ड प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में भी मदद मिल सकती है।

 

रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिलगिच ने इसे भारत में मजबूत और आत्मनिर्भर एयरोस्पेस इकोसिस्टम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि रोल्स-रॉयस की करीब एक सदी की इंजीनियरिंग और इंजन विशेषज्ञता को रिलायंस की भारतीय औद्योगिक क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा।

 

प्रस्तावित एयरो गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स में डिजाइन, विकास, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, उत्पादन और पूरे लाइफसाइकल के दौरान इंजन सपोर्ट जैसी क्षमताएं भारत में विकसित करने का लक्ष्य है। दोनों कंपनियां आगे रक्षा, सिविल एयरोस्पेस और नई पावर एवं प्रोपल्शन प्रणालियों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाश सकती हैं।

‘उन्नति’ से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, शिक्षक प्रशिक्षण को मिलेगी नई गति

‘उन्नति’ से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, शिक्षक प्रशिक्षण को मिलेगी नई गति

शिक्षक प्रशिक्षण को कितना प्रभावी बनाया जाए कि उसका वास्तविक लाभ शिक्षक की तैयारी और बच्चों की सीख तक पहुंचे? इसी सवाल को केंद्र में रखते हुए योगी सरकार ने शिक्षक क्षमता-विकास को तकनीक आधारित निगरानी और अकादमिक गुणवत्ता से जोड़ते हुए ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा दी है। 

 

‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शैक्षणिक समझ एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियां अगले स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें। एफएलएन और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों की अकादमिक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।

‘उन्नति’ से कम होगा कैस्केड लॉस

‘उन्नति’ (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने वाली ऑनलाइन पर्यवेक्षण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और कैस्केड लॉस को न्यूनतम करना है, ताकि प्रशिक्षण की मूल विषयवस्तु, शैक्षणिक समझ और प्रभावी शिक्षण पद्धतियां एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें। ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से प्रशिक्षण की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ सामने आने वाली प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उसके प्रभाव को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।

एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर

प्रशिक्षण में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को मजबूत करने के साथ एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर और कक्षा की जरूरत के अनुरूप पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को गतिविधियों एवं प्रभावी शिक्षण प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करने के साथ शिक्षक की शिक्षण क्षमता को और प्रभावी बनाना है।

तकनीक से होगी प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी

प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन पर्यवेक्षण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। प्रतिभागियों की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई देने के लिए माइक्रोफोन/साउंड सिस्टम तथा ऑनलाइन कनेक्टिविटी के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

हर बैच का अलग लिंक, बीईओ करेंगे समन्वय

ऑनलाइन पर्यवेक्षण के लिए प्रत्येक प्रशिक्षण बैच का अलग लिंक होगा। यह लिंक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाएगा और प्रशिक्षण शुरू होने से दो दिन पूर्व संबंधित माध्यमों से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रत्येक बैच की प्रशिक्षण गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस

‘उन्नति’ की व्यवस्था शिक्षक प्रशिक्षण को केवल एक निर्धारित कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उसकी गुणवत्ता और प्रभावशीलता की निरंतर निगरानी से जोड़ती है। एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण के साथ ऑनलाइन पर्यवेक्षण से प्रशिक्षण की मूल अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और शिक्षकों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

 

योगी सरकार का फोकस शिक्षक की तैयारी, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बच्चों की सीख—तीनों को एक साथ मजबूत करने पर है। तकनीक आधारित ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षक प्रशिक्षण का वास्तविक प्रभाव प्रशिक्षण कक्ष तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षक की शैक्षणिक दक्षता और बच्चों के सीखने के परिणामों में दिखाई दे।

 

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि योगी सरकार का लक्ष्य शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाकर उसकी गुणवत्ता का सीधा लाभ बच्चों की सीख तक पहुंचाना है। ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और शिक्षक की क्षमता दोनों बेहतर होंगी।

Independence Day 2026 : लालकिले की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात, 20 हजार से ज्यादा लोगों की जांच; दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

Independence Day 2026 : लालकिले की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात, 20 हजार से ज्यादा लोगों की जांच; दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

15 अगस्त को होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। लालकिले और उसके आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की कई परतें तैयार की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं।

 

सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के आसपास रहने और काम करने वाले 20 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और वेरिफिकेशन भी किया है। किसी भी संभावित सुरक्षा चूक या व्यवधान को रोकने के लिए दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

 

 लाल किले के आसपास कड़ी सुरक्षा

 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर लाल किले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात की गई है ताकि आसमान से आने वाले किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

 

20 हजार से ज्यादा लोगों का वेरिफिकेशन

 

सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि लाल किले के आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में रहने या काम करने वाले 20,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किला सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक माना जाता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।

 

DTC बसों के रूट में बदलाव

 

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर DTC बसों और अन्य बसों के संचालन के संबंध में भी एडवाइजरी जारी की है। अधिकारी के मुताबिक, प्रभावित मार्गों पर इस अवधि के दौरान DTC या अन्य बसें सामान्य रूप से संचालित नहीं होंगी। बसों के रूट डायवर्ट किए जाएंगे और उनके टर्मिनेशन पॉइंट रामलीला मैदान और तीस हजारी कोर्ट में निर्धारित किए गए हैं।

