इंदौर में पीएनजी गैस पाइप लाइन में कर दी बोरिंग, धमाके के साथ लगी आग, 3 लोग झुलसे, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

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इंदौर के विजय नगर के सुमन नगर में मंगलवार को वाटर रिचार्जिंग पिट की ड्रीलिंग के दौरान गैस पाइपलाइन में धमाके के साथ आग लग गई। इसमें जिनी झाला निवासी गीताभवन, सुभाष ठाकुर निवासी काजी की चाल और गोपाल मालाकर झुलस गए। तीनों आईसीयू में भर्ती हैं। एक बाइक व एक्टिवा भी खाक हो गई। लोगों का कहना है कि वार्ड 31 के पार्षद बालमुकुंद सोनी बोरिंग करवा रहे थे। घटना स्थल से 50 मीटर दूर गैस कंपनी के बोर्ड पर इन्होंने ध्यान नहीं दिया।

घटना दोपहर 3:30 बजे हुई। इलाके में अवंतिका गैस की 125 मिमी की हाई-प्रेशर पाइपलाइन बिछी है। ड्रिलिंग से पाइपलाइन फट गई और आग लग गई। फायर ब्रिगेड ने 400 लीटर फोम और पानी का उपयोग कर आग पर काबू पाया।

हाईकोर्ट में याचिका दायर : अधिवक्ता रितेश ईनाणी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें विजय नगर क्षेत्र में रिचार्जिंग के लिए की जा रही खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से हुए गंभीर हादसे का संज्ञान लेने की मांग की गई है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें गंभीर शारीरिक क्षति पहुंची है। ऐसे में राज्य शासन की जिम्मेदारी है कि सभी घायलों एवं पीड़ितों को समुचित चिकित्सा सहायता और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। जनहित याचिका के माध्यम से कोर्ट से निवेदन किया गया है कि दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए और जिन व्यक्तियों, एजेंसियों तथा अधिकारियों की लापरवाही इस घटना में पाई जाए, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

क्‍या हुआ था हादसे के वक्‍त : एक प्रत्‍यक्षदर्शी ने बताया कि स्कूटर से नानी के घर जा रही थी। जैन मंदिर के पास पहुंची तो बड़ा धमका हुआ। उससे लगी आग से मैं झुलसने लगी। सड़क किनारे पानी से भरे गड्‌ढे में कूदी और खुद को बचाया। एक ने बताया कि वे डॉक्‍टर के पास जा रहे थे। तभी अचानक धमाका होते ही आग लगी। मैं बाइक सहित गिर पड़ा। जब तक उठ पाता, मेरे दोनों पैर हाथ और पीठ भी बुरी तरह जल गए।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Google, Nvidia और Blackstone के साथ योगी का ग्रोथ मंत्र, यूपी को बनाएंगे AI और Innovation Hub

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विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को वैश्विक टेक्नोलॉजी और निवेश जगत के साथ जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु दौरे के दौरान गूगल क्लाउड के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर-सीटीओ) तरुण पंत और उनकी टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। राउंड टेबल बैठकों और रोड शो से पहले आयोजित इस संवाद में मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ने संबंधी राज्य सरकार के विजन को विस्तार से साझा किया।

 

बैठक के दौरान सीटीओ तरुण पंत और गूगल टीम के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित समाधानों के माध्यम से विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गूगल की टीम के साथ इस बात पर भी विचार-विमर्श किया कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता को कैसे बढ़ाया जा सकता है। किसानों, युवाओं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई क्षेत्र और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नवाचार आधारित समाधानों पर भी चर्चा हुई।

 

गूगल टीम के प्रतिनिधियों ने बैठक को अत्यंत सकारात्मक और सार्थक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विकास का स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप साझा किया। उन्होंने किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए निर्धारित लक्ष्यों एवं प्राथमिकताओं की जानकारी दी तथा यह भी चर्चा की कि एआई और आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से इन लक्ष्यों को और तेजी से कैसे हासिल किया जा सकता है। गूगल इंडिया की ओर से कहा गया कि कंपनी भारत के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के अवसर को लेकर उत्साहित है।

 

वैश्विक निवेशकों के साथ भी हुआ व्यापक संवाद

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेंगलुरु में देश और दुनिया की अग्रणी निवेश एवं टेक्नोलॉजी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी विशेष संवाद किया। इनमें वेस्टब्रिज कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर संदीप सिंघल, एक्सेल पार्टनर्स के प्रशांत प्रकाश, इनमोबी के संस्थापक पीयूष शाह, यूलू के संस्थापक अमित गुप्ता, एनवीडिया दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक विशाल धूपर, सर्वानएआई के प्रतिनिधि तथा ब्लैकस्टोन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बैठक में उत्तर प्रदेश में निवेश, टेक्नोलॉजी, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल वातावरण की सराहना करते हुए राज्य को भविष्य के विकास का प्रमुख केंद्र बताया।

 

निवेश और नवाचार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार निवेश, नवाचार और टेक्नोलॉजी आधारित विकास का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारों, डिजिटल सेवाओं और निवेशक-अनुकूल नीतियों ने राज्य को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल कर दिया है। बेंगलुरु में गूगल और वैश्विक निवेशकों के साथ हुए संवाद ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश अब टेक्नोलॉजी, एआई, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार सृजन का राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

 

Messi का सवाल सुनते ही भड़के Ronaldo? इंटरव्यू में कहा- ‘Next Question’ और बढ़ गए आगे [VIDEO]

FIFA World Cup 2026 में Portugal ने Uzbekistan को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा Cristiano Ronaldo के गोलों की नहीं, बल्कि Lionel Messi से जुड़े सवालों पर उनके रिएक्शन की हुई। मैदान पर रिकॉर्ड बनाने वाले Ronaldo प्रेस एरिया में Messi का नाम सुनते ही सवाल टालते नजर आए।

 

World Cup में Ronaldo का ऐतिहासिक कारनामा

 

Uzbekistan के खिलाफ मुकाबले में Cristiano Ronaldo ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने मैच के शुरुआती मिनटों में गोल कर Portugal को बढ़त दिलाई और बाद में एक और गोल दागकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

 

इन दो गोलों के साथ Ronaldo ने World Cup इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह छह अलग-अलग World Cup टूर्नामेंट में गोल करने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर बन गए हैं। इसके अलावा वह अब World Cup में Portugal के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन चुके हैं।

 

मैच के बाद Ronaldo ने कहा कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड खुशी देते हैं, लेकिन उनके लिए सबसे अहम टीम की सफलता है।

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Messi का सवाल और Ronaldo का वायरल रिएक्शन

 

मैच खत्म होने के बाद मिक्स्ड जोन इंटरव्यू में एक पत्रकार ने Lionel Messi और Kylian Mbappe का जिक्र करते हुए सवाल पूछना शुरू किया। हालांकि Ronaldo ने सवाल पूरा होने का इंतजार नहीं किया और तुरंत दूसरे रिपोर्टर की ओर इशारा कर दिया।

 

कुछ देर बाद फिर Messi से जुड़ा सवाल पूछा गया, लेकिन Ronaldo ने साफ शब्दों में कहा, “Next Question.”

जब उनसे Golden Boot की रेस में Messi, Mbappe और Erling Haaland के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि उनका पूरा ध्यान Portugal और टीम की एकजुटता पर है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और फुटबॉल फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया।

 

Messi और Ronaldo: 20 साल पुरानी प्रतिद्वंद्विता फिर चर्चा में

 

Cristiano Ronaldo और Lionel Messi की प्रतिद्वंद्विता लगभग दो दशकों से फुटबॉल जगत की सबसे बड़ी बहसों में शामिल रही है। Real Madrid और Barcelona के दौर से शुरू हुई यह प्रतिस्पर्धा आज भी फैंस को बांधे हुए है।

 

दिलचस्प बात यह है कि Messi ने एक दिन पहले Austria के खिलाफ दो गोल दागकर World Cup इतिहास में पुरुष फुटबॉल के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उनके नाम अब 18 World Cup गोल दर्ज हैं।

 

वहीं Ronaldo ने अगले ही दिन दो गोल कर सुर्खियां बटोरीं। दोनों दिग्गजों के World Cup करियर में एक और दिलचस्प समानता देखने को मिली। 2006 में दोनों के पहले World Cup गोल एक दिन के अंतर से आए थे और 2026 में भी उनके नए World Cup गोल एक दिन के अंतर पर ही दर्ज हुए।

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 Portugal vs Argentina फाइनल? Ronaldo ने दिया दिलचस्प जवाब

 

हालांकि Ronaldo ने Messi पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन जब उनसे Portugal और Argentina के संभावित मुकाबले के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब अलग था।

 

उन्होंने कहा कि यह सवाल आसान नहीं है, लेकिन अगर दोनों टीमें टूर्नामेंट के अंतिम चरण में आमने-सामने आती हैं तो वह मुकाबला शानदार होगा।

 

फिलहाल Portugal और Argentina दोनों अपनी-अपनी राह पर मजबूत नजर आ रहे हैं। ऐसे में फुटबॉल फैंस अब उस सपनों की टक्कर का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें Ronaldo और Messi शायद आखिरी बार World Cup मंच पर आमने-सामने दिखाई दें।

 

World Cup 2026 में Messi vs Ronaldo

 

  • Lionel Messi: 18 World Cup गोल, Golden Boot रेस में आगे
  • Cristiano Ronaldo: छह अलग-अलग World Cup में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी
  • Messi और Ronaldo दोनों अपने-अपने देशों के सबसे युवा और सबसे उम्रदराज World Cup गोलस्कोरर बन चुके हैं
  • दोनों दिग्गजों की उपलब्धियां World Cup 2026 को और भी यादगार बना रही हैं

 

फुटबॉल की दुनिया में रिकॉर्ड लगातार टूटते रहेंगे, लेकिन Messi और Ronaldo की कहानी शायद हमेशा खेल के इतिहास की सबसे यादगार प्रतिद्वंद्विता के रूप में याद की जाएगी।

24000 के पार Nifty बंद, Sensex में 790 प्वाइंट्स का उछाल, डेढ़ लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सीनेट में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव से झटका लगा जिससे अब ईरान पर हमला करने उनके लिए मुश्किल हो गया तो इसने मार्केट में काफी रौनक बढ़ा दी। ट्रंप को इस करंट से घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 भी 24100 के काफी करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रिकवरी आई और शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन हो गए।

सेक्टरवाइज मेटल शेयरों ने जोरदार वापसी की कोशिश की और निफ्टी मेटल करीब 1% की गिरावट से रिकवर करते हुए ग्रीन हुआ लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह फिर 0.40% की गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी सेक्टर और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मिलकर मार्केट में शानदार रौनक बिखेरी और इनके निफ्टी इंडेक्स करीब 2% मजबूत हुए। शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद पीएसयू बैंक में भी रिकवरी हुई और अब इसके निफ्टी इंडेक्स करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी 2% से अधिक मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 790.54 प्वाइंट्स यानी 1.04% के उछाल के साथ 76,991.22 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 197.55 प्वाइंट्स यानी 0.83% की बढ़त के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 989.69 प्वाइंट्स उछलकर 77,190.37 और निफ्टी 265.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,090.05 तक पहुंच गया था।

₹1.86 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,59,448.771 करोड़ था। आज यानी 23 जून 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,45,817.53 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,86,368.759 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 23 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 23 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और टेक महिंद्रा में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एनटीपीसी, टाटा स्टील और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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147 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4430 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2215 शेयर आज मजबूत हुए तो 2034 में गिरावट रही जबकि 181 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 147 शेयर एक साल के हाई और 63 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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अब ईरान पर हमला नहीं कर पाएंगे ट्रंप! अमेरिकी सीनेट ने दिया बड़ा झटका, इस प्रस्ताव के बाद क्या पंगु हो गए राष्ट्रपति?

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Muharram 2026: मुहर्रम की 10वीं तारीख क्यों है खास? जानिए यौम-ए-आशूरा की पूरी कहानी

A depiction of the historical event observed on Youm-e-Ashura during the month of Muharram

Martyrdom of Imam Hussain: मोहर्रम/ मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी सन) का पहला महीना है, और इस महीने की 10वीं तारीख को 'यौम-ए-आशूरा' (Yoom-e-Ashura) कहा जाता है। यह दिन पूरी दुनिया के मुसलमानों, विशेषकर शिया समुदाय के लिए बेहद भावुक, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। यह दिन विशेष रूप से इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में दी गई महान शहादत की याद दिलाता है। यह कोई खुशी या जश्न का त्योहार नहीं है, बल्कि यह शहादत, हक (सच्चाई) और सब्र (धैर्य) का प्रतीक है।ALSO READ: Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें

 

आइए जानते हैं कि यह दिन इतना खास क्यों है और इसकी पूरी कहानी क्या है…

 

यौम-ए-आशूरा की ऐतिहासिक कहानी (कर्बला का युद्ध)

यौम-ए-आशूरा का सीधा संबंध आज से लगभग 1400 साल पहले इराक के 'कर्बला' के मैदान में हुई एक ऐतिहासिक और दर्दनाक घटना से है। यह कहानी है इस्लाम के आखिरी नबी (पैगंबर) हजरत मोहम्मद साहब के नवासे (नाती) हजरत इमाम हुसैन की।

 

1. यजीद का जुल्म और इमाम हुसैन का इंकार

उस दौर में सीरिया का शासक यजीद था, जो एक क्रूर, अत्याचारी और भ्रष्ट राजा था। वह खुद को खलीफा/ इस्लामिक शासक घोषित कर चुका था और चाहता था कि इमाम हुसैन उसके शासन और उसकी गलत नीतियों को अपनी मान्यता दे दें।

 

इमाम हुसैन जानते थे कि अगर उन्होंने यजीद के सामने सिर झुका दिया, तो इस्लाम के मूल सिद्धांत- न्याय, दया और सच्चाई हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। इसलिए उन्होंने यजीद की अधीनता स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया।

 

2. कर्बला की घेराबंदी

यजीद के अत्याचारों से बचने और शांति बनाए रखने के लिए इमाम हुसैन अपने परिवार- जिसमें छोटे बच्चे और महिलाएं शामिल थीं और कुछ वफादार साथियों के साथ मदीना छोड़ चुके थे। सफर के दौरान यजीद की विशाल फौज ने उन्हें इराक के कर्बला के तपते रेगिस्तान में घेर लिया।

 

पानी पर रोक: मुहर्रम की 7वीं तारीख को यजीद की फौज ने इमाम हुसैन के खेमे के लिए फरात नदी का पानी बंद कर दिया। तपती धूप, भूख और भयंकर प्यास के बावजूद इमाम हुसैन और उनके साथियों ने यजीद के क्रूर शासन के आगे घुटने नहीं टेके।

 

3. 10वें मुहर्रम की महा-शहादत (आशूरा)

मुहर्रम की 10वीं तारीख को यजीद की हजारों की सेना और इमाम हुसैन के महज 72 साथियों के बीच युद्ध हुआ। यह युद्ध सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सिद्धांतों की रक्षा के लिए था।

 

एक-एक करके इमाम हुसैन के भाई, बेटे, भतीजे और साथी शहीद होते गए। यहां तक कि उनके 6 महीने के मासूम बेटे हजरत अली असगर को भी यजीद की फौज ने प्यासा ही तीर से शहीद कर दिया। अंत में, 10वें मुहर्रम के दिन अस्र (शाम) की नमाज के वक्त इमाम हुसैन का भी बेरहमी से कत्ल कर दिया गया।

 

कहावत है: 'कत्ल-ए-हुसैन असल में मर्ग-ए-यजीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर करबला के बाद।'

– अर्थात: हुसैन की शहादत ने यजीद के क्रूर तंत्र को हमेशा के लिए वैचारिक रूप से मार दिया और इस्लाम के सच्चे मूल्यों को जीवित रखा।

 

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Shlok Ghorpade joins Hero MotoSports Dakar programme

Shlok Ghropade Hero Dakar

Hero MotoSports remains the only Indian team to compete in the World Rally-Raid Championship, which includes the iconic Dakar Rally. Yet for the past five years, the team’s Dakar roster has featured no Indian riders. That’s all set to change, with the team signing 18-year-old Shlok Ghorpade, who will now undergo an extensive training programme as he charts his path to Dakar. 

As part of its 10th anniversary celebrations, Hero has also launched a new ‘India’s Next Dakar Hero’ programme, aimed at identifying and training the next generation of Indian rally-raid racers.

  1. Ghorpade will participate in a race simulation programme at Morocco
  2. Hero extends partnership with Dakar Rally organiser ASO

Hero launches new India’s Next Dakar Hero programme

Hero MotoSports rally

With over a decade of experience competing in top-level rally-raid, Hero is now looking to develop homegrown rally talent in India. The newly-announced ‘India’s Next Dakar Hero’ programme will focus on identifying, training and developing young off-road racers in India. Crucially, it will also give them a clear pathway from national racing to the international rally-raid scene.

Participants will join a two-to-three year development programme to hone key skills required to compete at the highest level of international rally racing. This includes riding technique, navigation skills, physical conditioning and endurance training.

Ghorpade joins Hero rally team

The first young rider inducted into this programme is Shlok Ghorpade from Satara, Maharashtra. At just 18 years old, he’s already secured seven Indian National titles in Supercross and Dirt Track, as well as seven international motocross trophies. He was also the top national rider in the 2025 Indian Supercross Racing League.

After two years with KTM, Ghorpade has joined Hero MotoSports to take the next step towards his Dakar Rally ambitions. He’s already started training with 2024 FIM World Rally-Raid Champion Ross Branch, along with other Hero rally riders. He’s also set to participate in an intensive race simulation programme at Morocco later this year.

Hero extends partnership with Dakar Rally 

Hero has also renewed its agreement with Amaury Sport Organisation (ASO) – organiser of the Dakar Rally and FIM World Rally-Raid Championship – for another five years.

“The renewal of our partnership with ASO strengthens our long-term commitment to global rally racing,” said Pawan Munjal, executive chairman, Hero MotoCorp. 

“Furthermore, the India’s Next Dakar Hero programme reflects our deep belief that India possesses immense untapped motosports talent waiting to be discovered and nurtured. By welcoming Shlok Ghorpade to the team, we aim to build a sustainable pathway for homegrown Indian riders to compete and excel at the highest levels of the sport. Together, these initiatives represent the next chapter in our journey to create a lasting rally-raid legacy for India.”
 

ईरान की ‘फटकार’ के बाद घुटनों पर आए शहबाज शरीफ! ‘बड़बोलेपन’ पर यू-टर्न लेकर अब ट्रंप को ही सिखा रहे पाठ

Pakistan PM Shehbaz Sharif: पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपनी ‘इंटरनेशनल बेइज्जती’ कराने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देते। इस बार उन्होंने कुछ ऐसा ही तीर हवा में चलाया, जो सीधा घूमकर उन्हीं को लग गया। हाल ही उन्होंने अपनी संसद में खड़े होकर सीना ठोकते हुए दावा कर दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के ‘बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम’ को लेकर बातचीत चल रही है।

बस फिर क्या था, ईरान को शहबाज शरीफ का यह ‘ज्ञान’ कतई रास नहीं आया। ईरान ने सरेआम पाकिस्तान को ऐसी फटकार लगाई कि शहबाज शरीफ को तुरंत ‘यू-टर्न’ लेना पड़ा। अब वह कल तक जिस मिसाइल प्रोग्राम पर अमेरिका-ईरान की पंचायत करा रहे थे, आज उसी मिसाइल प्रोग्राम के सबसे बड़े रक्षक बन गए हैं! आइए समझते हैं पाकिस्तान के इस नए कूटनीतिक ब्लंडर की पूरी कहानी।

जब ईरान के राष्ट्रपति के सामने ही खुल गई शहबाज की ‘ज्ञान की पोटली’

ये पूरा ड्रामा तब शुरू हुआ जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान खुद इस्लामाबाद के दौरे पर थे। मेहमान घर में बैठा था और शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी संसद में खड़े होकर अपनी कूटनीतिक समझ का ढिंढोरा पीट दिया। उन्होंने कह डाला कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच ईरान की मिसाइलों को लेकर गुपचुप चर्चा चल रही है।

ईरान का करारा जवाब

ईरान के वार्ताकारों और अधिकारियों को जैसे ही इस ‘अफवाह’ की भनक लगी, उन्होंने तुरंत शहबाज शरीफ के बयान को सरेआम खारिज कर दिया। ईरानी टीम ने दो टूक कहा, ‘पाकिस्तानी पीएम को चल रही राजनयिक प्रक्रियाओं के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है, उनका यह दावा पूरी तरह गलत है।’ ईरान ने साफ कर दिया कि उनकी मिसाइलें उनका संप्रभु रक्षा मामला हैं और यह किसी भी टेबल पर बातचीत का हिस्सा नहीं हैं।

फटकार पड़ते ही पलटे शहबाज

अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘नो-इंफॉर्मेशन’ का तमगा मिलने के बाद शहबाज शरीफ ने जो यू-टर्न लिया, उसे देखकर गिरगिट भी शरमा जाए। एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक शहबाज शरीफ के सुर बदल गए। अब वह ईरान के मिसाइल कार्यक्रम का खुलकर बचाव करने लगे।

शहबाज शरीफ ने उलटे दुनिया से ही सवाल पूछ लिया कि आखिर सिर्फ तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल जखीरे की ही आलोचना क्यों की जा रही है? उन्होंने यह ज्ञान भी दे डाला कि इस मुद्दे को विवाद बनाना क्षेत्रीय तनाव को कम करने के प्रयासों को और उलझा सकता है।

एक तरफ ट्रंप, दूसरी तरफ ईरान; ‘सैंडविच’ बन गया पाकिस्तान!

इस पूरे वाकये ने इस्लामाबाद को सांप-छछूंदर वाली स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं, जो ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर लगातार आंखें लाल किए रहते हैं। दूसरी तरफ पड़ोसी देश ईरान है, जिससे पाकिस्तान को अपनी सीमाएं और संबंध बचाकर रखने हैं।

अब ईरान पर हमला नहीं कर पाएंगे ट्रंप! अमेरिकी सीनेट ने दिया बड़ा झटका, इस प्रस्ताव के बाद क्या पंगु हो गए राष्ट्रपति?

शहबाज शरीफ का यह यू-टर्न अब कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि तेहरान से मिली सीधी और तीखी सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बाद शहबाज शरीफ केवल अपनी गलती को सुधारने और ईरान के गुस्से को शांत करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।

ITR Filing 2026: विदेशी शेयर, बैंक अकाउंट या आय छिपाई तो लग सकता है ₹10 लाख तक का जुर्माना

कई लोगों को नौकरी के दौरान विदेश में काम करने का मौका मिलता है। कुछ समय बाद वे देश लौट आते हैं। लेकिन, विदेश में पोस्टिंग के दौरान वे वहां एसेट्स खरीद लेते हैं। इनकम टैक्स का नियम कहता है कि अगर किसी टैक्सपेयर का विदेश में एसेट्स है या किसी तरह की इनकम है तो उसे उसकी जानकारी इनकम टैक्स में रिटर्न में देनी होगी। अगर किसी व्यक्ति ने विदेशी कंपनी के शेयरों या म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया है तो भी उसे अपने रिटर्न में इस बारे में बताना होगा।

अब विदेश में एसेट्स या इनकम छुपाना मुश्किल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स की विदेश में एसेट्स और किसी तरह की इनकम पर करीबी नजर रखता है। डिपार्टमेंट को सीधे दूसरे देशों की सरकार और वहां के वित्तीय संस्थानों से इस बारे में जानकारी मिलती है। इसलिए विदेश में एसेट्स या विदेशी एसेट्स से होने वाली इनकम को अब छुपाना मुश्किल हो गया है। ऐसा करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बड़ी कार्रवाई कर सकता है।

विदेशी कंपनी के ईसॉप्स या शेयरों की भी देनी होगी जानकारी

एसबीएचएस एंड एसोसिएट्स के फाउंडिंग पार्टनर हिमांग सिंगला ने कहा, “अगर एंप्लॉयीज के पास विदेशी कंपनी के ईसॉप्स, आरएसयू या शेयर हैं तो उसे इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी होगी। साथ ही अगर इंडिया के बाहर से किसी तरह की इनकम होती है तो उसके बारे में भी रिटर्न में बताना होगा।” इनकम टैक्स के नियमों के तहत ऐसा करना अब अनिवार्य है।

विदेश में इनकम डिसक्लोज नहीं करने पर 10 लाख तक की पेनाल्टी

विदेश में एसेट्स और इनकम डिसक्लोज नहीं करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। वह टैक्सपेयर के खिलाप ब्लैक मनी से जुड़े कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है। टैक्सपेयर पर 10 लाख रुपये तक पेनाल्टी लगाई जा सकती है। कुछ गंभीर मामलों में कानूनी प्रक्रिया तक का सामना करना पड़ सकता है।

विदेश में बैंक अकाउंट है तो भी उसकी जानकारी रिटर्न में देनी होगी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के दौरान टैक्सपेयर्स के लिए विदेश में बैंक अकाउंट की डिटेल, रियल एस्टेट में निवेश, शेयर या म्यूचुअल फंड्स में निवेश या किसी दूसरे तरह के इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के बारे में बताना जरूरी है।

फॉरेन इनकम बताना भूल गए तो फाइल कर सकते हैं रिवाइज्ड रिटर्न

अगर टैक्सपेयर विदेश में अपने एसेट्स या इनकम की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में बताना भूल जाता है या वह गलत इनकम बता देता है तो उसके पास रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का विकल्प है। उसे अगले साल 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना होगा। ऐसा करने पर वह इनकम टैक्स की कार्रवाई से बच सकता है।

New Hero MotoCorp commuter motorcycle design patented

Hero commuter design patent image next to a studio image of the Hunter 125

Hero MotoCorp has filed a design patent in India for a new commuter motorcycle, and a closer look at the patent drawings reveals several interesting details about what the company could be working on. The design bears a strong resemblance to the Hero Hunter 125 currently on sale in select African markets, including Nigeria, but there are enough differences in the engine layout and styling details to suggest this isn’t a straightforward import of that model. 

  1. Design patent filed in India
  2. Closely resembles the Africa-market Hero Hunter 125 in overall silhouette
  3. Engine layout and instrument cluster differ from the Hunter 125

Hero new commuter patent: What the design reveals

The engine layout is different compared to the existing Hunter 125

The overall silhouette and proportions of the patented design are closely aligned with the Hunter 125 sold in Nigeria – a commuter built around a 124.7cc air-cooled single-cylinder engine housed in a simple double-cradle tubular frame. The bike runs on 17-inch alloy wheels and features a flat, boxy single seat. Like Hero’s commuter motorcycles in our market, the Hunter appears to be positioned as a no-nonsense workhorse, reflected in its tagline, “Any load, any road”.

That said, the engine configuration shown in the patent appears to differ from the one used on the existing Hunter 125, which features a slanted ‘sloper’ engine similar to those found in the Splendor, Passion, and HF Deluxe sold in India. The new engine shown in the design patent features a more conventional, upright layout.

The instrument cluster is also a notable detail. Rather than the single-pod console seen on the Hunter 125, the cluster on the patented design appears to be a twin-pod unit similar to the one Hero uses on the Hunter 100 ES in its African line-up.

Taken together, these details suggest this could be a new 125cc commuter intended for the Indian market, drawing styling inspiration from the Hunter family while being built around an updated mechanical package. Whether Hero intends to position this as an addition to an existing line-up here or as an entirely new nameplate remains to be seen. The manufacturer has not made any official announcement regarding this patent, and we will update this story as more information becomes available.

मोबाइल छाप आशिक के लिए करोड़पति मंगेतर का कत्‍ल, कितनी शातिर है 20 साल की सिया गोयल?

siya ketan chetan

पुणे में अग्रवाल परिवार के बेटे केतन अग्रवाल के मर्डर की खौफनाक कहानियां सामने आ रही हैं। गोयल परिवार की बेटी सिया से केतन की सगाई हुई थी, अग्रवाल परिवार करोड़पति है, 17 करोड़ में तो सिर्फ उन्‍होंने शादी के लिए राजस्‍थान में महल ही बुक करवाया था, अंदाजा लगाया जा सकता है कि शादी में क्‍या भव्‍यता होती, वो कैसे परिवार की बहू बनकर जा रही थी, लेकिन सिया ने मोबाइल की दुकान चलाने वाले एक फोकटिये आशिक के लिए करोड़पति मंगेतर को ही मौत के घाट उतार दिया।

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बात सिर्फ धन की नहीं, सवाल यह भी है कि वो इस रिश्‍ते के लिए मना भी कर सकती थी। केतन के पिता का बयान सामने आया है, जिसमें उन्‍होंने बिलखते हुए कहा है कि सिया मना करती तो एक सेकंड में रिश्‍ता तोड़कर उसे आजाद कर देते, लेकिन उसने मेरे बेटे की जान ही ले ली।

सिया की इस बेवकूफी की पूरे देश में चर्चा हो रही है। इसे बेवकूफी कहें या अपनी मति की मारी कि सिया ने एक सड़कछाप आशिक के लिए न सिर्फ अपना भविष्य बर्बाद कर लिया बल्‍कि एक संभ्रात परिवार से उनका बेटा भी छीन लिया।

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'सोनम रघुवंशी' और 'मेघालय हनीमून मर्डर' से तुलना: इंटरनेट पर लोग इस मामले की तुलना देश के कुछ पुराने कुख्यात मामलों से कर रहे हैं, जहां लड़कियों ने शादी या हनीमून के दौरान अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की हत्या कर दी थी।

“धोखा देने के बजाय मना क्यों नहीं किया?”: लोगों में सबसे बड़ा सवाल और गुस्सा इस बात का है कि अगर सिया इस शादी से खुश नहीं थी या किसी और से प्यार करती थी, तो वह शादी के लिए मना कर सकती थी। एक बेकसूर इंसान की जान लेने की क्या ज़रूरत थी? केतन उससे बेइंतहा प्यार करता था, और इस प्यार का ऐसा अंत देख लोग स्तब्ध हैं।

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सोशल मीडिया का दिखावा : लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि कोई हत्या करने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर इतना भावुक होने का नाटक कैसे कर सकता है। इसे समाज में बढ़ते “क्राइम माइंडसेट” और संवेदनशीलता की कमी के तौर पर देखा जा रहा है।

पुणे (लोनावला) के केतन अग्रवाल हत्याकांड की पूरी कहानी, पुलिस जांच और खुलासों के आधार पर सिलसिलेवार तरीके से (क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर में) इस प्रकार है:

सिया और केतन की सगाई
फरवरी 2026
पुणे के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी के बेटे केतन अग्रवाल (25 वर्ष) की सगाई सिया गोयल (20 वर्ष) से हुई। केतन का परिवार बेहद संपन्न था (नेटवर्थ करीब 600 करोड़)। लेकिन सिया इस शादी से खुश नहीं थी क्योंकि वह अपने पुराने प्रेमी चेतन चौधरी से प्यार करती थी।

हत्या की साजिश और लोहागढ़ का प्लान
जून 2026 के शुरुआती हफ्ते
सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सिया के जन्मदिन (19 जून) से ठीक एक दिन पहले, 18 जून को उन्होंने केतन को ट्रैकिंग के बहाने पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर बुलाने का प्लान बनाया।

वारदात का दिन (मर्डर)
18 जून 2026 (दोपहर)
सिया और केतन लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के लिए पहुंचे। सिया का प्रेमी चेतन भी पहले से वहां घात लगाकर बैठा था। किले के एक सुनसान और गहरे पॉइंट पर मौका देखकर सिया और चेतन ने मिलकर केतन को करीब 350-400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। पहाड़ी से गिरने के कारण केतन की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे का नाटक और सोशल मीडिया पोस्ट
19 जून 2026
सिया के जन्मदिन वाले दिन केतन की मौत की खबर सामने आई। सिया ने पुलिस और परिवार के सामने इसे 'पैर फिसलने से हुआ हादसा' बताया। हमदर्दी बटोरने के लिए उसने इंस्टाग्राम पर एक भावुक स्टोरी डाली, जिसमें लिखा कि तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर ही क्यों छोड़कर चले गए, जब हम शादी के इतने करीब थे…”।

शक की शुरुआत और तकनीकी जांच
20 – 21 जून 2026
शुरुआत में पुलिस इसे हादसा मान रही थी, लेकिन केतन के परिवार को शक हुआ। पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और सिया व उसके करीबियों के मोबाइल के CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और लोकेशन खंगाली। जांच में सामने आया कि घटना के वक्त और उससे पहले सिया की एक नंबर (चेतन) से लगातार बात हो रही थी और वारदात के समय चेतन की लोकेशन भी लोहागढ़ किले पर ही थी।

सच का खुलासा और गिरफ्तारी
22 – 23 जून 2026
पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद पुलिस ने सिया को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद वह टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी दोनों को हत्या और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

केस का मौजूदा स्टेटस : पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है। अदालत में इस मामले की फास्ट-ट्रैक सुनवाई और तकनीकी सबूतों (लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स) के आधार पर सख्त सजा दिलाने की तैयारी चल रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal