Sukhbir Singh Badal : सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला करने वाला कौन? निहंग की पहचान हुई, पुलिस पूछताछ में बताई हमले की वजह

Sukhbir Singh Badal : सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला करने वाला कौन? निहंग की पहचान हुई, पुलिस पूछताछ में बताई हमले की वजह

sukhbir singh badal

महाराष्ट्र के नांदेड़ में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के मामले में आरोपी निहंग की पहचान सामने आ गई है। गुरुवार को मुगट स्थित माता साहेब गुरुद्वारे में दर्शन के बाद सीढ़ियों से उतर रहे सुखबीर सिंह बादल पर एक निहंग ने कृपाण से हमला करने की कोशिश की। हालांकि, उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों की तत्परता से आरोपी को तुरंत काबू में कर लिया गया।

 

नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जसपाल सिंह गुरुद्वारे में सेवादार है और पिछले करीब दो साल से नांदेड़ में रह रहा है।

ALSO READ: BSNL के 2 रिचार्ज प्लान में बड़ा बदलाव, ₹1 वाले प्लान में घटे फायदे; ₹2,399 प्लान में मिली 47 दिन की एक्स्ट्रा वैलिडिटी

कौन है सुखबीर बादल पर हमला करने वाला जसपाल सिंह?

 

पुलिस पूछताछ में आरोपी जसपाल सिंह ने खुद को लॉ ग्रेजुएट बताया है। उसने पुलिस को बताया कि उसने पुणे से कानून की पढ़ाई की है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके बयान तथा हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

 

क्यों किया सुखबीर सिंह बादल पर हमला?

 

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने हमले की वजह भी बताई है। जसपाल सिंह ने कथित तौर पर कहा कि वह इस बात से नाराज था कि सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब को 'उड़ता पंजाब' बना दिया। 'उड़ता पंजाब' शब्द का इस्तेमाल पंजाब में नशे और ड्रग्स की समस्या को लेकर किया जाता है। राज्य में नशे की समस्या को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस होती रही है। इसी विषय पर 'उड़ता पंजाब' नाम से फिल्म भी बनाई गई थी।

ALSO READ: नांदेड़ में पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला, अस्पताल में भर्ती, जानें कौन हैं सुखबीर बादल

माता साहेब गुरुद्वारे से लौटते समय हमला

 

नांदेड़ पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, घटना दोपहर करीब 1:50 बजे मुगट स्थित माता साहेब गुरुद्वारे में हुई। पुलिस के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में दर्शन करने के बाद सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक सिख सेवादार ने कृपाण से उन पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा में तैनात जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। इस तत्परता के कारण हमला गंभीर रूप नहीं ले सका।

 

पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच

हमले के बाद आरोपी जसपाल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसके दावे, पृष्ठभूमि और हमले के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठन तो शामिल नहीं है। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर सामने आया है कि आरोपी जसपाल सिंह गुरुद्वारे में सेवादार है, लॉ ग्रेजुएट है और करीब दो साल से नांदेड़ में रह रहा था।

गोमती को निर्मल बनाने की कवायद की तेज, सीवेज प्रबंधन का एक्शन प्लान तैयार

गोमती को निर्मल बनाने की कवायद की तेज, सीवेज प्रबंधन का एक्शन प्लान तैयार

Gomti River pollution Sewage management: योगी सरकार प्रदेश में नदियों को प्रदूषण को दर करने के लिए जोर-शोर से काम कर ही है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में गोमती नदी को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।

शहर से निकलने वाले सीवेज को सीधे गोमती में पहुंचने से रोकने के लिए नालों की टैपिंग, फ्लो डायवर्जन, एसटीपी की क्षमता बढ़ाने और नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। ड्रोन सर्वे के बाद गोमती में गिरने वाले 45 नालों की पहचान हुई है। अब इन नालों के जरिए नदी में पहुंच रहे सीवेज का शोधन सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग एसटीपी से जोड़ने की योजना पर काम हो रहा है।

45.56 लाख आबादी, 7.52 लाख घर

वर्ष 2026 में लखनऊ नगर की अनुमानित आबादी करीब 45.56 लाख है। शहर में कुल 110 वार्ड हैं और करीब 7.52 लाख घर हैं। इनमें से लगभग 4.01 लाख यानी 53.32 प्रतिशत घर सीवरेज नेटवर्क से जुड़े हैं। ऐसे में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार और नालों के जरिए गोमती में पहुंच रहे प्रदूषित पानी को रोकना नदी संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती है।

 

आंकड़ों के अनुसार लखनऊ में आबादी के सापेक्ष करीब 546.77 एमएलडी घरेलू सीवेज (गंदा और अपशिष्ट जल) उत्पन्न होता है, जबकि वास्तविक डिस्चार्ज करीब 880.70 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) है। इसमें 690.33 एमएलडी सीवेज नालों के माध्यम से और 190.71 एमएलडी सीवर नेटवर्क के जरिए प्रवाहित होता है।

 

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह ने बताया कि नदियों को स्वच्छ बनाना हमारी प्राथमिकता है। विभाग ने नए नालों की पहचान की है, जिन्हें जल्द शोधित किया जाएगा। इससे शहर के बड़े हिस्से से गुजरने वाली गोमती नदी का स्वरूप बदलेगा।

