Chhattisgarh serial killer: ‘साइको क‍िलर’ ने 4 महीने में 8 लोगों को जहर देकर मार डाला! 9वां शिकार बचा तो खुला राज, अंतिम संस्कार में भी जाता था हत्यारा

Chhattisgarh serial killer: छत्तीसगढ़ के रायपुर रेंज के एरिया में आने वाले एक छोटे से गांव कहारवे (Kharve) से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने 46 वर्षीय एक किराना दुकानदार रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पिछले चार महीनों में आठ लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब उसका 9वां कथित शिकार बच गया। फिर से उसने पुलिस को पूरी जानकारी दी।

कुत्ते को जहर देने से पहले किया था ‘ट्रायल रन’

पुलिस जांच के अनुसार, रामसहाय जायसवाल किसी व्यक्ति को निशाना बनाने से पहले अपनी योजना का ट्रायल करता था। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि उसने इस साल की शुरुआत में सुहागा (बोरैक्स) नामक रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल कर एक कुत्ते को जहर देकर मार डाला था। ग्रामीण क्षेत्रों में बोरैक्स का उपयोग अक्सर चूहे या कीड़े मारने के लिए किया जाता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने चार महीने के दौरान तीन अलग-अलग मौकों पर इस रसायन को खरीदा था।

शिकार को अकेले बुलाता, शराब में मिलाता जहर

‘साइको क‍िलर’ पर आरोप है कि उसने चार महीनों में आठ लोगों को जहरीले केमिकल वाली शराब पिलाकर मार डाला। उसने इन लोगों को शराब पीने के लिए अपने घर बुलाया था। रामसहाय जायसवाल की गिरफ्तारी सोमवार को हुई, जब नौवां पीड़ित बच गया। उसने पुलिस को एक ऐसे पैटर्न के बारे में बताया जिस पर पुलिस को पहले शक नहीं हुआ था।

शराब में पहले से बोरैक्स मिला देता था

रिपोर्ट के मुताबिक, हर मामले में जान लेने का तरीका एक जैसा था। चार महीनों के दौरान, आठ लोगों को खारवे गांव में जायसवाल के घर शाम को शराब पीने के लिए बुलाया गया और हर कोई एक-दो दिन बाद मर गया। जब नौवां व्यक्ति बच गया और उसने अधिकारियों को जानकारी दी, तब पुलिस को एहसास हुआ कि वे शायद एक सीरियल किलर का सामना कर रहे हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी हर बार लगभग एक जैसा तरीका अपनाता था। वह किसी व्यक्ति को शाम के समय अपने घर शराब पीने के लिए बुलाता। इस दौरान इस बात का ध्यान रखता कि व्यक्ति अकेले आए। शराब में पहले से बोरैक्स मिला देता। पीड़ित शराब पीने के बाद घर लौट जाता। एक-दो दिन के भीतर उसकी तबीयत बिगड़ती और उसकी मौत हो जाती। पुलिस के अनुसार, सभी आठ मौतों में यही पैटर्न देखने को मिला।

परिवारों का भरोसा जीतता रहा आरोपी

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किसी को भी शुरुआत में हत्या का शक नहीं हुआ। आरोप है कि कई मामलों में रामसहाय खुद पीड़ित परिवारों की मदद करता था। वह मृतकों को अस्पताल ले जाने में सहयोग करता, अंतिम संस्कार में शामिल होता और शोकाकुल परिवारों के साथ दिखाई देता था। इसी वजह से गांव वालों और परिजनों को उस पर संदेह नहीं हुआ। कुछ मामलों में तो पीड़ितों को अस्पताल तक नहीं ले जाया गया क्योंकि परिवारों ने उनकी हालत को सामान्य बीमारी समझा।

पहला शिकार: 6 फरवरी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला

1. बद्री पटेल (58 वर्ष)- 6 फरवरी

पुलिस के मुताबिक पहला शिकार 58 वर्षीय बद्री पटेल था। आरोप है कि बद्री पटेल अक्सर रामसहाय से शराब की मांग करता था, जिससे दोनों के बीच विवाद रहता था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उसे घर बुलाकर जहरीली शराब पिला दी। जब उसकी मौत के बाद किसी ने कोई शक नहीं जताया। अंतिम संस्कार सामान्य तरीके से हो गया, तो आरोपी का आत्मविश्वास बढ़ गया।

2. बुथालू साहू (60 वर्ष)- 20 फरवरी

पुलिस के अनुसार, रामसहाय को लगता था कि बुथालू साहू ने उसकी कलार समुदाय का अपमान किया था। इसी नाराजगी में उसने उसे निशाना बनाया।

3. बुधराम जायसवाल (60 वर्ष) – 12 मार्च

बुधराम जायसवाल की हत्या कथित तौर पर जमीन विवाद के कारण की गई।

4. छत्तूराम साहू – 20 मार्च

पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि छत्तूराम साहू की नजर उसकी पत्नी पर है। इसी शक के चलते उसने उसे मारने की योजना बनाई।

