
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की ALSO READ: NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?
राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, मोदी जी, देखिए आपके NTA ने अभी क्या किया है। समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य के UGC-NET की परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच आयोजित की गई थीं। करीब दो महीने बाद NTA ने इन तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया, क्योंकि उसने गलत प्रश्नपत्र तैयार किए और पुराने सवाल दोहरा दिए।
उन्होंने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने वर्षों तक तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस जमा की, दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें सितंबर में यह सब फिर से करना होगा। गलती NTA करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतता है। मैंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज में यह बात कही है और मैं इसे कहता रहूंगा—यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह एक ऐसी मशीन बन गई है जो लोगों से सब कुछ वसूलती है। यह आपका पैसा, आपके साल, आपका मानसिक स्वास्थ्य और आपका आत्मविश्वास ले लेती है और बदले में कुछ नहीं देती। नौकरी तक नहीं।
Modi ji, look at what your NTA has just done.
UGC-NET exams for Sociology, English and Commerce were held between 22 and 30 June. Nearly two months later, NTA has cancelled all three because it set faulty papers and repeated old questions.
Thousands of candidates who prepared… https://t.co/TUMhhMhjvL
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 17, 2026
कांग्रेस नेता ने कहा कि NTA अब भी असली सवाल का जवाब नहीं दे रहा है—क्या परीक्षा से पहले ये प्रश्नपत्र लीक हुए थे? मोदी सरकार की हर दूसरी शाखा की तरह NTA भी कभी यह नहीं कहता कि गलती उसकी थी। जिस तरह हर दूसरे विवादित प्रश्नपत्र के मामले में हुआ है, मुझे पूरा यकीन है कि कोई जवाबदेही नहीं होगी। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं। NTA के नेतृत्व को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सितंबर में दोबारा यह परीक्षा देने जा रहे हर छात्र से मैं कहना चाहता हूं—आप समस्या नहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी व्यवस्था बनाई है जो एक परीक्षा तक ठीक से आयोजित नहीं कर सकती और फिर परीक्षा देने वाले छात्रों को ही दोष देती है। आपके वर्षों को बर्बाद किया जा रहा है और हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक प्रधानमंत्री मोदी इसका जवाब नहीं देते। ALSO READ: 'वंदे मातरम' विवाद के बाद सोनिया और राहुल की बढ़ी मुश्किलें, दोनों के खिलाफ थाने में दर्ज हुई FIR, मामले पर क्या बोले बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज?
कब होगी दोबारा परीक्षा?
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसके बाद एनटीए ने एक समिति बनाकर इन प्रश्न पत्रों की जांच कराई। जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां मिली हैं। एनटीए के मुताबिक, अभ्यर्थियों पर कोई अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा।


