बालाघाट जिले में बैगा-बहुल गांवों में 6 बच्चों की मौत से हड़कंप, 100 से ज्‍यादा बीमार, मौत की वजह अज्ञात

बालाघाट जिले में बैगा-बहुल गांवों में 6 बच्चों की मौत से हड़कंप, 100 से ज्‍यादा बीमार, मौत की वजह अज्ञात

balaghat Baiga

मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले के चार दूर-दराज़ के बैगा-बहुल गांवों में 6 बच्चों की मौत होने की खबर से आसपास के इलाकों में हड़कंप सा मचा हुआ है। बच्‍चों की मौत के अलावा 100 के बीमार पड़ने की भी खबर है।
हेल्थ डिपार्टमेंट ने कहा कि उन्हें इन मौतों के बारे में तब पता चला जब तीन बच्चों की पहले ही मौत हो चुकी थी। सबसे ज्‍यादा हैरान करने वाली बात है कि इन बच्‍चों की मौत कैसे हुई इस बारे में पता नहीं चल सका है। वहीं, अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती दूर-दराज़ के इलाकों में बच्चों को ढूंढना और उनके माता-पिता को उन्हें हॉस्पिटल ले जाने के लिए मनाना था।

यहां सबसे ज्‍यादा मौतें : सबसे ज़्यादा प्रभावित गांवों में से कोरका, कुंडेकासा और बोंडारी हैं। यहां कम से कम 6 मौतें हुई हैं। बोंडारी से 3 मौतें हुईं, जबकि कुंडेकासा और कोरका से एक-एक मौत हुई। इसी बीच दो और बैगा-बहुल गांवों, मछुरदा और अडोरी से भी 17 साल तक के बच्चों में बीमारी की खबर मिली है।

बालाघाट ज़िले के चीफ़ मेडिकल और हेल्थ ऑफ़िसर (CMHO) डॉ. परेश उपलाप ने मीडिया को बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई और जिन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, उनमें मलेरिया बुखार, स्केबीज़ स्किन इन्फेक्शन जैसे कई इंफ़ेक्शन के लक्षण दिखे हैं, साथ ही पोषक तत्वों की कमी के लक्षण भी दिखे हैं। खून और पानी के सैंपल बाद में देश भर में कई एडवांस्ड टेस्टिंग सेंटर भेजे गए हैं, जिसमें कोलकाता में ICMR इंस्टीट्यूशन और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी (NIV-पुणे) शामिल हैं और रिपोर्ट का इंतज़ार है।

प्रभावित गांवों में कैंप शुरू : इसके अलावा ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्राइबल हेल्थ रिसर्च (NITHR) और इंटीग्रेटेड डिज़ीज़ सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP-भोपाल) और जबलपुर मेडिकल कॉलेज की टीमों ने भी हाल ही में प्रभावित गांवों में कैंप किया है और सैंपल लेकर लौटी हैं। हम कई इन्फेक्शन और उनसे जुड़ी छह मौतों के असली कारण का पता लगाने के लिए खास सरकारी रिसर्च संस्थानों की रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। कुंडेकसा के एक सरकारी स्कूल में एक टेम्पररी हेल्थ सेंटर बनाया गया है, क्योंकि वहां मामले ज़्यादा आ रहे हैं।

ये लक्षण आ रहे सामने : अब तक बालाघाट डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में 3 साल से 17 साल के 98 मरीज़ भर्ती हुए हैं, जिनमें से 51 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। बाकी 47 मरीज़ डॉक्टरों की चौबीसों घंटे निगरानी और इलाज में हैं। डॉ. उपलाप ने कहा। बच्चों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि मरीज़ों ने तेज़ बुखार, रैशेज़, लाल धब्बे, पेट दर्द और अल्सर की शिकायत की है।

जेपी नड्डा की तबीयत बिगड़ी, AIIMS में भर्ती; बेचैनी के बाद हुई एंजियोग्राफी, अस्पताल ने बताया हाल

जेपी नड्डा की तबीयत बिगड़ी, AIIMS में भर्ती; बेचैनी के बाद हुई एंजियोग्राफी, अस्पताल ने बताया हाल

