Clay Craft India की धीमी शुरुआत, शेयर 4% बढ़त के साथ लिस्ट

Clay Craft India की 24 जून को लिस्टिंग ठीकठाक रही। शेयर NSE SME पर लगभग 4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 211 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO प्राइस 203 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का पब्लिक इश्यू 17-19 जून के दौरान खुला था। 110.11 करोड़ रुपये के IPO को 103.06 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। पब्लिक इश्यू में 54 लाख नए शेयर जारी हुए। ऑफर फॉर सेल नहीं था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 119.19 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 153.95 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 71.76 गुना सब्सक्राइब हुआ।

क्ले क्राफ्ट इंडिया बोन चाइना क्रॉकरी और सिरेमिक टेबलवेयर बनाती है। कंपनी बेहतरीन क्वालिटी वाले डाइनिंग प्रोडक्ट्स बनाती है, जैसे कि प्लेट, कप, सॉसर, मग और किचन का दूसरा सामान। इनका इस्तेमाल घरों, होटलों और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी के प्रमोटर राजेश नारायण अग्रवाल, विकास अग्रवाल, भारत अग्रवाल और दीपक अग्रवाल हैं।

IPO के पैसों का कैसे होने वाला है इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हासिल पैसों में से 97 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने के लिए करेगी। बाकी पैसे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे। IPO से पहले क्ले क्राफ्ट इंडिया ने एंकर निवेशकों से 31.34 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Clay Craft India की वित्तीय सेहत

क्ले क्राफ्ट इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 184.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 154.44 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 27.01 करोड़ रुपये रहा, जो कि वित्त वर्ष 2025 में 20.76 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.98 करोड़ रुपये की उधारी थी।

LPG Price Today: गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी, जानें दिल्ली, मुंबई, नोएडा समेत आपके शहर का रेट

LPG Price Today: बुधवार, 24 जून को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर रही, जबकि US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति के कारण ग्लोबल ऑयल की कीमतों में कमी आई है। बता दें कि 7 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उस समय तेल कंपनियों (OMCs) ने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़ाए थे। इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में पिछली बार करीब 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सप्लाई में आई दिक्कतें थीं।

गौरतलब है कि US-ईरान तनाव के कारण पश्चिम एशिया से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई है और LPG का आयात प्रति माह 2 मिलियन टन से घटकर अप्रैल में 696,000 टन रह गया। पिछले चार महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 79% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि इसकी कीमत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) पर आधारित होती है, जिसे सऊदी अरामको हर महीने की शुरुआत में तय करती है।

शहर के हिसाब से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें

शहरघरेलू LPG (14.2 किलोग्राम)कमर्शियल LPG (19 किलोग्राम)
नई दिल्ली₹942.00 (+₹29.00)₹3,113.50 (+₹42.00)
कोलकाता₹968.00 (+₹29.00)₹3,255.50 (+₹53.50)
मुंबई₹941.50 (+₹29.00)₹3,067.50 (+₹43.50)
चेन्नई₹957.50 (+₹29.00)₹3,283.00 (+₹46.00)
गुरुग्राम₹950.50 (+₹29.00)₹3,130.00 (+₹42.00)
नोएडा₹939.50 (+₹29.00)₹3,113.50 (+₹42.00)
बेंगलुरु₹944.50 (+₹29.00)₹3,198.00 (+₹46.00)
भुवनेश्वर₹968.00 (+₹29.00)₹3,290.00 (+₹52.00)
चंडीगढ़₹951.50 (+₹29.00)₹3,136.00 (+₹43.50)
हैदराबाद₹994.00 (+₹29.00)₹3,367.00 (+₹52.00)
जयपुर₹945.50 (+₹29.00)₹3,141.00 (+₹42.00)
लखनऊ₹979.50 (+₹29.00)₹3,236.00 (+₹42.00)
पटना₹1,031.50 (+₹29.00)₹3,400.00 (+₹53.50)
तिरुवनंतपुरम₹951.00 (+₹29.00)₹3,152.00 (+₹46.

US-Iran डील के बाद भारत आने वाले कितने जहाज होर्मुज से गुजरे?

पिछले हफ्ते US और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, भारत आने वाले कुल 11 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिग में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “17 जून को MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर होने के बाद से, भारत आने वाले 11 जहाज होर्मुज से गुजरे हैं।”

इन जहाजों में 3 भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में 2.85 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल है। इसके अलावा विदेशी झंडे वाला एक LPG कैरियर, विदेशी झंडे वाला एक कच्चे तेल का टैंकर और विदेशी झंडे वाले छह बल्क कैरियर शामिल हैं, जिनमें उर्वरक (खाद) लदा था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं, जबकि दो हाल ही में वहां पहुंचे हैं।

क्या भारत के लिए वेस्ट एशिया से आने वाली LPG का कोई स्थायी विकल्प है?

रॉयटर्स ने इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से बताया है कि जून में अमेरिका से भारत का LPG इंपोर्ट 1 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचने वाला है, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात से सप्लाई में सुधार हुआ है और यह 3,00,000 से 4,00,000 टन के आसपास पहुंच गई है। साथ ही, जून में OMCs को कुवैत से भी लगभग 45,000 टन LPG मिलेगी।

आपको बताते चलें कि अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से पहले, भारत अपने LPG आयात के लिए पश्चिमी एशिया पर बहुत ज्यादा निर्भर था; इसका लगभग 90% हिस्सा इसी व्यापार मार्ग से आता था।

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Ketan Agarwal: सांप वाला दांव चल जाता तो अपने मंगेतर को 31 मई को ही मार डालती सिया गोयल! इस औरत की साजिश हैरान करने वाली

पुणे के लोणावला स्थित लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक साधारण ट्रेकिंग हादसा माना गया था। शुरुआती रिपोर्ट में यही कहा गया कि वो घूमने के दौरान खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, पूरी कहानी ही बदलती चली गई। जो घटना पहले एक दुर्घटना लग रही थी, वो अब संदिग्ध परिस्थितियों और साजिश की ओर इशारा करने लगी है। जांच में सामने आए अलग-अलग सुरागों ने पुलिस को इस केस को नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया।

CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध हरकतें, तकनीकी जांच से मिले डिजिटल सबूत और घटनास्थल के हालात ने शक को और मजबूत किया। धीरे-धीरे यह साफ होने लगा कि यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि किसी योजना के तहत की गई गंभीर घटना भी हो सकता है।

सांप वाला बहाना भी रचा गया?” चौंकाने वाला एंगल

जांच में अब एक और सनसनीखेज एंगल सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले की कुछ घटनाओं में “सांप दिखा” कहकर माहौल बनाने और केतन को डराने की कोशिश की गई थी, ताकि उसे किले पर लाना आसान हो सके। माना जा रहा है कि यह पूरा प्लान उसे भ्रमित करने और अलग-अलग बहानों से वहां बुलाने की रणनीति का हिस्सा था।

CCTV ने खोला बड़ा राज

टिकट काउंटर के पास लगे कैमरे में केतन अपनी मंगेतर सिया के साथ नजर आया, लेकिन उनके पीछे एक हुडी पहने संदिग्ध युवक भी दिखा, जो गर्म मौसम में भी चेहरा छुपाए हुए था। यही पहला बड़ा सुराग बना।

रहस्यमयी युवक और रिश्तों की परतें

जांच में उस युवक की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई, जिसके सिया के साथ नजदीकी रिश्ते की बात सामने आई। इसके बाद पूरा मामला और उलझता चला गया।

शादी, तनाव और बदलती कहानी

केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और शादी तय थी, लेकिन पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिया इस रिश्ते से खुश नहीं थी और कई बार शादी टालने की बात कर चुकी थी।

31 मई का चौंकाने वाला दावा

पुलिस का कहना है कि 31 मई को भी केतन को किले पर ले जाकर गिराने की कोशिश की गई थी। आरोप है कि अगर ये कोशिश सफल हो जाती, तो वही दिन उसकी मौत का दिन बन जाता।

पासपोर्ट गायब और बाली ट्रिप से जुड़ा शक

शादी से पहले विदेश यात्रा की योजना थी, लेकिन अचानक केतन का पासपोर्ट गायब हो गया और ट्रिप कैंसिल करनी पड़ी। इस घटना ने शक और गहरा कर दिया।

हजारों कॉल्स और डिजिटल सबूत

जांच में सिया और चेतन के बीच हजारों कॉल्स और लंबे बातचीत रिकॉर्ड मिले, जिससे दोनों के बीच गहरे संबंध और कथित साजिश की ओर इशारा हुआ।

भागना नहीं चाहती थी, इसलिए चुना खतरनाक रास्ता’

पुलिस के अनुसार, सिया परिवार की बदनामी के डर से रिश्ता खत्म करके भागना नहीं चाहती थी, इसलिए कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई।

गिरफ्तारी के बाद खुल रहे राज

फिलहाल पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या व साजिश के आरोप में जांच जारी है।

