श्वेतक्रांति की अग्रदूत बनीं UP की पौने चार लाख महिलाएं, योगी सरकार की नीतियों का असर

श्वेतक्रांति की अग्रदूत बनीं UP की पौने चार लाख महिलाएं, योगी सरकार की नीतियों का असर

White Revolution UP

White Revolution UP: उत्तर प्रदेश के गांवों में पौने चार लाख महिलाएं श्वेतक्रांति की नई ताकत बनकर उभरी हैं। योगी सरकार के ग्रामीण आजीविका मिशन और डेयरी मॉडल से जुड़कर ये महिलाएं अब केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दूध के संग्रह से लेकर उसकी गुणवत्ता जांच, बिक्री और भुगतान तक की कमान खुद संभाल रहीं हैं। प्रदेश के 31 जिलों में महिलाएं प्रतिदिन करीब 12.5 लाख लीटर दूध का संग्रह कर रहीं हैं। इस बदलाव का सीधा असर महिलाओं की आमदनी पर भी पड़ा है और इनमें से 73 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आजीविका मिशन के जरिए ग्रामीण कारोबार को बिचौलियों से मुक्त कर महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ने का अभियान चलाया गया है। गांवों में तैयार हुआ यह नेटवर्क महिलाओं को दूध की सही कीमत दिलाने के साथ कारोबार का पूरा हिसाब भी उनके हाथ में दे रहा है। मोबाइल एप और डिजिटल मशीनों के इस्तेमाल से दूध की मात्रा, फैट की जांच, कीमत और भुगतान का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो रहा है।

गांव में रहकर संभाल रहीं लाखों का कारोबार

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन लंबे समय से परिवारों की आय का महत्वपूर्ण जरिया रहा है। पशुओं की देखभाल और दूध उत्पादन में महिलाओं की भूमिका सबसे अधिक होने के बावजूद दूध की बिक्री, कीमत तय करने और हिसाब-किताब में उनकी सीधी भागीदारी सीमित रहती थी। अब डेयरी के नए मॉडल के जरिए इस व्यवस्था को बदलना शुरू किया गया है। अब गांव की महिलाएं खुद दूध उत्पादक समूहों और कंपनियों से जुड़कर कारोबार संभाल रही हैं।

 

इस मॉडल की खास बात यह है कि महिलाओं को अपने गांव में रहकर ही नियमित बाजार मिल रहा है। संग्रह केंद्रों पर दूध पहुंचाने के बाद उसकी मात्रा और गुणवत्ता का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज हो जाता है। इससे महिला पशुपालकों को यह पता रहता है कि दूध का मात्रा कितनी है, फैट कितना है और उसके बदले कितना भुगतान मिलेगा।

बिचौलियों से मुक्ति, सीधे खाते में पहुंच रहा पैसा

डिजिटल व्यवस्था ने दूध कारोबार में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के साथ पारदर्शिता बढ़ाई है। पहले ग्रामीण पशुपालकों को स्थानीय खरीदारों पर निर्भर रहना पड़ता था। कीमत और गुणवत्ता की जांच को लेकर भी उनके पास सीमित विकल्प होते थे। नई व्यवस्था में दूध की गुणवत्ता मशीन से जांची जा रही है और उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज हो रहा है। इससे दूध की कीमत को लेकर होने वाली असमंजस की स्थिति कम हुई है। भुगतान की जानकारी भी डिजिटल रिकॉर्ड में रहने से महिलाओं को अपने कारोबार और आमदनी का स्पष्ट हिसाब मिल रहा है। इसका फायदा परिवार के आर्थिक प्रबंधन में भी दिखाई दे रहा है।

73 हजार से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि डिजिटल डेयरी नेटवर्क का असर महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में महिला नेतृत्व वाले इस दुग्ध मॉडल से जुड़कर 73 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यानी डेयरी कारोबार उनके लिए अतिरिक्त आमदनी का साधन भर नहीं रह गया है, बल्कि नियमित और मजबूत आजीविका के रूप में उभरा है। प्रदेश के 31 जिलों में फैला यह नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को भी नया स्वरूप दे रहा है। दूध उत्पादन से मिलने वाली आमदनी सीधे महिलाओं के हाथ में आने से परिवार के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरतों में उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ी है।

