भावनगर में जहरीली शराब से 8 की मौत, 14 आरोपी गिरफ्तार

भावनगर में जहरीली शराब से 8 की मौत, 14 आरोपी गिरफ्तार

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गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 61 लोग प्रभावित हैं। पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है। इस पूरी घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित लोगों के इलाज और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ALSO READ: भूपेंद्र पटेल की वर्ल्ड बैंक संग बड़ी बैठक, GIFT City से AI तक पर चर्चा; वॉलमार्ट के साथ MSME को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर मंथन

 

अस्पताल से अब तक 16 डिस्चार्ज 

अस्पताल में भर्ती मरीजों में से अब तक 16 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि वर्तमान में 19 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इलाज करा रहे मरीजों में से 5 मरीजों को आईसीयू (ICU) में रखा गया है, जिनमें से एक मरीज की हालत बेहद गंभीर बताई गई है। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 मरीजों की मौत संदिग्ध मानी जा रही है। राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों में कोई नया मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है। 

 

पुलिस रिमांड पर आरोपी

नकली शराबकांड को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब तक कुल 14 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। शुरुआत में पकड़े गए 13 आरोपियों को कोर्ट ने 10 दिन के रिमांड पर भेजा था। इस मामले के मुख्य आरोपी रईस के 9 दिन की पुलिस रिमांड पर है। पुलिस द्वारा मामले में आरोपियों की भूमिका, नकली शराब की सप्लाई और पूरे नेटवर्क को लेकर गहन जांच की जा रही है। 

 

इस मामले में पकड़े गए सभी आरोपियों की रिमांड अवधि 31 अगस्त को पूरी हो रही है। रिमांड खत्म होने के बाद सभी आरोपियों को दोबारा अदालत के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस नकली शराबकांड से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क के बारे में भी नई जानकारी सामने आने की संभावना है। ALSO READ: गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, विदेश में पढ़ाई के लिए अब 10 लाख रुपये तक आय वालों को मिलेगा लोन

 

मामले पर गरमाई सियासत

भावनगर की इस गंभीर घटना को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी बयानबाजी देखने को मिल रही है। इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल भावनगर का दौरा करेंगे। वे वहां पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे और प्रभावित परिवारों तथा मौजूदा स्थिति का जायजा लेंगे। फिलहाल भावनगर में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी स्थिति पर सख्त निगरानी बनाए हुए हैं।

ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया:तीन दिन की बातचीत बेनतीजा; पीएम कार्नी बोले- US ने आखिरी समय शर्तें बदली

अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन तक चली ट्रेड डील की बातचीत नाकाम रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार आधी रात से कनाडा के 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह कनाडा के सालाना निर्यात का 5% है। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतना ही जवाब देगा। उन्होंने कहा कि, पिछले कुछ हफ्तों में बातचीत में अच्छी प्रगति हुई थी, लेकिन वह कनाडा के हितों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। आखिरी समय में अमेरिका ने डील की शर्तें बदल दीं। इससे किसी भी समझौते पर भरोसा करना मुश्किल हो गया। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया:तीन दिन की बातचीत बेनतीजा; पीएम कार्नी बोले- US ने आखिरी समय शर्तें बदली

अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन तक चली ट्रेड डील की बातचीत नाकाम रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार आधी रात से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतना ही जवाब देगा। अमेरिका ने कनाडा पर इतना ज्यादा टैरिफ क्यों लगाया? अमेरिका का कहना है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इनमें ऑटोमोबाइल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शराब और लकड़ी का कारोबार प्रमुख हैं। अमेरिका ने पहले नए टैरिफ 20 अगस्त से लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, डेडलाइन से ठीक पहले दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद ट्रम्प ने टैरिफ लागू करने की समयसीमा 3 दिन बढ़ा दी, ताकि समझौते की कोशिश की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ अहम मामलों में दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो सके। 1. अमेरिकी कारों के साथ भेदभाव का आरोप 2. कनाडा का अपने डेयरी मार्केट को प्रोटेक्शन 3. अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध कनाडा के अमेरिका पर जवाबी टैरिफ अमेरिका के नए 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने तुरंत जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिका के टैरिफ का डॉलर के बदले डॉलर के हिसाब से जवाब देगा। यानी अमेरिका जितने कनाडाई सामान पर टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतने ही मूल्य के अमेरिकी सामान पर टैरिफ लगाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ गया है। ————— यह खबर भी पढ़ें… भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पूरी खबर पढ़ें…

Arjun Rampal Wedding: अर्जुन रामपाल ने गोवा में गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स से की शादी, यूजर्स ने दी बधाई

Arjun Rampal Wedding: अर्जुन रामपाल ने शुक्रवार को गोवा में अपनी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स के साथ अपनी शादी रजिस्टर करवाई। इस जोड़े ने नॉर्थ गोवा जिले के मापुसा में सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में अपने करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं।

सब-रजिस्ट्रार सूरज वर्नेकर ने PTI को बताया कि शादी राज्य के यूनिफॉर्म सिविल कोड के तहत रजिस्टर की गई। डेमेट्रिएड्स साउथ अफ्रीका की नागरिक हैं। यह कपल अभी पणजी के पास सुक्कोरो गांव में रह रहा है। कैजुअल कपड़ों में रामपाल और डेमेट्रिएड्स शाम करीब 4 बजे रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे। वर्नेकर ने बताया कि उन्होंने स्थानीय अदालत के असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर से एक खास इजाजत ली थी, ताकि स्थानीय कानून के तहत पहले और दूसरे हस्ताक्षर के बीच जरूरी 15 दिन के समय की शर्त को माफ किया जा सके। अधिकारी ने आगे कहा कि शादी का सर्टिफिकेट 15 दिन बाद जोड़े को सौंप दिया जाएगा।

अर्जुन रामपाल की बेटियों के साथ अपने रिश्ते पर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स

YouTube चैनल पर रिया चक्रवर्ती के साथ बातचीत में गैब्रिएला ने बताया, “वे (माहिका और मायरा) हर स्थिति में बहुत अच्छी रही हैं। हमें उन्हें कभी यह नहीं कहना पड़ा कि ‘अरे, तुम्हें गैब्रिएला की इज्जत करनी है’। उनके साथ मेरा एक रिश्ता है। अगर वे मुझे एक दोस्त के तौर पर पसंद करती हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है। हम इस बात को लेकर बहुत साफ थे कि उन पर कोई दबाव न हो और उन्हें आराम से घुलने-मिलने का मौका मिले। वे मजेदार और प्यारी लड़कियां हैं और मुझे लगता है कि मैं भी Gen-Z की तरह हूं, इसलिए मैं उनकी भाषा और सोच को अच्छी तरह समझती हूं।”

गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स एक साउथ अफ़्रीकी मॉडल और फैशन डिज़ाइनर हैं। गैब्रिएला के साथ रिश्ते में आने से पहले, अर्जुन रामपाल की शादी पूर्व सुपरमॉडल और बिज़नेसवुमन मेहर जेसिया से हुई थी। उन्होंने 2018 में अलग होने की घोषणा की और 2019 में उनका तलाक हो गया। अर्जुन ने कई बार कहा है कि वे अपनी बेटियों की परवरिश मिल-जुलकर करते हैं।

अर्जुन रामपाल की लव लाइफ़ के बारे में

अर्जुन रामपाल ने 1998 में मॉडल मेहर जेसिया से शादी की थी। इस जोड़े की दो बेटियां हैं – 24 साल की माहिका और 21 साल की मायरा। हालांकि, दो दशक तक शादीशुदा रहने के बाद, 2018 में दोनों ने अलग होने का फ़ैसला किया। कुछ समय बाद, अर्जुन ने अपनी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला से सबको मिलवाया। अब वे दो बेटों के माता-पिता हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने 2018 में डेटिंग शुरू की और 2019 में उनके पहले बेटे, अरिक का जन्म हुआ, जो अब 7 साल का है। इसके बाद 2023 में उनके दूसरे बेटे, अरिव का जन्म हुआ, जो अभी सिर्फ 3 साल का है।

पिछले साल दिसंबर में, एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट पर गैब्रिएला के साथ नज़र आने के दौरान अर्जुन ने अपनी सगाई की बात कन्फर्म की। रिया से खुलकर बात करते हुए गैब्रिएला ने कहा, “हमारी अभी शादी नहीं हुई है, लेकिन कौन जानता है?” इस पर अर्जुन ने चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा, “हमारी सगाई हो चुकी है… हमने अभी-अभी आपके शो पर यह बात बताई है,” जिसे सुनकर रिया हैरान रह गईं। प्रोफ़ेशनल तौर पर, अर्जुन को हाल ही में आदित्य धर की फ़िल्म ‘धुरंधर’ में मेजर इक़बाल का किरदार निभाने के लिए काफ़ी तारीफ़ मिली।

पलूशन की वजह से पहले दिल्ली से बेंगलुरु और फिर मिजोरम शिफ्ट हुआ ये कनाडाई शख्स फिर इनका एक्सपीरियंस आंखें खोलने वाला!

भारत में पिछले आठ सालों से रह रहे एक कनाडाई नागरिक ने एयर पलूशन की वजह से दिल्ली और बेंगलुरु छोड़ने के बाद आखिरकार मिजोरम के आइजोल में बसने का फैसला किया है। शख्स का कहना है कि लगातार खराब होती एयर क्वॉलिटी ने उन्हें इस कदम को उठाने के लिए मजबूर कर दिया क्योंकि वे अपने बच्चों के सेहत के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी पोस्ट के बाद यह बहस छिड़ गई है कि आखिर भारतीय महानगरों में रहने वाले लोगों को साफ हवा की तलाश में अपना घर या शहर क्यों छोड़ना पड़ रहा है।

साफ हवा की तलाश में छोड़ना पड़ा दिल्ली और बेंगलुरु

कालेब फ्रिसेन नाम के इस कनाडाई शख्स ने बताया कि सर्दियों के दौरान दिल्ली में होने वाले गंभीर वायु प्रदूषण के कारण उन्होंने सबसे पहले 2018 में दिल्ली छोड़ दी थी। इसके बाद वे यह सोचकर बेंगलुरु चले गए कि इसे भारत का ‘गार्डन सिटी’ कहा जाता है। उनका अनुभव रहा कि समय के साथ बेंगलुरु की हवा की गुणवत्ता भी लगातार खराब होती चली गई। इसके बाद वर्ष 2026 की शुरुआत में वे मिजोरम शिफ्ट हो गए। आइजोल में उनकी पत्नी का परिवार रहता है और दो बच्चों का पालन-पोषण भी उनके इस फैसले की एक बड़ी वजह बना।

फ्रिसेन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, ‘हम दो बच्चों की परवरिश कर रहे हैं और मेरा मानना है कि एक बच्चे को पालने के लिए पूरे समुदाय के सहयोग की जरूरत होती है। मुझे खुशी है कि मैं आइजोल शिफ्ट हो गया। मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था कि मेरे बच्चे अस्थमा के मरीज बन जाएं।’

इसके साथ ही उन्होंने भारतीय महानगरों में रहने वाले लोगों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि मुझे इस बात का दुख है कि जो भारतीय महानगरों में रहने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें इस तरह रहना पड़ता है। उन्हें साफ हवा में सांस लेने के लिए पहाड़ों की तरफ नहीं भागना पड़ना चाहिए।

पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि आइजोल एक सपने जैसा लगता है दोस्त! वहीं एक दूसरे यूजर ने सवाल पूछा कि क्या यह कोई विज्ञापन है?

इसके जवाब में फ्रिसेन ने स्पष्ट किया कि यह कोई पेड प्रमोशन नहीं है। उन्होंने समझाया कि वे भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों पर वीडियो बनाते हैं और उनके पोस्ट प्रायोजित नहीं होते हैं। एक अन्य यूजर ने आइजोल को एक हरा-भरा और सुंदर शहर बताया और विशेष रूप से इसके एयरपोर्ट पर उतरने के अनुभव की तारीफ की। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने प्रदूषण की समस्या का सरल समाधान देते हुए लिखा कि समाधान पहले से मौजूद है, पेड़ लगाओ।

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बाढ़ राहत कार्यों को लेकर योगी सरकार अलर्ट, राहत कार्यों पर पैनी नजर

बाढ़ राहत कार्यों को लेकर योगी सरकार अलर्ट, राहत कार्यों पर पैनी नजर

 

 

 

 

 

 

प्रदेश में सरयू-घाघरा सहित अन्य नदियों के उफान के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार की सजगता से बाढ़ राहत कार्य पूरी तत्परता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फर्रूखाबाद, बलिया एवं बहराइच में चल रहे बाढ़ राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का लाइव जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावितों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

राहत आयुक्त ने शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। फर्रूखाबाद के रहमानिया इंटर कॉलेज स्थित राहत शिविर में उन्होंने बाढ़ प्रभावित अब्दुल गफ्फार खान से बातचीत की, जिन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ 1 अगस्त से शिविर में रह रहे हैं और उन्हें भोजन, पानी, साफ-सफाई तथा दवाओं सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिल रही हैं।

बहराइच में राहत आयुक्त ने उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी से मिहपुरवा स्थित कम्पोजिट विद्यालय आनन्द नगर बरखड़िया के राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और प्रभावित शिवकुमार निषाद से संवाद किया। शिवकुमार ने बताया कि शिविर में चारपाई, गद्दा, नाश्ता एवं भोजन सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जलस्तर घटने के साथ ही प्रभावित परिवार अब अपने घरों को लौटने लगे हैं, जिन्हें प्रशासन राशन किट सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

बलिया में उप जिलाधिकारी, बैरिया से गोपल नगर टांडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैरिया स्थित राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए राहत आयुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित पप्पू यादव से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि शिविर में तीनों समय भोजन, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई एवं दवाओं की समुचित व्यवस्था है तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

समीक्षा के दौरान राहत आयुक्त ने तीनों जनपदों के अधिकारियों को राहत शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया।
 

अयोध्या-आजमगढ़ में भी सतर्कता, राहत कार्य युद्धस्तर पर
 

राहत आयुक्त की समीक्षा के साथ-साथ प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अयोध्या में सरयू (घाघरा) नदी के जलस्तर में वृद्धि के बावजूद प्रशासन की सक्रियता से बड़े नुकसान से बचा जा सका है। जनपद के 11 गांव वर्तमान में बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां अब तक कुल 2370 राहत किट, 1450 लंच पैकेट तथा पशुओं के लिए 350 कुंतल भूसा वितरित किया जा चुका है। जिले में 14 बाढ़ शरणालयों में से सहारा बाग शरणालय में 100 प्रभावित लोग रह रहे हैं, जबकि 10 बाढ़ चौकियों से 18 नावों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की 37 टीमों ने 1224 ओआरएस पैकेट और 2912 क्लोरीन टैबलेट बांटे हैं, वहीं पशु चिकित्सा विभाग की 21 टीमें टीकाकरण शिविर लगा रही हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 0.310 मीटर ऊपर 93.040 मीटर दर्ज किया गया है।

आजमगढ़ में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। उल्टहवा गेज पर जलस्तर 76.30 मीटर तक पहुंच गया है, जो 76.60 मीटर के निशान के निकट है। इस्माइलपुर, बदरहुआ एवं डिघिया गेजों पर भी जलस्तर बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं। हालांकि टोंस नदी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। योगी सरकार की सक्रिय व्यवस्था के चलते प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है, और प्रभावितों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचाई जा रही है।

Mini Mathur: ‘अपनी सलाह अपने पास रखो’, मिनी माथुर ने कहा पुरुष महिलाओं से बच्चे पैदा करने के बारे में पूछना बंद करें

Mini Mathur: मिनी माथुर अमेजन प्राइम वीडियो पर दिखाए गए रियलिटी शो ‘अलायंस’ की विनर बनीं। भारतीय टेलीविजन होस्ट और एक्टर और डायरेक्टर कबीर खान की पत्नी मिनी कई दशकों से इस इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। ‘हॉटरफ्लाई’ (Hauterrfly) के पॉडकास्ट ‘द मेल फेमिनिस्ट’ के एक एपिसोड में, मिनी ने मेनोपॉज के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की और फर्टिलिटी के आधार पर महिलाएं अपने शरीर को जिस नज़रिए से देखती हैं, उससे जुड़े सामाजिक कलंक पर भी चर्चा की। मिनी ने पुरुषों को यह सलाह भी दी कि वे महिलाओं के शरीर पर कमेंट करना हमेशा के लिए बंद कर दें।

मिनी ने क्या कहा

बातचीत के दौरान, मिनी से पूछा गया कि पुरुषों को महिलाओं से क्या कहना बंद कर देना चाहिए। जवाब में मिनी ने कहा, “शारीरिक बनावट पर कमेंट करना। क्या आप थकी हुई लग रही हैं? क्या आपको नींद नहीं आई? क्या आपका वज़न बढ़ गया है? अरे, आपका वज़न कम हो गया? क्या हुआ? दोनों तरफ से, पुरुष और महिलाएं… इस तरह कमेंट करना गलत है। मैंने आपको अपने और अपनों बीच की दूरी कम करने की इजाज़त कब दी? कि आप मेरे शरीर को देखें और उस पर कमेंट करें?”

उन्होंने आगे कहा, “थोड़ी शारीरिक दूरी बनाए रखें। महिलाओं से यह पूछना कि बच्चों का क्या? एक और बच्चा कर लो। इसमें बहुत मज़ा आता है… अपनी सलाह अपने पास रखिए। जब ​​पूछा जाए, तभी जवाब दें। और लोगों को हाउसवाइफ़, होममेकर कहना बंद करें! इससे मुझे चिढ़ होती है। मैं एक होममेकर हूं और मैं काम भी करती हूं, लेकिन मुझे होममेकर होने पर गर्व है। इसलिए मुझे देखकर यह पूछने की हिम्मत न करें कि मैं काम क्यों नहीं कर रही हूं? मैं कई चीज़ों पर काम कर रही हूं जिनके बारे में आप जानते भी नहीं हैं!”

मिनी माथुर के करियर के बारे में

मिनी माथुर ने अपने टेलीविजन करियर की शुरुआत आर. माधवन के साथ ‘टोल मोल के बोल’ शो से की थी और इसके बाद कई सालों तक MTV VJ रहीं। सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में काम करने के बाद वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं। तब से उन्होंने टेलीविज़न, स्ट्रीमिंग और फ़िल्मों में काम किया है, जिसमें ‘माइंड द मल्होत्राज़’ सीरीज़ भी शामिल है। एक मुश्किल सर्टिफ़िकेशन कोर्स पूरा करने के बाद, वह मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) पर खास ध्यान देने वाली सर्टिफ़ाइड विमेंस हेल्थ कोच भी बनीं।

उन्होंने 40 और उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को इस बदलाव के दौर से आसानी से गुज़रने में मदद करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम कम्युनिटी ‘पॉज़िटिव’ (Pauseitive) की भी घोषणा की। हेल्थ से जुड़े इस प्लेटफ़ॉर्म का विचार उनके अपने अनुभवों से आया।

मिनी अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहती हैं, “मेरी अपनी हेल्थ जर्नी तब शुरू हुई जब मुझे ऐसे लक्षण महसूस होने लगे जो मुझे अपने पुराने रूप जैसे नहीं लग रहे थे। मुझे हॉट फ़्लैश होने लगे, रात में पसीना आता था, ठीक से नींद नहीं आती थी, जोड़ों में दर्द होता था, ‘ब्रेन फ़ॉग’ (सोचने-समझने में दिक्कत) महसूस होता था और थोड़ी याददाश्त भी कमज़ोर हो गई थी – आप समझ सकते हैं कि एक टेलीविज़न प्रेजेंटर के लिए यह कितनी बड़ी परेशानी हो सकती है। मैं जिस भी डॉक्टर के पास गई, उन्होंने सिर्फ़ लक्षणों का इलाज किया, असली वजह का नहीं। मुझे पता था कि इसके पीछे कोई गहरी वजह है और तभी मैंने सवाल पूछना शुरू किया।”

Kanpur News:लिफ्ट का झांसा, बाला लूटा… अब पुलिस की गोली से हुआ लंगड़ा, मुठभेड़ में गिरफ्तार

Kanpur Police Encounter:कानपुर के कल्याणपुर के गौतम बुद्ध चौराहे के पास लिफ्ट देने के बहाने अधिवक्ता की मां के कान से सोने का बाला नोंचकर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बिठूर रोड स्थित सरकारी अस्पताल के पास वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक सवार संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सीएचसी कल्याणपुर में भर्ती कराया।

यूपी राइज से युवाओं को नई उड़ान, इनोवेशन के दम पर रोजगार सृजन का संकल्प

यूपी राइज से युवाओं को नई उड़ान, इनोवेशन के दम पर रोजगार सृजन का संकल्प

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में 'यूपी राइज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए 1700 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजन का मूल उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है।

 

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को योगी सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और रोजगारपरक नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया। छात्रों को बताया गया कि वे किस प्रकार आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्राप्त करके अपना स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के हर क्षेत्र में नए और ऊर्जावान उद्यमियों को तैयार करना है।

आयोजन की सबसे खास बात युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए बिजनेस मॉडल और स्टार्टअप आइडियाज रहे। इस कार्यक्रम के लिए कुल 30 आइडिया आए, जिनमें से 10 बेहतरीन आइडियाज को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 12 चयनित टीमों ने इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और जूरी मेंबर्स के सामने अपने इनोवेटिव आइडियाज की प्रेजेंटेशन दी। एक्सपर्ट्स ने युवाओं की रचनात्मक सोच की सराहना की और विजेताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। इसमें टीम जॉयलिशियस ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपए का मुख्य पुरस्कार जीता, टीम आयनप्राइम को  (द्वितीय) 15,000 रुपए और टीम कायरो को  (तृतीय) 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली, जबकि टीम मेडियोटेक रनर-अप रही।

 

'यूपी राइज' कार्यक्रम की शुरुआत कानपुर से हो चुकी है और अब इस अभियान को प्रदेश के 29 अन्य प्रमुख कॉलेजों तक ले जाया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली छात्रों को सीधे बड़ी और नामी कंपनियों में इंटर्नशिप तथा रोजगार पाने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। चयनित टीमों ने कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्यावहारिक विचार प्रस्तुत कर यह साबित कर दिया कि यूपी का युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

युवाओं के अनूठे स्टार्टअप आइडियाज

कार्यक्रम में छात्रों ने रोजमर्रा की समस्याओं और आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखकर बेहद दिलचस्प प्रोजेक्ट पेश किए। टीम दिव्यकेयर ने 10 मिनट में घर पर नर्स, डॉक्टर, दवाइयां और लैब टेस्ट जैसी हेल्थकेयर सेवाएं पहुंचाने वाला मॉडल पेश किया, तो टीम समर्पण ने छात्रों के लिए एआई-आधारित मल्टीप्लेयर लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार किया। टीम कायरो ने युवाओं के लिए विशेष डिजिटल टेक सॉल्यूशन प्रस्तुत किया, वहीं टीम मेडबिड ने फार्मेसी के लिए रिवर्स ऑक्शन आधारित दवा खरीद सिस्टम बनाया। टीम फाइनट्यूनर्स ने सैलून की कतार से बचाने के लिए 'हेयरकार्ट' ऐप पेश किया। टीम जेनहेर ने महिलाओं के लिए पीरियड साइकिल ट्रैकिंग टूल, टीम कोडरवा ने छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन टेक सपोर्ट देने की सेवा और पुरस्कार विजेता टीम आयनप्राइम ने बिना लाइन में लगे तुरंत प्रिंटआउट निकालने वाला 'सेल्फ प्रिंटिंग कियोस्क' प्रस्तुत किया।

 

स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज को नई दिशा देते प्रोजेक्ट्स

अन्य टीमों ने भी अपनी रचनात्मक सोच से जूरी को काफी प्रभावित किया। टीम वर्चुअललैब ने 11वीं-12वीं और कॉलेज के छात्रों के लिए 'वर्चुअल केमिस्ट्री लैब' का मॉडल बनाया, जबकि टीम कॉस्मोलिथ ने छोटे अस्पतालों के मरीजों का डेटाबेस और रिकॉर्ड मैनेज करने के लिए 'हेल्थ ओएस' प्लेटफॉर्म तैयार किया। टीम इकोकार्बन ने चाय की पत्तियों और केले के छिलकों से ऑर्गेनिक कार्बन फिल्टर बनाने का पर्यावरण अनुकूल विचार दिया। इसके साथ ही, विजेता टीम जॉयलिशियस ने भारतीय मिठाइयों और वेस्टर्न फ्लेवर्स के शानदार मिश्रण से नए 'फ्यूजन डेजर्ट्स' पेश कर बाजी मारी और रनरअप टीम मेडियोटेक ने अस्पतालों में मरीजों को एक बेड या स्ट्रेचर से दूसरे स्थान पर आसानी से शिफ्ट करने के लिए मोटराइज्ड कन्वेयर-बेस्ड सिस्टम का ढांचा पेश किया।

वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

ऋषिकेश से केदारनाथ तक पैदल चलने से शुरू हुआ यति का सफर, आज 15,000 किलोमीटर और 13 राज्यों तक पहुंच चुका है। लेकिन इस लंबी यात्रा में यति को सबसे खूबसूरत चीज़ किसी मंज़िल पर नहीं, बल्कि राजस्थान की सड़क पर मिली— एक छोटी-सी पपी, जिसका नाम उन्होंने रखा बटर। :feet::heart:
आज दोनों ने साथ में पहाड़, जंगल, रेगिस्तान और नदियों के किनारे न जाने कितने रास्ते पार किए हैं। यति आगे बढ़ते हैं, तो बटर साथ चलती है। वो आगे निकल जाए, तो पीछे मुड़कर यति का इंतज़ार करती है।

कई बार सफर आसान बनाने के लिए लोग बेज़ुबानों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन @theunfoldingplay ने आसान रास्ता नहीं, बटर को चुना। देखिए, कैसे सड़क पर मिली एक छोटी-सी बटर, यति की सबसे लंबी यात्रा की हमेशा की साथी बन गई
@theunfoldingplay

वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

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