10 एसटीपी, 629.5 एमएलडी शोधन क्षमता

शहर में उत्पन्न सीवेज के शोधन के लिए कुल 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित हैं। इनकी कुल शोधन क्षमता करीब 629.5 एमएलडी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वास्तविक डिस्चार्ज और मौजूदा शोधन क्षमता के बीच अंतर बना हुआ है। ऐसे में गोमती में सीधे पहुंचने वाले सीवेज को रोकने के साथ ही शोधन क्षमता को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना जरूरी है।

ड्रोन सर्वे में 12 नए नाले मिले

लखनऊ में गोमती नदी करीब 30 किलोमीटर की लंबाई में प्रवाहित होती है। नगर निगम के रिकॉर्ड में गोमती में गिरने वाले 33 नालों का उल्लेख था। ड्रोन सर्वे के बाद 12 नए नाले चिह्नित किए गए। इस तरह गोमती में गिरने वाले कुल 45 नालों का विवरण सामने आया है। 45 नालों में से 12 से लगभग 75 एमएलडी डिस्चार्ज टैप किया जा चुका है। 5 नालों में टैपिंग की आवश्यकता नहीं पाई गई। अवशेष 28 नालों (अनटैप्ड एवं आंशिक टैप्ड) का डिस्चार्ज लगभग 260 एमएलडी है।

39 एमएलडी एसटीपी का निर्माण पूरा

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 39 एमएलडी एसटीपी का निर्माण कार्य 4 नवंबर 2024 को पूरा किया गया था। इसके बाद 5 नवंबर 2024 से एसटीपी के अनुरक्षण एवं संचालन का कार्य जारी है। इसके अलावा एक अनटैप्ड नाले को टैप कर 3.5 एमएलडी बरीकलां एसटीपी में शोधित करने की योजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना  को  अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी क्रम में दो अनटैप्ड नालों और एक आंशिक टैप्ड को टैप कर 50 एमएलडी लोनियापुरवा एसटीपी से जोड़कर सीवेज शोधन कराने की योजना निर्माणाधीन है। इस परियोजना को जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

160, 150, 65 और 65 एमएलडी सीवेज होगा डायवर्ट

गोमती के पुनरुद्धार के लिए तैयार प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (पीएफआर) में नालों को अलग-अलग एसटीपी से जोड़कर सीवेज शोधन कराने का प्रस्ताव है। इसके तहत अवशेष 28 नालों (अनटैप्ड एवं आंशिक टैप्ड) को टैप किए जाने के लिए 160 एमएलडी बसंतकुंज, 65 एमएलडी वजीरगंज, 150 एमएलडी जियामऊ, 65 एमएलडी नीलमथा में एसटीपी निर्माण, मस्तेमऊ  नाले पर नेचर बेस्ड तकनीक, पीपराघाट में 750 केएलडी और घैला में 100 केएलडी क्षमता के मॉड्यूलर एसटीपी के माध्यम से शोधन के लिए कार्य योजना चल रही है। इसके साथ ही भरवारा एसटीपी के अपग्रेडेशन और उससे जुड़े 19 नालों की आवश्यक मरम्मत और दौलतगंज एसटीपी के अपग्रेडेशन के साथ उससे जुड़े दो नालों की आवश्यक मरम्मत का काम भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है।

एनएमसीजी को भेजी जा चुकी है रिपोर्ट

गोमती नदी के समेकित पुनरुद्धार की इस कार्ययोजना की रिपोर्ट 6 मई 2026 को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) नई दिल्ली को भेजी जा चुकी है। प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन के बाद ओवरफ्लो हो रहे और अनटैप्ड नालों को टैप करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।

 

इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर को छेड़ने वाला निकला हत्यारा, जेल में किया था जिक्र, 11 साल बाद खुलासा

इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर को छेड़ने वाला निकला हत्यारा, जेल में किया था जिक्र, 11 साल बाद खुलासा

akil khan

खजराना थाना पुलिस ने हाल ही में 11 साल पुराने एक अंधे कत्ल का खुलासा किया है। इस पूरे मामले में तीन आरोपी शामिल थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीसरे की मौत हो चुकी है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

इसमें सबसे हैरतअंगेज खुलासा हुआ है कि इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर को छेड़ने वाले एक आरोपी को भी पुलिस ने एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस अकील खान उर्फ नाईट्रा और मोहम्मद आरिफ उर्फ महुआ को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीसरे आरोपी परवेज की मौत हो चुकी है।

2025 में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर को छेड़ा था: बता दें कि दिसंबर 2025 में इंदौर में महिला क्रिकेट मैच हुआ था। इसमें ऑस्ट्रेलिया की टीम भी शामिल हुई थी। एक ऑस्ट्रेलियन महिला क्रिकेटर इंदौर घूमने निकली थीं। इस दौरान अकील खान उर्फ नाईट्रा ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। आहत होकर ऑस्ट्रेलियन महिला क्रिकेटर ने छेड़छाड़ की घटना पर दुख जताते हुए एक वीडियो बनाया। जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया, जिसके वायरल होने के बाद अकील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

