नौकरी का रिजेक्शन मिला तो उम्मीदवार ने कंपनी को ही कर दिया रिजेक्ट, जवाब हुआ वायरल

नौकरी की तलाश के दौरान बार-बार आने वाले रिजेक्शन ईमेल उम्मीदवारों का हौसला तोड़ सकते हैं। कई बार लोग ऐसे मेल पढ़कर निराश हो जाते हैं, लेकिन एक शख्स ने इसका बिल्कुल उल्टा तरीका अपनाया। कंपनी की ओर से मिले रिजेक्शन के बाद उसने निराश होने के बजाय ऐसा मजेदार जवाब भेज दिया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उसने कंपनी के फैसले को चुपचाप स्वीकार करने के बजाय मजाकिया अंदाज में उसी रिजेक्शन को वापस कंपनी की ओर मोड़ दिया। उसका जवाब सोशल मीडिया पर शेयर होते ही तेजी से वायरल होने लगा।

खास बात यह रही कि इस मजेदार अंदाज ने उन लोगों को भी खूब हंसाया, जो लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं और लगातार रिजेक्शन का सामना कर रहे हैं। पोस्ट पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और कई यूजर्स ने इस अंदाज को आत्मविश्वास से भरा बताया। वहीं, कुछ लोगों ने इसे नौकरी के रिजेक्शन से निपटने का मजेदार तरीका माना।

‘आपने मुझे रिजेक्ट किया, लेकिन मैं इसे स्वीकार नहीं करता’

X पर @DeepStarts नाम के यूजर ने इस मजेदार जवाब का स्क्रीनशॉट शेयर किया। कैप्शन था, “Bro rejected the rejection email” यानी भाई ने रिजेक्शन वाले ईमेल को ही रिजेक्ट कर दिया। स्क्रीनशॉट में Keane नाम के शख्स का जवाब दिखता है। उसने कंपनी को धन्यवाद देते हुए लिखा कि उसने उम्मीदवार को रिजेक्ट करने में जो दिलचस्पी दिखाई, वह काबिले-तारीफ है। इसके बाद उसने कंपनी के फैसले की तारीफ करते हुए पूरा मामला ही उलट दिया।

रिजेक्शन स्वीकार करने से कर दिया इनकार

Keane ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि उसे इस साल कई रिजेक्शन ईमेल मिल चुके हैं। इसलिए काफी सोच-विचार के बाद उसने इस बार कंपनी के रिजेक्शन को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। उसने कंपनी को उसे रिजेक्ट करने के लिए धन्यवाद भी दिया और आखिर में ऐसी लाइन लिख दी जिसने पूरे ईमेल को और मजेदार बना दिया। उसने कहा कि वह जल्द ही कंपनी की टीम में शामिल होने की उम्मीद करता है।

सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आया अंदाज

इस पोस्ट ने उन लोगों का खास ध्यान खींचा, जो नौकरी के लिए लगातार आवेदन करने और बार-बार रिजेक्शन झेलने का अनुभव रखते हैं। पोस्ट को लाखों व्यूज और हजारों लाइक्स मिले। एक यूजर ने कहा कि अब जब भी उसे नौकरी के लिए रिजेक्शन मिलेगा, वह भी यही तरीका अपनाएगा। एक अन्य यूजर ने लिखा कि Keane ने भर्ती प्रक्रिया के पूरे खेल को ही पलट दिया।

किसी ने हंसी, किसी ने कहा- इसे सच में आजमाएंगे

कई लोगों को यह जवाब इतना मजेदार लगा कि वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए। कुछ यूजर्स ने Keane के आत्मविश्वास की भी तारीफ की और कहा कि वह ‘ना’ सुनकर रुकने वालों में से नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ मजाक नहीं था। एक यूजर ने साफ कहा कि लोग भले ही इस पर हंस रहे हों, लेकिन वह खुद भी इस तरीके को आजमाने के बारे में गंभीरता से सोच रहा है। यानी नौकरी का एक सामान्य रिजेक्शन ईमेल, Keane के जवाब की वजह से ऐसा वायरल हुआ कि लोगों को रिजेक्शन मिलने के बाद भी मुस्कुराने की एक वजह मिल गई।

छुट्टी पर जाते ही कर्मचारी ने भेजा मजेदार मेल, किसी ने तारीफ की तो किसी ने बताया दिखावा

