VIDEO: बारिश की वजह से परेशान मुंबई, मेयर बोलीं- सब कंट्रोल में; तभी पीछे हो गया कांड

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों बारिश की वजह से परेशान हैं। बुधवार को जमीनी स्तर पर बीएमसी का काम देखने के लिए पहुंची मेयर रितु तावड़े के सामने ही एक ऐसी घटना हो गई, जिससे पास खड़े बीएमसी अधिकारियों की हालत खराब हो गई।

Gold-Silver Ratio: गोल्ड-सिल्वर रेशियो बढ़ा, क्या अब सोने में निवेश करना चाहिए? जानिए एक्सपर्ट से

Gold-Silver Ratio: पिछले कुछ हफ्तों में गोल्ड-सिल्वर रेशियो (Gold-Silver Ratio या GSR) तेजी से बढ़ा है। इसका मतलब है कि निवेशक चांदी की तुलना में सोने को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार बनी महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ने की आशंका ने चांदी पर ज्यादा दबाव डाला है।

Augmont Research के मुताबिक, जून में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,000 से 4,060 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रहा। वहीं चांदी 60-61 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती रही। इससे गोल्ड-सिल्वर रेशियो बढ़कर 67:1 तक पहुंच गया।

यह मई में 55:1 था, जबकि जनवरी में यह करीब 50:1 के निचले स्तर पर था। यानी कुछ ही महीनों में यह रेशियो 11 से 17 अंक तक बढ़ गया है। आसान शब्दों में कहें तो अब 1 औंस सोना खरीदने के लिए करीब 66-67 औंस चांदी की जरूरत पड़ रही है।

चांदी क्यों पिछड़ रही है?

Augmont की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के मुताबिक, जून में फेडरल रिजर्व के संकेतों ने बाजार का रुख बदल दिया। अब दिसंबर तक ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 86% मानी जा रही है। साथ ही महंगाई दर 4.2% बनी हुई है।

इन वजहों से चांदी की निवेश मांग कमजोर हुई है और हाल के हफ्तों में उसका प्रदर्शन सोने से कमजोर रहा है।

अब क्या करें निवेशक?

एनालिस्टों का मानना है कि मौजूदा कीमतों पर नए रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 70:30 का गोल्ड-सिल्वर पोर्टफोलियो बेहतर हो सकता है। फिलहाल सोना करीब ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.25 लाख प्रति किलो के आसपास है। पिछले 50 वर्षों में गोल्ड-सिल्वर रेशियो का औसत 65:1 से 70:1 के बीच रहा है। इसलिए मौजूदा स्तर पर चांदी को बहुत सस्ता नहीं माना जा रहा।

रेनिशा चैनानी के मुताबिक, अगर यह रेशियो 75-80 तक पहुंचता है तो निवेशक चांदी में हिस्सेदारी बढ़ाकर 60:40 या 55:45 का अनुपात अपना सकते हैं। वहीं अगर रेशियो 60 से नीचे आ जाता है तो फिर पोर्टफोलियो को दोबारा सोना-केंद्रित बनाना बेहतर होगा।

सोना और चांदी में निवेश कैसे करें?

निवेशक Gold ETF और Silver ETF के जरिए निवेश कर सकते हैं। अगर मकसद सिर्फ कीमतों में बढ़त का फायदा उठाना है, तो ETF अच्छा विकल्प हो सकता है।

वहीं भविष्य में वास्तविक डिलीवरी या उपयोग के लिए डिजिटल गोल्ड और डिजिटल सिल्वर पर भी विचार किया जा सकता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

सोने को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है। खासकर तब, जब अमेरिकी डॉलर मजबूत हो और फेडरल रिजर्व सख्त मौद्रिक नीति अपना रहा हो।

रेनिशा चैनानी का अनुमान है कि निकट अवधि में गोल्ड-सिल्वर रेशियो स्थिर रह सकता है या थोड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि 2026 में चांदी की सप्लाई में लगातार छठे साल कमी रहने का अनुमान है। करीब 4.63 करोड़ औंस की सप्लाई कमी चांदी को मजबूत आधार दे सकती है।

अगर आगे चलकर फेड ब्याज दरों में नरमी दिखाता है, डॉलर कमजोर पड़ता है या सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर से चांदी की मांग बढ़ती है, तो साल के अंत तक गोल्ड-सिल्वर रेशियो घटकर 55-60 तक आ सकता है।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो कैसे निकालें?

24 जून 2026 को घरेलू बाजार में सोना ₹1,43,399 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,26,891 प्रति किलो थी। गोल्ड-सिल्वर रेशियो निकालने का फॉर्मूला है:

10 ग्राम सोने की कीमत ÷ 10 ग्राम चांदी की कीमत

इस हिसाब से:

₹1,43,399 ÷ ₹2,268.91 = 63.2

यानी फिलहाल 1 ग्राम सोना खरीदने के लिए करीब 63.2 ग्राम चांदी की जरूरत है। सिर्फ 40 दिनों में यह रेशियो 7.58 अंक बढ़ चुका है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

AMC में 250 पदों पर बंपर भर्ती, ग्रेजुएट्स के लिए सरकारी नौकरी का मौका, कैसे करें आवेदन, क्या है प्रक्रिया

AMC Vacancy 2026

AMC Vacancy 2026

अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा सरकारी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर निकाला गया है। कॉर्पोरेशन द्वारा प्रशासनिक कैडर में 'सहायक सीनियर क्लर्क' (Assistant Senior Clerk) के कुल 250 रिक्त पदों को भरने के लिए आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी की गई है। इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

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श्रेणी (Category) के अनुसार पदों का विवरण

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 250 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिसमें नियमानुसार विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित सीटें आवंटित की गई हैं। विस्तार से देखें तो सामान्य वर्ग (General) के लिए 105 पद, एसईबीसी (SEBC) के लिए 68 पद, एसटी (ST) के लिए 37 पद, ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए 25 पद और एससी (SC) के लिए 15 पद आरक्षित रखे गए हैं।

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आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का सरकार मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में स्नातक (Graduation) पूरा होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 38 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों और वर्तमान में AMC में कार्यरत कर्मचारियों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में उचित छूट दी जाएगी।

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अनुभव की आवश्यकता और आकर्षक वेतनमान

इस पद के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उम्मीदवार के पास सरकारी कार्यालय, स्थानीय स्वशासी संस्था, बोर्ड, निगम या म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में प्रशासनिक कैडर का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती पहले 3 वर्षों के लिए ₹26,000 प्रति माह फिक्स वेतन दिया जाएगा। इसके बाद, कार्य मूल्यांकन के आधार पर लेवल-4 पे मैट्रिक्स के अनुसार ₹25,500 से ₹81,100 का नियमित वेतनमान और अन्य भत्ते देय होंगे।

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ऑनलाइन आवेदन की सरल प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवारों को अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करना होगा। इसके लिए वेबसाइट के “Public Information” सेक्शन में जाकर “Recruitment and Result” विकल्प पर क्लिक करना होगा। वहां सहायक सीनियर क्लर्क के लिंक को ओपन करके “Apply” बटन के माध्यम से आवश्यक विवरण भरना होगा, दस्तावेज अपलोड करने होंगे और आवेदन की पुष्टि (Confirm) करनी होगी। भविष्य के संदर्भ के लिए फॉर्म का प्रिंट संभालकर रखना हितकर है।  Edited by : Sudhir Sharma

मुख्यमंत्री योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्‍मानित विभूतियों को दी शुभकामनाएं

Chief Minister Yogi extended his best wishes to distinguished personalities honored with Padma Awards

– चिरंजी लाल यादव व अनिल रस्तोगी को कला, रघुपत सिंह (मरणोपरांत) को कृषि, संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर को मिला पद्मश्री

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा, इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान 

– राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार शाम प्रदान किए पद्म पुरस्कार

Chief Minister Yogi Adityanath : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-II में वर्ष 2026 के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। इसमें उत्तर प्रदेश की कई विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर पोस्ट कर पद्म पुरस्कार से अलंकृत विभूतियों को शुभकामनाएं दीं। 

 

'कांसा नक्काशी' की कला को सहेजने, संवारने में चिरंजी लाल का अमूल्य योगदान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा चिरंजी लाल यादव को कला के क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने पोस्ट किया कि पिछले पांच दशकों से 'कांसा नक्काशी' की समृद्ध कला को सहेजने, संवारने और उसे राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में आपका योगदान अमूल्य और सराहनीय है। आपकी इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

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रघुपत जी की तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की: सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रपति द्वारा स्व. रघुपत सिंह जी को कृषि के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान हेतु 'पद्म श्री' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायी है। पांच दशकों से अधिक समय तक कृषि सेवा के प्रति उनकी तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की।

उन्होंने अपना जीवन पारंपरिक बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित कर किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने में असाधारण योगदान दिया। आत्मनिर्भर कृषि व जैव विविधता संरक्षण को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

 

'रस्तोगी जी ने कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गौरवभूषित'

मुख्यमंत्री ने अनिल रस्तोगी को भी पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि प्रख्यात रंगकर्मी एवं विद्वान अनिल कुमार रस्तोगी को कला क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किया जाना उत्तर प्रदेश वासियों के लिए हर्ष व गर्व का विषय है।

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1,000 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों व वैश्विक नाट्य महोत्सवों के माध्यम से आपने भारतीय कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवभूषित किया है। आपके शोध पत्र, आपकी उत्कृष्ट शिक्षा, संस्कार एवं विद्वता के जीवंत प्रमाण हैं। रंगमंच के लिए आपका योगदान रंगकर्मियों के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद है।

 

मंगला कपूर जी की परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है पद्मश्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की सुप्रसिद्ध संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर जी को 'पद्म श्री' से अलंकृत किया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

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उन्होंने संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। दुर्लभ रागों का दस्तावेजीकरण और 40 से अधिक मौलिक रचनाओं का संकलन उनकी प्रतिभा और तपस्या का प्रमाण है। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है।
Edited By : Chetan Gour

अहमदाबाद में बढ़ेगी ट्रैफिक की परेशानी, 5 महीने की तैयारी के बाद अब पूरा सुभाष ब्रिज होगा ध्वस्त

ahmedabad subhash bridge

ahmedabad subhash bridge

अहमदाबाद का करीब 53 साल पुराना ऐतिहासिक सुभाष ब्रिज अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगा। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा इस ब्रिज की केवल मरम्मत करने के बजाय अब इसे पूरी तरह से तोड़कर नया बनाने की आधिकारिक घोषणा की गई है। ब्रिज की मरम्मत का काम पिछले 5 महीनों से चल रहा था, लेकिन इस दौरान इसके पिलर (खंभों) में गंभीर दरारें दिखने के बाद प्रशासन द्वारा इसे पूरी तरह हटाकर नया ब्रिज बनाने का फैसला लिया गया है।

 

IIT रुड़की की रिपोर्ट के बाद म्युनिसिपल कमिश्नर का एलान

ब्रिज के पिलर में दरारें दिखने पर AMC द्वारा IIT रुड़की और गांधीनगर की विशेषज्ञ एजेंसियों से इस संबंध में विशेष सर्वे कराया गया था। म्युनिसिपल कमिश्नर बंछानिधि पानी ने बताया कि कंसल्टेंसी और IIT रुड़की की रिपोर्ट के अनुसार, 53 साल पुराने पिलर कमजोर हो चुके हैं, इसलिए इन्हें भी नया बनाना जरूरी है। अगर ब्रिज के स्पैन और पिलर दोनों पूरी तरह से नए बनाए जाते हैं, तो इस नए ब्रिज की उम्र 100 साल तक बढ़ जाएगी और इसकी मजबूती भी काफी ज्यादा होगी।

