Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां देने जा रही हैं बोनस शेयर, डिविडेंड देने का भी प्लान

Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां बोनस शेयर और डिविडेंड देने जा रही हैं। इनमें मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। दोनों कंपनियों ने 21 अगस्त को इसका ऐलान किया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। मोल्ड-टेक के शेयर कारोबार के अंत में शेयर 3.60 फीसदी चढ़कर बंद हुए। मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज के शेयर 1.21 फीसदी चढ़कर 191.35 रुपये पर बंद हुए।

FY26 के लिए होगा डिविडेंड का ऐलान 

Mold-Tek Packaging और Mold-Tech Technologies के बोर्ड की बैठक 26 अगस्त यानी बुधवार को होगी। इस मीटिंग में फाइनल डिविडेंड देने के बारे में भी फैसला होगा। यह डिविडेंड 31 मार्च, 2026 को खत्म फाइनेंशियल ईयर के लिए होगा। दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंजों को इस बारे में 21 अगस्त को बता दिया।

बोर्ड की बैठक में एजीएम की तारीख का फैसला

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का बोर्ड अगर बोनस इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग के बाद यह पहला बोनस इश्यू होगा। इससे पहले कंपनी ने फरवरी 2016 में अपने शेयरों को स्प्लिट किया था। दोनों कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों को अलग जानकारी में यह भी बताया है कि उनके बोर्ड की बैठक में एनुअल जनरल मीटिंग की तारीख और समय के बारे में भी फैसला होगा। इसके अलाव रिकॉर्ड डेट पर भी विचार होगा।

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का जून तिमाही में अच्छा प्रदर्शन

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 24.9 फीसदी बढ़कर 300.45 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 19.1 फीसदी बढ़कर 56.43 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का टैक्स से पहले प्रॉफिट 13.9 फीसदी बढ़कर 34.17 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 30.01 करोड़ रुपये था।

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रॉफिट बढ़कर 10 करोड़ हुआ

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंपनी की नेट सेल्स 45.52 फीसदी बढ़ी। नेट प्रॉफिट बढ़कर 10.03 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 0.59 करोड़ रुपये था। EBITDA 14.92 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.34 करोड़ रुपये था।

यह भी पढ़ें: Dividend Stock: हर शेयर पर ₹100 का डिविडेंड, 2 सितंबर से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; कीमत 3 साल में 150% चढ़ी

बीते छह महीने में दोनों शेयरों में अच्छी तेजी 

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का शेयर बीते 6 महीनों में 44 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान मोल्ड-टेक पैकेजिंग का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 21 अगस्त को इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तब अच्छी तेजी आई, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।

Shaan: शान और उनकी पत्नी राधिका मुंबई के बांद्रा में 3 लग्जरी फ्लैट के बने मालिक, 47.64 करोड़ में हुई डील

Shaan: शान के नाम से मशहूर शांतनु मुखर्जी और उनकी पत्नी राधिका मुखर्जी ने बांद्रा वेस्ट में तीन अपार्टमेंट खरीदे हैं। CRE Matrix के हाथ लगे प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ये प्रॉपर्टीज़ टर्नर रोड पर ‘पामेरा डेवलपमेंट’ का हिस्सा हैं और इन्हें डेवलपर NVK रियल्टी LLP से खरीदा गया है।

ये तीनों घर इस लग्ज़री प्रोजेक्ट की ऊपरी मंजिलों पर हैं और इनका कुल एरिया 6,267.87 स्क्वेयर फ़ीट है। रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि इस खरीद के लिए कपल ने ₹47.64 करोड़ चुकाए, जिसमें हर अपार्टमेंट की कीमत लगभग ₹15.88 करोड़ थी।

यह डील आधिकारिक तौर पर 20 अगस्त, 2026 को रजिस्टर हुई थी और इसमें ₹2.70 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया गया था। इस खरीद के साथ नौ कार पार्किंग की जगहें भी मिली हैं। तीन अलग-अलग घरों के बजाय, इन अपार्टमेंट्स को मिलाकर एक बड़ा घर बना दिया गया है। अब यह घर उस कपल की प्रॉपर्टी का हिस्सा बन गया है।

पामेरा प्रोजेक्ट का बॉलीवुड के इतिहास से भी कनेक्शन है। डेवलपर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, टर्नर रोड वाली इस प्रॉपर्टी में पहले मशहूर एक्ट्रेस माला सिन्हा रहती थीं। स्क्वायर यार्ड्स द्वारा देखे गए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, 2025 में शान और उनकी पत्नी ने पुणे के प्रभाचीवाड़ी में ₹10 करोड़ में एक लग्ज़री बंगला खरीदा था।

इस डील में प्लॉट और बंगला दोनों शामिल थे। प्लॉट का साइज लगभग 0.4 हेक्टेयर या करीब 4,787.92 वर्ग गज है, जबकि बना हुआ एरिया (बिल्ट-अप एरिया) लगभग 5,500 वर्ग फुट है, जो करीब 511.04 वर्ग मीटर के बराबर है। इस खरीद पर ₹50 लाख की स्टाम्प ड्यूटी और ₹30,000 की रजिस्ट्रेशन फीस लगी। शान ‘कल हो ना हो’, ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘दस’ जैसी फिल्मों के गानों समेत कई पॉपुलर बॉलीवुड गानों के लिए जाने जाते हैं।

इससे पहले 2026 में, सिंगर श्रेया घोषाल ने अपने माता-पिता शमीष्ठा घोषाल और बिस्वजीत घोषाल के साथ मिलकर वर्ली में ₹29.70 करोड़ में एक अपार्टमेंट खरीदा था। जैपकी.कॉम (Zapkey.com) द्वारा देखे गए रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, जुबिन नौटियाल ने भी मध आइलैंड इलाके में ₹4.94 करोड़ में 4 BHK अपार्टमेंट खरीदा था।

स्क्वायर यार्ड्स को मिले डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, सिंगर स्टेबिन बेन ने अपने परिवार के सदस्यों बेन अलेक्जेंडर और ज्योत्सना बेन के साथ मिलकर पिछले साल बांद्रा में ₹6.67 करोड़ में एक डुप्लेक्स अपार्टमेंट खरीदा था। वहीं, स्क्वायर यार्ड्स को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, कंपोजर और सिंगर अनु मलिक और उनकी पत्नी अंजू मलिक ने सांताक्रूज वेस्ट में लगभग ₹14.49 करोड़ में दो अपार्टमेंट बेचे।

एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश, अधिकारियों ने बैठक कर बनाई रणनीति

एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश, अधिकारियों ने बैठक कर बनाई रणनीति

NCR Air Pollution: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए है। अभी हाल ही में मुख्य सचिव ने पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

बैठक में विशेष रूप से पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों और कृषि मशीनरी की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को पराली प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक बेलर एवं अन्य कृषि मशीनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मशीनरी की कमी को दूर करने के लिए लंबित टेंडर प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खेत स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए और किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाए। इसके साथ ही पराली प्रबंधन के उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

 

बैठक में वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच की जाए तथा नियमों का पालन न करने वाले उद्योगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि संबंधित प्रत्येक विभाग द्वारा नोडल अधिकारी नामित किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण की रोकथाम से जुड़े कार्यों की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

 

मुख्य सचिव ने धान की पराली (पैडी स्ट्रॉ) के प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। पराली प्रबंधन में उपलब्ध संसाधनों और मशीनरी की कमी को दूर करने के लिए बेलर एवं अन्य आवश्यक कृषि मशीनों की व्यवस्था हेतु टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण कराई जाए, ताकि फसल अवशेषों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सड़क विकास एवं रखरखाव कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि रोड रिडेवलपमेंट तथा रोड डस्ट की रोकथाम से संबंधित आवश्यक टेंडर समय से कराकर कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। उन्होंने गड्ढों (पॉटहोल्स) की मरम्मत तथा क्षतिग्रस्त फुटपाथों के पुनर्स्थापन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।

 