JP Nadda admitted in hospital

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की तबियत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। उन्हें 13 अगस्त की शाम को बेचैनी महसूस हुई थी। डॉक्टरों ने उनकी तत्काल जांच की, जिसमें हृदय संबंधी परीक्षण भी शामिल थे।

 

भाजपा के पुर्व अध्यक्ष नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उन्हें एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में विशेष निगरानी में रखा गया है। एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी गहन जांच की। इस जांच प्रक्रिया में हृदय की नसों का एंजियोग्राफी टेस्ट भी शामिल था। यह परीक्षण हृदय की धमनियों की स्थिति का आकलन करने के लिए किया जाता है। 

 

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उनकी हालत अभी स्थिर है। सभी आवश्यक चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। उच्च पदस्थ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है।

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन हुआ मजबूत, दिल्ली-NCR समेत इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन हुआ मजबूत, दिल्ली-NCR समेत इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

rain update 8 july

Weather update 14 August 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (14 अगस्त 2026, शुक्रवार) उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक से काफी व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Depression) के कारण मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और भीषण आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR में झमाझम, राजस्थान में आफत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आज बादल छाए रहेंगे और कई दौर की तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 26-27°C के आसपास रहने का अनुमान है। 
 

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, रेड/ऑरेंज अलर्ट

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और नदियों में उफान की चेतावनी जारी की है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर मध्य भारत पर देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मौसम का सबसे भीषण रूप देखने को मिल सकता है। राज्य में अति-भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में भोपाल समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश जारी रहेगी, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में ओलावृष्टि 

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गंगा के तटीय क्षेत्रों) और ओडिशा में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ-साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 

कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुंबई में तापमान 30°C के आसपास रहेगा। तटीय कर्नाटक और केरल के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। तमिलनाडु में छिटपुट बारिश के आसार हैं।

CM सोरेन ने केंद्र को दी बड़ी चेतावनी- ‘खनिज झारखंड का तो हक का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?’

CM सोरेन ने केंद्र को दी बड़ी चेतावनी- ‘खनिज झारखंड का तो हक का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?’

jharkhand CM hemant soren

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान और खनिज संशोधन विधेयक 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खनिज और जमीन झारखंड की है तो हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी? सोरेन ने बिल वापस नहीं लेने पर राज्यभर में बड़े और निर्णायक आंदोलन की चेतावनी दी।

 

सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा – दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास कराकर झारखंड के हाथ-पैरों को काटने का काम किया है। यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है, उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार नहीं सहेगा।
 

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इससे झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएगी।

 

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका पुरजोर विरोध करता है। अगर केंद्र सरकार ने यह काला बिल वापस नहीं लिया तो झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। 

 

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अगर केंद्र सरकार नहीं चेती, और झारखंड तथा झारखंडियों को उसका हक-अधिकार वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने से पीछे भी नहीं हटेगा।

सोनम वांगचुक ने ‘दूसरी आजादी और क्रांति’ का किया आह्वान! पूछा आधे सांसदों पर मुकदमे, फिर कैसे बनेगा विकसित भारत?

सोनम वांगचुक ने ‘दूसरी आजादी और क्रांति' का किया आह्वान! पूछा आधे सांसदों पर मुकदमे, फिर कैसे बनेगा विकसित भारत?

sonam wangchuk on rajghat

15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के ऐन पहले लद्दाख के जाने-माने शिक्षाविद, इंजीनियर और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देशवासियों के नाम एक बेहद भावुक और विचारोत्तेजक संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, भ्रष्टाचार और नेतृत्व की गुणवत्ता पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ‘दूसरी आजादी’ (Second Independence Movement) और एक ‘अहिंसक क्रांति’ (Peaceful Revolution) की जोरदार अपील की है।

सोनम वांगचुक ने साफ शब्दों में कहा कि अगर हम अपने देश के नेताओं को चुनने का तरीका नहीं बदलेंगे, तो भारत 2047 तक विकसित देश बनने के बजाय दुनिया के बाजारों में अपना चेहरा दिखाने लायक भी नहीं रहेगा। 

