झारखंड सरकार ने छात्रों की बात मानी, JSSC-CGL परीक्षा रद्द, 2014 से हुई सभी गड़बड़ियों की होगी जांच

झारखंड सरकार ने छात्रों की बात मानी, JSSC-CGL परीक्षा रद्द, 2014 से हुई सभी गड़बड़ियों की होगी जांच

jharkhand cm hemant soren on student protest

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कहा कि राज्य कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। झारखंड में काफी समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को सरकार ने मान लिया है जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र जश्न मनाते नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक हुई छोटी-बड़ी सभी तरह की गड़बड़ियों की व्यापक जांच कराई जाएगी।

ALSO READ: Jio Prime : ₹300 में सालभर रिचार्ज की टेंशन खत्म! 20 अगस्त से मिलेगा सब्सक्रिप्शन, ₹299 वाला प्लान रहेगा जारी

हेमंत सोरेन ने कहा कि आज कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 2014 से अब तक हुई सभी छोटी-बड़ी त्रुटियों और अनियमितताओं की व्यापक जांच की जाएगी।”

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से MMDR Act में किए गए संशोधनों को लेकर भी जल्द बैठक की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।

devendra nath mahto in jharkhand student protest

उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इस विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श करेगी और आवश्यकता पड़ने पर विशेष सत्र बुलाकर केंद्र सरकार के संशोधनों पर चर्चा की जाएगी। सोरेन ने कहा कि सरकार रिफॉर्म में पारदर्शिता के साथ काम करेगी। परीक्षा कैसे होनी चाहिए इसका पहले से ही SOP बना हुआ है। अगर SOP का पालन होता तो ये गड़बड़ियां नहीं होती। उस रिफॉर्म में कुछ और बेहतर चीजें जोड़ी जाएंगी। रिफॉर्म के लिए IAS अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। 

योगी सरकार का PRD जवानों को बड़ा तोहफा, ₹3,000 वर्दी भत्ता से लेकर कैशलेस मेडिकल कार्ड तक, लखनऊ में बनेगी बहुमंजिला बैरक

योगी सरकार का PRD जवानों को बड़ा तोहफा, ₹3,000 वर्दी भत्ता से लेकर कैशलेस मेडिकल कार्ड तक, लखनऊ में बनेगी बहुमंजिला बैरक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार (18 अगस्त) को गोरखपुर से प्रदेशभर के पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों पर उपहारों की बौछार करेंगे। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन को संबोधित करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री इन जवानों के लिए 3000 रुपए वर्दी भत्ता की धनराशि उनके खातों में अंतरित करेंगे। इसके साथ ही वह पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड का वितरण कर ‘मुख्यमंत्री पीआरडी परिवार कल्याण योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी करेंगे। 

 

पीआरडी जवानों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदैव संवेदनशील पहल करते रहे हैं। इन जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ाने का श्रेय भी सीएम योगी को ही है। पहले इन जवानों को 395 रुपए ड्यूटी भत्ता मिलता था जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिदिन कर दिया। अब सरकार उनका वर्दी भत्ता भी बढ़ा रही है। साथ ही इलाज संबंधी चिंताओं से मुक्त करते हुए जवानों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी उपलब्ध होने जा रहा है। वृद्धि के साथ वर्दी भत्ता की धनराशि का बैंक खातों में अंतरण और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ मंगलवार (18 अगस्त) को पूर्वाह्न 11 बजे से गोरखपुर में आयोजित पीआरडी जवान सम्मेलन में सीएम योगी द्वारा किया जाएगा।   

 

उल्लेखनीय है कि 1948 में गठित प्रांतीय रक्षक दल के जवान (स्वयंसेवक) थानों, यातायात व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करने के साथ विभिन्न शासकीय कार्यालयों, धार्मिक स्थलों और बड़े आयोजनों में ड्यूटी कर सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाने रखने में सहयोग करते हैं। पर, योगी सरकार से पहले ये जवान उपेक्षा के शिकार बने रहते थे। 

 

31 हजार से अधिक स्वयंसेवक हैं पंजीकृत

वर्तमान में 821 ग्रामीण कंपनियों (विकास खंड स्तर पर) का गठन प्रदेश के समस्त जनपदों में है। विभागीय पोर्टल पर 31,130 पीआरडी जवान पंजीकृत हैं, जिसमें से 2,500 महिला स्वयंसेवक हैं। 29,000 से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक कार्यरत हैं, जिसमें से 2,000 महिला स्वयंसेवक हैं। इसके साथ ही वर्तमान में पहली बार प्रदेश के 11 बड़े नगरों लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर नगर, बरेली, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद एवं गौतमबुद्धनगर में शहरी कम्पनी की स्थापना का प्रावधान किया गया है।

UP Divyang Employment : योगी सरकार की बड़ी पहल, 11 दिन में 75 जिलों के 1,559 दिव्यांगजनों को मिला रोजगार