Saba Pataudi: करीना कपूर की प्रेग्नेंसी न्यूज पर सबा अली खान ने किया रिएक्ट, सोहा अली को लेकर कही ये बड़ी बात

Saba Pataudi: सबा पटौदी अपनी भाभी करीना कपूर खान के सपोर्ट में सामने आई हैं। करीना का एक वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह तीसरी बार मां बनने वाली हैं। सबा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इन अटकलों पर बात करते हुए कहा कि ‘कुछ बातें निजी होनी चाहिए’।

जिम सेशन के बाद करीना की एक तस्वीर शेयर करते हुए, सबा ने लोगों से कहा कि वे किसी की पर्सनल जिंदगी के बारे में अंदाजा न लगाएं। उन्होंने लिखा- “एक बुरा एंगल… या बालों का बुरा दिन! हर कोई इतनी बड़ी बात कैसे सोच सकता है!! वह एयरपोर्ट से बहुत स्टाइलिश और स्लिम लग रही थीं और आज जिम से भी वैसी ही लग रही हैं! बस यही बात है!!”

उन्होंने यह भी बताया कि वह अपनी बहन सोहा अली खान को दूसरा बच्चा करने के लिए मनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ। “मैं अपनी बहन को दूसरा बच्चा करने के लिए मना रही हूं… काश यह सच होता! यह बात कहने पर वह मेरी जान ले लेंगी!”

उन्होंने लोगों से दूसरों की ज़िंदगी में दखल न देने को कहा और लिखा, “खुद भी जियो और दूसरों को भी जीने दो। कुछ बातें पर्सनल ही रहनी चाहिए। कोई अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं है। प्यार और सम्मान के साथ।” सबा का यह पोस्ट करीना के एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आया है, जिसमें लोग उनके लुक को देखकर अंदाज़ा लगा रहे थे कि क्या वह प्रेग्नेंट हैं।

वीडियो क्लिप में करीना जिम सेशन के बाद अपनी कार की ओर जाती हुई दिख रही हैं, जबकि उनकी टीम का एक सदस्य उनके सामने छाता पकड़े हुए है, जिससे पैपराज़ी का नज़ारा कुछ हद तक छिप जाता है। इस वीडियो के बाद ऑनलाइन चर्चा शुरू हो गई कि क्या वह प्रेग्नेंट हैं (बेबी बंप की चर्चा)। जानकारी के लिए बता दें कि करीना और सैफ अली खान, जिनकी शादी अक्टूबर 2012 में हुई थी, के दो बेटे हैं – तैमूर अली खान (जन्म 2016) और जहांगीर अली खान (जिन्हें ‘जेह’ के नाम से भी जाना जाता है, जन्म 2021)।

4 reasons to buy the BMW X1 LWB and 3 reasons to avoid it

4 reasons to buy the BMW X1 LWB and 3 reasons to avoid it
BMW X1 LWB side

Unlike the standard X1, the Long Wheelbase (LWB) version primarily targets buyers for whom rear-seat space is the top priority. The BMW X1 LWB competes with the likes of the Audi Q3 and Mercedes-Benz GLA in India and is the only one to be offered in a long-wheelbase guise. All that said, here are some pointers to keep in mind before signing on the dotted line.

Reasons to buy the BMW X1 LWB

Space is aplenty

The Long Wheelbase version’s rear seats and boot are easily better than rivals’

A wheelbase that’s grown by 108mm over the standard X1 means that the LWB benefits from a roomy cabin. This is noticeable upon stepping into the rear of the X1 LWB, where there’s plenty of space even for six-footers to stretch out. A centre armrest with cup holders, dedicated rear AC vents and USB Type-C charging ports aside, BMW has redesigned the rear seats.

BMW X1 LWB rear seats

Catering to the occupants in the outer units are better cushioning plus a 15mm longer seat base for added under-thigh support. Not only is the general seating position good, but the reclining backrests further elevate comfort. The expansive glasshouse, including the fixed panoramic sunroof, makes for a light and airy cabin. Furthermore, the 540-litre boot is bigger than those of the GLA and Q3.

Convincingly pliant

BMW has revised the suspension for a more comfortable ride

BMW X1 LWB rear quarter tracking

Compared to the standard-wheelbase model, the X1 LWB offers a more pliant ride that errs towards comfort rather than corner-carving sportiness. It works quietly in the background and absorbs bad patches well. Under most driving scenarios, the underlying firmness of this suspension setup will go unnoticed. The steering wheel provides a good sense of connection to the road, and the X1 LWB changes direction confidently and swiftly.

Useful parking aids

Quality assistance tech means parking the X1 LWB is a surprisingly convenient affair

The BMW X1 LWB is equipped with a 360-degree camera system, whose quality is really good. This will help one park the luxury SUV without major issues. Should you find yourself in a tricky situation or be confused about getting out of a dead end, the Reversing Assistant is a feature that could be a great help. This system is designed to automatically back up the car by retracing the path taken to reach its current spot and can work up to a distance of 50 metres.

Competitive pricing

The X1 LWB is priced rather well

At Rs 49.90 lakh (ex-showroom), the BMW X1 LWB costs Rs 1 lakh less than the standard-wheelbase model. When compared to its Mercedes-Benz GLA rival, the X1 LWB is up to Rs 5.1 lakh more affordable.

Reasons not to buy the BMW X1 LWB

Missing equipment

The long-wheelbase version has fewer features than the regular X1

For reasons known only to BMW, the X1 LWB doesn’t come with adjustable rear sunshades, ventilated or massaging seats, and even the USB slots up front aren’t backlit. This makes finding them in the dark a chore. The LWB version also lacks a dedicated climate-control zone for the rear passengers, while the advanced driver assistance systems (ADAS) package doesn’t include adaptive cruise control.

Uninspiring performance

This three-cylinder engine isn’t a punchy enough unit 

The 1.5-litre three-cylinder turbo-petrol fuel-injected engine produces 156hp and 230Nm of torque, which is 20hp more than the unit powering the standard-wheelbase X1. This E25-compliant engine comes mated to a 7-speed dual-clutch transmission (DCT) and feels more than sufficient when driving in the city.

BMW X1 LWB engine

However, when you want to overtake in a hurry or bury the accelerator pedal, there’s some delay before the X1 LWB builds speed. Push it hard, and this three-cylinder mill will make itself heard, and it isn’t a particularly sporty note either. Even in Sport mode, 0-100kph took 9.58 seconds when we tested this SUV’s acceleration.

Complicated infotainment

The system is modern but can be confusing for users

BMW X1 LWB infotainment touchscreen

The 10.7-inch touchscreen of the BMW X1 LWB looks crisp and is very responsive to inputs as well. However, its information-dense design means users will find themselves facing a plethora of menus, and finding what you need will require some patience. Even the climate-control system is managed via the touchscreen, meaning eyes off the road. All of it feels more challenging than it needs to be.

Also read

3 reasons to buy the Honda Amaze and 3 reasons to avoid it

3 reasons to buy the 2026 Mini Countryman C and 2 reasons not to

उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ! प्राकृतिक बर्फ से बनता है यहां शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ती है भारी भीड़

उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ! प्राकृतिक बर्फ से बनता है यहां शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ती है भारी भीड़

Timrsain Mahadev cave

टिम्मरसैंण महादेव गुफा उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-तिब्बत सीमा के पास नीति घाटी के नीति गांव में स्थित भगवान शिव का एक प्रसिद्ध और पवित्र गुफा मंदिर है। यहां सर्दियों में प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनने से इसे 'उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ' भी कहा जाता है। ALSO READ: बागेश्वर का बागनाथ मंदिर: उत्तर भारत का अनोखा दक्षिणमुखी शिव धाम, सावन में दर्शन का विशेष महत्व

 

सर्दियों के महीनों में बर्फ का शिवलिंग देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पहले यहां जाने के लिए विशेष परमिट लेना पड़ता था, जो अब सुगम है। हालांकि अत्यधिक ठंड और बर्फबारी के कारण यात्रा के समय सतर्कता रखनी पड़ती है।

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, चमोली जनपद की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा आस्था, आध्यात्मिकता और प्रकृति का अद्भुत संगम है। गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग की आकृति का निर्माण होना इसे विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करता है। चमोली जनपद आगमन पर इस पवित्र स्थल के दर्शन अवश्य करें। ALSO READ: उत्तराखंड का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जानें इतिहास, मान्यता और पहुंचने का रास्ता

कैसे पहुंचें टिम्मरसैंण महादेव?

औली और जोशीमठ से लगभग 70 किमी दूर, धौली गंगा घाटी के अंतिम छोर पर बसे नीती गांव के पास टिम्मरसैंण महादेव की गुफा तक पहुंचने के लिए दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश तक ट्रेन से आया जा सकता है। हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचकर पर्यटक बस या टैक्सी से जोशीमठ पहुंच सकते हैं।

जोशीमठ से नीती गांव की दूरी लगभग 80 किमी है। इस मार्ग में ट्रांसपोर्ट सुविधाएं पर्याप्त हैं। जोशीमठ-मलारी हाईवे से तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। ALSO READ: दक्षेश्वर महादेव मंदिर: सावन में क्यों खास है कनखल का यह शिव धाम?

Atomberg IPO: बिजली की कम खपत वाले पंखे बनाने वाली एटमबर्ग नए शेयरों से जुटा सकती है ₹450 करोड़, जानिए पूरा प्लान

Atomberg IPO: एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज आईपीओ में नए शेयरों से 450 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी होगा। इसके जरिए कुछ पुराने इनवेस्टर्स 7.65 करोड़ शेयर बेच सकते हैं। कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल बिजनेस की ग्रोथ और बैलेंसशीट मजबूत करने के लिए करेगी।

2012 में हुई थी कंपनी की शुरुआत 

Atomberg Technologies की शुरुआत 2012 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर मुंबई है। कंपनी फैंस सहित कई दूसरे इलेक्टिकल प्रोडक्ट्स बनाती है, जिनमें बिजली का काफी कम इस्तेमाल होता है। इसके सिलिंग पंखों ने मार्केट में बड़े बदलाव लाए हैं। कंपनी ने ICICI Securities, Avendus Capital और IIFL Capital Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है।

आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी होगा

कंपनी के आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स को अपने शेयर्स बेचने का मौका मिलेगा। इनमें A91 Partners शामिल है, जिसने अपने इमर्जिंग फंड I के जरिए निवेश किया है। यह आईपीओ में सबसे ज्यादा 3.77 करोड़ शेयर बेचेगी। टेमासेक की V-Sciences Investments 1.22 करोड़ शेयर बेचेगी, जबकि Jungle Ventures अपने JV4 के जरिए 99.5 लाख शेयर बेचेगी।

कई शुरुआती निवेशकों को तगड़ा मुनाफा

एटमबर्ग का आईपीओ कई शुरुआती निवेशकों को मोटा मुनाफा कमाने का मौका देगा। सबसे ज्यादा मुनाफा Survam को हो सकता है, जिसने सिर्फ 6.64 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। Steadvies ने प्रति शेयर 60.60 रुपये की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। V-Sciences ने प्रति शेयर 59.68 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर निवेश किया था, जबकि A91 ने सिर्फ प्रति शेयर 9.02 रुपये की कीमत पर निवेश किया था।

कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल यहां करेगी

Survam को अपने रिटर्न पर Steadview के मुकाबले करीब 9.1 गुना ज्यादा मुनाफा मिल सकता है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने जितनी कम कीमत पर शेयरों में निवेश किया था, उन्हें उतना ज्यादा मुनाफा होगा। कंपनी ने कहा है कि वह नए शेयर इश्यू करने से मिले 450 करोड़ रुपये में से 150 करोड़ का इस्तेमाल ब्रांड को मजबूत बनाने के लिए करेगी। 100 करोड़ का निवेश रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए करेगी। 90 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

यह भी पढ़ें: Symbiotec Pharmalab IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹526 करोड़, 24 अगस्त को खुलेगा ₹1757 करोड़ का इश्यू

बीते तीन वित्त वर्ष से कंपनी लॉस में है

पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर्स में से हर ईयर में कंपनी को लॉस हुआ है। FY26 में कंपनी का लॉस बढ़कर 148.9 करोड़ रुपये हो गया। यह FY25 में 117.4 करोड़ रुपये और FY24 में 199.1 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो FY26 में निगेटिव हो गया। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी ऑपरेशंस सिर्फ पुणे के आसपास केंद्रित है। यह एक रिस्क है।

DU Admission on 12th Marks: दिल्ली यूनीवर्सिटी के ये कॉलेज दे रहे हैं 12वीं के नंबरों पर एडमिशन, कॉलेज और कोर्स की पूरी लिस्ट यहां देखें