5. विनोद कुमार साहू (38 वर्ष)- 31 मार्च

आरोपी का आरोप था कि विनोद कुमार साहू अक्सर उसे गाली-गलौज और अपमानित करता था। इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया।

6. गजानंद मांझी (55 वर्ष)- 28 अप्रैल

जांच में सामने आया कि रामसहाय को विश्वास था कि गजानंद मांझी उसके खिलाफ टोना-टोटका या तांत्रिक क्रियाएं कर रहा है।

7. चैतराम साहू (58 वर्ष) – 29 अप्रैल

पुलिस के मुताबिक रामसहाय ने चैतराम साहू से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इस आर्थिक विवाद को हत्या का कारण बताया जा रहा है।

8. महेतरू राम साहू (41 वर्ष) – 14 मई

आठवां और अंतिम कथित शिकार महेतरू राम साहू था। पुलिस के अनुसार वह अक्सर रामसहाय का मजाक उड़ाता था और ताने देता था।

नौवां शिकार बचा, तभी खुला पूरा राज

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब रामसहाय ने कार्तिक कुम्हार को भी शराब पीने के लिए बुलाया। कार्तिक शराब पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इलाज के दौरान उसने अपने परिवार को बताया कि वह बीमार होने से पहले रामसहाय के घर पर शराब पीकर आया था। इसके बाद परिवार और गांव के अन्य लोगों को शक हुआ। फिर उन्होंने 6 जून को पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले में आगे की जांच जारी है।

Skoda Peaq exterior image gallery

Skoda Peaq

The Skoda Peaq is the brand’s new flagship electric SUV and its largest model to date. Measuring 4,874mm long, the three-row SUV adopts Skoda’s Modern Solid design language, featuring a closed-off ‘Tech-Deck’ front fascia, T-shaped Matrix LED headlights, flush-fitting door handles and 19 to 21-inch alloy wheels. At the rear, slim T-shaped tail-lamps, a roof-mounted spoiler and a sculpted bumper complete the design. The Peaq also gets Skoda’s largest panoramic glass roof yet and a claimed drag coefficient of 0.249. 

CM योगी का निवेशकों को संदेश, सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड का सबसे भरोसेमंद मॉडल बना उत्तरप्रदेश

cm yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के लिए सेफ्टी, स्टेबिलिटी व स्पीड का थ्री-एस मॉडल बन चुका है। उद्योग के लिए ये तीनों आयाम सबसे महत्वपूर्ण हैं। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, बेमिसाल कनेक्टिविटी, पारदर्शी प्रशासन और संस्थाओं का बेहतर नेटवर्क नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। स्किल्ड टैलेंट, टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली पॉलिसी, कुल मिलाकर एक संपूर्ण इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम आज नए भारत के नए यूपी में मौजूद है।

 

मुख्यमंत्री बुधवार को बेंगलुरु में “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026”  के तहत रोडशो में बिजनेस लीडर्स को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरा दिन सभी इन्वेस्टर्स और अलग-अलग सेक्टर के इंडस्ट्री लीडर्स के साथ संवाद करने का अवसर मिला। हमने देखा कि कैसे बेंगलुरु एक गार्डन सिटी से विकसित होकर ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस बना। बेंगलुरु की ग्रोथ स्टोरी आपने देखी-सुनी है। नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की जो कहानी आप यहां सुन रहे हैं, उसे आप उत्तर प्रदेश में जाकर स्वयं महसूस करेंगे, मैं आपको इसके लिए आमंत्रित करने आया हूं।

 

पीएम मोदी के नेतृत्व में बने विकास के नए प्रतिमान

सीएम ने कहा कि हमें गर्व है कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। और, पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को इस ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनने का सौभाग्य मिला है। पहले यूपी की छवि बहुत अच्छी नहीं थी। बिगड़ी कानून व्यवस्था, पॉलिसी पैरालिसिस, गवर्नेंस का अभाव और 'बीमारू राज्य' की पहचान थी हमारी। पलायन नियति बन चुका था। कृषि व एमएसएमई से लोगों का नाता टूट चुका था।

 

यूपी में वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में अब वह सब मिलेगा, जिसकी भारत को अपेक्षा है। बेहतर लॉ एंड ऑर्डर, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, देश के 60% एक्सप्रेसवे, 16,000 किमी रेल नेटवर्क और 4 लाख किमी सड़क नेटवर्क यूपी के पास है। वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल,  सात शहरों में मेट्रो, ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन, 5 अंतरराष्ट्रीय व 11 घरेलू एयरपोर्ट के रूप में बेमिसाल कनेक्टिविटी यूपी की पहचान है। 5 नए एयरपोर्ट पर सरकार काम कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गत 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं।

