Gold-Silver Price Crash: बाजार खुलते ही सोना धड़ाम, 3 दिनों में ₹11,000 सस्ती हुई चांदी! जानें अपने शहर के ताजा रेट्स

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Gold Price Crash: अगर आप भी शादी-ब्याह के सीजन या निवेश के लिए सोना और चांदी खरीदने का मन बना रहे थे, तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। घरेलू और वैश्विक सर्राफा बाजार से आज एक बहुत बड़ी गिरावट की खबर आ रही है। लगातार बढ़ रही कीमतों के बाद अचानक सोने और चांदी के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 

 

सर्राफा बाजार खुलते ही जहां सोना काफी नीचे फिसल गया, वहीं चांदी की कीमतों में पिछले 3 दिनों के दौरान तकरीबन ₹11,000 प्रति किलोग्राम तक की भारी कटौती देखने को मिली है। आइए जानते हैं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और आपके शहर के रिटेल मार्केट का ताजा लाइव अपडेट। 

क्या है आज गिरावट की असली वजह?

ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयानों के बाद सर्राफा बाजार में बिकवाली का दौर हावी हो गया है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक बदलावों के चलते निवेशकों ने कीमती धातुओं से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है, जिससे भारतीय बाजारों में भी कीमतें तेजी से गिरी हैं। 

MCX लाइव डेटा: आज क्या चल रहे हैं वायदा भाव?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज सोने और चांदी दोनों के वायदा अनुबंधों (Futures) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है: 

  • MCX गोल्ड (अगस्त वायदा) : लगभग 1.28% टूटकर ₹1,44,654 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। 
  • MCX सिल्वर (जुलाई वायदा) : इसमें सबसे भारी गिरावट आई है, चांदी का वायदा भाव ₹3,400 से ज्यादा की गिरावट के साथ ₹2,22,421 प्रति किलोग्राम के पास आ गया है। पिछले कुछ सत्रों के उच्चतम स्तर से तुलना करें तो इसमें करीब ₹11,000 तक की बड़ी रिकवरी (कमी) देखी गई है। 

22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में अंतर (Live Retail Rates)

रिटेल मार्केट और ज्वेलरी शॉप्स पर 22K (ज्वेलरी के लिए इस्तेमाल होने वाला) और 24K (शुद्ध सोना) के दाम प्रति 10 ग्राम इस प्रकार हैं: 

Gold rate

नोट: ऊपर दिए गए खुदरा रेट्स में 3% GST और मेकिंग चार्ज (ज्वेलरी बनाने का शुल्क) शामिल नहीं हैं। अंतिम बिलिंग के समय आपके शहर में यह थोड़े अलग हो सकते हैं। 

 

भारत के मुख्य शहरों में चांदी का ताजा भाव (Silver Rates Today)

हाजिर बाजार में भी चांदी की कीमतें टूटने के बाद अब स्थिर नजर आ रही हैं। देश के महानगरों में प्रति किलो चांदी का रेट इस प्रकार है: 

  • मुंबई / दिल्ली / कोलकाता / बेंगलुरु: ₹2,45,000 प्रति किलोग्राम 
  • चेन्नई / हैदराबाद: ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम

निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह : कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो लॉन्ग टर्म के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, डिजिटल गोल्ड या फिजिकल ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं। हालांकि, खरीदारी करने से पहले अपने नजदीकी हॉलमार्क प्रमाणित ज्वेलर्स से लाइव रेट्स जरूर क्रॉस-चेक कर लें।

(नोट : सोना-चांदी के इन भावों में समय के अनुसार बदलाव संभव है)

 

कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर CM धामी हुए सख्‍त, बोले- दोषी के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई…

Chief Minister Pushkar Singh Dhami's statement regarding incidents in Karnaprayag and Nagrasu

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन और पुलिस पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई। सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन और पुलिस पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई। सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और भड़काऊ खबरों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जो लोग अफवाहें फैलाकर समाज में तनाव पैदा करने या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों सिख समाज और सभी समुदायों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां सभी धर्मों और श्रद्धास्थलों का सम्मान किया जाता है।

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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह बात कही। उल्‍लेखनीय है कि उत्तराखंड में सिख गुरुओं की ओर से स्थापित 3 प्रमुख पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब व नानकमत्ता साहिब स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Edited By : Chetan Gour

मौसम की अनिश्चितता के बीच CM योगी का बड़ा फैसला, किसानों को हर सुविधा समय पर देने के निर्देश

Amid uncertainty of weather Chief Minister Yogi Adityanath took big decision

– खरीफ अभियान, पेयजल, पशुधन संरक्षण एवं जल संरक्षण की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी ने की विस्तृत समीक्षा

– बीज, उर्वरक, सिंचाई और फसली ऋण की व्यवस्था पर विशेष जोर, जमीनी स्तर पर हो सतत निगरानी

– खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करें, किसानों को समय पर उपलब्ध हों सभी संसाधन- पशुधन संरक्षण, चारा भंडारण और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के अंतर्गत आने वाले विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि मौसम की अनिश्चितता और वर्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए प्रदेश को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। ऐसे में किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई जल, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण तथा वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए। 

 

बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में 106.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी। इस वर्ष धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन तथा कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई तथा 4.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान नर्सरी का आच्छादन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए किसानों को समय पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

 

संभावित अल्पवृष्टि अथवा सूखे की स्थिति के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न परिस्थितियों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है। आवश्यकता पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा।

किसानों को संदेश सेवा, आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा अन्य माध्यमों से कृषि संबंधी तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम कवरेज तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

बीज उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026 में अनुदान पर बीज वितरण का लक्ष्य 2.29 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 1.77 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 1.12 लाख क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रहे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।

 

उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जाए तथा कृत्रिम कमी अथवा कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाए।

 

उद्यान विभाग की समीक्षा में बताया गया कि सूखा प्रबंधन की रणनीति के तहत 125 हाईटेक नर्सरियों के माध्यम से 15 करोड़ सब्जी पौध उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सिंचाई तथा लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि नहर प्रणाली का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाया जाए।

प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर सिंचाई संसाधनों तथा कृषि आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग में पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

 

पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संभावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।

भूसा संग्रहण अभियान के अंतर्गत 131.40 लाख क्विंटल के लक्ष्य के सापेक्ष 136.01 लाख क्विंटल भूसा संग्रहित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान निरंतर संचालित हैं तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के माध्यम से चौबीसों घंटे सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने चारा भंडारण तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

 

पंचायती राज विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों के संरक्षण, हैंडपंपों के अनुरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
Edited By : Chetan Gour

इससे सस्ता नहीं कभी न मिलेगा iPhone 17, आने वाली है धमाकेदार सेल!

Apple iPhone 17 Sale

Apple iPhone 17 Sale: अगर आप भी काफी समय से Apple का लेटेस्ट और प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 17 खरीदने की सोच रहे थे, लेकिन बजट के कारण अपने कदम पीछे खींच रहे थे, तो अब आपके लिए जश्न मनाने का समय आ गया है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर साल की सबसे बड़ी स्मार्टफोन सेल लाइव होने जा रही है, जहां iPhone 17 पर अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक डिस्काउंट मिलने वाला है।

 

कंपनी के इतिहास में पहली बार इस प्रीमियम फ्लैगशिप फोन की कीमत इतनी कम होने वाली है कि आप भी कहेंगे—“ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा!” आइए जानते हैं इस धमाकेदार डील और ऑफर्स की पूरी डिटेल।

 

iPhone 17 पर मिलने वाले ऑफर्स की पूरी गणित (Expected Deals)