जेल में किया था हत्या का जिक्र : इंदौर जेल के बैरक में अकील का एक कैदी से विवाद हो गया था। इस दौरान अकील ने कैदी को धमकाते हुए एक हत्या का जिक्र किया। कुछ दिन बाद कैदी जमानत पर जेल से बाहर आया। इसके बाद कैदी से हत्या की बात पुलिस तक पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले इस मामले में आरिफ को गिरफ्तार किया। फिर अकील को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की गई।

2015 में हुई थी हत्‍या: पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी अकील और आरिफ ने एक 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या कबूल की। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि 17 अप्रैल 2015 को खजराना बायपास के पास नाबालिग कृष्णा की हत्या हुई थी। पुलिस पूछताछ में आगे यह भी सामने आया कि वारदात के समय कृष्णा ने सोने का लॉकेट पहन रखा था। जिसे पाने के लिए तीनों आरोपियों ने कृष्णा को मार दिया था। 

पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए...राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

Rahul Gandhi vs PM Modi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक कार्यक्रम में एकदम बेबाक और आक्रामक अंदाज में नजर आए। 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन' के मंच से उन्होंने न सिर्फ केंद्र सरकार की नीतियां पर सवाल खड़े किए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और संघ (RSS) पर भी ऐसा तंज कसा कि सियासी गलियारों में खलबली मच गई। अपनी चिर-परिचित बेबाकी में राहुल ने कहा कि सरकार किसी की सुनना नहीं चाहती, लेकिन हम इनको पागल कर देंगे।

पीएम को रात को नहीं सोते… 

राहुल गांधी ने पीएम मोदी की कार्यशैली पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम रात-रात भर नहीं सोते। इसके पीछे कई गहरे और छुपे हुए कारण हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लपेटे में लेते हुए कहा कि खुद को चाणक्य और सरदार पटेल बताने वाले अमित शाह संसद में घुस भी नहीं पाए और भाग निकले। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे पहली बार देश की असली आवाज (एक्सप्रेशन) सुन रहे हैं।

राहुल ने लोगों से निडर होने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में कई लोग इन कायरों की फौज के सामने खुद भी कायरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। जब आपकी लड़ाई जोकरों के एक समूह से है, तो फिर किसी से डरने की क्या जरूरत? राहुल ने मंच से कार्यकर्ताओं को दिल खोलकर बोलने की आजादी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो दिल में है, बेझिझक बोलिए। अगर हिंदू हैं तो शिव की बात कीजिए, मुस्लिम हैं तो अल्लाह की बात कीजिए। अगर कोई भटक जाएगा तो हम प्यार से सही राह दिखा देंगे।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध हुआ। ऐसे में अगर इंदिरा गांधी जैसा नेतृत्व होता, तो हमारे पास सबसे बड़ा अवसर होता। क्योंकि ईरान हमारा पुराना दोस्त है, अमेरिका और रूस भी हमारा दोस्त है तो हम इनकी आपस में दोस्ती करा सकते थे। लेकिन पाकिस्तान हमारी जगह उठाकर ले गया और नरेंद्र मोदी देखते रह गए।

आरएसएस को भारत की समझ ही नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि संघ के लोगों को 3000 साल पुराने भारत का ताना-बाना नहीं, बल्कि आज के आधुनिक भारत को समझने की जरूरत है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में मंच से आरएसएस के स्टाइल में सैल्यूट करने की बात कही और जोड़ा कि आरएसएस का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन अगर कोई आरएसएस को अनुचित तरीके से दबाने की कोशिश करेगा, तो हम उसकी रक्षा के लिए भी खड़े होंगे।

पीएम पीसी क्यों नहीं करते?

मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने के मुद्दे पर राहुल ने अपनी एक पुरानी मुलाकात का दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि मैं पहले सोचता था कि पीएम मोदी का प्रेस कॉन्फ्रेंस न करना कोई 'मार्केटिंग स्ट्रेटजी' है। लेकिन जब मैं 5 मिनट उनके साथ एक कमरे में बैठा, तब मुझे समझ आ गया कि वे बहुत देर तक बिना लिखे-पढ़े बोल ही नहीं सकते।

बचपन का एक यादगार संस्मरण

जब मैं 12 साल का था, तब दादी (इंदिरा गांधी), मां, प्रियंका और मैं अमेरिका गए थे। आधिकारिक रात्रिभोज में दादी और मां गईं। लौटकर दादी ने मां से कहा— 'ये अमेरिकन हमें क्या समझते हैं? हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री केवल हाथ मिलाने या दोस्ती करने नहीं जाता, वह हमेशा अपने देश के स्वाभिमान और हित के लिए जाता है।

BSNL के 2 रिचार्ज प्लान में बड़ा बदलाव, ₹1 वाले प्लान में घटे फायदे; ₹2,399 प्लान में मिली 47 दिन की एक्स्ट्रा वैलिडिटी

BSNL के 2 रिचार्ज प्लान में बड़ा बदलाव, ₹1 वाले प्लान में घटे फायदे; ₹2,399 प्लान में मिली 47 दिन की एक्स्ट्रा वैलिडिटी

सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने अपने रिचार्ज पोर्टफोलियो में दो अहम बदलाव किए हैं। कंपनी ने नए यूजर्स के लिए ₹1 वाला रिचार्ज प्लान दोबारा पेश किया है, लेकिन इस बार इसके फायदे पहले के मुकाबले कम कर दिए गए हैं। वहीं, BSNL ने अपने ₹2,399 वाले सालाना प्लान की वैलिडिटी बढ़ाकर 412 दिन कर दी है। हालांकि, ₹2,399 वाले प्लान पर मिलने वाली अतिरिक्त वैलिडिटी एक सीमित अवधि के ऑफर का हिस्सा है। ऐसे में BSNL यूजर्स को इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए तय अवधि के भीतर रिचार्ज करना होगा।

 

₹1 वाला BSNL प्लान वापस, लेकिन फायदे हुए कम

 

BSNL ने ₹1 का रिचार्ज प्लान फिर से लॉन्च किया है। यह प्लान खास तौर पर नए यूजर्स के लिए है। यानी इसका फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जो नया BSNL SIM खरीद रहे हैं और अपने नंबर पर पहला रिचार्ज कराना चाहते हैं। पहले ₹1 वाले प्लान में 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ 60GB डेटा मिलता था।

अब कंपनी ने इसके फायदे कम कर दिए हैं। नए ₹1 रिचार्ज में अब 24 दिनों की वैलिडिटी और 24GB डेटा मिलेगा। यानी यूजर्स को पहले की तुलना में 6 दिन कम वैलिडिटी और 36GB कम डेटा मिलेगा। फिर भी नए BSNL SIM पर पहला रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों के लिए ₹1 का यह प्लान काफी आकर्षक विकल्प हो सकता है।

 

₹2,399 वाले सालाना प्लान में 47 दिन का फायदा

 

BSNL ने अपने ₹2,399 के एनुअल रिचार्ज प्लान में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने इसकी वैलिडिटी को 365 दिनों से बढ़ाकर 412 दिन कर दिया है। इसका मतलब है कि यूजर्स को सामान्य 365 दिनों की तुलना में 47 दिन की अतिरिक्त वैलिडिटी मिलेगी। हालांकि, यह स्थायी बदलाव नहीं है। BSNL के इस स्पेशल ऑफर का लाभ 12 अगस्त 2026 से 12 सितंबर 2026 के बीच रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों को मिलेगा।

 

BSNL यूजर्स के लिए क्या फायदे का सौदा?

 

अगर आप पहले से BSNL यूजर हैं और लंबी अवधि के लिए नंबर एक्टिव रखना चाहते हैं, तो ₹2,399 वाला प्लान फिलहाल ज्यादा वैल्यू दे सकता है। 412 दिनों की वैलिडिटी के कारण आपको करीब 13.5 महीने तक रिचार्ज की चिंता नहीं करनी होगी। नया BSNL SIM लेने वालों के लिए ₹1 वाला प्लान बेहद कम कीमत में शुरुआती डेटा और वैलिडिटी देता है, हालांकि इसके फायदे पुराने वर्जन के मुकाबले काफी कम हैं।

 

ध्यान दें : ₹2,399 प्लान की 47 दिन की अतिरिक्त वैलिडिटी वाला ऑफर सीमित अवधि के लिए है। ऑफर की अंतिम तारीख 12 सितंबर 2026 है।

जनता की कमाई के 175 करोड़ स्वाहा, माननीयों के हंगामे में संसद के 173 घंटे बर्बाद

जनता की कमाई के 175 करोड़ स्वाहा, माननीयों के हंगामे में संसद के 173 घंटे बर्बाद

Parliament Monsoon Session 2026

Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र 2026 आखिरकार अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। जनता ने अपने प्रतिनिधि चुनकर इसलिए दिल्ली भेजे थे ताकि देश की तकदीर और उनके मुद्दों पर बात हो सके, लेकिन माननीय नेताओं ने संसद को केवल आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी का अखाड़ा बनाकर रख दिया। आंकड़े गवाह हैं कि किस तरह जनसेवा का दावा करने वाले जनप्रतिनिधियों ने देश के आम टैक्सपेयर्स के 175 करोड़ रुपए बहस की बजाय हंगामे की भेंट चढ़ा दिए।

हंगामे में 173 घंटे बर्बाद, काम के नाम पर शून्य

पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, इस सत्र में दोनों सदनों में करीब 114-114 घंटे का काम प्रस्तावित था, लेकिन हंगामे और लगातार स्थगन के चलते लोकसभा की कार्यक्षमता (Productivity) घटकर महज 19% और राज्यसभा की 39.17% पर सिमट कर रह गई। कुल मिलाकर 173 घंटे 10 मिनट का समय शोर-शराबे में धो दिया गया। संसद के हर एक मिनट की कार्यवाही पर लाखों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन नेताओं की इस 'तू-तू, मैं-मैं' के कारण आम आदमी के पसीने की कमाई के 175 करोड़ रुपए ऐसे ही बर्बाद हो गए।  ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में अनोखा प्रदर्शन, दान पात्र में मिले 2.15 लाख रुपए हनुमान मंदिर में चढ़ाए

4 मिनट में पास हुए बिल, क्या यही है लोकतंत्र?