 

स्थिरता व सुरक्षा से बने टॉप-3 अर्थव्यवस्था

सीएम ने कहा कि स्थिरता व सुरक्षा का परिणाम है कि यूपी अब बीमारू राज्य से निकलकर देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्था बन चुका है। पिछले 6 साल से हम रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हैं। 9 साल में अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई। हमारे पास 36 सेक्टरल पॉलिसीज के साथ 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 स्थानों पर इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। बीडा के रूप में सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल सिटी विकसित हो रहा है।

 

निवेशकों को मिलेगा स्किल्ड मैनपावर

निवेशकों को स्किल्ड मैनपावर के प्रति आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी हर साल 2 लाख स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथ) ग्रेजुएट्स तैयार करता है। 2 आईआईटी, एक आईआईएम, तीन स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी और तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा का बड़ा नेटवर्क युवाओं को हर क्षेत्र में दक्ष बना रहा है। हम उद्योग की जरूरत के अनुसार इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में स्किल्ड मैनपावर तैयार कर रहे हैं।

 

कृषि व उद्योग क्षेत्र में जबरदस्त सफलता

कृषि व एमएसएमई क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 साल में हमारी कृषि ग्रोथ रेट 8% से बढ़कर 18% हुई। पांच कृषि विश्वविद्यालयों व 89  किसान विकास केंद्रों के माध्यम से किसानों को ट्रेनिंग व मार्केट से जोड़ा गया है। यूपी के पास देश में सर्वाधिक 86% सिंचित कृषि भूमि है। राज्य में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं, जिन्हें ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) योजना से जबरदस्त प्रोत्साहन मिला है। इस योजना के माध्यम से हर जिले का एक विशिष्ट उत्पाद ब्रांड बना है। पिछले 9 साल में 18,000 से अधिक बड़े औद्योगिक संस्थान यूपी में स्थापित किए गए। 9 साल पहले राज्य में मात्र 14,000 बड़े कारखाने थे, जिनकी संख्या आज 33,000 से अधिक हो चुकी है।

 

निवेशकों को मिलेगी सुरक्षा, सुविधा व नीतिगत स्थिरता

मुख्यमंत्री ने बिजनेस लीडर्स को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार हर निवेशक को सुरक्षा, सिंगल विंडो सुविधा और नीतिगत स्थिरता देगी। यूपी के बारे में आपने जो संभावनाएं सुनी हैं, उन्हें आप अपने निवेश से स्वयं महसूस करेंगे। मुझे विश्वास है कि आप सब यूपी की ग्रोथ स्टोरी में सहभागी बनकर विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने रोडशो में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स व सीईओज का आभार भी प्रकट किया।

 

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (उद्योग) आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) आलोक कुमार, यीडा के सीईओ आर.के. सिंह तथा उद्योग जगत के लीडर्स व सीईओज उपस्थित थे। Edited by : Sudhir Sharma

CM योगी के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों की जांच का महाअभियान, 100 से अधिक संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई

Massive drive to inspect coaching institutes on CM Yogi's directive

– प्रशासन, प्राधिकरण व फायर सर्विस की संयुक्त टीमों ने किया निरीक्षण

– कानपुर के काकादेव में 30 से अधिक कोचिंग संस्थान हुए सील

– सुरक्षा मानकों व नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई

Uttar Pradesh news : लखनऊ में हुए दुखद हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सभी जनपदों में कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का महाअभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने संयुक्त टीमें बनाकर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी का निरीक्षण किया। लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा आदि महानगरों के साथ अन्य जनपदों में भी यह कार्रवाई की गई। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर 100 से अधिक कोचिंग संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई अभी जारी रहेगी।

 

अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना तथा अन्य मानकों की जांच

लखनऊ में हुई दुःखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सभी जिलों में जांच के सख्त निर्देश दे थे। कुछ जिलों में देर शाम में ही जांच कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। मंगलवार को यह अभियान और तेज रहा। उन कोचिंग संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई जो गैर पंजीकृत थे।

टीमों ने विशेष तौर पर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना तथा अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। जांच का क्रम देर रात तक जारी था। प्रयागराज के मुख्य अग्नि शमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि नगर में 97 पंजीकृत संस्थानों में केवल 15 कोचिंग संस्थानों ने से एनओसी ली है। फायर विभाग ने दस टीमों का गठन किया है, जो लगातार जांच करेंगीं। इसी क्रम में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग को सील कर दिया। 

 

कानपुर में पार्किंग को बना दिया बच्चों का क्लासरूम, फायर एनओसी भी वैध नहीं

कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते और अग्निशमन अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में मानकों के अनुपालन की जांच का काम सोमवार शाम से ही शुरू कर दिया था। मंगलवार शाम तक यहां के सबसे बड़े शैक्षणिक हब काकादेव में 30 से अधिक संस्थानों को सील कर दिया गया।

