CJI सूर्यकांत की फटकार के बाद BCI चेयरमैन ने NALSAR छात्रों से मांगी माफी, बोले- ‘मुझे खेद है’

CJI सूर्यकांत की फटकार के बाद BCI चेयरमैन ने NALSAR छात्रों से मांगी माफी, बोले- 'मुझे खेद है'

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के नामांकन विवाद में दखल देने को लेकर कड़ी फटकार लगाए जाने के एक दिन बाद BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कानून के छात्रों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका “ईमानदारी से खेद है और वह माफी मांगते हैं।”

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स्वतंत्रता दिवस पर “मेरे प्यारे युवा मित्रों” के नाम लिखे पत्र में मिश्रा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम से छात्र समुदाय के एक वर्ग में चिंता और पीड़ा पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों को किसी बात से ठेस पहुंचे या वे खुद को पीड़ित महसूस करें, तो उनकी चिंताओं को धैर्य, संवेदनशीलता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी मेरी किसी बात या पत्र से हमारे कानून के छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मुझे इसका ईमानदारी से खेद है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।”

 

‘माफी मांगना प्रतिष्ठा या अहंकार का सवाल नहीं’

 

BCI चेयरमैन ने कहा कि इस बात को स्वीकार करने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, खेद व्यक्त करना प्रतिष्ठा या अहंकार का विषय नहीं है, बल्कि यह स्वीकार करना है कि छात्रों की भावनाएं और चिंताएं महत्वपूर्ण हैं।

 

मिश्रा ने कानून के छात्रों की स्वतंत्र सोच पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज और देश के अन्य प्रमुख कानूनी शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र देश के सबसे जागरूक और विवेकशील युवाओं में शामिल हैं। वे संविधान, कानून का शासन, निष्पक्षता और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों को सुनने के महत्व का अध्ययन करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने विचार बनाने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के निर्णय की जरूरत नहीं है।

 

शांतिपूर्ण विरोध और असहमति छात्रों का अधिकार

 

BCI चेयरमैन ने असहमति के अधिकार को भी संवैधानिक लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण असहमति, सवाल उठाना और विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र की महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं और छात्रों को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता हमेशा मिलनी चाहिए। यह माफी CJI सूर्यकांत की उस कड़ी टिप्पणी के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने BCI से कहा था कि उसे NALSAR विवाद में दखल देने का “कोई काम नहीं” है। CJI ने स्पष्ट किया था कि छात्रों को विरोध करने का अधिकार है, बशर्ते उनका प्रदर्शन कानूनी और शांतिपूर्ण हो।

 

सुप्रीम कोर्ट ने BCI और राज्य बार काउंसिलों पर लगाई रोक

 

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। पीठ ने BCI और सभी राज्य बार काउंसिलों को NALSAR समेत नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज या अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ विवाद के संबंध में किसी दंडात्मक या आपराधिक कार्रवाई को आगे बढ़ाने से रोक दिया था। यह मामला NALSAR हैदराबाद की 2026 में स्नातक होने वाली बैच के नामांकन को लेकर BCI के रुख में अचानक हुए बदलाव के बाद सामने आया था।

 

BCI ने गुरुवार को पहले सभी राज्य बार काउंसिलों को अगले आदेश तक 2026 बैच के छात्रों का नामांकन रोकने का निर्देश दिया था। कुछ घंटे बाद इस रोक को वापस ले लिया गया, लेकिन उन आरोपों की जांच जारी रखी गई कि कुछ शिक्षकों और बाहरी लोगों ने छात्रों को CJI के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के विरोध के लिए उकसाया या गुमराह किया।

 

इसके बाद शुक्रवार को मनन कुमार मिश्रा ने घोषणा की कि 2026 बैच के सभी छात्रों के खिलाफ कार्यवाही बंद की जा रही है।

 

NALSAR दीक्षांत समारोह में शामिल होना या नहीं, फैसला छात्रों का

 

BCI चेयरमैन ने NALSAR के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत की मौजूदगी को लेकर भी छात्रों की स्वतंत्रता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समारोह में शामिल होना या नहीं होना पूरी तरह छात्रों का अपना निर्णय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी छात्र को समारोह में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और न ही किसी छात्र को इससे दूर रहने के लिए बाध्य महसूस करना चाहिए। छात्रों को पूरे मामले पर विचार करने के बाद स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना चाहिए।

 