 

प्रोजेक्ट की लागत बढ़ेगी और जनता को ट्रैफिक की परेशानी होगी

पहले इस ब्रिज की सिर्फ मरम्मत और आंशिक पुनर्निर्माण के लिए ₹236 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन अब पूरा ब्रिज नए सिरे से बनना है, जिससे प्रोजेक्ट का खर्च काफी बढ़ जाएगा। इसके अलावा, जो ब्रिज 9 महीने में तैयार होने वाला था, उसमें अब करीब डेढ़ साल (18 महीने) का समय लगेगा। इस लंबी अवधि के कारण स्थानीय नागरिकों को वाडज से घूमकर पूर्वी इलाके या एयरपोर्ट जाना पड़ेगा, जिससे पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच जनता की परेशानी और ट्रैफिक की समस्या और बढ़ेगी।

 

प्रशासन की घोर लापरवाही पर उठते सवाल

इस पूरे मामले में अहमदाबाद नगर निगम की गंभीर लापरवाही और प्लानिंग की कमी साफ तौर पर सामने आई है। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि जब एजेंसी ने शुरुआत में ब्रिज की मरम्मत की रिपोर्ट तैयार की थी, तब पिलर की ये दरारें क्यों नहीं दिखाई दीं? सुभाष ब्रिज पर 5 महीने तक काम चलने और करोड़ों रुपये स्वाहा होने के बाद अचानक ऐसी रिपोर्ट कहां से आ गई? प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण जनता के पैसे और समय दोनों की बर्बादी हो रही है।

Ketan Murder: होने वाली बहू सिया का जन्मदिन सेलिब्रेट करने के लिए ससुर ने बुक किए थे 70 रूम, जिसकी ख्वाहिशों को पलकों पर रखा उसने ये सिला दिया!

Ketan Agarwal Murder: महाराष्ट्र के मशहूर बिजनेसमैन के बेटे केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई संदिग्ध मौत में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिसे दुनिया एक दुखद हादसा समझ रही थी उसके पीछे साजिश की एक ऐसी खौफनाक दास्तान छिपी थी जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और उसे एक्सिडेंट का रूप देना चाहा। फिलहाल दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस बीच यह भी पता चला है कि केतन का परिवार अपनी होने वाली बहू के लिए लगातार एक से एक लग्जरी तैयारियां कर रहा था।

केतन का परिवार अपनी होने वाली बहू सिया गोयल को किस कदर पलकों पर बिठाकर रखता था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके जन्मदिन के लिए पांच सितारा होटल में 70 लग्जरी कमरे बुक किए गए थे। लेकिन जिस होने वाली बहू की हर ख्वाहिश को ससुर और मंगेतर पलकों पर रखते थे, उसने प्यार में अंधा होकर केतन को ऐसा खौफनाक सिला दिया। आइए जानते हैं इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की पूरी इनसाइड स्टोरी।

ससुर ने बुक किए थे 70 लग्जरी रूम

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के एक प्रमुख व्यवसायी और रियल एस्टेट बिजनेस के डायरेक्टर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल का परिवार अपनी होने वाली बहू सिया गोयल का जन्मदिन बेहद भव्य तरीके से मनाने की तैयारी कर रहा था। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने महाबलेश्वर के एक शानदार फाइव-स्टार होटल में करीब 70 कमरे बुक किए थे। यह आलीशान आयोजन 20 जून को सिया गोयल के जन्मदिन के जश्न के लिए प्लान किया गया था। इसमें दोनों परिवारों के सदस्यों को शामिल होना था।

सिया ने रची दूसरी ही साजिश

एक तरफ जहां केतन का परिवार इस जश्न की तैयारियों में डूबा था, वहीं सिया के दिमाग में कुछ और ही खौफनाक प्लान चल रहा था। इस मामले की जांच में पता चला है कि सिया ने बड़ी ही चालाकी से केतन को मनाकर महाबलेश्वर का यह भव्य बर्थडे सेलिब्रेशन कैंसिल करवा दिया और उसकी जगह उसे अपने साथ पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग ट्रिप पर ले गई।

18 जून को किले की खाई में धकेला, पहले भी की थीं कई कोशिशें

बीती 18 जून को लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने पुलिस को गुमराह करते हुए कहानी सुनाई थी कि ट्रेकिंग के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। इसके बाद पुलिस इसे सिर्फ एक एक्सीडेंट मानकर चल रही थी। जब जांच आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह पलट गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच प्रेम प्रसंग था और वे दोनों केतन को अपने रास्ते का कांटा समझते थे। इस कांटे को हटाने के लिए दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रची थी।

पुलिस के मुताबिक 18 जून को कामयाब होने से पहले भी दोनों केतन को रास्ते से हटाने की कई नाकाम कोशिशें कर चुके थे। इस घातक ट्रिप से पहले भी केतन और सिया कई बार लोहगढ़ किला घूमने गए थे, जहां प्लान को अंजाम देने की पिछली कोशिशें असफल रही थीं।

बाली में होने वाला था प्री-वेडिंग फोटोशूट, गायब कर दिया था केतन का पासपोर्ट!

जांच में यह भी सामने आया है कि इस साल की शुरुआत में केतन और सिया ने इंडोनेशिया के बाली में एक भव्य प्री-वेडिंग फोटोशूट की प्लानिंग की थी। लेकिन यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले अचानक केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इसकी वजह से वह पूरा इंटरनेशनल ट्रिप ही कैंसिल करना पड़ा था। जांचकर्ता अब इस एंगल और आरोपों की भी गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या केतन का पासपोर्ट किसी बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में जानबूझकर छुपाया गया था।

33 डिग्री की गर्मी में हुडी पहनने की भूल और सीसीटीवी का सुराग

इस पूरे मर्डर केस का पर्दाफाश करने में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण जरिया साबित हुआ। लोहगढ़ किले के पास लगे कैमरों में एक शख्स कैद हुआ था जो किले के आसपास लगभग 33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी होने के बावजूद हुडी पहने हुए घूम रहा था। इसी अजीब हरकत ने पुलिस का ध्यान खींचा और जांचकर्ताओं को उस पर गहरा शक हुआ। सीसीटीवी फुटेज को जब खंगाला गया तो साफ दिखा कि वह हुडी वाला शख्स ट्रेकिंग के दौरान केतन और सिया से कुछ ही दूरी पर लगातार उनका पीछा कर रहा था। इसी सीसीटीवी सुराग की मदद से पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की और चेतन चौधरी तक पहुंच गई।

दोनों कातिल सलाखों के पीछे, पुलिस खंगाल रही है पूरी कुंडली

सिया गोयल द्वारा सुनाई गई घटना की कहानी में कई विरोधाभास थे। इसने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। संदिग्धों से गहन पूछताछ और तकनीकी सबूतों के विश्लेषण के बाद पुलिस आखिरकार इस नतीजे पर पहुंची कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हत्या थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही हैं कि इस पूरी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेंसी में क्या इन दोनों के अलावा कोई और बाहरी व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

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‘ISIS को उखाड़ फेकेंगे’, ईरान डील के बीच अमेरिका ने सीरिया को दहलाया, आसमान से बरसाए बम; मारा गया सरगना अली हुसैन अल-उलैवी

US सेंट्रल कमांड सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में जानकारी दी है कि US सेना ने पिछले हफ्ते उत्तर-पश्चिमी सीरिया में एक हवाई हमला किया, जिसमें इस्लामिक स्टेट का एक सीनियर लीडर मारा गया।X पर जारी एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को किया गया यह हमला “विदेशों में या US की जमीन पर अमेरिकि