परिवार का दर्द और इंसाफ की मांग

केतन के परिवार ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें सिया पर कभी शक नहीं हुआ था।

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Liotech IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, हर लॉट पर ₹30740 स्वाहा, ₹321 के शेयरों ने दिया शॉक

Liotech IPO Listing: दरवाजे के हैंडल और स्टॉपर्स जैसे प्रोडक्ट्स बेचने वाली लियोटेक इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर यह ओवरऑल 1.91 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹321 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹257.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी 19.94% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹244.15 (Liotech Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.94% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 400 शेयरों का था तो हर लॉट पर निवेशकों को ₹30740 का घाटा हुआ है।

Liotech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

लियोटेक इंडस्ट्रीज का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-19 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.85 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹29 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.00 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹4.95 करोड़ लोन चुकाने, ₹7.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Liotech के बारे में

वर्ष 2020 में बनी लियोटेक इंडस्ट्रीज हार्डवेयर स्ट्रक्चर्स और एक्सेसरीज बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में डोर किट्स, हिंग्स, गेट हुक्स, एल्ड्रॉप, लॉक्स, हैंडल्स, टावर बोल्ट्स और शेल्फ बॉटम्स हैं। यह डोर स्टॉपर्स, मैग्नेट्स, टेबल ब्रेकेट्स, बेड लिफ्टर्स और बेल मैग्नेट्स भी बेचती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹35 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.93 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹4.16 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 118% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹40.69 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹51.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹4.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.93 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

24 जून: मध्य प्रदेश में आज मनेगा रानी दुर्गावती गौरव दिवस, जानें उनके बलिदान की कहानी

A scene depicting the courage, self-respect, and dignity of the heroic Queen Durgavati on the day of her martyrdom

Rani Durgavati Martyrdom Day 24 June: रानी दुर्गावती के बलिदान की कहानी भारतीय इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक है। जब मुगल सम्राट अकबर के सेनापति आसफ खान ने गोंडवाना पर आक्रमण किया, तब रानी दुर्गावती ने आत्मसमर्पण करने के बजाय युद्ध का रास्ता चुना। उनके बलिदान की 3 सबसे खास बातें, जो उन्हें अन्य शासकों से अलग और महान बनाती हैं, इस प्रकार हैं:ALSO READ: रानी दुर्गावती के बलिदान की कहानी की 3 खास बातें

1. स्वाभिमान बनाम गुलामी: मुगलों की अधीनता स्वीकार करने से साफ इनकार

मुगल सम्राट अकबर की सेना बहुत विशाल और आधुनिक हथियारों से लैस थी। अकबर चाहता था कि रानी दुर्गावती उसकी अधीनता स्वीकार कर लें और टैक्स/ खिराज दें। रानी के मंत्रियों ने भी उन्हें समझौता करने की सलाह दी थी। लेकिन रानी का मानना था कि 'अपमानजनक जीवन जीने से अच्छा है गरिमा के साथ मर जाना।' उन्होंने झुकने के बजाय लड़कर मरने का रास्ता चुना। सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद उन्होंने अद्भुत साहस का परिचय दिया और अंतिम क्षण तक रणभूमि में डटी रहीं।

 

2. अद्भुत युद्ध रणनीति (War Strategy) और नेतृत्व

रानी ने केवल महल में बैठकर आदेश नहीं दिए, बल्कि खुद युद्ध के मैदान में उतरीं। उनकी सबसे खास बात थी उनकी युद्ध रणनीति। उन्होंने जबलपुर के पास 'नरई नाला' के इलाके को युद्ध के लिए चुना, जो चारों तरफ से जंगलों, पहाड़ों और नदियों से घिरा था। इस भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर उन्होंने पहली दो लड़ाइयों में अकबर की बेहद आधुनिक और बड़ी सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।

 

3. बंदी बनने के बजाय अपने प्राण त्यागना

24 जून 1564 को जब रानी युद्ध के मैदान में गंभीर रूप से घायल हो गईं और जब एक तीर उनकी आंख में और दूसरा उनकी गर्दन में लगा और उनका घोड़ा भी थक चुका था, तब उन्हें समझ आ गया कि अब जीतना असंभव है। दुश्मन सेना उन्हें जिंदा पकड़ना चाहती थी। मुगलों के हाथों बंदी बनने और अपमानित होने के बजाय, रानी ने अपनी ही कटार अपनी छाती में घोंप ली और वीरगति को प्राप्त हुईं।

 

रानी दुर्गावती का यह कदम दिखाता है कि उनके लिए देश और नारी का आत्मसम्मान उनकी जान से कहीं ज्यादा कीमती था। यही कारण है कि आज भी उनका बलिदान दिवस 'गौरव दिवस' के रूप में मनाया जाता है। स्वाभिमान की रक्षा के लिए दिया गया उनका यह सर्वोच्च बलिदान है। 

 

आज, 24 जून को मध्य प्रदेश में वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस को गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस अवसर पर जबलपुर के मदन महल तथा मंडलासहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रानी दुर्गावती के प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करके उनके शौर्य, स्वाभिमान और साहस को याद किया जाता है। इसके साथ ही इस दिन मध्य प्रदेश सरकार तथा सामाजिक संगठनों द्वारा रैलियों व गोष्ठियों के माध्यम से विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करके उनके बलिदान को याद किया जाता है।

 

रानी दुर्गावती का बलिदान केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि साहस, आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरक संदेश है। यही कारण है कि आज भी उन्हें भारत की महानतम वीरांगनाओं में गिना जाता है।

 

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कौन है सिया का प्रेमी चेतन चौधरी, 6 महीनों में 2004 कॉल, 238 घंटे बातचीत और मर्डर के 3 प्लान

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महाराष्ट्र के पुणे जिले में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की सुनियोजित तरीके से खाई में धक्का देकर हत्या की गई और फिर उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। हालांकि केतन की मौत पर उसकी मंगेतर सिया ने बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान पैर फिसलने से वह खाई में गिर गया और मौत हो गई। सिया का कथित बायफ्रेंड चेतन चौधरी भी इस साजिश में शामिल है।

पुलिस ने अचानक हुई मौत का मामला दर्ज किया। शुरुआत में इस मामले को एक सामान्य हादसा मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज की थी। लेकिन जब जांच गहराई से आगे बढ़ी, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मोबाइल रिकॉर्ड्स में सिया और एक अन्य युवक के बीच 2,004 फोन कॉल्स, घटना से पहले इंटरनेट कनेक्शन बंद किया जाना, लापता पासपोर्ट और अंतिम संस्कार के सिर्फ चार दिन बाद आरोपी का मृतक के घर पहुंचना जैसे सुरागों ने पूरी कहानी बदल दी।

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इधर केतन और सिया का परिवार उन दोंनों की शादी की तैयारियों को लेकर व्यवस्था कर रहे थे वहीं सिया पहले से ही किसी और के साथ प्रेम संबंध में थी। सिया चेतन चौधरी चौधरी के साथ एक साल से प्रेम संबंध में थी। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक वे एक दूसरे को 1 साल से जानते थे। 1 जनवरी से 18 जून तक सिया और चेतन ने 2004 कॉल किए।

6 महीनों में 238 घंटे बातचीत, हत्या के 3 प्लान : इन 6 महीनों में उन्होंने 238 घंटे बातचीत की। जांच में यह भी सामने आया कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसे अपने तथा चेतन के रिश्ते में बाधा मानती थी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि साजिश के तहत सिया घूमने के बहाने केतन को लोहागढ़ किले पर ले गई, बाद में चेतन को भी वहां बुलाया गया और दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

हत्या का पहला प्रयास : केतन को मौत की नींद सुलाने का पहला प्रयास 14 जून को किया गया था। सिया केतन को लोहागढ़ किले में वापस लेकर गई। इस प्लान में चेतन चौधरी शामिल था। आरोप है कि उस दिन उन्होंने डर का फायदा उठाने का तरीका चुना था। एक सांप का दिखना, अचानक से डर का माहौल बनाना, इतना सदमा और भ्रम पैदा करना कि केतन खाई के किनारे की ओर धकेल दिया जाए। उन्होंने सांप के हमले का नाटक करके दहशत फैलाने की कोशिश की। लेकिन कुछ गड़बड़ हो गई। केतन, जो अपने आसपास हो रही साजिशन घटनाओं से बेखबर था, इस बात से अंजान था कि उसके साथ ट्रेकिंग पर आए दोस्तों और मंगेतर ने कुछ और ही प्लान बना रखा था। उसने वैसा व्यवहार नहीं किया जैसा उन्होंने चाहा था। वह किनारे की ओर पीछे नहीं हटा। वह गिरा नहीं। इस वजह से पहला अटेम्पट फेल हो गया।

हत्या का दूसरा प्लान : 14 जून के असफल प्रयास के बाद जो कुछ हुआ, उसके लिए सिया को एक कारण ढूंढना पड़ा। एक ऐसा विश्वसनीय और मासूम सा लगने वाला कारण जिससे केतन को एक बार फिर उसी किले में वापस लाया जा सके। उसे यह कारण अपने जन्मदिन में ही मिल गया। सिया गोयल का जन्मदिन 19 जून को था। उन्होंने केतन से कहा कि वह इसे लोहागढ़ किले में मनाना चाहती हैं। उन्होंने किले में पिकनिक का सुझाव दिया, कुछ निजी, कुछ यादगार पल। उन्होंने परिवार के सदस्यों और दोस्तों को बुलाया। उन्होंने एक समूह बनाया। उन्होंने इसे एक भव्य उत्सव की तैयारी जैसा बना दिया। केतन, जिसने पहले ही अपनी प्रेमिका के जन्मदिन के लिए महाबलेश्वर के एक आलीशान रिसॉर्ट में 40 कमरे बुक करा रखे थे वह मान गया।

वह साथ ही साथ जन्मदिन का सरप्राइज भी प्लान कर रहा था। उसे शक करने का कोई कारण नहीं था कि पिकनिक का फैसला उसकी प्रेमिका की उस जगह पर समय बिताने की इच्छा के अलावा कुछ और हो सकता है, जहां वह समय बिताना चाहती थी। वह किले में वापस चला गया।

इसके बाद 18 जून को यह ग्रुप लोहागढ़ पहुंचा। हलांकि चेतन चौधरी उस में शामिल नहीं था। उसने अपना फोन दुकान पर छोड़ दिया था। फिर यह पूरा ग्रुप किले की एक ऐसी जगह पर पहुंचा जहां से गहरी खाई नीचे जा रही थी। इस बीच चेतन भी आ गया। मृतक केतन के पिता ने बताया कि इसके बाद सिया और चेतन उसके साथ ऊपर गए और पीछे से उसके कुछ मारा और फिर नीचे फेंक दिया। केतन 400 फीट की ऊंचाई से गिर गया और खाई से टकराने के बाद मौत हो गई। फिर सिया ने पुलिस को झूठी कहानी रचकर सूचना दी।

इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट का ड्रामा : सिया ने केतन की मौत की खबर फैलने के बाद इंस्टाग्राम पर एक भावुक स्टोरी शेयर की। जिसमें उसने लिखा कि तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़कर चले गए. जब ​​हम शादी के बेहद करीब थे, तब तुम मुझे छोड़कर चले गए। मुझे अब भी समझ नहीं आ रहा कि तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया। सिया ने आगे लिखा कि मैंने सपने देखे थे, मेरे मन में कई सवाल थे जिनके जवाब मुझे कभी नहीं मिलेंगे। जब मैं तुमसे इतना प्यार करती थी, तब तुमने मुझे क्यों छोड़ दिया? तुम्हारी आत्मा को शांति मिले। उस इंस्टाग्राम स्टोरी का स्क्रीनशॉट भी अब पुलिस जांच का हिस्सा है, जिसकी जांच की जा रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

siya ketan

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक केतन के पिता ने बताया कि यह हत्या एक खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। 18 मई को खाई में धक्का देकर मारने से चार दिन पहले यानी 14 जून को भी सिया ने केतन की जान लेने का पूरा बंदोबस्त कर लिया था।

सिया ने केतन को तब भी धक्का देकर खाई में गिराने की कोशिश की। हालांकि तब केतन ने झाड़ी पकड़कर अपनी जान बचाई थी। राज खुलने के डर से सिया ने 'सांप-सांप' का शोर मचाया। केतन अपनी मंगेतर की साजिश को भांप नहीं सका और इसी का फायदा उठाकर ठीक चार दिन बाद सिया ने उसकी हत्या कर दी।

बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे जिले में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की सुनियोजित तरीके से खाई में धक्का देकर हत्या की गई और फिर उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। हलांकि केतन की मौत पर उसकी मंगेतर सिया ने बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान पैर फिसलने से वह खाई में गिर गया और मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिया का कथित बायफ्रेंड चेतन चौधरी भी इस साजिश में शामिल है।

पुलिस ने अचानक हुई मौत का मामला दर्ज किया। शुरुआत में इस मामले को एक सामान्य हादसा मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज की थी। लेकिन जब जांच गहराई से आगे बढ़ी, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मोबाइल रिकॉर्ड्स में सिया और एक अन्य युवक के बीच 2,004 फोन कॉल्स, घटना से पहले इंटरनेट कनेक्शन बंद किया जाना, लापता पासपोर्ट और अंतिम संस्कार के सिर्फ चार दिन बाद आरोपी का मृतक के घर पहुंचना जैसे सुरागों ने पूरी कहानी बदल दी।

केतन के परिवार का कहना है कि 19 जून को सिया का जन्मदिन था। इससे एक दिन पहले सिया ने प्री-बर्थडे सरप्राइज के बहाने से केतन को लोहगढ़ किले बुलाया। पुणे पुलिस के अनुसार, इस दौरान सिया का कथित प्रेमी चेतन भी पहुंच गया। चेतन ने अपना मोबाइल कोंढवा में अपने घर पर रखा था ताकि किसी को उस पर शक न हो। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने कपड़े भी बदल लिए थे। चिलचिलाती धूप में हुडी पहनकर लोहागढ़ जाते हुए चेतन का CCTV फुटेज पुलिस के हाथ लग गया।

किले में जब केतन मोबाइल से तस्वीर ले रहा था, तभी सिया ने उसे खाई में धक्का दे दिया। इसके बाद सिया ने ही पुलिस को फोन किया और कहा कि केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। पुलिस और परिवार भी मौके पर पहुंचे। यह सिया गोयल का प्लान B था, जो सफल हो गया और केतन को मौत के घाट उतार दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इस मामले के आरोपी सिया गोयल और प्रेमी चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक दोनों ने अपना जुर्म कबूल किया है। केतन की मौत के अगले दिन उसका शव खाई से बरामद किया गया। उससे अगले दिन सिया का बर्थडे था। बता दें कि फरवरी 2026 में केतन और सिया की सगाई हुई थी। पुणे जिले के गहुंजे में रहने वाले 26 साल के केतन एक रियल एस्टेट कारोबारी थे। पुलिस ने बताया कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल का जन्मदिन मनाने के लिए 18 जून को लोहगढ़ ट्रेकिंग पर गए थे। दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी। खबरों के मुताबिक, दोनों परिवारों ने शादी के लिए राजस्थान में 17 करोड़ रुपये में एक महल बुक किया था और मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए दो निजी विमानों की व्यवस्था की गई थी। घटना के बाद तीन घंटे चले बचाव अभियान के बाद बचाव दल ने केतन का शव बाहर निकाला। 
Edited By: Naveen R Rangiyal

Viral video: एयर इंडिया फ्लाइट में फैला कचरा देखकर भड़की केबिन क्रू, वायरल हुआ वीडियो

एयर इंडिया की फ्लाइट अटेंडेंट वंशिका कटारिया ने यात्रियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि जब फ्लाइट अपने गंतव्य पर पहुंची और यात्रियों के उतरने के बाद केबिन की स्थिति देखी गई, तो सीटों के आसपास रैपर, टिश्यू और अन्य कचरा बिखरा हुआ मिला। यह दृश्य न सिर्फ असुविधाजनक था, बल्कि काफी निराशाजनक भी लगा। उन्होंने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लोगों से अपील की कि यात्रा के दौरान बुनियादी शिष्टाचार और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

उनका मानना है कि यदि यात्री अपने कचरे को एक जगह इकट्ठा करके क्रू को सौंप दें, तो सफाई का काम आसान हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक परिवहन में जिम्मेदार व्यवहार कितना जरूरी है, ताकि सभी के लिए सफर बेहतर और स्वच्छ बनाया जा सके।

सोशल मीडिया पर दिखाया असली हाल

वंशिका ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें विमान के अंदर फैला कचरा साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने मजाकिया लेकिन तीखा मैसेज लिखा “फ्लाइट तो लैंड हो गई, लेकिन बेसिक मैनर्स शायद चढ़ ही नहीं पाए।”

टिकट खरीद सकते हो तो थोड़ी तहजीब भी रखो’

वीडियो में लिखा टेक्स्ट और भी साफ संदेश देता है कि अगर यात्री फ्लाइट टिकट खरीद सकते हैं, तो उन्हें बुनियादी शिष्टाचार भी रखना चाहिए और अपने आसपास सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

शिकायत नहीं, जागरूकता का मकसद

वंशिका ने बाद में कमेंट में साफ किया कि उनका मकसद किसी को शर्मिंदा करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यात्रियों से बस इतनी उम्मीद है कि वे अपना कचरा एक जगह इकट्ठा करके क्रू को दे दें, ताकि सफाई आसान हो सके।

कड़ी मेहनत करने वाले स्टाफ की भी जिम्मेदारी समझें

उन्होंने यह भी बताया कि ग्राउंड और क्लीनिंग स्टाफ के पास विमान को अगले उड़ान के लिए तैयार करने का बहुत कम समय होता है। अगर यात्री थोड़ी सावधानी रखें, तो उनका काम काफी आसान हो सकता है।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ ने यात्रियों के व्यवहार को गलत बताया, तो कुछ ने कहा कि यात्रियों को भी थोड़ी और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। वहीं कई लोगों ने सुझाव दिया कि उतरते समय यात्रियों से ही कचरा साफ करवाना चाहिए।

थोड़ी सी समझदारी, सफर बना सकती है बेहतर’

यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सफर सिर्फ टिकट खरीदने से पूरा नहीं होता, बल्कि उसमें साफ-सफाई और दूसरों के प्रति सम्मान भी उतना ही जरूरी है।

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Trading Plan: लगातार तेजी के बाद निफ्टी में अब थोड़ी सुस्ती, उतार-चढ़ाव के साथ जारी रह सकता है कंसोलिडेशन

Trading Plan : टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से ग्लोबल मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद,आज मार्केट में कुछ रिकवरी देखने को मिल सकती है,लेकिन आगे यह देखना अहम होगा कि यह तेजी कितनी टिकाऊ रहती है। बाजार जानकारों के मुताबिक, निफ्टी को 24,500 के स्तर तक और ऊपर जाने के लिए 24,200 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट देना होगा। तब तक,इसमें उतार-चढ़ाव के साथ कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 23,750 और उसके बाद 23,640 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। वहीं, ऊपर की तरह 23,900-24,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं,57,500–58,000 के लेवल तक वापसी के लिए बैंक निफ्टी को पिछले दिन के निचले स्तर (56,078) पर सपोर्ट लेने की जरूरत है। इस लेवल के नीचे,56,500–56,200 सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल का कहना है कि निफ्टी के 24,200 के रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंचने के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। यह लेवल 100-डे EMA के साथ भी मेल खाता है। मेटल और IT सेक्टर की बड़ी कंपनियों में बिकवाली के दबाव और ग्लोबल मार्केट से मिले नेगेटिव संकेतों के कारण इंडेक्स नीचे आ गया।

डेली चार्ट पर निफ्टी अब जून 2026 में शुरू हुई पिछली रैली के 23.6 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गई हैं। जब तक इंडेक्स क्लोजिंग के आधार पर 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,760–23,720 ज़ोन के पास है) से ऊपर बना रहता है,तब तक मौजूदा कमजोरी को जारी अपट्रेंड के बीच एक हल्के विराम के तौर पर देखा जा सकता है।

लगातार तेजी के बाद निफ्टी में अब थोड़ी सुस्ती दिख रही है। तेजड़ियों को दोबारा कंट्रोल पाने के लिए ज़रूरी है कि इंडेक्स पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हो। ऐसा होने पर इंडेक्स 24,300 या उससे ऊपर जा सकती हैं। हालांकि,अगर यह 23,720 के नीचे जाता है तो 15 जून को बने गैप को भरने की कोशिश हो सकती है।

अहम रेजिस्टेंस : 24,170

अहम सपोर्ट: 23,720

स्ट्रैटेजी : अगर निफ्टी फ्यूचर्स इंडेक्स 23,920–23,940 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है,तो शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 24,020 और टारगेट 23,720 होगा।

Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 57,961 के लेवल से ऊपर नहीं टिक पाया और इसमें 800 पॉइंट से ज़्यादा की तेज इंट्राडे गिरावट देखी गई। यह गिरावट इतनी बड़ी थी कि इसने पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में हुई बढ़त को एक ही दिन में खत्म कर दिया। इस गिरावट में PSU बैंकों की मुख्य भूमिका रही।

8 जून के बाद यह पहला मौका था जब बैंक निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे बंद हुआ। इससे पता चलता है कि लंबी और तेज बढ़त के बाद बाज़ार में जारी तेजी के रुख में कुछ समय के लिए ठहराव आया है। मुनाफा वसूली की उम्मीद पहले से ही थी,क्योंकि शॉर्ट-टर्म टाइमफ़्रेम पर कई मोमेंटम इंडिकेटर’ओवरबॉट ज़ोन’में पहुंच गए थे।

इंडेक्स के लिए अगला अहम सपोर्ट 57,050 के लेवल के पास है। अगर यह इस लेवल के नीचे जाता है,तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शॉर्ट-टर्म टॉप बन गया है,जिससे इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है।