इन सभी को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। सबसे गंभीर उल्लंघन भवनों के बेसमेंट में पाया गया, जिनका आवंटन सिर्फ पार्किंग के लिए था, लेकिन वहां अवैध रूप से सैकड़ों बच्चों के बैठने के लिए क्लासरूम बना दिए गए थे। मिर्जापुर में भी लगभग एक दर्जन संस्थान सील किए गए। 

 

वाराणसी में भी मिली अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी, जौनपुर और चंदौली में भी जांच

वाराणसी विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने बनारस में भी सोमवार से ही कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों की जांच शुरू कर दी। इस दौरान कई संस्थानों को सील किया गया है। कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन पाया गया है।

जौनपुर और चंदौली में जांच की जा रही है। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि कई कोचिंग सेंटर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं निर्धारित भवन मानकों के विपरीत संचालित किए जा रहे थे, उन्हें सील किया गया।
Edited By : Chetan Gour

ED ने राजेश एक्सपोर्ट्स के 9 ठिकानों की तलाशी ली! 5 चौंकाने वाली बातें मिली, ₹3000 करोड़ के लेन-देन पर भी सवाल

Rajesh Exports ED Raid: गोल्ड रिफाइनिंग और ज्वेलरी बनाने वाली कंपनी Rajesh Exports Ltd (REL) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत बेंगलुरु और मुंबई में कंपनी और उससे जुड़े लोगों के 9 ठिकानों पर छापेमारी की है।

यह कार्रवाई 23 जून से शुरू हुई थी। जांच के दौरान ED को कई ऐसी बातें मिली हैं, जिन पर अब विस्तार से जांच की जा रही है।

1. विदेशी लेन-देन के दस्तावेज नहीं मिले

ED का कहना है कि कंपनी अपने कई विदेशी लेन-देन से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा पाई। इनमें आयात-निर्यात, विदेशों में किए गए निवेश और विदेशी कंपनियों से मिलने या उन्हें दिए जाने वाले पैसों का रिकॉर्ड शामिल है।

एजेंसी के मुताबिक, दस्तावेज नहीं होने की वजह से यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि ये लेन-देन वास्तव में हुए भी थे या नहीं। ED ने यह भी कहा कि कंपनी अफ्रीका की खदानों में किए गए कथित ₹1,035 करोड़ के निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी नहीं दिखा पाई।

2. ₹3,000 करोड़ के लेन-देन पर सवाल

जांच में यह भी सामने आया है कि राजेश एक्सपोर्ट्स UAE और कुछ दूसरे देशों की कंपनियों के साथ अपने देनदार और लेनदार खातों को आपस में एडजस्ट कर रही थी। ED के मुताबिक, ऐसे करीब ₹3,000 करोड़ के लेन-देन मिले हैं।

एजेंसी का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि पैसा आखिर कहां से आया और कहां गया।

3. फैक्ट्री स्टॉक में 40% का अंतर

छापेमारी के दौरान ED ने फैक्ट्री में मौजूद माल का भी मिलान किया। जांच में पाया गया कि कंपनी के रिकॉर्ड में जितना स्टॉक दिखाया गया था, वास्तविक स्टॉक उससे करीब 40% कम या ज्यादा था।

यानी कागजों और जमीन पर मौजूद माल के बीच बड़ा अंतर मिला है। अब एजेंसी इसकी वजह तलाश रही है।

4. अधिकारियों की सैलरी बेहद कम

ED ने कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव्स की सैलरी पर भी सवाल उठाए हैं। एजेंसी के मुताबिक, कंपनी के CFO को साल 2020 के बाद से कोई वेतन नहीं मिला।

वहीं कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर को सिर्फ करीब ₹17,000 महीने की सैलरी दी जा रही थी। ED के मुताबिक, यह आंकड़ा हैरान करने वाला है, क्योंकि कॉर्पोरेट जगत में ऊंचे पदों पर इतनी कम सैलरी देने का चलन नहीं है। खासकर, अगर कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू करीब ₹7.7 लाख करोड़ बताया गया होय़

5. शेयरों में हेरफेर का भी शक

ED ने कुछ संदिग्ध ब्लॉक डील्स और शेयरों में संभावित हेरफेर की ओर भी इशारा किया है।

एजेंसी के मुताबिक, इन सौदों में शामिल कुछ लोगों के नाम इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) की लीक रिपोर्ट्स में भी सामने आए हैं। जांच एजेंसी को शक है कि NRI बेनामी खातों का इस्तेमाल कर शेयरों में हेरफेर की गई और ₹600 करोड़ से ज्यादा रकम भारत से बाहर भेजी गई।

