सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 7 श्रद्धालुओं की मौत

सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 7 श्रद्धालुओं की मौत

ashokdham temple stampede

श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव और नाग देवता के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। इस बीच बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 6 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

 

नाग पंचमी और सावन सोमवार के अवसर पर अशोक धाम मंदिर में भारी भीड़ जुटी थी। सोमवार की सुबह मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे कांवरियों के बीच पोल में करंट प्रवाहित होने की अफवाह फैल गई। इसके बाद श्रद्धालुओं में अचानक अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए।

 

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

 

लखीसराय रेलवे स्टेशन से 6 किलोमीटर दूर स्थित अशोकधाम में वैसे तो हमेशा ही भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन सावन और महाशिवरात्रि पर दूर दूर श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाने आते हैं। इसे बिहार का देवघर भी कहा जाता है। 

बताया जाता है कि 7 अप्रैल 1977 को, अशोक नामक एक लड़के ने जमीन के नीचे विशालकाय शिवलिंगम की खोज की जब वह खेल रहा था। 11 फरवरी 1993 को, जगन्नाथपुरी के शंकराचार्य ने मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण का उद्घाटन किया था।

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

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Top News 17 August : नाग पंचमी और श्रावण के तीसरे सोमवार को मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दिल्ली मार्च के तैयारी में जुटे किसान। NTA ने यूजीसी नेट की रिएक्जाम का कार्यक्रम जारी किया। AI बॉस ने मांगा लेट आने वाले कर्मचारी का इस्तीफा। CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत हो गई। 17 अगस्त की बड़ी खबरें: 

 

नाग पंचमी और श्रावण का तीसरा सोमवार

श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं का तांता। नाग पंचमी पर उज्जैन के महाकालेश्वर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी रात 12 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खुला। साल भर में केवल एक दिन ही यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। ALSO READ: नाग पंचमी पर असली नाग नहीं बल्कि इस तरह नाग बनाकर करते हैं पूजा, जानिए संपूर्ण विधि

 

दिल्ली मार्च की तैयारी में किसान

किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर बिताई रात। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील की कि वे भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने दें।

 

UGC-NET: NTA फिर लेगा 3 विषयों की परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। ALSO READ: NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

 

AI बॉस ने मांगा इस्तीफा

सैन फ्रांसिस्को में एआई से चलने वाली प्रयोगात्मक दुकान एंडॉन मार्केट में AI प्रबंधक ‘लूना’ ने एक मानव कर्मचारी को नौकरी से निकालने की सिफारिश की। कर्मचारी 23 शिफ्ट में 17 बार देर से काम पर पहुंचा था। हालांकि अंतिम फैसला AI ने अकेले नहीं लिया।

 

CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी के अभियान से जुड़े एक कार्यकर्ता के पिता की मौत हो गई। सीजेपी ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का आरोप लगाया है। सीएम शुभेंदु अधिकरी ने कहा है कि तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस दो अन्य की तलाश कर रही है। उन्होंने मामले में पूरा इंसाफ होने का भरोसा भी दिलाया।

‘वंदे मातरम’ विवाद के बाद सोनिया और राहुल की बढ़ी मुश्किलें, दोनों के खिलाफ थाने में दर्ज हुई FIR, मामले पर क्‍या बोले बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज?

'वंदे मातरम' विवाद के बाद सोनिया और राहुल की बढ़ी मुश्किलें, दोनों के खिलाफ थाने में दर्ज हुई FIR, मामले पर क्‍या बोले बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज?

Sonia Gandhi and Rahul Gandhi face mounting difficulties following Vande Mataram controversy

एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्‍ली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसी तरह की एफआईआर कर्नाटक में भी दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' के गायन में जानबूझकर व्यवधान डाला गया। एफआईआर के बाद सोनिया और राहुल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में हुआ क्या था?

इससे पहले कर्नाटक के मेंगलुरु में भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। भाजपा नेता विकास पुत्तुर ने कहा कि हमने और पूरे देश ने देखा कि वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को वंदे मातरम रोकने के लिए कह रही थीं और उन्हें निर्देश दे रही थीं। वंदे मातरम् के अपमान के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने पश्चिम बंगाल समेत देशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 

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मामले पर बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज ने की यह मांग

इससे पहले वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखकर उनसे बिना शर्त माफी मांगने की अपील की। चटर्जी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका पर जोर दिया। चटर्जी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर बेचैनी थी और इसे रोकने की बार-बार कोशिशें की गईं। 

 

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लगाया यह आरोप

बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सोनिया गांधी ने जो किया, वह राष्ट्रगीत और उसके रचयिता दोनों का अपमान है। इसके लिए कांग्रेस नेता को माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोनिया गांधी ने जो किया, उससे पूरा पश्चिम बंगाल आक्रोशित है।

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विवाद पर भाजपा नेता और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती का बयान

कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के अपमान के बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, वंदे मातरम् देश का प्राण है। जन गण मन हमारे देश की आत्मा है। इसके बारे में हम इससे ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे।

 

मामले पर क्‍या बोली कांग्रेस?

हालांकि कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने साफ कर दिया है कि सोनिया गांधी माफी नहीं मांगेंगीं। अल्वी ने कहा है कि सोनिया गांधी के माफी मांगने का सवाल ही नहीं है।

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क्या है मामला?

दरअसल कांग्रेस के एक कार्यक्रम का वीडियो सामने आया है जिसमें सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात करते हुए दिख रही हैं, जबकि बैकग्राउंड में वंदे मातरम् बज रहा है। इसके बाद गांधी और खरगे गाना रोकने का इशारा करते हुए दिखाई देते हैं। इसी वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा ने इसे राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम' का अपमान बताया है।

NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

Major decision by National Testing Agency regarding UGC NET exam

UGC-NET Examination 2026 : यूजीसी नेट (UGC-NET) परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लिया है। NTA ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। एनटीए के मुताबिक, अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्न पत्रों में गलतियों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद एनटीए ने एक समिति बनाकर इन प्रश्न पत्रों की जांच कराई। जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां मिली हैं।

यूजीसी नेट (UGC-NET) परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लिया है। NTA ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। एनटीए के मुताबिक, अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्न पत्रों में गलतियों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं।

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इसके बाद एनटीए ने एक समिति बनाकर इन प्रश्न पत्रों की जांच कराई। जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां मिली हैं। एनटीए के मुताबिक, अभ्यर्थियों पर कोई अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा।

एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा का आयोजन 22 से 30 जून 2026 के बीच 87 विषयों में किया गया था। यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी। एनटीए ने इन विषयों की पुनर्परीक्षा का शेड्यूल जारी किया है।

कब होगी दोबारा परीक्षा?

अंग्रेजी: 9 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

कॉमर्स: 9 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक

समाजशास्त्र: 10 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

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अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र, शहर और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी अलग से आधिकारिक वेबसाइट पर दी जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे केवल https://nta.ac.in और https://ugcnet.nta.nic.in तथा NTA की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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84 विषयों की अनंतिम उत्तर कुंजी जारी

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आज यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा के 84 विषयों की अनंतिम उत्तर कुंजी जारी कर दी। एनटीए ने कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत होने पर 16 अगस्त से 18 अगस्त रात 11:59 बजे तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। अभ्यर्थियों को आपत्ति जताने के लिए प्रति प्रश्न 200 रुपए का शुल्क देना होगा। शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त रात 11:59 बजे तक है।

पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर ने लगाई फांसी, TMC दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव, मामले पर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर ने लगाई फांसी, TMC दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव, मामले पर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

Death of former West Bengal Deputy Speaker Ashish Banerjee

Former Deputy Speaker Ashish Banerjee Death Case : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी का शव रविवार यानी आज सुबह रामपुरहाट में उनके आवास के करीब स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया। आशीष बनर्जी साल 2001 से 2026 तक लगातार 5 बार रामपुरहाट सीट से विधायक रहे और राज्य के पूर्व डिप्टी स्पीकर का पद भी संभाल चुके थे। पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पूर्व टीएमसी विधायक आशीष बनर्जी की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताया है। बनर्जी ने कहा, आशीष बनर्जी पर लगातार दबाव डाला गया और बार-बार बदनाम किया गया।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी का शव रविवार यानी आज सुबह रामपुरहाट में उनके आवास के करीब स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया। आशीष बनर्जी साल 2001 से 2026 तक लगातार 5 बार रामपुरहाट सीट से विधायक रहे और राज्य के पूर्व डिप्टी स्पीकर का पद भी संभाल चुके थे। हालिया विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को भाजपा के उम्मीदवार ध्रुव साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

एक पेज का सुसाइड नोट बरामद

घटनास्थल से रामपुरहाट थाना पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिससे राज्य की राजनीति में खलबली मच गई है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मौत के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने लिखा कि जीवन के इस मोड़ पर उन्हें महसूस हो रहा है कि राजनीति के मैदान में कदम रखना उनकी सबसे बड़ी भूल थी।

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पत्र में उन्होंने तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में खुद को हाशिए पर धकेले जाने और अपनी बेदाग छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिशों का जिक्र किया। उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि भ्रष्टाचार से पूरी तरह दूर रहने के बावजूद उन्हें अपमानित होना पड़ा। उन्होंने अपने परिजनों और आने वाली पीढ़ियों को भविष्य में कभी भी राजनीति में शामिल न होने की नसीहत दी है।

रामपुरहाट पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। आशीष बनर्जी ने जुलाई 2021 से मई 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में 13वें डिप्टी स्पीकर के तौर पर काम किया। रामपुरहाट में जन्मे बनर्जी ने बर्दवान यूनिवर्सिटी से PhD की थी और रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर भी काम किया था।

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आशीष बनर्जी ने जून में तृणमूल की बीरभूम ज़िला कोर कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, हालांकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह पार्टी के आम सदस्य बने रहेंगे। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के हट्टालापारा मोहल्ले में रहते थे। पार्टी दफ्तर में शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। 

 

मामले पर ममता बनर्जी ने दिया यह बयान

पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पूर्व टीएमसी विधायक आशीष बनर्जी की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताया है। ममता बनर्जी ने कहा कि जनता की सेवा के अपने लंबे रिकॉर्ड के बावजूद आशीष को जिस परेशानी और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, उससे हम सभी को रुककर लगातार राजनीतिक दुश्मनी की इंसानी कीमत पर सोचने पर मजबूर होना चाहिए।

ममता बनर्जी ने कहा कि इस अनुभवी नेता की अचानक मौत से वह बहुत परेशान हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि बनर्जी विनम्र थे और उनका न केवल रामपुरहाट के लोगों के साथ बल्कि पूरे जिले के लोगों के साथ भी गहरा रिश्ता था। उन पर लगातार दबाव डाला गया और बार-बार बदनाम किया गया।

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ममता बनर्जी ने कहा, यह दुखद घटना इसलिए और दर्दनाक हो गई है, क्योंकि ऐसा लगता है कि अपने आखिरी दिनों में उन्हें बहुत ज्यादा मानसिक और इमोशनल तनाव सहना पड़ा। बनर्जी ने कहा, उनके परिवार, प्रियजनों, पुराने छात्रों और अनगिनत चाहने वालों के लिए मेरी दिल से दुआएं और संवेदनाएं। उनकी कमी हमेशा बहुत महसूस होगी।

1857 की महानायक रानी अवंती बाई की 196वीं जयंती : CM योगी आदित्यनाथ ने अर्पित की श्रद्धांजलि, बोले- उनका बलिदान देशवासियों को प्रेरणा देता है

1857 की महानायक रानी अवंती बाई की 196वीं जयंती : CM योगी आदित्यनाथ ने अर्पित की श्रद्धांजलि, बोले- उनका बलिदान देशवासियों को प्रेरणा देता है

Chief Minister Yogi Adityanath paid floral tributes on birth anniversary of Veerangana Rani Avanti Bai Lodhi

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा को अर्पित की पुष्पांजलि 

– देश की आजादी के लिए वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा

– वीरांगनाओं के नाम पर किए गए कार्यों के पीछे का ध्येय है महिलाओं की सुरक्षा

– तीनों महिला पीएसी बटालियन में स्थापित हो रही वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमा

– 2017 में यूपी पुलिस में थीं 10 हजार महिलाएं, अब संख्या 45 हजार से अधिक

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सीएम ने उन्हें भारत की आजादी के प्रथम स्वातंत्र्य समर 1857 की महान क्रांतिकारियों में से एक बताया। कहा कि वीरांगनाओं का योगदान, तप, त्याग और बलिदान हम सभी को प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उनकी 196वीं जयंती है। वर्ष 1857 में वे मात्र 27 वर्ष की थीं। इस छोटी आयु में उन्होंने आजादी के संघर्ष में बलिदान कर मिसाल प्रस्तुत की। आजादी के लिए उनका बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा है। 

 

वीरांगना रानी अवंती बाई के योगदान के लिए हर भारतवासी  है नतमस्तक

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी भारत की आजादी की उन महान नायिकाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने में कोई कोताही नहीं बरती। वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के लिए युद्ध को लड़ा गया, हर व्यक्ति आज भी बड़ी श्रद्धा से उनकी स्मृतियों को नमन करता है। उनके योगदान के लिए हर भारतवासी नतमस्तक है। 

Chief Minister Yogi Adityanath paid floral tributes on birth anniversary of Veerangana Rani Avanti Bai Lodhi

तीनों महिला पीएसी बटालियन में वीरांगनाओं की लग रही अश्वारोही प्रतिमा

सीएम योगी ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का आदर्श उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा बन सके, इसके लिए हमारी सरकार ने यूपीपीएसी की तीन नई महिला बटालियन के गठन के कार्य को बढ़ाया और इनका नामकरण/गठन इन्हीं वीरांगनाओं के नाम पर किया। बदायूं में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर पीएसी की नई वाहिनी का गठन किया। यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

वहां वीरांगना रानी अवंती बाई की अश्वारोही प्रतिमा की स्थापना की कार्रवाई अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर महिला पीएसी की गठित बटालियन का कार्य भी युद्धस्तर पर आगे बढ़ा है। गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर पीएसी की नई बटालियन का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। इन दोनों बटालियन में भी वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाओं का कार्य आगे बढ़ा है। 

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बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश में मातृशक्ति की सुरक्षा के प्रश्न उभरते थे, इन वीरांगनाओं के नाम पर किए गए कार्य के पीछे का ध्येय यही है कि उन प्रश्नों पर छाए बादल समाप्त हों। बेटी सुरक्षित हो और सम्मान के साथ सिर उठाकर समाज के प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर सके। उसके स्वावलंबन के लिए शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकें। इसी विश्वास के साथ डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में कार्यक्रमों को बढ़ाया है। 

 

2017 में यूपी पुलिस में थीं 10 हजार महिलाएं, अब संख्या 45 हजार से अधिक 

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य हुई। 2017 में उत्तर प्रदेश के पुलिस बल में महिलाओं की संख्या मात्र 10 हजार थी, वह संख्या बढ़कर अब 45 हजार से ऊपर पहुंच चुकी है। नारी केवल नारा नहीं है, बल्कि नारी के गौरव की रक्षा हो रही है, जिससे वे सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ आत्मनिर्भर व विकसित भारत के सपनों को साकार करने में अपना योगदान दे सकें।  

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इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी आदि ने भी वीरांगना अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया।

भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, दिव्यास्त्र Mk3 का हुआ सफल टेस्ट, जानिए स्‍वदेशी ड्रोन की खासियत

भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, दिव्यास्त्र Mk3 का हुआ सफल टेस्ट, जानिए स्‍वदेशी ड्रोन की खासियत

India's big leap in defense sector, Successful test of Divyastra Mk3 conducted

Successful test of Divyastra Mk3 conducted : भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत में ही तैयार जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन 'दिव्यास्त्र एमके3' ने सफल उड़ान भरी है। लखनऊ की कावा यूएवी प्राइवेट लिमिटेड (HoverIt) ने इसका सफल परीक्षण किया। ब्रह्मोस की सफलता के बाद स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लखनऊ बेस कावा यूएवी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने भारत में विकसित अगली पीढ़ी के जेट-पावर्ड लॉइटरिंग म्यूनिशन 'दिव्यास्त्र Mk3' की पहली सफल उड़ान पूरी की है।

कंपनी के मुताबिक, यह उड़ान 11 अगस्त 2026 को हुई। इसे किसी तय लक्ष्य पर सटीक हमला करने के लिए बनाया गया है। इसकी पूरी तकनीक भारत में ही तैयार की गई है। महज एक साल में 100 फीसदी स्वदेशी तकनीक से तैयार यह हथियार सटीक स्ट्राइक में सक्षम है। भारत ने बड़े स्तर पर और तेजी से यह साबित किया है कि वह अपने देश के अंदर ही जेट इंजन से चलने वाली सटीक हमला करने वाली प्रणाली को तैयार कर सकता है और उसे उड़ा सकता है।

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इस ड्रोन हथियार ने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया है जो अपने दम पर अत्याधुनिक जेट-संचालित प्रेसिजन स्ट्राइक सिस्टम तैयार कर सकते हैं। दिव्यास्त्र Mk3 भारत का पहला ऐसा स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन है जो जेट इंजन से संचालित होता है। कावा यूएवी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सह-संस्थापकों ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षण उड़ान नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन है।

 

क्या होता है आत्मघाती ड्रोन (लोइटरिंग म्यूनिशन)

लोइटरिंग म्यूनिशन एक बहुत ही एडवांस और घातक हथियार प्रणाली है, जिसे आत्मघाती ड्रोन या फिर कामिकाजी ड्रोन कहा जाता है। मिसाइलों के विपरीत, जिन्हें लांच करते ही तुरंत किसी फिक्स टारगेट पर दागा जाता है। यह ड्रोन हवा में उड़ते हुए काफी देर तक दुश्मन के इलाके के ऊपर मंडरा सकता है, जब तक कि इसे कोई सटीक टारगेट नहीं मिलता।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यूएलपीजीएम-वी3 के सफल विकास परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, सरकारी रक्षा कंपनियों, रक्षा और उत्पादन से जुड़े साझेदारों और निजी उद्योग को बधाई दी। राजनाथ सिंह ने इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हासिल हुई एक रणनीतिक बड़ी उपलब्धि बताया। 

सहज-सरल, लेकिन इरादों के ‘अटल’ थे पूर्व प्रधानमंत्री : योगी आदित्यनाथ

सहज-सरल, लेकिन इरादों के 'अटल' थे पूर्व प्रधानमंत्री : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath paid floral tributes to former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee on his death anniversary

– भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय अध्‍यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, नेता सदन, प्रधानमंत्री समेत किसी भी पद पर रहे हों, अटल जी के लिए सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ रहा

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अटलजी का 6 दशक का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत रत्न’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा निवेदित करते हुए लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी का छह दशक का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा। वह भारतीय राजनीति के अजातशत्रु के रूप में ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के भाव के साथ निरंतर कार्य करते रहे।

 

भारतीय राजनीति के अजातशत्रु 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी का छह दशक का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा। वह भारतीय राजनीति के अजातशत्रु के रूप में ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के भाव के साथ निरंतर कार्य करते रहे। सार्वजनिक जीवन की शुरुआत उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर में धारा-370 लगाए जाने के विरोध में सत्याग्रह से प्रारंभ की थी। 

 

दल से ऊपर उठकर देश को दिया महत्व 

सीएम योगी ने कहा कि सांसद, विदेश मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, जनसंघ व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री की अलग-अलग भूमिकाओं में भी उनके लिए सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ रहा। वह भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय अध्य़क्ष, नेता प्रतिपक्ष, नेता सदन, प्रधानमंत्री समेत किसी भी पद पर रहे हों, लेकिन उनका जीवन का ध्येय केवल ‘राष्ट्र प्रथम’ था। जब-जब भी आवश्यकता पड़ी, उन्होंने दल से ऊपर देश को महत्व दिया। 

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राष्ट्र की सुरक्षा में अटल जी का योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जब देश पर इमरजेंसी थोपी थी तो उन्होंने जनसंघ का जनता पार्टी में विलय करते हुए आपातकाल से मुक्ति के आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया था। 1962, 1965, 1971 के युद्ध में उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की बजाय सरकार के साथ जिम्मेदार सांसद के रूप में खड़े होकर राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दिया। 

 

राजनीतिक अस्थिरता रोकने में भूमिका

सीएम ने कहा कि भारत की राजनीति में अस्थिरता के दौर को रोकने और राजनीतिक स्थिरता के माध्यम से सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कैसे कदम उठाए जा सकते हैं, अटल जी ने राजनीतिक समन्वय के माध्यम से 1996-98 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का निर्माण करके जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आज भी भारत की राजनीति में प्रासंगिक बना हुआ है। एनडीए भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सहयोगी दलों के साथ मिलकर निरंतर देश, राज्यों के अंदर विभिन्न सरकारों का संचालन करते हुए सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है। 

 

सहज-सरल, लेकिन इरादों के ‘अटल’ थे पूर्व प्रधानमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी जितने ही सहज व सरल थे, उतने ही इरादों के ‘अटल’ भी थे। कारगिल संघर्ष के दौरान दुनिया ने अटल जी के दृढ़संकल्प का लोहा माना। उस समय अटल जी ने कहा था कि हम पर युद्ध थोपा गया है, जिसका हम मुंहतोड़ जवाब देंगे। दुनिया की हर ताकत के सामने झुके बिना अटल जी ने भारत को एटॉमिक पावर के रूप में स्थापित किया। 

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अटल जी ने प्रधानमंत्री के रूप में मनवाया यशस्वी शासन का लोहा

सीएम योगी ने कहा कि अटल जी को पहली बार 1957 में उत्तर प्रदेश की बलरामपुर संसदीय सीट से संसद में जाने का अवसर मिला। उन्होंने पांच बार लखनऊ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। नेता विरोधी दल व प्रधानमंत्री के रूप में यशस्वी शासन का लोहा मनवाया। आज पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृतियों को नमन कर रहा है। 

 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य अवनीश सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

पाप माफ नहीं होगा, वंदे मातरम् विवाद पर अमित शाह का सोनिया गांधी पर साधा निशाना

पाप माफ नहीं होगा, वंदे मातरम् विवाद पर अमित शाह का सोनिया गांधी पर साधा निशाना

amit shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम् को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को बीच में रोकने के लिए सोनिया गांधी ने पार्टी अध्यक्ष से कहा। उन्होंने इसे देश की जनता के साथ किया गया ऐसा 'पाप' बताया, जिसे कभी माफ नहीं किया जाएगा।

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चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर 'बेशर्मी' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में कांग्रेस मुख्यालय पर वंदे मातरम् का गायन चल रहा था और इसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से इसे रोकने के लिए कहा।

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अमित शाह बोले- 140 करोड़ लोग आपको देख रहे हैं

 

अमित शाह ने कहा कि सोनिया गांधी को याद रखना चाहिए कि देश के 140 करोड़ लोग उन्हें देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् को अधूरा छोड़ने की कोशिश देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

 

शाह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस मामले पर शर्म महसूस करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से देश की जनता और वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगने की भी मांग की।

 

BJP ने लगाया वंदे मातरम् के अपमान का आरोप

 

यह विवाद कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के कुछ दृश्यों के सामने आने के बाद शुरू हुआ। इन दृश्यों को लेकर भाजपा नेताओं ने दावा किया कि वंदे मातरम् के गायन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आपस में बातचीत करते नजर आए।

 

भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने वंदे मातरम् के पूरे गायन पर आपत्ति जताई और शुरुआती पंक्तियां गाए जाने के बाद कथित तौर पर इसे रोकने के लिए कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी ने इसे समाप्त करने का संकेत दिया था।

कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज

 

हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी की गतिविधियों का वंदे मातरम् का गायन रोकने से कोई संबंध नहीं था। कांग्रेस के मुताबिक, वह कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सही तरीके से आयोजन और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं।

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शाह बोले- वोट बैंक की राजनीति के कारण वंदे मातरम् भूल गई कांग्रेस

 

अमित शाह ने इस विवाद को कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि पार्टी “वोट बैंक की राजनीति के कारण वंदे मातरम् को भूल गई है।” स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई के दौरान हजारों लोगों ने वंदे मातरम् गाने के लिए गोलियां, लाठियां और जेल की यातनाएं झेलीं। उन्होंने कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी लाल किले समेत उन सभी स्थानों पर वंदे मातरम् गाया गया, जहां स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया।

वाराणसी एयरपोर्ट पर Air India Express यात्री की पिस्तौल से चली गोली, 2 स्क्रीनर्स घायल

वाराणसी एयरपोर्ट पर Air India Express यात्री की पिस्तौल से चली गोली, 2 स्क्रीनर्स घायल

उत्तरप्रदेश के वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की मुंबई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने पहुंचे एक यात्री की पिस्तौल स्क्रीनिंग के दौरान अचानक चल गई। हादसे में AAICLAS के दो स्क्रीनर्स घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्री आजमगढ़ का रहने वाला है और अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचा था। दोनों को एयर इंडिया एक्सप्रेस की IX-1810 फ्लाइट से वाराणसी से मुंबई जाना था।

 

हथियार की जांच के दौरान अचानक चली गोली

 

यात्री ने विमान में ले जाने के लिए हथियार होने की जानकारी दी थी। इसके बाद AAICLAS के स्क्रीनर्स ने पिस्तौल की जांच शुरू की। इसी दौरान हथियार से अचानक एक राउंड फायर हो गया। हादसे में एक पुरुष सुरक्षा कर्मचारी के हाथ में चोट लगी, जबकि महिला कर्मचारी के घुटने के ऊपर चोट आई है।

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दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

 

वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि घटना 16 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हुई। उन्होंने कहा कि यात्री अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली IX-1810 फ्लाइट से यात्रा करने वाला था और उसने विमान में ले जाने के लिए हथियार होने की जानकारी दी थी। एयरपोर्ट निदेशक के मुताबिक, हथियार की जांच के दौरान गलती से एक राउंड फायर हो गया, जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए। दोनों को तत्काल न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।