बैंक निफ्टी एक अहम मोड़ पर है। अगर यह फिर से 57,600 के ऊपर जाता है तो 57,961 के लेवल को छूने की एक और कोशिश हो सकती है। हालांकि, अगर यह 57,050 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग और बढ़ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,961

अहम सपोर्ट: 57,050

स्ट्रैटेजी: अगर इंडेक्स 57,380–57,400 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है तो बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 57,560 और टारगेट 57,160–57,050 रखें।

 

 

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अब ईरान पर हमला नहीं कर पाएंगे ट्रंप! अमेरिकी सीनेट ने दिया बड़ा झटका, इस प्रस्ताव के बाद क्या पंगु हो गए राष्ट्रपति?

US Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में कुछ दिनों से थोड़ी शांति है। हालांकि, सीजफायर समझौते के बाद कई ऐसे मौके हुए जब ऐसा लगा है कि कभी भी युद्ध भड़क सकता है। अब इस पर एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्ध करने के अधिकार को चुनौती दी गई है। यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

सीनेट में यह प्रस्ताव 50-48 के मामूली अंतर से पास हुआ। इस प्रस्ताव के आने के बाद अब ईरान पर हमला करना मुश्किल हो गया है। यह प्रस्ताव ट्रंप को निर्देश देता है कि जब तक अमेरिकी संसद सैन्य कार्रवाई की स्पष्ट अनुमति नहीं देती, तब तक वे ईरान के साथ चल रहे इस युद्ध से अमेरिकी सेना को दूर रखें।

क्या है इस प्रस्ताव का मतलब?

चूंकि यह एक ‘कनकरेंट रेजोल्यूशन’ है, इसलिए इसे राष्ट्रपति ट्रंप के पास हस्ताक्षर या वीटो के लिए नहीं भेजा जाएगा। कानूनी रूप से इसकी बाध्यता को लेकर भले ही विवाद हो, लेकिन इस वोटिंग ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिकी संसद के दोनों सदन अब इस युद्ध के खिलाफ खड़े हैं।

फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद यह युद्ध शुरू हुआ था, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिलाकर रख दिया था। यह अमेरिकी इतिहास में साल 1973 के ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ के बाद पहला मौका है जब संसद के दोनों सदनों ने राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्देश देने वाला ऐसा प्रस्ताव पारित किया है।

शांति समझौते के बीच क्यों बढ़ी ट्रंप की टेंशन?

यह वोटिंग ऐसे समय में हुई है जब ट्रम्प प्रशासन ईरान के साथ हुए शुरुआती शांति समझौते (MoU) को 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते में बदलने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में ढील और होर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद शामिल है।

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने इस वोटिंग के जरिए रिपब्लिकन सांसदों को भी घेर लिया। उन्होंने कहा, ‘रिपब्लिकन बंद दरवाजों के पीछे ट्रंप के युद्ध, उनकी गोपनीयता और ईरान के साथ उनके खराब सौदे की जितनी चाहें उतनी शिकायत कर सकते हैं, लेकिन इस युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने का एकमात्र तरीका यह है कि रिपब्लिकन खुलकर सामने आएं और कार्रवाई करें।’

नवंबर चुनाव और महंगाई का डर

अमेरिकी सांसदों के बीच इस युद्ध को लेकर बढ़ती बेचैनी की एक बड़ी वजह आगामी नवंबर में होने वाले मिडिल-टर्म इलेक्शन हैं। युद्ध के कारण वैश्विक व्यापारिक मार्ग ठप हो गए हैं, जिससे ऊर्जा और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे अमेरिकी जनता महंगाई से बेहाल है और चुनाव से ठीक पहले यह ट्रम्प सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक मुसीबत बन चुका है।

शांति वार्ता के बीच ईरान ने फिर दिखाए कड़े तेवर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच शुरुआती बातचीत के बाद भी कई बड़े विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहे हैं:

परमाणु ठिकानों की जांच से इनकार: ईरान ने साफ कर दिया है कि संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु एजेंसी को उन ठिकानों का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिन पर पिछले साल अमेरिका और इजरायल ने बमबारी की थी। हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि ईरान ‘सर्वोच्च स्तर’ की जांच के लिए मान गया है।

होर्मुज जलमार्ग पर पाबंदी: ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने दोटूक कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब कभी भी युद्ध से पहले वाले ‘फ्री पैसेज’ के दिनों में नहीं लौटेगा। यानी इस अहम समुद्री तेल मार्ग पर पाबंदियां बनी रहेंगी।