इस अपकमिंग सेल में केवल फ्लैट डिस्काउंट ही नहीं, बल्कि बैंक ऑफर्स और एक्सचेंज बोनस का भी ऐसा कॉम्बिनेशन मिल रहा है, जो इसकी कीमत को आसमान से सीधे जमीन पर ले आएगा।

Apple iPhone 17 Sale

 

नोट : एक्सचेंज वैल्यू पूरी तरह से आपके पुराने स्मार्टफोन के मॉडल और उसकी वर्किंग कंडीशन पर निर्भर करेगी। अगर आपके पास पुराना आईफोन है, तो आपको बेस्ट वैल्यू मिलेगी।

क्यों खास है iPhone 17? फीचर्स जो इसे बनाते हैं 'वैल्यू फॉर मनी'

अगर आप सोच रहे हैं कि क्या इस सेल में iPhone 17 को खरीदना सही फैसला होगा, तो इसके इन अपग्रेड्स पर एक नज़र डाल लीजिए:

  • 120Hz ProMotion डिस्प्ले : इस बार बेस मॉडल में भी Apple ने 6.3-इंच का बड़ा सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले दिया है जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यानी स्क्रॉलिंग होगी मक्खन जैसी स्मूथ!
  • A19 चिपसेट की सुपरफास्ट स्पीड : इसमें लगी है Apple की लेटेस्ट A19 चिप, जो हैवी गेमिंग से लेकर वीडियो एडिटिंग और 'Apple Intelligence' (AI) के सारे टास्क चुटकियों में निपटा देती है।
  • कैमरा जो सब बदल दे : पहली बार बैक में 48MP का फ्यूजन अल्ट्रा-वाइड कैमरा और फ्रंट में 18MP का Center Stage सेल्फी कैमरा दिया गया है, जो रील्स और 4K वीडियो रिकॉर्डिंग के शौकीनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
  • दमदार बैटरी लाइफ : Apple का दावा है कि इसकी बैटरी 30 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक दे सकती है, यानी बार-बार चार्जर ढूंढने की टेंशन खत्म।

सेल में बेस्ट डील कैसे पाएं? (Smart Buying Tips)

1. विशलिस्ट में अभी जोड़ें : सेल शुरू होने से पहले ही iPhone 17 को अपने कार्ट या विशलिस्ट में सेव कर लें, क्योंकि स्टॉक बहुत जल्दी आउट हो जाता है।

2. कार्ड्स और एड्रेस पहले से रखें तैयार : अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल्स और डिलीवरी एड्रेस को पहले से सेव रखें ताकि 'चेकआउट' करते समय समय बर्बाद न हो।

3. नो-कॉस्ट EMI का विकल्प : अगर आपका बजट एक बार में पूरी रकम देने का नहीं है, तो आप 6 से 9 महीने की नो-कॉस्ट EMI का फायदा उठाकर इसे हर महीने छोटी किस्त देकर अपना बना सकते हैं।

 

अगर आप अपने पुराने फोन को अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, तो इससे बेहतर मौका साल 2026 में दोबारा नहीं आने वाला। अपनी नजरें सेल की तारीखों पर टिकाए रखें!

(डिस्क्लेमर : यह जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। iPhone 17 खरीदते समय सभी चीजों की पहले अच्छे से जांच कर लें।) 

अहमदाबाद में बनेंगे हाईटेक स्मार्ट बस स्टैंड, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

High tech smart bus stands to be built in Ahmedabad

Ahmedabad Gujarat news : अहमदाबाद शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने हाईटेक स्मार्ट बस स्टैंड विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस परियोजना के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टैंड बनाए जाएंगे, जो यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक और तकनीक-आधारित बनाएंगे।

 

पहले चरण में शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर स्मार्ट बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इन बस स्टैंडों पर आरामदायक और सुरक्षित वेटिंग एरिया, रियल-टाइम बस सूचना दिखाने वाले डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, वायरलेस मोबाइल चार्जिंग की सुविधा और अन्य आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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स्मार्ट बस स्टैंड पर लगाए जाने वाले डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान की त्वरित जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें बस का इंतजार करने में आसानी होगी। इसके अलावा, वेटिंग एरिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