1. 50 साल में पड़ोसी देश आगे निकल गए, हम पीछे क्यों?
अपने वीडियो संदेश की शुरुआत में वांगचुक ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और बिस्तर पर लेटे-लेटे देश के भविष्य के बारे में सोच रहे थे। “50 साल पहले जो पड़ोसी देश हमसे पीछे या बराबर थे, वे आज प्रति व्यक्ति आय (Per Capita GDP) के मामले में हमसे मीलों आगे निकल चुके हैं। थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया यहाँ तक कि श्रीलंका और बांग्लादेश भी हमसे आगे हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि देश का यही ढर्रा चलता रहा, तो 2047 में जब भारत अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब हम दुनिया के पटल पर खुद को एक विकसित राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे।

2. शिक्षा और सत्ता के बदलाव पर तीखा तंज: देश में हाल के आंदोलनों पर बात करते हुए उन्होंने जनता के प्रयासों की सराहना की, लेकिन सत्ता के रवैये पर निराशा जताई:

शिक्षा में कोई चमत्कार नहीं: हाल ही में हुए जन-आंदोलनों के कारण शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन वांगचुक का कहना है कि नए मंत्री से भी किसी चमत्कार की उम्मीद नजर नहीं आती। जब तक देश की शिक्षा व्यवस्था पिछड़ी रहेगी, देश का भविष्य भी पिछड़ा ही रहेगा। दमन की नीति एक जैसी: दिल्ली में एक पार्टी की सरकार के खिलाफ उठी आवाज को बर्बरता से दबाया गया, तो दूसरे राज्यों में दूसरी पार्टियों की सरकारों ने भी वही रवैया अपनाया।

चेहरे बदले, भ्रष्टाचार नहीं: 2012-13 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से सरकार तो बदल गई, लेकिन 12 साल बाद भ्रष्टाचार और अन्याय खत्म होने के बजाय दोगुना-तिगुना रूप लेकर हमारे सामने घूर रहा है। 
3. संसद पर बड़ा सवाल: “आधे सांसदों पर मुकदमे, फिर कैसे बने विकसित भारत?”सोनम वांगचुक ने किसी एक राजनीतिक दल या पक्ष-विपक्ष पर हमला बोलने के बजाय पूरी व्यवस्था की खामी को उजागर किया।

“हमारी संसद के लगभग आधे सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और करीब एक-तिहाई पर तो हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं। ऐसे माहौल में देश आखिरकार विकसित कैसे बन सकता है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कुछ ऐसे नेता भी हैं जो सच और सिद्धांतों के रास्ते पर चलते हैं और वे उन्हें सलाम करते हैं। लेकिन समस्या उस पूरी प्रणाली में है, जिसके जरिए हम अपना नेतृत्व चुनते हैं। जब तक नेता सही नहीं चुने जाएंगे, पूरा देश गलत दिशा में ही बढ़ता रहेगा।

4. स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों से माँगा तोहफा: 'बेस्ट माइंड्स' की तलाश इस विषम परिस्थिति से निपटने के लिए सोनम वांगचुक ने देश में एक शांतिपूर्ण क्रांति (Peaceful Revolution) का आह्वान किया है। वे देश के सबसे बुद्धिमान, चरित्रवान और निस्वार्थ नागरिकों को एक मंच पर लाना चाहते हैं ताकि भारत का एक 'नया नक्शा' और नई दिशा तैयार की जा सके।

लद्दाख की दूरदराज वादियों में बैठे वांगचुक ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि “इस स्वतंत्रता दिवस पर आप मुझे एक तोहफा दे सकते हैं—ऐसे निस्वार्थ, चरित्रवान और उसूलों पर चलने वाले लोगों के नाम सुझाएं जिन्हें आप जानते हैं।”

देशभर में संवाद: वांगचुक ने इच्छा जताई कि वे जल्द ही देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में जाकर जनता और बुद्धिजीवियों से सीधे सुझाव लेंगे।

क्या भारत को चाहिए 'दूसरी आजादी'?  सोनम वांगचुक की यह हुंकार किसी पार्टी या नेता के खिलाफ नहीं, बल्कि उस खोखली होती व्यवस्था के खिलाफ है जहाँ चुनाव जीतना ही एकमात्र मकसद बन गया है। 1947 में हमें अंग्रेजों से आजादी मिली थी, लेकिन 2026 के इस दौर में सोनम वांगचुक का यह आह्वान हमें याद दिलाता है कि भ्रष्टाचार, घटिया राजनीति और अशिक्षा से आजादी मिलना अभी बाकी है।

इंदौर निगम के राजस्व अधिकारी पर लोकायुक्त की रेड, 31 साल की नौकरी में जमा किए 2.53 करोड़, दो-दो बिल्डिंगें

इंदौर निगम के राजस्व अधिकारी पर लोकायुक्त की रेड, 31 साल की नौकरी में जमा किए 2.53 करोड़, दो-दो बिल्डिंगें

jitendra kumar pandey

नगर निगम इंदौर में एक और अधिकारी पर लोकायुक्‍त ने कार्रवाई की है, जिसमें संपत्‍ति में अनुपात नहीं होने की बात सामने आ रही है। यह कार्रवाई नगर निगम इंदौर के सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) जितेंद्र कुमार पांडेय के ठिकानों पर लोकायुक्त ने शुक्रवार को की। सुबह करीब 6 बजे लोकायुक्त के 20 अधिकारियों की दो अलग-अलग टीमें पांडेय के घर और उनकी पत्नी भावना के नाम हॉस्टल पर पहुंचीं।

प्रारंभिक जांच में ARO पांडेय की वैध आय की तुलना में करीब 1.73 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास और सचिन पटेरिया शामिल हैं।

2.53 करोड़ रुपए का खर्च निकला: लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के मुताबिक पांडेय नगर निगम में करीब 31 वर्ष से नौकरी कर रहे हैं। पूरे सेवाकाल में उन्हें करीब 80 लाख रुपए वेतन के रूप में मिलने का अनुमान है। इसके मुकाबले जांच में करीब 2.53 करोड़ रुपए का खर्च सामने आया है। यह वैध आय से करीब 1.73 करोड़ रुपए ज्यादा और 216.35 प्रतिशत अनुपातहीन बताया गया है।

पत्नी के नाम दो बिल्डिंग : लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में भावना पांडेय के नाम पर इंदौर के आनंद नगर एक्सटेंशन में एक इमारत मिली है। नवलखा-चितावद इलाके की इस बिल्डिंग में 40×50 फीट के प्लॉट पर G+3 भवन बना हुआ है। इसके निर्माण पर करीब 1.20 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

इसी तरह गजाधर नगर, चितावद के गुलमोहर का बगीचा इलाके में भावना पांडेय के नाम G+2 बिल्डिंग मिली है। इसमें हॉस्टल चलने की जानकारी सामने आई है। इसके निर्माण पर करीब 91.50 लाख रुपए खर्च का अनुमान है। जांच में ARO जितेंद्र कुमार पांडेय की पत्नी, बेटे और बेटी के नाम कई चार पहिया और दोपहिया वाहन खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन पर करीब 14 लाख रुपए के खर्च का आकलन है। अधिकारियों के मुताबिक हालांकि अभी जांच चल रही है, पूरी जांच के बाद ही स्‍थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी और मामले का सत्‍यापन किया जा सकेगा।

CM धामी ने टीएचडीसी टनल हादसे का किया स्थलीय निरीक्षण, रेस्क्यू अभियान का लिया जायजा

CM धामी ने टीएचडीसी टनल हादसे का किया स्थलीय निरीक्षण, रेस्क्यू अभियान का लिया जायजा

CM Dhami visited chamoli tunnel accident side

मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली।

 

टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को घटनाक्रम, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना में अभी तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है।

 

रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।

 

इस दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

Census 2027: पहली बार जाति भी पूछेगी सरकार, बैंक अकाउंट से कोविड वैक्सीन तक होंगे ये 40 सवाल

Census 2027: पहली बार जाति भी पूछेगी सरकार, बैंक अकाउंट से कोविड वैक्सीन तक होंगे ये 40 सवाल

census 2047 : 40 questions

जनगणना 2027 के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 40 सवालों वाली प्रश्नावली जारी की है। पहली बार जाति से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे। लोगों से बैंक खातों की संख्या, कोविड-19 टीकाकरण, मोबाइल नंबर, आधार, वोटर ID और पासपोर्ट समेत कई जानकारियां मांगी जाएंगी। ALSO READ: राहुल गांधी ने मोदी की विदेश नीति का उड़ाया मजाक, 'गले मिलने' पर सियासी बवाल, मेलोनी के जिक्र से BJP नाराज
 