UP Divyang Employment : योगी सरकार की बड़ी पहल, 11 दिन में 75 जिलों के 1,559 दिव्यांगजनों को मिला रोजगार

योगी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में 3 से 13 अगस्त तक चलाए गए ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 75 जिलों में 11 दिन तक चले विशेष अभियान के दौरान प्रदेशभर में आयोजित रोजगार मेलों, प्लेसमेंट ड्राइव और स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से 1,559 दिव्यांगजन रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े। अभियान के जरिए दिव्यांगजनों को नौकरी के अवसर देने के साथ-साथ उन्हें अपना रोजगार शुरू करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से भी जोड़ा गया।

 

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांगजन रोजगार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन रोजगार अभियान केवल नौकरी देने का माध्यम नहीं, बल्कि दिव्यांग युवाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने की पहल है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जोड़कर हम उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रहे हैं।

 

अभियान में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार पर विशेष फोकस किया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 538 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए। विभिन्न जिलों में दिव्यांगजनों को छोटे उद्यम शुरू करने के लिए ऋण और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई तथा पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की गई। दिव्यांगजनों को मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिशियन, सिलाई-कढ़ाई, जन सेवा केंद्र, डेयरी और पशुपालन जैसे विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा गया।

 

अभियान के तहत विभिन्न जनपदों में रोजगार कैंप, प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। इनमें निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भाग लेकर दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। कई कंपनियों ने मौके पर ही अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें जॉइनिंग लेटर प्रदान किए। हेल्थकेयर, फाइनेंस, इंश्योरेंस, टेलीकॉम सहित विभिन्न क्षेत्रों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव, हेल्थकेयर असिस्टेंट, ड्रेसर, टेलीकॉलर, मशीन ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और हेल्पर जैसे पदों पर रोजगार के अवसर दिए गए। चयनित अभ्यर्थियों को लगभग 10,000 से 18,000 रुपए तक का मासिक वेतन ऑफर किया गया।

 

अभियान में एमएसएमई प्रमोशनल काउंसिल, वी मार्ट, फ्लिपकार्ट, मल्टी स्किल्स वेलफेयर सोसाइटी, एचडीएफसी फाइनेंस, ग्लोबल मैनपावर एंड प्लेसमेंट सर्विस, आरोग्य हॉस्पिटल  और आरके इंडस्ट्रीज सहित विभिन्न कंपनियों ने सहयोग किया। अभियान के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों में कानपुर नगर सबसे आगे रहा, जहां 149 दिव्यांगजनों का चयन किया गया। इसके अलावा आजमगढ़ में 77, अमरोहा में 69, बरेली में 63 और सुलतानपुर में 56 दिव्यांगजन रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े।

 

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने जरूरत पड़ने पर लाभार्थियों के घर तक पहुंचकर व्यक्तिगत काउंसिलिंग की। जिन दिव्यांगजनों से मोबाइल बंद होने या संपर्क न हो पाने के कारण बात नहीं हो सकी, उनसे होम विजिट के माध्यम से संपर्क किया गया। अधिकारियों ने उनकी रुचि, योग्यता और आवश्यकता के आधार पर रोजगार एवं स्वरोजगार के विकल्पों की जानकारी दी। मिशन द्वारा दिव्यांगजन रोजगार अभियान 1.0 और 2.0 के दौरान रोजगार से जुड़े 2000 से अधिक दिव्यांगजनों की वर्तमान स्थिति की ट्रैकिंग भी की जा रही है।

 

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि अभियान 3.0 में 75 जिलों में 1,559 दिव्यांगजनों का रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ना मिशन की बड़ी उपलब्धि है। हमारा प्रयास है कि दिव्यांगजनों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप बेहतर अवसर मिलें। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को और मजबूत करते हुए अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अभियान के जरिए 1,021 दिव्यांगजनों को नौकरी के अवसर देने के साथ-साथ 538 दिव्यांगजनों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से भी जोड़ा गया।

UP-Japan Investment Meet 2026: जापान से यूपी में आएगा बड़ा निवेश, 200 से ज्यादा कंपनियां तलाशेंगी मौके; यीडा में बनेगी ‘जापानी सिटी’

UP-Japan Investment Meet 2026: जापान से यूपी में आएगा बड़ा निवेश, 200 से ज्यादा कंपनियां तलाशेंगी मौके; यीडा में बनेगी ‘जापानी सिटी’

CM Yogi Adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक और वैश्विक निवेश केंद्र बनाने के अभियान को जापान के साथ आर्थिक साझेदारी से नई रफ्तार मिलने जा रही है। 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ में जापान के 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता भाग लेंगे।

पांच दिवसीय निवेश सम्मेलन के माध्यम से योगी सरकार की कोशिश जापानी कंपनियों की कारोबारी रुचि को ठोस निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, संयुक्त परियोजनाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में बदलने की होगी।

 

जापान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी करेंगे। प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के साथ मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के लिहाज से इस आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

सीएम योगी और पीयूष गोयल करेंगे जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत

 

जापानी प्रतिनिधिमंडल का 18 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वागत करेंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश तथा तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने वाले पांच दिवसीय कार्यक्रम का क्रम शुरू होगा। इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों को केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, भारतीय उद्योग जगत तथा शिक्षण संस्थानों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। दिल्ली के साथ लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनके जरिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, संयुक्त उद्यम और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं को ठोस परियोजनाओं में बदलने की दिशा में काम किया जाएगा। योगी सरकार की कोशिश इस रणनीतिक जुड़ाव के माध्यम से जापान के साथ उत्तर प्रदेश की आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की है। निवेश के साथ अत्याधुनिक तकनीक, संयुक्त उद्यम और रोजगार इस पूरी पहल के केंद्र में होंगे। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक अग्रणी और पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

 

सीईओ राउंडटेबल में दिग्गज उद्योगपतियों के साथ होगा मंथन

 

कार्यक्रम के तहत 19 अगस्त को नई दिल्ली के ताज पैलेस में हाई-लेवल सीईओ राउंडटेबल और उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। इसमें केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मंच पर सरकार और उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच निवेश के नए क्षेत्रों, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक सहयोग और भविष्य की परियोजनाओं को लेकर मंथन होगा।

 

21 अगस्त को लखनऊ में मुख्य निवेश सम्मेलन

 

यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट का मुख्य राज्य स्तरीय निवेश सम्मेलन 21 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा। इसमें गवर्नमेंट-टू-बिजनेस (G2B) और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मैचमेकिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों की खासियत यह होगी कि जापानी निवेशक राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और भारतीय कारोबारी समूहों के साथ सीधे संवाद कर सकेंगे। संभावित परियोजनाओं, साझेदारी, निवेश और उनके क्रियान्वयन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।

 

जेट्रो से पैनासोनिक तक, जापान से जुड़े कई बड़े कारोबारी नाम होंगे शामिल

 

सम्मेलन में जापानी उद्योग जगत से जुड़े कई बड़े नामों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें जेट्रो, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, कुबोटा कॉर्पोरेशन जापान, तोशिबा इंडिया, मदरसन ग्रुप, सेतोलास एशिया, होंडा ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन इंडिया, डाइकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया, सुमितोमो कॉर्पोरेशन इंडिया, स्पार्क मिंडा टोयो डेंसो और पैनासोनिक जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

 

घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर उतरेंगी परियोजनाएं

 

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी होगी। इसके माध्यम से निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में हुई प्रगति को भी प्रदर्शित किया जाएगा। योगी सरकार इस आयोजन के जरिए यह संदेश देने की तैयारी में है कि प्रदेश में निवेश का अभियान केवल निवेश प्रस्तावों तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश परियोजनाओं को जमीन पर उतारने पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है।

 

₹2,025 करोड़ लगाएगी एस्कॉर्ट्स कुबोटा, 3,800 से अधिक लोगों को रोजगार की उम्मीद

 

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र उत्तर प्रदेश में जापानी मैन्युफैक्चरिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यीडा के सेक्टर-10 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा की ₹2,025 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित है। यहां ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और इससे संबंधित उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना से घरेलू बाजार के साथ निर्यात की मांग पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही 3,800 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।

 

मिंडा की दो परियोजनाओं में ₹1,166 करोड़ का निवेश

 

मिंडा कॉरपोरेशन भी यीडा में दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित कर रही है। ये परियोजनाएं सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में स्थापित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं में कुल ₹1,166 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और इनसे करीब 6,440 रोजगार सृजित होने की संभावना है। इन परियोजनाओं में इग्निशन स्विच-कम-स्टियरिंग लॉक, मेकाट्रॉनिक कंपोनेंट्स, वायरिंग हार्नेस और संबंधित कनेक्शन सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। इस तरह एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं को मिलाकर ₹3,191 करोड़ का निवेश और 10 हजार से अधिक संभावित रोजगार उत्तर प्रदेश में जापानी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की मजबूत नींव तैयार करेंगे।

 

500 एकड़ की ‘जापानी सिटी’ बनेगी मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र

 

इस औद्योगिक इकोसिस्टम को और विस्तार देने के लिए योगी सरकार ने यीडा में 500 एकड़ भूमि पर समर्पित जापानी सिटी विकसित करने की योजना बनाई है। इसे जापानी कंपनियों के साथ उनके सप्लायर्स और सहायक उद्योगों के लिए एक समेकित औद्योगिक आधार के रूप में विकसित किया जाएगा। जापानी सिटी के जरिए बड़े उद्योगों के आसपास पूरी सप्लाई चेन विकसित करने की तैयारी है। इससे तकनीकी हस्तांतरण, सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन और एंसीलरी उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

 

ग्रीन हाइड्रोजन से सेमीकंडक्टर तक निवेश के अवसर

 

यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट में भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रीन एनर्जी के तहत अक्षय ऊर्जा, क्लीन टेक्नोलॉजी और ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश की संभावनाओं को जापानी कंपनियों के सामने रखा जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव सेक्टर में ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर प्रमुख क्षेत्र होंगे। वहीं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में जापानी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

 

निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन पर भी फोकस

 

योगी सरकार निवेश के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दे रही है। इसी कारण यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट में स्किल्स और वर्कफोर्स डेवलपमेंट को प्रमुख विषय बनाया गया है। तकनीकी प्रशिक्षण के साथ इंडस्ट्री–एकेडेमिया सहयोग पर विशेष चर्चा होगी। इसके जरिए शिक्षण संस्थानों में तैयार होने वाले युवाओं के कौशल को उद्योगों की जरूरत से जोड़ने की दिशा में संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसी क्रम में गल्गोटिया यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में अकादमिक-इंडस्ट्री संवाद आयोजित होगा। इसमें तकनीकी कौशल और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रतिभाओं के विकास पर चर्चा की जाएगी।

 

वाराणसी, सारनाथ और कुशीनगर के बौद्ध सर्किट पर भी जापान की नजर

 

औद्योगिक निवेश के साथ पर्यटन और संस्कृति भी इस सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल हैं। जापानी निवेशकों के सामने हॉस्पिटैलिटी और सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को रखा जाएगा। खास तौर पर जापान के साथ बौद्ध सांस्कृतिक जुड़ाव को देखते हुए वाराणसी, सारनाथ और कुशीनगर से जुड़े बौद्ध सर्किट में पर्यटन और उससे संबंधित अवस्थापना विकास की संभावनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। वहीं आगरा में पर्यटन और स्मार्ट सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अवसरों को जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इस तरह सम्मेलन को केवल औद्योगिक इकाइयों तक सीमित न रखकर पर्यटन, संस्कृति और शहरी अवस्थापना से भी जोड़ा गया है।

 

योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी होंगे शामिल

 

यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी भाग लेंगे। इनमें वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी और आईआईडीसी दीपक कुमार सहित वित्त, उद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

UP Women Safety : योगी सरकार ने 181 महिला हेल्पलाइन के लिए मंजूर किए ₹20.70 लाख, अब और मजबूत होगा सहायता तंत्र

UP Women Safety : योगी सरकार ने 181 महिला हेल्पलाइन के लिए मंजूर किए ₹20.70 लाख, अब और मजबूत होगा सहायता तंत्र

Yogi Janata Darshan

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को लेकर योगी सरकार की प्रतिबद्धता लगातार मजबूत हो रही है। इसी दिशा में मिशन शक्ति की उपयोजना ‘संबल’ के तहत संचालित 181-महिला हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20.70 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिली है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह राशि केंद्र सरकार से दूसरी किस्त के रूप में उपलब्ध कराई गई है। महिला कल्याण विभाग की ओर से जारी शासनादेश ने महिला सहायता तंत्र को और मजबूती देने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को स्पष्ट किया है।

 

योगी सरकार ने महिला सुरक्षा को केवल कानून-व्यवस्था का विषय न मानकर उसे व्यापक महिला सशक्तीकरण से जोड़ा है। 181-महिला हेल्पलाइन इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संकट में फंसी महिलाओं को सहायता, मार्गदर्शन और संबंधित सेवाओं से जोड़ने वाली यह व्यवस्था जरूरतमंद महिलाओं के लिए भरोसे का माध्यम बन रही है। वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता से हेल्पलाइन के संचालन में निरंतरता और प्रभावशीलता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

 

 

संबल के जरिए सुरक्षा से सम्मान तक पहुंचाने का प्रयास

 

शासनादेश के मुताबिक, 181-महिला हेल्पलाइन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 125 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें से केंद्र सरकार द्वारा 20.70 लाख रुपए की दूसरी किस्त के रूप में वित्तीय स्वीकृति दी गई है। यह राशि निर्धारित मद में खर्च की जाएगी और इसका उपयोग केवल संबंधित योजना के उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा। योगी सरकार की कार्यशैली की खासियत यह है कि महिला कल्याण योजनाओं के साथ वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर भी समान जोर दिया जा रहा है। शासनादेश में स्पष्ट निर्देश हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित कार्यों पर ही किया जाएगा। किसी अन्य योजना या मद में राशि का इस्तेमाल नहीं होगा। इससे सरकारी धन के प्रभावी और जवाबदेह उपयोग की व्यवस्था मजबूत होती है।

 

मिशन शक्ति के जरिए मजबूत हो रहा महिला सुरक्षा का भरोसा

 

अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। 181-महिला हेल्पलाइन जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित सहायता और आवश्यक सेवाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। केंद्र से मिली 20.70 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति से हेल्पलाइन के संचालन को और मजबूती मिलेगी। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक जरूरतमंद महिला तक समयबद्ध सहायता पहुंचे। मिशन शक्ति के माध्यम से सुरक्षा के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

UP Flood Alert : बाढ़ से निपटने के लिए योगी सरकार अलर्ट, 86 टीमें तैनात; 1,586 चौकियां और 1,263 शरणालय तैयार

UP Flood Alert : बाढ़ से निपटने के लिए योगी सरकार अलर्ट, 86 टीमें तैनात; 1,586 चौकियां और 1,263 शरणालय तैयार

yogi adityanath plantation drive on 12th july

उत्तर प्रदेश में बारिश के बीच शारदा और घाघरा समेत नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में शारदा और बाराबंकी के एल्गिनब्रिज के पास घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ से प्रदेश के 12 जिले और 166 गांव प्रभावित हुए हैं, जहां करीब 64,402 लोग प्रभावित हैं। स्थिति से निपटने के लिए योगी सरकार ने व्यापक राहत एवं बचाव तंत्र सक्रिय किया है। प्रदेश में 1,586 बाढ़ चौकियां और 1,263 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जबकि राहत-बचाव के लिए कुल 86 टीमें लगाई गईं हैं। इनमें एनडीआरएफ की 18, एसडीआरएफ की 16 और पीएसी की 52 टीमें तैनात हैं। 

 

प्रभावित इलाकों में 69 मेडिकल टीमें और 51 एंबुलेंस भी लगाई गई हैं। लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए 308 वितरण केंद्र बनाए गए हैं और अब तक 15,133 खाद्यान्न पैकेट व 24,266 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही उन्हें भोजन, चिकित्सा और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर है।

 

राहत आयुक्त कार्यालय की 16 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में शारदा नदी और बाराबंकी के एल्गिनब्रिज के पास घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एक जून से 16 अगस्त तक प्रदेश में कुल 381 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 488.9 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

 

लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी में 92.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 10 गुना अधिक है। इसके अलावा बहराइच में 62.5 मिलीमीटर, शाहजहांपुर में 45.1 मिलीमीटर, संभल में 41.8 मिलीमीटर, चित्रकूट में 41.5 मिलीमीटर और लखनऊ में 40.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में 25.5 मिलीमीटर, बलरामपुर में 28.8 मिलीमीटर, हमीरपुर में 31.6 मिलीमीटर, श्रावस्ती में 29.9 मिलीमीटर और बिजनौर में 33.6 मिलीमीटर बारिश हुई।

 

50 जिलों में सामान्य से अधिक या सामान्य बारिश

पिछले 24 घंटे की बारिश के आधार पर 20 जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक, जबकि छह जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक अधिक बारिश दर्ज की गई। 10 जिलों में बारिश सामान्य रही। वहीं 17 जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत तक कम बारिश हुई और 22 जिलों में बारिश नहीं हुई।

 

पूरे मानसून सीजन में इन जिलों में ज्यादा बारिश

एक जून से 16 अगस्त तक की संचयी बारिश के आंकड़ों के मुताबिक संभल में सामान्य से 74.97 प्रतिशत, मेरठ में 73.81 प्रतिशत और मुजफ्फरनगर में 69.22 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। एटा में सामान्य से 28.14 प्रतिशत और फिरोजाबाद में 25.95 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं प्रदेश के कई जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। लखनऊ में सामान्य की तुलना में 78.69 प्रतिशत, फर्रुखाबाद में 75.75 प्रतिशत और बरेली में 77.51 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है।

 

राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल बाढ़ की स्थिति में सबसे अधिक चिंता शारदा और घाघरा नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने को लेकर है। दोनों नदियों के जलस्तर पर संबंधित विभागों के द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।

 

एनडीआरएफ की 18, एसडीआरएफ की 16 व पीएसी की 52 टीमें तैनात

बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में राहत-बचाव दलों की तैनाती की गई है। रिपोर्ट के अनुसार एनडीआरएफ की 18 टीमें और एसडीआरएफ की 16 टीमें प्रदेश अलग-अलग जिलों में तैनात हैं। इसके अलावा पीएसी की 52 टीमें भी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए लगाई गई हैं। प्रत्येक एनडीआरएफ टीम में करीब 30 से 35 जवान, एसडीआरएफ की एक टीम में 25 से 30 जवान और पीएसी की एक टीम में करीब 10 से 15 जवान शामिल हैं।

 

प्रयागराज में एनडीआरएफ की तीन टीमें, कई जिलों में अतिरिक्त टीमें

रिपोर्ट के मुताबिक राहत-बचाव के लिए अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, गोंडा, गोरखपुर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, वाराणसी, लखनऊ समेत कई जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें तैनात की गई हैं। प्रयागराज में एनडीआरएफ की तीन टीमें तैनात हैं। इसके अलावा कानपुर देहात, कानपुर नगर, मिर्जापुर, उन्नाव, सहारनपुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, बिजनौर और मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों में भी बचाव दल लगाए गए हैं। लखनऊ में डूबने की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष टीम की तैनाती की गई है।

 

1,586 बाढ़ चौकियां और 308 वितरण केंद्र स्थापित

प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 12 जिले और 166 गांव प्रभावित हुए हैं, जिसमें करीब 64,402 लोग भी शामिल हैं। प्रशासन ने राहत के लिए 1,586 बाढ़ चौकियां और 1,263 बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं। इनमें से 40 शरणालय वर्तमान में संचालित हैं। जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में नावों और मोटरबोट की मदद से राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है। साथ ही 308 राहत वितरण केंद्रों की स्थापना की गई है। 

 

राहत कार्यों के लिए 5 हजार से ज्यादा नाव व 1 हजार से ज्यादा मोटर बोट

राहत कार्यों के तहत 5,849 नावें और 1,101 मोटरबोट उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही 69 मेडिकल टीमें और 51 एंबुलेंस भी तैनात हैं। प्रभावित लोगों को खाद्यान्न और लंच पैकेट के साथ ओआरएस व क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की जा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 15133 खाद्यान्न पैकेट, 24266 लंच पैकेट, 22720 ओआरएस पैकेट और 40,860 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं।

 

वहीं, बाढ़ से 69 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि रिपोर्ट में बाढ़ से किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है। प्रभावित पशुओं की संख्या 3,502 है, जिनके लिए 154 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।

UP ATS की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध के आरोप में 24 वर्षीय युवक गिरफ्तार, पाकिस्तान भेज रहा था फंड

UP ATS की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध के आरोप में 24 वर्षीय युवक गिरफ्तार, पाकिस्तान भेज रहा था फंड

terrorits

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित संबंध रखने और मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर पाकिस्तान भेजने के आरोप में 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर, पुत्र मोहम्मद जहीर, निवासी मीरगंज गांव, रौटा थाना क्षेत्र, पूर्णिया जिला, बिहार के रूप में हुई है। ATS ने उसे 16 अगस्त को गिरफ्तार किया।
 

 मदरसे के नाम पर चंदा जुटाने का आरोप

ATS को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति कथित तौर पर मदरसे के नाम पर चंदा एकत्र कर रहा है और इस रकम को पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन को भेज रहा है। आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल भारत में जिहाद से जुड़ी गतिविधियों के समर्थन के लिए किया जाना था।

 

जांच के दौरान ATS ने जफर की सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण किया। अधिकारियों के अनुसार, उसके सोशल मीडिया अकाउंट से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के कथित भड़काऊ संदेश और भाषण साझा किए जाने की जानकारी मिली। ATS का आरोप है कि इन गतिविधियों के जरिए लोगों को हिंसक जिहाद की ओर प्रेरित करने की कोशिश की जा रही थी।

 

इनपुट मिलने के बाद ATS ने जांच शुरू की, आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। जफर मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और उसने मेरठ के एक मदरसे में पढ़ाई की थी।

 

मसूद अजहर से प्रभावित होने का दावा

 

पूछताछ के दौरान जफर ने कथित तौर पर जांच अधिकारियों को बताया कि वह जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर से काफी प्रभावित था और ‘मुजाहिद’ बनना चाहता था। ATS के अनुसार, जफर ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उसे जैश-ए-मोहम्मद के बारे में जानकारी मिली और वह जिहाद से संबंधित सामग्री तथा संगठन के लड़ाकों की कथित शहादत से जुड़ी सामग्री से प्रभावित हुआ। जांचकर्ताओं का कहना है कि इससे उसके भीतर आतंकी विचारधारा के प्रति झुकाव और मजबूत हुआ।

 

फोन में मिले पाकिस्तान आधारित WhatsApp ग्रुप

 

UP ATS को आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान आधारित कई जिहादी WhatsApp ग्रुप भी मिले हैं। ATS के मुताबिक, इन ग्रुपों में जिहाद और चंदा जुटाने समेत कई विषयों पर चर्चा होती थी।

 

पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था आरोपी

 

ATS के मुताबिक, जफर ने अपना चेहरा छिपाकर बनाए गए एक Facebook अकाउंट के जरिए जिहाद और खलीफा स्थापित करने से संबंधित सामग्री पोस्ट की थी।

 

जांच एजेंसी का दावा है कि जफर एक ऐसे जिहादी ग्रुप में भी शामिल हुआ था, जिसका संबंध जैश-ए-मोहम्मद से बताया जा रहा है। इसी दौरान उसकी कथित तौर पर एक पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क हुआ और उसने संगठन की गतिविधियों में मदद करने की पेशकश की। ATS के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर ने जफर को एक पाकिस्तानी बैंक खाते की जानकारी दी, जिसमें उसने पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन लेनदेन सफल नहीं हुआ। इसके बाद कथित तौर पर हैंडलर ने उसे Binance अकाउंट उपलब्ध कराया। ATS का आरोप है कि जफर ने पाकिस्तान में मौजूद अन्य संदिग्धों के साथ मिलकर कई बार USDT के जरिए फंड ट्रांसफर किया।

 

UAPA के तहत मामला दर्ज, आगे की जांच जारी

 

ATS के मुताबिक पूछताछ के दौरान जफर ने कथित अपराधों को स्वीकार किया है। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।

Jio Prime : ₹300 में सालभर रिचार्ज की टेंशन खत्म! 20 अगस्त से मिलेगा सब्सक्रिप्शन, ₹299 वाला प्लान रहेगा जारी

Jio Prime : ₹300 में सालभर रिचार्ज की टेंशन खत्म! 20 अगस्त से मिलेगा सब्सक्रिप्शन, ₹299 वाला प्लान रहेगा जारी

jio phone

मोबाइल रिचार्ज के बढ़ते खर्च से बचना चाहते हैं तो जियो प्राइम ग्राहकों को एक साल की कीमत की गारंटी देगा। ₹300 की एकमुश्त सदस्यता लेकर ग्राहक अपने मौजूदा जियो प्लान की आज की कीमत 5 सितंबर 2027 तक लॉक कर सकेंगे। यानी प्राइम सदस्य अपने प्लान को पूरे सदस्यता काल में मौजूदा कीमत पर ही रिचार्ज कर पाएंगे।

 

अच्छी बात यह है कि प्राइम लेने के बाद ग्राहक किसी एक प्लान में बंधे नहीं रहेंगे। वे चाहें तो दूसरे जियो प्लान से भी रिचार्ज कर सकते हैं और प्राइम सदस्यता के फायदा उठा सकते हैं। 

 

जियो प्राइम 20 अगस्त से उपलब्ध होगा। ग्राहक MyJio ऐप, Jio.com, जियो स्टोर्स या अधिकृत जियो पार्टनर स्टोर्स से सदस्यता ले सकेंगे। प्राइम मौजूदा प्रीपेड और पोस्टपेड ग्राहकों के साथ नए जियो ग्राहकों के लिए भी खुला है। दूसरे नेटवर्क के ग्राहक नंबर पोर्ट कराकर या नया जियो कनेक्शन लेकर इसमें शामिल हो सकते हैं।

 

जियो प्राइम ऐसे समय आया है जब टेलीकॉम बाजार में रिचार्ज की कीमतें फिर चर्चा में हैं। एयरटेल ने हाल में अपने प्रीपेड पोर्टफोलियो में बदलाव करते हुए ₹299 समेत कुछ लोकप्रिय प्लान हटा दिए हैं। इसके बाद 28 दिन की डेली-डेटा श्रेणी में ₹349 वाला प्लान शुरुआती विकल्प बन गया है। दूसरी तरफ जियो ने साफ किया है कि उसका मौजूदा ₹299 वाला प्लान जारी रहेगा। ऐसे माहौल में प्राइम के जरिए एक साल के लिए मौजूदा कीमत लॉक करने का विकल्प ग्राहकों के लिए खास मायने रखता है।

jio phone

प्राइम कोई नया अनिवार्य रिचार्ज प्लान नहीं है। प्राइम सदस्यता के साथ कुल ₹600 के दो कैशबैक वाउचर भी मिलेंगे। इनमें ₹300 का एक वाउचर नया जियोहोम या जियोPC कनेक्शन लेने और दूसरा ₹300 का वाउचर परिवार या दोस्त के लिए नया जियो सिम लेने पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सदस्यों को नए जियो प्रोडक्ट्स और सेवाओं का अर्ली एक्सेस तथा अलग चैनल के जरिए प्रायोरिटी कस्टमर सपोर्ट भी मिलेगा।

सीतापुर की रोली के जीवन में खुशियों की ‘बारिश’

सीतापुर की रोली के जीवन में खुशियों की ‘बारिश’

CM Yogi Janata Darshan: मां अपनी बच्चे की खुशियों के लिए हर बाधा को पीछे छोड़ देती है। यह सोमवार को भी चरितार्थ हुआ, जब मूसलाधार बारिश में अपने बच्चे को लेकर सीतापुर की रोली ‘जनता दर्शन’ में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी पीड़ा बताई, कहा कि उनका बच्चा थैलेसीमिया से पीड़ित है। उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। 

 

यह सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चे के सिर पर हाथ फेरा और उसे शीघ्र स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया। फिर इलाज के लिए तत्काल एस्टिमेट मंगवाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सीएम से यह आश्वासन पाकर रोली की आंखों में चमक आ गई। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। 

गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए निरंतर दी जा रही आर्थिक सहायता

‘जनता दर्शन’ में बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता का अनुरोध लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा देते हुए कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं बनेगी, सरकार निरंतर आर्थिक सहायता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए धनराशि दी जाएगी।

‘कहां से आए हैं, क्या परेशानी है’ के अपनत्व भाव से हर पीड़ित की सुनीं समस्या

सीएम योगी ने अपनत्व के भाव से ‘कहां से आए हैं, क्या परेशानी है’, कहते हुए एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। भरोसा दिया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। पुलिस, राजस्व, चिकित्सा, जमीन कब्जा आदि से जुड़े प्रार्थना पत्रों पर भी उन्होंने समयबद्ध निस्तारण व कार्रवाई का निर्देश दिया।

 

WhatsApp Scam Alert : अब AI पकड़ेगा ठगी के मैसेज, यूजर्स को पहले ही मिलेगा अलर्ट

WhatsApp Scam Alert : अब AI पकड़ेगा ठगी के मैसेज, यूजर्स को पहले ही मिलेगा अलर्ट

लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने यूजर्स की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नए AI-powered Scam Alert फीचर की टेस्टिंग शुरू की है। इस फीचर का मकसद यूजर्स के किसी फ्रॉड या स्कैम का शिकार होने से पहले ही संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर चेतावनी देना है।

 

WhatsApp कर रहा है AI आधारित Scam Detection की टेस्टिंग

 

Meta फिलहाल WhatsApp के इस नए Scam Alert फीचर को सीमित संख्या में यूजर्स के साथ टेस्ट कर रहा है। खास बात यह है कि यह फीचर अपने आप सभी यूजर्स पर लागू नहीं होगा। इसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को WhatsApp की सेटिंग्स में जाकर इसे खुद एक्टिवेट करना होगा।

 

कैसे काम करेगा WhatsApp Scam Alert?

 

Scam Alert फीचर आपके डिवाइस पर ही एक AI मॉडल का इस्तेमाल करेगा। यह मॉडल अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज को स्कैन कर उनमें मौजूद संभावित स्कैम पैटर्न की पहचान करेगा।

 

अगर AI को बातचीत संदिग्ध लगती है तो WhatsApp चैट में एक Warning Alert दिखाएगा। AI खासतौर पर ऐसे संकेतों पर नजर रखेगा, जैसे:

 

  • निजी या संवेदनशील जानकारी मांगना।
  • तुरंत पैसे भेजने के लिए दबाव बनाना।
  • किसी लिंक पर क्लिक करने या किसी कार्रवाई के लिए जल्दबाजी करना।
  • पहले भरोसा कायम करना और बाद में पैसे की मांग करना।
  • रोमांस स्कैम के जरिए भावनात्मक रिश्ता बनाकर पैसे मांगना।
  • संदिग्ध चैट पर मिलेंगे ये विकल्प

 

अगर WhatsApp को किसी बातचीत में स्कैम का शक होता है, तो यूजर को चेतावनी के साथ कई विकल्प मिलेंगे। यूजर:

 

  • Sender को Block कर सकता है।
  • Chat को Report कर सकता है।
  • Warning को Ignore कर सकता है।
  • किसी कॉन्टैक्ट को Trusted मार्क कर सकता है।

 

किसी व्यक्ति को Trusted मार्क करने के बाद WhatsApp उस बातचीत को लेकर बार-बार चेतावनी नहीं देगा।

 

फोन में ही होगी Scam Detection, सर्वर पर नहीं जाएगा डेटा

 

WhatsApp के अनुसार, Scam Alert की सबसे अहम बात यह है कि स्कैम डिटेक्शन की प्रक्रिया डिवाइस पर ही होगी। Meta का कहना है कि यूजर के निजी और एन्क्रिप्टेड मैसेज उसके सर्वर पर नहीं भेजे जाएंगे। फीचर एक्टिवेट करने पर AI मॉडल डिवाइस में डाउनलोड होगा और वहीं मैसेज का विश्लेषण करेगा।

 

AI की गलती होने पर यूजर कर सकेंगे मदद

 

अगर AI किसी सामान्य बातचीत को गलती से स्कैम समझ लेता है, तो यूजर सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसके लिए यूजर WhatsApp के साथ चैट के पिछले पांच मैसेज शेयर कर सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह यूजर की इच्छा पर निर्भर होगा और उसकी अनुमति के बिना कोई मैसेज शेयर नहीं किया जाएगा।

 

अभी सिर्फ Beta Testers को मिलेगा फीचर

 

फिलहाल WhatsApp Scam Alert सीमित संख्या में Beta Testers के लिए उपलब्ध है। Meta ने अभी यह नहीं बताया है कि इस फीचर को सभी यूजर्स के लिए कब जारी किया जाएगा।

 

भारतीय यूजर्स के लिए क्यों खास है यह फीचर?

 

भारत में ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल स्कैम के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फीचर यूजर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। खासतौर पर Fake Investment Scam, Impersonation Scam, Romance Scam और पैसे की ठगी वाले मैसेज को शुरुआती स्तर पर पहचानने में AI आधारित चेतावनी मददगार हो सकती है।