SEBI की रिपोर्ट के बाद बढ़ीं मुश्किलें

Rajesh Exports की मुश्किलें तब बढ़ गईं, जब हाल ही में SEBI ने कंपनी पर बड़ा आरोप लगाया। रेगुलेटर का दावा है कि वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच कंपनी ने अपने रेवेन्यू को कथित तौर पर ₹15.15 लाख करोड़ तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।

SEBI के मुताबिक, कंपनी ने अपनी विदेशी सहायक कंपनियों से जुड़ी आय को जिस तरह पेश किया, वह उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती। खासकर स्विट्जरलैंड की Valcambi SA का रेवेन्यू। रेगुलेटर को शक है कि इससे निवेशकों के सामने कंपनी के कारोबार का आकार असलियत से कहीं बड़ा दिखाया गया।

कंपनी ने आरोपों को किया है खारिज

राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अगर कोई आंकड़ों में हेरफेर करना चाहे, तो वह मुनाफा बढ़ाकर दिखाएगा। सिर्फ रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने से कोई खास फायदा नहीं होता।

इस बीच जांच की खबरों का असर शेयर पर भी दिखा। बुधवार को Rajesh Exports का शेयर करीब 5% गिरकर ₹102.85 पर बंद हुआ। इससे पहले स्टॉक कुछ ही कारोबारी सत्र में करीब 30% तक बढ़ गया था। फिलहाल ED और SEBI दोनों की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

24000 के पार Nifty बंद, Sensex में 790 प्वाइंट्स का उछाल, डेढ़ लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

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युद्ध थम गया फिर भी लगने वाला है महंगाई का तगड़ा झटका! और जेब ढीली करेंगी हवाई टिकटें, ये है वजह

Will Flight Tickets Get Costlier: अगर आप भी इस तपती गर्मी में पहाड़ों की सैर करने या परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने के लिए हवाई सफर की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब का बजट बिगाड़ सकती है। उद्योग के अनुमानों और एक ताजा वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले व्यस्त समर सीजन में हवाई टिकटों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विमान ईंधन की सप्लाई में आ रही रुकावटें हैं। McKinsey की एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो हवाई किराए आसमान छू सकते हैं। आइए समझते हैं कि आपकी फ्लाइट टिकटें कितनी महंगी हो सकती हैं और इसके पीछे की पूरी गणित क्या है।

20 से 25% तक महंगी हो सकती हैं फ्लाइट टिकटें!

मैकिन्से की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च का लगभग 30% हिस्सा अकेले विमान ईंधन (ATF) पर खर्च होता है। रिपोर्ट में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं, तो एयरलाइन कंपनियां इसका बोझ सीधे यात्रियों की जेब पर डालेंगी। इसके चलते आने वाले दिनों में हवाई किरायों में 20 से 25% तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

क्यों गहराया जेट ईंधन का संकट?

विमान ईंधन की कीमतों पर इस समय चौतरफा दबाव बना हुआ है, जिसके मुख्य कारण ये हैं:

सप्लाई और रिफाइनरी पर दबाव: वैश्विक ऊर्जा मार्गों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण व्यवधान आया है। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र और प्रमुख एशियाई निर्यातकों जो दुनिया की कुल जेट ईंधन आपूर्ति का लगभग 40% हिस्सा संभालते हैं वहां से रिफाइनरी आउटपुट में कमी आई है।

कम स्टॉक और बढ़ती डिमांड: गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा करने वालों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाली है, जिससे ईंधन की मांग बढ़ रही है। इसके उलट, वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन का स्टॉक फिलहाल काफी कम है।

क्या है ‘क्रैक स्प्रेड’ और यह कैसे बढ़ा रहा है मुसीबत?

ईंधन संकट की गंभीरता को समझने के लिए ‘क्रैक स्प्रेड’ को जानना जरूरी है। यह कच्चा तेल खरीदने और उसे रिफाइंड ईंधन उत्पाद जैसे- जेट फ्यूल में बदलने के बीच के मूल्य अंतर को मापता है। आम तौर पर, ऐतिहासिक रूप से यह अंतर $20 प्रति बैरल के आसपास रहता आया है।

मैकिन्से के मुताबिक, साल 2026 में यह क्रैक स्प्रेड औसतन $50 प्रति बैरल से भी अधिक रह सकता है। यह उछाल साफ संकेत देता है कि ईंधन को रिफाइंड करने की लागत और मार्जिन बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं, जिसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा।

साफ है कि आने वाले हफ्तों में विमानों का सफर सस्ता नहीं रहने वाला है। अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में कहीं जाने का मन बना रहे हैं, तो आखिरी मिनट की बुकिंग से बचें। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस संभावित 25% तक की बढ़ोतरी से बचने के लिए टिकटों की बुकिंग जितना जल्दी हो सके, एडवांस में ही कर लें ताकि महंगे होते जेट फ्यूल का असर आपके वेकेशन के बजट पर न पड़े।

जमीन के मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर काउंटर अटैक, खडगे परिवार पर लगाए जमीन घोटाला का आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर जमीन खरीदी के कथित आरोपों के बीच भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर जमीन आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान खरगे परिवार से जुड़े सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को नियमों के विपरीत जमीनें आवंटित की गईं और सार्वजनिक भूमि को निजी ट्रस्ट के नियंत्रण में पहुंचाया गया।
 
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह कथित भूमि लूट का पहला मामला नहीं है, बल्कि ऐसे कई मामलों की श्रृंखला है, जिन्हें भाजपा आने वाले दिनों में सामने रखेगी। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर बेंगलुरु में 5 एकड़ जमीन मल्लिकार्जुन खड़गे के प्राइवेट लिमिटेड सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को आवंटित की है। प्रदीप भंडारी के अनुसार, इस जमीन की बाजार कीमत लगभग 100 करोड़ रुपए है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह एक प्राइवेट लिमिटेड ट्रस्ट है और कर्नाटक सरकार ने दो प्रमुख नियमों का उल्लंघन करते हुए यह आवंटन किया है। भाजपा ने यह भी पूछा कि इस ट्रस्ट ने अब तक लोकहित में ऐसा क्या काम किया है जिसके लिए उसे इतनी महंगी जमीन दी गई?
 
इसके साथ ही खड़गे परिवार के इसी प्राइवेट लिमिटेड सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को गुलबर्ग में 90 एकड़ जमीन पानी के रिसर्च के लिए दी गई है। भाजपा का दावा है कि मल्लिकार्जुन ख़डगे और  उनके बेटे प्रियंक खडगे ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर इन जमीनों पर कब्जा जमाया है। प्रदीप भंडारी ने खड़गे पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो स्वयं को दलितों का मसीहा बताते हैं, वे असल में अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
 
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि भूमि लूट का पहला मामला मैं आपके सामने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट का रखना चाहता हूं। 2024 में कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड ने इस ट्रस्ट को पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी. उस समय कर्नाटक में कांग्रेस सरकार थी. मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस अध्यक्ष थे और आज भी हैं, जबकि प्रियांक खरगे मंत्री थे।
 
भंडारी के अनुसार, इस जमीन का घोषित उद्देश्य एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट था. उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में इस पांच एकड़ जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है, लेकिन जिस उद्देश्य से जमीन दी गई थी, उस दिशा में कोई गतिविधि नहीं हुई.
 
कांग्रेस का हमलावर बीजेपी- भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आ गया है। एक तरफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक में अपने मंत्री बेटे के साथ मिलकर जमीन घोटाला कर रहे हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भाजपा से सवाल पूछ रहे हैं।
 
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर के इन्वेस्टमेंट को, उनके चचेरे भाइयों के रियल एस्टेट बिजनेस से कनेक्ट करके हल्ला करने की कोशिश की जा रही है। जो जमीन उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले खरीद ली थी, कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी है। जिस कंपनी को 2017 में छोड़ चुके हैं, आज भी उस कंपनी का डायरेक्टर बताया जा रहा है। एक व्यक्ति जो युवावस्था से जमीनों में इन्वेस्टमेंट कर रहा है, क्योंकि राजनीति के कारण बिजनेस नहीं कर सकता, उसके पुराने इन्वेस्टमेंट पर सवाल उठाए जा रहे हैं जबकि कांग्रेस की अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुलेआम जमीन घोटाला कर रहे हैं। सरकारी जमीन अपने प्राइवेट ट्रस्ट के नाम करवा रहे हैं। उनसे कोई सवाल नहीं कर रहा।
 
 
 

खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए PM मोदी को न्योता:4 जुलाई से शुरू होंगे समारोह; 2 करोड़ लोग जनाजे में शामिल हो सकते हैं

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था। अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। मोदी का ईरान जाने पर सस्पेंस ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है। खास तौर पर पड़ोसी और मित्र देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मई 2024 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भी भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था। उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए थे। खामेनेई मशहद में क्यों दफनाए जाएंगे खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और शिया मुसलमानों का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। शहर की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा की दरगाह है। इमाम रजा शिया मुस्लिम परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खामेनेई को मशहद में दफनाने से उनका नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं की श्रेणी में और मजबूती से जुड़ जाएगा। IRGC के पास खामेनेई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में हुई देरी इस्लामी परंपरा के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है। आमतौर पर इस्लाम में किसी व्यक्ति को मौत के एक-दो दिन के भीतर दफना दिया जाता है। हालांकि ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ की उम्मीद और युद्ध के हालात के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई। तेहरान नगर निगम में सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उपप्रमुख मोहम्मद अली तवक्कोलीजादेह ने अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि खामेनेई के लिए तीन दिन का सार्वजनिक जनाजा आयोजित किया जाएगा। अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जनाजा कब होगा, लेकिन कहा कि यह इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत में हो सकता है, जो 21 जून के आसपास में पड़ता है। पूरे कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी IRGC के पास है। खोमैनी के जनाजे में 1 करोड़ लोग जुटे थे ईरान में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था। इस कार्यक्रम को आज भी दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाता है। इतनी भारी भीड़ उमड़ी थी कि भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। इस बार अधिकारी इससे भी बड़ी भीड़ को संभालने और किसी हादसे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन युद्ध के प्रभाव से उबर रहे देश में इतना बड़ा आयोजन कराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अमेरिका-इजराइल हमलों में खामेनेई की मौत हुई थी अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गईं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और उनके कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था। खामेनेई बंकर में मौजूद थे, लेकिन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों में खामेनेई के साथ ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे। ———————–

Pradosh Vrat June 2026: 27 या 28 जून कब किया जाएगा जून का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें सही तारीख, मुहूर्त और शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि

Pradosh Vrat June 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ माह अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में लोग इस माह के अंतिम प्रदोष व्रत की तारीख जानने को इच्छुक हैं। प्रदोष व्रत हिंदी कैलेंडर के हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस तिथि पर प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। इस समय शुद्ध ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है और इसकी त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर हिंदू माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत करने वाले भक्तों पर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा रहती है। इस दिन की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

कहा जाता है कि, प्रदोष काल में सच्चे मन से शिव आराधना करने पर पापों का नाश होता है और मनचाही इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल वह समय होता है जब भगवान शिव कैलाश पर आनंदित होकर तांडव करते हैं। ऐसे में उनकी आराधना करने का महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है। प्रदोष व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इस व्रत का नाम सोम प्रदोष व्रत होता है।

ज्येष्ठ माह अंतिम प्रदोष व्रत तारीख

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 26 जून को रात 10 बजकर 22 मिनट पर होगी। वहीं यह तिथि 28 जून को रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। तिथियों के अनुसार, प्रदोष व्रत 27 जून 2026 शनिवार को रखा जाएगा। शनिवार होने के कारण यह शनि प्रदोष व्रत कहलाया जाएगा।

शनि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल यानि सूर्यास्त के समय की जाती है। पंचांग के अनुसार 27 जून 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करना बेहद ही लाभकारी माना गया है।

शनि प्रदोष व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन पूरी निष्ठा से व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में भोलेनाथ की आराधना करते हैं, उनके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट, रोग और दरिद्रता दूर हो जाती है। भगवान शिव शनिदेव के गुरु हैं, इसलिए शनि प्रदोष व्रत के दिन महादेव की पूजा करने से कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष का प्रतिकूल प्रभाव भी शांत होता है। यदि आप भी अपनी सोई हुई किस्मत को जगाना चाहते हैं और मानसिक व आर्थिक परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो 27 जून 2026 को आने वाला प्रदोष व्रत जरूर रखें और यदि ऐसा संभव न हो तो विधि-विधान से पूजा अवश्य करें।

शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि

  • प्रदोष काल में पूजा स्थान पर भगवान शिव और माता की प्रतिमा स्थापित करें।
  • शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें, इसके बाद शुद्ध जल भी चढ़ाएं।
  • रोली, बेलपत्र, अक्षत और चंदन महादेव को चढ़ाएं।
  • अब धूप, दीपक और पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा करते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
  • शनि प्रदोष व्रत है, इसलिए शिवलिंग पर काले तिल या शनिदेव को भी काले तिल चढ़ाएं।
  • शनि प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
  • परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में मंगल की कामना के लिए घर के मुख्य द्वार पर भी दीप जलाएं।

Jyeshtha Purnima 2026: जून में इस दिन होगी ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा, जानें सही तारीख, समय और शुभ मुहूर्त

Which variant of the Renault Kiger should you buy?

Renault Kiger variant-wise features and powertrain

The Renault Kiger is the most affordable SUV in the French manufacturer’s India portfolio. It is available with the choice of a 1.0-litre naturally aspirated petrol or a 1.0-litre turbo-petrol engine, the latter making it one of the most affordable turbo-petrol options in India. The Kiger is a decently equipped model at its price, which starts at Rs 5.81 lakh (ex-showroom), and is offered in five trims: Authentic, Evolution, Evolution+, Techno and Emotion. Let’s take a closer look at the powertrain options and features available with each trim.

Renault Kiger powertrain options and prices

It is offered with two engine options, both of which get manual and automatic gearbox choices

Renault Kiger variant-wise powertrain options and prices (ex-showroom)

 

1.0P MT

1.0P AMT

1.0TP MT

1.0TP CVT

Authentic

Rs 5.81 lakh

Evolution

Rs 6.55 lakh

Rs 6.99 lakh

Evolution+

Rs 6.99 lakh

Rs 7.89 lakh

Techno

Rs 7.55 lakh

Rs 8.05 lakh

Rs 8.45 lakh

Rs 9.35 lakh

Emotion

Rs 8.45 lakh

– 

Rs 9.35 lakh

Rs 10.35 lakh

*P = Naturally-aspirated petrol engine; TP = Turbo-petrol engine

The Kiger is available with four powertrain options. There’s a 72hp/96Nm, 1.0-litre naturally aspirated petrol engine that’s offered with either a 5-speed manual or a 5-speed AMT. There’s also a 100hp/160Nm, 1.0-litre turbo-petrol unit that’s paired with either the 5-speed manual or a CVT gearbox. The naturally aspirated engine is offered with a CNG option as a dealer-level fitment.

The 72hp petrol engine with the manual gearbox is available across the range, while the AMT is offered on the mid-spec Evolution and Techno trims, but not on the top-spec Emotion. Meanwhile, the turbo-petrol range starts from Rs 7.89 lakh for the manual gearbox and Rs 9.35 lakh for the CVT option.

Renault Kiger variant-wise features

Renault Kiger Authentic

Powertrain: 1.0-litre petrol MT

  • LED daytime running lamps
  • LED tail-lamps
  • 16-inch steel wheels
  • Blacked-out wing mirrors
  • Rear spoiler
  • Black fabric upholstery
  • Front centre armrest
  • 60:40 split rear seats with adjustable headrests
  • Analogue instrument cluster with a 3.5-inch MID
  • Manual AC
  • All four power windows
  • Manual adjust for ORVMs
  • Remote keyless entry
  • LED cabin lamps
  • Rear centre armrest with cupholders
  • Seatbelt reminders on rear seats
  • Tyre pressure monitoring system (TPMS)
  • Hill start assist
  • 6 airbags
  • Traction control
  • ESC

Renault Kiger Evolution

Powertrain: 1.0-litre petrol MT, AMT

  • Shark fin antenna
  • 8.0-inch infotainment system
  • Wired Android Auto and Apple CarPlay
  • 4 speakers
  • Steering-mounted audio and phone controls
  • Rear AC vents
  • Electrically adjustable ORVMs
  • Rear parcel shelf
  • Day/night adjustable interior rear-view mirror
  • Tilt-adjustable steering wheel
  • Rear view camera

Renault Kiger Evolution+

Powertrain: 1.0-petrol MT; 1.0-litre turbo-petrol MT

  • Automatic climate control
  • Push-button start/stop
  • Wireless Android Auto and Apple CarPlay
  • Dual-tone interior upholstery

Renault Kiger Techno

Powertrain: 1.0-petrol MT, AMT; 1.0-litre turbo-petrol MT, CVT

  • LED headlamps
  • Functional roof rails with 50kg load-bearing capacity
  • 16-inch flex wheels
  • Front and rear silver skid plates
  • Auto-folding wing mirrors
  • Driver’s seat height adjustment
  • Rear wiper and washer
  • Dual glove box
  • One-touch up/down for driver window

Renault Kiger Emotion

Powertrain: 1.0-petrol MT; 1.0-litre turbo-petrol MT, CVT

  • 16-inch alloy wheels
  • LED fog lamps
  • Auto headlamps
  • Red brake callipers (turbo-petrol variants only)
  • Leatherette upholstery
  • Leather-wrapped steering wheel
  • Welcome/goodbye sequences
  • 7.0-inch configurable digital instrument cluster
  • 6-speaker Arkamys sound system
  • Drive modes
  • Cruise control
  • Wireless phone charger
  • Rear defogger
  • Cooled glove box
  • Ambient interior lighting
  • Remote engine start (turbo only)
  • Ventilated front seats
  • 360-degree camera
  • Rain-sensing wipers

2025 Renault Kiger: Which variant should you buy?

Top-spec Emotion is recommended, but budget buyers can also consider the Evolution+

Of the four powertrain choices on offer, we’d recommend the turbo-petrol CVT, which is smooth for city usage and offers decent performance; the naturally aspirated petrol variants’ performance can feel a little underwhelming. As for the trim, we’d recommend the top-spec Emotion, which offers niceties and convenience, including ventilated front seats, a 360-degree camera, leatherette upholstery and a wireless charger, all at a very reasonable price. For those on a strict budget, the mid-spec Evolution+ offers a lot of value with all the necessary comfort and convenience features at a lower price tag. 

The Renault Kiger rivals the Nissan Magnite, Maruti Fronx, Toyota Taisor and Maruti Brezza as well as smaller SUVs such as the Tata Punch and Hyundai Exter.

Prices are ex-showroom, India.