आजाद भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना में जाति से जुड़े आंकड़े भी इसमें जुटाए जाएंगे। इतना ही नहीं यह पूरी प्रक्रिया देश की अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना होगी।

 

लद्दाख, और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के बर्फ से ढके इलाकों में जनसंख्या गणना 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच होगी। घर-घर जाकर होने वाली गिनती से ठीक पहले, लोगों के पास 17 अगस्त से 31 अगस्त तक खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प भी रहेगा। देश के बाकी हिस्सों जनगणना अगले साल से शुरू होगी। ALSO READ: पैकेज्ड फूड में ज्यादा चीनी-नमक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, FSSAI से पूछा- लेबल लगाने में इतनी हिचकिचाहट क्यों?

 

जानिए जनगणना में क्या होंगे प्रश्न? 

  1. आपका नाम क्या है?
  2. परिवार के मुखिया से आपका क्या संबंध है?
  3. आपका लिंग क्या है? (पुरुष / महिला / अन्य)
  4. आपकी जन्म तिथि और पूर्ण वर्षों में आयु कितनी है?
  5. आपकी वर्तमान वैवाहिक स्थिति क्या है?
  6. विवाह के समय आपकी आयु (पूर्ण वर्षों में) कितनी थी?
  7. आपके पति/पत्नी का नाम क्या है?
  8. आपकी घोषित राष्ट्रीयता क्या है?
  9. आपका धर्म क्या है?
  10. क्या आप अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या किसी अन्य जाति से हैं?
  11. आपके पिता का नाम और विवरण क्या है?
  12. आपकी माता का नाम और विवरण क्या है?
  13. क्या आप किसी प्रकार की दिव्यांगता (विकलांगता) से प्रभावित हैं?
  14. आपकी मातृभाषा क्या है और आप अन्य कौन-कौन सी भाषाएं जानते हैं?
  15. आपकी साक्षरता और डिजिटल साक्षरता (कंप्यूटर/मोबाइल का उपयोग) की स्थिति क्या है?
  16. क्या आप वर्तमान में किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहे हैं?
  17. आपकी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता क्या है और आपका विषय/स्ट्रीम क्या रहा है?
  18. क्या आपने पिछले एक वर्ष के दौरान कभी भी कोई आर्थिक काम किया है?
  19. आपकी आर्थिक गतिविधि किस श्रेणी में आती है?
  20. आपका मुख्य व्यवसाय या पेशा क्या है?
  21. आपके काम/व्यवसाय की उद्योग, व्यापार या सेवा संबंधी प्रकृति क्या है?
  22. काम के आधार पर आपकी वर्ग/श्रेणी क्या है? (जैसे- नियोक्ता, कर्मचारी, स्व-रोजगार आदि)
  23. यदि आप गैर-कार्यकर्ता/सीमांत कार्यकर्ता हैं, तो आपकी गैर-आर्थिक गतिविधि क्या है?
  24. यदि आप काम नहीं कर रहे हैं, तो क्या आप काम की तलाश में हैं या काम के लिए उपलब्ध हैं?
  25. आप अपने कार्यस्थल तक कैसे यात्रा करते हैं और कितनी दूरी तय करते हैं?
  26. आपका जन्म स्थान कहां है?
  27. इस स्थान से पहले आपका अंतिम निवास स्थान कौन सा था?
  28. निवास स्थान बदलने (प्रवास/माइग्रेशन) का मुख्य कारण क्या था?
  29. अंतिम बार निवास बदलने के बाद से आप इस गांव/शहर में कितने समय से रह रहे हैं?
  30. आपका स्थायी आवासीय पता क्या है?
  31. वर्तमान में आपके कितने बच्चे जीवित हैं? (केवल विवाहित, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं के लिए)
  32. आपके कुल कितने बच्चे जीवित जन्मे थे? (केवल विवाहित, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं के लिए)
  33. पिछले एक वर्ष के दौरान आपने कितने बच्चों को जन्म दिया? (केवल विवाहित महिलाओं के लिए)
  34. आपने कोविड-19 का टीकाकरण कहाँ करवाया था?
  35. आपके कुल कितने बैंक खाते हैं?
  36. आपका मोबाइल नंबर क्या है? (यदि उपलब्ध हो)
  37. आपका आधार नंबर क्या है? (यदि उपलब्ध हो)
  38. आपका मतदाता पहचान पत्र (वोटर ID) नंबर क्या है? (यदि उपलब्ध हो)
  39. आपका पासपोर्ट नंबर क्या है? (यदि भारतीय पासपोर्ट धारक हैं)
  40. क्या आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है?

हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच शुद्धिकरण पर बवाल, श्रीराम सेना ने दी सफाई

हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच शुद्धिकरण पर बवाल, श्रीराम सेना ने दी सफाई

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हल्दवानी में मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच के शुद्धिकरण पर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस की ओर से इसे वंचित विरोधी मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच इस मामले में मंच का शुद्धिकरण करने वाले श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास की भी सफाई सामने आई है। ALSO READ: खड़गे की रैली के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर बवाल, नाराज कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

 

संगठन ने दावा किया कि मैदान में रैली के बाद गंदगी और पेशाब से भरी बोतलें भी मिली थी। मंच से हिंदू विरोधी नारे लगे थे। इसलिए कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण किया गया। इसमें दलित समुदाय से जुड़े लोग भी शामिल थे।

 

न्यास के अध्यक्ष गिरीश पांडे ने कहा कि शुद्धिकरण का उद्देश्य किसी जाति या समुदाय को निशाना बनाना नहीं था। रामलीला मैदान में राजनीतिक कार्यक्रम के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने वहां सफाई की और इसके पश्चात यज्ञ का आयोजन किया।

 

शुद्धिकरण में शामिल अंकित पाल ने कहा कि वे स्वयं अनुसूचित जाति समाज से आते हैं और धार्मिक स्थल की स्वच्छता एवं पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित यज्ञ में सहभागी बने। झूठ बोलकर कांग्रेस ने पूरे समाज का अपमान किया है।

 

राज्यसभा में क्या बोले थे खरगे?

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, भाजपा के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहां हवन किया। क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? ALSO READ: हल्द्वानी में मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर भड़के खरगे, राज्यसभा में बोले- Untouchability Act के तहत केस दर्ज हो

 

उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष का नेता हूं। मेरी मांग है कि हल्द्वानी में जिन लोगों ने स्टेज का शुद्धिकरण किया, उन पर Untouchability Act के तहत केस दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

घायलों से मिले सीएम धामी, चमोली टनल हादसे पर क्या कहा?

घायलों से मिले सीएम धामी, चमोली टनल हादसे पर क्या कहा?

CM Dhami visited chamoli tunnel accident side

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली में टनल हादसे के बाद दुर्घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद सीएम धामी ने पीपलकोटी सुरंग दुर्घटना में घायल श्रमिकों से मिलने के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर का दौरा किया। ALSO READ: चमोली में टनल हादसे से मचा हड़कंप, 7 मजदूरों की मौत; 3 अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 

सीएम धामी ने कहा कि कल की घटना के समय कुल 22 लोग काम कर रहे थे। 3 लोगों को छोड़ कर सभी को निकाल लिया गया है। घायलों का इलाज चल रहा है, AIIMS ऋषिकेश में भी सारी व्यवस्था की गई है। यहां राहत बचाव के लिए सभी एजेंसियां काम कर रही हैं, NDRF, SDRF, ITBP और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग काम कर रहा है। अभी अंदर काफी पानी आया है, मलबा भी काफी है। हमारा प्रयास है कि सभी को जल्द से जल्द निकाला जाए।

 

उन्होंने कहा कि कल मैंने छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को भी सूचना दी थी कि सभी का इलाज चल रहा है, वहां के मजदूर यहां काम कर रहे थे। राज्य सरकार की ओर से सभी सहायता की जा रही है। 19 लोगों को निकाला गया जिसमें से कुछ लोग नहीं बच पाए, घायलों का इलाज चल रहा है।

उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आज पीपलकोटी, चमोली में आपदा प्रभावित टनल क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। टनल में फंसे कई श्रमिकों को कल ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। शेष फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। मौके पर अभियान की प्रगति एवं चुनौतियों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे और सभी उपलब्ध संसाधनों का पूरी क्षमता से उपयोग किया जाए। प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए।