संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजराइल पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। 44 हजार से अधिक घायल हुए हैं। इस दौरान कुल मौतों में लगभग 30% बच्चे शामिल रहे। आयोग के अध्यक्ष और भारत के पूर्व हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि जांच में बच्चों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के पुख्ता सबूत मिले हैं। इजराइली सेना मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की मौतें हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और स्नाइपर फायरिंग में हुईं। कई मामलों में उनके सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया गया। आयोग के अध्यक्ष एस. मुरलीधर का पूरा बयान यहां सुनिए… सीजफायर के बाद भी बच्चों की मौत जारी रही अक्टूबर 2025 में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बाद भी फिलिस्तीनी बच्चों की मौत और घायल होने की घटनाएं जारी रहीं। हालांकि आयोग ने यह नहीं बताया कि युद्धविराम के बाद कितने बच्चे मारे गए। UNICEF ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि सीजफायर लागू होने के बाद भी औसतन हर दिन एक फिलिस्तीनी बच्चे की जान गई। UNICEF के प्रवक्ता जेम्स एल्डर के मुताबिक बच्चे अपने घरों, स्कूलों, खेल के मैदानों और यहां तक कि समुद्र किनारे भी मारे गए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 18 साल से कम उम्र के सभी लोगों को बच्चा माना है। रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को ‘आतंकवादी या भविष्य का आतंकवादी’ मानकर निशाना बनाया गया। आयोग के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 58 हजार बच्चों ने अपने एक या दोनों माता-पिता को खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुपोषण के कारण 151 बच्चों की मौत हुई और एक हजार से ज्यादा बच्चों के अंग काटने पड़े। इजराइल ने रिपोर्ट को खारिज किया रिपोर्ट सामने आने के बाद इजराइल ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। जिनेवा में इजराइल के UN मिशन ने रिपोर्ट को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि जांच आयोग शुरू से ही इजराइल के खिलाफ पक्षपाती रहा है। मिशन का कहना है कि आयोग का मकसद तथ्यों की जांच नहीं, बल्कि हर हाल में इजराइल को कटघरे में खड़ा करना है। इजराइली विदेश मंत्रालय ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट में हमास के हमलों में मारे गए और अगवा किए गए इजराइली बच्चों का जिक्र नहीं किया गया। इजराइल का आरोप है कि हमास ने युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन UN रिपोर्ट ने इस मुद्दे को भी नजरअंदाज कर दिया। पांच साल से कम उम्र के 5 हजार बच्चों की मौत गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक युद्ध में 21 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चों की जान गई। इनमें 5,031 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 5 साल से भी कम थी। मरने वालों में 1,029 बच्चे एक साल से कम उम्र के थे, जबकि करीब 420 नवजात ऐसे थे, जिन्होंने दुनिया में आने के कुछ ही समय बाद जान गंवा दी। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान आयोग ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजराइल को 13 बार सवाल और जानकारी के अनुरोध भेजे, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… संयुक्त राष्ट्र में इजराइली राजदूत ने UN अफसर को फटकारा:यौन हिंसा से जुड़ी रिपोर्ट में इजराइल का नाम आने से नाराज थे संयुक्त राष्ट्र (UN) में 19 जून को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दक्षिण कोरिया में कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों को देश की संस्कृति और इतिहास की समझ सिखाना पड़ रहा है। कारण- अपनी संस्कृति और इतिहास को लेकर लोगों की जागरूकता।
