इंदौर में देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर शुरू, 14-D और 360° थिएटर का मजा, जंगल सफारी का रोमांच भी

इंदौर में देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर शुरू, 14-D और 360° थिएटर का मजा, जंगल सफारी का रोमांच भी

Indore Zoo

इंदौर में देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर शुरू हो गया है। मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया है। इस चिड़ियाघर में 14-D और 360° थिएटर के मजे के साथ ही बच्‍चों को जंगल सफारी का रोमांच मिल सकेगा।  
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के नाम से इस वर्चुअल चिड़ियाघर का CM मोहन यादव ने शुभारंभ किया।

वर्चुअल जंगल सफारी और जंगल का रोमांच : करीब साढ़े 4 करोड़ रुपये की लागत से PPP मॉडल पर तैयार 14-D सिनेमा थिएटर और वर्चुअल जंगल सफारी भी आमजन को समर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर हमेशा नवाचार और विकास में नए आयाम स्थापित करता रहा है। वर्चुअल जंगल सफारी आमजन, बच्चों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगी।

CM ने 14-D फिल्म का लिया आनंद : लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों के साथ 14-D सिनेमा थिएटर में बैठकर फिल्म देखी। इसके बाद उन्होंने 360 डिग्री थिएटर और वर्चुअल जंगल सफारी का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से वर्चुअल सफारी की तकनीक और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।

तकनीक से मिलेगी जंगल की जानकारी : बता दें कि नई तकनीक के जरिए बच्चों और शहरवासियों को जंगल, वन्यजीव और प्रकृति को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। वर्चुअल जंगल सफारी में वास्तविक जंगल में जाने जैसा आभासी अनुभव देने का प्रयास किया गया है। यहां मनोरंजन के साथ-साथ वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करेगी। इससे नगर निगम को राजस्व प्राप्ति का नया माध्यम भी मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट दबाकर फव्वारे का शुभारंभ किया। उन्होंने प्राणी संग्रहालय में बने एक्वेरियम का भी अवलोकन किया और रंग-बिरंगी मछलियों को देखा। मुख्यमंत्री ने चिड़ियाघर में विकसित की गई आधुनिक सुविधाओं की सराहना की और इन्हें इंदौर के पर्यटन तथा मनोरंजन क्षेत्र में नया आकर्षण बताया।

अटल पथ: 60 करोड़ की सौगात : सीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर इंदौर को 60 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने अन्नपूर्णा रोड से रिंग रोड को जोड़ने वाले करीब 16 करोड़ की लागत से बने ‘अटल पथ’ का लोकार्पण किया।करीब 18 करोड़ की लागत से टिगरिया बादशाह–कुशवाह नगर–उज्जैन नाका लिंक रोड का भूमि-पूजन किया गया, जो सिंहस्थ के दौरान महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी देगा। फूटी कोठी से संत सेवालाल ब्रिज सर्विस रोड सहित अन्य कार्य भी शामिल हैं।

आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही को आगे न बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को इस मामले में हाई कोर्ट के सामने कोई भी रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया है।

 

अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में कार्यवाही को आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही सीबीआई और ईडी समेत सभी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में हाई कोर्ट के समक्ष अपनी कोई भी जांच रिपोर्ट दाखिल न करें। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

शीर्ष अदालत ने जारी किया नोटिस

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। राहुल गांधी की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा और दलीलें पेश कीं। सिब्बल की दलीलों पर गौर करने के बाद शीर्ष अदालत ने सीबीआई, ईडी और याचिकाकर्ता (कर्नाटक निवासी एस विग्नेश शिशिर) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश?

इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस आरएस चौहान और जस्टिस बीआर सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच एजेंसियों को निर्देश जारी किए थे। हाई कोर्ट ने सीबीआई, ईडी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) को आठ सप्ताह के भीतर आरोपों पर जवाब दाखिल करने को कहा था। उस समय सीबीआई और ईडी ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और वे आरोपों की जांच कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ALSO READ: पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

राहुल गांधी की संपत्ति से जुड़ा क्या है यह मामला?