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US सेंट्रल कमांड सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में जानकारी दी है कि US सेना ने पिछले हफ्ते उत्तर-पश्चिमी सीरिया में एक हवाई हमला किया, जिसमें इस्लामिक स्टेट का एक सीनियर लीडर मारा गया।X पर जारी एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को किया गया यह हमला “विदेशों में या US की जमीन पर अमेरिकि

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Viral Post: 27 करोड़ से सीधा 15 करोड़! IPL ट्रेड के बाद हर्ष गोयनका ने ऋषभ पंत को लेकर कही ये बात

सोशल मीडिया पर इस समय आईपीएल में दो टीमों के बीच हुए ट्रेड डील की काफी चर्चा है। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच सबसे बड़ा ट्रेड हुआ। इस डील के बाद ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में लौट गए हैं, वहीं स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़ गए है। इससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि में अपनी टीम में शामिल किया था, जिसके बाद वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों बन गए। हाल ही में पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़ गए हैं, जहां उनकी नई फीस 15 करोड़ रुपये तय की गई है। ये रकम उनके पिछले अनुबंध की तुलना में काफी कम है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग इस पर कई तरह से रिएक्शन दे रहे है।

इसी बीच आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों काफी चर्चा में है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का उदाहरण देते हुए कॉर्पोरेट जगत में मिलने वाले वेतन और आईपीएल खिलाड़ियों की कीमत में होने वाले बदलाव की तुलना की। हर्ष का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हर्ष गोयनका ने किया पोस्ट

इस पूरे घटनाक्रम पर रिएक्शन देते हुए हर्ष गोयनका ने पेशेवर खेल और कॉर्पोरेट दुनिया के बीच के अंतर को उजागर किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, “ऋषभ पंत: 27 करोड़ रुपये ➝ 15 करोड़ रुपये। जरा सोचिए, अगर किसी सीईओ से कहा जाए कि पिछले साल आपको 27 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन इस साल प्रदर्शन और बाजार की मांग को देखते हुए आपका वेतन घटाकर 15 करोड़ रुपये किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे लिखा, “कॉर्पोरेट दुनिया में ऐसी बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत नीलामी और बाजार की मांग तय करती है। शुक्र है कि हममें से ज्यादातर लोग कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करते हैं।”

लोगों ने किया कमेंट

हर्ष गोयनका की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इस बात पर अपनी राय रखी कि क्या खिलाड़ियों की कमाई और उनकी कीमत की तुलना कॉर्पोरेट कर्मचारियों की सैलरी से की जा सकती है। इस पोस्ट पर लोगों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दिए हैं। एक यूजर ने खिलाड़ियों की कीमत तय करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए लिखा, “परफॉर्मेंस क्या है? 15 करोड़ रुपये भी बहुत ज्यादा लगते हैं। इसकी शुरुआत 2 करोड़ रुपये से होनी चाहिए और फिर खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर रकम बढ़नी चाहिए।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने आईपीएल और कॉर्पोरेट नौकरी की तुलना को गलत बताते हुए कहा, “ये दोनों पूरी तरह अलग चीजें हैं सर। कॉर्पोरेट नौकरी 12 महीने की होती है, जबकि आईपीएल सिर्फ 2 महीने का टूर्नामेंट है। कॉर्पोरेट में अगर आपका प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो कंपनी आपको बाहर कर सकती है और फिर आपको कुछ नहीं मिलेगा।”

चर्चा में ऋषभ पंत

ऋषभ पंत की कीमत और आईपीएल में उनकी वैल्यू को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा हो रही है। ऋषभ पंत लंबे समय से दिल्ली कैपिटल्स के अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया और कप्तानी भी संभाली। अब वह फिर से दिल्ली कैपिटल्स में लौट आए हैं। वहीं इस बार उनकी कीमत पहले के मुकाबले कम रही, जिसके बाद आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत और ट्रेड को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है।

Bharat Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद उनके भाई चंदन तिवारी ने कर दिया बड़ा ऐलान, अंतिम संस्कार के बाद करेंगे ये काम

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले में 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर परिवार का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतक के भाई चंदन तिवारी ने मीडिया से बातचीत में न्याय की मांग करते हुए लोगों से समर्थन की अपील की है। चंदन तिवारी ने यह भी ऐलान किया है कि वह अपने भाई का अंतिम संस्कार करने के बाद दिल्ली में इंसाफ की मांग करते हुए प्रदर्शन करेंगे। उन्होने कहा कि मेरी गुज़ारिश है कि आप वहां आकर मेरा साथ दें। भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद बिहार पुलिस सवालों के घेर में है।

चंदन तिवारी ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, “मैं इतना कहना चाहता हूं कि अपने भाई का अंतिम संस्कार करने के बाद मैं दिल्ली जाऊंगा। मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं कि वहां आकर मेरा समर्थन करें।” उनके इस बयान को परिवार की ओर से न्याय की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार उठा रहा एनकाउंटर पर सवाल

भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद परिजन कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। परिवार का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरी घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए। चंदन तिवारी के दिल्ली जाने और समर्थन मांगने के बयान के बाद इस मामले में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया भी तेज हो सकती है। परिवार न्यायिक जांच और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पड़ताल की मांग कर रहा है।

जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई

फिलहाल मामले की जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार है। एनकाउंटर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों और पुलिस के पक्ष की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में सभी दावों को जांच पूरी होने तक आरोप और प्रत्यारोप के रूप में ही देखा जा रहा है।

भरत के गांव पहुंचे प्रशांत किशोर

इस बीच, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बुधवार को भोजपुर जिले में हालिया कथित पुलिस मुठभेड़ में जान गंवाने वाले भरत भूषण तिवारी के पैतृक गांव पहुंचे और उसके परिजनों से मुलाकात की। जन सुराज पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि भरत भूषण के परिजनों ने न्याय दिलाने में किशोर से मदद की अपील की थी। उन्हें पंचायत बैठक में आमंत्रित किया था।

किशोर ने भोजपुर में पत्रकारों से कहा, “पीड़ित परिवार की मांग बिल्कुल स्पष्ट है। उन्हें न तो पैसा चाहिए, न मुआवजा और न ही सरकारी नौकरी। उन्हें न्याय चाहिए और न्याय तभी मिलेगा जब उस व्यक्ति की हत्या करने वालों तथा ऐसा करने का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।”

उन्होंने मांग की है कि न्यायिक जांच किसी रिटायर जज के बजाय कार्यरत जज की निगरानी में कराई जाए और जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जाए। किशोर ने कहा कि न्यायिक जांच का दायरा केवल जिला पुलिस प्रशासन तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि बिहार के गृह विभाग, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), पुलिस महानिदेशक और राज्य के गृह मंत्री की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

एनकाउंटर के बाद बवाल

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में बिलौती गांव के भरत भूषण तिवारी की पिछले सप्ताह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने इसे कथित रूप से फर्जी मुठभेड़ बताते हुए पुलिस पर न्यायेतर हत्या का आरोप लगाया है। जन सुराज पार्टी ने रविवार को पटना में मोमबत्ती मार्च निकालकर तिवारी के लिए न्याय की मांग की थी।

मुठभेड़ के बाद अधिकारियों ने कहा था कि तिवारी लगातार पुलिस पर गोलीबारी कर रहा था, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर तिवारी एनकाउंट से पहले हथियार डालते हुए नजर आ रहा है।

तिवारी की मां की शिकायत के आधार पर इस मामले में घटना से जुड़े कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

भोजपुर जिले के बिलौती गांव में आयोजित ‘महापंचायत’ को संबोधित करते हुए किशोर ने कहा कि मामले में पटना में बैठे शीर्ष अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह लोगों के साथ पटना जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात का प्रयास करेंगे और मुलाकात नहीं होने पर उनके आवास का घेराव करेंगे।