CJI को मुख्य अतिथि बनाए जाने के बाद शुरू हुआ था विवाद

 

NALSAR के कुछ छात्रों ने इस साल के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान CJI की कुछ टिप्पणियों का हवाला दिया था। छात्रों ने सवाल उठाया था कि CJI को दीक्षांत समारोह का निमंत्रण देना NALSAR की संवैधानिक अधिकारों, न्याय तक पहुंच और शिकायतों पर तर्कसंगत संवाद की प्रतिबद्धता के अनुरूप है या नहीं।

 

इसके बाद BCI ने NALSAR से एक प्रमाणित रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें उन लोगों की पहचान करने को कहा गया था जिन्होंने CJI के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के विरोध वाले अभियान को शुरू, आयोजित, समन्वित या छात्रों को इसके लिए लामबंद किया था।

 

CJI ने कहा- ‘छात्रों को अपनी आवाज उठाने का अधिकार’

 

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने इस मामले का जिक्र किया। इस पर CJI सूर्यकांत ने BCI की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छात्र यदि किसी कारण या मुद्दे को लेकर विरोध करना चाहते हैं तो उन्हें इसका अधिकार है। CJI ने अपने छात्र जीवन के आंदोलनों के अनुभव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक छात्र कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, तब तक उन्हें अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संस्थानों को छात्रों के प्रति उदार दृष्टिकोण रखना चाहिए और उन्हें बोलने की अनुमति देनी चाहिए। यहां तक कि यदि छात्र गलत भी हों, तब भी उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है।

 

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने यह भी सवाल उठाया था कि क्या NALSAR छात्रों से जुड़े इस फैसले को लेने के लिए BCI की परिषद की वास्तव में बैठक बुलाई गई थी। अदालत ने BCI से अपने जवाब में निर्णय लेने की प्रक्रिया स्पष्ट करने को कहा।

 

BCI ने टकराव के बजाय संवाद पर दिया जोर

 

शनिवार के पत्र में मनन कुमार मिश्रा ने अब टकराव के बजाय सुलह और संवाद पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, बार, विश्वविद्यालयों और कानून के छात्रों के बीच संबंध किसी अस्थायी विवाद से कहीं ज्यादा गहरे और स्थायी हैं। उन्होंने कहा कि मतभेदों का समाधान अंततः संवाद, स्पष्टीकरण और आपसी सम्मान के माध्यम से किया जाना चाहिए। मिश्रा ने कहा कि BCI कानून के छात्रों को कानूनी पेशे का भविष्य मानता है और उनकी गरिमा, स्वतंत्र सोच तथा जायज चिंताओं का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए।

 

उन्होंने यह भी अपील की कि इस विवाद को बाहरी प्रभाव के कारण किसी राजनीतिक या अन्य मुद्दे का रंग नहीं दिया जाना चाहिए। छात्रों को तथ्यों की जांच करने, दिए गए स्पष्टीकरण पर विचार करने और स्वतंत्र रूप से अपना निर्णय लेने में सक्षम बताया।  उन्होंने कहा कि छात्रों को खुद इस मामले की जांच करने दें। हर संस्थान को उनकी स्वतंत्र सोच का सम्मान करना चाहिए।

कतर ने ईरान के 3 पायलटों को हिरासत में लेने से किया इनकार, तेहरान के दावे को बताया गलत

कतर ने ईरान के 3 पायलटों को हिरासत में लेने से किया इनकार, तेहरान के दावे को बताया गलत

iran new photo

कतर ने शनिवार को ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कतर की सेना ने ईरान के तीन पायलटों को जिंदा पकड़ लिया है। ईरान के मुताबिक, ये पायलट कतर में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के अभियान के दौरान अपने लड़ाकू विमानों से बाहर निकलने के बाद पकड़े गए थे।

 

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरानी पायलटों ने मार्च में कतर के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। कतर के अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

 

प्रवक्ता के मुताबिक, इसके बाद कतर की खोज और बचाव टीमों ने एक पायलट के शव के अवशेष बरामद किए। कतर ने शव को ईरान को सौंपने की प्रक्रिया के लिए तेहरान से संपर्क भी किया, लेकिन ईरान ने अभियान से जुड़ी जानकारी की समीक्षा के लिए भेजे गए निमंत्रण का अब तक जवाब नहीं दिया है।

 

ईरान ने तीन पायलटों के जिंदा पकड़े जाने का किया था दावा

 

कतर का यह बयान ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि कतर की सेना ने तीन ईरानी पायलटों को जिंदा पकड़ लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ये पायलट कतर में एक सैन्य ठिकाने के खिलाफ अभियान के दौरान लड़ाकू विमानों से बाहर निकलने के बाद पकड़े गए थे।

 

ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने भी शनिवार को इस मामले में प्रतिक्रिया दी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Fars द्वारा प्रकाशित एक पत्र में कहा गया कि ईरान ने तीन ईरानी पायलटों की रिहाई सुनिश्चित करने में मदद के लिए इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) से अपील की है।

 

ईरानी पक्ष के अनुसार, ये पायलट उस समय पकड़े गए जब मार्च में एक सैन्य अभियान के दौरान उनके विमान को निशाना बनाया गया था। तेहरान ने उस समय कतर में मौजूद ठिकाने को दुश्मन का सैन्य अड्डा बताया था।

 

अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद बढ़ा था तनाव

 

यह सैन्य अभियान उस समय हुआ जब ईरान ने 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में कार्रवाई की थी। तेहरान का आरोप रहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ हमलों में खाड़ी के अरब देशों में मौजूद सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया।

कतर ने कहा कि ईरानी पायलटों के उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने और संपर्क स्थापित करने की कोशिशों का जवाब नहीं देने के बाद उसने अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद संघर्ष का दायरा पूरे क्षेत्र में फैल गया था। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाकर हमले किए।

 

इंदौर कांग्रेस कार्यालय में ‘वंदे मातरम्’ पर घमासान! 55 सेकंड के गायन पर BJP ने उठाए सवाल, जांच की मांग

इंदौर कांग्रेस कार्यालय में ‘वंदे मातरम्’ पर घमासान! 55 सेकंड के गायन पर BJP ने उठाए सवाल, जांच की मांग

vande matram in indore office

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने 15 अगस्त 2026 को इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के केवल लगभग 55 सेकंड के अंश के गायन पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच की मांग की है। आधिकारिक संस्करण की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है। ALSO READ: कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर घमासान! राहुल-सोनिया के इशारे पर भाजपा का हमला, कांग्रेस ने दी सफाई

 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के गायन/वादन के संबंध में विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया है। इस आदेश में संबंधित अवसरों पर राष्ट्रीय गीत के आधिकारिक संस्करण के गायन/वादन तथा उचित शिष्टाचार का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अवसर पर राष्ट्रीय गीत के आधिकारिक संस्करण को सामूहिक गायन के साथ प्रस्तुत करने का प्रावधान है। 

 

55 सेकंड का अंश क्यों?

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि उपलब्ध वीडियो के अनुसार इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय के 15 अगस्त के कार्यक्रम में वंदे मातरम् का केवल एक छोटा अंश गाया गया और लगभग 55 सेकंड में गायन समाप्त कर दिया गया।

 

उन्होंने कहा कि यदि किसी राष्ट्रीय पर्व के ध्वजारोहण कार्यक्रम में वंदे मातरम् प्रस्तुत किया जा रहा है, तो सवाल यह है कि गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित आधिकारिक संस्करण के स्थान पर केवल लगभग 55 सेकंड का अंश क्यों गाया गया? क्या कांग्रेस कार्यालय के आयोजकों को केंद्र सरकार के इस प्रोटोकॉल की जानकारी थी? और यदि राज्य सरकार या जिला प्रशासन ने इस प्रोटोकॉल को संबंधित सार्वजनिक आयोजनों/संस्थाओं पर लागू किया हैं तो उसका पालन कांग्रेस ने क्यों नहीं किया?

 

उन्होंने कहा कि 9 जुलाई के गृह मंत्रालय के आदेश में राज्यों के मुख्य सचिवों/UT प्रशासकों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों को निर्देश दिए गए हैं तथा संबंधित संस्थाओं/संगठनों को उनके अधिकार क्षेत्र में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त निर्देश है। BNS की धारा 223 का प्रकरण दर्ज करके निम्न बिंदुओं के आधार जंच की जाये।

 

1. मध्यप्रदेश सरकार अथवा जिला प्रशासन ने 15 अगस्त 2026 के सार्वजनिक कार्यक्रमों के संबंध में वंदे मातरम् प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।

2. वह निर्देश समस्त सार्वजनिक कार्यक्रमों पर लागू हैं।प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य हैं।

3. इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय के आयोजकों द्वारा जानबूझकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।

4. उपलब्ध वीडियो में वंदे मातरम् की वास्तविक अवधि मात्र 55 सेंकड हैं।जो की वंदे मातरम् गाना के प्रोटोकॉल का उल्लंघन हैं।

5. यदि प्रोटोकॉल आदेश लागू हैं और उसकी जानबूझकर अवहेलना प्रमाणित हो रहीं है, तो ऐसी परिस्थितियों में BNS की धारा 223 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए।

 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि कार्यक्रम में इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ वंदे मातरम् का षडयंत्र पूर्वक अपमान करने के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाना चाहिए।

 

राष्ट्रगीत सम्मान का विषय है, राजनीति का नहीं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है। 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर यदि इसका गायन किया जा रहा है तो उसकी गरिमा और निर्धारित प्रोटोकॉल का सम्मान होना चाहिए। कांग्रेस कार्यालय में केवल 55 सेकंड का अंश गाकर औपचारिकता निभाई गई है तो कांग्रेस को जनता को जवाब देना चाहिए कि ऐसा क्यों किया गया।कांग्रेस क्या वंदे मातरम् विरोधी हैं।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चाल, चरित्र और चेहरा जनता के सामने है। राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रगीत के सम्मान के मामले में भी यदि केवल औपचारिकता की गई है तो यह गंभीर सार्वजनिक प्रश्न है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि कार्यक्रम की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग, कार्यक्रम की अनुमति/सूचना, लागू सरकारी निर्देश और गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल की प्रति की जांच कर स्थिति सार्वजनिक की जाए।

सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, क्रूड और महंगाई ने बिगाड़ा बाजार का मूड; अगले हफ्ते क्या होगा?

सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, क्रूड और महंगाई ने बिगाड़ा बाजार का मूड; अगले हफ्ते क्या होगा?

market ki baat

Share Market Weekly Review : क्रूड के दामों में उतार चढ़ाव, महंगाई के आंकड़ें और मेटल में तेजी की बदौलत भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते रेंज बाउंड ही रहा। सेंसेक्स में 490 और निफ्टी में 205 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगस्त का पहला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 43 अंक चढ़कर 78542 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 13 अंक की बढ़त के साथ 24,398 पर पहुंचा। मंगलवार को सेंसेक्स 388 अंकों की गिरावट के साथ 78154 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 112 अंक गिरकर 24,472 पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स 188 अंकों की गिरावट के साथ 77966 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 36 अंक गिरकर 24,436 पर बंद हुआ। 

 

गुरुवार को सेंसेक्स 114 अंक बढ़कर 78080 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 40 अंक गिरकर 24,396 पर बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 71 अंकों की गिरावट के साथ 78009 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 30 अंक गिरकर 24,336 पर बंद हुआ।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने बताया कि अमेरिका ईरान हंगामे का हल नहीं निकला है। सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच झड़प की वजह से सऊदी अरब से तेल सप्लाय बुरी तरह प्रभावित किया। महंगाई 18 माह के उच्च स्तर पर पहुंची। एफएमसीजी कंपनियों भी 2 से 5 प्रतिशत तक दाम बढ़ा सकती है। आने वाले दिनों में खाद्य तेल के दाम भी बढ़ सकते हैं। बेस मेटल के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। 

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते भी बाजार में कोई बड़ी उठापटक की संभावना नहीं है। बाजार सिमित दायरे में ही रह सकता है। 

 

CAS सिस्टम से उलझे 'निवेशक'

बागौरा ने बताया कि बाजार के लिए यह हफ्ता मिला जुला रहा। CAS सिस्टम लागू होने के बाद भी यह अभी भी लोगों की समझ में नहीं आया है। आखिरी कुछ मिनटों में बाजार में हो रही तेज उठापटक से रिटेल निवेशकों को नुकसान हो रहा है। सेबी ने इस पर निवेशकों और ब्रोकरों से सुझाव और आपत्तियां मंगाई है। 


टाटा संस के चेयरमैन का इस्तीफा

टाटा संस में जारी मतभेदों के बीच एन. चंद्रशेखरन ने चेयरमैन पद छोड़ने का फैसला किया है। वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे। उनका फैसला 18 अगस्त की एजीएम से पहले आया है। चंद्रशेखरन 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। वे टाटा संस के साथ ही टीसीएस, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी प्रमुख कंपनियों की भी कमान संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल में टाटा ग्रुप का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़ा।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

सीएम योगी ने किया बलिदानी वीरों के परिजनों का सम्मान

सीएम योगी ने किया बलिदानी वीरों के परिजनों का सम्मान

CM Yogi honours martyrs families on independence day

  • स्वतंत्रता दिवस पर विधान भवन के समक्ष राजकीय समारोह
  • शौर्य चक्र और वीर चक्र विजेताओं समेत शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक विधान भवन के समक्ष आयोजित राजकीय समारोह में प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा और सम्मान के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले वीर सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता जताई जिनके घर जन्मे वीरों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा किया। ALSO READ: लखनऊ में भव्यता और गरिमा के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की दिखी झलक

 

शौर्य और बलिदान को नमन

समारोह में मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद लेफ्टिनेंट हरी सिंह बिष्ट की माता शांति बिष्ट और शौर्य चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल अमित मोहिंद्रा के पिता एचएस मोहिंद्रा को सम्मानित किया गया। शौर्य चक्र से सम्मानित कर्नल भरत सिंह तथा वीर चक्र से सम्मानित शहीद नायक राजा सिंह की पौत्रवधू राजेश्वरी देवी को भी सम्मान मिला।

 

ऑपरेशन विजय में शहीद मेजर रितेश शर्मा के पिता सत्य प्रकाश शर्मा, वायुयान दुर्घटना में शहीद एनसी पुताली के भाई मुन्नी लाल, ऑपरेशन रक्षक में शहीद नायक अरुण कुमार त्रिपाठी के पिता हवलदार ओमप्रकाश त्रिपाठी और नौसैन्य अभियान में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव की माता प्रजेश यादव को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

 

CM Yogi in independence day program

ऑपरेशन पवन में शहीद राजवीर सिंह की पत्नी सुमन देवी, ऑपरेशन रक्षक में शहीद सिगनलमैन हर्षवर्धन सिंह की पत्नी शमा देवी, सेना मेडल से सम्मानित राजपूत रेजीमेंट के हवलदार पंकज सिंह की पत्नी शक्ति सिंह और सेना मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर प्रभांशु सिंह के बड़े भाई प्रांजल सिंह को भी सम्मानित किया गया।

 

इसके अलावा सीआरपीएफ के शहीद रक्षा राम की पत्नी सीता सुंदरी, शहीद दिवाकर तिवारी की पत्नी संतोष तिवारी और लांस नायक शहीद बचान सिंह की पत्नी मुन्नी देवी को सम्मान प्रदान किया गया। स्वतंत्रता दिवस के इस समारोह में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों और उनके परिवारों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

लखनऊ में भव्यता और गरिमा के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की दिखी झलक

लखनऊ में भव्यता और गरिमा के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की दिखी झलक

yogi adityanath on independence day

  • विधानभवन के सामने वंदे मातरम की गूंज से शुरू हुआ समारोह, सीएम योगी ने फहराया तिरंगा
  • सीएम योगी के सामने कलाकारों ने बिखेरा देशभक्ति और संस्कृति का रंग, पुष्प वर्षा से गूंजा परिसर
  • भगवान राम-सीता और लक्ष्मण की झांकी ने दर्शकों का मोहा मन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरी भव्यता, गरिमा और देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच जब आसमान से पुष्प वर्षा हुई तो दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। पूरा परिसर देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता के संदेश से गूंज उठा।

 

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 9:15 बजे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साथ हुई। भारतखण्डे संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम की शानदार प्रस्तुति देकर वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। इसके बाद 32वीं वाहिनी पीएसी, 35वीं वाहिनी पीएसी और मिलिट्री बैंड ने अनुशासित एवं आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस समारोह की गरिमा बढ़ाई। तिरंगे गुब्बारों को मुख्यमंत्री ने जब आसमान में छोड़ा तो माहौल भारत माता के जयघोष और उत्साह से भर उठा।
 

एक भारत- श्रेष्ठ भारत की दिखी झलक

स्वतंत्रता दिवस समारोह में संस्कृति विभाग की ओर से 'एक भारत- श्रेष्ठ भारत' की भावना को केंद्र में रखते हुए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति के साथ जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार के कलाकारों ने अपनी-अपनी लोक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘छठी मैया’ के लोकगीतों से लेकर विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों तक कलाकारों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर उतार दिया।

 

भगवान राम और माता सीता की झांकी ने मोहा मन

गौरी कला मंडपम ग्रुप की ओर से भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की झांकी प्रस्तुत की गई। वाराणसी की कुमकुम रस्तोगी ने माता सीता, ऋत्विक सिंह ने भगवान राम और आयुष साहू ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई। करीब 16 कलाकारों की टीम ने इस प्रस्तुति को तैयार किया था।

 

कुमकुम रस्तोगी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए बेहद शुभ और गौरवपूर्ण अवसर रहा। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के लिए इतने बड़े मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने से बड़ा अवसर नहीं हो सकता। टीम ने करीब पांच दिनों तक संगीत नाट्य अकादमी में लगातार तैयारी की थी।

 

independence day function in lucknow

कथक एवं लोकनृत्य ने बांधा समां

भारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कथक एवं लोकनृत्य टीम ने भी शानदार प्रस्तुति दी। टीम में 20 प्रतिभागियों ने कथक और छह प्रतिभागियों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। कथक के अंतर्गत तराना प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए करीब पांच दिनों से अभ्यास चल रहा था। भारतखण्डे की टीम को हर वर्ष इस तरह के राष्ट्रीय समारोह में प्रस्तुति देने का अवसर मिलता है। वहीं मथुरा-वृंदावन से आए रवि शंकर ने शंख वादन की प्रस्तुति देकर वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों से रिहर्सल चल रही थी और स्वतंत्रता दिवस के इस बड़े मंच पर प्रस्तुति देकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।

 

छत्तीसगढ़ के 'रेला पाटा' ने दिखाई बस्तर की संस्कृति

छत्तीसगढ़ से आए 19 कलाकारों के दल ने बस्तर की प्रसिद्ध पारंपरिक लोक कला 'रेला पाटा' की प्रस्तुति दी। दल का नेतृत्व कर रहे कुलभूषण चंद्राकर ने बताया कि उनकी टीम करीब एक सप्ताह से प्रस्तुति की तैयारी कर रही थी। अलग-अलग राज्यों के कलाकारों के साथ मिलकर करीब 15 मिनट की प्रस्तुति में रेला पाटा को शामिल किया गया। कुलभूषण ने कहा कि लखनऊ आकर उन्हें बेहद अच्छा लगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि बस्तर में अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती को माता कौशल्या का मायका कहा जाता है और आज उन्हें भगवान राम की धरती उत्तर प्रदेश में आकर प्रस्तुति देने का अवसर मिला है।

 

अरुणाचल और महाराष्ट्र के कलाकारों ने भी दी प्रस्तुति

अरुणाचल प्रदेश से आई नीलम ने बताया कि उनकी टीम ने भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रस्तुति दी और सभी कलाकारों के लिए यह बेहद खुशी एवं गर्व का अवसर रहा है। वहीं महाराष्ट्र से आए बाहुबली राजमान ने बताया कि उनकी 22 सदस्यीय टीम ने करीब एक सप्ताह तक तैयारी की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों के साथ एक मंच पर प्रस्तुति देना बेहद सुंदर अनुभव रहा है। 

 

पुष्प वर्षा और तिरंगे गुब्बारों ने बढ़ाया उत्साह

समारोह के दौरान आसमान से हुई पुष्प वर्षा ने स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को और बढ़ा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगे गुब्बारों को हवा में उड़ाया। इस दृश्य ने वहां मौजूद बच्चों और आम लोगों में खासा उत्साह पैदा किया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और हाथों में तिरंगा पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगता नजर आया। 

 

इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

 

किश्तवाड़ में बड़ा हादसा, चिनाब नदी में गिरी महिंद्रा स्कॉर्पियो; 5 लोगों की मौत

किश्तवाड़ में बड़ा हादसा, चिनाब नदी में गिरी महिंद्रा स्कॉर्पियो; 5 लोगों की मौत

scorpio falls in river

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दच्छन इलाके में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हुआ। याइनवान से साउंडर जा रही महिंद्रा स्कॉर्पियो सड़क से फिसलकर चिनाब नदी में जा गिरी। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि पुलिस और स्थानीय लोग राहत-बचाव व रिकवरी अभियान में जुटे हैं।

 

एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा सुबह उस समय हुआ जब एचआर29एजी-0648 नंबर की गाड़ी याइनवान, डंगदारू से साउंडर की ओर जा रही थी और सड़क से फिसलकर चिनाब नदी में गिर गई।
 

उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम स्थानीय लोगों के साथ जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और बचाव व रिकवरी का काम शुरू किया।

 

अधिकारी ने कहा कि अब तक दुर्घटना स्थल से पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि गाड़ी में सवार लोगों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। मृतकों की पहचान और अन्य विवरण का पता लगाया जा रहा है।

 पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है और बचाव व रिकवरी का काम जारी है।

कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर घमासान! राहुल-सोनिया के इशारे पर भाजपा का हमला, कांग्रेस ने दी सफाई

कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर घमासान! राहुल-सोनिया के इशारे पर भाजपा का हमला, कांग्रेस ने दी सफाई

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स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम’ के गायन पर सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से के बाद भी गायन जारी रखा। इसी दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी की ओर से गायन रोकने का इशारा किया गया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने इसे नहीं रोका। ALSO READ: लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगातार दूसरे साल नहीं पहुंचे खरगे और राहुल गांधी, क्या सीट विवाद है वजह?

 

कांग्रेस सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष लालजी देसाई ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए गायन पूरा कराया। कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी और सोनिया गांधी की देसाई के साथ बातचीत भी हुई।

 

राहुल-सोनिया ने रूकने का इशारा किया

कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन तय हिस्से से आगे बढ़ने पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने इसे बीच में रोकने का संकेत दिया। हालांकि, लालजी देसाई ने दोनों नेताओं को समझाया कि गायन जारी रखा जाए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ‘वंदे मातरम’ पूरा गाया। बाद में राहुल गांधी और सोनिया गांधी देसाई से इस मुद्दे पर चर्चा करते नजर आए।

 

भाजपा ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया 

भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के गायन को रोकने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस के शासनकाल में भी ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर विवाद सामने आए हैं। पार्टी ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं होने को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए।

 

सोनिया गांधी गीत नहीं, खरगे के लिए कह रही थीं

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बैठने के लिए कह रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे। कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को गलत तरीके से पेश किया गया घटनाक्रम बताया।

डायस्पार्क स्कूल परिसर में मना स्वतंत्रता दिवस, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

डायस्पार्क स्कूल परिसर में मना स्वतंत्रता दिवस, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

diaspark school independence day

इंदौर के बाबू लाभचंद छजलानी मार्ग स्थित वेबदुनिया-डायस्पार्क परिसर में हर वर्ष की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में धूमधाम से मनाया गया। समारोह में डायस्पार्क स्कूल के विद्यार्थियों ने भी विभिन्न प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया।

 

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर डायस्पार्क स्कूल के डायरेक्टर श्री विनय छजलानी, श्रीमती सुनीता छजलानी सहित संस्था के अधिकारी, कर्मचारी और बच्चों के परिजन मौजूद रहे। सभी ने एक साथ स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया और देश के प्रति अपने सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की।

 

समारोह के दौरान कंपनी के सुरक्षा गार्डों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इसके बाद सुरक्षा गार्डों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ देखा। पूरे परिसर में देशभक्ति और उत्सव का माहौल नजर आया।

 

कार्यक्रम के दौरान संयुक्त फोटो सेशन भी हुआ। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। समारोह ने कर्मचारियों, विद्यार्थियों और उनके परिवारों को एक साथ जोड़ते हुए राष्ट्रीय पर्व की खुशी को साझा करने का अवसर दिया।

झारखंड में धूमधाम से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, हेमंत सोरेन ने रांची में किया ध्वजारोहण

झारखंड में धूमधाम से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, हेमंत सोरेन ने रांची में किया ध्वजारोहण

CM hemant soren

झारखंड में शनिवार को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची तो राज्यपाल संतोष गंगवार ने दुमका में ध्वजारोहण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

 

झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में राजकीय समारोह में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण करने के बाद लोगों को भी संबोधित किया। 

 

सोरेन ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आज मोरहाबादी मैदान, रांची में आयोजित राजकीय समारोह में ध्वजारोहण, परेड का निरीक्षण एवं अपने महान राज्य की जनता को संबोधित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जय हिन्द। जय झारखण्ड!

राज्य के डीजीपी ने स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड पुलिस की उपलब्धियां गिनाईं, जिसमें 103 नक्सलियों और 486 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी प्रमुख है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के कल्याण, आधुनिकीकरण और डायल-112 के बेहतर रिस्पांस टाइम पर भी प्रकाश डाला।