मुख्य सचिव ने कहा कि लोक निर्माण, नगर निकायों/स्थानीय निकायों, हाउसिंग एवं अर्बन से जुड़े विभागों की क्षतिग्रस्त सड़कों की सूचना संबंधित विभागों को तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य समयबद्ध रूप से कराया जा सके। वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक उपकरण स्थापित करने हेतु निर्देशित किया जाए। उन्होंने ईवी सिटी बसों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक ईवी चार्जिंग पॉइंट्स की संभावित लोकेशन तत्काल चिन्हित कर नेडा को उपलब्ध कराने को कहा, जिससे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाई जा सके।

 

बैठक में विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए प्रत्येक संबंधित विभाग द्वारा नोडल अधिकारी नामित किए जाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि पवन पोर्टल पर संबंधित विभागों द्वारा सही, पूर्ण एवं अद्यतन डेटा अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि वायु प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्यों की वास्तविक प्रगति का प्रभावी आकलन किया जा सके। उन्होंने एंड टू एंड वाहनों को जब्त किए जाने की कार्रवाई में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपेक्षित प्रगति न करने वाले जनपदों के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए तथा कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए मासिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। जनजागरूकता के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाएं।

 

डिजिटल पीडीएस से पारदर्शी हुआ राशन वितरण, योगी सरकार की पहल को मिली मजबूती

डिजिटल पीडीएस से पारदर्शी हुआ राशन वितरण, योगी सरकार की पहल को मिली मजबूती

CM Yogi in Pilibhit

Digital PDS UP: उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में योगी सरकार की डिजिटल पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है। राशन वितरण व्यवस्था में लाभार्थियों की पहचान से लेकर दुकान के स्टॉक और वितरण तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज होने से पूरी प्रक्रिया की निगरानी आसान हुई है। इससे फर्जी लाभार्थियों और काल्पनिक वितरण जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद भी मिली है।

 

सरकारी व्यवस्था के तहत लाभार्थी की पहचान और उसके हिस्से के राशन का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज किया जाता है। राशन की दुकानों के स्टॉक तथा वितरण की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। इससे संबंधित विभागीय अधिकारियों को वितरण व्यवस्था की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने में सुविधा मिलती है।

ई-केवाईसी से लाभार्थियों का रिकॉर्ड हो रहा अपडेट 

पीडीएस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राशन कार्डों की ई-केवाईसी भी कराई जा रही है। आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 93.5 प्रतिशत राशन कार्डों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इससे लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अपडेट करने और वास्तविक पात्र लोगों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया के जरिए राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थियों के विवरण को अधिक विश्वसनीय बनाया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ सही पात्र परिवारों तक पहुंचे और व्यवस्था में किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश कम हो।

99.99 प्रतिशत आधार फीडिंग, 99.98 प्रतिशत प्रमाणीकरण 

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पीडीएस में 99.99 प्रतिशत आधार फीडिंग और 99.98 प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। आधार आधारित पहचान व्यवस्था ने राशन वितरण में लाभार्थियों की पहचान को और मजबूत आधार दिया है। सरकार की ओर से लगातार डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। राशन वितरण में ऑनलाइन रिकॉर्ड, आधार आधारित प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। इन व्यवस्थाओं से न केवल पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंचाने में मदद मिल रही है, बल्कि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।

पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा पूरा हक 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाते हुए पात्र लाभार्थियों को उनके हिस्से का राशन उपलब्ध कराना है। डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन निगरानी से राशन दुकानों के संचालन पर भी नजर रखी जा सकती है।

ICSI CS Professional, Executive Result: 25 अगस्त को जारी होगा जून 2026 सत्र का रिजल्ट, दिसंबर सत्र की एग्जाम डेट भी हुई जारी

ICSI CS Professional, Executive Result: इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) जून 2026 सत्र के लिए सीएस प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के रिजल्ट मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को घोषित करेगा। दोनों प्रोग्राम के रिजल्ट सुबह 11 बजे और दोपहर 2 बजे घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवारों को अपने रिजल्ट, सब्जेक्ट के हिसाब से मार्क्स का ब्रेक-अप, ऑफिशियल वेबसाइट icsi.edu पर ऑनलाइन चेक करने होंगे।

सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022) और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (सिलेबस 2022) एग्जामिनेशन, जून, 2026 सेशन का रिजल्ट मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को नीचे दिए गए शेड्यूल के अनुसार घोषित किया जाएगा:

एग्जीबिशन का स्टेज टाइम

प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022): सुबह 11 बजे

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (सिलेबस 2022): दोपहर 2 बजे

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम परीक्षा (सिलेबस 2022) का फॉर्मल ई-रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट कैंडिडेट्स को उनके रेफरेंस, इस्तेमाल और रिकॉर्ड के लिए डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होगा। रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट की कोई फिजिकल कॉपी जारी नहीं की जाएगी।

प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022) एग्जामिनेशन का रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट रिजल्ट घोषित होने के तुरंत बाद उम्मीदवारों को उनके रजिस्टर्ड पते पर भेज दिया जाएगा। अगर किसी उम्मीदवार को रिजल्ट की घोषणा के 30 दिनों के अंदर रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट की फिजिकल कॉपी नहीं मिलती है, तो वे अपनी जानकारी के साथ इंस्टीट्यूट से exam@icsi.edu पर संपर्क कर सकते हैं।

आईसीएसआई सीएस प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव दिसंबर सत्र 2026 परीक्षा की तारीख

आईसीएसआई के इसी नोटिस में, अगले सीएस प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव दिसंबर सत्र 2026 परीक्षा की तारीख घोषित की गई है। नोटिस के अनुसार, कंपनी सेक्रेटरीज प्रोफेशनल प्रोग्राम (सिलेबस 2022) और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (सिलेबस 2022) के एग्जाम सोमवार, 21 दिसंबर, 2026 से सोमवार, 28 दिसंबर, 2026 तक दोपहर के सत्र में होंगे। ऑनलाइन एनरोलमेंट एप्लीकेशन 26 अगस्त, 2026 से शुरू होंगे।

DU Admission on 12th Marks: दिल्ली यूनीवर्सिटी के ये कॉलेज दे रहे हैं 12वीं के नंबरों पर एडमिशन, कॉलेज और कोर्स की पूरी लिस्ट यहां देखें

योगी सरकार में अब छोटे उद्यमों को बड़ा बनाएगा ‘आईआईएम मॉडल’

योगी सरकार में अब छोटे उद्यमों को बड़ा बनाएगा 'आईआईएम मॉडल'

Yogi adityanath

UP Government IIM Lucknow: योगी सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण पर लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों को तकनीकी एवं व्यवसायिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के अंतर्गत इन्क्यूबेशन सेंटर के शुभारंभ के लिए हरी झंडी दे दी गई है। केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद यह सेंटर समूह की महिलाओं द्वारा संचालित एवं स्थापित उद्यमों को मजबूत करने, उनका विस्तार करने तथा बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

बिजनेस प्लान, उत्पाद विकास, गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग और मेंटरिंग उपलब्ध कराई जाएगी

इन्क्यूबेशन सेंटर को आईआईएम लखनऊ का तकनीकी सहयोग मिलेगा। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को बिजनेस प्लान, उत्पाद विकास, गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक, बाजार संपर्क एवं उद्यम विस्तार जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन और मेंटरिंग उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, संभावनाशील उद्यमों को विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थानों एवं बाजार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा व्यवसायिक सहयोग

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि यह इन्क्यूबेशन सेंटर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उद्यम की पहचान एवं स्थापना से लेकर उसके सुदृढ़ीकरण, विस्तार और बाजार तक पहुंच बनाने में सहयोग देगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यवसायिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

इन्क्यूबेशन सेंटर निभाएगा तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका

मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़ी संख्या में अपने उद्यम स्थापित कर रही हैं। इन्क्यूबेशन सेंटर इन उद्यमों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, विशेषज्ञ सहयोग और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

आईआईएम लखनऊ के सहयोग से ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को व्यवस्थित एवं विस्तार योग्य बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से गांव की समूह की महिलाओं के छोटे उद्यमों को मजबूत व्यवसाय में बदलने और उनकी आय एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, 1.28 लाख रिंग का वर्क ऑर्डर जारी

तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों के लिए शुरू की जाने वाली ‘मामा गोल्ड रिंग योजना’ के तहत करीब 1.28 लाख सोने की अंगूठियां बनवाने का ऑर्डर दिया है। इन अंगूठियों पर करीब 220 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ने इसके लिए दो बड़ी ज्वेलरी रिटेल चेन को काम सौंपा है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस योजना के तहत चार महीने के दौरान एक लाख से ज्यादा नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत 15 सितंबर से करने जा रही है। इसी दिन द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता सीएन अन्नादुरई की जयंती भी है।

बता दें कि नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का यह वादा टीवीके (TVK) के चुनावी घोषणापत्र में शामिल था।

22 जून से अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ

इस स्कीम का फायदा उन नवजात बच्चों को मिलेगा जो 22 जून को सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का जन्मदिन भी है।

एक मोटे अनुमान के मुताबिक, लगभग 128.5 किलोग्राम वजन वाली 1,28,499 अंगूठियों (22-कैरेट) की लागत 220 करोड़ रुपये होगी और तमिलनाडु सरकार ने कुल 4,41,667 अंगूठियों (एक साल के लिए) की सप्लाई के लिए 755.83 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

हालांकि, अंगूठियों के शुरुआती बैच की अंतिम लागत में बदलाव हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने मौजूदा बाजार दरों पर सोने का भुगतान करने का जिम्मा लिया है।

गोल्ड रिंग सप्लाई का जिम्मा दो कंपनियों को मिला

अंगूठियां बनाने और सप्लाई करने में जॉयअलुक्कास (Joyalukkas) को 70 फीसदी और कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) को 30 फीसदी हिस्सा मिला है। इसके तहत जॉयअलुक्कास करीब 89,949 अंगूठियां, जबकि कल्याण ज्वेलर्स 38,550 अंगूठियां तैयार करेगा।

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में आज की बाजार दर के हिसाब से, इस स्कीम के तहत एक सोने की अंगूठी की लागत सरकार को लगभग 14,850 रुपये प्रति ग्राम पड़ेगी।

सरकार ने शुक्रवार देर रात बताया कि तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (TNMSC) ने जून से सितंबर तक लाभार्थियों के लिए जरूरी 1,28,499 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के लिए जोयालुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में वर्क ऑर्डर जारी किए हैं।

सीएम विजय ने विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का किया था ऐलान

बता दें कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का ऐलान किया था, जिसका लाभ सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा। इस योजना का मकसद सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना है।

सरकार की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, “एक-एक ग्राम वजन वाली 4,41,667 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के सरकारी आदेश के बाद, 11 कंपनियों ने 14 जुलाई को तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के टेंडर में हिस्सा लिया और TN टेंडर्स पोर्टल के जरिए अपनी कीमत की जानकारी जमा की।”

जॉयअलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर सिर्फ 0.01 रुपये की सबसे कम बोली लगाई। इसमें प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस, ट्रांसपोर्टेशन और BIS हॉलमार्किंग जैसे सभी अतिरिक्त खर्च शामिल थे।

सरकार ने बताया कि जब संबंधित कानूनों के तहत 10 अन्य बोलीदाताओं को जीतने वाली कीमत के बारे में बताया गया, तो कल्याण ज्वैलर्स ने भी उसी कीमत की बोली लगाई।

सरकार ने कहा, “थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम को तमिलनाडु सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चे के जन्म को यादगार बनाने और मातृत्व की खुशी व महत्व का जश्न मनाने के लिए लागू किया जा रहा है।”

1 पैसे की बोली पर विधानसभा में हंगामा

इस हफ्ते विधानसभा में इस स्कीम के टेंडर को लेकर जोरदार बहस हुई। विपक्षी पार्टियों DMK और AIADMK ने खरीद की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और “टेंडर के बहुत ही अजीब नतीजे” के बारे में पूछा, क्योंकि सफल बोली लगाने वाले ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹0.01 (एक पैसा) की बोली लगाई थी।

विपक्षी पार्टियों के अनुसार, दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹410.97 से लेकर ₹15,000 से ज्यादा तक की बोली लगाई थी।

जॉयलुक्कास ने एक बयान में कहा: “इस टेंडर की कीमत लगभग 755 करोड़ रुपये है, जिसमें सोने की कीमत कुल खरीद मूल्य का मुख्य हिस्सा है।” कंपनी ने कहा कि उसने “मौजूदा सोने की कीमत से सिर्फ 1 पैसा ज्यादा का सांकेतिक सर्विस चार्ज” कोट किया था।

वहीं, विपक्ष ने सवाल उठाया कि यह खरीद तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के जरिए क्यों की गई और तर्क दिया कि TNMSC को सिर्फ दवाइयां, मेडिकल उपकरण खरीदने और हेल्थकेयर बिल्डिंग बनाने के लिए बनाया गया था।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह योजना राज्य की हेल्थकेयर सेवाओं में जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी है।

यह भी पढ़ें: एक iPhone के पीछे बेटा, पिता, मां सब कैसे खत्म हो गए और तबाह हो गई महाराष्ट्र की ये पूरी फैमिली! ये घटना रौंगटे खड़े कर देगी

भारत के पानी से पाकिस्‍तान में खौफ, कहा, पानी को हथियार बनाकर तबाही मचाएगा भारत, क्‍या है सिंधु जल संधि कनेक्‍शन?

भारत के पानी से पाकिस्‍तान में खौफ, कहा, पानी को हथियार बनाकर तबाही मचाएगा भारत, क्‍या है सिंधु जल संधि कनेक्‍शन?

Indus Waters Treaty

भारत के पानी से पाकिस्‍तान में खौफजदा है। चारों तरफ एक ही बात की चर्चा हो रही है कि भारत अपने पानी को पाकिस्‍तान के खिलाफ एक भयानक हथियार के तौर पर इस्‍तेमाल कर सकता है।

दरअसल, सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने माना कि भारत जरूरत पड़ने पर पानी को 'हथियार' की तरह इस्तेमाल कर सकता है, जिससे पाकिस्तान की फसलों और जल सुरक्षा पर असर पड़ सकता है और वहां भारी नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर कई एक बार फिर से पाकिस्तान की बौखलाहट दुनिया के सामने आ गई है और वो भारत को लेकर इस तरह के बयान दे रहा है।

तबाही मचा सकता है भारत का पानी : बता दें कि हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अहसान इकबाल ने कहा, “सिंधु जल समझौता एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसे भारत ने एकतरफा तरीके से स्थगित कर दिया है। इससे हमारे सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है।

अब हमें इस बात का डर है कि भारत पानी को हथियार बनाकर हमारी फसलों के जरूरत के समय पानी रोक सकता है और जब हमें जरूरत न हो, तब पानी छोड़कर तबाही मचा सकता है” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अब जो नए बांध बना रहा है, वे भविष्य में इस खतरे के खिलाफ एक 'बफर' का काम करेंगे।

पानी की हर बूंद हमारी रेड लाइन : बता दें कि पाकिस्तान के मंत्री का यह बयान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी के कुछ दिनों बाद आया है। शहबाज शरीफ ने कहा था, “पानी की एक-एक बूंद हमारी रेड लाइन है”। उन्होंने भारत से कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी के अधिकार को छीनने की कोशिश की गई या देश की संप्रभुता पर कोई आंच आई, तो इसका 'करारा और सीधा जवाब' दिया जाएगा।

क्‍या है सिंधु जल संधि : पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। भारत और पाकिस्तान में साल 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी। इसके तहत भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी का बंटवारा किया गया है। इस संधि के निलंबित होने से पाकिस्तान के सामने जल संकट का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तानी सरकार सिंधु संधि के मुद्दे को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में लेकर गई है तो सुरक्षा परिषद में भी उठाया है। पाकिस्तान की कोशिश है कि इस मुद्दे पर दुनिया से भारत के ऊपर दबाव बनवाया जाए। भारत ने अब तक यही रुख रखा है कि संधि को बहाल नहीं किया जाएगा। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से लगातार इस मुद्दे पर भारत के खिलाफ बयानबाजी हो रही है।