यह मामला कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने आय के अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका में मांग की गई थी कि राहुल गांधी की कुल संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और कॉर्पोरेट मामलों में कथित संलिप्तता की गहन जांच सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों से कराई जाए।

राहुल गांधी की ओर से इसे राजनीति से प्रेरित और निराधार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

बालाघाट के नक्सल मुक्त बिरसा ब्लॉक में पहली बार पहुंचे डॉक्टर, 125 बच्चों की बचाई जान

बालाघाट के नक्सल मुक्त बिरसा ब्लॉक में पहली बार पहुंचे डॉक्टर, 125 बच्चों की बचाई जान

नक्सलवाद का दंश क्या होता है और कैसे आज की पीढ़ी इसका खामियाजा भुगत रही है, इसकी ताजाी बानगी है मध्यप्रदेश का बालाघाट जिला। मध्यप्रदेश में नक्सलवाद के चेहरे के तौर पर पहचाने जाने वाला बालाघाट जिला जो स्वास्थ्य सेवाओं से 40 साल से अधिक समय तक अछूता था वहां पर कई आदिवासी गांव अब मुख्यधार से जुड़ रहे है। पिछले दिनों बालाघाट के नक्सली मुक्त हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार डॉक्टर पहुंचे और जानलेवा बीमारी से पीड़ित 125 से ज्यादा बच्चों की जान बचाई। यह बेहद चुनौती पूर्ण स्थित है क्योंकि नक्सलवादियों ने आदिवासियों का इस प्रकार से ब्रेनवॉश कर रखा है कि, वह डॉक्टर को देखते ही भाग जाते हैं इलाज करवाने को तैयार नहीं है। पहली बार बालाघाट के क्षेत्र का यह चित्र सामने आ रहा है, जब सरकारी सुविधाएं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच पा रही है। 

 

नक्सलियों का गढ़ था बिरसा ब्लॉक- मामला इसी साल नक्सली मुक्त हुए बालाघाट के बिरसा विकास खंड अंतर्गत गांवों जैसे बोंदारी, अडोरी, कुंडेकसा, कोरका, मछुरदा (मच्छुरदा), मातला, गठिया आदि का है। 1986 से यहां बड़े पैमाने पर हथियारबंद नक्सली गतिविधि शुरू हो गई थी। 1990 में इसी बिरसा थाने में पहला मामला दर्ज हुआ था। यहां नक्सलवाद की जड़ इतनी मजबूत थी, कि 1991 में बारूदी सुरंग में विस्फोट करके 9 पुलिस जवानों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी।

फिर 1994 में 16 जवान शहीद हुए और 15-16 दिसंबर 1999 की रात तो आपको याद ही होगी, जब कांग्रेस पार्टी की सरकार के परिवहन मंत्री लिखीराम कावरे को उनके घर से बाहर निकालकर सरेआम मार डाला गया था। इसके बाद भी बालाघाट को नक्सली मुक्त नहीं करवाया गया था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विशेष अभियान के कारण 2025 में बालाघाट नक्सली मुक्त हुआ। आज भी इस इलाके में कई हथियार और बारूद मिल रहे हैं। नक्सलवादियों ने इस क्षेत्र में कभी भी सरकारी सुविधाओं को पहुंचने ही नहीं दिया। उन्होंने आदिवासियों का इस प्रकार से ब्रेनवाश किया कि वह यूनिफॉर्म को देखते ही डर जाते हैं, फिर चाहे वह यूनिफॉर्म किसी डॉक्टर की हो या डाकिया की। 

 

नक्सलियों के खौफ से स्वास्थ्य सेवाओं से दूर थे आदिवासी-ताजा मामला नक्सलवादियों के केंद्र रहे बिरसा ब्लॉक का ही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां नियमित रूप से जा रही है, लोगों से संपर्क और संबंध बनाने का प्रयास कर रही है। उनको बताया जा रहा है कि बीमार होने पर, अस्पताल आना चाहिए। वहां नहीं जाना चाहिए जहां नक्सलवादियों ने बताया था। इस इलाके में हथियारबंदी नक्सलवाद खत्म हो गया है लेकिन नक्सलवादियों द्वारा 40 साल में किया गया ब्रेनवाश का कुचक्र, सिर्फ एक साल में नहीं टूट सकता। फिर भी बालाघाट के प्रशासन को बड़ी सफलताएं मिली है। 

 

नक्सल प्रभावित इस इलाके में हर साल हजारों लोग अज्ञात बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। वह कभी अस्पताल ही नहीं आते। पहली बार इस इलाके का मेडिकल रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। इस साल 2026 के जून महीने में रिकॉर्ड किया गया कि एक बच्चे की मौत हुई है। मृत्यु से पहले उसको तेज बुखार आया था। इसके साथ शरीर पर दाने/चकत्ते (त्वचा संक्रमण या ‘माता’ जैसे), मुंह में छाले, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, भूख न लगना, कमजोरी, झटके इत्यादि लक्षण भी दिखाई दिए थे। डॉक्टर के लिए यह एक नई प्रकार की बीमारी थी। नई बीमारी हमेशा मेडिकल के लिए चैलेंज होती है। 

 

डॉक्टरों की टीम ने सर्च करना शुरू किया। घर-घर जाकर प्रत्येक बच्चे की जांच की जाने लगी। यह बिल्कुल भी आसान नहीं था क्योंकि डॉक्टर को देखते ही आदिवासी, अपने बच्चों को लेकर जंगलों में भाग जाते हैं। उनको समझाना बहुत मुश्किल होता है कि, डॉक्टर एक अच्छा इंसान है, इलाज करवाने से बच्चे ठीक हो जाएंगे। कई लोग समझ रहे हैं। उन्होंने अपने बच्चों का इलाज करवाया। 


125 बच्चे हुए स्वस्थ्य, 44 अस्पताल में भर्ती- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम कुंडेकसा, अडोरी, कोरका एवं बांदरी में स्वास्थ्य संबंधी समस्या, मौसमी बीमारी, सर्दी खांसी बुखार,चर्मरोग, मीजलस स्कैबीज, मलेरिया के उपचार के लिए अस्पताल मे भती कराए गए बच्चों में से 125 बच्चे स्वस्थ्य होकर अपने गांव लौट गए हैं। 16 अगस्त तक कुल 169 बच्चो मे से 125 बच्चों को सफलता पूर्वक स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इस तरह कुल 44 बच्चे अस्पताल में उपचाररत हैं, जो पूर्णतः स्वस्थ्य है।

 

461 बच्चों का इलाज उनके घर पर ही किया, सभी स्वस्थउक्त ग्रामों में 20 सर्वेक्षण टीम, के माध्यम से घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है एवं 4 पीएमजनमन एएमएमयु, बीमार व्यक्तियों की जांच के लिए 10 चिकित्सा अधिकारी एवं 4 एम्बूलेंस भर्ती हेतु लगायी गयी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अब तक कुल 630 मरीज विभिन्न बीमारियों के मिले, जिसमें 125 को अस्पताल में एवं 461 को घर पर ही उपचार प्रदान कर ठीक किया गया।

 

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुंडेकसा, बोंदारी,कोरका, घुम्मुर, अडोरी मछुरदा, गठिया, मातलामें घर घर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के दौरान 658 बच्चों को विटामिन ए की खुराक ओआरएस वितरण जिंकटेबलेट वितरण दिया गया। 597 बच्चों को आयरन सायरप प्रदान किया गया 521 बच्चों को अल्बडाजोल की टेबललेट खिलायी गयी, 63 बच्चों को मिजल्स का डोस लगाया गया । 

शहजाद पूनावाला ने फिर दिया इस्तीफा, बोले- भाजपा की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं

शहजाद पूनावाला ने फिर दिया इस्तीफा, बोले- भाजपा की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं

Shehzad Poonawala Resigns

बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने सोमवार को एक बार फिर पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा सौंपा है और पार्टी से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया है, क्योंकि उनका पिछला इस्तीफा अस्वीकार कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं।

 

पूनावाला ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा पत्र एक बार फिर सौंपा है और अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार किया जाए।

उन्होंने मार्गदर्शन और समर्थन के लिए भाजपा और उसके वरिष्ठ नेताओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जेपी नड्डा और बीएल संतोष का आभार व्यक्त किया।

 

उन्होंने आगे कहा कि किसी अन्य देश और किसी अन्य पार्टी में मेरे जैसी कहानी (एक युवा, पसमांदा मुस्लिम, जो किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता) का होना भी संभव नहीं होता।
 

पहले भी की थी पद छोड़ने की पेशकश

पूनावाला ने अपने इस्तीफे को लेकर लिखे पत्र में कहा कि कृपया इस पत्र को 30 जुलाई 2026 के मेरे पिछले पत्र के सिलसिले में पढ़ें, जिसमें मैंने जरूरी आर्थिक और निजी हालात की वजह से बीजेपी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना किसी शर्त के इस्तीफा देने की पेशकश की थी।

 

उन्होंने लिखा कि यह बहुत भावुक करने वाला था और मैं सचमुच आभारी हूं कि पार्टी ने मेरा इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया और मुझसे इस फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया लेकिन काफी सोच-विचार के बाद मैंने यह अंतिम निर्णय किया है कि मैं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का आग्रह करना चाहता हूं। मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं।

 

कहीं अद्वैत ने ही तो खुद को लापता नहीं किया, सर्च ऑपरेशन बंद, अब पुलिस तलाश रही नए एंगल!