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मेहमानों के लिए पार्किंग की व्यवस्था

 

स्वतंत्रता दिवस समारोह में आने वाले आमंत्रित मेहमानों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थानों को Google Maps पर चिह्नित किया गया है। लोगों से ट्रैफिक और पार्किंग से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट को फॉलो करने की अपील की गई है।

 

सुबह 4 बजे से 11 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, लाल किले के आसपास आम लोगों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन सुबह 4 बजे से 11 बजे तक लागू रहेगा। इसके बाद ट्रैफिक प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। चांदनी चौक क्षेत्र की कुछ सड़कें प्रतिबंधित समय के दौरान बंद रहेंगी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक दुकानों, बाजारों और शॉपिंग मॉल पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

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भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक

 

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली के कई हिस्सों में भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस का लक्ष्य समारोह के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक और ट्रैफिक व्यवधान को रोकना है।

Operation Sindoor : 88 घंटे के ऑपरेशन सिंदूर पर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, खोले रणनीति के राज

Operation Sindoor : 88 घंटे के ऑपरेशन सिंदूर पर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, खोले रणनीति के राज

ajit doval

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की रणनीति और फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। ऑपरेशन के बाद अपने पहले इंटरव्यू में डोभाल ने कहा कि भारत के धैर्य और उदारता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर भारत जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है।

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ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य क्या था?

Discovery की आगामी दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री ‘Declassified: Operation Sindoor’ में अजीत डोभाल ने ऑपरेशन से जुड़े कई अहम पहलुओं पर बात की है। डोभाल के मुताबिक, 88 घंटे चले ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, खास तौर पर उन ठिकानों को निशाना बनाना था, जिनका संबंध पहलगाम आतंकी हमले से था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य पहले से तय था और इसमें खास तौर पर उन दुश्मन कैंपों को तबाह करना शामिल था, जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे।

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ऑपरेशन सिंदूर में क्या हुआ था?

7 मई 2025 की सुबह भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के कुछ सप्ताह बाद की गई थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए सटीक हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई, जिसके जवाब में भारतीय सेनाओं ने आगे की जवाबी कार्रवाई की। ये सभी कार्रवाई व्यापक रूप से ऑपरेशन सिंदूर के तहत हुईं।

 

पहलगाम हमले के बाद लिया गया बड़ा फैसला

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से यह सैन्य कार्रवाई की गई थी। डोभाल के बयान से ऑपरेशन के पीछे की रणनीतिक सोच की झलक मिलती है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भारत के रुख को भी स्पष्ट किया। उनका कहना है कि भारत जरूरत पड़ने पर गणनात्मक जोखिम उठाने और निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता रखता है।

 

‘धैर्य को कमजोरी न समझें’

 

अजीत डोभाल ने भारत की सुरक्षा नीति को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत का संयम और धैर्य इस बात का संकेत नहीं है कि देश किसी खतरे का जवाब देने में सक्षम नहीं है या जवाब देना नहीं चाहता। उनके मुताबिक, जब देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल हो तो भारत जोखिम उठाने और निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उनके बयान से सरकार की उस नीति की झलक मिलती है, जिसमें एक ओर संयम पर जोर है, वहीं जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा जाता है।

 

डॉक्यूमेंट्री में सामने आएगी ऑपरेशन की अंदरूनी कहानी

 

‘Declassified: Operation Sindoor’ दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री है, जिसमें ऑपरेशन से जुड़े रणनीतिक फैसलों, सैन्य तैयारियों और प्रमुख घटनाक्रमों को दिखाया जाएगा। Discovery के मुताबिक, इसमें भारत की प्रतिक्रिया की निगरानी में सीधे तौर पर शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षा से जुड़े लोगों के अनुभव शामिल हैं। अजीत डोभाल का इंटरव्यू इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ऑपरेशन के बाद उनकी पहली विस्तृत सार्वजनिक टिप्पणी है।

कब और कहां देख सकेंगे?

डॉक्यूमेंट्री का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे Discovery और Discovery+ पर निर्धारित है। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लिए गए रणनीतिक फैसलों और भारत की सैन्य प्रतिक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस पर मध्यप्रदेश में इन 47 पुलिस अफसरों और जवानों का मिलेंगे पदक, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे सम्मान

स्वतंत्रता दिवस पर मध्यप्रदेश में इन 47 पुलिस अफसरों और जवानों का मिलेंगे पदक, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 अगस्त को लाल परेड मैदान पर आयोजित होने वाले पदक अलंकरण समारोह में शामिल होंगे। वे पुलिस-होमगार्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्‍ट्र‍पति द्वारा प्रदत्‍त पदक प्रदान कर सम्‍मानित करेंगे। सीएम डॉ. यादव सर्वोत्‍तम जीवन रक्षा पदक भी प्रदान करेंगे। समारोह में कुल 47 विभूतियों को पदक सौंपकर सम्‍मानित किया जाएगा।
मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर दो सर्वोत्‍तम जीवन रक्षा पदक प्रदान करेंगे। वे पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्‍ट्रपति के 9 विशिष्‍ट सेवा पदक व 33 सराहनीय सेवा पदक देकर सम्‍मानित करेंगे। इनके अलावा होमगार्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्‍ट्रपति के सराहनीय सेवा के लिए 3 पदक भी दिए जाएंगे।

 

राष्‍ट्रपति के विशिष्‍ट सेवा पदक (पुलिस) से ये होंगे सम्मानित-योगेश देशमुख, महानिदेशक-अमनि, लोकायुक्त, मध्यप्रदेश, मकरन्द देऊस्कर, पुलिस महानिरीक्षक, बी.एस.एफ, नई दिल्ली, राकेश गुप्ता, अति. पुलिस महानिदेशक, उज्जैन जोन उज्जैन, संतोष कुमार सिंह, अमनि-पुलिस आयुक्त, इंदौर, मिथिलेश कुमार शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन, श्री अवधेश कुमार गोस्वामी, उप पुलिस महानिरीक्षक, कल्याण-लेखा, पुमु, भोपाल, शिवकुमार पटेल, निरीक्षक, विशेष शाखा, इंदौर (सेवानिवृत्त), वाल्टर हेनरी एक्का, प्रधान आरक्षक 25 वीं वाहिनी विसबल, भोपाल, देवेन्द्र कुमार कौशल, प्र.आर. (आर्म्स) 1159 7वीं वाहिनी भोपाल। 

 

इन्हें मिलेगा राष्‍ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक (पुलिस)-कृष्णावेणी देशावतु, पुमनि-वि. कर्तव्य. अधिकारी, गृह विभाग, मप्र, धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, उमनि/कमान्डेंट, आरएपीटीसी, इंदौर, विजय कुमार खत्री, उप पुलिस महानिरीक्षक, छतरपुर, मनोज कुमार राय, उप पुलिस महानिरीक्षक, चयन/भर्ती, पुमु, भोपाल, गीतेश कुमार गर्ग, जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, ग्वालियर, एलरिज विनसेन्ट सिंह, पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ. जबलपुर, राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त, इंदौर, दुर्गेश कुमार राठौर, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त, सागर, नीरज पाण्डेय, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, पुमु भोपाल, रूपेश कुमार द्विवेदी,पुलिस अधीक्षक, सायबर मुख्‍यालय भोपाल, सीमा अलावा, अति. पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय, इंदौर, आशीष खरे, अति. पुलिस अधीक्षक, जिला छिन्दवाड़ा, दिनेश कुमार सिंह, उप पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू. भोपाल, वीरेन्द्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त, भोपाल, संजय सिंह ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस, मुख्यालय, भोपाल, निधि श्रीवास्तव, उप पुलिस अधीक्षक, एससीआरबी, पुमु, भोपाल, राजू गोराने, उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, पुमु, भोपाल, मनीता राय, उप पुलिस अधीक्षक, पुमनि कार्यालय उज्जैन जोन, मनोज कुमार दुबे, निरीक्षक, (रेडियो) सीहोर, प्रवीण सिंह, निरीक्षक (एम) कार्यालय पुलिस आयुक्त, (शहर) इंदौर, राजेन्द्र प्रसाद, निरीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू, जबलपुर, प्रवीण पंवार, निरीक्षक (अ) आर.ए.पी.टी.सी. इंदौर (सेवानिवृत्त), कुंजेश श्रीवास्तव, निरी. (अ)/निस टू डीजीपी, कार्या. पुलिस महानिदेशक, मप्र, प्रेम किशोर व्यास, निरीक्षक, शाजापुर, उमराव प्रसाद जाटव, उप निरीक्षक 25 वीं वाहिनी विसबल, भोपाल, संतोष मेहरा, उप निरीक्षक, इंदौर, अशोक राव सावंत, उप निरीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू. उज्जैन, महेन्द्र सिंह नेगी, उप निरीक्षक, पीटीसी, इंदौर, राजेन्द्र कुमार दुबे, सहायक उप निरीक्षक, जिला छिन्दवाड़ा (सेवानिवृत्त), श्रीराम मिश्रा, प्रधान आरक्षक, 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल, कल्याण सिंह, प्र. आर. महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल, सुशील कुमार चौबे, प्रधान आरक्षक 10वीं वाहिनी विसबल, सागर, रवीन्द्र मिश्रा, आरक्षक, लोकायुक्त, भोपाल।

 

इन जवानों को मिलेगा राष्‍ट्रपति का होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा पदक- संतोष कुमार शुक्ला, स्वयसेवी लांस नायक क्रमांक-45 जिला शाजापुर।, सुनील कुमार जैन, स्वयसेवी सीक्यूएम क्रमांक-57 जिला उज्जैन, नरेन्द्र अवस्थी, स्वयसेवी लांस नायक क्रमांक-35 जिला इंदौर।

 

सर्वोत्‍तम जीवन रक्षा पदक से ये होंगे सम्मानित-स्‍व.मनोहर सिंह चौहान, जिला मंदसौर (मरणोपरात), राजेन्‍द्र प्रसाद मिश्रा, कार्यवाहक सहा. उप निरीक्षक, जिला दमोह।