जब बिलों पर चर्चा की बारी आई, तो संसद के दोनों सदनों में अद्भुत 'तेज़ी' देखने को मिली। जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना किसी सार्थक बहस के चंद मिनटों में पास कर दिया गया:

  • सुप्रीम कोर्ट जज बिल : लोकसभा में मात्र 4 मिनट की चर्चा!
  • टैक्सेशन बिल : लोकसभा में महज 3 मिनट!
  • MSME बिल : लोकसभा में केवल 3 मिनट!
  • जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन बिल : लोकसभा में सिर्फ 4 मिनट!

जिन कानूनों से देश की 140 करोड़ जनता का भविष्य तय होना है, उन्हें माननीय सांसदों ने 3 से 4 मिनट में निपटा दिया। क्या जनता इन्हें इसी 'कामकाज' के लिए भारी-भरकम वेतन, सुविधाएं और पेंशन देती है? ALSO READ: FCRA संशोधन विधेयक 2026 संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया, विपक्ष ने किया विरोध, अल्पसंख्यकों और NGOs को निशाना बनाने का लगाया आरोप

जनता के मुद्दों की बलि

मानसून सत्र के दौरान चंदा चोरी, जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज और एफसीआरए जैसे अहम मुद्दे थे, जिन पर गंभीर विमर्श होना चाहिए था। लेकिन राज्यसभा में 380 शून्यकाल प्रस्तावों में से केवल 52 और 285 सवालों में से महज 16 सवाल ही उठाए जा सके। सदन के अंतिम दिन भी कोई बदलाव नहीं दिखा। लोकसभा वंदे मातरम के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई, तो राज्यसभा में हल्द्वानी के एक कार्यक्रम के मंच के 'शुद्धिकरण' जैसे राजनीतिक बयानों पर समय बिताया गया।

बड़ा सवाल, कौन करेगा इस नुकसान की भरपाई?

एक तरफ आम नागरिक पेट्रोल-डीजल से लेकर राशन तक पर टैक्स चुका रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश की सर्वोच्च पंचायत में बैठे नेता संसद को काम करने के बजाय राजनीतिक थ्रिलर ड्रामा का केंद्र बनाए हुए हैं। जब तक सांसदों की इस जवाबदेही पर कड़े नियम नहीं बनते, तब तक लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंदिर में जनता का पैसा और समय इसी तरह स्वाहा होता रहेगा।

Air India के सभी पायलटों का होगा अनिवार्य डोप टेस्ट, Phuket-Delhi फ्लाइट हादसे के बाद बढ़ी सख्ती, नियमों से आगे बढ़कर लिया फैसला

Air India के सभी पायलटों का होगा अनिवार्य डोप टेस्ट, Phuket-Delhi फ्लाइट हादसे के बाद बढ़ी सख्ती, नियमों से आगे बढ़कर लिया फैसला

एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों की प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं के लिए अनिवार्य जांच कराने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक, एयरलाइन की आंतरिक सूचना में कहा गया है कि यह स्क्रीनिंग मौजूदा विमानन नियमों में निर्धारित जांच से भी आगे होगी और गुरुवार से शुरू की जाएगी।

ALSO READ: ChatGPT और Google Gemini ने पार किया 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा, AI की दुनिया में बदल गया मुकाबला

यह फैसला 4 अगस्त को Phuket-Delhi उड़ान AI2379 में हुई घटना के बाद लिया गया है। उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट का बदलाव हुआ था। Airbus A320 विमान बाद में स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित उतर गया। विमान में 137 यात्री, जिनमें तीन शिशु भी शामिल थे, और आठ क्रू सदस्य सवार थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस घटना में 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हुए थे।

 

Phuket-Delhi फ्लाइट के दोनों पायलटों का हुआ था डोप टेस्ट

 

घटना के बाद दोनों पायलटों की अनिवार्य psychoactive-substance screening की गई थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, विमान के कमांडिंग पायलट की शुरुआती जांच में पॉजिटिव परिणाम सामने आया। इसके बाद निर्धारित प्रयोगशाला में कराए गए पुष्टि परीक्षण में भी मारिजुआना की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद जांच और टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया। इस पॉजिटिव टेस्ट के बाद सरकार भी भारत में पायलटों और अन्य फ्लाइंग क्रू के psychoactive substances की जांच से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा कर रही है।

 

DGCA करेगा डोप टेस्टिंग नियमों की समीक्षा

 

सिविल एविएशन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार ने DGCA (Directorate General of Civil Aviation) को पायलटों के डोप टेस्टिंग सिस्टम की समीक्षा करने को कहा है। इसमें दूसरे देशों में अपनाए जाने वाले टेस्टिंग प्रोटोकॉल का भी अध्ययन किया जाएगा।

 

मौजूदा DGCA व्यवस्था के तहत psychoactive substances के लिए पॉजिटिव पाए जाने वाले विमानन कर्मियों को rehabilitation programme के लिए भेजा जाता है। दूसरी बार पॉजिटिव पाए जाने पर लाइसेंस तीन साल तक निलंबित किया जा सकता है, जबकि तीसरी बार उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

 

सरकार यह भी जांच रही है कि मौजूदा नियम पर्याप्त हैं या इनमें बदलाव की जरूरत है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा पूरी होने के बाद डोप टेस्टिंग नियमों में संभावित बदलाव पर फैसला लिया जाएगा।

 

Air India ने मौजूदा नियमों से आगे बढ़कर उठाया कदम

 