कॉफी आउटलेट चेन स्टारबक्स को पिछले महीने मार्केटिंग अभियान में ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया। लोगों के विरोध की वजह से कंपनी को द. कोरिया में अपने 2,000 स्टोर्स को सोमवार को दोपहर बाद बंद कर 24 हजार शेफ समेत अन्य कर्मचारियों को संस्कृति, इतिहास की क्लास कराना पड़ी। द. कोरिया में स्टारबक्स के सभी स्टोर्स एक साथ बंद होने का यह पहला मामला भी है। क्या है ‘टैंक डे’ विवाद पिछले महीने स्टारबक्स कोरिया ने टंबलर (कॉफी मग का खास प्रकार) की नई सीरीज लॉन्च की। उसका नाम रखा- ‘टैंक डे’। इसकी शुरुआत पिछले महीने हुई, जो 1980 में 18 मई को द. कोरिया के ग्वांगजू में सैन्य तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र समर्थकों के प्रदर्शन हो रहे थे। तब क्रूर सैन्य शासन ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए सड़कों पर ‘टैंक’ उतार दिए थे। इस नरसंहार में सैकड़ों लोग मारे गए थे। तब से कोरियाई लोगों के लिए ‘टैंक’ शब्द सामूहिक हत्या की स्मृति के गहरे दर्द से जुड़ा है। ऐसे में ‘टैंक डे’ शब्द का विज्ञापन में इस्तेमाल लोगों को पीड़ितों का क्रूर उपहास और गहरा अपमान लगा। विरोध की आग पूरे देश में फैल गई, तो स्टारबक्स कोरिया की पैरेंट कंपनी ‘शिनसेगाए ग्रुप’ ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू की। विज्ञापन हटाया, माफी मांगी और कंपनी के सीईओ को पद से हटा दिया। कंपनी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि विज्ञापन अभियान के लिए नाम और स्लोगन तय करने के लिए कर्मचारियों ने एआई का इस्तेमाल किया और इस शब्द के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संदर्भों की पड़ताल नहीं की। पहले भी विवाद – समाज को समझने में असफलता द. कोरिया में स्टारबक्स के प्रीपेड ग्राहकों के 2,100 करोड़ रु. जमा थे। विज्ञापन विवाद के बाद अधिकांश ने पैसे वापस मांगे। पहले हफ्ते में कार्ड से भुगतान वाले 26% ग्राहक कम हुए। पूरे महीने में यह नुकसान 10% रहा। कोरिया में करीब तीन साल पहले स्पोर्ट्स ब्रांड नाइकी तब विवादों में आ गई थी, जब विज्ञापन में गलत नक्शा दिखाने का आरोप गला था। नाइकी ने विज्ञापन वापस लेने के साथ ही माफी मांगी। कुछ माह पहले बीएचसी चिकन ने विज्ञापन में ‘ग्वांगजू’ शब्द का गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया था। स्पष्ट है कि समाज काे न समझने का खमियाजा भुगतना पड़ता है।

Jharkhand News : झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री सोरेन ने 765 सरकारी स्कूलों को Plus Two (12वीं तक) अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से खासकर ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है। इस प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 1109 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हर स्कूल में 4 नए क्लास रूम बनाए जाएंगे। सभी कमरों में बेंच-डेस्क की सुविधा दी जाएगी।
झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री सोरेन ने 765 सरकारी स्कूलों को Plus Two (12वीं तक) अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से खासकर ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है।
इस प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 1109 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हर स्कूल में 4 नए क्लास रूम बनाए जाएंगे। सभी कमरों में बेंच-डेस्क की सुविधा दी जाएगी। छात्रों को अपने ही क्षेत्र में 12वीं तक पढ़ाई का मौका मिलेगा। सरकार ने प्रति स्कूल औसतन 66 लाख रुपए का बजट तय किया है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत शिक्षक के कुल 12 पद सृजित किए जाएंगे।
स्कूल चयन में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई, जिनके पास कम से कम एक एकड़ भूमि उपलब्ध है। इनमें 449 हाईस्कूल और 316 मध्य विद्यालय शामिल हैं। जिला स्तर पर एक कमेटी चयन करेगी, फिर राज्य स्तर पर अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
जरूरत पड़ने पर कुछ स्कूल PPP मॉडल पर भी चलाए जा सकते हैं। अब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा। उन्हें अपने ही इलाके में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्याप्त शिक्षकों के साथ 12वीं तक पढ़ने का मौका मिलेगा, जो राज्य के ड्रॉपआउट रेट (पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर) को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।
Edited By : Chetan Gour
E20 Fuel: भारत सरकार ने कहा है कि देश का इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सुरक्षित, ग्राहकों के लिए फायदेमंद और आर्थिक रूप से लाभकारी बना हुआ है। साथ ही सरकार ने उन चिंताओं को भी खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ी के इंश्योरेंस पॉलिसी की वैधता पर असर पड़ सकता है।
वहीं, अब इस पर तेल मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह बात पूरी तरह गलत है। मंत्रालय ने बताया कि इस मामले को लेकर जिन-जिन लोगों या कंपनियों से बात करनी थी, उनसे बात कर ली गई है और यह साफ हो गया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंश्योरेंस पर कोई असर नहीं पड़ता।
मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग दुनिया भर में अपनाई जाने वाली एक मान्य प्रक्रिया है और इसे कई देशों में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिनमें अमेरिका, ब्राजील और जापान शामिल हैं। इसके अलवा, यह भी बताया कि ब्राजील ने लंबे समय से इथेनॉल की ज्यादा मात्रा मिलाने (ब्लेंडिंग) का तरीका अपनाया है, और वहां E27 पेट्रोल का स्टैंडर्ड ब्लेंड है।
सरकार के मुताबिक, इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से कच्चे तेल का आयात कम हुआ है, जिससे भारत को विदेशी मुद्रा के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत करने में मदद मिली है। सरकार ने यह भी कहा कि इस प्रोग्राम से इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कृषि उत्पादों (फीडस्टॉक) की लगातार मांग बनी है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
वहीं सरकार के बयान में आगे कहा गया है, “इथेनॉल ब्लेंडिंग भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और देश को साफ-सुथरी मोबिलिटी की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाती है।”
सरकार ने कहा कि वह वैज्ञानिक सबूतों और सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत के आधार पर, इस प्रोग्राम को “सुरक्षित, पारदर्शी और उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए” लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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KPR Mill Share Price: टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनी KPR मिल्स (KPR Mill ) के शेयर बुधवार, 24 जून को 10% बढ़कर 52 हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गए। 13 अक्टूबर, 2008 के बाद यह एक दिन में इसकी सबसे बड़ी बढ़त है, जब स्टॉक 20% बढ़ा था। बता दें कि टेक्सटाइल कंपनी ने आज 3 दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, इससे पहले पिछले हफ़्ते भी इसमें 13.7% की बढ़त हुई थी।
मोतीलाल ओसवाल के टारगेट से ऊपर
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने मंगलवार को KPR मिल्स पर ₹1,200 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ “न्यूट्रल” रेटिंग देते हुए कवरेज शुरू किया। बुधवार को स्टॉक इस लेवल से 11% ऊपर ट्रेड कर रहा है।
मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि कंपनी भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री में अपनी लीडरशिप से अच्छी स्थिति में है, जिसे लिस्टेड साथियों में सबसे बड़ी गारमेंटिंग कैपेसिटी का सपोर्ट है, इसके बाद चीनी और इथेनॉल बिज़नेस का नंबर आता है।
ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल ईयर 2026-2028 के दौरान रेवेन्यू, अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन (EBITDA) और एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (APAT) कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) क्रमशः 13%, 20% और 20% रहने का अनुमान लगाया है।
मोतीलाल ओसवाल ने फाइनेंशियल ईयर 2028 के लिए कंपनी की अनुमानित कमाई के 22 गुना EV/EBITDA मल्टीपल पर वैल्यू लगाई है।
भारत-US ट्रेड नेगोशिएशन
US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर दो दिन के दौरे पर भारत में हैं और प्रस्तावित बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट के लिए बातचीत को लीड कर रहे हैं। ग्रीर ने मंगलवार को नई दिल्ली में भारत के कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल से मुलाकात की।
पिछले साल फरवरी में भारत-US बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट प्रोसेस शुरू होने के बाद से ट्रेड नेगोशिएशन एक साल से ज़्यादा समय से जारी है।