क्‍या है भारत का रुख : दूसरी तरफ भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता तब तक संधि बहाल नहीं होगी। पाकिस्तान इसे एकतरफा और गैरकानूनी कदम बताता रहा है। इकबाल के बयान से साफ है कि इस्लामाबाद पानी की आपूर्ति को लेकर चिंतित है, क्योंकि कृषि और अर्थव्यवस्था काफी हद तक इन नदियों पर निर्भर है।

पीएम पोषण रसोइयों को सम्मानित करेंगे सीएम योगी, देंगे कैशलेस चिकित्सा कार्ड

पीएम पोषण रसोइयों को सम्मानित करेंगे सीएम योगी, देंगे कैशलेस चिकित्सा कार्ड

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: जो हाथ हर दिन विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर उनके पोषण और स्वास्थ्य को मजबूती देते हैं, योगी सरकार अब उन्हीं हाथों के श्रम को सम्मान के साथ सुविधा देने जा रही है। पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के योगदान को केंद्र में रखते हुए 23 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ के जुपिटर सभागार में सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रस्तावित इस कार्यक्रम में उनके हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि प्रदेशभर से 1500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। खास बात यह है कि इसी दिन जनपद एवं तहसील स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेशभर में रसोइयों के सम्मान का संदेश एक साथ पहुंचेगा। 

 

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशों के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने और आपसी समन्वय से आयोजन को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल पीएम पोषण योजना को जमीन पर प्रभावी ढंग से पहुंचाने वाले रसोइयों के योगदान को सार्वजनिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सम्मान के केंद्र में होंगे पीएम पोषण के रसोइए

कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय, परिषदीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले इन रसोइयों को सम्मान देने के लिए राज्य से लेकर स्थानीय स्तर तक व्यापक तैयारियां की गई हैं।

23 अगस्त को जनपद और तहसील स्तर पर भी आयोजन

राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ 23 अगस्त को जनपद एवं तहसील स्तर पर भी रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांसद, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को उपलब्ध सभागारों का उपयोग करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने तथा रसोइयों के सम्मान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री के हाथों 11 रसोइयों का सम्मान

राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 1500 रसोइयों को कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाएगा। उनके आवागमन, आमंत्रण, स्वागत, जलपान एवं भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को दायित्व सौंपे गए हैं।

सम्मान के साथ सुविधा और सुरक्षा पर जोर

रसोइयों को कैशलेस कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ बैंक और यूपीआई क्यूआर कोड से संबंधित व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेड कवर, ग्लव्स एवं एप्रन किट उपलब्ध कराने की तैयारी है।

पीएम पोषण की उपलब्धियां भी होंगी प्रदर्शित

राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों और रसोइयों के योगदान पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की जाएगी। योजना की उपलब्धियों पर आधारित बुकलेट, पोस्टर और फ्लेक्स के माध्यम से भी पीएम पोषण की उपलब्धियों को सामने लाया जाएगा। इससे बच्चों को मिलने वाले पोषण तथा योजना को जमीन पर लागू करने में रसोइयों की भूमिका को सार्वजनिक पहचान मिलेगी।

क्या कहते हैं बेसिक शिक्षा मंत्री? 

यूपी के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह का कहना है कि पीएम पोषण रसोइए बच्चों के पोषण और स्वस्थ भविष्य की आधारशिला हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी के हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा। योगी सरकार उनके सम्मान, सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

 

Awarapan 2 Budget vs Collection: 45 करोड़ के बजट में बनी ‘आवारापन 2’, इमरान हाशमी की फिल्म ने 3 गुना कमाया मुनाफा

Awarapan 2 Budget vs Collection: ‘आवारापन 2’ ठीक वही कर रही है, जिसकी उम्मीद इसके मेकर्स ने की थी – यानी लोगों को सिनेमाघरों तक वापस लाना। जबकि आपको जानकर हैरानी होगी कि रिलीज से पहले डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इस फिल्म में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इमरान हाशमी के लीड रोल वाली इस सीक्वल फिल्म ने शुरुआती दो दिनों में ही 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था, जबकि प्रोड्यूसर विशेष भट्ट का कहना है कि टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

कितना है फिल्म का बजट

जानकारी के मुताबिक फिल्म का बजट 30 से 45 करोड़ के बीच बताया जा रहा है। हालांकि ये आंकड़े ऑफिशियल नहीं हैं। फिल्म प्रोड्यूसर विशेष भट्ट ने बताया थी कि उनकी फिल्म पर कोई भरोसा नहीं कर रहा था। हर किसी को फिल्म के फ्लॉप हो जाने का डर सता रहा था। टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

फिल्म ने कितनी कमाई की

2007 की फिल्म ‘आवारापन’ बेशक बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी, लेकिन इसका म्यूजिक और कहानी आज भी लोगों के जुबान पर चढ़े हैं। इसी का फायदा ‘आवारापन 2’ को पूरी तरह से मिला है। सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘आवारापन 2’ ने 21.50 करोड़ के नेट कलेक्शन के साथ ओपनिंग की थी। भारत में ग्रॉस कलेक्शन 25.80 करोड़ रुपये रहा था। जबकि वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने 27.80 करोड़ से ओपनिंग की थी।

वहीं 8वें दिन फिल्म ने भारत में आठवें दिन 5.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। इसके साथ ही, फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 119 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 141.87 करोड़ रुपये है। फ़िल्म विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आठवें दिन, ‘आवारापन 2’ ने विदेशी बाजार में 1 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिससे इसका इंटरनेशनल कलेक्शन 27.30 करोड़ रुपये हो गया। फ़िल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 169.17 करोड़ रुपये है, जो इसे 170 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब ले आया है।

पहले दिन का कलेक्शन-22 करोड़

दूसरे दिन का कलेक्शन-33.75 करोड़

तीसरे दिन का कलेक्शन-26 करोड़

चौथे दिन का कलेक्शन-9.25 करोड़

पांचवें दिन का कलेक्शन-9.75 करोड़

छठवें दिन का कलेक्शन-6.75 करोड़

सातवें दिन का कलेक्शन-6 करोड़

आठवें दिन का कलेक्शन-5.75 करोड़

India Net (Sacnilk): 119.00 crore

India Gross (Sacnilk): 142.21 cr

Worldwide Gross: 169.17 crore

कितना कमाया मुनाफा

‘आवारापन 2’ ने 45 करोड़ के बजट के मुकाबले 74 करोड़ से 78.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट (164% से 175% रिटर्न) कमाया है, जो अपने एक बड़ा आंकड़ा है। फिल्म साल की तीसरी बिग ओपनर बनकर उभरी है। इससे पहले यशराज की ‘सैयारा’ और ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान लाया था।

यह फ़िल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से टक्कर के बावजूद अपनी जगह बनाए रखने में कामयाब रही। लेकिन रिलीज़ से पहले कहानी कुछ और ही थी। ‘ज़ूम’ के साथ एक इंटरव्यू में, विशेष भट्ट – जिन्होंने बिलाल सिद्दीकी के साथ मिलकर इस फ़िल्म की कहानी भी लिखी है – ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूटर इस फ़िल्म को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। उनके मुताबिक, दिलचस्पी न दिखाने की वजह से ही उन्हें नहीं लगता कि ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ जल्दी पैसे कमाने के मकसद से बनाई गई फ़िल्म है।

उन्होंने कहा, “अगर आप ‘आवारापन’ जैसी फ़िल्में देखना चाहते हैं, तो आपको सिनेमाघरों में जाकर उन्हें सपोर्ट करना होगा। वरना मुझे कैसे पता चलेगा कि आपको इसमें दिलचस्पी है? अगर मुझे पता होगा, तो मैं भी अपनी मेहनत की कमाई लगाकर फ़िल्म बनाऊंगा ताकि पैसे कमा सकूं। मैं आपको बता दूं, ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए बनाई गई फ़िल्म नहीं है।”