सरकार की ओर से नियमों की समीक्षा के बीच Air India ने अपने सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है। आंतरिक संचार के मुताबिक, सभी पायलटों की प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं के लिए जांच की जाएगी और यह विस्तारित टेस्टिंग गुरुवार से शुरू होगी। इस कदम के जरिए एयरलाइन ने मौजूदा नियामकीय जरूरतों से आगे जाकर अपने पायलटों की स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाया है।

 

फ्लाइट की जांच में मिले 11 अलर्ट, 3 हाइड्रोलिक वार्निंग

 

AI2379 फ्लाइट में हुई घटना की जांच सिर्फ पायलट के डोप टेस्ट तक सीमित नहीं है। India Today द्वारा देखी गई पोस्ट-फ्लाइट मेंटेनेंस रिपोर्ट के अनुसार, करीब 2 से 3 मिनट के भीतर विमान में 11 सिस्टम अलर्ट दर्ज हुए थे। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इनमें तीन हाइड्रोलिक लो-प्रेशर वार्निंग शामिल थीं। इसके बाद ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट होने का अलर्ट दर्ज हुआ।

तीनों हाइड्रोलिक वार्निंग करीब एक मिनट के भीतर दर्ज हुईं और विमान के ग्रीन, येलो और ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम से संबंधित थीं। इसके बाद ऑटोपायलट के डिस्कनेक्ट होने की जानकारी दर्ज हुई। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़े इन अलर्ट का बाद में विमान की ऊंचाई में हुए बदलाव से कोई संबंध था या नहीं। मेंटेनेंस रिकॉर्ड में इसी अवधि के दौरान विमान के इमरजेंसी एग्जिट डोर और अन्य सिस्टम से जुड़े अलर्ट भी दर्ज किए गए थे।

 

दिल्ली लैंडिंग से पहले दोबारा डिस्कनेक्ट हुआ ऑटोपायलट

 

मेंटेनेंस रिकॉर्ड में दिल्ली में लैंडिंग से पहले दूसरी बार ऑटोपायलट ऑफ होने की एंट्री भी सामने आई है। यह एंट्री 5:22 GMT यानी भारतीय समयानुसार करीब 10:52 बजे की बताई गई है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती डिस्कनेक्शन के बाद ऑटोपायलट को दोबारा रिस्टोर या री-एंगेज किया गया था और लैंडिंग से पहले उसे फिर से बंद किया गया। अब जांच एजेंसियां पायलट की डोप टेस्ट रिपोर्ट के साथ-साथ विमान के सिस्टम अलर्ट, हाइड्रोलिक वार्निंग और ऑटोपायलट डिस्कनेक्शन की घटनाओं की भी जांच कर रही हैं।

अनिका के लिए जमा हुए 8 करोड़ रुपए, इस वजह से बढ़ गई इंजेक्शन की कीमत, फिर बढ़ी मां-पिता की परेशानी

अनिका के लिए जमा हुए 8 करोड़ रुपए, इस वजह से बढ़ गई इंजेक्शन की कीमत, फिर बढ़ी मां-पिता की परेशानी

anika sharma

दुर्लभ बीमारी से ग्रसित इंदौर की मासूम अनिका की इंजेक्शन के लिए जंग जारी है। माता-पिता रोजाना पैसा जमा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अनिका का इलाज तभी ही संभव हो सकेगा जब अमेरिका से उसका इंजेक्शन आएगा।

बता दें कि उसके लिए पर्याप्‍त रकम जमा हो गई थी, लेकिन हाल ही में डॉलर और रुपए के एक्सचेंज रेट में बदलाव होने के कारण 9 करोड़ का इंजेक्शन अब 9.50 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ऐसे में उनका संघर्ष भी बढ़ गया है।

बता दें कि इंदौर की मासूम अनिका शर्मा के इलाज के लिए उसके माता-पिता पिछले 9 महीनों से क्राउड फंडिंग के जरिए 8 करोड़ रुपए से अधिक जुटा चुके हैं, लेकिन डॉलर के बढ़ते रेट के कारण अमेरिका से आने वाले जीवनरक्षक इंजेक्शन की कीमत अब 9 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है।

अब उस इंजेक्शन को मंगाने के लिए 9 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत होगी। अब माता-पिता को इंतजार है कि जिन लोगों ने राशि देने का वादा किया था, वे भी जल्द राशि उपलब्ध करा दें, ताकि उनकी बेटी का इलाज जल्द शुरू हो सके।

कहां से मिली मदद : बता दें कि इंदौर में सबसे ज्यादा उन्हें मदद मिली। इसके बाद वे मुंबई भी गए और वहां से कई लोगों ने उन्हें मदद की, लेकिन अभी भी उतनी राशि नहीं जुट पाई है, जितनी इंजेक्शन खरीदने के लिए जरूरी है। मासूम अनिका का मामला इंदौर हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है और कोर्ट ने सरकार को मदद करने के लिए कहा है।

9 माह में जुटे 8 करोड़ : जब माता-पिता को पता चला कि अनिका को यह बीमारी है, तो उन्होंने इलाज के बारे में जानकारी जुटाई। अनिका मध्यमवर्गीय परिवार से है। उसकी बीमारी के इलाज के लिए एक इंजेक्शन जरूरी है, जिसकी कीमत 9 माह पहले साढ़े 8 करोड़ रुपये थी। अब उस इंजेक्शन की कीमत बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गई है। अनिका को वह इंजेक्शन तभी दिया जा सकता है, जब उसका वजन साढ़े 13 किलो से कम हो। माता-पिता के लिए पैसे जुटाने के अलावा अनिका का वजन कम रखना भी चुनौती से कम नहीं है। उसे कम कैलोरी की डाइट देकर वजन को नियंत्रित किया गया है। फिलहाल उसका वजन साढ़े 11 किलो हो चुका है।

क्या है बीमारी : स्पाइनल मस्क्यूलर एट्रॉफी टाइप 2 एक आनुवंशिक (जेनेटिक) बीमारी है। यह मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका कोशिकाओं (मोटर न्यूरॉन्स) को नुकसान पहुंचाती है। यह आमतौर पर 6 से 18 महीने की उम्र के बच्चों में सामने आती है। इस स्थिति से पीड़ित बच्चे बिना सहारे के बैठ सकते हैं, लेकिन वे अपने दम पर खड़े नहीं हो सकते और चल नहीं सकते हैं।

TVS iQube की अफ्रीका में एंट्री, केन्या में लॉन्च हुआ इलेक्ट्रिक स्कूटर, 4.6kW पावर और 4.2 सेकंड में 0-40 kmph की रफ्तार

TVS iQube की अफ्रीका में एंट्री, केन्या में लॉन्च हुआ इलेक्ट्रिक स्कूटर, 4.6kW पावर और 4.2 सेकंड में 0-40 kmph की रफ्तार

TVS iQube

TVS Motor Company ने ग्लोबल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पोर्टफोलियो के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अफ्रीकी बाजार में एंट्री की है। कंपनी ने केन्या में अपना प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS iQube लॉन्च किया है। यह पहली बार है जब TVS Motor ने अफ्रीका के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार में कदम रखा है। कंपनी के मुताबिक, केन्या में iQube की लॉन्चिंग उसकी इंटरनेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी विस्तार रणनीति का हिस्सा है। TVS अब अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो को भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से बढ़ा रही है।

ALSO READ: ChatGPT और Google Gemini ने पार किया 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा, AI की दुनिया में बदल गया मुकाबला

परफॉर्मेंस और आराम पर फोकस

 

TVS Motor ने iQube को शहरी ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर में परफॉर्मेंस, कम्फर्ट, सेफ्टी और बिल्ड क्वालिटी का संतुलन दिया गया है।

 

TVS iQube में 4.6 kW का पीक पावर आउटपुट मिलता है। कंपनी के अनुसार, इसका पावर आउटपुट पारंपरिक 125cc पेट्रोल स्कूटर के बराबर है।

 

4.2 सेकंड में 0 से 40 kmph की रफ्तार

 

स्पीड के मामले में भी TVS iQube खास है। कंपनी के मुताबिक, यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 4.2 सेकंड में पकड़ सकता है। इससे शहरी ट्रैफिक में तेज एक्सेलरेशन और आसान राइडिंग का फायदा मिलने की उम्मीद है।

 

अफ्रीका में EV कारोबार बढ़ाने की तैयारी

 

केन्या में iQube की लॉन्चिंग TVS Motor के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कंपनी अब अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कारोबार को ग्लोबल स्तर पर विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अफ्रीका में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की संभावनाओं को देखते हुए TVS की यह एंट्री कंपनी के अंतरराष्ट्रीय EV विस्तार के लिए अहम कदम साबित हो सकती है।

Weather Alert : अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट

Weather Alert : अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD weather alert

Weather Alert : राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, बंगाल, जम्मू कश्मीर समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। नदी-नाले उफान पर है और सड़कों और घरों में पानी घुस गया। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम?

 

तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन (अवदाब) के प्रभाव के कारण, 13 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में तथा 13 और 14 अगस्त, 2026 को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। सप्ताह के अधिकांश दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

 

उपरोक्त प्रणालियों के प्रभाव से निम्नलिखित मौसम रहने की संभावना है:

1. उत्तर-पश्चिम भारत:

13 से 19 अगस्त के दौरान: हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, और उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों से लेकर दूर-दूर तक वर्षा होने की संभावना है। पंजाब में 14-15 अगस्त; हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 14-15 अगस्त तथा 17 अगस्त को; पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15-16 अगस्त; पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14-18 अगस्त; पूर्वी राजस्थान में 13 अगस्त को वर्षा की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से छिटपुट वर्षा हो सकती है।
गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना : 13-19 अगस्त के दौरान उत्तराखंड में; 14-15 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; 13-15 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है।

भारी वर्षा: जम्मू-कश्मीर आदि (13-14 और 16-19 अगस्त); हिमाचल प्रदेश (13 अगस्त, 15-16 अगस्त और 19 अगस्त); उत्तराखंड (13 अगस्त, 15 अगस्त और 18-19 अगस्त); पंजाब (13-19 अगस्त); हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली (14-19 अगस्त); पश्चिमी उत्तर प्रदेश (14-18 अगस्त); पूर्वी उत्तर प्रदेश (13-18 अगस्त); पश्चिमी राजस्थान (13 अगस्त); पूर्वी राजस्थान (13-14 अगस्त)।