कहीं अद्वैत ने ही तो खुद को लापता नहीं किया, सर्च ऑपरेशन बंद, अब पुलिस तलाश रही नए एंगल!

Advait

इंदौर के अद्वैत उपाध्याय का अब तक कोई पता नहीं चला है। थक हार कर सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। हालांकि पुलिस अब दूसरे एंगल पर जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि कहीं किसी वजह से खुद अद्वैत ने ही तो खुद को लापता नहीं किया है।

बता दें कि बेंगलुरु की शिवगंगे पहाड़ी से लापता हुए दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। 100 से ज्यादा लोगों की टीम ने पहाड़ी का चप्पा-चप्पा छान लिया, अब सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया है।

पुलिस ने बदली जांच की दिशा : इंदौर निवासी अद्वैत उपाध्याय 7 अगस्त को बेंगलुरु की शिवगंगे पहाड़ी से लापता हुआ है। 100 से ज्यादा लोगों की टीम ने शिवगंगे पहाड़ी पर अद्वैत को हर जगह तलाशा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। अब पुलिस यह पता कर रही है कि कहीं अद्वैत ने खुद को लापता दिखाने की कोशिश तो नहीं की है। पुलिस अब लापता होने से पहले की अद्वैत की गतिविधियों, कॉल डिटेल सहित अन्य बिंदुओं की कड़ियां जोड़कर उसके लापता होने की गुत्थी को सुलझाने की कोशिश में है। कुल मिलाकर अब जांच तकनीकी साक्ष्यों पर फोकस हो गई है।

शादी कर इंदौर में बसने वाला था : पुलिस को अब तक उसके दोस्तों व परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि अद्वैत को साइबर सुरक्षा का गहरा ज्ञान था। उसके दोस्तों की फेहरिस्त भी लंबी थी। पुलिस ने दोस्तों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की है कि उसका किसी से विवाद तो नहीं था। सालभर बाद वह शादी करने वाला था और इंदौर में बसने वाला था। इसे लेकर उसका कोई नजदीकी दोस्त नाराज तो नहीं था, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है।

तो कहां गया अद्वैत : पुलिस ने पहाड़ी के चप्पे-चप्पे को छान लिया। पहाड़ों पर चढ़ने वाले एक जानकार ने पहाड़ी की खड़ी चट्टानों और दुर्गम हिस्सों में भी अद्वैत को तलाशा। जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि अद्वैत पहाड़ पर होता तो अभी तक मिल जाता। पुलिस ने पहाड़ी तक आने वाले मार्गों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। अब तक पुलिस आत्महत्या के एंगल पर काम कर रही थी, क्योंकि उसके लैपटॉप में चैटजीपीटी की सर्च हिस्ट्री में उसने पहाड़ी की ऊंचाई और वहां से गिरने के बारे में सर्च किया था। पुलिस को पहाड़ी से अद्वैत का स्वेटर, मोबाइल फोन और ड्रोन कैमरा भी मिला है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि अद्वैत के पास एक ही सिम थी या वह दूसरे किसी फोन नंबर का इस्तेमाल भी करता था।

महिला मित्रों की चैट खंगाल रही पुलिस : बेंगलुरु पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है। शांताला ड्रॉप के पास अद्वैत का मोबाइल और ड्रोन मिलने के बाद पुलिस उसकी मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), SIM कनेक्शन, मंगेतर और महिला मित्रों से संपर्क के साथ ड्रोन की खरीद से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। पुलिस तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर अद्वैत के लापता होने से पहले और बाद की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।

क्‍या अद्वैत के नाम दूसरा SIM जारी हुआ था : अद्वैत का मोबाइल शांताला ड्रॉप के पास मिला है। पुलिस मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल और उसमें मौजूद डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। इसके साथ ही टेलीकॉम कंपनियों से यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि अद्वैत के नाम पर इस SIM के अलावा कोई दूसरा SIM जारी हुआ था या नहीं। पुलिस यह भी जांच रही है कि उसके नाम पर किसी दूसरे नंबर का कनेक्शन तो नहीं था या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जारी SIM का इस्तेमाल अद्वैत कर रहा था। इस पड़ताल का उद्देश्य उन संपर्कों तक पहुंचना है, जिनकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