मोतीलाल ओसवाल ने मंगलवार को टेक्सटाइल पर अपने नोट में कहा कि आगे चलकर, उसे उम्मीद है कि UK और EU के साथ आने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FRA), फ़ायदेमंद टैरिफ़ रीअलाइनमेंट और राज्य और सेंट्रल टैक्स और लेवी (RoSCTL) में छूट जैसे बेहतर इंसेंटिव से एक्सपोर्ट ग्रोथ में सुधार होगा।
उसने कहा कि केंद्र ने FY26 में टेक्सटाइल मार्केट को $194 बिलियन से बढ़ाकर $350 बिलियन करने का टारगेट रखा है, जिसका मतलब है कि मज़बूत एक्सपोर्ट ग्रोथ और स्थिर घरेलू डिमांड की वजह से 13% का CAGR मिलेगा।
शेयर का परफॉर्मेंस
KPR मिल्स का शेयर 12.35 बजे 79.45 रुपये या 7.03 फीसदी बढ़कर 1,247.40 रुपये पर था। इंट्राडे में शेयर ने 52 हफ़्ते का सबसे ऊंचा लेवल 1,332 रुपये छुआ। यह 503,351 शेयरों के वॉल्यूम के साथ ट्रेड कर रहा था, जबकि इसके पांच दिन का एवरेज 95,156 शेयर था, जो 428.97 फीसदी की बढ़ोतरी है। पिछले ट्रेडिंग सेशन में, शेयर 1.80 फीसदी यानी 20.75 रुपये गिरकर 1,130.45 रुपये पर बंद हुआ था। स्टॉक पिछले एक महीने में 32% और इस साल अब तक 38% बढ़ा है।
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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Adani Enterprises Share Price : 24 जून को इंट्राडे ट्रेडिंग में अदाणी एंटरप्राइजेजके शेयर 2.4 प्रतिशत तक चढ़े। मॉर्गन स्टेनली द्वारा इस स्टॉक पर “ओवरवेट” रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करने के बाद,सुबह के कारोबार में ये शेयर 1.66 प्रतिशत बढ़कर 3,012 रुपये पर पहुंच गए। ब्रोकरेज ने ग्रुप के इनक्यूबेशन बिज़नेस में मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं का हवाला देते हुए यह रेटिंग दी है।
मॉर्गन स्टेनली ने अदाणी एंटरप्राइजेज के लिए प्रति शेयर 3,638 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है,जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से इसमें लगभग 21 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है। पिछले एक साल में इस शेयर में करीब 24 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जो निफ्टी 50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है। इसी दौरान निफ्टी 50 में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।
ब्रोकरेज ने कंपनी को एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर इनक्यूबेटर बताया है,जिसकी एयरपोर्ट,डेटा सेंटर,न्यू एनर्जी और माइनिंग जैसे तेज ग्रोथ वाले बिजनेस में अच्छी पैठ है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी का EBITDA तीन गुना हो जाएगा,क्योंकि इसके कई नए बिजनेस और बड़े होंगे और कंपनी की कमाई में ज्यादा बड़ा योगदान करना शुरू करेंगे।
मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने,गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में हुई प्रगति,कॉपर बिजनेस के विस्तार और नए एनर्जी वेंचर्स में लगातार विस्तार से वित्त वर्ष 2027 में कंपनी की ग्रोथ में इजाफा होगा।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि ग्रुप का एयरपोर्ट पोर्टफोलियो वित्त वर्ष 2030 तक हर साल 145 मिलियन यात्रियों को संभालेगा,जबकि इसी दौरान इसकी डेटा सेंटर क्षमता 2 GW तक पहुंचने का अनुमान है।
ब्रोकरेज की यह बुलिश रिपोर्ट तब आई है जब अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपनी 34वीं सालाना एजीएम आयोजित की है जिसमें कंपनी के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर,एनर्जी और डिजिटल बिजनेस में अदाणी ग्रुप की लंबी अवधि की ग्रोथ योजनाओं की रूपरेखा पेश की है।
गौतम अदाणी ने इस एजीएम में कई अहम घोषणाएं करते हुए बताया है कि उनका ग्रुप पावर सेक्टर में 2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोग्राम लागू कर रहा है और अगले पांच सालों में 45 GW की पावर जेनरेशन क्षमता बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने 2035 तक 10 GW की न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करने के लक्ष्य की भी बात कही।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के पोर्ट्स बिजनेस का लक्ष्य 2030 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडलिंग वॉल्यूम हासिल करना है। अदाणी ग्रुप क्लीन एनर्जी की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए PNG इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी ला रहा है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि ग्रुप 2030 तक 3 GW का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म बनाने की राह पर है। इससे भारत के सबसे तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी की पैठ को और मजबूती मिलेगी।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

पुणे में केतन अग्रवाल की उन्हीं की मंगेतर सिया गोयल ने हत्या कर दी। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल अब तक की जांच में सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है। यह खबर फैलते ही एक बार फिर से पूरे देश में सनसनी फैल गई है। इसके पहले इंदौर में राजा रघुवंशी की उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने हत्या कर दी थी। इन दोनों मामले में सिर्फ यही फर्क है कि सोनम ने शादी के बाद पति को मारा था और पुणे के केस में शादी से पहले होने वाले पति को मारा है।
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शुरूआत में सामने आया था कि पुणे के एक जाने-माने बिजनेस परिवार के 26 साल के केतन अग्रवाल की लोहगढ़ में ट्रेकिंग के दौरान गिरने से मौत हो गई। पहले तो मामला एक दर्दनाक हादसे की तरह ही नजर आ रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी कहानी बदलने लगी। इस मामले में खुलासा हुआ कि प्रेमी के साथ मिलकर आरोपी सिया ने हत्या की साजिश रची थी।
पिता बोले- मना कर देती जान से क्यों मारा बेटे को : केतन की हत्या पर उनके पिता ने कहा, “अगर सिया शादी नहीं करना चाहती थी, तो वह बस मना कर देती। हम तुरंत शादी रद्द कर देते। उसने इतना बड़ा कदम उठाने का फैसला क्यों किया? उसकी सोच कैसी है? सोच इतनी क्रूर है कि किसी के 26 साल के बेटे की जान ले ली। समाज को ऐसी क्रूर सोच पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यह सोच आती कहां से है, उनके परिवार से, उनकी परवरिश से?” मेरे बेटे को क्यों मारा।
शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल : बता दें कि केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और दोनों की इस साल शादी होने वाली थी। इसके लिए परिवारों ने राजस्थान में एक महल को 17 करोड़ रुपये में बुक किया था। शादी से पहले केतन अग्रवाल और सिया का बाली जाने की योजना थी, जहां कपल प्री-वेडिंग फोटोशूट करने वाला था। ये ट्रिप आखिरी मिनट में कैंसल हो गई क्योंकि केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो गया था। इसके बाद 18 जून को केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के पास ऐतिहासिक लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के लिए गए थे। यहीं सिया ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर साजिश के तहत केतन को खाई में धकेल दिया।
चेतन और सिया ने मिलकर मारा केतन को : सिया ने पहले पुलिस को बताया था कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वो खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों को सिया गोयल के प्रति सहानुभूति थी, क्योंकि शादी से कुछ दिन पहले ही मंगेतर केतन की मौत हो गई थी। सिया ने एक भावुक पोस्ट भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। पुणे ग्रामीण पुलिस SP संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच के बाद सामने आया कि सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने ही केतन को धक्का देकर पहले उसे मार दिया और फिर इसे हादसे की तरह दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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कैसे खुला हत्या का राज : पुलिस ने आगे बताया कि सिया ने पहले भी केतन को मारने की कोशिश कर चुकी थी। सबसे पहले वो 31 मई को केतन को लोहागढ़ किले पर ले गई और इसके बाद 14 जून को भी ले गई थी। तब भी मारने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो सकी। इस दौरान केतन को भी सिया पर कोई शक नहीं हुआ था। पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार जांच के दौरान केवल केतन का पासपोर्ट का ही गायब होना और फिर सीसीटीवी फुटेज में हुड्डी पहने व्यक्ति पर संदेह से मामले का खुलासा हुआ। दरअसल, जांच के दौरान पुलिस ने किले की ओर जाने वाली सड़कों के CCTV फुटेज को जांचा तो पाया कि एक युवक उस जोड़े की गाड़ी का पीछा कर रहा था। युवक की गतिविधि संदिग्ध दिखाई दी क्योंकि गर्मी होने के बावजूद उसने हुडी पहनी हुई थी। इसी दौरान एक फुटेज में सिया अचानक पीछे देखती है और उसी समय हुडी पहने हुआ युवक अचानक नीचे बैठ जाता है, जिससे पुलिस का शक गहरा जाता है। जांच में युवक की पहचान सिया के कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) के तौर पर की गई। पुलिस की सख्ती से सिया ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस को उसने बताया कि वो शादी नहीं करना चाहती थी इसलिए इसलिए अपराध को अंजाम दिया।
कौन थे केतन अग्रवाल : केतन पुणे के जाने-माने उद्योगपति विशाल अग्रवाल के बेटे हैं और वो परिवार के ही रियल एस्टेट बिजनेस को संभाल रहे थे। केतन रियल एस्टेट बिजनेस 'सक्सेस ग्रुप' के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) थे। केतन पुणे के मवाल तहसील में लोढ़ा बेलमोंडो हाउसिंग सोसायटी में रहते थे। उनके लिंक्डइन बायो के अनुसार केतन ने बिजनेस मैनेजमेंट में कई डिग्रियां हासिल की थीं। उन्होंने सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी से BBA की डिग्री प्राप्त की थी। केतन सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन को लेकर काफी गंभीर थे और इससे जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम भी कर रहे थे।
Edited By: Naveen R Rangiyal
UGC NET June 2026 re-exam: जालंधर के सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस परीक्षा केंद्र में 22 जून 2026 को यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस संस्थान में शिफ्ट I के दौरान तकनीकी दिक्कतों की वजह से यहां परीक्षा रद्द कर दी गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। री-एग्जामिनेशन 5 जुलाई, 2026 को दोपहर 3:00 बजे तय किया गया है। यह जालंधर के उसी एग्जामिनेशन सेंटर पर होगा जहां दिक्कत हुई थी।
एनटीए के इस फैसले से प्रभावित परीक्षार्थियों के उस वर्ग को राहत मिलेगी, जो शिफ्ट I के दौरान परीक्षा नहीं दे पाए थे। एनटीए द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिस में, एजेंसी ने कहा कि इस दिक्कत की रिपोर्ट टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने की थी, जिसे एग्जाम कराने के लिए अधीकृत किया गया था। एजेंसी ने साफ किया कि यह परेशानी सिर्फ प्रभावित केंद्र के उन परीक्षार्थियों तक ही सीमित थी, जो मौजूद होने के बावजूद टेक्निकल दिक्कतों की वजह से परीक्षा नहीं दे पाए या उसे पूरा नहीं कर पाए।
शिफ्ट I से प्रभावित कैंडिडेट्स के लिए दोबारा एग्जाम कराने की घोषणा
नोटिस के मुताबिक, सिर्फ वही कैंडिडेट्स दोबारा टेस्ट के लिए पात्र होंगे जो सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस एग्जामिनेशन सेंटर, जालंधर में मौजूद थे, और परीक्षा नहीं दे पाए या उसे पूरा नहीं कर पाए। एनटीए ने उम्मीदवारों को हुई परेशानी पर अफसोस जताया और प्रभावित कैंडिडेट्स को परीक्षा देने का एक और मौका देने की पुष्टि की।
पूरे देश में रद्द नहीं हुई परीक्षा : एनटीए
एजेंसी ने साफ किया है कि यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा पूरे देश में रद्द नहीं की गई है। तकनीकी दिक्कत सिर्फ जालंधर परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट की गई थी, और री-एग्जामिनेशन का फैसला सिर्फ उस जगह के शिफ्ट I के प्रभावित कैंडिडेट्स पर लागू होता है। एनटीए ने कहा कि यह कदम उन उम्मीदवारों को अपनी परीक्षा पूरी करने का मौका देने के लिए उठाया जा रहा है, जो अपने कंट्रोल से बाहर के कारणों की वजह से टेस्ट पूरा नहीं कर पाए।
प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए जारी होंगे संशोधित एडमिट कार्ड
एनटीए ने बताया है कि री-एग्जामिनेशन के बारे में और जानकारी संशोधित प्रवेश पत्र के जरिए दी जाएगी। इन एडमिट कार्ड में एग्जाम शेड्यूल, रिपोर्टिंग टाइम और एलिजिबल कैंडिडेट्स के लिए दूसरे इंस्ट्रक्शन से जुड़ी जानकारी होगी। जिन उम्मीदवारों पर इस रुकावट का असर पड़ा है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे बदले हुए एडमिट कार्ड और परीक्षा से जुड़ी दूसरी घोषणाओं के अपडेट के लिए एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

अल नीनो और देश के बड़े हिस्से में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून जो इस बार 4 दिन की देरी से केरल पहुंचा था, उसकी रफ्तार काफी धीमी है। मध्यप्रदेश जहां सामान्य तौर पर मानसून 15-16 जून को दस्तक दे देता है वहां पर 10 दिन के बाद भी मानसून की एंट्री नहीं हो पाई है। कमजोर मानसून और मानसून को लेकर अनिश्चितता ने किसानों के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी है। आईएमडी ने पहले ही देश में इस बार मानसून के कमजोर रहने और 92 फीसदी तक ही मानसून बारिश होने के अनुमान जताया है।
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कम बारिश से 315 जिले प्रभावित-देश में दक्षिण पश्चिम मानसून की धीमी रफ्तार और देश के 315 जिलों में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। कृषि मंत्रालय और आईसीएआर ने मिलकर वैज्ञानिक डेटा के आधार पर देश के उन जिलों का आकलन किया, जहाँ कम वर्षा और सिंचाई की कमी का खतरा ज़्यादा है। इनमें से 111 जिले उच्च प्राथमिकता वाले हैं, जहाँ सिंचाई का दायरा 25 प्रतिशत से कम है। 76 जिले मध्यम प्राथमिकता वाले हैं, जहाँ 25–50 प्रतिशत तक सिंचाई की व्यवस्था है। 128 जिले निम्न प्राथमिकता वाले हैं, जहाँ डैम और अन्य साधनों से अपेक्षाकृत बेहतर सिंचाई उपलब्ध है। इन जिलों का बड़ा हिस्सा 12 राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में है।
कमजोर मानसून का खेती-किसानी पर असर-देश में मानसून की रफ्तार काफी धीमी है और मानसून सामान्य से काफी लेट चल रहा है और अब तक लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 2 जुलाई तक के सप्ताह में भी बारिश कमजोर रहने की संभावना है। मध्यप्रदेश में भी मानसून के 26 जुलाई तक पहुंचने का अनुमान है। मानसून के लेट होने का इसका सीधा असर खरीफ की फसलों पर पड़ रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में, जहाँ खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। मानसून की शुरुआत का असर खेतों में साफ दिखाई देने लगा है,दलहन और कपास जैसी फसलों की बुवाई में गिरावट दर्ज की गई है।
कृषि वैज्ञानिक साधुराम शर्मा कहते हैं कि आगे की स्थिति पूरी तरह जुलाई और अगस्त में होने वाली बारिश पर निर्भर करेंगी। अगर बारिश का सिलसिला कमजोर बना रहा, तो बुवाई का दायरा और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। वह कहते हैं कि कमजोर मानसून से कम अवधि में पकने वाली और कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की खेती करना एक बेहतर विकल्प है। इसके साथ किसानों को खेती में फसल विविधीकरण को अपनाना चाहिए, जिससे उनकी एक फसल पर निर्भरता कम हो। किसानों को इंटर‑क्रॉपिंग और मिश्रित खेती को प्रोत्साहन मिले, ताकि अगर एक फसल प्रभावित हो, तो दूसरी से आय बनी रहे। दलहन, मोटा अनाज (श्री अन्न) और तिलहन जैसी फसलों पर विशेष जोर दिया, जो सीमित नमी में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
कृषि वैज्ञानिक साधुराम शर्मा कहते हैं कि बारिश की कम संभावना के अनुमान में किसानों को पूरी जमीन पर केवल धान जैसी पानी पर निर्भर फसल लगाने से बचना चाहिए, इसके बजाय कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को शामिल करना बेहतर हो सकता है। मानसून के कमजोर होने से किसान बाजरा और ज्वार जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती कर सकते है। वहीं मूंग और उड़द कम समय में तैयार होने वाली फैसले हैं, कम बारिश में भी अच्छा उत्पादन दे सकती है।

IPL 2027 से पहले हुए एक बड़े ट्रेड ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स (DC) की जर्सी में नजर आएंगे, जबकि स्टार चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) अब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का हिस्सा बन चुके हैं। यह डील हाल के वर्षों की सबसे चर्चित खिलाड़ी अदला-बदली में से एक मानी जा रही है।
दिल्ली लौटे ऋषभ पंत, 12 करोड़ रुपये की हुई सैलरी कटौती
ऋषभ पंत ने अपने IPL करियर के शुरुआती नौ सीजन दिल्ली कैपिटल्स के साथ बिताए थे। 2016 से 2024 तक उन्होंने फ्रेंचाइजी के लिए 111 मैच खेले और टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे। 2021 से 2024 के बीच उन्होंने 43 मुकाबलों में टीम की कप्तानी भी की।
Announcement
Rishabh Pant and Kuldeep Yadav complete high-profile trade between @DelhiCapitals and @LucknowIPL.
Rishabh Pant all set to rejoin #DC at INR 15 Crore whereas Kuldeep Yadav will join #LSG at INR 13.5 Crore.
More Details https://t.co/64HeOX143I… pic.twitter.com/tIEvj7fgNo
— IndianPremierLeague (@IPL) June 23, 2026
हालांकि IPL 2025 मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो उस समय IPL इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। लेकिन दो निराशाजनक सीजन के बाद LSG ने बड़ा फैसला लेते हुए पंत को रिलीज कर दिया। अब ट्रेड के जरिए उनकी दिल्ली में वापसी हुई है, लेकिन इस बार उनकी फीस 15 करोड़ रुपये होगी। यानी उन्हें 12 करोड़ रुपये का बड़ा पे-कट झेलना पड़ा है।
दिल्ली वापसी के बाद यह ट्रेड पंत के लिए किसी “घर वापसी” से कम नहीं माना जा रहा है।

LSG में फ्लॉप रहा पंत का कप्तानी और बल्लेबाजी का सफर
लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को टीम का कप्तान बनाकर बड़ी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन न तो कप्तानी और न ही बल्लेबाजी में वे उम्मीदों पर खरे उतर सके।
दो सीजन में पंत ने LSG के लिए 28 मैच खेले, जिनमें 581 रन बनाए। उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले। कप्तान के तौर पर भी उनका रिकॉर्ड निराशाजनक रहा। 28 मैचों में टीम को सिर्फ 10 जीत मिलीं, जबकि 18 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।
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IPL 2026 में स्थिति और खराब हो गई, जब लखनऊ सुपर जायंट्स 14 मैचों में सिर्फ 4 जीत दर्ज कर पॉइंट्स टेबल में आखिरी स्थान पर रही। पंत ने पूरे सीजन में 312 रन बनाए और सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके।
ट्रेड के बाद पंत ने सोशल मीडिया पर LSG के विदाई पोस्ट को शेयर करते हुए सिर्फ तीन शब्द लिखे— “Thank You Team”, जिसने फैंस का ध्यान खींच लिया।
कुलदीप यादव की LSG में एंट्री, स्पिन अटैक को मिलेगा नया धार
इस हाई-प्रोफाइल ट्रेड में दिल्ली कैपिटल्स ने अपने सबसे सफल गेंदबाजों में से एक कुलदीप यादव को खो दिया है। कुलदीप 2022 से दिल्ली के लिए खेल रहे थे और पांच सीजन में उन्होंने 65 मैचों में 72 विकेट लेकर खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद विकेट-टेकर के रूप में स्थापित किया।
अब वह 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा फीस पर लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले कुलदीप के लिए यह भी एक तरह की “घर वापसी” मानी जा रही है। LSG को उम्मीद होगी कि कुलदीप की मौजूदगी टीम के स्पिन विभाग को नई मजबूती देगी।
IPL इतिहास में सबसे बड़े पे-कट वाले खिलाड़ी
ऋषभ पंत की 12 करोड़ रुपये की सैलरी कटौती भले ही बड़ी दिखती हो, लेकिन IPL इतिहास का सबसे बड़ा पे-कट अभी भी वेंकटेश अय्यर के नाम दर्ज है।
वेंकटेश अय्यर: 23.75 करोड़ से 7 करोड़ (कटौती 16.75 करोड़)
सैम करन: 18.5 करोड़ से 2.4 करोड़ (कटौती 16.1 करोड़)
ऋषभ पंत: 27 करोड़ से 15 करोड़ (कटौती 12 करोड़)
पंत और कुलदीप का IPL रिकॉर्ड एक नजर में
ऋषभ पंत (LSG के लिए)
मैच: 28
रन: 581
औसत: 26+
स्ट्राइक रेट: 136
शतक: 1
अर्धशतक: 2
कुलदीप यादव (DC के लिए)
मैच: 65
विकेट: 72
टीम के प्रमुख विकेट-टेकर
पांच सीजन तक दिल्ली के स्पिन अटैक की रीढ़
दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुआ यह ट्रेड सिर्फ दो खिलाड़ियों की अदला-बदली नहीं, बल्कि दोनों टीमों की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। अब सभी की नजरें IPL 2027 पर होंगी, जहां पंत एक बार फिर दिल्ली को सफलता दिलाने की कोशिश करेंगे, जबकि कुलदीप लखनऊ के लिए मैच विनर बनने की चुनौती संभालेंगे।

