SIM Card Rules: 9 से ज्यादा SIM रखने वालों पर कसेगा शिकंजा, 23 अगस्त से लागू होगा नया नियम; जानें क्या बदलेगा

SIM Card Rules: 9 से ज्यादा SIM रखने वालों पर कसेगा शिकंजा, 23 अगस्त से लागू होगा नया नियम; जानें क्या बदलेगा

भारत में मोबाइल SIM कार्ड को लेकर नियम और सख्त होने जा रहे हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) अब ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल करेगा, जो अपने नाम पर निर्धारित अधिकतम संख्या में SIM कार्ड पहले ही ले चुके हैं। ऐसे यूजर्स को अतिरिक्त मोबाइल कनेक्शन लेने से रोका जाएगा।

 

देश के अधिकांश हिस्सों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा 6 SIM कार्ड की है। सरकार का मुख्य उद्देश्य SIM कार्ड के जरिए होने वाले धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध पर लगाम लगाना है।

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10वां SIM लेने की कोशिश की तो क्या होगा?

 

एक बार निर्धारित सीमा पूरी होने के बाद टेलीकॉम कंपनियां उसी व्यक्ति के नाम पर नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं कर सकेंगी। नए सिस्टम के तहत यदि किसी व्यक्ति के नाम पर 9 SIM कार्ड हैं, तो उसकी जानकारी और उपलब्ध होने पर फोटो भी Digital Intelligence Platform (DIP) पर दिखाई देगी। टेलीकॉम कंपनियां नया कनेक्शन देने से पहले यह जांच सकेंगी कि ग्राहक पहले ही तय सीमा तक SIM ले चुका है या नहीं।

 

यह व्यवस्था 23 अगस्त 2026 से लागू होने की योजना है। शुरुआत में टेलीकॉम कंपनियां नए कनेक्शन जारी करने से पहले DIP में उपलब्ध जानकारी के आधार पर क्रॉस-चेक करेंगी। इसके बाद सिस्टम को धीरे-धीरे अधिक ऑटोमेटेड बनाया जाएगा।

 

पहले से लिमिट से ज्यादा SIM हैं तो क्या होगा?

 

नए नियम उन लोगों पर भी लागू होंगे, जिनके नाम पर पहले से तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं। ऐसे अतिरिक्त SIM कार्ड की पहचान कर उन्हें डिस्कनेक्ट किया जा सकता है। DoT की तकनीक पहले से ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए हासिल किए गए SIM कार्ड या निर्धारित सीमा से ज्यादा कनेक्शन की पहचान करने में सक्षम है।

 

SIM कार्ड के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड पर लगाम

 

सरकार के इस कदम का बड़ा मकसद उन SIM कार्ड के इस्तेमाल को रोकना है, जिनका इस्तेमाल अपराधी दूसरे लोगों की पहचान बनाकर, वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध करने के लिए करते हैं। DIP के जरिए DoT पहले से ही टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों, पुलिस और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ SIM और टेलीकॉम दुरुपयोग से जुड़ी जानकारी साझा करता है।

 

नवंबर 2026 तक टेलीकॉम कंपनियों को करना होगा सिस्टम तैयार

 

DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर 2026 तक रियल-टाइम SIM जांच व्यवस्था लागू करने और अपने सिस्टम को Digital Intelligence Platform के साथ पूरी तरह इंटीग्रेट करने की समयसीमा दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तय सीमा से ज्यादा SIM रखने वाले ग्राहकों की पहचान जल्द हो सके और अतिरिक्त कनेक्शन पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

 

ASTR भी करेगा फर्जी SIM की पहचान

 

सरकार ने फर्जी दस्तावेजों या निर्धारित सीमा से अधिक संख्या में जारी किए गए SIM कार्ड की पहचान के लिए ASTR नाम का AI आधारित सिस्टम भी तैयार किया है। यह तकनीक संदिग्ध या फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मोबाइल कनेक्शन का पता लगाने में मदद करती है।

 

CNAP से कॉल आने पर दिखेगा नाम

 

SIM कार्ड की संख्या सीमित करने के साथ टेलीकॉम सेक्टर में एक और बड़ा बदलाव Calling Name Presentation (CNAP) के रूप में हो रहा है। CNAP के जरिए जब किसी व्यक्ति के पास कॉल आएगी तो मोबाइल स्क्रीन पर उस नंबर से जुड़ा नाम दिखाई देगा, भले ही वह नंबर कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव न हो। CNAP में टेलीकॉम कंपनियों के पास मौजूद KYC जानकारी का इस्तेमाल किया जाएगा, न कि किसी क्राउडसोर्स्ड डेटाबेस का।

 

कुल मिलाकर, SIM की सीमा सख्त करना, DIP के जरिए जानकारी साझा करना और CNAP लागू करना सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य फर्जी मोबाइल कनेक्शन के जरिए पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने वालों पर शिकंजा कसना है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया एडवांस ऑप्टिकल फाइबर-बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन, 30 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया एडवांस ऑप्टिकल फाइबर-बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन, 30 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को धार जिले के पीथमपुर में एडवांस ऑप्टिकल फाइबर (कोर्सिस) और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग (वोल्टर्स) प्लांट्स का उद्घाटन किया। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की। उनका कहना है कि इन उद्योगों से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे राज्य का विकास तो होगा ही, देश की भी समृद्धि होगी।  

 

उद्गाटन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि रोजगारपरक उद्योग की दो नई इंडस्ट्रीज का शुभारंभ किया। भविष्य में तीस हजार से ज्यादा लोगों को यहां रोजगार मिलेगा। यहां आधुनिक इंडस्ट्रीज स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि ये डिजिटल फाइबर और लिथियम बैटरी बनाने वाली देश की तीसरी सबसे बड़ी यूनिट है। हमारे राज्य की समृद्धि के लिए, देश के आर्थिक विकास के लिए यहां जर्मन टेक्नोलॉजी पर आधारित उद्योग लगाया गया है। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य और युवाओं को नए दौर में पहुंचाएगा बीते एक माह में मैं लगातार दूसरी बार यहां आया हूं। पिछली बार भी हमने कई उद्योगों का लोकार्पण किया था। पिछले समय जो हमने एमओयू किए, वो धरातल पर उतर रहे हैं। औद्योगिक दृष्टि से हमारा धार सबसे ज्यादा आर्थिक समृद्ध जिला है। यह जिला कभी अपने पिछड़े पन के लिए जाना जाता था। आज यही जनजातीय बहुल धार और पीथमपुर सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले क्षेत्र हैं।

कैमरे की कला के पुरोधा थे गणपत राव पवार, फोटोग्राफर एसोसिएशन ने किया भावपूर्ण स्मरण

कैमरे की कला के पुरोधा थे गणपत राव पवार, फोटोग्राफर एसोसिएशन ने किया भावपूर्ण स्मरण

Photographer Ganpat Rao Pawar

देवास। 19 अगस्त को 'विश्व फोटोग्राफी दिवस' के अवसर पर देवास फोटोग्राफर एसोसिएशन द्वारा देवास स्टेट के प्रथम फोटोग्राफर, चित्रकार एवं बहुआयामी कलाकार स्वर्गीय श्री गणपत राव पवार का भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

लक्ष्मीपुरा स्थित श्री क्षत्रिय मराठा समाज पब्लिक ट्रस्ट के समाज भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. श्री पवार के व्यक्तित्व, कला-साधना और फोटोग्राफी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें देवास के फोटोग्राफी जगत का मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत बताया।

 

कला-साधना और तकनीक का कठिन दौर

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्व. श्री गणपत राव पवार के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

 

मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार श्री अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि लगभग एक शताब्दी पूर्व फोटोग्राफी आज की तरह सहज और अत्याधुनिक तकनीक से संपन्न नहीं थी। उस दौर में कांच के नेगेटिव तैयार करना और विशेष तकनीकों से तस्वीरों को आकार देना अपने आप में एक कठिन साधना थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में पवार साहब ने फोटोग्राफी को केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि कला और साधना के रूप में अपनाया। अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर उन्होंने देवास में फोटोग्राफी को एक विशिष्ट पहचान दिलाई।

 

बहुआयामी व्यक्तित्व और कलात्मक विरासत

मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार श्री रमेश भावसार ने स्व. श्री पवार से जुड़े आत्मीय संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि बचपन में वे राजबाड़ा स्थित श्री पवार के घर जाया करते थे और उन्हें स्नेह से ‘आबा’ कहकर संबोधित करते थे। श्री पवार के सबसे छोटे पुत्र प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं तबला वादक श्री अनिल पवार उनके मित्र हैं।

 

श्री भावसार ने रेखांकित किया कि गणपत राव पवार साहब का व्यक्तित्व किसी एक विधा तक सीमित नहीं था। वे फोटोग्राफी के साथ-साथ मूर्तिकला, लेखन और भजन गायन में भी पारंगत थे। उन्होंने इस कला परंपरा को अपने परिवार में रोपा, जिसे उनके चौथे पुत्र स्वर्गीय प्रेमराव पवार ने आगे बढ़ाया। श्री पवार की कलात्मक प्रतिभा का सम्मान न केवल देवास में, बल्कि इंदौर, उज्जैन सहित संपूर्ण मालवा क्षेत्र में था। आज भी उनके परिवार के सदस्य अपनी रचनात्मकता से इस विरासत को समृद्ध कर रहे हैं।

Photographer Ganpat Rao Pawar

तकनीक के दौर में कला का संदेश

वक्ताओं ने कहा कि आज फोटोग्राफी भले ही डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन एक बेहतरीन तस्वीर के पीछे की दृष्टि, धैर्य और कल्पनाशीलता का महत्व आज भी कायम है। स्व. गणपत राव पवार का जीवन नई पीढ़ी को यह संदेश देता है कि तकनीक बदल सकती है, लेकिन कला के प्रति समर्पण और साधना कभी पुरानी नहीं होती।

 

विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित श्री पवार के पुत्र श्री माणिक राव पवार ने अपने पिता के संघर्षों और देवास का नाम रोशन करने के उनके प्रयासों को याद किया।

 

आयोजन, सम्मान एवं आभार

भूमिका एवं परिचय: कार्यक्रम की भूमिका स्व. श्री पवार के पौत्र श्री अमित राव पवार ने रखी। अतिथि परिचय एसोसिएशन के मार्गदर्शक श्री राजू पुराणिक ने दिया तथा अतिथियों का स्वागत श्री प्रवीण चौहान, मुकेश नागर एवं प्रदीप श्रीवास्तव ने किया।

 

सम्मान एवं प्रदर्शनी: इस अवसर पर वरिष्ठ फोटोग्राफर श्री राजेंद्र व्यास एवं मोहन सिंह राजपूत को सम्मानित किया गया तथा उनके द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का सभी उपस्थितजनों ने अवलोकन किया।

 

संचालन एवं आभार: कार्यक्रम का सफल संचालन एसोसिएशन के संयोजक श्री देवेंद्र गौड़ ने किया एवं आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जितेंद्र शर्मा ने माना।

 

प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में मराठा समाज अध्यक्ष सुभाष शिंदे, अशोक सोमानी, शर्मिला काटे, बाला पलसे, उमेश निम्बारकर, सुरेश जायसवाल, मुकेश दरबार, प्रदीप नाथ सहित बड़ी संख्या में फोटोग्राफर, समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

SBI ने करोड़ों की Bulk FD पर घटाई ब्याज दरें, 15 अगस्त से लागू हुए नए रेट; वरिष्ठ नागरिकों को भी झटका

SBI ने करोड़ों की Bulk FD पर घटाई ब्याज दरें, 15 अगस्त से लागू हुए नए रेट; वरिष्ठ नागरिकों को भी झटका

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की घरेलू बल्क टर्म डिपॉजिट (Bulk Term Deposit) पर ब्याज दरों में कटौती की है। बैंक ने चुनिंदा अवधि की एफडी पर ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट (bps) तक की कमी की है। SBI की वेबसाइट के मुताबिक, नई ब्याज दरें 15 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

 

सामान्य ग्राहकों के लिए SBI Bulk FD की नई ब्याज दरें

 

SBI ने 7 दिन से लेकर 179 दिन तक की सभी बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट अवधि पर ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। वहीं, 180 से 210 दिन की अवधि पर ब्याज दर 10 बेसिस पॉइंट घटाई गई है। 211 दिन से लेकर 10 साल तक की अन्य अवधि पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

 

एफडी की अवधि पुरानी दर (%) नई दर (%)

  • 7 दिन से 14 दिन 4.50 4.25
  • 15 दिन से 45 दिन 5.00 4.75
  • 46 दिन से 179 दिन 5.10 4.85
  • 180 दिन से 210 दिन 5.60 5.50
  • 211 दिन से 1 साल से कम 5.60 5.60
  • 1 साल से 2 साल से कम 6.25 6.25
  • 2 साल से 3 साल से कम 6.15 6.15
  • 3 साल से 5 साल से कम 6.00 6.00
  • 5 साल से 10 साल तक 6.00 6.00
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी कम हुई SBI Bulk FD की ब्याज दर

 

वरिष्ठ नागरिकों के लिए SBI ने 7 दिन से 179 दिन की अवधि वाली बल्क एफडी पर ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। 180 से 210 दिन की अवधि पर ब्याज दर 10 बेसिस पॉइंट कम हुई है। वहीं, 211 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

 

एफडी की अवधि पुरानी दर (%) नई दर (%)

7 दिन से 14 दिन 5.00 4.75

15 दिन से 45 दिन 5.50 5.25

46 दिन से 179 दिन 5.60 5.35

180 दिन से 210 दिन 6.10 6.00

211 दिन से 1 साल से कम 6.10 6.10

1 साल से 2 साल से कम 6.75 6.75

2 साल से 3 साल से कम 6.65 6.65

3 साल से 5 साल से कम 6.50 6.50

5 साल से 10 साल तक 6.50 6.50

समय से पहले FD तोड़ने पर 1% पेनल्टी

 

SBI की बल्क डिपॉजिट के ग्राहकों के लिए सभी अवधि पर समय से पहले एफडी निकालने की स्थिति में 1 प्रतिशत की प्रीमैच्योर विदड्रॉल पेनल्टी लागू होगी। यह नियम नई जमा राशि पर लागू होगा।

 

3 करोड़ रुपये से कम की FD पर कोई बदलाव नहीं

 

SBI ने 3 करोड़ रुपये से कम की सामान्य फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। सामान्य ग्राहकों के लिए SBI की नियमित एफडी पर ब्याज दरें 3.05% से 6.40% तक हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये दरें सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक हैं।

महोबा में हाईवे जाम कर रहे Gen-अल्फा के बीच पहुंचीं DM, जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं; दिया जल्द समाधान का भरोसा

महोबा में हाईवे जाम कर रहे Gen-अल्फा के बीच पहुंचीं DM, जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं; दिया जल्द समाधान का भरोसा

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उत्तर प्रदेेश में महोबा के रैपुरा कला गांव में सड़क की बदहाली को लेकर जेन अल्फा की उठी आवाज अब प्रशासन के कानों तक पहुंच चुकी है। जिस सड़क निर्माण के लिए गांव के छात्रों ने झांसी-मिर्जापुर हाईवे यानी NH-35 तक जाम लगा दिया था। जेन अल्फा के विरोध से यातायात प्रभावित हुआ, जिसके चलते जिलाधिकारी गजल भारद्वाज आज गांव में खुद छात्रों के बीच पहुंच गई। जब डीएम साहिबा छात्रों से मिली तो वातावरण बदला हुआ नजर आया, इस बार न तो नारों की गूंज थी और न पुलिस से टकराव। 

 

महोबा डीएम ने बच्चों को अपनत्व दिखाते हुए उनके मध्य बैठ गई, उनकी बातें सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी सड़क की समस्या का जल्दी ही समाधान कराया जाएगा। गौरतलब है कि  रैपुरा कला गांव की क्षतिग्रस्त सड़क लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क की हालत खराब होने के कारण छात्रों को विद्यालय आने जाने में परेशानी होती है।

गांव की उपेक्षा से नाराज जेन अल्फा ने बीते रोज अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने के लिए झांसी-मिर्जापुर हाईवे को जाम कर दिया था। हाईवे पर यातायात रुकने के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच जमकर विवाद भी हुआ। पुलिस और छात्रों के साथ विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। विपक्ष ने इसे लेकर राजनीतिक मुद्दा बनाने लगा है। 

 

इसी कड़ी में महोबा की डीएम गजल भारद्वाज ने मामले की गंभीरता को समझते हुए गांव पहुंचीं। उन्होंने बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। बच्चों ने सड़क की बदहाली से होने वाली परेशानियां डीएम के सामने रखीं। डीएम ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण के लिए जल्द कार्रवाई की जाएगी।

 

छात्रों से इस मुलाकात में सिर्फ सड़क की बात नहीं हुई। डीएम ने बच्चों को अपने जीवन से जुड़ा एक अनुभव भी सुनाया।

 

उन्होंने बताया कि एक बार वह अपने पिता को लेकर एंबुलेंस से जा रही थीं। रास्ते में हाईवे पर जाम लगा था और एंबुलेंस भी उसी जाम में फंस गई। उस घटना को याद करते हुए उन्होंने बच्चों को समझाया कि अपनी समस्या के लिए आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन ऐसा रास्ता नहीं अपनाना चाहिए जिससे किसी दूसरे की जिंदगी खतरे में पड़ जाए या किसी जरूरतमंद को परेशानी उठानी पड़े।

 

डीएम ने छात्रों से कहा कि उनकी समस्या प्रशासन की जिम्मेदारी है और अपनी बात रखने के लिए हाईवे जाम करना जरूरी नहीं। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को गंभीरता से लिया जा रहा है और सड़क निर्माण के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।

 

डीएम और बच्चों के बीच यह मुलाकात इसलिए भी खास रही क्योंकि एक दिन पहले जहां सड़क के मुद्दे पर बच्चे पुलिस के सामने खड़े थे, वहीं अगले दिन जिले की सबसे बड़ी प्रशासनिक अधिकारी उन्हीं बच्चों के बीच बैठकर उनकी बात सुन रही थीं।

 

इस दौरान पुलिस अधीक्षक समेत जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अब ग्रामीणों और बच्चों को इंतजार उस भरोसे के पूरा होने का है, जो उन्हें डीएम ने दिया है।

 

हंगामे से शुरू हुई कहानी अब उम्मीद पर आकर ठहरी है। बच्चों ने सड़क के लिए आवाज उठाई है, अब उन्हें इंतजार है कि रैपुरा गांव की बदहाल सड़क कब राहगीरों के पक्की सड़क में बदलती दिखाई देगी।

महाकाल मंदिर में 1000 से ज्यादा जूतों के ढेर में खो गया जूता, ChatGPT ने चुटकियों में खोज निकाला

महाकाल मंदिर में 1000 से ज्यादा जूतों के ढेर में खो गया जूता, ChatGPT ने चुटकियों में खोज निकाला

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कभी-कभी किसी छोटी-सी परेशानी का हल ऐसी जगह से मिल जाता है, जिसके बारे में हमने सोचा भी नहीं होता। उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन करने गए शुभांग बोरकर का जूता गूम गया। सामने 1000 से ज्यादा जूते चप्पल थे। ऐसे में उसके लिए अपना जूता खोजना बेहद मुश्किल भरा था। इस पर उसने AI की मदद से और कुछ ही देर में उसका जूता मिल भी गया।

 

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो को Shubhang borkar नाम के शख्स ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो में वो उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर दिखाई देने वाले जूतों के ढेर के बीच अपना जूता ढूंढने की कोशिश करते नजर आते हैं। यहां इतने ज्यादा जूते रखे हुए थे कि यह समझना मुश्किल था कि इनमें उनका जूता आखिर कौन सा है?

जूते की फोटो लेकर ChatGPT से मांगी मदद

शुभांग ने अपने जूतों की फोटो और जूतों के ढेर की तस्वीर ChatGPT के साथ शेयर की। उन्होंने AI को अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह उज्जैन के महाकाल मंदिर आए हैं और बाहर रखे ढेर सारे जूतों में से अपना जूता पहचानना मुश्किल हो रहा है।

 

वीडियो के मुताबिक, ChatGPT ने जूतों की तस्वीर को देखकर उनसे कुछ सवाल पूछे। जूते के रंग, डिजाइन और दूसरी पहचान से जुड़ी जानकारी के आधार पर AI ने तस्वीर में उनके जूते को पहचानने में मदद की। 

 

आमतौर पर लोग ChatGPT का इस्तेमाल सवालों के जवाब जानने, लिखने-पढ़ने, जानकारी हासिल करने या किसी काम में मदद लेने के लिए करते हैं। बहरहाल जूता ढूंढने जैसे रोजमर्रा के काम में AI का इस्तेमाल देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी हैरान हैं।

 

Belonging: राजनीति, प्‍यार और निजी जिंदगी तक, गांधी परिवार में हुईं हत्‍याओं के बाद कैसे बदल गई सोनिया गांधी की जिंदगी

Belonging: राजनीति, प्‍यार और निजी जिंदगी तक, गांधी परिवार में हुईं हत्‍याओं के बाद कैसे बदल गई सोनिया गांधी की जिंदगी

Sonia Gandhi

भारत में विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा सोनिया गांधी की जिंदगी पर आधारित उनकी किताब Belonging 10 नवंबर को प्रकाशित होगी, लेकिन इसके पहले ही इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में जमकर हलचल है। सोनिया की इस किताब में उनकी राजनीति से लेकर उनकी जिंदगी, उनका संघर्ष और और निजी जीवन का भी जिक्र है। इसमें इटली से भारत तक के उनके सफ़र का ज़िक्र किया गया है। यह किताब प्यार, नुकसान और उन राजनीतिक फैसलों की निजी कहानी बताती है।

इसके साथ ही किताब उनके जीवन के साथ-साथ भारत में करीब छह दशकों के दौरान हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अलग नजरिया भी देती है। अल्फ्रेड ए. नॉफ़ द्वारा रिलीज़ की जाने वाली 544 पन्नों की इस किताब को एक “खुलासा करने वाली” यादों की किताब बताया जा रहा है, जो युद्ध के बाद के इटली से भारत तक के उनके जीवन का सफ़र बताती है और एक बेहद निजी और राजनीतिक कहानी सुनाती है।

पेंगुइन रैंडम हाउस की वेबसाइट पर इसके बारे में कहा गया है कि यह “एक हैरान करने वाली यादों की किताब है जो प्यार, परिवार का एक बेहद दिलचस्प तरीके से जिक्र करती है। इसमें कहा गया है कि किताब में इटली में गांधी के शुरुआती सालों और राजीव गांधी से उनकी शादी से लेकर उनके संघर्षों तक का ज़िक्र होगा।

हिंदी, साड़ी और गांधी परिवार : जानकारी अनुसार, यह किताब इंग्लैंड के कैम्ब्रिज से शुरू होती है, जहां “1965 में उन्नीस साल की छात्रा सोनिया माइनो को पहली नज़र में ही प्यार हो जाता है”- भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पोते राजीव गांधी से। इसमें बताया गया है कि किताब में उनकी प्रभावशाली सास, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से उनकी मुलाकात का ज़िक्र है और दिखाया गया है कि कैसे राजीव के साथ रहते हुए सोनिया का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह हिंदी बोलना, साड़ी पहनना और भारतीय खाने का मज़ा लेना सीखती हैं।

राजीव की हत्‍या और संजय की प्‍लैन क्रैश में मौत : बता दें कि इस किताब में उन दुखद घटनाओं का भी ज़िक्र है जो राजीव गांधी के भाई संजय की प्लेन क्रैश में मौत और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद गांधी परिवार पर गुज़रीं। अपनी माँ की मौत के बाद और सोनिया के डर के बावजूद, राजीव प्रधानमंत्री बने, और सात साल बाद राजीव की भी चुनाव प्रचार के दौरान एक आत्मघाती हमलावर द्वारा हत्या कर दी गई। इसमें यह भी बताया गया है कि सोनिया ने कई सालों तक राजनीति में आने के दबाव का विरोध किया, लेकिन बाद में वह इंडियन नेशनल कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं। एक अहम चुनाव के बाद जब पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया, तो उन्होंने इस पद को ठुकराने का ‘हैरान करने वाला फैसला’ लिया और इसके बजाय उस गठबंधन में अपनी पार्टी का नेतृत्व किया जिसने एक दशक तक देश पर शासन किया।

2004 में PM की कुर्सी ठुकराई थी : बता दें कि 2004 में कांग्रेस ने 14 सहयोगी दलों के साथ UPA बनाया। चुनाव के बाद लेफ्ट समेत कई दलों के समर्थन से UPA को 335 सांसदों का समर्थन मिला। सहयोगियों ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने 18 मई 2004 को पद ठुकरा दिया। इसके बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने।

परदे के पीछे बागडोर : NDA ने सोनिया के विदेशी नागरिक का मुद्दा उठाकर उनके पीएम बनने का विरोध किया। इसके कारण सोनिया ने पीएम पद ठुकरा दिया और मनमोहन सिंह को पीएम बनाने का प्रस्ताव रखा। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनें। हालांकि, कहा जाता है कि पर्दे के पीछे रहकर सरकार की बागडोर सोनिया के हाथों में ही थी।

किताब के बारे में प्रकाशक का कहना है कि यह किताब आज़ादी के बाद के इतिहास, मौजूदा राजनीतिक संघर्षों और 60 सालों में हुए आर्थिक और सामाजिक बदलावों के ज़रिए “भारत को एक अनोखे नज़रिए से” दिखाती है, साथ ही सोनिया गांधी की निजी खुशियों और मुश्किलों की एक करीबी तस्वीर भी पेश करती है। अल्फ्रेड ए. नॉफ़, नॉफ़ डबलडे पब्लिशिंग ग्रुप का एक इम्प्रिंट है, जो पेंगुइन रैंडम हाउस का एक डिवीज़न है।

कीव पर रूस के मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत

कीव पर रूस के मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत

zelensky putin

रूस ने गुरुवार, 20 अगस्त को तड़के यूक्रेनकी राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विस के अनुसार 33 लोग घायल हुए हैं। पूरी रात राजधानी में धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं और गुरुवार सुबह तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा।

 

रूसी हमलों ने कीव के दार्नित्स्की, स्वियातोशिन्स्की और सोलोमियांस्की जिलों में 12 जगहों को निशाना बनाया। हमलों में रिहायशी इमारतों, एक मेडिकल सेंटर और एक शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचा है।

 

सोलोमियांस्की जिले में नौ मंजिला रिहायशी इमारत की सबसे ऊपरी दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं और इमारत के दूसरे हिस्सों में आग लग गई। दो अन्य रिहायशी इमारतों और एक स्कूल के शेल्टर में भी लोग फंस गए। रूस ने हाल के समय में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज किए हैं। इसका एक मकसद यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ाना और उसके पास मौजूद मिसाइलों के भंडार को सीमित करना है।

 

बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहले यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के उत्पादन के लिए लाइसेंस हासिल करने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इस फैसले को पलट दिया।

दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन पर चला बुलडोजर, वीजा काउंटर के पास अवैध निर्माण ध्वस्त; जानें क्यों हुई कार्रवाई

दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन पर चला बुलडोजर, वीजा काउंटर के पास अवैध निर्माण ध्वस्त; जानें क्यों हुई कार्रवाई

pakistan high commission

भारत ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में किए गए अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान बुलडोजर से वीजा काउंटर और अन्य अवैध हिस्सों को हटाया गया। हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरे के लिए लगाए गए बैरिकेड और ट्रैफिक बोलार्ड भी हटाए गए। ALSO READ: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर सबसे बड़ा आर्थिक हमला, इकोनॉमिक डी-डे घोषित

 

चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई। शांति पथ स्थित दूतावास परिसर में निर्धारित क्षेत्र से बाहर बनाए गए ढांचे को ढहा दिया गया। कार्रवाई के दौरान वीजा काउंटर और उससे जुड़े कुछ हिस्से भी हटाए गए।

 

पाकिस्तान ने भी की थी कार्रवाई 

भारत की यह कार्रवाई इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान की ओर से पार्किंग पोल हटाए जाने के कुछ दिन बाद हुई है। इसे पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के आसपास की गई कार्रवाई के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है। ALSO READ: हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है, बांग्लादेश में हारुन इजहार की खुलेआम धमकी

 

सर्जियो गोर के बयान से पाकिस्तान नाराज

गौरतलब है कि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान इसे भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी राजदूत ने यह भी कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र को लेकर जारी अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है। उनके इस बयान पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई और अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। ALSO READ: सर्जियो गोर के J&K दौरे से भड़का Pakistan, 'जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा' वाले बयान पर अमेरिकी राजदूत तलब

 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे “गैर-जिम्मेदाराना” बताया। पाकिस्तान ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर का अंतिम समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के संबंधित प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

चीनी के दाम 65 रुपये किलो, 15 दिन में 15 रुपए बढ़े दाम; क्यों बढ़ रहे हैं कीमत?

चीनी के दाम 65 रुपये किलो, 15 दिन में 15 रुपए बढ़े दाम; क्यों बढ़ रहे हैं कीमत?

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खुदरा बाजार में चीनी पहली बार 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कारोबारियों के अनुसार, पिछले 15 दिन में इसके दाम करीब 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं। देश में चीनी के बढ़ते दामों और त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने चीनी के स्टॉक पर शिकंजा कसा है। ALSO READ: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर सबसे बड़ा आर्थिक हमला, इकोनॉमिक डी-डे घोषित

 

क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?

चीनी का कम स्टॉक : चीनी का स्टॉक घट रहा है। मौजूदा सीजन के अंत में घरेलू चीनी स्टॉक काफी कम रहने की आशंका है। कम उत्पादन और पिछले सीजन में हुए निर्यात ने उपलब्धता पर दबाव बढ़ाया है।

 

गन्ने की फसल पर मौसम का असर : महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में बारिश की कमी और अनियमित मानसून से अगले सीजन के उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ी है।

 

गन्ने से एथेनॉल उत्पादन : इस साल करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने को एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ा गया। इससे बाजार में उपलब्ध चीनी की मात्रा कम हुई है। सरकार अब एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है।

 

त्योहारी सीजन की मांग : अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहार आते हैं। इस दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की खपत बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर और दबाव पड़ रहा है। ALSO READ: वंदे मातरम् पर कांग्रेस का बड़ा फैसला, 1937 के प्रस्ताव पर कायम, पार्टी कार्यक्रमों में गाए जाएंगे सिर्फ पहले दो अंतरे

 

क्या और बढ़ेंगे दाम ?

दावा किया जा रहा है कि बाजार में मांग की तुलना में करीब आधी ही चीनी की आपूर्ति हो पा रही है। आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, जन्माष्टमी और दिवाली जैसे त्योहारों से मांग और बढ़ेगी। इससे चीनी के दाम में और तेजी आने की आशंका है।


सरकार ने कसा शिकंजा

भारत सरकार ने 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक चीनी इस्तेमाल करने वाले डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय की है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार ऐसे डीलर 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह आदेश 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ती है। इस दौरान बिस्कुट और कन्फेक्शनरी कंपनियां पहले से स्टॉक बढ़ाती हैं। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार सीमित मात्रा में ड्यूटी-फ्री चीनी आयात की अनुमति देने पर विचार कर रही है। करीब एक दशक बाद भारत में चीनी आयात का रास्ता खुल सकता है।