DU Admission on 12th Marks: 12वीं कक्षा के कई छात्र ऐसे होंगे, जो सीयूईटी प्रवेश परीक्षा से चूक गए होंगे या जिनका स्कोर डीयू में प्रवेश के लिए पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे छात्रों को अब दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के 15 कॉलेजों में चल रहे विभिन्न कोर्स में प्रवेश मिल सकता है। डीयू के इन कॉलेजों में 12वीं कक्षा के नंबरों के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के स्कोर की जरूरत नहीं है।

डीयू ने 15 कॉलेजों के विभिन्न कोर्स में खाली सीटों को भरने के मकसद से एक सीमित कदम उठाते हुए 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट छात्रों को सीयूईटी-यूजी स्कोर के बजाय कक्षा 12 के मार्क्स के आधार पर प्रवेश देने की इजाजत दी है। लाइव हिंदुस्तान की खबर के अनुसार इन कॉलेजों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होंगे, जिसमें उम्मीदवारों को अपने चयनित पाठ्यक्रम के लिए योग्यता की शर्तें पूरी करनी होंगी। इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि डीयू ने सीयूईटी को छोड़ दिया है। यह नियम सिर्फ यूनिवर्सिटी के नोटिस में बताए गए कॉलेजों और कोर्सेज पर और उन कैंडिडेट्स पर लागू होता है जिन्होंने पहले से डीयू के कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया है।

डीयू के कॉलेज जहां 12वीं के नंबरों पर मिल रहा प्रवेश

देशबंधु कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.एससी. (प्रोग.) एप्लाइड फिजिकल साइंसेज इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री के साथ

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज

बी.ए. प्रोग्राम (पंजाबी + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (तमिल + अंग्रेजी)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स

बी.एससी. (ऑनर्स) होम साइंस

बी.एससी. (प्रोग.) होम साइंस

कालिंदी कॉलेज

बी.एससी. (ऑनर्स) गणित

लक्ष्मीबाई कॉलेज

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + समाजशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (पंजाबी + राजनीति विज्ञान)

बी.ए. प्रोग्राम (इतिहास + संगीत)

बी.ए. प्रोग्राम (कंप्यूटर एप्लीकेशन + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (कम्युनिटी साइंस + दर्शनशास्त्र)

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.एससी. (ऑनर्स) होम साइंस

महाराजा अग्रसेन कॉलेज

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

माता सुंदरी कॉलेज फॉर विमेन

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) पंजाबी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.ए. (ऑनर्स) दर्शनशास्त्र

पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

राजधानी कॉलेज

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस इलेक्ट्रॉ निक्स के साथ

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

सत्यवती कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.ए. (ऑनर्स) उर्दू

बी.ए. प्रोग्राम (इतिहास + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + राजनीति विज्ञान)

सत्यवती कॉलेज (इवनिंग)

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज फॉर विमेन

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.एससी. (ऑनर्स) इंस्ट्रूमेंटेमेंटेशन

बी.एससी. (ऑनर्स) भौतिकी

बी.एससी. (ऑनर्स) रसायन विज्ञान

श्री अरबिंदो कॉलेज

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.एससी. (ऑनर्स) रसायन विज्ञान

बी.एससी. (ऑनर्स) भौतिकी

बी.एससी. (प्रोग.) लाइफ साइंस

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + अर्थशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

बी.ए. प्रोग्राम (कंप्यूटर साइंस + अर्थशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + राजनीति विज्ञान)

जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) अरबी

बी.ए. (ऑनर्स) फारसी

बी.ए. (ऑनर्स) उर्दू

बी.ए. (ऑनर्स) बंगाली

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंसेज केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. प्रोग्राम (दर्शनशास्त्र + अरबी/बंगाली/फारसी/संस्कृत/उर्दू)

UP Board Exams 2027: यूपी बोर्ड 29 अक्टूबर तक फाइनल करेगा परीक्षा केंद्रों की लिस्ट, ऑनलाइन प्रक्रिया से चुने जाएंगे केंद्र

88.05 मीटर का थ्रो भी नीरज को नहीं दिला पाया गोल्ड, फिर श्रीलंकाई से हारे (Video)

Neeraj Chopra

भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया।

चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा। चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने जून 2025 में पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था। यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था।

लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया।ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया।त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।

कानपुर की टेनरी में जहरीली गैस से कर्मचारी की मौत, पत्नी और 6 माह की बेटी के लिए 20 लाख मुआवजे की मांग

Kanpur Tannery Accident: कानपुर के जाजमऊ इलाके में शनिवार सुबह टेनरी में काम करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से एक 25 साल के कर्मचारी मनोज की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने टेनरी प्रबंधन पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया। परिजनों ने बताया कि मनोज अपने पीछे पत्नी काव्या और छह माह की बेटी छोड़ गया है। परिवार ने आर्थिक मदद के तौर पर 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की, लेकिन टेनरी मालिक के इनकार के बाद मौके पर हंगामा हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

लुधियाना में तिब्बती युवाओं का प्रदर्शन:चीन की नीतियों के खिलाफ निकाला रोष मार्च, नारेबाजी की; होजरी व्यापारियों का समर्थन मिला

लुधियाना में तिब्बती युवाओं ने चीन की कम्युनिस्ट सरकार और उसकी विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ आज शांतिपूर्ण रोष मार्च निकाला। तिब्बती युवा कांग्रेस के नेतृत्व में डिवीजन नंबर 3 से सुंदर नगर तक निकाले गए मार्च में 500 से अधिक तिब्बती नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चीन की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चीन की तिब्बत नीति के विरोध में भी नारेबाजी की। “तिब्बत एक राष्ट्र था, तिब्बत एक राष्ट्र है और जल्द ही तिब्बत आजाद होगा” जैसे नारे लगाए गए। मार्च को लुधियाना के स्थानीय होजरी व्यापारियों का भी समर्थन मिला। यह प्रदर्शन तिब्बती युवा कांग्रेस की ओर से शुरू किए गए अंतरराष्ट्रीय चेन प्रोटेस्ट का हिस्सा है। संगठन के अनुसार, यह आंदोलन शहीद लोबगा रांगजेन के बलिदान की याद में किया जा रहा है। संगठन का दावा है कि उन्होंने तिब्बत की स्थिति और तिब्बती लोगों के संघर्ष की ओर दुनिया का ध्यान खींचने के लिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। कैंडल मार्च और रैलियां आयोजित तिब्बती युवा कांग्रेस ने कहा कि धर्मशाला से शुरू हुई यह मुहिम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी है। इसके तहत भूख हड़ताल, कैंडल मार्च और रैलियां आयोजित की जा रही हैं। संगठन का कहना है कि चीन के खिलाफ ठोस कार्रवाई होने तक यह अभियान जारी रखा जाएगा। एथनिक यूनिटी लॉ का विरोध, UN प्रवक्ता के बयान पर भी निशाना प्रदर्शनकारियों ने 1 जुलाई को चीन की ओर से लागू किए गए कथित एथनिक यूनिटी लॉ (Ethnic Unity Law) का विरोध किया। तिब्बती युवा कांग्रेस का आरोप है कि इस कानून के जरिए तिब्बत समेत अन्य क्षेत्रों की अलग सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। संगठन ने चीन पर कॉलोनियल बोर्डिंग स्कूलों के जरिए बच्चों को उनके समुदायों से अलग करने और उनकी पहचान पर प्रभाव डालने का भी आरोप लगाया। तिब्बती युवा कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के उस कथित बयान की भी आलोचना की, जिसमें तिब्बत को चीन की अल्पसंख्यक आबादी का हिस्सा बताया गया था। संगठन ने इसे ऐतिहासिक रूप से गलत बताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र को ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जिसे वह चीन के कब्जे को वैध ठहराने वाला मानता है।

त्योहारों से पहले कड़वी हुई चीनी! खरगे बोले- 9 साल के निचले स्तर पर स्टॉक, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

त्योहारों से पहले कड़वी हुई चीनी! खरगे बोले- 9 साल के निचले स्तर पर स्टॉक, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

mallikarjun kharge attacks modi government on sugar price

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहारों से पहले चीनी के स्टॉक में भारी कमी आई है और कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने दावा किया कि चीनी का स्टॉक 9 माह के निचले स्तर पर है। 3 माह में चीनी 40 प्रतिशत महंगी हुई है। ALSO READ: क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

 

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है।

 

मोदी सरकार से 3 सीधे सवाल:

1. दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी duty-free आयात करने तक कैसे पहुँच गई?

2. तीन महीने में चीनी करीब 40% महँगी हो गई —त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है?

3. जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए Ethanol बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही? ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’?

खरगे ने कहा कि ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ है? पहले चीनी का उत्पादन घटा, फिर स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर पहुंचा, अब विदेश से चीनी आयात कर रहे हैं — और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए Ethanol में झोंक रहे हैं!