
श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव और नाग देवता के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। इस बीच बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 6 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित
नाग पंचमी और सावन सोमवार के अवसर पर अशोक धाम मंदिर में भारी भीड़ जुटी थी। सोमवार की सुबह मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे कांवरियों के बीच पोल में करंट प्रवाहित होने की अफवाह फैल गई। इसके बाद श्रद्धालुओं में अचानक अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए।
लखीसराय,अशोक धाम मंदिर में बड़ा हादसा*
*अशोक धाम मंदिर में मची भगदड़, 7 की मौत*
*भगदड़ में 12 श्रद्धालु घायल*
*सभी घायलों को भेजा गया सदर अस्पताल*
भीड़ अधिक होने और बैरिकेडिंग टूटने से भगदड़
प्रशासन के अधिकारी और पुलिस जवान मौजूद
तीसरी सोमवारी को लेकर उमड़ी है भीड़ pic.twitter.com/kQnziZ8hY1— Shakti Singh/शक्ति सिंह (@singhshakti1982) August 17, 2026
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
लखीसराय रेलवे स्टेशन से 6 किलोमीटर दूर स्थित अशोकधाम में वैसे तो हमेशा ही भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन सावन और महाशिवरात्रि पर दूर दूर श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाने आते हैं। इसे बिहार का देवघर भी कहा जाता है।
बताया जाता है कि 7 अप्रैल 1977 को, अशोक नामक एक लड़के ने जमीन के नीचे विशालकाय शिवलिंगम की खोज की जब वह खेल रहा था। 11 फरवरी 1993 को, जगन्नाथपुरी के शंकराचार्य ने मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण का उद्घाटन किया था।