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AMC की इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शहर में तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सुविधाओं के बीच यह पहल अहमदाबाद को और अधिक आधुनिक तथा स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Edited By : Chetan Gour

फूड डिलीवरी मार्केट में छिड़ी नई जंग, जानिए रैपिडो की एंट्री से स्विगी और जोमैटो में किसको होगा ज्यादा नुकसान

फूड डिलीवरी सेगमेंट में नई जंग छिड़ गई है। स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चैलेंज करने के लिए इस सेक्टर में एक नया खिलाड़ी उतर गया है। रैपिडो ने फूड डिलीवरी सेगमेंट में एंट्री मारी है। रैपिडो का राइडर्स नेटवर्क और जीरो कमीशन मॉडल इस स्पेस के मैट्रिक्स को बदलने की क्षमता रखते हैं। “Ownly” नाम से फूड डिलीवरी में रैपिडो की एंट्री हुई है। इससे स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चुनौती मिलने की उम्मीद है। Ownly का फोकस कम बजट वाले कस्टमर पर है।

स्विगी ने किया अंडरपरफॉर्म

इटरनल और स्विगी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्विगी ने अंडरपरफॉर्म किया है। इटरनल ने इस साल अब तक 9 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 2 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है। वहीं, स्विगी ने इस साल अब तक 37 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 38 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

रैपिडो के मॉडल में क्या है अंतर?

रैपिडो रेस्टोरेंट्स के लिए 0% कमीशन मॉडल पर काम करेगा। वहीं, स्विगी और जोमैटो रेस्टोरेंट्स से 16 से 30 फीसदी तक कमीशन वसूलतें हैं। इसको ध्यान में रखते हुए रैपिडो का दांव मजबूत दिख रहा है। इसके पास राइडर्स का एक बड़ा नेटवर्क है। कंपनी को पहले से मौजूद बाइक-टैक्सी ड्राइवर्स का सीधा फायदा मिलेगा। इससे लागत कम करने में मदद मिलेगी

रैपिडो को दमदार रिस्पॉन्स!

रैपिडो को रेस्टोरेंट्स का अच्छा साथ मिला है। शुरुआती 3 महीनों में ही रैपिडो से 15% पार्टनर रेस्टोरेंट्स जुड़े हैं। Ownly के 3 महीने में 10 लाख डाउनलोड्स हुए हैं। स्विगी के ऐप Toing के करीब 60 लाख डाउनलोड्स हैं।

स्विगी के लिए क्यों निगेटिव?

ब्रोकरेज हाउस स्विगी के’Instamart’को 0 वैल्यूएशन दे रहे हैं। रैपिडो की एंट्री से जोमैटो से ज्यादा स्विगी को नुकसान हो सकता है। स्विगी ने भी बजट कस्टमर के लिए ही Toing ऐप उतारा है।

इटरनल और स्विगी के शेयरों पर एक नजर

इटरनल के शेयर पर नजर डालें तो एनएसई पर यह शेयर 1.15 बजे के आसपास 3.90 रुपए यानी 1.51 फीसदी की गिरावट के साथ 255 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 260.95 रुपए और दिन का लो 253.80 रुपए है। इस शेयर ने 1 हफ्ते में 0.95 फीसदी की कमजोरी दिखाई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 5.81 फीसदी और 3 महीने में 7.61 फीसदी की तेजी दिखाई है। 1 साल में इसने 0.44 फीसदी रिटर्न दिया है।

स्विगी की बात करें तो यह शेयर 6.70 रुपए यानी 2.68 फीसदी की गिरावट के साथ 243 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। 1 हफ्ते में इसमें 6.19 फीसदी की कमजोरी आई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 2.64 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 3 महीने में यह शेयर 11.73 फीसदी टूटा है। इस साल अब तक इसमें 37.02 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, 1 साल में यह शेयर 37.96 फीसदी टूटा है।

 

Adani Enterprises Share Price : मॉर्गन स्टेनली की बुलिश रिपोर्ट के बाद 2% भागा शेयर, 2 लाख करोड़ रुपये के पावर कैपेक्स प्लान ने भी भरा जोश

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

60% सैलरी हाइक के ऑफर पर जॉब बदलने में इस शख्स ने की ऐसी गलती कि अब पछता रहा! Job स्विच करते वक्त आप भी रखें ये ख्याल

आज के अनिश्चित जॉब मार्केट में जब भी किसी को बड़ी सैलरी हाइक का ऑफर मिलता है तो वह बिना ज्यादा सोचे-समझे तुरंत कंपनी बदल लेता है। सवाल ये है कि क्या सिर्फ भारी-भरकम पैकेज देखकर नौकरी बदलना हमेशा सही होता है? बेंगलुरु के एक टेक प्रोफेशनल के सोशल मीडिया पोस्ट ने इस विषय पर इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। सनी कुमार नाम के एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। ये काफी वायरल हो रहा है। उन्होंने अपने एक दोस्त की आपबीती सुनाते हुए दावा किया है कि आज के दौर में किसी छोटी कंपनी में ज्यादा सैलरी पाने से बेहतर है कि आप किसी बड़ी कंपनी में थोड़ी कम सैलरी पर काम करें। आइए जानते हैं कि उनके दोस्त ने 60% हाइक के चक्कर में क्या गलती की और नौकरी बदलते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

60% हाइक का ऑफर और फिर लग गया बड़ा झटका

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 ने इस वायरल वीडियो पर डिटेल्ड रिपोर्ट की है। इसके मुताबिक सनी कुमार ने वीडियो में बताया कि उनका एक दोस्त पुणे में मास्टरकार्ड जैसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था। वहां उसकी सैलरी अच्छी थी, वर्क प्रोफाइल पूरी तरह स्टेबल था और वह अपने करियर में काफी अच्छा कर रहा था। इसी बीच उसे एक कंसल्टेंसी फर्म से 60 फीसदी सैलरी हाइक का बड़ा ऑफर मिला। इतने बड़े पैकेज के लालच में आकर उसने मास्टरकार्ड की स्टेबल नौकरी छोड़ दी और नई कंपनी जॉइन कर ली।

6 महीने में ही पलट गई बाजी

सनी के मुताबिक यह फैसला उनके दोस्त के लिए सही साबित नहीं हुआ। नई कंसल्टेंसी कंपनी को जॉइन किए हुए अभी महज छह महीने ही हुए थे कि कंपनी के हाथ से वो प्रोजेक्ट ही फिसल गया जिसके लिए उनके दोस्त को हायर किया गया था। इसके तुरंत बाद कंपनी ने उसके दोस्त से कहा कि या तो वह खुद इस्तीफा दे दे या फिर उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।

आईटी सेक्टर में अस्थिरता: सनी कुमार की सलाह

इस घटना का उदाहरण देते हुए सनी कुमार ने प्रोफेशनल्स को सलाह दी है कि वे सिर्फ बड़ा पे-चेक देखकर नौकरी बदलने से पहले दो बार जरूर सोचें। उन्होंने वीडियो में कहा कि अगर आप एक अच्छी और स्टेबल कंपनी में हैं, जहां आपकी सैलरी अच्छी है तो मेरा सुझाव यही होगा कि भले ही आपको 60-70% या 100% तक की हाइक भी क्यों न मिल रही हो, कम से कम अगले 6 महीने से एक साल तक जॉब स्विच न करें। इन दिनों आईटी सेक्टर काफी वोलटाइल यानी अस्थिर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सनी कुमार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर नौकरीपेशा लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने सनी की बात से सहमति जताते हुए कहा कि जॉब सिक्योरिटी जरूरी है लेकिन मेट्रो शहरों की हकीकत भी देखनी होगी। यूजर ने लिखा कि कम सैलरी में मेट्रो शहर के कमरे का किराया और राशन का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इसलिए किसी के बहकावे में आने के बजाय अपना फैसला खुद लें। मास्टरकार्ड अच्छी कंपनी है और हमें समझना चाहिए कि हर बार बात सिर्फ हाइक की नहीं, स्टेबिलिटी की होती है।

एक दूसरे यूजर ने कुमार के विचार का समर्थन करते हुए लिखा कि मैं हमेशा सुनिश्चित करता हूं कि जब भी जॉब बदलूं तो एक बड़ी कंपनी से दूसरी बड़ी कंपनी में ही जाऊं। मैं किसी छोटी कंपनी में नौकरी खोने का रिस्क और उसका रोज का तनाव नहीं झेल सकता।

दूसरा पक्ष: बड़ी कंपनियां भी नहीं हैं लेऑफ से सुरक्षित

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सनी के इस तर्क का विरोध किया कि बड़ी कंपनियां पूरी तरह सुरक्षित होती हैं। उन्होंने इसके लिए उदाहरण भी दिए। एक यूजर ने कमेंट किया कि कोई भी कंपनी सुरक्षित नहीं है।। मुझे बीती 15 जून को ही HSBC से लेऑफ (नौकरी से निकालना) कर दिया गया। दूसरे यूजर ने लिखा कि क्या गारंटी है कि मास्टरकार्ड से भी उसे नहीं निकाला जाता… आजकल बड़ी कंपनियां भी बहुत ज्यादा रीस्ट्रक्चरिंग कर रही हैं। एक तीसरे शख्स ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘निकाले तो आप बड़ी कंपनी से भी जा सकते हैं और छोटी से भी। अंतर बस इतना है कि छोटी कंपनी ने कम से कम वहां रहने के दौरान आपको 60% ज्यादा पैसे तो दिए।’

जॉब स्विच करते वक्त केवल कंपनी का साइज न देखें, इन बातों का रखें ख्याल

बहस के बीच एक यूजर ने बहुत ही काम की सलाह दी कि फैसला सिर्फ कंपनी के छोटे या बड़े होने के आधार पर नहीं होना चाहिए बल्कि आज के दौर में कुछ अन्य महत्वपूर्ण चीजों का एनालिसिस करना जरूरी है:

SaaS कंपनियों से बचें: यूजर के मुताबिक इन दिनों SaaS (सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस) कंपनियों में जाने से बचना चाहिए। नौकरी बदलने से पहले कंपनी के ग्लोबल हेडकाउंट और भारत में उनके कर्मचारियों की संख्या की जांच करें। कंपनी का कुल रेवेन्यू कितना है और उसका नेट प्रॉफिट क्या है, इसकी जानकारी जरूर जुटाएं। कंपनी के भविष्य के प्लान क्या हैं और वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कितना निवेश कर रहे हैं, इन सभी पहलुओं को चेक करने के बाद ही कोई फैसला लें।

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यूरोप में किलर हीट वेव से 58 लोगों की मौत, ग्रीस में तापमान 45 पार, कई देशों में रेड अलर्ट और इमरजेंसी मीटिंग्स

Europe killer heat wave

Europe killer heat wave: यूरोप इस समय कुदरत के सबसे भयानक प्रकोप का सामना कर रहा है। पूरे महाद्वीप में जारी भीषण 'किलर हीट वेव' (Heatwave) ने अब तक 58 लोगों की जान ले ली है। ग्रीस में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि फ्रांस में सरकार को आपातकालीन संकट बैठकें बुलानी पड़ी हैं, जर्मनी में देशव्यापी गंभीर चेतावनी जारी की गई है और इटली में पर्यटकों व आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। वैश्विक मौसम एजेंसियों का कहना है कि यह गर्मी आने वाले दिनों में और भी खतरनाक रूप अख्तियार कर सकती है।

 

यूरोप में भीषण गर्मी का संकट : देश-वार स्थिति और तापमान

Europe killer heat wave

 

फ्रांस में संकटकालीन बैठक, 2003 और 2019 की यादें ताजा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक हाई-लेवल संकटकालीन बैठक बुलाई है। राष्ट्रीय मौसम एजेंसी 'मेटीयो फ्रांस' ने चेतावनी दी है कि यह जानलेवा गर्मी अगले सप्ताह भी जारी रहेगी। मौसम विभाग ने मौजूदा स्थिति की तुलना साल 2003 और 2019 के उस भीषण दौर से की है, जब यूरोप में हजारों लोगों की मौत हुई थी। ALSO READ: भीषण गर्मी से बचने के लिए मुंबई में लोग सी-बीच पर सोने को मजबूर, IMD ने बताया कब मिलेगी राहत?

 

गर्मी के चलते कई सख्त कदम उठाए गए हैं:

  • शराब पर प्रतिबंध : फ्रांस के कई हिस्सों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए शराब की बिक्री पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • फैन जोन बंद : स्पेन में अत्यधिक गर्मी के कारण फुटबॉल फैन जोन को पूरी तरह बंद करना पड़ा है।
  • 24 घंटे खुले रहेंगे पार्क : पेरिस के प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए पार्कों को चौबीसों घंटे खुला रखने का फैसला किया है।

पर्यटन बना सहनशक्ति की परीक्षा, ठंडक की तलाश में भटके लोग

आल्प्स पर्वतमाला के दूसरी ओर, इटली के प्रमुख शहरों में दैनिक जीवन और पर्यटन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रोम की तपती धूप ने दर्शनीय स्थलों की यात्रा को एक कठिन परीक्षा में बदल दिया है। मशहूर 'कोलोसियम' के बाहर चिलचिलाती धूप में कतारों में खड़े पर्यटक बेहाल दिखे, जिसके बाद कई लोगों ने 'टेम्पल ऑफ क्लॉडियस' के आधे छिपे हुए अवशेषों के नीचे बने ठंडे भूमिगत स्थानों में जाकर जान बचाई।

 

वहीं, उत्तरी शहर बोलोग्ना में लोग 16वीं शताब्दी के ऐतिहासिक नेप्च्यून फव्वारे के पानी से अपना चेहरा ढकते और पोर्टिकोज़ (स्तंभों वाले बरामदों) की छांव में छिपे नजर आए। दूसरी ओर, पोलैंड की राजधानी वारसॉ में नागरिक विस्तुला नदी के किनारे गर्मी से राहत ढूंढ रहे हैं।

अर्थव्यवस्था और मानव जीवन पर दोहरी मार

वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण पूरे यूरोप में हीटवेव अब पहले से कहीं अधिक बार और अधिक घातक होकर आ रही है। यह न सिर्फ एक स्वास्थ्य आपातकाल है, बल्कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा झटका है। ALSO READ: Weather Update : मानसून हुआ धीमा, कई राज्‍यों में गर्मी की मार, बढ़ा बारिश का इंतजार

 

भीषण गर्मी का सीधा असर देश की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। एक तरफ जहां चिलचिलाती धूप के कारण वर्कफोर्स की उत्पादकता (Productivity) में भारी गिरावट आती है, वहीं दूसरी तरफ कूलिंग के लिए बिजली की खपत (Energy Consumption) रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ जाती है। -इमैनुएल मौलिन, गवर्नर (बैंक ऑफ फ्रांस)

 

मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं के अनुसार, सोमवार को यह गर्मी अपने चरम (Peak) पर पहुंच सकती है, जिससे तापमान पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। जर्मनी की मौसम सेवा 'डीडब्ल्यूडी' ने यह भी सचेत किया है कि इस अत्यधिक उमस और गर्मी के मेल से आने वाले दिनों में विनाशकारी आंधी-तूफान और स्प्रिंग फ्लड की स्थिति बन सकती है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Devina Gehlot CUET UG 2026 AIR 1: 1232 अंकों के साथ टॉपर बनी देविना गहलोत ने इस नुस्खे से पाई सफलता, जानें क्या है देविना का सक्सेस मंत्र

Devina Gehlot CUET UG 2026 AIR 1: दिल्ली की देविना गहलोत का नाम सुर्खियों में छाया हुआ है। हाल ही में घोषित हुए सेंट्रल यूनिवर्सिटी एट्रेंस टेस्ट (CUET) यूजी 2026 के रिजल्ट में देविना ने 1232.19 अंकों हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 प्राप्त की है। देविना ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि सीयूईटी यूजी 2026 टॉपर होने का। वह कई बार अपने रोल नंबर का मिलान आधिकारिक वेबसाइट से कर चुकी हैं। बता दें, देविना दिल्ली के पूर्व ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत की बेटी हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेसी (NTA) ने मंगलवार, 23 जून 2026 को सीयूईटी यूजी 2026 का रिजल्ट घोषित किया। इस रिजल्ट में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) वसंत कुंज की छात्रा देविना गहलोत ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। सीयूईटी यूजी भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके लिए इस साल 15 लाख से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन हुए थे। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में देविना ने कहा कि यह रिजल्ट एक सुखद सरप्राइज था। हालांकि उन्हें अच्छे मार्क्स की उम्मीद थी, लेकिन देश में सबसे ऊंची रैंक हासिल करने की उम्मीद नहीं की थी।

देविना का सक्सेस मंत्र

टॉपर देविना ने अपनी सफलता का श्रेय लंबे समय तक पढ़ाई करने के बजाय अनुशासन और निरंतरता को दिया। उन्होंने बताया कि एक नियमित रूटीन बनाए रखने से उन्हें तैयारी के दौरान फोकस्ड रहने में मदद मिली। नियमित रिवीजन सत्र और प्लान्ड ब्रेक उनकी रोजाना की तैयारी का एक जरूरी हिस्सा थे। देविना ने कहा, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी ने मुख्य विषयों की समझ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। बोर्ड की तैयारी के दौरान मिली जानकारी सीयूईटी यूजी में सवालों को हल करने में काम आई।

देविना ने अपना सक्सेस मंत्र शेयर करते हुए कहा, ‘मैंने एनसीईआरटी की किताबों पर भरोसा किया। पढ़ाई के लिए बहुत सारी चीजें इकट्ठा करने के बजाय मैंने कुछ भरोसेमंद सोर्स से कॉन्सेप्ट समझने पर ध्यान दिया। साथ ही पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर से भी खूब प्रैक्टिस की।’

देविना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को बहुत ज्यादा स्टडी रिसोर्स इकट्ठा करने से बचने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कॉन्सेप्ट की साफ समझ ढेर सारे मटीरियल कवर करने की कोशिश करने से ज्याद काम की है।

उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान आत्मविश्वास के महत्व पर भी जोर दिया। देविना ने कहा, ‘बेवजह का प्रेशर अक्सर प्रदर्शन पर असर डालता है और खुद पर विश्वास को कमजोर करता है। शांत रहना और अपनी कोशिशों पर भरोसा करना, कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं के दौरान बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है।’

सीयूईटी यूजी 2026: कैसा रहा रिजल्ट

कैटेगरी नंबर

रजिस्टर्ड कैंडिडेट : 15.68 लाख+

शामिल हुए कैंडिडेट : 11.64 लाख+

हिस्सा लेने वाली यूनिवर्सिटी : 280+

एग्जाम कंडक्ट करने वाली एजेंसी : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)

रिजल्ट डिक्लेयर करने की तारीख : 23 जून, 2026

UGC NET June 2026 re-exam: तकनीकी दिक्कत की वजह से रद्द हुआ एग्जाम 5 जुलाई को होगा, जानें किन उम्मीदवारों को मिलेगी सुविधा