डिजिटल क्रांति से मुट्ठी में आया कारोबार

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि मोबाइल और डिजिटल तकनीक ने गांव की महिला पशुपालकों के लिए कारोबार को पहले से आसान बनाया है। दूध संग्रह से लेकर भुगतान तक की जानकारी ऑनलाइन होने से उन्हें अपने रोज के कारोबार का रिकॉर्ड रखने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। गांव स्तर पर तैयार यह डिजिटल नेटवर्क महिला सशक्तीकरण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है।

नितिन नवीन की टीम में 2 मुस्लिम, जानिए कौन हैं तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली?

नितिन नवीन की टीम में 2 मुस्लिम, जानिए कौन हैं तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली?

Nitin Navin Team BJP Muslim Leaders

Nitin Navin Team BJP Muslim Leaders: भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और नए चेहरों को शामिल करने की रणनीति के तहत नितिन नवीन की टीम में दो प्रमुख मुस्लिम नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को टीम में शामिल कर पार्टी ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। इन दो नेताओं को संगठन में तरजीह मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आखिर ये दोनों चेहरे कौन हैं और पार्टी में इनकी क्या भूमिका रही है।

किसको क्या जिम्मेदारी मिली? 

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन द्वारा अपनी संगठनात्मक टीम का विस्तार करते हुए सभी वर्गों को साधने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इस नई टीम में दो प्रमुख मुस्लिम नेताओं—डॉ. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को स्थान दिया गया है। पार्टी के इस कदम को सबका साथ, सबका विकास और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच पैठ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आइए जानते हैं कि कौन हैं ये दो मुस्लिम चेहरे जिन्हें संगठन में यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा ने मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है, जबकि बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। ALSO READ: BJP की नई टीम का ऐलान: स्मृति ईरानी-वसुंधरा राजे की वापसी, पीयूष गोयल बने कोषाध्यक्ष

कौन हैं तारिक मंसूर?

डॉ. तारिक मंसूर एक जाने-माने शिक्षाविद और प्रबुद्ध राजनेता हैं। डॉ. मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कुलपति (Vice-Chancellor) रह चुके हैं। एएमयू के वीसी पद से इस्तीफा देने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य (MLC) बनाया गया था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी भी दी है।

डॉ. मंसूर को शिक्षित मुस्लिम वर्ग (पसमांदा और प्रबुद्ध समाज) के बीच पार्टी की छवि सुधारने और संवाद स्थापित करने के लिए एक मजबूत चेहरा माना जाता है। नितिन नवीन की टीम में उनकी मौजूदगी से बौद्धिक और नीतिगत फैसलों में संतुलन बनने की उम्मीद है। ALSO READ: नितिन नवीन की नई टीम में मध्यप्रदेश के 6 चेहरों को जगह, गजेंद्र पटेल महामंत्री, कविता पाटीदार मंत्री, बंशीलाल गुर्जर बनें किसान मोर्चा अध्यक्ष

कौन हैं कुंवर बासित अली?

कुंवर बासित अली भाजपा के युवा और ऊर्जावान अल्पसंख्यक नेताओं में गिने जाते हैं। कुंवर बासित अली लंबे समय से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े रहे हैं और उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर मुस्लिम समुदाय, खासकर पसमांदा मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने के लिए कई अभियान चलाए हैं।

बासित अली की पकड़ युवाओं और कैडर-स्तर के कार्यकर्ताओं पर काफी मजबूत मानी जाती है। नितिन नवीन की टीम में उन्हें शामिल कर पार्टी ने जमीनी स्तर पर अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को साधने का प्रयास किया है।

क्या हैं इन नियुक्तियों के मायने? 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इन नियुक्तियों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा यूपी चुनाव से पहले यह संदेश देना चाहती है कि वह केवल चुनावी राजनीति तक सीमित न रहकर संगठन के भीतर भी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। आने वाले चुनावों में इन दोनों नेताओं की भूमिका अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि बहुत लंबे समय बाद राष्ट्रीय पटल पर दो मुस्लिम चेहरे उभरे हैं। इससे पहले मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान थी।

