
CJP Worker Father Murder in West Bengal: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'स्कूल ठीक करो' एक सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को उजागर करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। जानकारी के मुताबिक स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाने वाले कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता मुहम्मद माफिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भारी बवाल मचा हुआ है। घटना के बाद बड़ी संख्या में सीजेपी कार्यकर्ता हफीज के घर पहुंचे।
अरअसल, 13 अगस्त की रात बांकुड़ा के करिसुंडा गांव में CJP वॉलेंटियर अब्दुल हफीज ने स्थानीय सरकारी स्कूल की बदहाली का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद कुछ हथियारबंद लोगों ने हफीज के घर पर हमला बोल दिया और उनके बुजुर्ग पिता मुहम्मद माफिक के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल पिता ने इलाज के दौरान शनिवार को दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है, वहीं विपक्षी नेताओं और CJP के प्रमुख पदाधिकारियों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ALSO READ: 20 जुलाई को कहां थे भागवत? RSS के Gen-Z संवाद पर CJP प्रमुख दीपके का हमला, बोले- अब बहुत देर हो गई!
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, CJP कार्यकर्ता ने हाल ही में स्थानीय सरकारी स्कूल का दौरा किया था, जहां उसने पाया कि स्कूल की इमारत जर्जर स्थिति में है और बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कार्यकर्ता ने इस पूरे घटनाक्रम और स्कूल की दुर्दशा का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था तथा स्थानीय प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। ALSO READ: CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता ने बेटे की विदेश में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े कुछ असामाजिक तत्वों में भारी नाराजगी फैल गई। आरोप है कि इसी रंजिश के तहत दबंगों के एक समूह ने CJP कार्यकर्ता के घर पर धावा बोल दिया। दबंगों ने लाठी-डंडों से बुजुर्ग की बेदर्दी से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्या कहा सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने?
घटना की जानकारी मिलते ही CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने इस जघन्य हत्याकांड पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि बंगाल में सच बोलना और भ्रष्टाचार या बदहाली को उजागर करना कितना खतरनाक हो चुका है। महज एक सरकारी स्कूल की बदहाली का सच सामने लाने पर एक बेकसूर पिता की जान ले ली गई। अपराधियों को सत्ता और स्थानीय प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। CJP इस मामले में शांत नहीं बैठेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
पुलिस की कार्रवाई और इलाके में तनाव
घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मुख्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति और जमीनी स्तर पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