बहुत भारी वर्षा: हिमाचल प्रदेश (14 अगस्त और 17-18 अगस्त); उत्तराखंड (14 अगस्त और 16-17 अगस्त)।

 

2. मध्य भारत:

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13-14 अगस्त और 18-19 अगस्त तथा विदर्भ में 19 अगस्त को छिटपुट वर्षा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15-17 अगस्त के दौरान; छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 13-19 अगस्त के दौरान; विदर्भ में 13-18 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा।

आंधी और बिजली चमकना: विदर्भ (13-15 अगस्त); छत्तीसगढ़ (13-17 अगस्त)।

भारी से अत्यधिक भारी वर्षा: पश्चिमी मध्य प्रदेश (13-15 अगस्त), पूर्वी मध्य प्रदेश (13-14 और 18 अगस्त), विदर्भ (14-16 अगस्त), और छत्तीसगढ़ (13-14 तथा 16-17 अगस्त) में भारी वर्षा।

बहुत भारी वर्षा: पश्चिमी मध्य प्रदेश (16-17 अगस्त), पूर्वी मध्य प्रदेश (15-17 अगस्त), और छत्तीसगढ़ (15 अगस्त)।

अत्यधिक भारी वर्षा: 13 और 14 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।

3. पूर्वी भारत

व्यापक वर्षा: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13-19 अगस्त के दौरान; बिहार में 17-18 अगस्त; ओडिशा में 13-15 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा।

छिटपुट वर्षा: बिहार में 13-16 अगस्त और 19 अगस्त को; ओडिशा में 16-19 अगस्त को।

तेज हवाएं और आंधी-तूफान: अंडमान और निकोबार में 14-19 अगस्त के दौरान (40-50 किमी/घंटा की गति से 60 किमी/घंटा तक के झोंके); गांगेय पश्चिम बंगाल में 14 अगस्त को। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम (13-16 अगस्त); गांगेय पश्चिम बंगाल (15-16 अगस्त); झारखंड और ओडिशा (13-17 अगस्त) में 30-40 से 50 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं।

भारी से अत्यधिक भारी वर्षा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम (13-14 अगस्त); गांगेय पश्चिम बंगाल (13 और 15 अगस्त); झारखंड और ओडिशा (13 अगस्त तथा 15-17 अगस्त); बिहार (17-18 अगस्त) में भारी वर्षा।

बहुत भारी वर्षा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम (15-16 अगस्त); गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा (14 अगस्त)।

तूफानी हवाएं (Thundersquall): 13 अगस्त को अंडमान-निकोबार और गांगेय पश्चिम बंगाल में (50-60 किमी/घंटा से 70 किमी/घंटा की रफ्तार)।

अत्यधिक भारी वर्षा: 13 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा।

झारखंड और ओडिशा में 13 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली कड़कने की गतिविधियां।

 

4. उत्तर-पूर्व भारत:

व्यापक वर्षा: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13-19 अगस्त के दौरान।

आंधी-बिजली: अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय (13-17 अगस्त); नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (13-16 अगस्त)।

भारी से बहुत भारी वर्षा: अरुणाचल प्रदेश (13-14 और 18-19 अगस्त); असम और मेघालय (13-19 अगस्त); नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (13-16 अगस्त और 19 अगस्त) में भारी वर्षा। इसके अलावा 15-17 अगस्त के दौरान अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी वर्षा की संभावना है।

 

5. पश्चिम भारत:

व्यापक वर्षा: कोंकण और गोवा (13-19 अगस्त); मध्य महाराष्ट्र (13-15 अगस्त); गुजरात क्षेत्र (13-14 अगस्त)।

छिटपुट वर्षा: मध्य महाराष्ट्र (16-19 अगस्त); मराठवाडा, सौराष्ट्र और कच्छ (13-19 अगस्त); गुजरात क्षेत्र (15-19 अगस्त)।

आंधी और बिजली चमकना: गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ (13-14 अगस्त)।

भारी वर्षा: कोंकण और गोवा (13-15 अगस्त); मध्य महाराष्ट्र (13-16 अगस्त); गुजरात क्षेत्र (13 अगस्त)।

 

6. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:

वर्षा की स्थिति: तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल, तथा तेलंगाना में 13-19 अगस्त के दौरान; केरल-माहे और लक्षद्वीप में 18-19 अगस्त को छिटपुट वर्षा। केरल-माहे और लक्षद्वीप (13-17 अगस्त); तटीय कर्नाटक (13-19 अगस्त) में व्यापक वर्षा।

तेज हवाएं और आंधी: तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल (13-15 अगस्त); उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक (13-14 अगस्त); तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा (13-17 अगस्त) में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय कर्नाटक, केरल-माहे (13-14 अगस्त), लक्षद्वीप (13-15 अगस्त) और तेलंगाना (13-16 अगस्त) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

भारी वर्षा: 13-14 अगस्त के दौरान केरल-माहे और तमिलनाडु, पुदुचेरी व कराईकल में।

सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल-माहे, आंतरिक कर्नाटक (13-14 अगस्त); लक्षद्वीप (13-15 अगस्त), तेलंगाना (13-16 अगस्त)।