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

Asian Open Short Track Speed Skating Trophy: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देहरादून में आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से प्रतियोगिता में भाग लेने आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी। खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करते हैं।

जीत और हार खेल के दो पहलू, लेकिन…

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए जीत और हार खेल के दो पहलू हैं, लेकिन वास्तविक सफलता खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और कभी हार न मानने वाली दृढ़ इच्छाशक्ति में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना की भी मिसाल पेश करेंगे और यहां से शानदार अनुभव एवं मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखंड में खेल पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करते हैं।

खेलों को लेकर सोच में आया बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रारंभ हो चुका है।

पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर

उन्होंने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्तियों के साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो। एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का आयोजन 17 से 20 अगस्त तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।

 

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष म्योंग ही चांग, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल सुश्री दीप्ति सिंह एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

21 एकड़ में 100 करोड़ का ISBT, सुविधाएं एयरपोर्ट बराबर, लेकिन हजारों यात्रियों को अब भी संचालन का इंतजार

21 एकड़ में 100 करोड़ का ISBT, सुविधाएं एयरपोर्ट बराबर, लेकिन हजारों यात्रियों को अब भी संचालन का इंतजार

ISBT indore

इंदौर में प्रोजेक्‍ट तो शुरू कर दिए जाते हैं, लेकिन समय पर पूरे नहीं होते हैं, ऐसे कई अधूरे प्रोजेक्‍ट अपने संचालन का इंतजार कर रहे हैं, इनमें से एक है 100 करोड़ का ISBT बस स्‍टैंड। दरअसल, इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कुमेड़ी में करीब 21 एकड़ क्षेत्र में आईएसबीटी (ISBT) विकसित किया गया है।

शहर के यातायात के दबाव को कम करने और अंतरराज्यीय बस सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया कुमेड़ी आईएसबीटी (ISBT) यानी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल करीब 2 साल बाद भी यात्रियों के इंतजार में है। एमआर-10 पर एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित वातानुकूलित टर्मिनल तैयार है, सुविधाएं मौजूद हैं और संचालन के लिए एजेंसी भी तय हो चुकी है।

बस संचालकों के साथ दो बार बैठक हो चुकी है, लेकिन संचालन पर अंतिम निर्णय नहीं होने से प्रक्रिया अटकी हुई है। जिम्मेदारों द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने से करोड़ों रुपए खर्च कर तैयार की गई सुविधा यात्रियों के उपयोग में नहीं आ पा रही है।

इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कुमेड़ी में करीब 21 एकड़ क्षेत्र में आईएसबीटी (ISBT) विकसित किया गया है। लंबे समय तक संचालन एजेंसी नहीं मिलने से प्रक्रिया लटकी रही। पांच बार टेंडर प्रक्रिया के बाद पुणे की बीवीजी (BVG) कंपनी को संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई। करीब तीन महीने पहले एजेंसी तय होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं हो सका।

बीते माह कलेक्टर शिवम वर्मा और आइडीए सीईओ परीक्षित झाड़े ने आईएसबीटी (ISBT) का दौरा किया था। इस दौरान सीईओ (CEO) झाड़े ने कहा था कि संचालन शुरू करने की कवायद चल रही है और जल्द ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, संचालन एजेंसी बीवीजी (BVG) ने आईडीए के साथ संचालन को लेकर एग्रीमेंट कर लिया है और अब आईएसबीटी में व्यवस्थाएं जुटाने का कार्य कर रही है।

रोज चलेंगी 1440 बसें : आईएसबीटी (ISBT) से प्रतिदिन करीब 1440 बसों के संचालन का दावा किया जा रहा है। यहां राजस्थान, गुजरात और दिल्ली के लंबे रूटों की बसों को यहां स्थानांतरित करने की योजना है। वहीं उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा आदि शहरों के लिए सरवटे से संचालित बसें भी आईएसबीटी होते हुए चल सकेंगी। सिंहस्थ-2028 के दौरान इसकी उपयोगिता और बढ़ जाएगी।

क्‍या खास है आईएसबीटी में : आईएसबीटी में यात्रियों के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय,32 बोर्डिंग-डिबोर्डिंग-बे और 14 एसी टिकट काउंटर बनाए गए हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग के साथ ऑटो और ई-रिक्शा के लिए भी व्यवस्था की गई है। बस संचालन शुरू होने पर यात्रियों को एक ही परिसर में टिकट, प्रतीक्षा और पार्किंग जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। बस स्‍टैंड को जल्‍द से जल्‍द शुरू करने के लिए एक बार फिर से कवायद शुरू की गई है, देखना है यह प्रोजेक्‍ट कब आम लोगों के लिए संचालित हो सकेगा।

Twisha Sharma Death Case: CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, रिटायर्ड जिला जज और बेटे को बनाया आरोपी

Twisha Sharma Death Case: CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, रिटायर्ड जिला जज और बेटे को बनाया आरोपी

twisha sharma

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को 636 पन्नों की चार्ज शीट दाखिल कर दी। इस मामले में जांच एजेंसी ने रिटायर्ड जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ बीएनएस और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

 

सीबीआई ने भोपाल जिला अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में चालान पेश कर दिया। चालान में दर्ज तथ्यों और जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों व साक्ष्यों का अदालत अध्ययन कर रही है। वहीं, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने भी चालान की प्रतियां और उसमें शामिल साक्ष्यों का परीक्षण शुरू कर दिया है। अब इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।

 

रिटायर्ड जज और बेटे को बनाया आरोपी

जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने अब अदालत में चालान पेश किया है। इसमें पूर्व जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2), 85 और 108 के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत आरोप लगाए गए हैं। इन धाराओं के तहत दहेज से जुड़े अपराध, महिला के साथ क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित आरोपों की न्यायिक जांच होगी।

कौन थीं ट्विशा शर्मा?

मॉडल और पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली थीं। वह पढ़ाई-लिखाई में अच्छी होने के साथ-साथ ग्लैमर और क्रिएटिव फील्ड में भी काफी रुचि रखती थीं। 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए ट्विशा शर्मा की मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में परिवार की सहमति से दिसंबर 2025 में शादी हुई।

 

12 मई को फंदे पर मिली थी ट्विशा की लाश

12 मई को ट्विशा शर्मा की लाश फंदे पर मिली थी। घटना के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे और पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला आगे बढ़ा। बाद में जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को मिली। सीबीआई ने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य जुटाए और उनकी कड़ियों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।

नितिन नवीन की नई टीम में मध्यप्रदेश के 6 चेहरों को जगह, गजेंद्र पटेल महामंत्री, कविता पाटीदार मंत्री, बंशीलाल गुर्जर बनें किसान मोर्चा अध्यक्ष

नितिन नवीन की नई टीम में मध्यप्रदेश के 6 चेहरों को जगह, गजेंद्र पटेल महामंत्री, कविता पाटीदार मंत्री, बंशीलाल गुर्जर बनें किसान मोर्चा अध्यक्ष

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। नई टीम में मध्यप्रदेश के छह नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें लाल सिंह आर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री, कविता पाटीदार को राष्ट्रीय मंत्री, वीडी शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक, बंशीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा का अध्यक्ष और आशीष अग्रवाल को मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है। 

मध्यप्रदेश के छह चेहरों पर भरोसा-नितिन नबीन की टीम में मध्यप्रदेश के नेताओं को मिली जिम्मेदारियों को प्रदेश संगठन के बढ़ते राजनीतिक महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि प्रदेश से अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों को साधते हुए चेहरों को जगह मिली है। एससी वर्ग से आने वाले ग्वालियर-चंबल के  वरिष्ठ नेता लाल सिंह आर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाई गई है। आर्य लंबे समय से भाजपा के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े रहे हैं और अब तक अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। 
 
आदिवासी-पाटीदार और किसान समीकरण पर फोकस-खरगौन सांसद गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिलना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार को राष्ट्रीय मंत्री बनाकर महिला नेतृत्व को भी नई टीम में जगह दी गई है। किसान मोर्चा की कमान बंशीलाल गुर्जर को सौंपना किसानों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा सकता है।
 
वहीं मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। यह पद संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच समन्वय के लिहाज से अहम माना जा सकता है। हलांकि वीडी शर्मा के संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उनकी नई भूमिका कमतर कही जा सकती है।
 
वहीं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल को नितिन नबीन की नई टीम में मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है। ऐसे समय में जब भाजपा संगठन डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और नैरेटिव की लड़ाई को लगातार अधिक महत्व दे रहा है, मीडिया टीम में मध्यप्रदेश के चेहरे को जिम्मेदारी मिलना प्रदेश संगठन के लिए अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
 
मध्यप्रदेश से छह नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे प्रदेश की भूमिका राष्ट्रीय संगठन में और मजबूत होती दिखाई दे रही है। खासकर किसान, महिला, अनुसूचित जाति, संगठन और मीडिया जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की मौजूदगी अब सीधे भाजपा के केंद्रीय संगठन में दिखाई देगी।

BJP की नई टीम का ऐलान: स्मृति ईरानी-वसुंधरा राजे की वापसी, पीयूष गोयल बने कोषाध्यक्ष

BJP की नई टीम का ऐलान: स्मृति ईरानी-वसुंधरा राजे की वापसी, पीयूष गोयल बने कोषाध्यक्ष

nitin nabin new BJP National Team

भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को अपनी नई टीम का एलान कर दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और वसुंधरा राजे की भी राष्‍ट्रीय राजनीति में वापसी हुई है। उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया है। पीयूष गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया। 

 

नितिन नबीन की टीम में राम माधव, वसुंधरा राजे समेत 13 लोगों को राष्‍ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। बीएल संतोष राष्‍ट्रीय महामंत्री संगठन और शिवप्रकाश और सौदान सिंह को सह महामंत्री संगठन बनाया गया है। विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, सतीश पुनिया को राष्‍ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया है।

 

मध्यप्रदेश की कविता पाटीदार राष्‍ट्रीय महामंत्री बनी हैं। उनके साथ ही 16 अन्य नेताओं को भी यह जिम्मेदारी मिली है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पार्टी के कोषाध्यक्ष और राजेश मंगल सह कोषाध्यक्ष होंगे। राज्यसभा सांसद तरुण चुघ राष्‍ट्रीय कार्यालय प्रभारी और महेंद्र पांडे राष्‍ट्रीय कार्यालय मंत्री होंगे।

इन चेहरों को भी मिली अहम जिम्मेदारी

हेमांग जोशी को युवा मोर्चा, रुप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा, अमरपाल मौर्य को OBC मोर्चा, बंसीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा की जिम्मेदारी मिली है। शिवेश कुमार राम एससी मोर्चा, डॉ मन्ना लाल रावत एसटी मोर्चा और कुंवर बासित अली अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रमुख होंगे।

 

अमित मालवीय की छुट्‍टी

अनिल बलूनी मीडिया संयोजक बनाए गए हैं। अमित मालवीय के स्थान पर सोशल मीडिया की जिम्मेदारी महाराष्‍ट्र के दीपक महस्के को सौंपी गई है। उन्हें प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्‍ट और अरूण यादव का साथ मिलेगा।

अयोध्या में सावन झूला मेले का आगाज, रामनगरी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचेंगे, 28 अगस्त तक सजेगी झूलन विहार की छटा

अयोध्या में सावन झूला मेले का आगाज, रामनगरी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचेंगे, 28 अगस्त तक सजेगी झूलन विहार की छटा

Ayodhya Sawan Mela

Ayodhya Sawan Mela: ​रामनगरी अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं का महाकुंभ माना जाने वाला प्रसिद्ध सावन झूला मेला शनिवार से पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस 14 दिवसीय धार्मिक उत्सव के पहले दिन मणिपर्वत पर भगवान श्रीराम और माता सीता का भव्य झूला विहार आयोजित हुआ। इस पावन अवसर पर अयोध्या धाम के विभिन्न मंदिरों से 11 भव्य झांकियां पारंपरिक रास्तों से होते हुए मणिपर्वत पहुंचीं। पूरे मेला अवधि के दौरान 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के रामनगरी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

​मंदिरों के शहर में उत्सव की छटा

लगभग 5000 से अधिक छोटे-बड़े मंदिरों वाली पावन अयोध्यापुरी के प्रमुख स्थानों— श्रीराम जन्मभूमि, कनक भवन, राजा दशरथ महल, अशर्फी भवन, राम वल्लभा कुंज, दिव्या कला कुंज, विअहुति भवन, रंग महल, जानकी महल, राज सदन, रूप कला कुंज और मणिराम दास जी की छावनी में इस उत्सव की अद्भुत आभा देखते ही बन रही है।

​6 जोन और 29 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र

मेले के सुचारू संचालन के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 6 जोन और 29 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिसमें अकेले मणिपर्वत क्षेत्र को 1 जोन और 5 सेक्टरों में बांटा गया है। ​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गौरव ग्रोवर ने बताया कि सावन झूला मेला श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का प्रतीक है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन के जरिए सतत निगरानी रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी अधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं।

Ayodhya Sawan Mela

​एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के अनुसार मेले की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बल तैनात किया गया है। इनमें 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 पुलिस उपाधीक्षक, 60 निरीक्षक, 275 उपनिरीक्षक, 30 महिला उपनिरीक्षक, 150 हेड कांस्टेबल, 800 कांस्टेबल, 25 महिला हेड कांस्टेबल और 80 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। इनके अलावा पीएसी की 10 कंपनियां (बाढ़ राहत दल सहित), आरएएफ की 2 कंपनियां, एटीएस कमांडो की 1 टीम और एसडीआरएफ की 2 टीमों को भी तैनात किया गया है। 30 हल्के वाहन चालक, 30 ड्रैगन लाइटें और 2 ड्रोन कैमरे भी लगाए गए हैं। ​

त्रेतायुग से चली आ रही है झूलन की परंपरा

स्थानीय संतों के अनुसार, सावन झूला मेला मनाने की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। मान्यता है कि रामलला के जन्म के चार महीने बाद माता कौशल्या ने राजा दशरथ की अन्य रानियों के साथ मिलकर रामलला और उनके भाइयों को झूला झुलाया था और कजरी गीत गाए थे। यही परंपरा आज भी अयोध्या के मंदिरों में जीवंत है, जहां सावन के पूरे महीने प्रभु श्रीराम को सुंदर वस्त्रों व आभूषणों से सजाकर प्रतिदिन झूला झुलाया जाता है।

​रामलला के दर्शन और कुबेर टीला पर झूलन विहार

राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि इस बार सावन झूला मेले के दौरान पहली बार आम श्रद्धालुओं को रामलला को झूला झुलाने का अवसर देने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। ​राम मंदिर के अनुष्ठान प्रभारी और मेला व्यवस्थापक आचार्य इंद्रदेव मिश्र के अनुसार सुरक्षा कारणों से सावन उत्सव के दौरान रामलला का झूला कुबेर टीला ले जाया जाएगा, जहां ‘झूलन विहार’ समारोह संपन्न होगा। इस दौरान प्रतिदिन विभिन्न मंदिरों से देवी-देवताओं की शोभायात्राएं निकलेंगी, जिनका समापन मणिपर्वत पर सांस्कृतिक आयोजनों के साथ होगा।

इंदौर में रेस्त्रां संचालक के बेटे ने बेरहमी से मारा, क्षत-विक्षत हालत में ट्रैक पर मिला शव, नोच रहे थे आवारा कुत्ते

इंदौर में रेस्त्रां संचालक के बेटे ने बेरहमी से मारा, क्षत-विक्षत हालत में ट्रैक पर मिला शव, नोच रहे थे आवारा कुत्ते

बाणगंगा थाना क्षेत्र में रेस्त्रां संचालक के बेटे ने बुजुर्ग कर्मचारी की चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस को मृतक का शव रेलवे ट्रैक के समीप मिला। शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हालत में था। पुलिस ने आरोपी के पिता को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद आरोपी ने अपनी मां को फोन कर घटना की जानकारी दी और उसने चोरी की शंका में हत्या करना बताया था।

पुलिस के मुताबिक सागर निवासी 55 वर्षीय श्रीराम पुत्र प्रभुसिंह राजपूत शिवकंठ नगर में रहता था और दीपमाला ढाबा के समीप लक्ष्मीनारायण भाटी के रुचि रेस्त्रां में काम करता था। शाम को श्रीराम का शव रेस्त्रां से करीब ढाई किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक के समीप पड़ा मिला। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली एक महिला ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी। शव को आवारा कुत्ते नोच रहे थे।

पुलिस ने आसपास छानबीन की तो श्रीराम की जानकारी मिली। शाम को पुलिस ने आरोपित के पिता लक्ष्मीनारायण को हिरासत में ले लिया। आरोपी के पिता ने पूछताछ में बताया कि उसके बेटे राहुल ने चाकू मारकर श्रीराम की हत्या की है। वह उस पर रेस्त्रां में चोरी करने का शक करता था। पुलिस ने राहुल की मां से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि घटना के बाद राहुल ने फोन कर कहा था कि उसने रेस्त्रां में काम करने वाले श्रीराम को मार दिया है।

CJP कार्यकर्ता के पिता की पीट-पीटकर जान ली, बंगाल में सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाना पड़ा भारी, दीपके ने साधा निशाना

CJP कार्यकर्ता के पिता की पीट-पीटकर जान ली, बंगाल में सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाना पड़ा भारी, दीपके ने साधा निशाना

CJP West Bengal News

CJP Worker Father Murder in West Bengal: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'स्कूल ठीक करो' एक सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को उजागर करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। जानकारी के मुताबिक स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाने वाले कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता मुहम्मद माफिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भारी बवाल मचा हुआ है। घटना के बाद बड़ी संख्या में सीजेपी कार्यकर्ता हफीज के घर पहुंचे। 

 

अरअसल, 13 अगस्त की रात बांकुड़ा के करिसुंडा गांव में CJP वॉलेंटियर अब्दुल हफीज ने स्थानीय सरकारी स्कूल की बदहाली का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद कुछ हथियारबंद लोगों ने हफीज के घर पर हमला बोल दिया और उनके बुजुर्ग पिता मुहम्मद माफिक के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल पिता ने इलाज के दौरान शनिवार को दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है, वहीं विपक्षी नेताओं और CJP के प्रमुख पदाधिकारियों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ALSO READ: 20 जुलाई को कहां थे भागवत? RSS के Gen-Z संवाद पर CJP प्रमुख दीपके का हमला, बोले- अब बहुत देर हो गई!

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, CJP कार्यकर्ता ने हाल ही में स्थानीय सरकारी स्कूल का दौरा किया था, जहां उसने पाया कि स्कूल की इमारत जर्जर स्थिति में है और बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कार्यकर्ता ने इस पूरे घटनाक्रम और स्कूल की दुर्दशा का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था तथा स्थानीय प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। ALSO READ: CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता ने बेटे की विदेश में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की

 

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े कुछ असामाजिक तत्वों में भारी नाराजगी फैल गई। आरोप है कि इसी रंजिश के तहत दबंगों के एक समूह ने CJP कार्यकर्ता के घर पर धावा बोल दिया। दबंगों ने लाठी-डंडों से बुजुर्ग की बेदर्दी से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

क्या कहा सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने? 

घटना की जानकारी मिलते ही CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने इस जघन्य हत्याकांड पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि बंगाल में सच बोलना और भ्रष्टाचार या बदहाली को उजागर करना कितना खतरनाक हो चुका है। महज एक सरकारी स्कूल की बदहाली का सच सामने लाने पर एक बेकसूर पिता की जान ले ली गई। अपराधियों को सत्ता और स्थानीय प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। CJP इस मामले में शांत नहीं बैठेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

पुलिस की कार्रवाई और इलाके में तनाव

घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मुख्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति और जमीनी स्तर पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।