बैग और स्वेटर मिला : बता दें कि रविवार को तलाशी अभियान के दौरान अद्वैत उपाध्याय का बैग और स्वेटर मिला था। अब पुलिस उसकी डिजिटल गतविधियों के आधार पर डिजिटल मूवमेंट की टाइमलाइन देख रही है। साथ ही पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि फोन बंद होने से कुछ समय पहले तक चालू था। ऐसे में सवाल है कि क्या उसका फोन किसी दूसरे के हाथ तो नहीं लग गया है।

अद्वैत की एक फोटो भी मिली : जांच के दौरान बेंगलुरु पुलिस को अद्वैत की एक फोटो मिली है, जिसे एक पर्यटक ने खींची थी। अद्वैत लापता तब हुआ है, जब वह 7 अगस्त को ट्रेकिंग के लिए शिवगंगे की पहाड़ियों पर गया था। उसके लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री बहुत कुछ बयां कर रही हैं। 4 अगस्त को भी पहाड़ी पर जाने की संभावना है। ऐसे में पुलिस उसकी डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है।

एआई सर्च ने बढ़ाया सस्पेंस : बता दें कि अद्वेत ने एएआई से यह भी सवाल किया था कि पहाड़ी से गिरने के बाद इंसान जीवित कितनी देर तक रह सकता है। उसके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में संभावना है कि वह खुद भी नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस की जांच में ये सारे बिंदु हैं। इसके साथ ही पुलिस उसके कॉल डिटेल्स की जांच भी कर रही है। आखिर अद्वैत ने लापता होने से पहले किन-किन लोगों से बात की थी। उसके निजी संपर्कों और रिश्तों की जानकारी भी जुटा रही है।

Weather Alert: यूपी-दिल्ली से MP-बिहार तक आफत की बारिश, कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

Weather Alert: यूपी-दिल्ली से MP-बिहार तक आफत की बारिश, कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

rain alert 17 august

IMD Weather Alert: मानसून के बीच यूपी, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। तेज हवाओं, बिजली गिरने और भूस्खलन की भी चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की भी अलर्ट जारी किया गया है।

 

मौसम विभाग ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों पर बने डिप्रेशन के असर से, अगले 2 दिनों के दौरान गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, आज गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में तथा 18 अगस्त, 2026 को झारखंड में कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा भारी बारिश हो सकती है। 

 

उत्तर-पश्चिम भारत

  • 17 से 22 अगस्त के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में; और 17 से 23 अगस्त के दौरान हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
  • 18 अगस्त को पंजाब में; 18 अगस्त तथा 21 से 22 अगस्त के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में; 17 अगस्त तथा 21 से 22 अगस्त के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; और 17 से 23 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
  • 23 अगस्त को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में कुछ स्थानों पर से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
  • उत्तर-पश्चिम भारत के शेष भागों में कुछ स्थानों पर से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
  • 17 से 23 अगस्त के दौरान उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की संभावना है।
  • 17 से 20 अगस्त के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में; 17 अगस्त और 19 से 21 अगस्त के दौरान हिमाचल प्रदेश में; 18 से 23 अगस्त के दौरान उत्तराखंड में; 17 से 19 अगस्त के दौरान पंजाब में; 17 से 18 अगस्त और 21 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में; 17 अगस्त और 21 से 22 अगस्त के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; 18 से 19 अगस्त तथा 22 से 23 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में; 20 से 22 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है, साथ ही 18 अगस्त को हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; 17 अगस्त को उत्तराखंड में; 17 अगस्त और 20 से 21 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।

 

मध्य भारत

  • 17 से 21 अगस्त के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में; 17 से 23 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में; 17 से 18 अगस्त तथा 21 से 23 अगस्त के दौरान विदर्भ में; 17 से 19 अगस्त तथा 22 से 23 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ में अधिकांश स्थानों पर से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
  • 22 से 23 अगस्त के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में; 19 से 20 अगस्त के दौरान विदर्भ में; 20 से 21 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
  • 18 से 21 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की संभावना है।
  • 17 अगस्त को और 20 से 23 अगस्त के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में; 20 से 23 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में; 17 अगस्त को विदर्भ में; 17 अगस्त और 19 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है, साथ ही 17 से 19 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में तथा 18 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।
  • 17 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।

पूर्वी भारत

  • 17 से 23 अगस्त के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में; 17 से 19 अगस्त और 23 अगस्त को झारखंड में; 17 से 19 अगस्त के दौरान बिहार में; 17 से 20 अगस्त के दौरान ओडिशा में अधिकांश स्थानों पर से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
  • 20 से 22 अगस्त के दौरान झारखंड में; 20 से 23 अगस्त के दौरान बिहार में; 21 से 23 अगस्त के दौरान ओडिशा में कुछ स्थानों पर से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
  • 17 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने, बिजली चमकने तथा तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे की गति से, जो 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं) चलने की संभावना है, तथा 17 से 23 अगस्त के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और बिहार में; 17 से 19 अगस्त के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में; 18 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल में; 18 से 21 अगस्त के दौरान झारखंड और ओडिशा में तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे की गति से, जो 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं) चलने की संभावना है।
  • 17 से 21 अगस्त के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में; 17 से 18 अगस्त के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल में; 18 से 19 अगस्त के दौरान झारखंड में; 17 अगस्त और 19 से 20 अगस्त के दौरान बिहार में; 17 अगस्त और 21 से 23 अगस्त के दौरान ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है, साथ ही 17 अगस्त को झारखंड में; 18 अगस्त को बिहार और ओडिशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।
  • 17 अगस्त को ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल में और 18 अगस्त को झारखंड में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
  • 17 अगस्त को बिहार में मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि होने की संभावना है।

उत्तर-पूर्व भारत

  • 17 से 21 अगस्त के दौरान अरुणाचल प्रदेश में; 17 से 23 अगस्त के दौरान असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अधिकांश स्थानों पर से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
  • 22 से 23 अगस्त के दौरान अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
  • 17 से 20 अगस्त के दौरान अरुणाचल प्रदेश में; 17 से 21 अगस्त के दौरान असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की संभावना है।
  • 17 से 18 अगस्त तथा 20 से 22 अगस्त के दौरान अरुणाचल प्रदेश में; 17 से 23 अगस्त के दौरान असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

 

पश्चिम भारत

  • 17 से 23 अगस्त के दौरान कोंकण और गोवा में; 17 अगस्त को गुजरात क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
  • 17 से 23 अगस्त के दौरान मध्य महाराष्ट्र, मराठवाडा और सौराष्ट्र तथा कच्छ में; 18 से 23 अगस्त के दौरान गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
  • 17 से 19 अगस्त के दौरान गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने, बिजली चमकने तथा तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे की गति से, जो 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं) चलने की संभावना है।
  • 17 अगस्त को गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

 

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:

  • 17 से 23 अगस्त के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में; 21 से 23 अगस्त के दौरान केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में कुछ स्थानों पर से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
  • 17 से 20 अगस्त के दौरान केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में; 17 से 23 अगस्त के दौरान तटीय कर्नाटक में अधिकांश स्थानों पर से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
  • 18 अगस्त को तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल में; 17 से 21 अगस्त के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा रायलसीमा में कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने, बिजली चमकने तथा तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे की गति से, जो 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं) चलने की संभावना है, तथा 17 से 21 अगस्त के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे की गति से, जो 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं) चलने की संभावना है।
  • 18 से 19 अगस्त के दौरान तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल में; 18 अगस्त को केरल और माहे में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

भूपेंद्र पटेल का अमेरिका-कनाडा दौरा आज से, 25 साल बाद गुजरात CM की US यात्रा; जानिए क्या है मकसद

भूपेंद्र पटेल का अमेरिका-कनाडा दौरा आज से, 25 साल बाद गुजरात CM की US यात्रा; जानिए क्या है मकसद

Gujarat CM bhupendra patel on US Tour

गुजरात में “नो रिपीट थ्योरी” के तहत जिम्मेदारी संभालने के बाद सितंबर में अपने सफल 5 साल पूरे कर रहे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहे हैं। वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इसके साथ ही, अमेरिकी धरती पर गुजरात के किसी वर्तमान मुख्यमंत्री के भव्य स्वागत के लिए चल रहा 25 साल लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो जाएगा। 

 

25 साल बाद गुजरात के किसी मौजूदा सीएम का अमेरिकी दौरा

अहमदाबाद: सितंबर में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल पूरे कर रहे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एक अनूठी उपलब्धि हासिल करेंगे। वह 17 अगस्त से 24 अगस्त तक अमेरिका और कनाडा का दौरा करेंगे। पिछले 25 वर्षों में अमेरिका की आधिकारिक यात्रा करने वाले वह गुजरात के पहले मौजूदा मुख्यमंत्री होंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से पहले, पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विजय रूपाणी और आनंदीबेन पटेल के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्यमंत्री रहते हुए अमेरिका नहीं गए थे। पीएम नरेंद्र मोदी जब तक मुख्यमंत्री रहे, तब तक अमेरिका ने उन्हें वीजा नहीं दिया था। भूपेंद्र पटेल गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री बनेंगे जो बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के बाद अमेरिका का दौरा करेंगे। इसके साथ ही 25 साल का इंतजार खत्म होगा। 

 

वाइब्रेंट गुजरात 2027 के लिए निवेशकों को आमंत्रण

अमेरिका में पाटीदार (या पटेल) समुदाय की बड़ी आबादी है। इसलिए, पाटीदार समुदाय से आने वाले भूपेंद्र पटेल का वहां भव्य स्वागत होने की उम्मीद है। राज्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघानी के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल “वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027” में उद्योगपतियों, निवेशकों और टेक्नोलॉजी लीडर्स को आमंत्रित करने के लिए एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दौरा करेंगे। राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद वाघानी ने बताया कि यह दौरा आगामी समिट के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने के गुजरात के प्रयासों की शुरुआत भी करेगा।

 

केशूभाई पटेल के बाद पहली बार दौरा

1995 के बाद यह पहली बार होगा जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाएगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल ने आखिरी बार 1995 और अप्रैल 2000 में एक हफ्ते की आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका का दौरा किया था। केशूभाई पटेल के बाद वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। 2005 में उन्हें यूएस वीजा देने से इनकार कर दिया गया था। 

 

पूर्व मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राओं का इतिहास

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, उनकी उत्तराधिकारी आनंदीबेन पटेल ने 2015 में गुजरात की मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना था। वह अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं। विजय रूपाणी ने 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान रूस का दौरा किया था, लेकिन उन्होंने अमेरिका या कनाडा की कोई आधिकारिक यात्रा नहीं की थी। हालांकि, 2018 में गुजरात दौरे के दौरान रूपाणी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की थी। नरेंद्र मोदी ने 2003 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की शुरुआत की थी। भूपेंद्र पटेल इसी समिट के प्रचार और आमंत्रण के लिए अमेरिका और कनाडा की यात्रा कर रहे हैं। 

 

उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शनों के लिए उमड़ी भारी भीड़, करंट की अफवाह के बाद भगदड़ जैसी स्थिति!

उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शनों के लिए उमड़ी भारी भीड़, करंट की अफवाह के बाद भगदड़ जैसी स्थिति!

mahakaleshwar naag chandreshwar temple ujjain

उज्जैन के महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में सोमवार को अफरा-तफरी मच गई। बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह के बाद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए। हालांकि प्रशासन ने घटना का खंडन किया है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 8 श्रद्धालुओं की मौत

 

हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास हुए इस हादसे घायल हुए लगभग 10 लोगों को उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभाला। फिलहाल दर्शन व्यवस्था सुचारू है। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

क्या बोला मंदिर प्रशासन

महाकाल मंदिर प्रशासक, प्रथम कौशिक ने कहा कि कुछ मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर में अफरातफरी एवं अव्यवस्था संबंधी भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका मंदिर प्रबंध समिति पूर्णतः खंडन करती है।


उन्होंने कहा कि नागपंचमी, सावन सोमवार एवं भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने से श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक रही। अब तक लगभग 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। विभिन्न मार्गों पर लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। समिति की अपील है कि श्रद्धालु केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें और भ्रामक अथवा अपुष्ट खबरों को साझा न करें।

 

नागचंद्रेश्वर मंदिर की खासियत

नागचंद्रेश्वर मंदिर में 11वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा है, इसमें फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती बैठे हैं। कहते हैं यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है। पूरी दुनिया में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें विष्णु भगवान की जगह भगवान भोलेनाथ सर्प शय्या पर विराजमान हैं। मंदिर में स्थापित प्राचीन मूर्ति में शिवजी, गणेशजी और मां पार्वती के साथ दशमुखी सर्प शय्या पर विराजित हैं। शिवशंभु के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए हैं। ALSO READ: तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

 

क्यों वर्ष में एक ही बार खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर?

सर्पराज तक्षक ने शिवशंकर को मनाने के लिए घोर तपस्या की थी। तपस्या से भोलेनाथ प्रसन्न हुए और उन्होंने सर्पों के राजा तक्षक नाग को अमरत्व का वरदान दिया। मान्यता है कि उसके बाद से तक्षक राजा ने प्रभु के सा‍‍‍न्निध्य में ही वास करना शुरू कर दिया। लेकिन महाकाल वन में वास करने से पूर्व उनकी यही मंशा थी कि उनके एकांत में विघ्न ना हो अत: वर्षों से यही प्रथा है कि मात्र नागपंचमी के दिन ही वे दर्शन को उपलब्ध होते हैं। शेष समय उनके सम्मान में परंपरा के अनुसार मंदिर बंद रहता है। 

 

नागचंद्रेश्वर मंदिर खुलने का समय

नागपंचमी पर वर्ष में एक बार होने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए रात 12 बजे मंदिर के पट खोल दिए जाते हैं। अगले दिन नागपंचमी की रात 12 बजे मंदिर में फिर आरती की जाती है और इसके बाद मंदिर के पट पुनः बंद कर दिए जाते हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर की पूजा और व्यवस्था महानिर्वाणी अखाड़े के संन्यासियों द्वारा की जाती है। 

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

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Latest News Today Live Updates in Hindi : सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। लखीसराय के अशोक धाम और बीरभूम के तारापीठ में हुए 2 दर्दनाक हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला। सालभर में केवल एक दिन, नाग पंचमी पर ही खुलता है यह मंदिर।राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 8 श्रद्धालुओं की मौत
 

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास बिंदिशिनी होटल में सोमवार सुबह करीब 4 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। एसी में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। ALSO READ: तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

rahul gandhi

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की ALSO READ: NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

 

राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, मोदी जी, देखिए आपके NTA ने अभी क्या किया है। समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य के UGC-NET की परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच आयोजित की गई थीं। करीब दो महीने बाद NTA ने इन तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया, क्योंकि उसने गलत प्रश्नपत्र तैयार किए और पुराने सवाल दोहरा दिए।

 

उन्होंने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने वर्षों तक तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस जमा की, दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें सितंबर में यह सब फिर से करना होगा। गलती NTA करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतता है। मैंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज में यह बात कही है और मैं इसे कहता रहूंगा—यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह एक ऐसी मशीन बन गई है जो लोगों से सब कुछ वसूलती है। यह आपका पैसा, आपके साल, आपका मानसिक स्वास्थ्य और आपका आत्मविश्वास ले लेती है और बदले में कुछ नहीं देती। नौकरी तक नहीं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि NTA अब भी असली सवाल का जवाब नहीं दे रहा है—क्या परीक्षा से पहले ये प्रश्नपत्र लीक हुए थे? मोदी सरकार की हर दूसरी शाखा की तरह NTA भी कभी यह नहीं कहता कि गलती उसकी थी। जिस तरह हर दूसरे विवादित प्रश्नपत्र के मामले में हुआ है, मुझे पूरा यकीन है कि कोई जवाबदेही नहीं होगी। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं। NTA के नेतृत्व को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि सितंबर में दोबारा यह परीक्षा देने जा रहे हर छात्र से मैं कहना चाहता हूं—आप समस्या नहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी व्यवस्था बनाई है जो एक परीक्षा तक ठीक से आयोजित नहीं कर सकती और फिर परीक्षा देने वाले छात्रों को ही दोष देती है। आपके वर्षों को बर्बाद किया जा रहा है और हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक प्रधानमंत्री मोदी इसका जवाब नहीं देते। ALSO READ: 'वंदे मातरम' विवाद के बाद सोनिया और राहुल की बढ़ी मुश्किलें, दोनों के खिलाफ थाने में दर्ज हुई FIR, मामले पर क्‍या बोले बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज?

 

कब होगी दोबारा परीक्षा?

गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसके बाद एनटीए ने एक समिति बनाकर इन प्रश्न पत्रों की जांच कराई। जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां मिली हैं। एनटीए के मुताबिक, अभ्यर्थियों पर कोई अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा।